UGC NET JRF History: सफलता की कुंजी – उच्च स्तरीय मास्टर प्रैक्टिस सेट
इतिहास के गलियारों में एक ऐसी यात्रा पर निकलने के लिए तैयार हो जाइए, जहाँ तथ्य और विश्लेषण का मिलन होता है। यह केवल एक क्विज नहीं है, बल्कि आपकी तैयारी को JRF स्तर तक ले जाने का एक प्रयास है। अपनी बौद्धिक क्षमता को चुनौती दें और समय की गहराई में उतरकर अपनी सफलता सुनिश्चित करें!
History Practice Questions
Instructions: Attempt the following 25 questions and analyze your understanding with the detailed explanations provided.
Question 1: (Unit 1 + Unit 10 मिश्रण)
कथन (A): हड़प्पा लिपि को अभी तक पढ़ा नहीं जा सका है, जिसने प्राचीन भारतीय इतिहास के पुनर्निर्माण में एक बड़ी बाधा उत्पन्न की है।
कारण (R): हड़प्पा लिपि ‘लोगोग्राफिक’ (Logographic) और ‘सिलेबिक’ (Syllabic) दोनों विशेषताओं का मिश्रण प्रतीत होती है और इसके लिए किसी द्विभाषी शिलालेख (Bilingual Inscription) का अभाव है।
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनें:
- (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
- (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
- (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
- (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
Answer: (a)
Detailed Explanation:
- Correctness: कथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं और कारण स्पष्ट करता है कि लिपि को क्यों नहीं पढ़ा जा सका है।
- Context & Elaboration: ऐतिहासिक पद्धति (Historiography) के अनुसार, किसी अज्ञात लिपि को पढ़ने के लिए ‘रोसेटा स्टोन’ जैसे द्विभाषी स्रोत की आवश्यकता होती है। हड़प्पा लिपि दाएं से बाएं (Boustrophedon) लिखी जाती थी, लेकिन समकक्ष भाषा के साक्ष्य न होने के कारण यह अनसुलझी है।
- Incorrect Options: विकल्प (b), (c) और (d) गलत हैं क्योंकि कारण सीधे तौर पर उस तकनीकी समस्या को उजागर करता है जिसके कारण लिपि अपठित है।
Question 2: (Unit 2 + Unit 10 मिश्रण)
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन I: मौर्य साम्राज्य के पतन के संबंध में ‘मार्क्सवादी इतिहासकारों’ का तर्क है कि साम्राज्य का पतन केंद्रीय नियंत्रण के कमजोर होने और स्थानीय आर्थिक असंतोष के कारण हुआ।
कथन II: ‘राष्ट्रवादी इतिहासकारों’ ने मौर्य साम्राज्य के पतन का मुख्य कारण अशोक की अत्यधिक शांतिवादी नीतियों और बौद्ध धर्म के प्रति झुकाव को माना है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- केवल कथन I
- केवल कथन II
- दोनों कथन I और II
- न तो I और न ही II
Answer: (c)
Detailed Explanation:
- Correctness: दोनों कथन सही हैं क्योंकि वे मौर्य साम्राज्य के पतन के प्रति दो अलग-अलग इतिहासलेखन (Historiographical) दृष्टिकोणों को दर्शाते हैं।
- Context & Elaboration: मार्क्सवादी दृष्टिकोण (जैसे डी.डी. कोसांबी) सामाजिक-आर्थिक संरचना और वर्ग संघर्ष पर ध्यान केंद्रित करता है, जबकि राष्ट्रवादी या पारंपरिक इतिहासकार अक्सर व्यक्तित्व-आधारित कारणों (जैसे अशोक का चरित्र) को महत्व देते हैं।
- Incorrect Options: विकल्प (a) और (b) अपूर्ण हैं क्योंकि दोनों विचारधाराएं अकादमिक विमर्श का हिस्सा हैं।
Question 3: (Unit 3 + Unit 6 मिश्रण)
सूची-I (चोल प्रशासन) को सूची-II (विशेषता/शब्द) से सुमेलित करें:
सूची-I: (A) उर, (B) सभा, (C) नाडु, (D) पेरुमवलन
सूची-II: (1) ब्राह्मणों की परिषद, (2) सामान्य ग्राम सभा, (3) प्रशासनिक जिला, (4) उच्च स्तरीय अधिकारी
- A-2, B-1, C-3, D-4
- A-1, B-2, C-4, D-3
- A-2, B-1, C-4, D-3
- A-1, B-2, C-3, D-4
Answer: (a)
Detailed Explanation:
- Correctness: सही मिलान है: उर (गैर-ब्राह्मण ग्राम सभा), सभा (ब्राह्मण ग्राम सभा/अग्रहार), नाडु (गांवों का समूह/जिला), और पेरुमवलन (प्रशासनिक अधिकारी)।
