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समाजशास्त्र मास्टरक्लास: अपनी वैचारिक स्पष्टता को चुनौती दें

समाजशास्त्र मास्टरक्लास: अपनी वैचारिक स्पष्टता को चुनौती दें

नमस्ते भावी समाजशास्त्रियों! आज के इस दैनिक अभ्यास सत्र में आपका स्वागत है। यह समय है अपनी तैयारी को धार देने और जटिल समाजशास्त्रीय सिद्धांतों को सरल बनाने का। आइए, इस बौद्धिक चुनौती के माध्यम से अपनी अवधारणात्मक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक कौशल का परीक्षण करें!

Sociology Practice Questions

निर्देश: निम्नलिखित 25 प्रश्नों का प्रयास करें और दिए गए विस्तृत स्पष्टीकरणों के साथ अपनी समझ का विश्लेषण करें।

Question 1: एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘सामाजिक तथ्य’ (Social Facts) की मुख्य विशेषता क्या है?

  1. वे पूरी तरह से व्यक्तिगत इच्छाओं पर आधारित होते हैं।
  2. वे व्यक्ति के बाहर होते हैं और उस पर एक प्रकार का दबाव या बाध्यता (Constraint) डालते हैं।
  3. वे केवल मनोवैज्ञानिक प्रक्रियाओं का परिणाम होते हैं।
  4. वे केवल लिखित कानूनों के रूप में मौजूद होते हैं।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: दुर्खीम ने तर्क दिया कि सामाजिक तथ्य समाज के वे तरीके हैं जो व्यक्ति के बाहर होते हैं और उन पर दबाव डालते हैं, जैसे रीति-रिवाज, कानून और नैतिक नियम।
  • Context & Elaboration: यह विचार उनकी प्रसिद्ध पुस्तक ‘The Rules of Sociological Method’ में विस्तृत है। उन्होंने समाजशास्त्र को एक स्वतंत्र विज्ञान बनाने के लिए ‘सामाजिक तथ्यों’ का अध्ययन अनिवार्य बताया।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) और (c) गलत हैं क्योंकि सामाजिक तथ्य व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामूहिक होते हैं। विकल्प (d) गलत है क्योंकि सामाजिक तथ्य अलिखित परंपराओं के रूप में भी हो सकते हैं।

Question 2: एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा का मुख्य आधार क्या है?

  1. केवल अनुष्ठानिक शुद्धता (Ritual Purity)
  2. केवल उच्च शिक्षा का स्तर
  3. भूमि का स्वामित्व, संख्यात्मक शक्ति और राजनीतिक प्रभाव का संयोजन
  4. केवल धार्मिक नेतृत्व

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: ‘प्रभावी जाति’ वह होती है जिसके पास आर्थिक रूप से भूमि का बड़ा हिस्सा हो, जिसकी जनसंख्या अधिक हो और जिसका राजनीतिक प्रभाव क्षेत्र में मजबूत हो।
  • Context & Elaboration: श्रीनिवास ने यह अवधारणा भारतीय ग्रामीण समाज के विश्लेषण के लिए दी थी। उन्होंने बताया कि जाति केवल पदानुक्रम (Hierarchy) नहीं है, बल्कि शक्ति का एक माध्यम भी है।
  • Incorrect Options: केवल अनुष्ठानिक शुद्धता (a) ब्राह्मणों के लिए हो सकती है, लेकिन प्रभावी जाति आर्थिक और राजनीतिक शक्ति पर आधारित होती है। (b) और (d) पर्याप्त आधार नहीं हैं।

Question 3: कार्ल मार्क्स के ‘अलगाव’ (Alienation) के सिद्धांत के अनुसार, पूंजीवादी व्यवस्था में श्रमिक किससे अलग हो जाता है?

