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समाजशास्त्र मास्टरक्लास: वैचारिक स्पष्टता और गहन अभ्यास के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न

नमस्ते भविष्य के समाजशास्त्रियों!

क्या आप अपनी वैचारिक गहराई को परखने के लिए तैयार हैं? आज का यह विशेष अभ्यास सेट न केवल आपकी याददाश्त, बल्कि आपके विश्लेषणात्मक कौशल की परीक्षा लेगा। समाजशास्त्र के जटिल सिद्धांतों से लेकर समकालीन सामाजिक बदलावों तक, यह क्विज़ आपको UGC-NET, UPSC और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं के लिए मानसिक रूप से तैयार करेगा। आइए, अपनी बौद्धिक सीमाओं को चुनौती दें और सफलता की ओर एक और कदम बढ़ाएं!


  1. कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब:
    • (A) श्रमिक को उच्च वेतन मिलता है।
    • (B) श्रमिक का अपने उत्पादित माल और उत्पादन की प्रक्रिया से संबंध टूट जाता है।
    • (C) श्रमिक समाज में अत्यधिक लोकप्रिय हो जाता है।
    • (D) श्रमिक और पूंजीपति के बीच संघर्ष समाप्त हो जाता है।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवादी व्यवस्था में श्रमिक अपने काम, अपने उत्पाद, अपने सहकर्मियों और अंततः स्वयं से अलग हो जाता है। यह ‘अलगाव’ उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व के कारण होता है।
    संदर्भ: यह अवधारणा मार्क्स के ‘Economic and Philosophic Manuscripts of 1844’ में विस्तृत है। विकल्प (A), (C) और (D) अलगाव के विपरीत स्थितियाँ या अप्रासंगिक हैं।

  2. मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित ‘वेर्स्टहेन’ (Verstehen) पद्धति का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    • (A) केवल सांख्यिकीय आंकड़ों का विश्लेषण करना।
    • (B) सामाजिक क्रियाओं के पीछे के व्यक्तिपरक अर्थों को समझना।
    • (C) समाज के नियमों को प्राकृतिक विज्ञान की तरह लागू करना।
    • (D) सामाजिक संरचनाओं का केवल बाहरी अवलोकन करना।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: ‘Verstehen’ एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ है ‘समझना’। वेबर का मानना था कि समाजशास्त्री को कर्ता (Actor) के दृष्टिकोण से सामाजिक क्रिया के अर्थ को समझना चाहिए, न कि केवल बाहरी व्यवहार को देखना चाहिए।
    संदर्भ: यह व्याख्यात्मक समाजशास्त्र (Interpretive Sociology) का आधार है। विकल्प (A) और (C) प्रत्यक्षवाद (Positivism) से संबंधित हैं।

  3. एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति का क्या अर्थ है?
    • (A) समाज में अत्यधिक अनुशासन।
    • (B) सामाजिक मानदंडों और मूल्यों का अभाव या विखंडन।
    • (C) धार्मिक विश्वासों में तीव्र वृद्धि।
    • (D) सामाजिक एकजुटता का उच्चतम स्तर।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: एनोमी एक ऐसी स्थिति है जहाँ समाज के नियम स्पष्ट नहीं होते या तेजी से बदलते हैं, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। दुर्खीम ने इसे विशेष रूप से ‘आत्मघाती’ (Suicide) के अध्ययन में उपयोग किया था।
    संदर्भ: यह अवधारणा उनकी पुस्तक ‘The Division of Labour in Society’ और ‘Suicide’ में मिलती है। विकल्प (A) और (D) इसके ठीक विपरीत हैं।

  4. टैल्कॉट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ का क्या अर्थ है?
    • (A) Legalization (वैधीकरण)
    • (B) Latency (सुप्तता/तनाव प्रबंधन)
    • (C) Leadership (नेतृत्व)
    • (D) Logic (तर्क)

