समय की धूल झाड़िए और अतीत के उन गलियारों में चलिए जहाँ साम्राज्यों का उदय और पतन हुआ। यह क्विज़ केवल आपकी याददाश्त का परीक्षण नहीं है, बल्कि इतिहास की घटनाओं के बीच के संबंधों को समझने का एक अवसर है। आइए, अपनी तैयारी को चुनौती दें और सफलता की ओर एक कदम और बढ़ाएं!
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- सिंधु घाटी सभ्यता का कौन सा स्थल एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर था, जहाँ से मेसोपोटामिया के साथ व्यापार होता था?\n
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- हड़प्पा
- मोहनजोदड़ो
- लोथल
- कालीबंगन
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सही उत्तर: लोथल
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विस्तृत व्याख्या: लोथल (गुजरात) सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख बंदरगाह शहर था। यहाँ से गोदीबाड़ा (Dockyard) के प्रमाण मिले हैं, जो यह सिद्ध करते हैं कि सिंधु निवासी समुद्री व्यापार में निपुण थे और उनका व्यापार मेसोपोटामिया (आधुनिक इराक) तक फैला हुआ था। हड़प्पा और मोहनजोदड़ो मुख्य नगर थे, जबकि कालीबंगन कृषि और चूड़ियों के लिए प्रसिद्ध था।
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- मौर्य सम्राट अशोक के ‘धम्म’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- एक नया धर्म स्थापित करना
- साम्राज्य में नैतिक और सामाजिक एकता लाना
- बौद्ध धर्म को अनिवार्य बनाना
- सैन्य शक्ति का विस्तार करना
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सही उत्तर: साम्राज्य में नैतिक और सामाजिक एकता लाना
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विस्तृत व्याख्या: अशोक का ‘धम्म’ कोई धार्मिक संप्रदाय नहीं था, बल्कि एक नैतिक आचार संहिता थी। इसका उद्देश्य विभिन्न जातियों और विश्वासों वाले विशाल साम्राज्य में शांति, सहिष्णुता और मानवता को बढ़ावा देना था। यह किसी विशेष देवता की पूजा के बजाय माता-पिता की सेवा और बड़ों के सम्मान पर केंद्रित था।
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- गुप्त काल के दौरान किस विद्वान ने ‘अर्यभटीय’ की रचना की, जिसमें खगोल विज्ञान और गणित के सिद्धांतों का वर्णन है?\n
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- वराहमिहिर
- ब्रह्मगुप्त
- आर्यभट
- धनवंतरी
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सही उत्तर: आर्यभट
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विस्तृत व्याख्या: आर्यभट ने गुप्त काल में ‘अर्यभटीय’ लिखी। उन्होंने दुनिया को बताया कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है और शून्य (0) की अवधारणा को वैज्ञानिक आधार दिया। वराहमिहिर खगोलशास्त्री थे, जबकि ब्रह्मगुप्त ने बाद में गुरुत्वाकर्षण के प्रारंभिक सिद्धांतों पर काम किया।
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- ऋग्वेद के किस मंडल में ‘पुरुष सूक्त’ का वर्णन है, जो वर्ण व्यवस्था की उत्पत्ति की व्याख्या करता है?\n
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- तीसरे मंडल में
- सातवें मंडल में
- दसवें मंडल में
- नौवें मंडल में
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सही उत्तर: दसवें मंडल में
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विस्तृत व्याख्या: ऋग्वेद के 10वें मंडल के ‘पुरुष सूक्त’ में पहली बार चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र) के उल्लेख का वर्णन मिलता है। तीसरा मंडल ‘गायत्री मंत्र’ के लिए जाना जाता है और सातवां मंडल नदियों के वर्णन के लिए प्रसिद्ध है।
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- तृतीय बौद्ध संगीति का आयोजन किसके शासनकाल में और कहाँ किया गया था?\n
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- अजातशत्रु – राजगृह
- कालाशोक – पाटलिपुत्र
- अशोक – पाटलिपुत्र
- कनिष्क – कुंडलवन
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सही उत्तर: अशोक – पाटलिपुत्र