  1. केवल अपने परिवार से
  2. उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, सहकर्मियों और स्वयं से
  3. केवल सरकार से
  4. केवल अपने धर्म से

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवाद में श्रमिक अपने द्वारा बनाए गए उत्पाद, काम करने के तरीके, अन्य मनुष्यों और अंततः अपनी मानवीय प्रकृति (Species-being) से अलग हो जाता है।
  • Context & Elaboration: यह अवधारणा उनके आर्थिक और दार्शनिक लेखन (Economic and Philosophic Manuscripts of 1844) में पाई जाती है, जहाँ वे श्रम के वस्तुकरण की आलोचना करते हैं।
  • Incorrect Options: विकल्प (a), (c), और (d) अलगाव के व्यापक सामाजिक और मनोवैज्ञानिक आयामों को नहीं दर्शाते, जो मार्क्स के सिद्धांत का केंद्र हैं।

Question 4: मैक्स वेबर द्वारा प्रयुक्त शब्द ‘वेरस्टहेन’ (Verstehen) का क्या अर्थ है?

  1. सांख्यिकीय डेटा का विश्लेषण करना
  2. सामाजिक घटनाओं का केवल बाहरी अवलोकन करना
  3. कर्ता के दृष्टिकोण से क्रिया के अर्थ को सहानुभूतिपूर्वक समझना
  4. सामाजिक नियमों को सख्ती से लागू करना

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: ‘Verstehen’ एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ है ‘समझना’। वेबर का मानना था कि समाजशास्त्रियों को यह समझना चाहिए कि व्यक्ति अपनी क्रियाओं को क्या अर्थ देते हैं।
  • Context & Elaboration: यह ‘व्याख्यात्मक समाजशास्त्र’ (Interpretive Sociology) का आधार है, जो मात्रात्मक आंकड़ों के बजाय गुणात्मक समझ पर जोर देता है।
  • Incorrect Options: (a) और (b) प्रत्यक्षवाद (Positivism) की विशेषताएं हैं, जबकि वेबर इसके विपरीत व्याख्यात्मक दृष्टिकोण के पक्षधर थे।

Question 5: रॉबर्ट मर्टन के अनुसार, ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) क्या होता है?

  1. वह परिणाम जो अनपेक्षित और अज्ञात होता है।
  2. वह परिणाम जो जानबूझकर किया गया और मान्यता प्राप्त होता है।
  3. वह कार्य जो समाज के लिए हानिकारक होता है।
  4. वह कार्य जो केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए होता है।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: प्रकट कार्य वे परिणाम होते हैं जिन्हें लोग स्पष्ट रूप से पहचानते हैं और जिनके लिए कोई संस्था या क्रिया बनाई जाती है।
  • Context & Elaboration: मर्टन ने ‘प्रकट’ और ‘अंतर्निहित’ (Latent) कार्यों के बीच अंतर किया। उदाहरण के लिए, शिक्षा का प्रकट कार्य ज्ञान देना है, लेकिन अंतर्निहित कार्य सामाजिक नेटवर्क बनाना हो सकता है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) की परिभाषा है। विकल्प (c) ‘दुष्क्रिया’ (Dysfunction) से संबंधित है।

Question 6: ‘होमो हाइरार्किकस’ (Homo Hierarchicus) पुस्तक के लेखक कौन हैं, जिसमें भारतीय जाति व्यवस्था को पदानुक्रमित माना गया है?

  1. एम.एन. श्रीनिवास
  2. लुई ड्यूमों
  3. जी.एस. घुर्ये
  4. बी.आर. अम्बेडकर

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: लुई ड्यूमों ने इस पुस्तक में तर्क दिया कि भारतीय समाज ‘शुद्धता और अशुद्धता’ (Purity and Pollution) के सिद्धांतों पर आधारित एक पदानुक्रम है।
  • Context & Elaboration: ड्यूमों का दृष्टिकोण संरचनात्मक था, जहाँ उन्होंने जाति को केवल शक्ति के रूप में नहीं, बल्कि एक वैचारिक मूल्य प्रणाली के रूप में देखा।
  • Incorrect Options: श्रीनिवास (a) ने ‘संस्कृतिकरण’ पर जोर दिया। घुर्ये (c) ने जाति के लक्षणों का वर्णन किया। अम्बेडकर (d) ने जाति के दमनकारी स्वरूप पर ध्यान केंद्रित किया।

Question 7: समाजशास्त्र में ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति का क्या अर्थ है?

