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समाजशास्त्र अवधारणाओं पर विजय प्राप्त करें: दैनिक अभ्यास सत्र

समाजशास्त्र अवधारणाओं पर विजय प्राप्त करें: दैनिक अभ्यास सत्र

नमस्कार भावी समाजशास्त्रियों! एक और नए दिन के साथ, हम आपके लिए लेकर आए हैं एक बौद्धिक चुनौती जो आपकी अवधारणात्मक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक कौशल को निखारेगी। यह अभ्यास न केवल आपकी तैयारी को मजबूती देगा, बल्कि आपको जटिल सिद्धांतों को सरल तरीके से समझने में मदद करेगा। आइए, आज के इस मॉक टेस्ट के माध्यम से अपनी समाजशास्त्रीय दृष्टि को और अधिक प्रखर बनाएं!

Sociology Practice Questions

निर्देश: निम्नलिखित 25 प्रश्नों का प्रयास करें और प्रदान की गई विस्तृत व्याख्याओं के साथ अपनी समझ का विश्लेषण करें।

Question 1: कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘ऐतिहासिक भौतिकवाद’ (Historical Materialism) का मुख्य आधार क्या है?

  1. विचारों का विकास
  2. उत्पादन की भौतिक स्थितियां
  3. धार्मिक विश्वास
  4. कानूनी ढांचा

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: मार्क्स का ऐतिहासिक भौतिकवाद यह तर्क देता है कि समाज का विकास भौतिक परिस्थितियों, विशेष रूप से उत्पादन के साधनों (Means of Production) और उत्पादन के संबंधों द्वारा निर्धारित होता है।
  • Context & Elaboration: मार्क्स के अनुसार, अर्थव्यवस्था (आधार/Base) ही समाज की ऊपरी संरचना (Superstructure) जैसे कानून, धर्म और राजनीति को निर्धारित करती है। यह विचार उनके द्वंद्वात्मक भौतिकवाद का व्यावहारिक अनुप्रयोग है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) ‘विचारों’ पर जोर देता है, जो कि हीगेल का दृष्टिकोण था। विकल्प (c) और (d) ऊपरी संरचना (Superstructure) के हिस्से हैं, न कि मुख्य आधार।

Question 2: एमिल दुर्खीम ने ‘सामाजिक तथ्य’ (Social Facts) को किस रूप में परिभाषित किया है?

  1. व्यक्तिगत मनोवैज्ञानिक स्थितियां
  2. जैविक प्रवृत्तियां
  3. बाहरी और बाध्यकारी तरीके सोचने, महसूस करने और कार्य करने के तरीके
  4. केवल लिखित कानून और नियम

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: दुर्खीम के अनुसार, सामाजिक तथ्य वे तरीके हैं जो व्यक्ति के बाहर स्थित होते हैं लेकिन उस पर दबाव डालते हैं कि वह एक निश्चित तरीके से व्यवहार करे।
  • Context & Elaboration: उन्होंने अपनी पुस्तक ‘The Rules of Sociological Method’ में स्पष्ट किया कि समाजशास्त्र का मुख्य विषय सामाजिक तथ्यों का अध्ययन होना चाहिए, जिन्हें ‘चीजों’ (Things) की तरह देखा जाना चाहिए।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) और (b) व्यक्तिवादी और जैविक दृष्टिकोण हैं, जबकि दुर्खीम समाजशास्त्र को मनोविज्ञान और जीव विज्ञान से अलग करना चाहते थे। विकल्प (d) बहुत सीमित है, क्योंकि सामाजिक तथ्य अनौपचारिक रीति-रिवाजों में भी होते हैं।

Question 3: मैक्स वेबर की ‘वेरस्टेहेन’ (Verstehen) पद्धति का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. सामाजिक घटनाओं का सांख्यिकीय विश्लेषण करना
  2. मानवीय क्रियाओं के पीछे के व्यक्तिपरक अर्थों को समझना
  3. समाज के विकास के चरणों का वर्णन करना
  4. सामाजिक कानूनों की खोज करना