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विस्तृत व्याख्या: तृतीय बौद्ध संगीति सम्राट अशोक के संरक्षण में पाटलिपुत्र में आयोजित हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य बौद्ध संघ से मतभेदों को दूर करना और धर्म के शुद्ध स्वरूप को स्थापित करना था। प्रथम संगीति अजातशत्रु के समय और चौथी संगीति कनिष्क के समय हुई थी।
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- संगम साहित्य मुख्य रूप से किस प्राचीन भारतीय क्षेत्र के सामाजिक और राजनीतिक जीवन का वर्णन करता है?\n
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- मगध
- कौशाम्बी
- दक्षिण भारत (तमिलकम)
- अवंती
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सही उत्तर: दक्षिण भारत (तमिलकम)
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विस्तृत व्याख्या: संगम साहित्य प्राचीन तमिल भाषा में लिखा गया साहित्य है, जो दक्षिण भारत के चेर, चोल और पांड्य राजवंशों के काल का वर्णन करता है। यह साहित्य उस समय के व्यापार, संस्कृति और वीरता की कहानियों का सबसे विश्वसनीय स्रोत है।
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- दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘बाजार नियंत्रण प्रणाली’ (Market Control System) लागू की ताकि सेना को कम लागत पर रसद मिल सके?\n
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- इल्तुतमिश
- बलबन
- अलाउद्दीन खिलजी
- गियासुद्दीन तुगलक
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सही उत्तर: अलाउद्दीन खिलजी
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विस्तृत व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी विशाल सेना के रखरखाव के लिए वस्तुओं की कीमतें निर्धारित कीं और सख्त बाजार नियंत्रण लागू किया। उसने ‘शहना-ए-मंडी’ नामक अधिकारी की नियुक्ति की ताकि जमाखोरी को रोका जा सके। इल्तुतमिश और बलबन ने प्रशासनिक सुधार किए, लेकिन बाजार नियंत्रण खिलजी की विशिष्ट नीति थी।
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- मुगल सम्राट अकबर द्वारा शुरू की गई ‘मनसबदारी प्रथा’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- केवल धार्मिक प्रचार करना
- प्रशासनिक और सैन्य संगठन को व्यवस्थित करना
- कला और साहित्य को बढ़ावा देना
- विदेशी व्यापार को नियंत्रित करना
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सही उत्तर: प्रशासनिक और सैन्य संगठन को व्यवस्थित करना
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विस्तृत व्याख्या: मनसबदारी प्रथा अकबर द्वारा लागू एक श्रेणीबद्ध प्रणाली थी, जिसमें ‘जात’ (पद) और ‘सवार’ (घुड़सवारों की संख्या) निर्धारित की जाती थी। इससे सम्राट को अपनी सेना और नौकरशाही पर सीधा नियंत्रण प्राप्त हुआ और राजस्व संग्रह में आसानी हुई।
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- विजयनगर साम्राज्य के सबसे महान शासक कृष्णदेव राय किस राजवंश से संबंधित थे?\n
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- संगम राजवंश
- सलुव राजवंश
- तुलुव राजवंश
- अराविदु राजवंश
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सही उत्तर: तुलुव राजवंश
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विस्तृत व्याख्या: कृष्णदेव राय तुलुव राजवंश के सबसे प्रभावशाली राजा थे। उनके काल को विजयनगर का ‘स्वर्ण युग’ कहा जाता है। उन्होंने न केवल सैन्य जीत हासिल की, बल्कि तेलुगु और संस्कृत साहित्य को भी अत्यधिक प्रोत्साहन दिया।
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- मोहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से स्थानांतरित कर कहाँ बनाई थी?\n
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- दौलताबाद
- लाहौर
- मुल्तान
- जौनपुर
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सही उत्तर: दौलताबाद
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विस्तृत व्याख्या: तुगलक ने दक्षिण भारत पर बेहतर नियंत्रण पाने के लिए अपनी राजधानी को दिल्ली से देवगिरि (दौलताबाद) स्थानांतरित किया। हालांकि, यह निर्णय असफल रहा क्योंकि दिल्ली के प्रशासन में अव्यवस्था फैल गई और अंततः उसे वापस दिल्ली लौटना पड़ा।
