भारतीय राजव्यवस्था क्विज़: अपनी संवैधानिक समझ को परखें
भारत एक जीवंत लोकतंत्र है, और इसके संवैधानिक ढांचे को समझना प्रत्येक नागरिक, विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारतीय संविधान केवल कानूनों का संग्रह नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्र के मूल्यों और आदर्शों का प्रतिबिंब है। यह दैनिक अभ्यास सेट आपको मौलिक सिद्धांतों, महत्वपूर्ण अनुच्छेदों और ऐतिहासिक निर्णयों पर अपनी वैचारिक स्पष्टता का परीक्षण करने की चुनौती देता है। आइए, अपने संवैधानिक ज्ञान की गहराई को मापें और अपनी तैयारी को नई ऊँचाई दें।
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भारत के संविधान की प्रस्तावना के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
(A) यह संविधान का एक अभिन्न अंग है।
(B) इसे 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संशोधित किया गया है।
(C) यह न्याय योग्य है, अर्थात इसके प्रावधानों को अदालतों में लागू किया जा सकता है।
(D) यह भारत के लोगों की संप्रभुता को दर्शाता है।
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (C) गलत है क्योंकि भारत के संविधान की प्रस्तावना न्याय योग्य नहीं है। इसका अर्थ है कि इसके प्रावधानों को सीधे अदालतों में लागू नहीं किया जा सकता है। प्रस्तावना संविधान के उद्देश्यों और आदर्शों को दर्शाती है, लेकिन यह कानून की अदालतों द्वारा प्रवर्तनीय नहीं है।
- (A) यह संविधान का एक अभिन्न अंग है: यह कथन सही है। केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि प्रस्तावना संविधान का एक हिस्सा है और इसे संशोधित किया जा सकता है, बशर्ते संविधान की मूल संरचना को न बदला जाए।
- (B) इसे 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संशोधित किया गया है: यह कथन सही है। 42वें संशोधन द्वारा इसमें ‘समाजवादी’, ‘पंथनिरपेक्ष’ और ‘अखंडता’ शब्द जोड़े गए।
- (D) यह भारत के लोगों की संप्रभुता को दर्शाता है: यह कथन सही है। प्रस्तावना ‘हम भारत के लोग’ शब्दों से शुरू होती है, जो इस बात पर जोर देती है कि संविधान अपनी शक्ति भारत के लोगों से प्राप्त करता है।
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भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद ‘प्रेस की स्वतंत्रता’ को शामिल करता है?
(A) अनुच्छेद 19(1)(a)
(B) अनुच्छेद 20
(C) अनुच्छेद 21
(D) अनुच्छेद 22
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (A) सही है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) सभी नागरिकों को ‘वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ का अधिकार प्रदान करता है। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने विभिन्न निर्णयों के माध्यम से इस अधिकार के दायरे में ‘प्रेस की स्वतंत्रता’ को भी शामिल किया है, क्योंकि प्रेस की स्वतंत्रता के बिना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अधूरी है। यह हाल की खबरों से भी जुड़ा है जहां प्रेस की स्वतंत्रता पर बहस हुई।
- अनुच्छेद 20: अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण से संबंधित है।
- अनुच्छेद 21: जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संरक्षण से संबंधित है।
- अनुच्छेद 22: कुछ मामलों में गिरफ्तारी और निरोध से संरक्षण से संबंधित है।
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भारत के राष्ट्रपति के महाभियोग की प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
(A) यह केवल लोकसभा में शुरू किया जा सकता है।
(B) यह केवल संविधान के उल्लंघन के आधार पर शुरू किया जा सकता है।
(C) संकल्प को सदन के कुल सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से पारित किया जाना चाहिए।
(D) राष्ट्रपति को महाभियोग प्रस्ताव की सूचना 7 दिन पहले देनी होती है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (B) सही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 61 के अनुसार, राष्ट्रपति पर महाभियोग केवल ‘संविधान के उल्लंघन’ के आधार पर लगाया जा सकता है।
- (A) यह केवल लोकसभा में शुरू किया जा सकता है: यह गलत है। महाभियोग प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) में शुरू किया जा सकता है।
- (C) संकल्प को सदन के कुल सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से पारित किया जाना चाहिए: यह गलत है। संकल्प को सदन के ‘कुल सदस्यों की संख्या के दो-तिहाई बहुमत’ से पारित किया जाना चाहिए, जो कि उस सदन की कुल सदस्यता का कम से कम दो-तिहाई होना चाहिए, न कि केवल उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का।
- (D) राष्ट्रपति को महाभियोग प्रस्ताव की सूचना 7 दिन पहले देनी होती है: यह गलत है। राष्ट्रपति को 14 दिन पहले लिखित नोटिस देना अनिवार्य है।
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राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) का उद्देश्य क्या है?