- Context & Elaboration: चोल काल में स्थानीय स्वशासन (Local Self Government) अपनी चरम सीमा पर था, जिसका विवरण उत्तरमेरुर शिलालेखों में मिलता है।
- Incorrect Options: अन्य विकल्प उर और सभा के बीच भ्रम पैदा करते हैं; उर आम लोगों का था जबकि सभा विशेष रूप से ब्राह्मण बस्तियों का।
Question 4: (Unit 4 + Unit 6 मिश्रण)
दिल्ली सल्तनत के दौरान ‘सूफीवाद’ और ‘राज्य’ के बीच संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
- चिश्ती संतों ने राज्य के संरक्षण और राजनीतिक पदों से दूरी बनाए रखी।
- सुहरावर्दी संतों ने राज्य के साथ सहयोग किया और सरकारी पदों को स्वीकार किया।
- सभी सूफी सिलसिलों ने सल्तनत के शासकों के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह का समर्थन किया।
- सूफी खानकाहों ने समाज के विभिन्न वर्गों के बीच एक सेतु का कार्य किया।
Answer: (c)
Detailed Explanation:
- Correctness: विकल्प (c) गलत है क्योंकि सूफी संतों ने आमतौर पर सशस्त्र विद्रोह का समर्थन नहीं किया; वे आध्यात्मिक सुधार और व्यक्तिगत मार्गदर्शन पर केंद्रित थे।
- Context & Elaboration: चिश्ती संतकुटुबुद्दीन बख्तियार काकी और निजामुद्दीन औलिया ने राजनीति से दूरी बनाई, जबकि सुहरावर्दी संतों का मानना था कि राज्य के साथ रहकर वे समाज की अधिक सेवा कर सकते हैं।
- Incorrect Options: (a), (b), और (d) ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित तथ्य हैं।
Question 5: (Unit 5 + Unit 8 मिश्रण)
मुगलकालीन ‘मनसबदारी प्रणाली’ और ‘जागीरदारी संकट’ के बीच संबंध के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा विश्लेषण सबसे सटीक है?
- मनसबदारी प्रणाली ने जागीरदारी संकट को पूरी तरह समाप्त कर दिया था।
- जागीरदारी संकट का मुख्य कारण ‘बे-जागीरी’ (जागीरों की कमी और मनसबदारों की संख्या में वृद्धि) था।
- अकबर के समय में जागीरदारी संकट अपने चरम पर था।
- मनसबदारी प्रणाली केवल सैन्य संगठन था, इसका राजस्व से कोई संबंध नहीं था।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: जागीरदारी संकट (Jagirdari Crisis) का मुख्य कारण उत्पादक भूमि की कमी और मनसबदारों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि थी, जिससे राजस्व वसूली कठिन हो गई।
- Context & Elaboration: यह संकट औरंगजेब के शासनकाल के उत्तरार्ध में अधिक स्पष्ट हुआ, जिससे कृषि संकट पैदा हुआ और किसानों के विद्रोह (जैसे जाट और सतनामी) बढ़े।
- Incorrect Options: (a) गलत है क्योंकि यह समाधान नहीं, बल्कि समस्या का कारण बना। (c) गलत है क्योंकि अकबर ने इसे संतुलित रखा था। (d) गलत है क्योंकि मनसबदारी का सीधा संबंध जागीर (राजस्व आवंटन) से था।
Question 6: (Unit 6 + Unit 3 मिश्रण)
भक्ति आंदोलन के ‘निर्गुण’ संतों के सामाजिक दृष्टिकोण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. उन्होंने जाति व्यवस्था और बाहरी कर्मकांडों का कड़ा विरोध किया।
II. उन्होंने ईश्वर की प्राप्ति के लिए केवल मूर्तिकला और मंदिर पूजा पर जोर दिया।
III. उनकी भाषा सरल और क्षेत्रीय (लोकभाषा) थी ताकि आम जनता तक पहुंच सकें।
सही कोड चुनें:
- केवल I और II
- केवल II और III
- केवल I और III
- I, II और III सभी
Answer: (c)
Detailed Explanation:
- Correctness: केवल कथन I और III सही हैं। निर्गुण संत (जैसे कबीर, नानक) ईश्वर के निराकार रूप में विश्वास करते थे।
- Context & Elaboration: निर्गुण धारा ने मूर्तिपूजा और मंदिर-मस्जिद के भेदभाव को नकारा, इसलिए कथन II गलत है। उन्होंने समाज के निम्न वर्गों को आध्यात्मिक समानता का संदेश दिया।
- Incorrect Options: विकल्प (a), (b) और (d) गलत हैं क्योंकि वे मूर्तिपूजा (Saguna tradition) को निर्गुण संतों से जोड़ते हैं।
Question 7: (Unit 7 + Unit 8 मिश्रण)
ब्रिटिश काल के दौरान ‘वि-औद्योगीकरण’ (De-industrialization) की प्रक्रिया के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कारण सबसे महत्वपूर्ण था?