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: AGIL मॉडल में A=Adaptation, G=Goal Attainment, I=Integration और L=Latency है। Latency का अर्थ है सामाजिक प्रणाली में उन सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना जो व्यवस्था को स्थिर रखते हैं।
    संदर्भ: यह संरचनात्मक कार्यात्मकता (Structural Functionalism) का हिस्सा है। अन्य विकल्प पार्सन्स के इस मॉडल का हिस्सा नहीं हैं।

  5. रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?
    • (A) प्रकट कार्य अनपेक्षित होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अपेक्षित होते हैं।
    • (B) प्रकट कार्य इच्छित और मान्यता प्राप्त होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।
    • (C) दोनों एक ही होते हैं।
    • (D) अप्रत्यक्ष कार्य हमेशा हानिकारक होते हैं।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: प्रकट कार्य वे परिणाम हैं जिनके लिए कोई संस्था बनाई गई है (जैसे स्कूल शिक्षा के लिए), जबकि अप्रत्यक्ष कार्य वे परिणाम हैं जो अनजाने में निकलते हैं (जैसे स्कूल में सामाजिक नेटवर्क बनाना)।
    संदर्भ: मर्टन ने कार्यात्मक विश्लेषण को अधिक सूक्ष्म बनाया। विकल्प (A) परिभाषा को उल्टा करता है।

  6. जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) का विकास कैसे होता है?
    • (A) केवल आनुवंशिक गुणों के माध्यम से।
    • (B) सामाजिक अंतःक्रिया और प्रतीकों के उपयोग के माध्यम से।
    • (C) जन्म के साथ ही पूर्णतः विकसित होता है।
    • (D) केवल अकेले चिंतन करने से।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: मीड का मानना था कि ‘स्व’ (Self) समाज में दूसरों के साथ अंतःक्रिया करते समय और खुद को दूसरों की नजर से देखते समय विकसित होता है। उन्होंने ‘I’ और ‘Me’ की अवधारणा दी।
    संदर्भ: यह प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) का मूल है। विकल्प (A) जैविक नियतिवाद है।

  7. अगस्त कॉम्टे ने समाजशास्त्र के अध्ययन के लिए किस पद्धति का समर्थन किया?
    • (A) तत्वमीमांसा (Metaphysics)
    • (B) प्रत्यक्षवाद (Positivism)
    • (C) व्यक्तिपरक व्याख्या (Subjectivism)
    • (D) केवल अंतर्ज्ञान (Intuition)

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: कॉम्टे को समाजशास्त्र का जनक माना जाता है। उन्होंने तर्क दिया कि समाज का अध्ययन वैज्ञानिक विधियों (अवलोकन, प्रयोग, तुलना) के माध्यम से किया जाना चाहिए, जिसे ‘प्रत्यक्षवाद’ कहा गया।
    संदर्भ: कॉम्टे का ‘तीन स्तरों का नियम’ (Law of Three Stages) इसी दिशा में था। विकल्प (A) वह स्तर है जिसे कॉम्टे ने पीछे छोड़ दिया था।

  8. विलियम ओगबर्न द्वारा प्रतिपादित ‘सांस्कृतिक पिछड़ापन’ (Cultural Lag) से क्या तात्पर्य है?
    • (A) जब संस्कृति पूरी तरह समाप्त हो जाती है।
    • (B) भौतिक संस्कृति (तकनीक) और अभौतिक संस्कृति (मूल्य/नियम) के बीच विकास की गति में अंतर।
    • (C) जब समाज पुरानी परंपराओं को पूरी तरह त्याग देता है।
    • (D) ग्रामीण और शहरी संस्कृति के बीच का अंतर।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: ओगबर्न के अनुसार, भौतिक संस्कृति (जैसे इंटरनेट) तेजी से बदलती है, लेकिन अभौतिक संस्कृति (जैसे सामाजिक कानून या नैतिकता) उसे अपनाने में समय लेती है, जिससे एक अंतराल (Lag) पैदा होता है।
    संदर्भ: यह सामाजिक परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है। विकल्प (D) केवल भौगोलिक अंतर है।

