भारतीय राजव्यवस्था और संविधान: अपनी तैयारी को दें नई उड़ान
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भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र की आत्मा है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए संवैधानिक अनुच्छेदों, संशोधनों और न्यायिक निर्णयों की गहरी वैचारिक स्पष्टता होना अनिवार्य है। यह दैनिक अभ्यास सेट विशेष रूप से आपकी तार्किक क्षमता और संवैधानिक ज्ञान का परीक्षण करने के लिए तैयार किया गया है। आइए, अपनी तैयारी का स्तर जांचें और अपनी कमियों को दूर करें!
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प्रश्न 1: भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष’ (Secular) शब्द किस संवैधानिक संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया था?
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- (A) 40वां संशोधन अधिनियम
- (B) 42वां संशोधन अधिनियम
- (C) 44वां संशोधन अधिनियम
- (D) 46वां संशोधन अधिनियम
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सही उत्तर: (B) 42वां संशोधन अधिनियम
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\nविस्तृत व्याख्या: 1976 के 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा प्रस्तावना में तीन नए शब्द जोड़े गए थे: ‘समाजवादी’ (Socialist), ‘धर्मनिरपेक्ष’ (Secular) और ‘अखंडता’ (Integrity)।\n
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- संदर्भ: इस संशोधन को ‘लघु संविधान’ (Mini Constitution) भी कहा जाता है। धर्मनिरपेक्षता का अर्थ है कि राज्य का अपना कोई आधिकारिक धर्म नहीं होगा और वह सभी धर्मों के प्रति तटस्थ रहेगा।
- अन्य विकल्प: 44वां संशोधन (1978) मुख्य रूप से आपातकाल के प्रावधानों को ठीक करने और संपत्ति के अधिकार को कानूनी अधिकार बनाने के लिए लाया गया था।
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प्रश्न 2: भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संरक्षण’ (Protection of Life and Personal Liberty) से संबंधित है?
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- (A) अनुच्छेद 19
- (B) अनुच्छेद 20
- (C) अनुच्छेद 21
- (D) अनुच्छेद 22
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सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 21
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 21 के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को उसके जीवन या व्यक्तिगत स्वतंत्रता से विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया (Procedure established by law) के बिना वंचित नहीं किया जाएगा।\n
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- महत्वपूर्ण निर्णय: के. एस. पुट्टास्वामी बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ‘निजता के अधिकार’ (Right to Privacy) को अनुच्छेद 21 के तहत एक मौलिक अधिकार घोषित किया।
- अन्य विकल्प: अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से संबंधित है, जबकि अनुच्छेद 20 अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण प्रदान करता है।
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प्रश्न 3: राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) के तहत ‘समान नागरिक संहिता’ (Uniform Civil Code) का उल्लेख किस अनुच्छेद में किया गया है?
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- (A) अनुच्छेद 40
- (B) अनुच्छेद 42
- (C) अनुच्छेद 44
- (D) अनुच्छेद 46
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सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 44
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 44 राज्य को निर्देश देता है कि वह भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक ‘समान नागरिक संहिता’ सुरक्षित करने का प्रयास करेगा।\n
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- संदर्भ: DPSP न्यायसंगत (Justiciable) नहीं हैं, यानी इन्हें न्यायालय द्वारा लागू नहीं करवाया जा सकता, लेकिन ये शासन के लिए मौलिक हैं।
- अन्य विकल्प: अनुच्छेद 40 ग्राम पंचायतों के संगठन से संबंधित है और अनुच्छेद 46 अनुसूचित जातियों/जनजातियों के शैक्षिक और आर्थिक हितों के प्रोत्साहन से संबंधित है।
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प्रश्न 4: मौलिक कर्तव्यों (Fundamental Duties) को भारतीय संविधान में किस समिति की सिफारिशों के आधार पर जोड़ा गया था?