(A) देश में राजनीतिक लोकतंत्र स्थापित करना।
(B) देश में सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र स्थापित करना।
(C) देश में धार्मिक लोकतंत्र स्थापित करना।
(D) नागरिकों को मौलिक अधिकार प्रदान करना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (B) सही है। राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP) का मुख्य उद्देश्य देश में सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र स्थापित करना है। ये राज्य के लिए दिशा-निर्देश हैं कि वे ऐसी नीतियां और कानून बनाते समय इन सिद्धांतों का पालन करें जो एक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करें। ये भारतीय संविधान के भाग IV में अनुच्छेद 36 से 51 तक वर्णित हैं।
- (A) देश में राजनीतिक लोकतंत्र स्थापित करना: यह कार्य मुख्य रूप से मौलिक अधिकारों द्वारा किया जाता है।
- (C) देश में धार्मिक लोकतंत्र स्थापित करना: भारतीय संविधान एक धर्मनिरपेक्ष राज्य की परिकल्पना करता है, न कि धार्मिक लोकतंत्र की।
- (D) नागरिकों को मौलिक अधिकार प्रदान करना: यह कार्य संविधान के भाग III (अनुच्छेद 12-35) द्वारा किया जाता है।
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भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में सर्वोच्च न्यायालय की ‘अभिलेख न्यायालय’ (Court of Record) के रूप में स्थिति का उल्लेख है?
(A) अनुच्छेद 129
(B) अनुच्छेद 131
(C) अनुच्छेद 137
(D) अनुच्छेद 143
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (A) सही है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 129 सर्वोच्च न्यायालय को ‘अभिलेख न्यायालय’ घोषित करता है। इसका अर्थ है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय और कार्यवाही स्थायी रिकॉर्ड के रूप में रखे जाते हैं और भविष्य के लिए मिसाल के तौर पर मान्य होते हैं। इसे अवमानना के लिए दंडित करने की शक्ति भी प्राप्त है।
- अनुच्छेद 131: सर्वोच्च न्यायालय के मूल क्षेत्राधिकार से संबंधित है।
- अनुच्छेद 137: सर्वोच्च न्यायालय की अपनी निर्णयों की समीक्षा करने की शक्ति से संबंधित है (न्यायिक समीक्षा)।
- अनुच्छेद 143: राष्ट्रपति को सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श करने की शक्ति प्रदान करता है।
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भारत में न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) की अवधारणा किस देश के संविधान से ली गई है?
(A) यूनाइटेड किंगडम
(B) संयुक्त राज्य अमेरिका
(C) आयरलैंड
(D) ऑस्ट्रेलिया
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (B) सही है। भारत में न्यायिक समीक्षा की अवधारणा संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से ली गई है। न्यायिक समीक्षा न्यायपालिका की वह शक्ति है जिसके द्वारा वह विधायिका द्वारा पारित कानूनों और कार्यपालिका द्वारा जारी आदेशों की संवैधानिकता की जांच करती है। यदि कोई कानून या आदेश संविधान का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो न्यायपालिका उसे शून्य घोषित कर सकती है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों ने इस शक्ति के महत्व को फिर से रेखांकित किया है, जैसा कि न्यूज में भी उल्लेख है कि यह ‘संस्थागत जांच’ का एक महत्वपूर्ण क्षण है।
- यूनाइटेड किंगडम: संसदीय संप्रभुता का सिद्धांत।
- आयरलैंड: राज्य के नीति निदेशक तत्व।
- ऑस्ट्रेलिया: समवर्ती सूची, व्यापार और वाणिज्य की स्वतंत्रता।
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निम्नलिखित में से कौन सा संवैधानिक संशोधन ‘मिनी-संविधान’ के रूप में जाना जाता है?