  9. सी. राइट मिल्स की ‘समाजशास्त्रीय कल्पना’ (Sociological Imagination) का मुख्य केंद्र क्या है?
    • (A) केवल व्यक्तिगत समस्याओं का अध्ययन।
    • (B) व्यक्तिगत जीवनी और व्यापक सामाजिक इतिहास के बीच संबंध को समझना।
    • (C) केवल काल्पनिक समाज का निर्माण करना।
    • (D) सांख्यिकीय डेटा का गणितीय विश्लेषण।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: मिल्स का तर्क था कि जब हम अपनी व्यक्तिगत समस्याओं (Personal Troubles) को सामाजिक मुद्दों (Public Issues) के साथ जोड़कर देखते हैं, तभी हम समाज को सही ढंग से समझ पाते हैं।
    संदर्भ: यह अवधारणा समाजशास्त्रियों को माइक्रो और मैक्रो स्तरों को जोड़ने में मदद करती है।

  10. चार्ल्स कूले की ‘लुकिंग ग्लास सेल्फ’ (Looking Glass Self) अवधारणा क्या बताती है?
    • (A) हम दर्पण में देखकर अपनी पहचान बनाते हैं।
    • (B) हमारा आत्म-स्वरूप इस बात पर निर्भर करता है कि दूसरे हमें कैसे देखते हैं और हम उसके बारे में क्या सोचते हैं।
    • (C) व्यक्तित्व केवल जन्मजात होता है।
    • (D) समाज का व्यक्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: कूले के अनुसार, समाज एक दर्पण की तरह कार्य करता है। हम दूसरों की प्रतिक्रियाओं के आधार पर अपनी आत्म-छवि (Self-image) विकसित करते हैं।
    संदर्भ: यह सामाजिकीकरण (Socialization) की प्रक्रिया का एक प्रमुख हिस्सा है।

  11. एम. एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया का अर्थ है:
    • (A) संस्कृत भाषा का अनिवार्य रूप से सीखना।
    • (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाना।
    • (C) सभी जातियों का एक समान हो जाना।
    • (D) पश्चिमी संस्कृति को पूरी तरह अपना लेना।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से निम्न जातियाँ अपनी सामाजिक स्थिति ऊपर उठाने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर द्विज जातियों) के रीति-रिवाजों, आदर्शों और कर्मकांडों का अनुकरण करती हैं।
    संदर्भ: श्रीनिवास ने भारतीय जाति व्यवस्था के गतिशीलता (Mobility) को समझाने के लिए यह शब्द दिया। विकल्प (D) ‘पश्चिमीकरण’ है।

  12. एम. एन. श्रीनिवास के अनुसार ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) होने के लिए क्या आवश्यक है?
    • (A) केवल उच्च अनुष्ठानिक स्थिति (Ritual Status)।
    • (B) केवल संख्यात्मक बल।
    • (C) भूमि का स्वामित्व, संख्यात्मक बल, राजनीतिक शक्ति और उच्च अनुष्ठानिक स्थिति का संयोजन।
    • (D) केवल शहरी क्षेत्रों में प्रभाव।

    सही उत्तर: (C)
    विस्तृत व्याख्या: एक जाति ‘प्रभावी’ तब होती है जब उसके पास न केवल संख्यात्मक अधिकता हो, बल्कि आर्थिक संसाधन (भूमि) और राजनीतिक प्रभाव भी हो, भले ही उसकी अनुष्ठानिक स्थिति सबसे ऊपर न हो।
    संदर्भ: यह अवधारणा ग्रामीण भारत की शक्ति संरचना को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