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: ‘Verstehen’ एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ है ‘समझना’। वेबर का मानना था कि समाजशास्त्री को केवल बाहरी व्यवहार नहीं, बल्कि उस व्यवहार के पीछे के कर्ता के अर्थ और उद्देश्यों को समझना चाहिए।
  • Context & Elaboration: यह पद्धति ‘व्याख्यात्मक समाजशास्त्र’ (Interpretive Sociology) का आधार है, जो प्रत्यक्षवाद (Positivism) के विपरीत है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) और (d) प्रत्यक्षवादी (Positivist) दृष्टिकोण हैं जो मात्रात्मक डेटा और सामान्य नियमों पर जोर देते हैं। विकल्प (c) ऐतिहासिक विकासवाद से संबंधित है।

Question 4: एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या दर्शाती है?

  1. जाति व्यवस्था का पूर्ण उन्मूलन
  2. निचली जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाना
  3. पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव
  4. जाति आधारित व्यवसायों का पूर्ण त्याग

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें एक निम्न जाति या जनजाति, उच्च जाति (विशेषकर द्विज जातियों) के रीति-रिवाजों, अनुष्ठानों और जीवन शैली को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति में सुधार करने का प्रयास करती है।
  • Context & Elaboration: श्रीनिवास ने इसे अपनी पुस्तक ‘Religion and Society Among the Coorgs of South India’ में समझाया। यह स्थितिगत गतिशीलता (Positional Change) है, न कि संरचनात्मक परिवर्तन।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) गलत है क्योंकि इसमें जाति व्यवस्था समाप्त नहीं होती, बल्कि उसके भीतर स्थिति बदलती है। विकल्प (c) ‘पश्चिमीकरण’ है। विकल्प (d) आंशिक हो सकता है, लेकिन यह संस्कृतिकरण की मुख्य परिभाषा नहीं है।

Question 5: रॉबर्ट के. मर्टन के अनुसार, ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) क्या होता है?

  1. वह परिणाम जो अनपेक्षित होते हैं
  2. संस्था का वह उद्देश्य जो स्पष्ट और इच्छित होता है
  3. समाज में व्याप्त तनाव
  4. किसी परंपरा का धीरे-धीरे समाप्त होना

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: प्रकट कार्य वे परिणाम हैं जो किसी सामाजिक संस्था या क्रिया के कारण जानबूझकर और स्पष्ट रूप से उत्पन्न किए जाते हैं।
  • Context & Elaboration: मर्टन ने कार्यात्मकता (Functionalism) में सुधार करते हुए ‘प्रकट’ और ‘प्रच्छन्न’ (Latent) कार्यों के बीच अंतर किया। उदाहरण के लिए, स्कूल का प्रकट कार्य शिक्षा देना है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) ‘प्रच्छन्न कार्य’ (Latent Function) की परिभाषा है। विकल्प (c) और (d) समाजशास्त्रीय अवधारणाएं तो हैं, लेकिन मर्टन के इस विशिष्ट सिद्धांत से संबंधित नहीं हैं।

Question 6: लुई ड्यूमों ने भारतीय जाति व्यवस्था के मूल सिद्धांत के रूप में किसे माना है?

  1. वर्ग संघर्ष
  2. पवित्रता और अपवित्रता (Purity and Pollution)
  3. आर्थिक हित
  4. राजनीतिक शक्ति

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: ड्यूमों ने अपनी पुस्तक ‘Homo Hierarchicus’ में तर्क दिया कि भारतीय समाज का आधार ‘पदानुक्रम’ (Hierarchy) है, जो पवित्रता और अपवित्रता के वैचारिक विरोध पर टिका है।
  • Context & Elaboration: उनका दृष्टिकोण संरचनात्मक-प्रकार्यवाद से प्रेरित था, जहाँ उन्होंने ब्राह्मणों के दृष्टिकोण को केंद्रीय माना।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) मार्क्सवादी दृष्टिकोण है। विकल्प (c) और (d) जाति के प्रभाव हो सकते हैं, लेकिन ड्यूमों के अनुसार वे मूल सिद्धांत नहीं हैं।

Question 7: ‘एनोमी’ (Anomie) की अवधारणा का उपयोग सर्वप्रथम किसने किया था, जिसे बाद में दुर्खीम ने विस्तृत किया?