(A) 24वां संशोधन
(B) 42वां संशोधन
(C) 44वां संशोधन
(D) 61वां संशोधन
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (B) सही है। 42वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 को ‘मिनी-संविधान’ के रूप में जाना जाता है क्योंकि इसने संविधान में व्यापक बदलाव किए थे। इसने प्रस्तावना में ‘समाजवादी’, ‘पंथनिरपेक्ष’ और ‘अखंडता’ शब्द जोड़े, मौलिक कर्तव्यों को शामिल किया, प्रशासनिक न्यायाधिकरणों की स्थापना की और राष्ट्रपति को मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करने के लिए बाध्य किया।
- 24वां संशोधन (1971): संसद को मौलिक अधिकारों सहित संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन करने की शक्ति की पुष्टि की।
- 44वां संशोधन (1978): 42वें संशोधन द्वारा किए गए कुछ बदलावों को उलटा और संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार से हटा दिया।
- 61वां संशोधन (1989): लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों में मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष की।
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भारतीय संविधान के अनुसार, अवशिष्ट शक्तियाँ (Residuary Powers) किसके पास होती हैं?
(A) राज्य विधायिका
(B) केंद्र सरकार
(C) राष्ट्रपति
(D) सर्वोच्च न्यायालय
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (B) सही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 248 के तहत, विधायी शक्तियों के वितरण में जो विषय संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची में शामिल नहीं हैं, उन पर कानून बनाने की अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र सरकार (संसद) के पास हैं। यह कनाडा के मॉडल पर आधारित है, जहां केंद्र को मजबूत बनाया गया है।
- (A) राज्य विधायिका: राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाती है।
- (C) राष्ट्रपति: कार्यपालिका का प्रमुख होता है।
- (D) सर्वोच्च न्यायालय: कानून की व्याख्या करता है और न्यायिक समीक्षा करता है।
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भारत में आपातकाल के दौरान कौन से मौलिक अधिकार निलंबित नहीं किए जा सकते?
(A) अनुच्छेद 14 और 19
(B) अनुच्छेद 20 और 21
(C) अनुच्छेद 22 और 23
(D) अनुच्छेद 25 और 26
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (B) सही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 359 के अनुसार, राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान भी अनुच्छेद 20 (अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण) और अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण) द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों को निलंबित नहीं किया जा सकता है। यह प्रावधान 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा जोड़ा गया था।
- अनुच्छेद 14: कानून के समक्ष समानता।
- अनुच्छेद 19: वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता आदि।
- अनुच्छेद 22: कुछ मामलों में गिरफ्तारी और निरोध से संरक्षण।
- अनुच्छेद 23: मानव दुर्व्यापार और बलात श्रम का प्रतिषेध।
- अनुच्छेद 25 और 26: धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार।
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भारतीय संविधान के किस भाग में संघ और राज्यों के बीच विधायी संबंधों का उल्लेख है?
(A) भाग X
(B) भाग XI
(C) भाग XII
(D) भाग XIII
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (B) सही है। भारतीय संविधान का भाग XI (अनुच्छेद 245 से 263) संघ और राज्यों के बीच विधायी, प्रशासनिक और वित्तीय संबंधों से संबंधित है। विशेष रूप से, अनुच्छेद 245 से 255 विधायी संबंधों से संबंधित हैं।
- भाग X: अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्र।
- भाग XII: वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद।
- भाग XIII: भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर व्यापार, वाणिज्य और समागम।
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भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) को पद से हटाने की प्रक्रिया किसके समान है?
(A) सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश
(B) उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
(C) भारत के महान्यायवादी
(D) भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG)
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (A) सही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324(5) के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त को उसी प्रक्रिया और आधार पर पद से हटाया जा सकता है जो सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने के लिए अपनाई जाती है। यह उसकी स्वतंत्रता और स्वायत्तता सुनिश्चित करता है।
- उच्च न्यायालय के न्यायाधीश: उन्हें भी सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के समान ही प्रक्रिया से हटाया जाता है।
- भारत के महान्यायवादी (अनुच्छेद 76): वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है और उसे राष्ट्रपति द्वारा किसी भी समय हटाया जा सकता है।
- भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) (अनुच्छेद 148): CAG को भी सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान प्रक्रिया से हटाया जाता है। चूंकि विकल्प में ‘सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश’ है, और यह हटाने की प्रक्रिया के संदर्भ में सबसे सीधा और सटीक तुलना है, इसलिए (A) सबसे उपयुक्त उत्तर है। यदि (A) नहीं होता, तो (D) भी प्रासंगिक हो सकता था, लेकिन प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान ही है।
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पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा किस संशोधन द्वारा दिया गया?