  1. सामाजिक एकजुटता में अत्यधिक वृद्धि
  2. नियमों का अभाव या मानदंडों का टूटना जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है।
  3. जाति व्यवस्था में कठोरता
  4. शहरीकरण की तीव्र प्रक्रिया

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: एनोमी वह स्थिति है जब समाज के पुराने मानदंड समाप्त हो जाते हैं और नए अभी विकसित नहीं हुए होते, जिससे समाज में अराजकता और व्यक्ति में हताशा पैदा होती है।
  • Context & Elaboration: इस शब्द का प्रयोग सबसे पहले दुर्खीम ने ‘Suicide’ और बाद में रॉबर्ट मर्टन ने अपनी ‘Strain Theory’ में किया था।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) सामाजिक स्थिरता को दर्शाता है। (c) और (d) विशिष्ट सामाजिक प्रक्रियाएं हैं, लेकिन वे सीधे तौर पर ‘एनोमी’ को परिभाषित नहीं करतीं।

Question 8: टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ का क्या अर्थ है?

  1. Legitimacy (वैधता)
  2. Latency (सुप्त अवस्था/पैटर्न रखरखाव)
  3. Linearity (रैखिकता)
  4. Liberalism (उदारवाद)

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: AGIL मॉडल में ‘L’ का अर्थ Latency (Latency/Pattern Maintenance) है, जिसका कार्य सामाजिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना है (जैसे परिवार और शिक्षा)।
  • Context & Elaboration: पार्सन्स का यह मॉडल एक कार्यात्मक आवश्यकता सिद्धांत है। A = Adaptation, G = Goal Attainment, I = Integration, L = Latency।
  • Incorrect Options: अन्य विकल्प समाजशास्त्रीय शब्दावली में पार्सन्स के इस विशिष्ट मॉडल का हिस्सा नहीं हैं।

Question 9: जॉर्ज हर्ब मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) के दो घटक कौन से हैं?

  1. Id और Ego
  2. I और Me
  3. Self और Other
  4. Role और Status

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: मीड के अनुसार, ‘I’ व्यक्ति का रचनात्मक और सहज हिस्सा है, जबकि ‘Me’ समाज द्वारा थोपे गए मानदंडों और अपेक्षाओं का आंतरिक प्रतिबिंब है।
  • Context & Elaboration: यह प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) का मुख्य हिस्सा है। स्व का विकास सामाजिक अंतःक्रिया के माध्यम से होता है।
  • Incorrect Options: Id और Ego (a) फ्रायड के मनोवैज्ञानिक सिद्धांत हैं। Role और Status (d) समाजशास्त्रीय अवधारणाएं हैं लेकिन ‘स्व’ के घटक नहीं हैं।

Question 10: ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया के बारे में क्या सत्य है?

  1. यह केवल उच्च जातियों द्वारा किया जाता है।
  2. यह जाति पदानुक्रम में संरचनात्मक परिवर्तन लाता है।
  3. यह एक निचली जाति द्वारा उच्च जाति के रीति-रिवाजों को अपनाने की प्रक्रिया है।
  4. यह पश्चिमी संस्कृति को अपनाने की प्रक्रिया है।

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें निम्न जातियाँ अपनी स्थिति सुधारने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर द्विज) के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाती हैं।
  • Context & Elaboration: एम.एन. श्रीनिवास ने बताया कि यह ‘पद’ (Position) में बदलाव लाता है, न कि पूरी जाति की संरचना (Structure) में।
  • Incorrect Options: (a) यह निम्न जातियों द्वारा किया जाता है। (b) यह संरचनात्मक नहीं बल्कि स्थितिजन्य गतिशीलता है। (d) यह ‘पश्चिमीकरण’ की परिभाषा है।

Question 11: ‘एथ्नोग्राफी’ (Ethnography) शोध की किस पद्धति के अंतर्गत आती है?