  1. कार्ल मार्क्स
  2. हर्बर्ट स्पेंसर
  3. एमिल दुर्खीम
  4. मैक्स वेबर

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: हालांकि ‘Anomie’ शब्द का प्रयोग कुछ अन्य विचारकों ने किया था, लेकिन समाजशास्त्रीय रूप से इसे विकसित और प्रसिद्ध एमिल दुर्खीम ने किया।
  • Context & Elaboration: दुर्खीम के अनुसार, एनोमी वह स्थिति है जहाँ समाज के नियम टूट जाते हैं और व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। उन्होंने इसे ‘आत्महत्या’ (Suicide) के अध्ययन में प्रमुखता से उपयोग किया।
  • Incorrect Options: मार्क्स ने ‘अलगाव’ (Alienation) की बात की। वेबर ने ‘तर्कसंगतता’ (Rationalization) पर जोर दिया। स्पेंसर ने सामाजिक विकासवाद (Social Darwinism) पर काम किया।

Question 8: ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) का मुख्य केंद्र क्या है?

  1. बड़े सामाजिक ढांचे का विश्लेषण
  2. व्यक्तिगत स्तर पर प्रतीकों और अर्थों का आदान-प्रदान
  3. आर्थिक उत्पादन की प्रणालियाँ
  4. राज्य की शक्ति का अध्ययन

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: यह सिद्धांत इस बात पर केंद्रित है कि लोग प्रतीकों (जैसे भाषा, संकेत) के माध्यम से एक-दूसरे के साथ कैसे बातचीत करते हैं और समाज का निर्माण कैसे करते हैं।
  • Context & Elaboration: जी.एच. मीड और हर्बर्ट ब्लूमर इसके प्रमुख प्रणेता थे। यह एक ‘सूक्ष्म-समाजशास्त्रीय’ (Micro-sociological) दृष्टिकोण है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) ‘प्रकार्यवाद’ या ‘संघर्ष सिद्धांत’ का केंद्र है। विकल्प (c) मार्क्सवाद और विकल्प (d) राजनीतिक समाजशास्त्र का विषय है।

Question 9: तालकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ का क्या अर्थ है?

  1. Leadership (नेतृत्व)
  2. Latency (प्रसुप्तता/पैटर्न अनुरक्षण)
  3. Legitimacy (वैधता)
  4. Law (कानून)

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: AGIL मॉडल में L का अर्थ ‘Latency’ है, जिसका अर्थ है सामाजिक प्रणालियों में सांस्कृतिक मूल्यों और पैटर्न को बनाए रखना।
  • Context & Elaboration: पार्सन्स के अनुसार, किसी भी सामाजिक प्रणाली के जीवित रहने के लिए चार कार्य आवश्यक हैं: Adaptation (अनुकूलन), Goal Attainment (लक्ष्य प्राप्ति), Integration (एकीकरण), और Latency (पैटर्न अनुरक्षण)।
  • Incorrect Options: नेतृत्व (Leadership) और वैधता (Legitimacy) राजनीति विज्ञान के शब्द हैं, जबकि कानून (Law) एक संस्था है, मॉडल का कार्य नहीं।

Question 10: ‘जजमानी व्यवस्था’ (Jajmani System) का संबंध मुख्य रूप से किससे है?

  1. शहरी औद्योगिक संबंधों से
  2. ग्रामीण भारत में जातियों के बीच पारस्परिक सेवा और विनिमय से
  3. धार्मिक अनुष्ठानों के संगठन से
  4. राज्य और नागरिक के संबंधों से

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: जजमानी व्यवस्था एक पारंपरिक ग्रामीण आर्थिक व्यवस्था थी जहाँ विभिन्न जातियाँ (जैसे नाई, लोहार, कुम्हार) उच्च जाति के जमींदारों (जजमान) को सेवाएँ प्रदान करती थीं और बदले में उन्हें अनाज या अन्य वस्तुएँ मिलती थीं।
  • Context & Elaboration: विलियम वाइज़र ने इस अवधारणा को लोकप्रिय बनाया। यह आर्थिक विनिमय के साथ-साथ सामाजिक निर्भरता का भी प्रतीक था।
  • Incorrect Options: यह व्यवस्था शहरी नहीं, बल्कि ग्रामीण थी। यह केवल अनुष्ठानिक नहीं बल्कि आर्थिक और सामाजिक भी थी।

Question 11: जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘Self’ (स्व) के दो घटक कौन से हैं?