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- (A) वर्मा समिति
- (B) स्वर्ण सिंह समिति
- (C) सरकारिया आयोग
- (D) बलवंत राय मेहता समिति
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सही उत्तर: (B) स्वर्ण सिंह समिति
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\nविस्तृत व्याख्या: 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा भाग IV-A और अनुच्छेद 51A जोड़ा गया, जिसमें मूल रूप से 10 मौलिक कर्तव्य थे। इन्हें स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर शामिल किया गया था।\n
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- विस्तार: बाद में 86वें संशोधन (2002) द्वारा 11वां मौलिक कर्तव्य (शिक्षा का अवसर प्रदान करना) जोड़ा गया।
- अन्य विकल्प: सरकारिया आयोग केंद्र-राज्य संबंधों पर था और बलवंत राय मेहता समिति पंचायती राज व्यवस्था पर थी।
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प्रश्न 5: राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति (Pardoning Power) का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?
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- (A) अनुच्छेद 71
- (B) अनुच्छेद 72
- (C) अनुच्छेद 74
- (D) अनुच्छेद 76
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सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 72
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा को क्षमा करने, कम करने या निलंबित करने की शक्ति प्रदान करता है।\n
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- विशेषता: राष्ट्रपति मृत्युदंड (Death Sentence) को भी क्षमा कर सकते हैं। यह शक्ति न्यायिक नहीं बल्कि प्रशासनिक प्रकृति की है।
- अन्य विकल्प: अनुच्छेद 74 राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद का प्रावधान करता है और अनुच्छेद 76 भारत के महान्यायवादी (Attorney General) की नियुक्ति से संबंधित है।
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प्रश्न 6: भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव किन सदस्यों द्वारा किया जाता है?
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- (A) केवल लोकसभा के निर्वाचित सदस्य
- (B) केवल राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य
- (C) संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्य (निर्वाचित और मनोनीत)
- (D) संसद के दोनों सदनों के केवल निर्वाचित सदस्य
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सही उत्तर: (C) संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्य (निर्वाचित और मनोनीत)
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\nविस्तृत व्याख्या: उपराष्ट्रपति का निर्वाचन एक निर्वाचक मंडल (Electoral College) द्वारा किया जाता है जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य (निर्वाचित और मनोनीत दोनों) शामिल होते हैं।\n
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- तुलना: राष्ट्रपति के चुनाव में राज्यसभा के मनोनीत सदस्य भाग नहीं लेते, लेकिन उपराष्ट्रपति के चुनाव में वे भाग लेते हैं।
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प्रश्न 7: भारत के प्रधानमंत्री की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?
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- (A) लोकसभा के बहुमत द्वारा
- (B) राष्ट्रपति द्वारा
- (C) राज्यसभा के सभापति द्वारा
- (D) निर्वाचन आयोग द्वारा
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सही उत्तर: (B) राष्ट्रपति द्वारा
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\nविस्तृत व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 75 के तहत राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की नियुक्ति करते हैं। सामान्यतः राष्ट्रपति लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त करते हैं।\n
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- संदर्भ: प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के मुख्य सलाहकार होते हैं और मंत्रिपरिषद तथा राष्ट्रपति के बीच संचार की कड़ी के रूप में कार्य करते हैं।
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प्रश्न 8: संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) की अध्यक्षता कौन करता है?
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- (A) भारत का राष्ट्रपति
- (B) भारत का उपराष्ट्रपति
- (C) लोकसभा का अध्यक्ष (Speaker)
- (D) प्रधानमंत्री
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सही उत्तर: (C) लोकसभा का अध्यक्ष (Speaker)
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 108 के तहत जब किसी विधेयक पर दोनों सदनों में गतिरोध होता है, तो राष्ट्रपति संयुक्त बैठक बुलाते हैं, लेकिन उसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करते हैं।\n
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- नोट: यदि लोकसभा अध्यक्ष अनुपस्थित हों, तो लोकसभा का उपाध्यक्ष या राज्यसभा का उपसभापति अध्यक्षता करता है। राज्यसभा का सभापति (उपराष्ट्रपति) कभी भी संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं करता।
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प्रश्न 9: राज्यसभा को किसी राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने के लिए अधिकृत करने की शक्ति किस अनुच्छेद में निहित है?