  1. मात्रात्मक शोध (Quantitative Research)
  2. गुणात्मक शोध (Qualitative Research)
  3. प्रायोगिक शोध (Experimental Research)
  4. सांख्यिकीय विश्लेषण (Statistical Analysis)

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: एथ्नोग्राफी एक गुणात्मक पद्धति है जिसमें शोधकर्ता किसी समूह के साथ रहकर उनके जीवन, संस्कृति और व्यवहार का गहन अध्ययन करता है।
  • Context & Elaboration: इसमें ‘प्रतिभागी अवलोकन’ (Participant Observation) एक महत्वपूर्ण उपकरण होता है।
  • Incorrect Options: (a), (c), और (d) डेटा, संख्याओं और नियंत्रित प्रयोगों पर आधारित होते हैं, जबकि एथ्नोग्राफी विवरण और अर्थ पर आधारित होती है।

Question 12: एर्विंग गॉफमैन के ‘नाट्यकला’ (Dramaturgy) सिद्धांत का मुख्य विचार क्या है?

  1. समाज एक बड़े युद्ध क्षेत्र की तरह है।
  2. सामाजिक अंतःक्रिया एक थिएटर के नाटक की तरह है जहाँ लोग ‘भूमिकाएँ’ निभाते हैं।
  3. मनुष्य केवल अपनी जैविक प्रवृत्तियों से संचालित होता है।
  4. समाज केवल आर्थिक वर्गों में विभाजित है।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: गॉफमैन ने तर्क दिया कि लोग समाज में अपनी एक विशेष छवि (Impression Management) बनाने की कोशिश करते हैं, जैसे मंच पर एक अभिनेता करता है।
  • Context & Elaboration: उन्होंने ‘फ्रंट स्टेज’ (Front Stage – जहाँ हम दुनिया को दिखाते हैं) और ‘बैक स्टेज’ (Back Stage – जहाँ हम वास्तव में कौन हैं) का विचार दिया।
  • Incorrect Options: (a) संघर्ष सिद्धांत जैसा है, (c) जैविक नियतत्ववाद है, और (d) मार्क्सवादी दृष्टिकोण है।

Question 13: निम्नलिखित में से कौन सा एक ‘प्राथमिक समूह’ (Primary Group) का उदाहरण है?

  1. एक राजनीतिक पार्टी
  2. एक बड़ी कंपनी के कर्मचारी
  3. परिवार
  4. एक पेशेवर संघ (Professional Association)

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: परिवार एक प्राथमिक समूह है क्योंकि इसमें सदस्यों के बीच घनिष्ठ, आमने-सामने के संबंध और भावनात्मक जुड़ाव होता है।
  • Context & Elaboration: यह अवधारणा सी.एच. कूले (C.H. Cooley) द्वारा दी गई थी। प्राथमिक समूह व्यक्ति के समाजीकरण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • Incorrect Options: (a), (b), और (d) ‘द्वितीयक समूह’ (Secondary Groups) हैं, जो औपचारिक, उद्देश्य-परक और अल्पकालिक संबंधों पर आधारित होते हैं।

Question 14: ‘सामाजिक स्तरीकरण’ (Social Stratification) का अर्थ क्या है?