  1. Id और Ego
  2. I और Me
  3. Mind और Spirit
  4. Social और Individual

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: मीड ने ‘Self’ को दो भागों में विभाजित किया: ‘I’ (स्वयं का रचनात्मक और सहज हिस्सा) और ‘Me’ (समाज द्वारा निर्मित वह हिस्सा जिसे व्यक्ति दूसरों की नजरों से देखता है)।
  • Context & Elaboration: यह प्रक्रिया सामाजिक अंतःक्रिया के माध्यम से विकसित होती है, जिसे ‘Generalized Other’ की अवधारणा से समझा जा सकता है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) सिगमंड फ्रायड के मनोवैज्ञानिक सिद्धांत से संबंधित है। अन्य विकल्प सामान्य शब्द हैं, समाजशास्त्रीय सिद्धांत नहीं।

Question 12: ‘एथ्नोग्राफी’ (Ethnography) शोध की कौन सी विधि है?

  1. मात्रात्मक सर्वेक्षण विधि
  2. प्रयोगशाला प्रयोग विधि
  3. प्रतिभागी अवलोकन और गहन क्षेत्रीय अध्ययन
  4. केवल द्वितीयक आंकड़ों का विश्लेषण

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: एथ्नोग्राफी एक गुणात्मक शोध पद्धति है जिसमें शोधकर्ता अध्ययन समूह के साथ रहकर उनके जीवन, संस्कृति और व्यवहार का गहराई से अवलोकन करता है।
  • Context & Elaboration: यह मानव विज्ञान और समाजशास्त्र में बहुत लोकप्रिय है। इसमें ‘प्रतिभागी अवलोकन’ (Participant Observation) मुख्य उपकरण होता है।
  • Incorrect Options: सर्वेक्षण (a) मात्रात्मक होता है। प्रयोगशाला प्रयोग (b) प्राकृतिक वातावरण में नहीं होते। द्वितीयक आंकड़े (d) पुस्तकालय अनुसंधान का हिस्सा हैं।

Question 13: लुईस कोसर ने किस प्रकार के संघर्ष को ‘सकारात्मक’ या ‘कार्यात्मक’ माना है?

  1. पूर्ण विनाशकारी संघर्ष
  2. गैर-हिंसक और सीमित संघर्ष (Non-violent and Limited Conflict)
  3. वर्ग युद्ध
  4. जातीय दंगों वाला संघर्ष

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: कोसर का मानना था कि यदि संघर्ष सीमित और गैर-हिंसक हो, तो वह समूह के भीतर एकता बढ़ा सकता है और सामाजिक परिवर्तन के लिए एक सुरक्षा वाल्व (Safety Valve) का कार्य कर सकता है।
  • Context & Elaboration: यह विचार ‘कार्यात्मक संघर्ष सिद्धांत’ (Functional Conflict Theory) का हिस्सा है, जो मार्क्स के पूर्ण संघर्ष के विचार से अलग है।
  • Incorrect Options: विनाशकारी संघर्ष (a), वर्ग युद्ध (c) और दंगे (d) समाज को अस्थिर करते हैं, इसलिए वे कार्यात्मक नहीं बल्कि विघटनकारी होते हैं।

Question 14: ‘शहरीकरण’ और ‘नगरवाद’ (Urbanism) के बीच अंतर को स्पष्ट करने वाले समाजशास्त्री कौन थे?