(A) 73वां संशोधन
(B) 74वां संशोधन
(C) 61वां संशोधन
(D) 42वां संशोधन
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (A) सही है। 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा और संरक्षण प्रदान किया गया। इसने संविधान में एक नया भाग IX और ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी, जिसमें पंचायतों के 29 कार्यात्मक विषय शामिल हैं।
- 74वां संशोधन (1992): शहरी स्थानीय निकायों (नगर पालिकाओं) को संवैधानिक दर्जा दिया।
- 61वां संशोधन (1989): मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष की।
- 42वां संशोधन (1976): इसे ‘मिनी-संविधान’ के रूप में जाना जाता है।
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भारतीय संविधान की किस अनुसूची में संघ, राज्य और समवर्ती सूची का उल्लेख है?
(A) छठी अनुसूची
(B) सातवीं अनुसूची
(C) आठवीं अनुसूची
(D) नौवीं अनुसूची
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (B) सही है। भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची संघ (Union List), राज्य (State List) और समवर्ती (Concurrent List) सूची का प्रावधान करती है, जो केंद्र और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों के वितरण से संबंधित है।
- छठी अनुसूची: असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों में जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में विशेष प्रावधान।
- आठवीं अनुसूची: भारत की आधिकारिक भाषाओं से संबंधित है।
- नौवीं अनुसूची: कुछ अधिनियमों और विनियमों के सत्यापन से संबंधित है, जिन्हें न्यायिक समीक्षा से बचाने के लिए जोड़ा गया था, हालांकि अब इसे केशवानंद भारती मामले के बाद न्यायिक समीक्षा के अधीन लाया गया है।
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भारत में संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता कौन करता है?
(A) राष्ट्रपति
(B) उपराष्ट्रपति
(C) लोकसभा अध्यक्ष
(D) प्रधानमंत्री
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (C) सही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 108 के तहत कुछ विधेयकों पर गतिरोध की स्थिति में राष्ट्रपति दोनों सदनों की संयुक्त बैठक बुला सकता है। इस संयुक्त बैठक की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष (Speaker of the Lok Sabha) करता है (अनुच्छेद 118)।
- राष्ट्रपति: संयुक्त बैठक बुलाता है।
- उपराष्ट्रपति: राज्यसभा का पदेन सभापति होता है, लेकिन संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं करता।
- प्रधानमंत्री: मंत्रिपरिषद का प्रमुख होता है।
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निम्नलिखित में से कौन सा मौलिक अधिकार विदेशियों को उपलब्ध नहीं है?
(A) विधि के समक्ष समानता (अनुच्छेद 14)
(B) प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण (अनुच्छेद 21)
(C) भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 19)
(D) धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 25)
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (C) सही है। भारतीय संविधान के कुछ मौलिक अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को उपलब्ध हैं, जबकि कुछ विदेशियों सहित सभी व्यक्तियों को उपलब्ध हैं। अनुच्छेद 19 (भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता), अनुच्छेद 15 (धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध), अनुच्छेद 16 (लोक नियोजन के विषय में अवसर की समानता), अनुच्छेद 29 (अल्पसंख्यकों के हितों का संरक्षण) और अनुच्छेद 30 (शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना और प्रशासन का अल्पसंख्यकों का अधिकार) केवल नागरिकों को उपलब्ध हैं।
- अनुच्छेद 14, 21, 25: ये मौलिक अधिकार विदेशियों सहित सभी व्यक्तियों को उपलब्ध हैं।
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भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद भारत के प्रधानमंत्री के कर्तव्यों को परिभाषित करता है?
(A) अनुच्छेद 74
(B) अनुच्छेद 75
(C) अनुच्छेद 78
(D) अनुच्छेद 79
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (C) सही है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 78 प्रधानमंत्री के कर्तव्यों को परिभाषित करता है, जिसमें राष्ट्रपति को संघ के मामलों के प्रशासन और विधान के प्रस्तावों से संबंधित सभी निर्णय संसूचित करना शामिल है।
- अनुच्छेद 74: राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद का प्रावधान।
- अनुच्छेद 75: प्रधान मंत्री की नियुक्ति और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति, मंत्रिपरिषद का सामूहिक उत्तरदायित्व।
- अनुच्छेद 79: संसद के गठन से संबंधित है।
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संसदीय विशेषाधिकार (Parliamentary Privileges) किस अनुच्छेद के तहत आते हैं?