  1. समाज का भौगोलिक आधार पर विभाजन
  2. समाज का विभिन्न स्तरों या श्रेणियों में श्रेणीबद्ध विभाजन
  3. सभी मनुष्यों की समान स्थिति
  4. केवल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का अंतर

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: सामाजिक स्तरीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा समाज को शक्ति, संपत्ति, प्रतिष्ठा या अन्य मानदंडों के आधार पर ऊंच-नीच के स्तरों में बांटा जाता है।
  • Context & Elaboration: इसके विभिन्न रूप हो सकते हैं जैसे जाति, वर्ग, और संपदा।
  • Incorrect Options: (a) और (d) भौगोलिक विभाजन हैं। (c) समानता की बात करता है, जो स्तरीकरण के विपरीत है।

Question 15: ‘धर्म’ के अध्ययन में ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र/लौकिक’ (Profane) के बीच अंतर किसने किया?

  1. मैक्स वेबर
  2. एमिल दुर्खीम
  3. कार्ल मार्क्स
  4. हर्बर्ट स्पेंसर

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में बताया कि धर्म का आधार पवित्र और लौकिक वस्तुओं के बीच का विभाजन है।
  • Context & Elaboration: उनके अनुसार, ‘पवित्र’ वह है जिसे समाज विशेष सम्मान और सुरक्षा प्रदान करता है, जबकि ‘लौकिक’ सामान्य दैनिक जीवन की वस्तुएं हैं।
  • Incorrect Options: वेबर (a) ने धर्म के आर्थिक प्रभाव (प्रोटेस्टेंट नैतिकता) पर जोर दिया। मार्क्स (c) ने धर्म को ‘अफीम’ कहा।

Question 16: ‘सांस्कृतिक पिछड़ापन’ (Cultural Lag) की अवधारणा किसने विकसित की?

  1. विलियम एफ. ओगबर्न
  2. ऑगस्ट कॉम्टे
  3. टैलकोट पार्सन्स
  4. रॉबर्ट मर्टन

Answer: (a)

Detailed Explanation:

  • Correctness: ओगबर्न के अनुसार, जब भौतिक संस्कृति (तकनीक) तेजी से बदलती है लेकिन गैर-भौतिक संस्कृति (मूल्य, विश्वास) धीमी गति से बदलती है, तो उनके बीच एक अंतराल पैदा होता है जिसे ‘सांस्कृतिक पिछड़ापन’ कहते हैं।
  • Context & Elaboration: उदाहरण के लिए, स्मार्टफोन का आना (भौतिक) तेज था, लेकिन उसके उपयोग के सामाजिक शिष्टाचार (गैर-भौतिक) विकसित होने में समय लगा।
  • Incorrect Options: कॉम्टे (b) समाजशास्त्र के जनक हैं। पार्सन्स (c) और मर्टन (d) संरचनात्मक कार्यात्मकतावादी हैं।

Question 17: हिंदू जाति व्यवस्था में ‘पदानुक्रम’ (Hierarchy) का मुख्य निर्धारक क्या है?

  1. केवल धन
  2. केवल राजनीतिक शक्ति
  3. शुद्धता और अशुद्धता की धारणा
  4. केवल शिक्षा

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: भारतीय जाति व्यवस्था में ऊंच-नीच का निर्धारण इस आधार पर होता है कि कौन सा समूह कितना ‘शुद्ध’ है और कौन सा ‘अशुद्ध’ (पवित्रता का सिद्धांत)।
  • Context & Elaboration: लुई ड्यूमों ने इसे भारतीय समाज की केंद्रीय विशेषता बताया है।
  • Incorrect Options: हालांकि धन (a) और शक्ति (b) महत्वपूर्ण हैं, लेकिन वे ‘वर्ग’ के निर्धारक हैं, ‘जाति’ के धार्मिक पदानुक्रम के नहीं।

Question 18: ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) की अवधारणा किसने दी?