  1. लुईस विर्थ
  2. कार्ल मार्क्स
  3. एमिल दुर्खीम
  4. मैक्स वेबर

Answer: (a)

Detailed Explanation:

  • Correctness: लुईस विर्थ ने अपने लेख ‘Urbanism as a Way of Life’ में बताया कि शहरीकरण केवल जनसंख्या का बढ़ना नहीं है, बल्कि ‘नगरवाद’ एक विशिष्ट जीवन शैली है जिसमें संबंधों में औपचारिकता और व्यक्तिवाद बढ़ जाता है।
  • Context & Elaboration: विर्थ ने शहरी जीवन की विशेषताओं के रूप में जनसंख्या का आकार, घनत्व और विषमता को रेखांकित किया।
  • Incorrect Options: मार्क्स ने शहरीकरण को पूंजीवाद के संदर्भ में देखा। दुर्खीम ने श्रम विभाजन पर ध्यान दिया। वेबर ने शहरों के आर्थिक कार्यों का अध्ययन किया।

Question 15: ‘पूंजी’ (Capital) के संदर्भ में पियरे बोर्दियु (Pierre Bourdieu) ने किस प्रकार की पूंजी की चर्चा की है?

  1. केवल आर्थिक पूंजी
  2. केवल सामाजिक पूंजी
  3. सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक पूंजी
  4. केवल राजनीतिक पूंजी

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: बोर्दियु ने तर्क दिया कि शक्ति और स्थिति केवल धन (आर्थिक पूंजी) से नहीं, बल्कि शिक्षा, ज्ञान (सांस्कृतिक पूंजी) और संपर्कों (सामाजिक पूंजी) से भी प्राप्त होती है।
  • Context & Elaboration: उन्होंने ‘हैबिटस’ (Habitus) की अवधारणा भी दी, जो बताती है कि कैसे व्यक्ति की सामाजिक पृष्ठभूमि उसके व्यवहार को आकार देती है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a), (b) और (d) अधूरे हैं क्योंकि बोर्दियु ने इन तीनों के अंतर्संबंधों पर जोर दिया था।

Question 16: निम्नलिखित में से कौन सा ‘प्राथमिक समूह’ (Primary Group) का उदाहरण है?

  1. एक राजनीतिक दल
  2. एक बड़ी कंपनी का स्टाफ
  3. परिवार
  4. एक ट्रेड यूनियन

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: परिवार एक प्राथमिक समूह है क्योंकि इसमें आमने-सामने के संबंध, भावनात्मक जुड़ाव और घनिष्ठता होती है।
  • Context & Elaboration: चार्ल्स कूले (Charles Cooley) ने ‘प्राथमिक समूह’ की अवधारणा दी थी, जहाँ संबंध अनौपचारिक और स्थायी होते हैं।
  • Incorrect Options: राजनीतिक दल (a), कंपनी स्टाफ (b) और ट्रेड यूनियन (d) ‘द्वितीयक समूह’ (Secondary Groups) हैं, जहाँ संबंध औपचारिक, उद्देश्य-आधारित और अल्पकालिक होते हैं।

Question 17: ‘शक्ति’ (Power) और ‘प्राधिकार’ (Authority) के बीच मुख्य अंतर क्या है?

  1. शक्ति कानूनी होती है, प्राधिकार नहीं
  2. प्राधिकार वैध शक्ति (Legitimate Power) है, जबकि शक्ति केवल दूसरों को मजबूर करने की क्षमता है
  3. शक्ति हमेशा सकारात्मक होती है, प्राधिकार नकारात्मक
  4. दोनों में कोई अंतर नहीं है

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: शक्ति वह क्षमता है जिससे कोई व्यक्ति दूसरों से अपनी इच्छा के अनुसार कार्य करा सके (चाहे वे सहमत हों या न हों)। जब इस शक्ति को समाज या कानून द्वारा ‘वैध’ मान लिया जाता है, तो वह ‘प्राधिकार’ बन जाती है।
  • Context & Elaboration: मैक्स वेबर ने प्राधिकार के तीन प्रकार बताए: पारंपरिक, करिश्माई और कानूनी-तर्कसंगत।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) गलत है क्योंकि शक्ति अवैध भी हो सकती है। विकल्प (c) गलत है क्योंकि शक्ति और प्राधिकार दोनों का प्रभाव तटस्थ हो सकता है।

Question 18: ‘धर्म’ को ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र’ (Profane) के विभाजन के रूप में किसने देखा?