(A) अनुच्छेद 105
(B) अनुच्छेद 121
(C) अनुच्छेद 122
(D) अनुच्छेद 100
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (A) सही है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 105 संसद के प्रत्येक सदन, उसके सदस्यों और समितियों की शक्तियों, विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों से संबंधित है। ये विशेषाधिकार उन्हें अपने कार्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में मदद करते हैं।
- अनुच्छेद 121: संसद में न्यायिक आचरण पर चर्चा पर प्रतिबंध।
- अनुच्छेद 122: न्यायालयों द्वारा संसद की कार्यवाही की जांच न करना।
- अनुच्छेद 100: सदनों में मतदान, रिक्तियों के बावजूद सदनों के कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति।
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निम्नलिखित में से कौन सा एक संवैधानिक निकाय नहीं है?
(A) चुनाव आयोग
(B) वित्त आयोग
(C) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग
(D) संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (C) सही है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission) एक वैधानिक निकाय है, जिसकी स्थापना मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत की गई थी। इसका संविधान में कोई उल्लेख नहीं है।
- चुनाव आयोग (अनुच्छेद 324): एक संवैधानिक निकाय है।
- वित्त आयोग (अनुच्छेद 280): एक संवैधानिक निकाय है।
- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) (अनुच्छेद 315-323): एक संवैधानिक निकाय है।
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‘मूल संरचना का सिद्धांत’ (Doctrine of Basic Structure) किस ऐतिहासिक मामले से संबंधित है?
(A) गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य
(B) केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
(C) मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ
(D) ए.के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (B) सही है। ‘मूल संरचना का सिद्धांत’ केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973) मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिपादित किया गया था। इस निर्णय ने संसद की संविधान में संशोधन करने की शक्ति पर सीमाएँ लगाईं, यह कहते हुए कि संसद संविधान की मूल संरचना में संशोधन नहीं कर सकती है।
- गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य (1967): इस मामले में, सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि संसद मौलिक अधिकारों में संशोधन नहीं कर सकती है।
- मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ (1980): इस मामले में, सर्वोच्च न्यायालय ने ‘न्यायिक समीक्षा’ को संविधान की मूल संरचना का हिस्सा घोषित किया।
- ए.के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य (1950): इस मामले में, सर्वोच्च न्यायालय ने ‘विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया’ की संकीर्ण व्याख्या की, जिसे बाद में मेनका गांधी मामले में व्यापक कर दिया गया।
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भारत के संविधान का कौन सा अनुच्छेद राष्ट्रपति को अध्यादेश जारी करने की शक्ति प्रदान करता है?
(A) अनुच्छेद 123
(B) अनुच्छेद 124
(C) अनुच्छेद 125
(D) अनुच्छेद 126
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (A) सही है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 123 राष्ट्रपति को अध्यादेश जारी करने की शक्ति प्रदान करता है जब संसद के दोनों सदन सत्र में न हों और ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो जाएं जिनमें तत्काल कार्रवाई करना आवश्यक हो। इन अध्यादेशों का वही बल और प्रभाव होता है जो संसद के अधिनियमों का होता है, लेकिन इन्हें संसद के पुन: समवेत होने के छह सप्ताह के भीतर अनुमोदित करना होता है।
- अनुच्छेद 124: सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना और गठन से संबंधित है।
- अनुच्छेद 125: न्यायाधीशों के वेतन आदि से संबंधित है।
- अनुच्छेद 126: कार्यकारी मुख्य न्यायमूर्ति की नियुक्ति से संबंधित है।
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उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?
(A) राज्यपाल
(B) मुख्यमंत्री
(C) राष्ट्रपति
(D) सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (C) सही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217 के अनुसार, उच्च न्यायालय के प्रत्येक न्यायाधीश को राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश, संबंधित राज्य के राज्यपाल और उस उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (मुख्य न्यायाधीश के अलावा किसी अन्य न्यायाधीश की नियुक्ति के मामले में) के परामर्श के बाद नियुक्त किया जाता है।
- राज्यपाल: राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है।
- मुख्यमंत्री: राज्य मंत्रिपरिषद का प्रमुख होता है।
- सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश: नियुक्ति प्रक्रिया में परामर्श करते हैं, लेकिन नियुक्ति स्वयं नहीं करते।
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भारतीय संविधान में ‘समान नागरिक संहिता’ (Uniform Civil Code) का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?
(A) अनुच्छेद 40
(B) अनुच्छेद 44
(C) अनुच्छेद 48
(D) अनुच्छेद 50
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (B) सही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में ‘समान नागरिक संहिता’ का उल्लेख है, जो राज्य के नीति निदेशक तत्वों का हिस्सा है। यह राज्य को भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करने का निर्देश देता है।
- अनुच्छेद 40: ग्राम पंचायतों के संगठन से संबंधित है।
- अनुच्छेद 48: कृषि और पशुपालन के संगठन से संबंधित है।
- अनुच्छेद 50: कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण।
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निम्नलिखित में से कौन भारत के संविधान का संरक्षक (Guardian) है?