  1. पियरे बोर्दियो
  2. मैक्स वेबर
  3. कार्ल मार्क्स
  4. एरिक फ्रॉम

Answer: (a)

Detailed Explanation:

  • Correctness: बोर्दियो ने तर्क दिया कि शिक्षा, भाषा, और शिष्टाचार जैसे सांस्कृतिक ज्ञान एक प्रकार की ‘पूंजी’ हैं जो व्यक्ति को समाज में उच्च स्थान दिलाने में मदद करते हैं।
  • Context & Elaboration: यह अवधारणा बताती है कि कैसे उच्च वर्ग अपने बच्चों को वह सांस्कृतिक लाभ प्रदान करते हैं जो उन्हें स्कूल और करियर में मदद करता है।
  • Incorrect Options: मार्क्स (c) ने केवल आर्थिक पूंजी की बात की। वेबर (b) ने वर्ग, स्थिति और शक्ति की बात की।

Question 19: ‘संयुक्त परिवार’ (Joint Family) की मुख्य विशेषता क्या है?

  1. केवल माता-पिता और बच्चों का निवास
  2. सामान्य निवास, साझा रसोई और साझा संपत्ति
  3. परिवार के सदस्यों का अलग-अलग शहरों में रहना
  4. केवल कानूनी अनुबंध पर आधारित संबंध

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: संयुक्त परिवार में कई पीढ़ियों के सदस्य एक साथ रहते हैं, एक ही रसोई का भोजन करते हैं और उनकी संपत्ति सामूहिक होती है।
  • Context & Elaboration: भारतीय समाज में यह एक पारंपरिक संस्था रही है, जो सामाजिक सुरक्षा और श्रम विभाजन प्रदान करती है।
  • Incorrect Options: (a) एकल परिवार (Nuclear Family) की विशेषता है। (c) और (d) संयुक्त परिवार के लक्षणों के विपरीत हैं।

Question 20: ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) किस स्तर के समाजशास्त्र का अध्ययन करता है?

  1. मैक्रो-सोशियोलॉजी (व्यापक स्तर)
  2. माइक्रो-सोशियोलॉजी (सूक्ष्म स्तर)
  3. केवल वैश्विक स्तर
  4. केवल सरकारी नीति स्तर

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: यह सूक्ष्म समाजशास्त्र है क्योंकि यह व्यक्तियों के बीच होने वाली छोटी-छोटी अंतःक्रियाओं, संकेतों और प्रतीकों के अर्थों का अध्ययन करता है।
  • Context & Elaboration: मीड और ब्लूमर इसके प्रमुख विचारक हैं। वे मानते हैं कि समाज व्यक्तिगत अंतःक्रियाओं का परिणाम है।
  • Incorrect Options: मैक्रो-सोशियोलॉजी (a) बड़े ढांचे जैसे वर्ग, राज्य और धर्म का अध्ययन करती है (जैसे मार्क्सवाद या कार्यात्मकतावाद)।

Question 21: ‘शहरीकरण’ (Urbanization) के कारण ग्रामीण समाज में क्या परिवर्तन आता है?

  1. सामाजिक संबंधों में अधिक घनिष्ठता आती है।
  2. जातिगत बंधन कमजोर होते हैं और व्यक्तिवाद बढ़ता है।
  3. कृषि का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
  4. परंपराओं का पूरी तरह से अंत हो जाता है।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: शहरीकरण के कारण लोग विभिन्न जातियों और धर्मों के संपर्क में आते हैं, जिससे जातिगत कठोरता कम होती है और व्यक्ति अपनी पहचान स्वयं बनाने लगता है।
  • Context & Elaboration: इसे ‘सामाजिक गतिशीलता’ (Social Mobility) में वृद्धि के रूप में देखा जाता है।
  • Incorrect Options: (a) शहरी समाज में संबंध औपचारिक और कम घनिष्ठ होते हैं। (c) शहरीकरण से कृषि पर निर्भरता घटती है। (d) परंपराएं पूरी तरह समाप्त नहीं होतीं, बल्कि बदल जाती हैं।

Question 22: ‘सामाजिक परिवर्तन’ (Social Change) का सबसे सटीक अर्थ क्या है?