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- (A) अनुच्छेद 248
- (B) अनुच्छेद 249
- (C) अनुच्छेद 250
- (D) अनुच्छेद 252
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सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 249
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 249 के तहत, यदि राज्यसभा दो-तिहाई बहुमत से यह प्रस्ताव पारित करती है कि ‘राष्ट्रीय हित’ में राज्य सूची का कोई विषय संसद के अधिकार क्षेत्र में होना चाहिए, तो संसद उस पर कानून बना सकती है।\n
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- विशेषता: यह राज्यसभा की एक विशेष शक्ति है जो भारत के संघवाद को लचीला बनाती है।
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प्रश्न 10: सुप्रीम कोर्ट के ‘मूल क्षेत्राधिकार’ (Original Jurisdiction) का अर्थ क्या है?
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- (A) केवल अपील सुनना
- (B) संवैधानिक व्याख्या करना
- (C) उन मामलों की सुनवाई करना जो सीधे सुप्रीम कोर्ट में लाए जाते हैं
- (D) राष्ट्रपति को सलाह देना
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सही उत्तर: (C) उन मामलों की सुनवाई करना जो सीधे सुप्रीम कोर्ट में लाए जाते हैं
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 131 के तहत, केंद्र और राज्यों के बीच विवादों या दो या दो से अधिक राज्यों के बीच विवादों की सुनवाई सीधे सुप्रीम कोर्ट में होती है। इसे मूल क्षेत्राधिकार कहा जाता है।\n
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- अन्य विकल्प: अपील सुनना ‘अपीलीय क्षेत्राधिकार’ (Appellate Jurisdiction) कहलाता है। राष्ट्रपति को सलाह देना ‘परामर्शदात्री क्षेत्राधिकार’ (Advisory Jurisdiction – Art 143) कहलाता है।
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प्रश्न 11: ‘संविधान के बुनियादी ढांचे’ (Basic Structure Doctrine) का सिद्धांत किस ऐतिहासिक मामले में प्रतिपादित किया गया था?
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- (A) गोलकनाथ मामला
- (B) केशवानंद भारती मामला
- (C) मेनका गांधी मामला
- (D) मिनर्वा मिल्स मामला
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सही उत्तर: (B) केशवानंद भारती मामला (1973)
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\nविस्तृत व्याख्या: 1973 के इस ऐतिहासिक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी कि संसद संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन कर सकती है, लेकिन वह इसके ‘मूल ढांचे’ (Basic Structure) को नष्ट या परिवर्तित नहीं कर सकती।\n
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- प्रभाव: इसने न्यायिक समीक्षा की शक्ति को मजबूत किया और संसद की संशोधन शक्ति (Art 368) पर सीमाएं लगाईं।
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प्रश्न 12: अनुच्छेद 32 और अनुच्छेद 226 के बीच मुख्य अंतर क्या है?
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- (A) अनुच्छेद 32 केवल हाई कोर्ट के लिए है, 226 सुप्रीम कोर्ट के लिए
- (B) अनुच्छेद 32 केवल मौलिक अधिकारों के लिए है, जबकि 226 मौलिक अधिकारों और अन्य कानूनी अधिकारों दोनों के लिए है
- (C) अनुच्छेद 32 वैकल्पिक है, जबकि 226 अनिवार्य है
- (D) दोनों में कोई अंतर नहीं है
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सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 32 केवल मौलिक अधिकारों के लिए है, जबकि 226 मौलिक अधिकारों और अन्य कानूनी अधिकारों दोनों के लिए है
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट केवल मौलिक अधिकारों के उल्लंघन पर रिट जारी करता है, जबकि अनुच्छेद 226 के तहत हाई कोर्ट मौलिक अधिकारों के साथ-साथ अन्य कानूनी अधिकारों के लिए भी रिट जारी कर सकता है।\n
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- महत्व: इसलिए हाई कोर्ट का रिट क्षेत्राधिकार सुप्रीम कोर्ट की तुलना में व्यापक (wider) है।
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प्रश्न 13: GST परिषद (GST Council) का गठन किस संवैधानिक अनुच्छेद के तहत किया गया है?