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- मुगल वास्तुकला में ‘पितरा ड्यूरा’ (Pietra Dura) तकनीक का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण कौन सा है?\n
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- हुमायूँ का मकबरा
- फतेहपुर सीकरी
- ताजमहल
- लाल किला
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सही उत्तर: ताजमहल
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विस्तृत व्याख्या: पितरा ड्यूरा संगमरमर के पत्थर पर कीमती पत्थरों की नक्काशी करने की एक कला है। ताजमहल की दीवारों पर फूलों के डिजाइन बनाने के लिए इस तकनीक का व्यापक उपयोग किया गया है। हालांकि लाल किले में भी इसके अंश हैं, लेकिन ताजमहल इसका चरम उदाहरण है।
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- भक्ति आंदोलन के किस संत ने ‘बीजक’ की रचना की और मूर्ति पूजा का विरोध किया?\n
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- रामानुजाचार्य
- कबीर दास
- तुलसीदास
- मीराबाई
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सही उत्तर: कबीर दास
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विस्तृत व्याख्या: कबीर दास ने बाहरी कर्मकांडों और मूर्ति पूजा का कड़ा विरोध किया और एक निराकार ईश्वर (निर्गुण ब्रह्म) की उपासना पर जोर दिया। उनकी शिक्षाएं ‘बीजक’ में संकलित हैं। रामानुजाचार्य ने विशिष्टाद्वैत का सिद्धांत दिया था।
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- 1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण क्या था?\n
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- व्यपगत का सिद्धांत (Doctrine of Lapse)
- सहायक संधि (Subsidiary Alliance)
- एनफील्ड राइफल के चर्बी वाले कारतूस
- ईस्ट इंडिया कंपनी का आर्थिक शोषण
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सही उत्तर: एनफील्ड राइफल के चर्बी वाले कारतूस
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विस्तृत व्याख्या: यद्यपि आर्थिक और राजनीतिक कारण गहरे थे, लेकिन तात्कालिक कारण नए एनफील्ड राइफल के कारतूस थे, जिनमें गाय और सूअर की चर्बी होने की खबर फैली। इसने हिंदू और मुस्लिम सैनिकों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई, जिससे विद्रोह भड़का।
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- राजा राममोहन राय ने 1828 में किस संस्था की स्थापना की थी, जिसका उद्देश्य सामाजिक बुराइयों को दूर करना था?\n
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- आर्य समाज
- प्रार्थना समाज
- ब्रह्म समाज
- रामकृष्ण मिशन
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सही उत्तर: ब्रह्म समाज
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विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय ने ब्रह्म समाज की स्थापना की ताकि एकेश्वरवाद का प्रचार किया जा सके और सती प्रथा जैसी कुरीतियों को समाप्त किया जा सके। आर्य समाज स्वामी दयानंद सरस्वती ने और रामकृष्ण मिशन स्वामी विवेकानंद ने स्थापित किया था।
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- 1922 में ‘चौरी-चौरा’ की घटना के बाद महात्मा गांधी ने किस आंदोलन को स्थगित कर दिया था?\n
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- सविनय अवज्ञा आंदोलन
- असहयोग आंदोलन
- भारत छोड़ो आंदोलन
- खिलाफत आंदोलन
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सही उत्तर: असहयोग आंदोलन
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विस्तृत व्याख्या: फरवरी 1922 में चौरी-चौरा (यूपी) में एक हिंसक भीड़ ने पुलिस स्टेशन को आग लगा दी, जिसमें कई पुलिसकर्मी मारे गए। गांधीजी अहिंसा के कट्टर समर्थक थे, इसलिए उन्होंने इस हिंसा के विरोध में असहयोग आंदोलन को तुरंत वापस ले लिया।
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- गांधी-इरविन समझौते (1931) का मुख्य परिणाम क्या था?\n
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- पूर्ण स्वराज की प्राप्ति
- असहयोग आंदोलन की शुरुआत
- दूसरे गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस की भागीदारी