- भारतीय कारीगरों की आधुनिक मशीनों के प्रति अरुचि।
- ब्रिटेन द्वारा लगाए गए एकतरफा व्यापार शुल्क (Discriminatory Tariff Policy)।
- भारतीयों द्वारा विदेशी वस्तुओं का पूर्ण बहिष्कार।
- औद्योगिक क्रांति के कारण इंग्लैंड में कच्चे माल की कमी।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: भेदभावपूर्ण शुल्क नीति ने भारतीय कपड़ों पर भारी कर लगाया जबकि ब्रिटिश मशीन-निर्मित कपड़े भारत में बिना किसी शुल्क के आए।
- Context & Elaboration: इसने भारतीय हस्तशिल्प (विशेषकर ढाका के मलमल) को नष्ट कर दिया और भारतीय अर्थव्यवस्था को कृषि-निर्भर बना दिया।
- Incorrect Options: (a) गलत है क्योंकि कारीगर सक्षम थे पर बाजार छीन लिया गया। (c) बहिष्कार बाद के दौर (स्वदेशी आंदोलन) की बात है। (d) इंग्लैंड को माल की नहीं, बाजार की जरूरत थी।
Question 8: (Unit 9 + Unit 10 मिश्रण)
‘सबऑल्टर्न स्टडीज’ (Subaltern Studies) समूह के इतिहासकारों ने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के इतिहास लेखन में किस दृष्टिकोण को चुनौती दी है?
- केवल मार्क्सवादी दृष्टिकोण को।
- केवल औपनिवेशिक दृष्टिकोण को।
- एलिटिस्ट (अभिजात वर्ग) दृष्टिकोण को, जिसमें केवल शीर्ष नेताओं की भूमिका को मान्यता दी गई।
- केवल राष्ट्रवादी दृष्टिकोण को।
Answer: (c)
Detailed Explanation:
- Correctness: सबऑल्टर्न स्टडीज (जैसे रणजीत गुहा) ने तर्क दिया कि इतिहास केवल गांधी या नेहरू जैसे नेताओं द्वारा नहीं, बल्कि किसानों, मजदूरों और आदिवासियों द्वारा भी बनाया गया।
- Context & Elaboration: उन्होंने ‘इतिहास के नीचे’ (Below) दबे हुए लोगों की एजेंसी (Agency) को पुनः स्थापित करने का प्रयास किया।
- Incorrect Options: हालांकि उन्होंने अन्य विचारधाराओं की आलोचना की, लेकिन उनका मुख्य प्रहार ‘एलिटिस्ट’ इतिहास लेखन पर था।
Question 9: (Unit 2 + Unit 3 मिश्रण)
कुषाण काल के दौरान भारत और रोम के बीच व्यापार के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा बंदरगाह सबसे महत्वपूर्ण था?