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- (A) अनुच्छेद 279
- (B) अनुच्छेद 279A
- (C) अनुच्छेद 280
- (D) अनुच्छेद 281
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सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 279A
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\nविस्तृत व्याख्या: 101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 द्वारा अनुच्छेद 279A जोड़ा गया, जो GST परिषद के गठन का प्रावधान करता है।\n
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- कार्य: यह एक संयुक्त मंच है जिसमें केंद्र और राज्यों के प्रतिनिधि मिलकर GST की दरों और नियमों पर निर्णय लेते हैं।
- अन्य विकल्प: अनुच्छेद 280 वित्त आयोग (Finance Commission) से संबंधित है।
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प्रश्न 14: अंतर-राज्य परिषद (Inter-State Council) की स्थापना किस अनुच्छेद के तहत की जाती है?
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- (A) अनुच्छेद 262
- (B) अनुच्छेद 263
- (C) अनुच्छेद 265
- (D) अनुच्छेद 267
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सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 263
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को यह अधिकार देता है कि वह राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए एक अंतर-राज्य परिषद की स्थापना करें।\n
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- संदर्भ: इसकी स्थापना वास्तव में 1990 में सरकारिया आयोग की सिफारिशों के बाद की गई थी।
- अन्य विकल्प: अनुच्छेद 262 अंतर-राज्यीय नदी जल विवादों के निपटारे से संबंधित है।
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प्रश्न 15: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) की नियुक्ति कौन करता है?
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- (A) संसद द्वारा
- (B) प्रधानमंत्री द्वारा
- (C) राष्ट्रपति द्वारा
- (D) सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा
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सही उत्तर: (C) राष्ट्रपति द्वारा
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 324 के तहत भारत के चुनाव आयोग का प्रावधान है। मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।\n
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- सुरक्षा: CEC को उसके पद से उसी प्रक्रिया से हटाया जा सकता है जैसे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को (महाभियोग जैसी प्रक्रिया)।
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प्रश्न 16: UPSC के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति कौन करता है?
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- (A) प्रधानमंत्री
- (B) गृह मंत्री
- (C) राष्ट्रपति
- (D) लोकसभा अध्यक्ष
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सही उत्तर: (C) राष्ट्रपति
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 316 के अनुसार, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।\n
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- कार्यकाल: इनका कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) तक होता है।
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प्रश्न 17: भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के कर्तव्यों और शक्तियों का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?
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- (A) अनुच्छेद 147
- (B) अनुच्छेद 148
- (C) अनुच्छेद 149
- (D) अनुच्छेद 150
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सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 149
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 148 CAG की नियुक्ति और पद का प्रावधान करता है, जबकि अनुच्छेद 149 विशेष रूप से उनके कर्तव्यों और शक्तियों को परिभाषित करता है।\n
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- भूमिका: CAG को ‘सार्वजनिक धन का संरक्षक’ (Guardian of Public Purse) कहा जाता है। वह केंद्र और राज्य सरकारों के खातों का ऑडिट करता है।
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प्रश्न 18: वित्त आयोग (Finance Commission) का गठन प्रत्येक कितने वर्ष बाद राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है?
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- (A) 3 वर्ष
- (B) 4 वर्ष
- (C) 5 वर्ष
- (D) 6 वर्ष
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सही उत्तर: (C) 5 वर्ष
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 280 के तहत राष्ट्रपति हर पांच वर्ष में (या आवश्यकता पड़ने पर उससे पहले) एक वित्त आयोग का गठन करते हैं।\n
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- कार्य: इसका मुख्य कार्य केंद्र और राज्यों के बीच करों (Taxes) के वितरण के सिद्धांतों को निर्धारित करना है।
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प्रश्न 19: 73वें संविधान संशोधन अधिनियम (1992) द्वारा संविधान में कौन सी अनुसूची जोड़ी गई?
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- (A) 9वीं अनुसूची
- (B) 10वीं अनुसूची
- (C) 11वीं अनुसूची
- (D) 12वीं अनुसूची
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सही उत्तर: (C) 11वीं अनुसूची
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\nविस्तृत व्याख्या: 73वें संशोधन द्वारा पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया और 11वीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमें पंचायतों के लिए 29 कार्यात्मक विषय दिए गए हैं।\n
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- अन्य विकल्प: 10वीं अनुसूची दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) से संबंधित है और 12वीं अनुसूची नगरपालिकाओं (74वां संशोधन) से संबंधित है।
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प्रश्न 20: नगरपालिकाओं के लिए संवैधानिक प्रावधान किस संविधान संशोधन द्वारा किए गए थे?