(A) संसद
(B) राष्ट्रपति
(C) सर्वोच्च न्यायालय
(D) मंत्रिपरिषद
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (C) सही है। भारत का सर्वोच्च न्यायालय संविधान का संरक्षक और अंतिम व्याख्याकर्ता है। न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) की अपनी शक्ति के माध्यम से, यह सुनिश्चित करता है कि विधायी और कार्यकारी कार्य संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप हों। यह न्यायपालिका की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है, जैसा कि हाल की खबरों में भी ‘संस्थागत जांच’ के संदर्भ में उल्लेख किया गया है।
- संसद: कानून बनाती है।
- राष्ट्रपति: कार्यपालिका का प्रमुख और संवैधानिक प्रमुख।
- मंत्रिपरिषद: राष्ट्रपति को सलाह देती है और शासन चलाती है।
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भारत में धन विधेयक (Money Bill) सर्वप्रथम किस सदन में पेश किया जा सकता है?
(A) राज्यसभा
(B) लोकसभा
(C) किसी भी सदन में
(D) राष्ट्रपति की सिफारिश पर किसी भी सदन में
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (B) सही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 110 के अनुसार, धन विधेयक केवल लोकसभा में ही प्रस्तुत किया जा सकता है, और राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश के बाद ही। राज्यसभा इसे अधिकतम 14 दिनों तक रोक सकती है या सिफारिशें दे सकती है, लेकिन लोकसभा उन सिफारिशों को मानने के लिए बाध्य नहीं है।
- (A) राज्यसभा: धन विधेयक राज्यसभा में पेश नहीं किया जा सकता।
- (C) किसी भी सदन में: यह सामान्य विधेयकों के लिए है, धन विधेयक के लिए नहीं।
- (D) राष्ट्रपति की सिफारिश पर किसी भी सदन में: धन विधेयक के लिए राष्ट्रपति की सिफारिश आवश्यक है, लेकिन केवल लोकसभा में।
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भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) का कार्यकाल कितना होता है?
(A) 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो
(B) 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो
(C) 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो
(D) राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (B) सही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 148 के अनुसार, भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है या 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, जो भी पहले हो। उसे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान ही प्रक्रिया और आधार पर हटाया जा सकता है, जिससे उसके पद की स्वतंत्रता सुनिश्चित होती है।
- (A) 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक: यह राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के कार्यकाल के समान नहीं है।
- (C) 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक: उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष है।
- (D) राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत: यह महान्यायवादी जैसे पदों के लिए लागू होता है, CAG के लिए नहीं।
-
भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार’ से संबंधित है?
(A) अनुच्छेद 19
(B) अनुच्छेद 20
(C) अनुच्छेद 21
(D) अनुच्छेद 22
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (C) सही है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण’ प्रदान करता है। यह सबसे महत्वपूर्ण मौलिक अधिकारों में से एक है और इसकी व्याख्या सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बहुत व्यापक रूप से की गई है, जिसमें गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार, निजता का अधिकार, स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार आदि शामिल हैं। यह राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान भी निलंबित नहीं किया जा सकता।
- अनुच्छेद 19: वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सहित छह अधिकारों का संरक्षण।
- अनुच्छेद 20: अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण।
- अनुच्छेद 22: कुछ मामलों में गिरफ्तारी और निरोध से संरक्षण।
-
भारत में किसी राज्य के राज्यपाल को कौन नियुक्त करता है?
(A) मुख्यमंत्री
(B) संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
(C) राष्ट्रपति
(D) प्रधानमंत्री
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (C) सही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 155 के अनुसार, किसी राज्य के राज्यपाल को राष्ट्रपति द्वारा अपने हस्ताक्षर और मुहर के तहत अधिपत्र द्वारा नियुक्त किया जाता है। राज्यपाल केंद्र सरकार के एक एजेंट के रूप में कार्य करता है और साथ ही राज्य का संवैधानिक प्रमुख भी होता है।
- मुख्यमंत्री: राज्य मंत्रिपरिषद का प्रमुख होता है।
- संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश: राज्यपाल की नियुक्ति में इनकी कोई सीधी भूमिका नहीं होती।
- प्रधानमंत्री: केंद्र सरकार का प्रमुख होता है।
-
भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद ‘संसद के गठन’ से संबंधित है?
