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समाजशास्त्र मास्टरक्लास: अपनी वैचारिक स्पष्टता को परखें

समाजशास्त्र मास्टरक्लास: अपनी वैचारिक स्पष्टता को परखें

नमस्कार भविष्य के समाजशास्त्रियों! आज की इस विशेष बौद्धिक चुनौती में आपका स्वागत है। क्या आप समाजशास्त्रीय सिद्धांतों और जटिल अवधारणाओं के बीच के महीन अंतर को समझने के लिए तैयार हैं? आइए, अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता को चुनौती दें और अपनी तैयारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाएं।

Sociology Practice Questions

Instructions: Attempt the following 25 questions and analyze your understanding with the detailed explanations provided.

Question 1: एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘सामाजिक तथ्य’ (Social Facts) की मुख्य विशेषता क्या है?

  1. वे व्यक्तिगत मनोवैज्ञानिक अवस्थाएं हैं।
  2. वे बाहरी (External) होते हैं और व्यक्ति पर दबाव (Constraint) डालते हैं।
  3. वे केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित होते हैं।
  4. वे पूरी तरह से व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर करते हैं।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: दुर्खीम के अनुसार, सामाजिक तथ्य व्यवहार, सोचने के तरीके और भावनाओं के ऐसे तरीके हैं जो व्यक्ति के बाहर होते हैं लेकिन उस पर नियंत्रण रखते हैं।
  • Context & Elaboration: उन्होंने अपनी पुस्तक ‘The Rules of Sociological Method’ में स्पष्ट किया कि समाजशास्त्र का अध्ययन ‘सामाजिक तथ्यों’ के रूप में किया जाना चाहिए, न कि व्यक्तिगत मनोविज्ञान के रूप में।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) और (d) गलत हैं क्योंकि सामाजिक तथ्य व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामूहिक होते हैं। विकल्प (c) गलत है क्योंकि सामाजिक तथ्य कानून, नैतिकता और भाषा जैसे व्यापक क्षेत्रों में फैले होते हैं।

Question 2: एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. जाति व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करना।
  2. अपनी सामाजिक स्थिति को जाति पदानुक्रम में ऊपर उठाना।
  3. पश्चिमी संस्कृति को अपनाकर आधुनिक बनना।
  4. जाति के भीतर राजनीतिक शक्ति प्राप्त करना।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा निम्न जातियां उच्च जातियों (विशेषकर द्विज जातियों) के रीति-रिवाजों, अनुष्ठानों और विचारधाराओं को अपनाती हैं ताकि वे अपनी सामाजिक स्थिति में सुधार कर सकें।
  • Context & Elaboration: श्रीनिवास ने अपनी पुस्तक ‘Religion and Society Among the Coorgs of South India’ में इसे समझाया था। यह संरचनात्मक गतिशीलता नहीं, बल्कि सांस्कृतिक गतिशीलता है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) गलत है क्योंकि यह व्यवस्था को खत्म नहीं करता, बल्कि उसमें स्थिति बदलता है। विकल्प (c) ‘पश्चिमीकरण’ को दर्शाता है। विकल्प (d) राजनीतिक शक्ति ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) से संबंधित है।

Question 3: कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) का सिद्धांत मुख्य रूप से किस संदर्भ में है?

  1. धार्मिक विश्वासों से दूरी।
  2. पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली में श्रमिक की स्थिति।
  3. परिवार के सदस्यों के बीच आपसी मतभेद।
  4. शहरी जीवन की एकाकी प्रकृति।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: मार्क्स का तर्क था कि पूंजीवाद में श्रमिक अपने उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, साथी श्रमिकों और अंततः स्वयं (अपने मानव स्वभाव) से अलग हो जाता है।
  • Context & Elaboration: यह अवधारणा मार्क्स के आर्थिक नियतिवाद (Economic Determinism) का हिस्सा है, जहाँ उत्पादन के साधनों पर नियंत्रण ही अलगाव का मुख्य कारण है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a), (c) और (d) सामान्य सामाजिक अलगाव हो सकते हैं, लेकिन मार्क्स का ‘Alienation’ विशेष रूप से श्रम और वर्ग संघर्ष से जुड़ा है।

Question 4: मैक्स वेबर ने ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) की अवधारणा का उपयोग क्यों किया?