- सविनय अवज्ञा आंदोलन का स्थायी अंत
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सही उत्तर: दूसरे गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस की भागीदारी
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विस्तृत व्याख्या: इस समझौते के तहत लॉर्ड इरविन ने राजनीतिक बंदियों को रिहा करने और नमक कानून में ढील देने का वादा किया, जिसके बदले में गांधीजी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित किया और लंदन में होने वाले दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने के लिए सहमत हुए।
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- ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान गांधीजी ने कौन सा प्रसिद्ध नारा दिया था?\n
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- इंकलाब जिंदाबाद
- स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है
- करो या मरो (Do or Die)
- तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा
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सही उत्तर: करो या मरो (Do or Die)
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विस्तृत व्याख्या: 8 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन शुरू करते समय गांधीजी ने ‘करो या मरो’ का नारा दिया, जिसने भारतीयों में आजादी के लिए तीव्र जुनून भर दिया। ‘इंकलाब जिंदाबाद’ भगत सिंह और हसरत मोहानी से जुड़ा है।
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- 1928 के ‘साइमन कमीशन’ का भारत में विरोध क्यों किया गया?\n
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- क्योंकि इसने करों में वृद्धि की थी
- क्योंकि इसमें एक भी भारतीय सदस्य नहीं था
- क्योंकि इसने डोमिनियन स्टेटस को खारिज कर दिया था
- क्योंकि यह केवल बंगाल तक सीमित था
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सही उत्तर: क्योंकि इसमें एक भी भारतीय सदस्य नहीं था
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विस्तृत व्याख्या: साइमन कमीशन का गठन भारत के संवैधानिक सुधारों की समीक्षा के लिए किया गया था, लेकिन इसमें सभी सदस्य अंग्रेज थे। भारतीयों ने इसे अपना अपमान माना और ‘साइमन गो बैक’ के नारों के साथ इसका विरोध किया।
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- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में किसके द्वारा की गई थी?\n
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- दादाभाई नौरोजी
- ए.ओ. ह्यूम
- डब्ल्यू.सी. बनर्जी
- गोपाल कृष्ण गोखले
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सही उत्तर: ए.ओ. ह्यूम
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विस्तृत व्याख्या: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना एक सेवानिवृत्त ब्रिटिश अधिकारी ए.ओ. ह्यूम ने की थी। इसका पहला सत्र बम्बई में हुआ था और डब्ल्यू.सी. बनर्जी इसके पहले अध्यक्ष थे। इसका उद्देश्य भारतीयों को राजनीतिक मंच प्रदान करना था।
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- हालिया पुरातात्विक खोजों के संदर्भ में, ‘एज़्टेक साम्राज्य’ (Aztec Empire) मुख्य रूप से किस भौगोलिक क्षेत्र में केंद्रित था?\n
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- दक्षिण अमेरिका (पेरू)
- मध्य अमेरिका (मैक्सिको)
- उत्तरी अमेरिका (कनाडा)
- पूर्वी एशिया (चीन)
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सही उत्तर: मध्य अमेरिका (मैक्सिको)
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विस्तृत व्याख्या: एज़्टेक साम्राज्य आधुनिक मैक्सिको के घाटी क्षेत्र में स्थित था, जिसकी राजधानी तेनोचतित्लान (Tenochtitlán) थी। नई पुरातात्विक खोजें इस साम्राज्य की जटिल सामाजिक संरचना और उनकी धार्मिक प्रथाओं के बारे में नई जानकारी प्रदान कर रही हैं।
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- द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, जापान के सम्राट हिरोहितो (Emperor Hirohito) की भूमिका के संबंध में कौन सा तथ्य सही है?\n