- मुज़िरिस (Muziris)
- लोथल (Lothal)
- तमिलपट्टनम (Tamralipti)
- सोपारा (Sopara)
Answer: (a)
Detailed Explanation:
- Correctness: मुज़िरिस (केरल तट) रोमन व्यापार का मुख्य केंद्र था, जहाँ से काली मिर्च का निर्यात किया जाता था।
- Context & Elaboration: ‘पेरिप्लस ऑफ द एरिथ्रियन सी’ जैसे स्रोतों से कुषाण और रोमन व्यापारिक संबंधों की पुष्टि होती है।
- Incorrect Options: लोथल हड़प्पा काल का था। ताम्रलिप्ति पूर्वी तट (बंगाल) पर था। सोपारा महत्वपूर्ण था पर मुज़िरिस रोमन व्यापार के लिए प्राथमिक था।
Question 10: (Unit 4 + Unit 5 मिश्रण)
दिल्ली सल्तनत की ‘इकता प्रणाली’ और मुगलकालीन ‘जागीरदारी प्रणाली’ के बीच मुख्य अंतर क्या था?
- इकता वंशानुगत था, जबकि जागीर कभी नहीं थी।
- इकता का उद्देश्य मुख्य रूप से सैन्य प्रशासन था, जबकि जागीर केवल कृषि विकास के लिए थी।
- इकता प्रणाली में इक्तादार का स्थानांतरण कम होता था, जबकि जागीरदारी में स्थानांतरण (Transfer) बहुत अधिक और नियमित था।
- दोनों प्रणालियाँ बिल्कुल समान थीं।
Answer: (c)
Detailed Explanation:
- Correctness: मुगल जागीरदारी प्रणाली में जागीरों का बार-बार स्थानांतरण किया जाता था ताकि कोई भी जागीरदार स्थानीय स्तर पर शक्तिशाली न हो जाए।
- Context & Elaboration: इक्ता प्रणाली (इल्तुतमिश द्वारा शुरू) में भी स्थानांतरण होता था, लेकिन मुगल काल में यह एक कठोर प्रशासनिक उपकरण बन गया था।
- Incorrect Options: (a) गलत है क्योंकि मूलतः दोनों ही वंशानुगत नहीं थे (यद्यपि बाद में इक्ता वंशानुगत होने लगे)। (b) दोनों ही राजस्व और सैन्य उद्देश्यों के लिए थे।
Question 11: (Unit 7 + Unit 8 मिश्रण)
अभिकथन (A): ब्रिटिश शासन के दौरान 19वीं सदी में भारत में ‘सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों’ का उदय हुआ।
कारण (R): पश्चिमी शिक्षा और उदारवादी विचारों के प्रसार ने भारतीयों को अपनी सामाजिक बुराइयों और रूढ़िवादिता का विश्लेषण करने के लिए प्रेरित किया।
सही विकल्प चुनें:
- (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
- (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
- (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
- (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
Answer: (a)
Detailed Explanation:
- Correctness: अंग्रेजी शिक्षा ने तर्कवाद (Rationalism) को जन्म दिया, जिससे राजा राममोहन राय जैसे विचारकों ने सती प्रथा और जातिवाद के खिलाफ आवाज उठाई।
- Context & Elaboration: यह पुनर्जागरण (Renaissance) का भारतीय संस्करण था, जिसने आधुनिक भारत की नींव रखी।
- Incorrect Options: अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि कारण और कथन के बीच सीधा संबंध है।
Question 12: (Unit 1 + Unit 10 मिश्रण)
ऋग्वैदिक काल के अध्ययन के लिए ‘तुलनात्मक भाषाविज्ञान’ (Comparative Philology) पद्धति का उपयोग करते हुए, ऋग्वेद को किस भाषा परिवार का हिस्सा माना गया है?