(A) अनुच्छेद 74
(B) अनुच्छेद 79
(C) अनुच्छेद 80
(D) अनुच्छेद 81
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (B) सही है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 79 संसद के गठन का प्रावधान करता है, जिसमें कहा गया है कि संघ के लिए एक संसद होगी, जिसमें राष्ट्रपति और दो सदन (लोकसभा और राज्यसभा) शामिल होंगे।
- अनुच्छेद 74: राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद।
- अनुच्छेद 80: राज्यसभा की संरचना।
- अनुच्छेद 81: लोकसभा की संरचना।
-
भारत में ‘सामूहिक उत्तरदायित्व’ (Collective Responsibility) का सिद्धांत किसके लिए लागू होता है?
(A) राष्ट्रपति
(B) प्रधानमंत्री
(C) मंत्रिपरिषद
(D) संसद
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (C) सही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(3) के अनुसार, मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है। इसका अर्थ है कि सभी मंत्री एक साथ तैरते हैं और एक साथ डूबते हैं। यदि लोकसभा मंत्रिपरिषद के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करती है, तो सभी मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ता है।
- राष्ट्रपति: संवैधानिक प्रमुख।
- प्रधानमंत्री: मंत्रिपरिषद का प्रमुख, लेकिन व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि मंत्रिपरिषद के एक हिस्से के रूप में उत्तरदायी।
- संसद: विधायिका है, स्वयं किसी के प्रति उत्तरदायी नहीं होती।
-
भारत में पहली बार आपातकाल किस वर्ष घोषित किया गया था?
(A) 1962
(B) 1971
(C) 1975
(D) 1965
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (A) सही है। भारत में पहली बार राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) 26 अक्टूबर, 1962 को चीन के साथ युद्ध के कारण घोषित किया गया था। यह आपातकाल जनवरी 1968 तक चला।
- 1971: पाकिस्तान के साथ युद्ध के कारण दूसरा राष्ट्रीय आपातकाल।
- 1975: आंतरिक अशांति के आधार पर तीसरा राष्ट्रीय आपातकाल।
- 1965: भारत-पाकिस्तान युद्ध, लेकिन उस समय तक 1962 का आपातकाल ही लागू था।
-
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में ‘ग्राम सभा’ के बारे में प्रावधान है?
(A) अनुच्छेद 243A
(B) अनुच्छेद 243B
(C) अनुच्छेद 243C
(D) अनुच्छेद 243D
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (A) सही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243A में ‘ग्राम सभा’ के बारे में प्रावधान है, जो पंचायती राज व्यवस्था का आधार है। यह उन सभी व्यक्तियों का एक निकाय है जिनके नाम ग्राम स्तर पर पंचायत की मतदाता सूची में पंजीकृत हैं। ग्राम सभा को राज्य के विधानमंडल द्वारा ऐसे अधिकार और कार्य सौंपे जा सकते हैं जो वह उचित समझे।
- अनुच्छेद 243B: पंचायतों के गठन से संबंधित है।
- अनुच्छेद 243C: पंचायतों की संरचना से संबंधित है।
- अनुच्छेद 243D: सीटों के आरक्षण से संबंधित है।
-
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (National Commission for Scheduled Castes) एक ______ निकाय है।
(A) वैधानिक
(B) संवैधानिक
(C) कार्यकारी
(D) गैर-संवैधानिक
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (B) सही है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत स्थापित एक संवैधानिक निकाय है। यह अनुसूचित जातियों के संवैधानिक संरक्षण से संबंधित सभी मामलों की जांच और निगरानी करता है।
- वैधानिक निकाय: संसद के एक अधिनियम द्वारा स्थापित।
- कार्यकारी निकाय: सरकार के एक कार्यकारी संकल्प द्वारा स्थापित।
- गैर-संवैधानिक निकाय: संविधान में इसका उल्लेख नहीं है।
-
भारत में दलबदल विरोधी कानून (Anti-defection Law) किस अनुसूची में है?