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- उन्हें तुरंत गद्दी से हटा दिया गया था
- उन्होंने जापान को एक पूर्ण गणराज्य घोषित किया
- उन्हें प्रतीकात्मक राष्ट्राध्यक्ष के रूप में बनाए रखा गया
- उन्होंने चीन पर पुनः आक्रमण का नेतृत्व किया
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सही उत्तर: उन्हें प्रतीकात्मक राष्ट्राध्यक्ष के रूप में बनाए रखा गया
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विस्तृत व्याख्या: युद्ध के बाद, अमेरिकी प्रभाव के कारण सम्राट हिरोहितो को गद्दी से नहीं हटाया गया, लेकिन उनकी शक्तियों को सीमित कर दिया गया। वे अब दैवीय शासक के बजाय एक ‘प्रतीकात्मक’ (Symbolic) राष्ट्राध्यक्ष बन गए, जिससे जापान का शांतिपूर्ण संक्रमण सुनिश्चित हुआ।
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- फ्रांसीसी क्रांति (1789) का मुख्य आदर्श वाक्य क्या था?\n
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- शांति, प्रगति और विकास
- स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व
- न्याय, अधिकार और लोकतंत्र
- राष्ट्रवाद, समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता
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सही उत्तर: स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व
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विस्तृत व्याख्या: फ्रांसीसी क्रांति का मूल मंत्र ‘Liberté, Égalité, Fraternité’ (स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व) था। इसने राजशाही के दैवीय अधिकारों को चुनौती दी और आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों की नींव रखी।
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- औद्योगिक क्रांति की शुरुआत सबसे पहले किस देश में हुई थी?\n
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- फ्रांस
- जर्मनी
- ब्रिटेन
- संयुक्त राज्य अमेरिका
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सही उत्तर: ब्रिटेन
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विस्तृत व्याख्या: औद्योगिक क्रांति 18वीं शताब्दी के मध्य में ब्रिटेन में शुरू हुई। कोयले की उपलब्धता, उपनिवेशों से कच्चा माल और तकनीकी नवाचारों (जैसे स्टीम इंजन) ने ब्रिटेन को ‘दुनिया का कारखाना’ बना दिया।
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- प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) का तात्कालिक कारण क्या था?\n
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- वर्साय की संधि
- आर्कड्यूक फ्रांज़ फर्डिनेंड की हत्या
- जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण
- रूस की क्रांति
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सही उत्तर: आर्कड्यूक फ्रांज़ फर्डिनेंड की हत्या
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विस्तृत व्याख्या: जून 1914 में ऑस्ट्रिया-हंगरी के उत्तराधिकारी आर्कड्यूक फ्रांज़ फर्डिनेंड की साराजेवो में हत्या कर दी गई। इस घटना ने यूरोप की गुप्त संधियों और सैन्य गठबंधनों को सक्रिय कर दिया, जिससे प्रथम विश्व युद्ध शुरू हुआ।
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- 18वीं शताब्दी के ‘ज्ञानोदय’ (Enlightenment) युग की सबसे प्रमुख विशेषता क्या थी?\n
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- अंधविश्वास और परंपराओं का समर्थन
- तर्क, विज्ञान और मानवतावाद पर जोर
- सामंतवाद का पुनरुद्धार
- धार्मिक कट्टरता का प्रसार
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सही उत्तर: तर्क, विज्ञान और मानवतावाद पर जोर
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विस्तृत व्याख्या: ज्ञानोदय (Enlightenment) वह बौद्धिक आंदोलन था जिसने मानव तर्क (Reason) को सर्वोच्च माना। इस काल में वोल्टेयर और रूसो जैसे विचारकों ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता, विज्ञान और धर्मनिरपेक्षता की वकालत की, जिसने भविष्य की लोकतांत्रिक क्रांतियों को प्रेरित किया।
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