समाजशास्त्र की वैचारिक गहराई: उच्च-स्तरीय अभ्यास और विश्लेषणात्मक परीक्षण
समाजशास्त्र केवल एक विषय नहीं, बल्कि समाज को देखने का एक नजरिया है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए केवल तथ्यों को रटना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाजशास्त्रीय सिद्धांतों के बीच अंतर्संबंधों को समझना अनिवार्य है। यह दैनिक अभ्यास सेट आपकी वैचारिक स्पष्टता को परखने और आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता को निखारने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अपनी तैयारी को अगले स्तर पर ले जाने के लिए इस बौद्धिक चुनौती को स्वीकार करें!
- कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘आधार’ (Base) और ‘अधिरचना’ (Superstructure) के बीच क्या संबंध है?
- (A) अधिरचना आधार को निर्धारित करती है।
- (B) आधार और अधिरचना एक-दूसरे से पूरी तरह स्वतंत्र हैं।
- (C) आर्थिक आधार समाज की कानूनी, राजनीतिक और सांस्कृतिक अधिरचना को निर्धारित करता है।
- (D) केवल राजनीतिक विचारधारा ही आधार का निर्माण करती है।
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के ऐतिहासिक भौतिकवाद के अनुसार, उत्पादन के साधन और संबंध (आर्थिक आधार) समाज की कानूनी, राजनीतिक और सांस्कृतिक व्यवस्था (अधिरचना) को आकार देते हैं।
संदर्भ: यह विचार मार्क्स की कृति ‘द जर्मन आइडियोलॉजी’ में प्रमुखता से मिलता है।
गलत विकल्प: विकल्प (A) गलत है क्योंकि मार्क्स के अनुसार दिशा आधार से अधिरचना की ओर होती है। - मैक्स वेबर ने ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) की अवधारणा क्यों विकसित की?
- (A) समाज में एक ‘आदर्श’ या नैतिक समाज बनाने के लिए।
- (B) सामाजिक वास्तविकता का विश्लेषण करने के लिए एक तुलनात्मक मानसिक उपकरण के रूप में।
- (C) सांख्यिकीय औसत निकालने के लिए।
- (D) केवल धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन के लिए।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: आदर्श प्रारूप कोई वास्तविक वस्तु नहीं है, बल्कि एक सैद्धांतिक निर्माण है जिसका उपयोग वेबर ने जटिल सामाजिक घटनाओं की तुलना और विश्लेषण करने के लिए किया था।
संदर्भ: वेबर की ‘वेरस्टेहेन’ (Verstehen) पद्धति का हिस्सा।
गलत विकल्प: विकल्प (A) गलत है क्योंकि ‘आदर्श’ यहाँ नैतिक पूर्णता को नहीं, बल्कि एक वैचारिक मॉडल को दर्शाता है। - एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति कब उत्पन्न होती है?
- (A) जब समाज में बहुत अधिक नियम होते हैं।
- (B) जब सामाजिक मानदंडों का विघटन होता है और व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है।
- (C) जब व्यक्ति समाज से पूरी तरह अलग हो जाता है।
- (D) जब धार्मिक विश्वास बहुत मजबूत होते हैं।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: एनोमी एक ऐसी स्थिति है जहाँ समाज के नियामक मानदंड कमजोर हो जाते हैं, जिससे व्यक्ति में भ्रम और निराशा पैदा होती है।
संदर्भ: दुर्खीम की पुस्तक ‘Suicide’ (आत्महत्या) में इसका विस्तृत वर्णन है।
गलत विकल्प: विकल्प (C) ‘अलगाव’ (Alienation) को दर्शाता है, जो मार्क्स की अवधारणा है। - टैल्कोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ का क्या अर्थ है?
- (A) Legitimacy (वैधता)
- (B) Leadership (नेतृत्व)
- (C) Latency (प्रसुप्तता/तनाव प्रबंधन)
- (D) Liberalism (उदारवाद)
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: AGIL मॉडल में L (Latency) का अर्थ है सांस्कृतिक रखरखाव और तनाव प्रबंधन, ताकि व्यवस्था स्थिर रहे।
संदर्भ: यह पार्सन्स के ‘स्ट्रक्चरल फंक्शनलिज्म’ (संरचनात्मक प्रकार्यवाद) का हिस्सा है।
गलत विकल्प: वैधता (A) और नेतृत्व (B) इस विशिष्ट मॉडल के चार मुख्य कार्यों में शामिल नहीं हैं। - रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?