- सेमिटिक (Semitic)
- इंडो-यूरोपियन (Indo-European)
- द्रविड़ (Dravidian)
- चीनी-तिब्बती (Sino-Tibetan)
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: संस्कृत, लैटिन और ग्रीक भाषाओं के बीच समानताएं मिलने के कारण इसे इंडो-यूरोपियन परिवार में रखा गया।
- Context & Elaboration: यह खोज 18वीं शताब्दी के अंत में विलियम जोन्स द्वारा की गई थी, जिसने आर्य प्रवास के सिद्धांतों को जन्म दिया।
- Incorrect Options: (a) अरबी/हिब्रू के लिए है। (c) दक्षिण भारतीय भाषाओं के लिए। (d) पूर्वी एशिया के लिए।
Question 13: (Unit 5 + Unit 6 मिश्रण)
मुगलकालीन साहित्य और कला के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों का मिलान करें:
सूची-I: (A) अबुल फजल, (B) गुलबदन बेगम, (C) बदायुनी, (D) अमीर खुसरो
सूची-II: (1) मुंतखाब-उत-तवारीख, (2) हुमायूँनामा, (3) अकबरनामा, (4) तुर्क-ए-हिंद
- A-3, B-2, C-1, D-4
- A-2, B-3, C-4, D-1
- A-3, B-1, C-2, D-4
- A-1, B-2, C-3, D-4
Answer: (a)
Detailed Explanation:
- Correctness: अबुल फजल ने अकबरनामा लिखा, गुलबदन बेगम ने हुमायूँनामा, बदायुनी ने मुंतखाब-उत-तवारीख (अकबर की आलोचना) और अमीर खुसरो सल्तनत काल के प्रसिद्ध कवि थे।
- Context & Elaboration: बदायुनी का कार्य अकबर की धार्मिक नीति (दीन-इ-इलाही) के प्रति असंतोष को दर्शाता है, जो इतिहास लेखन में विभिन्न दृष्टिकोणों का उदाहरण है।
- Incorrect Options: अन्य विकल्पों में पुस्तकों और लेखकों का गलत मिलान है।
Question 14: (Unit 9 मिश्रण)
महात्मा गांधी द्वारा संचालित आंदोलनों का सही कालानुक्रमिक क्रम (Chronological Order) क्या है?
- चंपारण सत्याग्रह $\rightarrow$ खेड़ा सत्याग्रह $\rightarrow$ अहमदाबाद मिल हड़ताल $\rightarrow$ असहयोग आंदोलन
- खेड़ा सत्याग्रह $\rightarrow$ चंपारण सत्याग्रह $\rightarrow$ असहयोग आंदोलन $\rightarrow$ अहमदाबाद मिल हड़ताल
- असहयोग आंदोलन $\rightarrow$ चंपारण सत्याग्रह $\rightarrow$ खेड़ा सत्याग्रह $\rightarrow$ सविनय अवज्ञा आंदोलन
- चंपारण सत्याग्रह $\rightarrow$ असहयोग आंदोलन $\rightarrow$ खेड़ा सत्याग्रह $\rightarrow$ भारत छोड़ो आंदोलन
Answer: (a)
Detailed Explanation:
- Correctness: क्रम है: चंपारण (1917), खेड़ा (1918), अहमदाबाद मिल (1918), और असहयोग आंदोलन (1920-22)।
- Context & Elaboration: गांधीजी ने भारत में अपने बड़े आंदोलनों से पहले इन तीन छोटे क्षेत्रीय प्रयोगों के माध्यम से ‘सत्याग्रह’ की प्रभावशीलता को परखा था।
- Incorrect Options: अन्य विकल्प समयरेखा (Timeline) को गलत तरीके से प्रस्तुत करते हैं।
Question 15: (Unit 3 + Unit 6 मिश्रण)
दक्षिण भारत के ‘पल्लव’ और ‘चालुक्य’ राजवंशों के बीच संघर्ष का मुख्य कारण क्या था?
- धार्मिक मतभेद (शैव बनाम वैष्णव)
- कृष्णा-तुंगभद्रा दोआब पर नियंत्रण
- रोमन व्यापारिक मार्गों पर एकाधिकार
- बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: पल्लवों और चालुक्यों के बीच दीर्घकालिक संघर्ष का मुख्य कारण कृष्णा और तुंगभद्रा नदियों के बीच की उपजाऊ भूमि (दोआब) पर नियंत्रण था।
- Context & Elaboration: पुलकेशिन द्वितीय ने हर्षवर्धन के साथ-साथ पल्लवों को भी चुनौती दी थी, जबकि पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम ने बाद में बादामी पर आक्रमण किया था।
- Incorrect Options: (a) दोनों ही मुख्य रूप से हिंदू थे। (c) व्यापारिक मुद्दे गौण थे। (d) बौद्ध धर्म इस संघर्ष का केंद्र नहीं था।
Question 16: (Unit 8 + Unit 10 मिश्रण)
ब्रिटिश कालीन ‘स्थायी बंदोबस्त’ (Permanent Settlement) के प्रभावों का विश्लेषण करते हुए, ‘मार्क्सवादी इतिहासकारों’ ने किस बिंदु पर सबसे अधिक जोर दिया है?