  13. निम्नलिखित में से कौन सा ‘द्वितीयक समूह’ (Secondary Group) का उदाहरण है?
    • (A) परिवार
    • (B) करीबी मित्र
    • (C) एक राजनीतिक दल या ट्रेड यूनियन
    • (D) माता-पिता और बच्चे

    सही उत्तर: (C)
    विस्तृत व्याख्या: द्वितीयक समूह औपचारिक, बड़े और अस्थायी होते हैं, जहाँ संबंध लक्ष्य-उन्मुख (Goal-oriented) होते हैं। विकल्प (A), (B) और (D) प्राथमिक समूह (Primary Groups) हैं, जहाँ संबंध घनिष्ठ और भावनात्मक होते हैं।
    संदर्भ: चार्ल्स कूले ने प्राथमिक और द्वितीयक समूहों का वर्गीकरण किया था।

  14. ‘जाजमानी व्यवस्था’ (Jajmani System) मुख्य रूप से किस समाज की विशेषता रही है?
    • (A) आधुनिक शहरी समाज
    • (B) पारंपरिक भारतीय ग्रामीण समाज
    • (C) औद्योगिक समाज
    • (D) जनजातीय समाज

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: यह एक पारस्परिकता प्रणाली थी जहाँ सेवा प्रदाता जातियाँ (जैसे नाई, लोहार) और सेवा प्राप्तकर्ता जातियाँ (जैसे जमींदार/किसान) एक-दूसरे से जुड़े होते थे। इसमें भुगतान अक्सर अनाज या वस्तु के रूप में होता था।
    संदर्भ: यह ग्रामीण समाजशास्त्र और जाति आधारित श्रम विभाजन का उदाहरण है।

  15. समाजशास्त्रीय अनुसंधान में ‘त्रिकोणीयकरण’ (Triangulation) का क्या अर्थ है?
    • (A) केवल एक ही विधि का बार-बार उपयोग करना।
    • (B) डेटा के सत्यापन के लिए विभिन्न विधियों (जैसे सर्वेक्षण और साक्षात्कार) का एक साथ उपयोग करना।
    • (C) तीन अलग-अलग शोधकर्ताओं द्वारा एक ही विषय पर काम करना।
    • (D) केवल तीन नमूने (Samples) लेना।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: त्रिकोणीयकरण का उद्देश्य शोध की वैधता (Validity) को बढ़ाना है। जब एक ही निष्कर्ष अलग-अलग विधियों से प्राप्त होता है, तो शोध अधिक विश्वसनीय माना जाता है।
    संदर्भ: यह गुणात्मक और मात्रात्मक शोध के एकीकरण की तकनीक है।

  16. ‘हिडन करिकुलम’ (Hidden Curriculum) का संबंध किस सामाजिक संस्था से है?
    • (A) परिवार
    • (B) धर्म
    • (C) शिक्षा
    • (D) राजनीति

    सही उत्तर: (C)
    विस्तृत व्याख्या: हिडन करिकुलम उन अनौपचारिक पाठों, मूल्यों और व्यवहारों को संदर्भित करता है जो छात्र स्कूल में अनजाने में सीखते हैं (जैसे अनुशासन, आज्ञाकारिता), जो आधिकारिक पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं होते।
    संदर्भ: यह शिक्षा के समाजशास्त्र (Sociology of Education) की एक प्रमुख अवधारणा है।

  17. पियरे बोर्डियू (Pierre Bourdieu) के अनुसार, ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) का क्या अर्थ है?
    • (A) बैंक में जमा धन।
    • (B) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और भाषा जो व्यक्ति को समाज में उच्च दर्जा दिलाने में मदद करती है।
    • (C) केवल भौतिक कलाकृतियों का संग्रह।
    • (D) किसी देश की कुल जनसंख्या।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: बोर्डियू का तर्क था कि शिक्षा प्रणाली केवल योग्यता को नहीं, बल्कि उस सांस्कृतिक पूंजी को पुरस्कृत करती है जो उच्च वर्ग के बच्चों के पास पहले से होती है, जिससे असमानता बनी रहती है।
    संदर्भ: यह अवधारणा सामाजिक स्तरीकरण और शिक्षा के अंतर्संबंधों को दर्शाती है।