  1. मैक्स वेबर
  2. एमिल दुर्खीम
  3. कार्ल मार्क्स
  4. हर्बर्ट स्पेंसर

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में कहा कि धर्म का सार वस्तुओं को दो श्रेणियों—पवित्र (विशेष और अलग) और अपवित्र (साधारण और दैनिक)—में बांटना है।
  • Context & Elaboration: उनके अनुसार, धर्म वास्तव में समाज की ही पूजा है, जो समूह की एकता को बढ़ाता है।
  • Incorrect Options: वेबर ने धर्म के आर्थिक प्रभावों (जैसे प्रोटेस्टेंट नैतिकता) का अध्ययन किया। मार्क्स ने धर्म को ‘अफीम’ कहा। स्पेंसर ने धर्म को विकासवादी प्रक्रिया माना।

Question 19: ‘सामाजिक स्तरीकरण’ (Social Stratification) का अर्थ क्या है?

  1. समाज में लोगों का समान वितरण
  2. समाज का विभिन्न श्रेणियों या स्तरों में विभाजन
  3. केवल गरीबी और अमीरी का अंतर
  4. जाति व्यवस्था का अंत

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: सामाजिक स्तरीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा समाज को पदानुक्रमित स्तरों (जैसे वर्ग, जाति, लिंग) में विभाजित किया जाता है, जिससे संसाधनों और अवसरों का असमान वितरण होता है।
  • Context & Elaboration: यह एक सार्वभौमिक विशेषता है, जो लगभग हर समाज में किसी न किसी रूप में पाई जाती है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) इसके विपरीत है। विकल्प (c) केवल एक प्रकार का स्तरीकरण (वर्ग) है। विकल्प (d) एक सामाजिक परिवर्तन है।

Question 20: मिशेल फौकॉल्ट (Michel Foucault) के अनुसार, ‘शक्ति’ (Power) कैसी होती है?

  1. केवल राज्य के पास केंद्रित
  2. केवल ऊपर से नीचे की ओर चलने वाली
  3. विकेंद्रीकृत और हर जगह मौजूद (Capillary Power)
  4. केवल भौतिक बल का प्रयोग

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: फौकॉल्ट ने तर्क दिया कि शक्ति केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था (जैसे राज्य) के पास नहीं होती, बल्कि यह पूरे समाज के संबंधों, ज्ञान और विमर्श (Discourse) में फैली होती है।
  • Context & Elaboration: उन्होंने ‘शक्ति-ज्ञान’ (Power-Knowledge) के संबंध को समझाया, जिसमें बताया कि जो ज्ञान को नियंत्रित करता है, वही शक्ति को नियंत्रित करता है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) और (b) पारंपरिक दृष्टिकोण हैं। विकल्प (d) शक्ति के केवल एक सीमित रूप (दमन) को दर्शाता है।

Question 21: ‘प्रच्छन्न पाठ्यक्रम’ (Hidden Curriculum) का संबंध किस संस्था से है?

  1. परिवार
  2. धर्म
  3. शिक्षा
  4. राज्य

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: प्रच्छन्न पाठ्यक्रम उन अनकहे नियमों, मूल्यों और व्यवहारों को संदर्भित करता है जो छात्र औपचारिक पाठ्यपुस्तकों के बजाय स्कूल के माहौल और शिक्षकों के व्यवहार से सीखते हैं (जैसे अनुशासन, आज्ञाकारिता)।
  • Context & Elaboration: समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से, यह अक्सर सामाजिक नियंत्रण और वर्ग संरचना को बनाए रखने का साधन माना जाता है।
  • Incorrect Options: यद्यपि परिवार और धर्म भी मूल्य सिखाते हैं, लेकिन ‘पाठ्यक्रम’ शब्द विशेष रूप से शैक्षिक संस्थाओं के लिए उपयोग किया जाता है।

Question 22: ‘भूमिका संघर्ष’ (Role Conflict) तब होता है जब:

  1. एक व्यक्ति अपनी भूमिका निभाने में असमर्थ होता है
  2. एक व्यक्ति की विभिन्न भूमिकाओं की माँगें आपस में टकराती हैं
  3. व्यक्ति अपनी भूमिका बदल लेता है
  4. समाज व्यक्ति को कोई भूमिका नहीं देता

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: भूमिका संघर्ष तब उत्पन्न होता है जब एक व्यक्ति एक ही समय में कई भूमिकाएं निभा रहा होता है और उन भूमिकाओं की अपेक्षाएं परस्पर विरोधी होती हैं। उदाहरण: एक कामकाजी महिला का घर और ऑफिस के बीच संतुलन बनाना।
  • Context & Elaboration: यह व्यक्ति के मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव का कारण बनता है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) ‘भूमिका तनाव’ (Role Strain) के करीब है। विकल्प (c) ‘भूमिका निर्वहन’ (Role Exit) है।

Question 23: भारतीय समाज में ‘जाति’ (Caste) की मुख्य विशेषता क्या है?