(A) नौवीं अनुसूची
(B) दसवीं अनुसूची
(C) ग्यारहवीं अनुसूची
(D) बारहवीं अनुसूची
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (B) सही है। भारत में दलबदल विरोधी कानून 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा जोड़ा गया था और इसे भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य विधायकों द्वारा राजनीतिक दलबदल को रोकना है।
- नौवीं अनुसूची: भूमि सुधार जैसे कुछ अधिनियमों और विनियमों के सत्यापन से संबंधित।
- ग्यारहवीं अनुसूची: पंचायती राज से संबंधित (29 विषय)।
- बारहवीं अनुसूची: नगर पालिकाओं से संबंधित (18 विषय)।
-
भारत में किसी राज्य की विधान परिषद (Legislative Council) को बनाने या समाप्त करने की शक्ति किसके पास है?
(A) राष्ट्रपति
(B) संसद
(C) संबंधित राज्य विधानसभा
(D) राज्यपाल
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (B) सही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 169 के अनुसार, संसद को किसी राज्य में विधान परिषद को बनाने या समाप्त करने का अधिकार है। हालांकि, संसद ऐसा तभी कर सकती है जब संबंधित राज्य की विधानसभा इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित करे, जिसे सदन की कुल सदस्यता के बहुमत से और उपस्थित तथा मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पारित किया गया हो।
- राष्ट्रपति: केवल मंजूरी देता है।
- संबंधित राज्य विधानसभा: केवल प्रस्ताव पारित करती है, स्वयं विधान परिषद को बना या समाप्त नहीं कर सकती।
- राज्यपाल: राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है, लेकिन उसके पास यह विधायी शक्ति नहीं है।
-
लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव (No-confidence Motion) प्रस्तुत करने के लिए न्यूनतम कितने सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होती है?
(A) 20 सदस्य
(B) 30 सदस्य
(C) 50 सदस्य
(D) 100 सदस्य
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (C) सही है। लोकसभा के नियम 198 के अनुसार, अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए कम से कम 50 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होती है। यह प्रस्ताव केवल मंत्रिपरिषद के खिलाफ लाया जा सकता है, न कि किसी व्यक्तिगत मंत्री के खिलाफ, और यदि यह पारित हो जाता है, तो मंत्रिपरिषद को इस्तीफा देना पड़ता है।
- अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि वे नियम द्वारा निर्धारित संख्या से मेल नहीं खाते।
-
भारत में लोकपाल और लोकायुक्त का पद किस सिद्धांत पर आधारित है?
(A) संसदीय संप्रभुता
(B) कल्याणकारी राज्य
(C) नागरिक-केंद्रित शासन
(D) न्यायिक सक्रियता
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (C) सही है। लोकपाल और लोकायुक्त का पद नागरिक-केंद्रित शासन (Citizen-Centric Governance) के सिद्धांत पर आधारित है। इन संस्थाओं का मुख्य उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना तथा नागरिकों की शिकायतों का निवारण करना है, विशेष रूप से सार्वजनिक पदाधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों से संबंधित। यह एक ओम्बुड्समैन (Ombudsman) प्रणाली है, जो स्वीडन से प्रेरित है।
- संसदीय संप्रभुता: संसद की सर्वोच्च शक्ति।
- कल्याणकारी राज्य: DPSP का लक्ष्य।
- न्यायिक सक्रियता: न्यायपालिका द्वारा अपनी संवैधानिक सीमा से बाहर जाकर कार्य करना।
-
भारतीय संविधान की किस अनुसूची में शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप दिए गए हैं?
(A) पहली अनुसूची
(B) दूसरी अनुसूची
(C) तीसरी अनुसूची
(D) चौथी अनुसूची
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (C) सही है। भारतीय संविधान की तीसरी अनुसूची में संघ के मंत्रियों, संसद के सदस्यों, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों आदि द्वारा ली जाने वाली शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप दिए गए हैं।
- पहली अनुसूची: राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नाम।
- दूसरी अनुसूची: राष्ट्रपति, राज्यपालों, लोकसभा अध्यक्ष, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों आदि के वेतन, भत्ते और विशेषाधिकार।
- चौथी अनुसूची: राज्यसभा में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए सीटों का आवंटन।
-
संविधान सभा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को कब अपनाया गया था?
(A) 22 जुलाई 1947
(B) 24 जनवरी 1950
(C) 15 अगस्त 1947
(D) 26 नवंबर 1949
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प (A) सही है। संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को भारत के राष्ट्रीय ध्वज को अपनाया था।
- 24 जनवरी 1950: संविधान सभा ने राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को अपनाया।
- 15 अगस्त 1947: भारत को स्वतंत्रता मिली।
- 26 नवंबर 1949: भारत के संविधान को संविधान सभा द्वारा अपनाया और अधिनियमित किया गया।
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