- इससे कृषि उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई।
- इसने एक नए ‘अनुपस्थित जमींदार’ (Absentee Landlord) वर्ग का निर्माण किया, जिसने किसानों का शोषण किया।
- इसने ग्रामीण भारत में सामाजिक समानता को बढ़ावा दिया।
- जमींदारों ने अपनी सारी आय भूमि के सुधार में लगा दी।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: मार्क्सवादी विश्लेषण के अनुसार, स्थायी बंदोबस्त ने पूंजीवादी भू-स्वामित्व को जन्म दिया, जहाँ जमींदार केवल कर वसूलने वाले एजेंट बन गए और किसान केवल बटाईदार।
- Context & Elaboration: लॉर्ड कॉर्नवालिस द्वारा 1793 में लागू इस प्रणाली ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया और गरीबी को गहरा किया।
- Incorrect Options: (a), (c) और (d) ऐतिहासिक वास्तविकता के विपरीत हैं क्योंकि उत्पादन घटा और शोषण बढ़ा।
Question 17: (Unit 2 + Unit 3 मिश्रण)
‘सामंतवाद’ (Feudalism) की अवधारणा के संदर्भ में, आर.एस. शर्मा (R.S. Sharma) ने गुप्तोत्तर काल (Post-Gupta Period) के लिए क्या तर्क दिया है?
- गुप्त काल के बाद व्यापार में वृद्धि हुई और मुद्रा अर्थव्यवस्था मजबूत हुई।
- भूमि अनुदानों (Land Grants) ने एक विकेंद्रीकृत राजनीतिक संरचना और ग्रामीण आत्मनिर्भरता को जन्म दिया।
- सामंतवाद ने शहरीकरण को और अधिक बढ़ावा दिया।
- गुप्तोत्तर काल में कोई भी प्रशासनिक बदलाव नहीं आया।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: आर.एस. शर्मा के अनुसार, ब्राह्मणों और अधिकारियों को दिए गए भूमि अनुदानों ने स्थानीय स्तर पर शक्तिशाली जमींदारों को जन्म दिया, जिससे केंद्रीय सत्ता कमजोर हुई।
- Context & Elaboration: इसे ‘भारतीय सामंतवाद’ (Indian Feudalism) मॉडल कहा जाता है, जहाँ व्यापार की गिरावट ने अर्थव्यवस्था को ग्राम-केंद्रित बना दिया।
- Incorrect Options: (a) गलत है क्योंकि व्यापार में गिरावट आई थी। (c) शहरीकरण का पतन (De-urbanization) हुआ था।
Question 18: (Unit 10 + Unit 5 मिश्रण)
इतिहास लेखन की ‘एनाल्स स्कूल’ (Annales School) पद्धति का उपयोग यदि मुगल भारत के अध्ययन में किया जाए, तो इतिहासकार किस पर सबसे अधिक ध्यान देगा?
- केवल सम्राटों की युद्ध विजयों और संधियों पर।
- दरबारी राजनीति और षड्यंत्रों पर।
- दीर्घकालिक सामाजिक संरचनाओं, जलवायु, भूगोल और आम लोगों के दैनिक जीवन (Mentalité) पर।
- केवल आधिकारिक शाही फरमानों (Farmans) पर।
Answer: (c)
Detailed Explanation:
- Correctness: एनाल्स स्कूल ‘Total History’ में विश्वास करता है, जो केवल राजनीतिक घटनाओं (Event-based history) के बजाय दीर्घकालिक संरचनाओं (Longue Durée) पर ध्यान देता है।
- Context & Elaboration: यदि इसे मुगल काल पर लागू करें, तो शोधकर्ता यह देखेगा कि मानसून ने कृषि और राजस्व को कैसे प्रभावित किया, न कि केवल यह कि कौन सा युद्ध कब जीता गया।
- Incorrect Options: (a), (b) और (d) पारंपरिक ‘इवेंट-आधारित’ या ‘राजनीतिक’ इतिहास लेखन के उदाहरण हैं।
Question 19: (Unit 4 + Unit 8 मिश्रण)
अलाउद्दीन खिलजी की ‘बाजार नियंत्रण नीति’ (Market Control Policy) का प्राथमिक उद्देश्य क्या था?