  18. ‘डिजिटल डिवाइड’ (Digital Divide) का समाजशास्त्रीय महत्व क्या है?
    • (A) कंप्यूटरों के विभिन्न ब्रांडों के बीच अंतर।
    • (B) सूचना प्रौद्योगिकी तक पहुंच रखने वाले और न रखने वाले लोगों के बीच सामाजिक-आर्थिक असमानता।
    • (C) इंटरनेट की गति में अंतर।
    • (D) केवल शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच बिजली की आपूर्ति का अंतर।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: डिजिटल डिवाइड केवल तकनीक की कमी नहीं है, बल्कि यह वर्ग, जाति, लिंग और भूगोल के आधार पर सूचना की पहुंच में असमानता को दर्शाता है, जो सामाजिक अवसरों को प्रभावित करता है।
    संदर्भ: यह समकालीन सामाजिक समस्याओं और डिजिटल समाजशास्त्र का विषय है।

  19. ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) के संदर्भ में, ‘प्रतीक’ क्या होते हैं?
    • (A) केवल सरकारी लोगो या चिन्ह।
    • (B) कोई भी वस्तु, शब्द या इशारा जिसे समाज ने एक विशिष्ट अर्थ दिया हो।
    • (C) केवल धार्मिक प्रतीक।
    • (D) गणितीय संकेत।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: अंतःक्रियावादी मानते हैं कि मनुष्य वस्तुओं के प्रति वैसा व्यवहार नहीं करते जैसा वे हैं, बल्कि वैसा करते हैं जैसा वे उन्हें ‘अर्थ’ देते हैं। उदाहरण के लिए, एक हाथ मिलाना केवल शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि मित्रता का प्रतीक है।
    संदर्भ: यह दृष्टिकोण हर्बर्ट मीड और जॉर्ज हर्बर्ट मीड से प्रेरित है।

  20. अनुसंधान में ‘विश्वसनीयता’ (Reliability) का क्या अर्थ है?
    • (A) यह कि शोधकर्ता ईमानदार है।
    • (B) यह कि यदि समान परिस्थितियों में शोध दोबारा किया जाए, तो परिणाम समान आएंगे।
    • (C) यह कि शोध बिल्कुल सत्य है।
    • (D) यह कि नमूना आकार बहुत बड़ा है।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: विश्वसनीयता का संबंध निरंतरता (Consistency) से है। यदि एक परीक्षण बार-बार करने पर एक ही परिणाम दे, तो वह विश्वसनीय है। वैधता (Validity) का अर्थ है कि वह वही माप रहा है जिसे मापने का दावा किया गया है।
    संदर्भ: यह शोध पद्धति (Research Methodology) का बुनियादी सिद्धांत है।

  21. ‘जेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) की प्रक्रिया का शहरी समाजशास्त्र में क्या अर्थ है?
    • (A) शहरों का पूरी तरह खाली होना।
    • (B) शहरी गरीब बस्तियों का पुनर्निर्माण और उच्च वर्ग का वहां बसना, जिससे मूल निवासी विस्थापित हो जाते हैं।
    • (C) ग्रामीण क्षेत्रों का शहरों में बदलना।
    • (D) शहरों में स्लम बस्तियों का विस्तार।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: जेंट्रीफिकेशन तब होता है जब किसी पुराने या निम्न-आय वाले शहरी क्षेत्र में निवेश बढ़ता है और मध्यम/उच्च वर्ग वहां रहने आता है, जिससे किराया बढ़ जाता है और गरीब लोग वहां से बाहर हो जाते हैं।
    संदर्भ: यह शहरी समाजशास्त्र और स्थानिक असमानता का विषय है।