- (A) प्रकट कार्य अनपेक्षित होते हैं, अंतर्निहित अपेक्षित।
- (B) प्रकट कार्य इच्छित और मान्यता प्राप्त होते हैं, जबकि अंतर्निहित अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।
- (C) दोनों में कोई अंतर नहीं है।
- (D) अंतर्निहित कार्य केवल नकारात्मक होते हैं।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: प्रकट कार्य वे परिणाम हैं जिनके लिए कोई क्रिया जानबूझकर की जाती है। अंतर्निहित कार्य वे परिणाम हैं जो अनजाने में घटित होते हैं।
संदर्भ: मर्टन का ‘सोशल थ्योरी’ में कार्यात्मक विश्लेषण।
गलत विकल्प: विकल्प (A) बिल्कुल उल्टा है। - जॉर्ज हरबर्ट मीड के अनुसार, ‘Self’ (स्व) का विकास कैसे होता है?
- (A) केवल आनुवंशिक गुणों के माध्यम से।
- (B) सामाजिक अंतःक्रिया और दूसरों के नजरिए को अपनाने (Role-taking) के माध्यम से।
- (C) एकांत चिंतन द्वारा।
- (D) केवल सरकारी कानूनों के पालन से।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: मीड के अनुसार, ‘I’ (स्वयं) और ‘Me’ (सामाजिक स्व) के बीच संवाद से ‘Self’ का निर्माण होता है, जहाँ व्यक्ति समाज की उम्मीदों को समझता है।
संदर्भ: प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism)।
गलत विकल्प: विकल्प (A) समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण के विपरीत जैविक नियतिवाद है। - सामाजिक स्तरीकरण के संदर्भ में, मैक्स वेबर के तीन आयाम कौन से हैं?
- (A) जाति, धर्म और लिंग
- (B) वर्ग, स्थिति और शक्ति (Class, Status, Party)
- (C) शिक्षा, आय और पेशा
- (D) ग्रामीण, शहरी और जनजातीय
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: वेबर ने मार्क्स के केवल आर्थिक वर्ग के विचार को चुनौती दी और कहा कि सामाजिक स्तर आर्थिक (वर्ग), सामाजिक सम्मान (स्थिति) और राजनीतिक प्रभाव (शक्ति) से निर्धारित होता है।
संदर्भ: ‘Economy and Society’।
गलत विकल्प: विकल्प (A) स्तरीकरण के आधार तो हैं, लेकिन वेबर के विशिष्ट तीन आयाम नहीं हैं। - ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) की अवधारणा किसने दी थी?
- (A) पियरे बॉर्ड्यू
- (B) एंथनी गिडिन्स
- (C) हरबर्ट स्पेंसर
- (D) ऑगस्ट कॉम्टे
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या: बॉर्ड्यू के अनुसार, ज्ञान, कौशल, शिक्षा और भाषा जैसे गैर-आर्थिक संसाधन व्यक्ति को समाज में लाभ और शक्ति दिलाते हैं।
संदर्भ: बॉर्ड्यू का सामाजिक पुनरुत्पादन (Social Reproduction) सिद्धांत।
गलत विकल्प: कॉम्टे (D) समाजशास्त्र के जनक हैं, उन्होंने यह विशिष्ट अवधारणा नहीं दी। - एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?
- (A) उच्च जातियों का निम्न जातियों की संस्कृति को अपनाना।
- (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाना ताकि सामाजिक स्थिति सुधरे।
- (C) केवल संस्कृत भाषा का सीखना।
- (D) धर्म का पूरी तरह त्याग कर आधुनिक बनना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें निचली जातियां अपनी स्थिति ऊपर उठाने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों का अनुकरण करती हैं।
संदर्भ: भारतीय समाजशास्त्र और ग्रामीण अध्ययन।
गलत विकल्प: विकल्प (A) गलत है क्योंकि यह प्रक्रिया नीचे से ऊपर की ओर होती है। - ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा का संबंध किससे है?
- (A) बी.आर. अंबेडकर
- (B) एम.एन. श्रीनिवास
- (C) जी.एस. घुरये
- (D) लुई ड्यूमों
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास के अनुसार, वह जाति जो संख्या में अधिक हो, आर्थिक रूप से मजबूत (भूमि स्वामी) हो और राजनीतिक प्रभाव रखती हो, ‘प्रभावी जाति’ कहलाती है।
संदर्भ: ग्रामीण भारतीय समाज का अध्ययन।
गलत विकल्प: लुई ड्यूमों (D) ने जाति को ‘शुद्धता और अशुद्धता’ के पदानुक्रम के रूप में देखा। - लुई विर्थ के अनुसार, ‘शहरीवाद’ (Urbanism) क्या है?