- व्यापारियों को समृद्ध करना।
- अपनी विशाल सेना का कम वेतन पर रखरखाव करना।
- हिंदू व्यापारियों का पूर्ण उन्मूलन करना।
- कृषि उत्पादन को कम करना।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: अलाउद्दीन खिलजी को मंगोल आक्रमणों से निपटने के लिए एक बड़ी सेना की आवश्यकता थी। वस्तुओं की कीमतें कम रखकर वह सैनिकों को कम वेतन में भी संतुष्ट रख सकता था।
- Context & Elaboration: उसने ‘शहना-ए-मंडी’ नामक अधिकारी नियुक्त किया और कीमतों का निर्धारण (Price Fixation) किया।
- Incorrect Options: (a) गलत है क्योंकि व्यापारियों पर कड़ा नियंत्रण था। (c) और (d) का इस नीति से कोई सीधा संबंध नहीं था।
Question 20: (Unit 9 + Unit 10 मिश्रण)
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के इतिहास में ‘वामपंथी’ (Left-wing) इतिहासकारों का मुख्य योगदान क्या रहा है?
- उन्होंने केवल गांधीजी के अहिंसा सिद्धांत का समर्थन किया।
- उन्होंने आंदोलन में मजदूर वर्ग और किसान संघर्षों की भूमिका को रेखांकित किया।
- उन्होंने ब्रिटिश शासन को पूरी तरह से लाभकारी बताया।
- उन्होंने केवल धार्मिक सुधारों को ही स्वतंत्रता का आधार माना।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: वामपंथी इतिहासकार (जैसे बी.टी. आरानयन) ने यह दिखाया कि स्वतंत्रता केवल उच्च वर्ग की मांग नहीं थी, बल्कि इसमें नीचे से ऊपर की ओर एक व्यापक वर्ग संघर्ष था।
- Context & Elaboration: उन्होंने कांग्रेस के भीतर ‘लेफ्ट विंग’ और बाहरी किसान सभाओं के प्रभाव का विश्लेषण किया।
- Incorrect Options: (a) गलत है क्योंकि वे अक्सर गांधीजी की वर्ग-समझौता नीति की आलोचना करते हैं। (c) और (d) उनके विचारधारा के विपरीत हैं।
Question 21: (Unit 6 + Unit 4 मिश्रण)
सल्तनत काल के दौरान ‘सुफियों’ और ‘उलेमाओं’ के बीच मुख्य वैचारिक अंतर क्या था?
- उलेमा ईश्वर के निराकार रूप में विश्वास करते थे, जबकि सूफी मूर्तिपूजा में।
- उलेमा शरीयत (कानून) और बाहरी नियमों पर जोर देते थे, जबकि सूफी ‘इश्क’ (प्रेम) और आंतरिक अनुभव पर।
- सूफियों ने हमेशा उलेमाओं के साथ मिलकर राज्य का विरोध किया।
- दोनों के बीच कोई वैचारिक अंतर नहीं था।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: उलेमा कानूनी व्याख्याकार थे जो शरीयत के सख्त पालन की बात करते थे, जबकि सूफी रहस्यवादी थे जो ईश्वर के साथ व्यक्तिगत और भावनात्मक संबंध पर जोर देते थे।
- Context & Elaboration: यही कारण था कि सूफी संतों ने जाति और धर्म की सीमाओं को तोड़कर आम जनता के बीच अधिक लोकप्रियता हासिल की।
- Incorrect Options: (a) गलत है। (c) अक्सर उलेमा और सूफियों के बीच तनाव रहता था।
Question 22: (Unit 1 + Unit 10 मिश्रण)
पुरातात्विक खुदाई में ‘स्तरीकरण’ (Stratigraphy) का सिद्धांत इतिहास के पुनर्निर्माण में कैसे मदद करता है?