  1. समाज के लिए एक आदर्श दुनिया बनाने के लिए।
  2. सामाजिक वास्तविकता का विश्लेषण करने के लिए एक तुलनात्मक उपकरण (Analytical Tool) के रूप में।
  3. नैतिकता के उच्च मानक निर्धारित करने के लिए।
  4. केवल धार्मिक संस्थाओं का अध्ययन करने के लिए।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: ‘आदर्श प्रारूप’ वेबर द्वारा विकसित एक पद्धति है जिसमें किसी सामाजिक घटना की मुख्य विशेषताओं को चुनकर एक मानसिक मॉडल बनाया जाता है ताकि वास्तविक दुनिया की तुलना उससे की जा सके।
  • Context & Elaboration: यह कोई ‘परफेक्ट’ मॉडल नहीं है, बल्कि एक ‘मानक’ है। उदाहरण के लिए, वेबर ने ‘नौकरशाही’ (Bureaucracy) का एक आदर्श प्रारूप तैयार किया था।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) और (c) गलत हैं क्योंकि यह कोई नैतिक या यूटोपियन (काल्पनिक आदर्श) मॉडल नहीं है। विकल्प (d) गलत है क्योंकि इसका उपयोग राजनीति, अर्थव्यवस्था और धर्म सभी में किया गया।

Question 5: टैल्कोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?

  1. कानून व्यवस्था बनाए रखना।
  2. संसाधनों का संग्रहण करना।
  3. सांस्कृतिक मूल्यों और प्रतिमानों को बनाए रखना (Pattern Maintenance)।
  4. लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए योजना बनाना।

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: Latency (प्रसुप्तता) का अर्थ है समाज के बुनियादी मूल्यों और सांस्कृतिक प्रतिमानों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाना और उन्हें बनाए रखना, ताकि सामाजिक स्थिरता बनी रहे।
  • Context & Elaboration: AGIL मॉडल में A = Adaptation (अनुकूलन), G = Goal Attainment (लक्ष्य प्राप्ति), I = Integration (एकीकरण), और L = Latency है। यह पार्सन्स के संरचनात्मक-प्रकार्यवाद (Structural Functionalism) का आधार है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) ‘Integration’ से संबंधित है। विकल्प (b) ‘Adaptation’ से संबंधित है। विकल्प (d) ‘Goal Attainment’ से संबंधित है।

Question 6: रॉबर्ट मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?

  1. प्रकट कार्य अनपेक्षित होते हैं, अंतर्निहित कार्य अपेक्षित।
  2. प्रकट कार्य मान्यता प्राप्त होते हैं, अंतर्निहित कार्य अनपेक्षित या छिपे हुए होते हैं।
  3. दोनों में कोई अंतर नहीं है।
  4. प्रकट कार्य केवल नकारात्मक होते हैं।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: प्रकट कार्य वे परिणाम हैं जिनके लिए कोई क्रिया जानबूझकर की जाती है, जबकि अंतर्निहित कार्य वे परिणाम हैं जो अनजाने में या अनपेक्षित रूप से घटित होते हैं।
  • Context & Elaboration: मर्टन ने प्रकार्यवाद को और अधिक परिष्कृत किया। उदाहरण के लिए, कॉलेज जाने का प्रकट कार्य डिग्री पाना है, लेकिन इसका अंतर्निहित कार्य नए सामाजिक नेटवर्क बनाना या जीवनसाथी खोजना हो सकता है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) पूरी तरह उल्टा है। विकल्प (c) गलत है क्योंकि मर्टन ने स्पष्ट भेद किया है। विकल्प (d) गलत है क्योंकि कार्य सकारात्मक या नकारात्मक (Dysfunction) दोनों हो सकते हैं।

Question 7: जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) के विकास में ‘I’ और ‘Me’ का क्या संबंध है?

  1. ‘I’ सामाजिक अपेक्षाओं का प्रतिबिंब है और ‘Me’ व्यक्ति की सहज प्रतिक्रिया।
  2. ‘I’ व्यक्ति की सहज, रचनात्मक प्रतिक्रिया है और ‘Me’ समाज द्वारा निर्मित सामाजिक छवि है।
  3. दोनों एक ही चीज़ के दो नाम हैं।
  4. ‘I’ और ‘Me’ का विकास केवल वयस्क होने पर होता है।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: मीड के अनुसार, ‘Me’ वह हिस्सा है जो समाज के नियमों और अपेक्षाओं को आत्मसात करता है, जबकि ‘I’ उस ‘Me’ के प्रति व्यक्ति की सक्रिय और तात्कालिक प्रतिक्रिया है।
  • Context & Elaboration: यह विचार प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) का आधार है। ‘स्व’ का विकास सामाजिक अंतःक्रिया और ‘भूमिका निर्वहन’ (Role Taking) के माध्यम से होता है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) ‘I’ और ‘Me’ की परिभाषा को उलट देता है। विकल्प (c) गलत है क्योंकि दोनों के बीच एक द्वंद्वात्मक संबंध है। विकल्प (d) गलत है क्योंकि यह बचपन से ही शुरू हो जाता है।

Question 8: जाति और वर्ग (Caste and Class) के बीच मुख्य समाजशास्त्रीय अंतर क्या है?