  1. यह अर्जित स्थिति (Achieved Status) है
  2. इसमें विवाह संबंध केवल जाति के बाहर होते हैं
  3. यह जन्म पर आधारित एक बंद स्तरीकरण प्रणाली है
  4. यह पूरी तरह से आर्थिक आधार पर टिकी है

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: जाति व्यवस्था की सबसे मौलिक विशेषता यह है कि व्यक्ति की स्थिति उसके जन्म से निर्धारित होती है और वह इसे बदल नहीं सकता (बंद प्रणाली)।
  • Context & Elaboration: इसमें अंतर्विवाह (Endogamy) और शुद्धता-अपवित्रता के नियम कड़ाई से लागू होते हैं।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) गलत है क्योंकि यह ‘प्रदत्त स्थिति’ (Ascribed Status) है। विकल्प (b) गलत है क्योंकि जाति में अंतर्विवाह होता है। विकल्प (d) गलत है क्योंकि जाति का आधार धार्मिक और सांस्कृतिक है, न कि केवल आर्थिक।

Question 24: ‘सामाजिकरण’ (Socialization) की प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. व्यक्ति को समाज से अलग करना
  2. व्यक्ति को सामाजिक मानदंडों और मूल्यों को आत्मसात करना सिखाना
  3. केवल भाषा का ज्ञान देना
  4. व्यक्ति की जैविक प्रवृत्तियों को समाप्त करना

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: सामाजिकरण वह जीवनपर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है जिसके माध्यम से एक जैविक प्राणी (Biological Being) एक सामाजिक प्राणी (Social Being) में परिवर्तित होता है।
  • Context & Elaboration: यह परिवार, स्कूल और साथियों (Peer groups) के माध्यम से होता है, जिससे समाज की निरंतरता बनी रहती है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) इसके ठीक विपरीत है। विकल्प (c) सामाजिकरण का एक हिस्सा है, पूरा उद्देश्य नहीं। विकल्प (d) जैविक प्रवृत्तियों को समाप्त नहीं, बल्कि उन्हें सामाजिक रूप से विनियमित (Regulate) किया जाता है।

Question 25: ‘वैश्वीकरण’ (Globalization) का समाजशास्त्र पर क्या प्रभाव पड़ा है?

  1. स्थानीय संस्कृतियों का पूर्ण विनाश हुआ है
  2. सांस्कृतिक समरूपता (Cultural Homogenization) और संकरण (Hybridization) के बीच द्वंद्व बढ़ा है
  3. सामाजिक स्तरीकरण पूरी तरह समाप्त हो गया है
  4. राष्ट्र-राज्यों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो गई है

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: वैश्वीकरण ने दुनिया को एक ‘ग्लोबल विलेज’ बना दिया है, जिससे कहीं-कहीं पश्चिमी संस्कृति का प्रभुत्व (समरूपता) बढ़ा है, तो कहीं स्थानीय और वैश्विक संस्कृतियों के मिलन से नई संस्कृतियाँ (संकरण/Glocalization) पैदा हुई हैं।
  • Context & Elaboration: यह प्रक्रिया आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक तीनों स्तरों पर काम करती है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) अतिरंजित है, क्योंकि स्थानीय संस्कृतियां अभी भी जीवित हैं। विकल्प (c) गलत है क्योंकि वैश्वीकरण ने नए प्रकार के वर्ग अंतराल पैदा किए हैं। विकल्प (d) गलत है क्योंकि राज्य अभी भी महत्वपूर्ण हैं, हालांकि उनकी प्रकृति बदली है।

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