- यह केवल मिट्टी के रंग को पहचानने में मदद करता है।
- यह अवशेषों की सापेक्षिक आयु (Relative Age) निर्धारित करता है, जहाँ निचली परतें पुरानी और ऊपरी परतें नई होती हैं।
- यह यह बताता है कि खुदाई कहाँ करनी है।
- इसका उपयोग केवल धातुओं की पहचान के लिए किया जाता है।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: स्तरीकरण के अनुसार,沉积 (Deposition) की प्रक्रिया में सबसे पुरानी सामग्री सबसे नीचे दब जाती है।
- Context & Elaboration: यह पद्धति पुरापाषाण, मध्यपाषाण और नवपाषाण युगों के बीच अंतर करने के लिए अनिवार्य है।
- Incorrect Options: अन्य विकल्प स्तरीकरण के वैज्ञानिक महत्व को कम करके आंकते हैं।
Question 23: (Unit 7 + Unit 8 मिश्रण)
‘प्लासी के युद्ध’ (1757) के बाद अंग्रेजों द्वारा बंगाल में लागू की गई ‘द्वैध शासन’ (Dual Government) प्रणाली का सबसे विनाशकारी प्रभाव क्या था?
- बंगाल में कृषि उत्पादन का दोगुना होना।
- राजस्व वसूली का अधिकार अंग्रेजों के पास और प्रशासनिक जिम्मेदारी नवाब के पास, जिससे जवाबदेही समाप्त हो गई।
- नवाब का अत्यधिक शक्तिशाली हो जाना।
- भारतीय वस्त्र उद्योग का अचानक पुनरुत्थान।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: रॉबर्ट क्लाइव द्वारा शुरू की गई इस प्रणाली ने ‘अधिकार बिना जिम्मेदारी’ और ‘जिम्मेदारी बिना अधिकार’ की स्थिति पैदा कर दी, जिससे बंगाल में भीषण अराजकता और 1770 का अकाल पड़ा।
- Context & Elaboration: इसने कंपनी को वित्तीय रूप से शक्तिशाली बनाया लेकिन जनता को कंगाल कर दिया।
- Incorrect Options: (a), (c) और (d) ऐतिहासिक रूप से गलत हैं।
Question 24: (Unit 9 + Unit 10 मिश्रण)
विभाजन (Partition) के इतिहास के अध्ययन में ‘मौखिक इतिहास’ (Oral History) का महत्व क्यों बढ़ गया है?
- क्योंकि आधिकारिक सरकारी दस्तावेज पूरी तरह से सही हैं।
- क्योंकि यह उन आम लोगों के अनुभवों और पीड़ा को दर्ज करता है जो आधिकारिक रिकॉर्ड में नहीं मिलते।
- क्योंकि मौखिक साक्ष्य हमेशा लिखित साक्ष्यों से अधिक सटीक होते हैं।
- क्योंकि सरकार ने सभी लिखित दस्तावेजों को नष्ट कर दिया था।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: विभाजन के दौरान हुई हिंसा, विस्थापन और मानवीय त्रासदियों का विवरण सरकारी फाइलों के बजाय जीवित बचे लोगों की यादों (Memories) में अधिक संचित है।
- Context & Elaboration: यह ‘इतिहास के मानवीकरण’ की प्रक्रिया है, जहाँ आंकड़ों के बजाय मानवीय संवेदनाओं को जगह दी जाती है।
- Incorrect Options: (c) गलत है क्योंकि यादें व्यक्तिपरक (Subjective) हो सकती हैं। (d) गलत है क्योंकि दस्तावेज मौजूद हैं, पर वे अपूर्ण हैं।
Question 25: (Unit 3 + Unit 2 मिश्रण)
‘राष्ट्रकूट’ राजवंश के शासकों ने किस क्षेत्र में अपनी कला और संस्कृति का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया?
- कोणार्क का सूर्य मंदिर
- एलोरा का कैलाश मंदिर
- खजुराहो के मंदिर
- महाबलीपुरम के रथ मंदिर
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: एलोरा का विशाल कैलाश मंदिर (एक ही चट्टान को काटकर बनाया गया) राष्ट्रकूट राजा कृष्ण प्रथम के शासनकाल की महान उपलब्धि है।
- Context & Elaboration: यह मंदिर द्रविड़ और उत्तर भारतीय शैलियों के समन्वय का अद्भुत उदाहरण है।
- Incorrect Options: कोणार्क (गंग वंश), खजुराहो (चंदेल वंश), और महाबलीपुरम (पल्लव वंश) द्वारा निर्मित किए गए थे।
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