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- (A) 71वां संशोधन
- (B) 72वां संशोधन
- (C) 73वां संशोधन
- (D) 74वां संशोधन
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सही उत्तर: (D) 74वां संशोधन
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\nविस्तृत व्याख्या: 74वें संविधान संशोधन अधिनियम (1992) के माध्यम से शहरी स्थानीय निकायों (नगरपालिकाओं) को संवैधानिक मान्यता प्रदान की गई। इसके लिए संविधान में भाग IX-A और 12वीं अनुसूची जोड़ी गई।\n
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प्रश्न 21: राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) की घोषणा किस अनुच्छेद के तहत की जाती है?
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- (A) अनुच्छेद 352
- (B) अनुच्छेद 356
- (C) अनुच्छेद 360
- (D) अनुच्छेद 365
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सही उत्तर: (A) अनुच्छेद 352
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\nविस्तृत व्याख्या: जब युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के कारण भारत की सुरक्षा को खतरा हो, तो राष्ट्रपति अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकते हैं।\n
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- विशेषता: इसके लिए कैबिनेट की लिखित सलाह अनिवार्य है (44वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया)।
- अन्य विकल्प: अनुच्छेद 356 ‘राष्ट्रपति शासन’ और अनुच्छेद 360 ‘वित्तीय आपातकाल’ से संबंधित है।
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प्रश्न 22: ‘राष्ट्रपति शासन’ (President’s Rule) किस अनुच्छेद के तहत लगाया जाता है?
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- (A) अनुच्छेद 352
- (B) अनुच्छेद 356
- (C) अनुच्छेद 360
- (D) अनुच्छेद 368
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सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 356
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\nविस्तृत व्याख्या: यदि किसी राज्य का शासन संविधान के प्रावधानों के अनुसार नहीं चलाया जा सकता, तो राष्ट्रपति अनुच्छेद 356 के तहत उस राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं।\n
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- महत्वपूर्ण मामला: एस. आर. बोम्मई बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति शासन के दुरुपयोग को रोकने के लिए दिशा-निर्देश दिए।
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प्रश्न 23: भारतीय संविधान में अब तक केवल एक बार ‘वित्तीय आपातकाल’ (Financial Emergency) का प्रावधान है, लेकिन इसे कभी लागू नहीं किया गया। यह किस अनुच्छेद में है?
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- (A) अनुच्छेद 356
- (B) अनुच्छेद 358
- (C) अनुच्छेद 360
- (D) अनुच्छेद 362
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सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 360
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 360 राष्ट्रपति को वित्तीय आपातकाल घोषित करने की शक्ति देता है यदि भारत की वित्तीय स्थिरता या साख खतरे में हो। भारत में अब तक एक भी बार वित्तीय आपातकाल नहीं लगाया गया है।\n
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प्रश्न 24: संविधान में संशोधन करने की संसद की शक्ति और प्रक्रिया का वर्णन किस अनुच्छेद में है?
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- (A) अनुच्छेद 360
- (B) अनुच्छेद 364
- (C) अनुच्छेद 368
- (D) अनुच्छेद 370
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सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 368
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 368 संसद को संविधान के किसी भी हिस्से को संशोधित करने की शक्ति देता है। संशोधन तीन तरीकों से हो सकते हैं: साधारण बहुमत, विशेष बहुमत और विशेष बहुमत + आधे राज्यों की सहमति।\n
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प्रश्न 25: दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) संविधान की किस अनुसूची में शामिल है?
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- (A) 8वीं अनुसूची
- (B) 9वीं अनुसूची
- (C) 10वीं अनुसूची
- (D) 11वीं अनुसूची
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सही उत्तर: (C) 10वीं अनुसूची
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\nविस्तृत व्याख्या: 52वें संविधान संशोधन (1985) द्वारा 10वीं अनुसूची जोड़ी गई, ताकि निर्वाचित सदस्यों द्वारा पार्टी बदलने की प्रवृत्ति को रोका जा सके।\n
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- प्रावधान: यदि कोई सदस्य स्वेच्छा से अपनी पार्टी छोड़ता है या पार्टी व्हिप का उल्लंघन करता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त की जा सकती है।
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