- (A) केवल बड़ी इमारतों का समूह।
- (B) जीवन जीने का एक तरीका (Way of Life)।
- (C) ग्रामीण क्षेत्रों का विनाश।
- (D) केवल औद्योगिक विकास।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: विर्थ ने तर्क दिया कि शहरी जीवन केवल जनसंख्या के घनत्व के बारे में नहीं है, बल्कि यह सामाजिक संबंधों में बदलाव (औपचारिकता, गुमनामी) के बारे में है।
संदर्भ: ‘Urbanism as a Way of Life’ लेख।
गलत विकल्प: विकल्प (A) केवल भौतिक संरचना की बात करता है, समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण की नहीं। - ‘नृवंशविज्ञान’ (Ethnography) अनुसंधान की किस पद्धति के अंतर्गत आता है?
- (A) मात्रात्मक (Quantitative)
- (B) गुणात्मक (Qualitative)
- (C) प्रयोगात्मक (Experimental)
- (D) सांख्यिकीय (Statistical)
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: नृवंशविज्ञान में शोधकर्ता किसी संस्कृति या समूह में गहराई से उतरकर, सहभागी अवलोकन (Participant Observation) के माध्यम से डेटा एकत्र करता है।
संदर्भ: मानवशास्त्र और समाजशास्त्रीय शोध विधियाँ।
गलत विकल्प: मात्रात्मक (A) विधियां आंकड़ों और सर्वेक्षणों पर आधारित होती हैं। - ‘ट्राइएंगुलेशन’ (Triangulation) का शोध में क्या महत्व है?
- (A) केवल एक ही विधि का उपयोग करना।
- (B) डेटा की वैधता बढ़ाने के लिए एक ही समस्या के अध्ययन हेतु कई विधियों का उपयोग करना।
- (C) नमूने के आकार को कम करना।
- (D) केवल साक्षात्कार विधि का प्रयोग करना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जब शोधकर्ता गुणात्मक और मात्रात्मक दोनों विधियों को मिलाता है, तो परिणामों की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ जाती है।
संदर्भ: अनुसंधान पद्धति (Research Methodology)।
गलत विकल्प: विकल्प (A) ट्राइएंगुलेशन के विपरीत है। - समकालीन मुद्दों के संदर्भ में, AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) और घरेलू काम के वितरण का अध्ययन समाजशास्त्र के किस क्षेत्र के अंतर्गत आएगा?
- (A) ग्रामीण समाजशास्त्र
- (B) समाजशास्त्र और लिंग (Sociology of Gender) और प्रौद्योगिकी का समाजशास्त्र
- (C) केवल आर्थिक समाजशास्त्र
- (D) राजनीतिक समाजशास्त्र
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: यह अध्ययन इस बात की जांच करता है कि कैसे नई तकनीकें लैंगिक भूमिकाओं और घरेलू श्रम के सामाजिक वितरण को प्रभावित या पुनर्परिभाषित करती हैं।
संदर्भ: समकालीन समाजशास्त्रीय शोध (जैसे हालिया अध्ययन जो AI-जनित दृश्यों के माध्यम से घरेलू काम के दृष्टिकोण को परखते हैं)।
गलत विकल्प: ग्रामीण समाजशास्त्र (A) का इससे सीधा संबंध नहीं है। - ‘जजमानी व्यवस्था’ (Jajmani System) का मुख्य आधार क्या था?
- (A) केवल नकद भुगतान।
- (B) जाति-आधारित पारस्परिक सेवा और वस्तुओं का आदान-प्रदान।
- (C) शहरी औद्योगिक संबंध।
- (D) केवल सरकारी अनुबंध।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: यह ग्रामीण भारत की एक पारंपरिक व्यवस्था थी जहाँ सेवा प्रदाता जातियां (कमीन) और सेवा प्राप्तकर्ता जातियां (जजमान) परस्पर निर्भर थीं।
संदर्भ: ग्रामीण समाजशास्त्र और भारतीय सामाजिक संरचना।
गलत विकल्प: विकल्प (A) गलत है क्योंकि जजमानी व्यवस्था मुख्य रूप से वस्तु-विनिमय और पारंपरिक संबंधों पर आधारित थी। - ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) के अनुसार, समाज क्या है?