  22. प्रतिष्ठा (Status) और भूमिका (Role) के बीच क्या संबंध है?
    • (A) दोनों एक ही हैं।
    • (B) प्रतिष्ठा सामाजिक स्थिति है, जबकि भूमिका उस स्थिति से जुड़ी अपेक्षित व्यवहार पद्धति है।
    • (C) भूमिका पहले आती है, फिर प्रतिष्ठा मिलती है।
    • (D) प्रतिष्ठा केवल आर्थिक होती है, भूमिका केवल सामाजिक।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: उदाहरण के लिए, ‘शिक्षक’ एक प्रतिष्ठा (Status) है, और ‘पढ़ाना’ या ‘मार्गदर्शन करना’ उस प्रतिष्ठा से जुड़ी भूमिका (Role) है।
    संदर्भ: यह सामाजिक संरचना (Social Structure) की मूल अवधारणा है।

  23. निम्नलिखित में से कौन सा ‘सामाजिक स्तरीकरण’ (Social Stratification) का बंद तंत्र (Closed System) है?
    • (A) वर्ग व्यवस्था (Class System)
    • (B) जाति व्यवस्था (Caste System)
    • (C) मेरिटोक्रेसी (Meritocracy)
    • (D) व्यावसायिक स्तरीकरण

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: बंद तंत्र वह है जहाँ सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility) बहुत कम या असंभव होती है। जाति जन्म पर आधारित होती है और इसे बदला नहीं जा सकता, इसलिए यह एक बंद तंत्र है। वर्ग व्यवस्था एक खुला तंत्र है।
    संदर्भ: स्तरीकरण के सिद्धांत।

  24. ‘मेडिकलाइजेशन’ (Medicalization) की प्रक्रिया क्या है?
    • (A) दवाइयों का सस्ता होना।
    • (B) गैर-चिकित्सा समस्याओं (जैसे व्यवहार या मानसिक स्थिति) को चिकित्सा समस्याओं के रूप में परिभाषित करना।
    • (C) अस्पतालों की संख्या बढ़ाना।
    • (D) केवल प्राकृतिक उपचारों का उपयोग करना।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: मेडिकलाइजेशन वह प्रक्रिया है जिसमें जीवन की सामान्य मानवीय स्थितियों या सामाजिक समस्याओं को ‘बीमारी’ का नाम देकर चिकित्सा के दायरे में लाया जाता है।
    संदर्भ: यह स्वास्थ्य समाजशास्त्र (Sociology of Health) का हिस्सा है और हालिया शोधों का केंद्र रहा है।

  25. ‘नृजातीयता’ (Ethnicity) और ‘जाति’ (Race) में मुख्य अंतर क्या है?
    • (A) जाति सांस्कृतिक होती है, नृजातीयता जैविक।
    • (B) जाति मुख्य रूप से जैविक/शारीरिक विशेषताओं पर आधारित है, जबकि नृजातीयता साझा संस्कृति, भाषा और इतिहास पर।
    • (C) दोनों में कोई अंतर नहीं है।
    • (D) नृजातीयता केवल भारत में पाई जाती है।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: Race (जाति/नस्ल) शारीरिक लक्षणों (जैसे त्वचा का रंग) पर आधारित होती है, जबकि Ethnicity (नृजातीयता) सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान (जैसे धर्म, भाषा, परंपरा) पर आधारित होती है।
    संदर्भ: यह वैश्विक समाजशास्त्र और पहचान की राजनीति से संबंधित है।


अभ्यास सुझाव: इन प्रश्नों को हल करने के बाद, उन अवधारणाओं को दोबारा पढ़ें जिनमें आप भ्रमित हुए। समाजशास्त्र केवल रटने का नहीं, बल्कि समाज को एक नए नजरिए से देखने का विषय है। शुभकामनाएँ!

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