  1. किसी एक व्यक्ति के व्यवहार में बदलाव
  2. सामाजिक संरचना और सामाजिक संबंधों में बदलाव
  3. केवल फैशन में बदलाव
  4. केवल जनसंख्या की वृद्धि

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: सामाजिक परिवर्तन तब होता है जब समाज के ढांचे (जैसे परिवार, विवाह) या सामाजिक संबंधों (जैसे जाति, वर्ग) में महत्वपूर्ण बदलाव आता है।
  • Context & Elaboration: यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जो तकनीक, विचार या बाहरी प्रभावों के कारण हो सकती है।
  • Incorrect Options: (a) व्यक्तिगत परिवर्तन है, सामाजिक नहीं। (c) और (d) बहुत सीमित परिवर्तन हैं जो पूरे सामाजिक ढांचे को नहीं बदलते।

Question 23: ‘शक्ति’ (Power) और ‘सत्ता’ (Authority) के बीच मुख्य अंतर क्या है?

  1. शक्ति वैध होती है, सत्ता नहीं।
  2. सत्ता वैध शक्ति (Legitimated Power) है, जबकि शक्ति केवल दूसरों को प्रभावित करने की क्षमता है।
  3. शक्ति और सत्ता एक ही चीज हैं।
  4. सत्ता केवल बल प्रयोग पर आधारित होती है।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: शक्ति वह क्षमता है जिससे कोई व्यक्ति दूसरों से अपनी बात मनवा सके (चाहे वह बल से हो)। जब इस शक्ति को समाज द्वारा स्वीकार और वैध मान लिया जाता है, तो वह ‘सत्ता’ बन जाती है।
  • Context & Elaboration: मैक्स वेबर ने सत्ता के तीन प्रकार बताए: पारंपरिक, करिश्माई और कानूनी-तार्किक।
  • Incorrect Options: (a) गलत है क्योंकि सत्ता वैध होती है। (d) बल प्रयोग शक्ति का लक्षण है, सत्ता का नहीं।

Question 24: ‘स्त्री-पुरुष असमानता’ (Gender Inequality) को समझने के लिए समाजशास्त्र में किस दृष्टिकोण का प्रयोग किया जाता है?

  1. नारीवादी दृष्टिकोण (Feminist Perspective)
  2. जैविक नियतत्ववाद (Biological Determinism)
  3. केवल आर्थिक दृष्टिकोण
  4. केवल धार्मिक दृष्टिकोण

Answer: (a)

Detailed Explanation:

  • Correctness: नारीवादी दृष्टिकोण समाज में पितृसत्ता (Patriarchy) और लिंग आधारित भेदभाव का विश्लेषण करता है और समानता की वकालत करता है।
  • Context & Elaboration: यह दृष्टिकोण बताता है कि ‘जेंडर’ एक सामाजिक निर्माण (Social Construct) है, न कि केवल जैविक अंतर।
  • Incorrect Options: जैविक नियतत्ववाद (b) यह दावा करता है कि अंतर प्राकृतिक हैं, जिसे समाजशास्त्र नकारता है। (c) और (d) असमानता के केवल एक पहलू को देखते हैं।

Question 25: निम्नलिखित में से कौन सा विचारक ‘संघर्ष सिद्धांत’ (Conflict Theory) से गहराई से जुड़ा है?

  1. टैलकोट पार्सन्स
  2. कार्ल मार्क्स
  3. एमिल दुर्खीम
  4. रॉबर्ट मर्टन

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: कार्ल मार्क्स संघर्ष सिद्धांत के जनक माने जाते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि समाज विभिन्न वर्गों (बुर्जुआ और सर्वहारा) के बीच संसाधनों के लिए संघर्ष का क्षेत्र है।
  • Context & Elaboration: उनके अनुसार, यही संघर्ष सामाजिक परिवर्तन का मुख्य इंजन है।
  • Incorrect Options: पार्सन्स (a), दुर्खीम (b) और मर्टन (d) ‘प्रकार्यवाद’ (Functionalism) से जुड़े हैं, जो समाज में संतुलन और स्थिरता पर जोर देते हैं।

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