- (A) नियमों और कानूनों का एक स्थिर ढांचा।
- (B) व्यक्तियों के बीच साझा प्रतीकों और अर्थों के निरंतर आदान-प्रदान का परिणाम।
- (C) केवल आर्थिक हितों का टकराव।
- (D) जैविक विकास का एक चरण।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: इस दृष्टिकोण के अनुसार, समाज कोई बाहरी वस्तु नहीं है, बल्कि यह सूक्ष्म स्तर की अंतःक्रियाओं और अर्थों के निर्माण से बनता है।
संदर्भ: जी.एच. मीड और हर्बर्ट ब्लूमर।
गलत विकल्प: विकल्प (A) प्रकार्यवाद (Functionalism) का दृष्टिकोण है। - ‘सापेक्ष वंचना’ (Relative Deprivation) का सिद्धांत क्या समझाता है?
- (A) जब किसी के पास बुनियादी जरूरतों का अभाव होता है।
- (B) जब व्यक्ति अपनी स्थिति की तुलना दूसरों से करता है और खुद को वंचित महसूस करता है, जिससे असंतोष पैदा होता है।
- (C) केवल गरीबी की स्थिति।
- (D) समाज में पूर्ण समानता की स्थिति।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा बताती है कि सामाजिक असंतोष केवल गरीबी से नहीं, बल्कि इस अहसास से आता है कि अन्य लोग हमसे बेहतर स्थिति में हैं।
संदर्भ: सामाजिक आंदोलन और संघर्ष का समाजशास्त्र।
गलत विकल्प: विकल्प (A) ‘निरपेक्ष गरीबी’ (Absolute Poverty) को दर्शाता है। - पियरे बॉर्ड्यू के अनुसार ‘हैबिटस’ (Habitus) क्या है?
- (A) केवल रहने का स्थान।
- (B) गहराई से समाहित की गई प्रवृत्तियां और आदतें जो व्यक्ति के सामाजिक परिवेश से बनती हैं।
- (C) एक कानूनी दस्तावेज।
- (D) केवल व्यक्तिगत इच्छाशक्ति।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: हैबिटस वह आंतरिक ढांचा है जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने सामाजिक परिवेश के अनुसार प्रतिक्रिया करता है और व्यवहार करता है।
संदर्भ: ‘Distinction: A Social Critique of the Judgement of Taste’।
गलत विकल्प: विकल्प (A) शब्द के शाब्दिक अर्थ (निवास) तक सीमित है, समाजशास्त्रीय अर्थ में नहीं। - ‘सेकुलराइजेशन’ (Secularization) या धर्मनिरपेक्षीकरण का अर्थ क्या है?
- (A) धर्म का पूरी तरह समाप्त हो जाना।
- (B) समाज के विभिन्न क्षेत्रों (जैसे राजनीति, शिक्षा) में धार्मिक प्रभाव का कम होना।
- (C) एक नए धर्म की स्थापना करना।
- (D) धर्म को कानूनन प्रतिबंधित करना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: धर्मनिरपेक्षीकरण का अर्थ यह नहीं है कि धर्म गायब हो गया, बल्कि यह कि सार्वजनिक जीवन और संस्थाओं में धर्म की भूमिका कम हो गई है।
संदर्भ: धर्म का समाजशास्त्र।
गलत विकल्प: विकल्प (A) गलत है क्योंकि धर्म व्यक्तिगत स्तर पर बना रहता है। - ‘एजेंसिया’ (Agency) और ‘स्ट्रक्चर’ (Structure) के बीच विवाद का मुख्य बिंदु क्या है?
- (A) क्या मनुष्य स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकता है या वह सामाजिक ढांचे द्वारा निर्धारित है?
- (B) सरकार और जनता के बीच विवाद।
- (C) ग्रामीण और शहरी आवास का अंतर।
- (D) केवल आर्थिक विकास की दर।
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या: ‘स्ट्रक्चर’ का अर्थ है सामाजिक नियम/संस्थाएं जो व्यवहार को नियंत्रित करती हैं, जबकि ‘एजेंसिया’ मनुष्य की स्वतंत्र इच्छा और कार्य करने की क्षमता है।
संदर्भ: एंथनी गिडिन्स का ‘स्ट्रक्चरेशन थ्योरी’ (Structuration Theory)।
गलत विकल्प: अन्य विकल्प समाजशास्त्रीय बहस के मुख्य केंद्र नहीं हैं। - भारतीय समाज में ‘जाति’ और ‘वर्ग’ के बीच मुख्य अंतर क्या है?
- (A) जाति अर्जित होती है, वर्ग जन्मजात होता है।
- (B) जाति जन्म आधारित और बंद स्तरीकरण है, जबकि वर्ग आर्थिक आधारित और अपेक्षाकृत खुला है।
- (C) दोनों में कोई अंतर नहीं है।
- (D) वर्ग केवल ग्रामीण क्षेत्रों में पाया जाता है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जाति में गतिशीलता (Mobility) बहुत कम होती है क्योंकि यह जन्म से तय होती है। वर्ग में शिक्षा और धन के माध्यम से बदलाव संभव है।
संदर्भ: सामाजिक स्तरीकरण का अध्ययन।
गलत विकल्प: विकल्प (A) बिल्कुल उल्टा है। - ‘डिजिटल डिवाइड’ (Digital Divide) का समाजशास्त्रीय प्रभाव क्या है?
- (A) केवल इंटरनेट की गति में अंतर।
- (B) सूचना और तकनीक तक पहुंच के अभाव के कारण मौजूदा सामाजिक असमानताओं (जैसे जाति, वर्ग) का और गहरा होना।
- (C) कंप्यूटरों की कीमत में कमी।
- (D) केवल युवाओं और बुजुर्गों के बीच का अंतर।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: डिजिटल डिवाइड केवल तकनीकी समस्या नहीं है, बल्कि यह सामाजिक स्तरीकरण को और मजबूत करता है क्योंकि समृद्ध वर्ग तकनीक का उपयोग अवसर बढ़ाने के लिए करता है।
संदर्भ: समकालीन सामाजिक मुद्दे और प्रौद्योगिकी।
गलत विकल्प: विकल्प (A) केवल तकनीकी पहलू है, समाजशास्त्रीय नहीं। - ‘प्रकार्यवाद’ (Functionalism) के अनुसार समाज की तुलना किससे की गई है?
- (A) एक मशीन से।
- (B) एक जैविक जीव (Biological Organism) से।
- (C) एक युद्ध क्षेत्र से।
- (D) एक रैंडम भीड़ से।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: प्रकार्यवादी मानते हैं कि समाज के विभिन्न अंग (परिवार, शिक्षा, धर्म) शरीर के अंगों की तरह काम करते हैं ताकि पूरा समाज संतुलित रहे।
संदर्भ: हर्बर्ट स्पेंसर और एमिल दुर्खीम।
गलत विकल्प: विकल्प (C) संघर्ष सिद्धांत (Conflict Theory) का दृष्टिकोण है। - ‘जेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) का शहरी समाजशास्त्र में क्या अर्थ है?
- (A) झुग्गियों का पूरी तरह सफाया करना।
- (B) शहरी क्षेत्रों के पुराने/गरीब मोहल्लों का पुनर्निर्माण और वहां समृद्ध वर्ग का बसना, जिससे मूल निवासी विस्थापित हो जाते हैं।
- (C) ग्रामीण क्षेत्रों का शहरीकरण।
- (D) केवल नई सड़कों का निर्माण।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मध्यम या उच्च वर्ग के लोग निम्न-आय वाले शहरी इलाकों में निवेश करते हैं, जिससे वहां का किराया बढ़ता है और गरीब लोग बाहर निकल जाते हैं।
संदर्भ: शहरी समाजशास्त्र (Urban Sociology)।
गलत विकल्प: विकल्प (C) सामान्य शहरीकरण है, जेंट्रीफिकेशन एक विशिष्ट प्रक्रिया है। - ‘ग्लोबलाइजेशन’ (Globalisation) के संदर्भ में ‘ग्लोकलाइजेशन’ (Glocalization) का क्या अर्थ है?
- (A) स्थानीय संस्कृति का पूरी तरह नष्ट होना।
- (B) वैश्विक उत्पादों या विचारों का स्थानीय संस्कृति के अनुसार अनुकूलन करना।
- (C) केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देना।
- (D) स्थानीय उत्पादों का वैश्विक स्तर पर विरोध करना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: यह वैश्विक (Global) और स्थानीय (Local) का मिश्रण है। उदाहरण के लिए, मैक्डोनाल्ड्स का भारत में ‘आलू टिक्की बर्गर’ बेचना।
संदर्भ: रोलैंड रॉबर्टसन की अवधारणा।
गलत विकल्प: विकल्प (A) सांस्कृतिक साम्राज्यवाद (Cultural Imperialism) कहलाता है।
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