  1. जाति अर्जित स्थिति है, वर्ग प्रदत्त स्थिति है।
  2. जाति एक बंद प्रणाली है, जबकि वर्ग एक खुली प्रणाली है।
  3. वर्ग में विवाह केवल अपने समूह में होता है, जाति में नहीं।
  4. वर्ग पूरी तरह से धार्मिक आधार पर टिका होता है।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: जाति जन्म पर आधारित एक ‘बंद’ (Closed) स्तरीकरण प्रणाली है जहाँ गतिशीलता कठिन है, जबकि वर्ग आर्थिक स्थिति पर आधारित एक ‘खुली’ (Open) प्रणाली है जहाँ व्यक्ति अपनी मेहनत से वर्ग बदल सकता है।
  • Context & Elaboration: मैक्स वेबर ने वर्ग (Class), स्थिति (Status) और शक्ति (Party) के बीच अंतर स्पष्ट किया था। भारतीय समाज में जाति ‘स्थिति’ का एक कठोर रूप है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) उल्टा है (जाति प्रदत्त है, वर्ग अर्जित)। विकल्प (c) गलत है क्योंकि अंतर्जातीय विवाह (Endogamy) जाति की विशेषता है। विकल्प (d) गलत है क्योंकि वर्ग का आधार आर्थिक होता है, धार्मिक नहीं।

Question 9: समाजशास्त्र में ‘प्रत्यक्षवाद’ (Positivism) का मुख्य समर्थक कौन था?

  1. मैक्स वेबर
  2. अगस्ट कॉम्टे
  3. जॉर्ज सिमेल
  4. हर्बर्ट स्पेंसर

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: अगस्ट कॉम्टे, जिन्हें ‘समाजशास्त्र का जनक’ कहा जाता है, ने प्रत्यक्षवाद का समर्थन किया, जिसका अर्थ है कि समाज का अध्ययन प्राकृतिक विज्ञानों (जैसे भौतिकी, रसायन विज्ञान) की तरह ही अनुभवजन्य और वैज्ञानिक तरीकों से किया जाना चाहिए।
  • Context & Elaboration: प्रत्यक्षवाद अवलोकन, प्रयोग और सत्यापन पर जोर देता है। यह ‘सामाजिक भौतिकी’ (Social Physics) के विचार से शुरू हुआ था।
  • Incorrect Options: मैक्स वेबर ने ‘व्याख्यात्मक समाजशास्त्र’ (Interpretive Sociology) का समर्थन किया, जो प्रत्यक्षवाद के विपरीत है। स्पेंसर ने सामाजिक विकासवाद पर जोर दिया।

Question 10: ‘संयुक्त परिवार’ (Joint Family) की मुख्य विशेषता क्या है?

  1. केवल माता-पिता और उनके अविवाहित बच्चे।
  2. दो या तीन पीढ़ियों का एक ही छत के नीचे रहना और साझा रसोई होना।
  3. पति और पत्नी का अलग-अलग रहना।
  4. केवल रक्त संबंधों का अभाव होना।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: संयुक्त परिवार की पहचान साझा निवास, साझा रसोई और साझा संपत्ति के साथ-साथ कई पीढ़ियों के सह-अस्तित्व से होती है।
  • Context & Elaboration: भारतीय समाजशास्त्र में संयुक्त परिवार को सामाजिक सुरक्षा और सांस्कृतिक निरंतरता का एक महत्वपूर्ण स्रोत माना गया है, हालांकि शहरीकरण के कारण अब परमाणु परिवारों (Nuclear Families) की संख्या बढ़ रही है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) ‘परमाणु परिवार’ की परिभाषा है। विकल्प (c) और (d) समाजशास्त्रीय रूप से गलत हैं।

Question 11: एमिल दुर्खीम ने धर्म को किस प्रकार परिभाषित किया है?

  1. ईश्वर के अस्तित्व का वैज्ञानिक प्रमाण।
  2. पवित्र (Sacred) और अपवित्र (Profane) चीजों का एक विभाजन।
  3. केवल व्यक्तिगत विश्वासों का समूह।
  4. एक ऐसी संस्था जो समाज में संघर्ष पैदा करती है।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: दुर्खीम के अनुसार, धर्म का सार ‘पवित्र’ (Sacred) चीजों का समूह है, जिन्हें विशेष रूप से अलग रखा जाता है और जिनकी पूजा की जाती है, जबकि ‘अपवित्र’ (Profane) वे चीजें हैं जो दैनिक जीवन का हिस्सा हैं।
  • Context & Elaboration: उन्होंने अपनी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में तर्क दिया कि धर्म वास्तव में समाज की ही पूजा है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) गलत है क्योंकि समाजशास्त्र ईश्वर के अस्तित्व को सिद्ध नहीं करता। विकल्प (c) गलत है क्योंकि दुर्खीम धर्म को एक ‘सामूहिक’ घटना मानते थे। विकल्प (d) मार्क्स का दृष्टिकोण है, दुर्खीम का नहीं।

Question 12: ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) का मुख्य केंद्र क्या है?

  1. बड़े पैमाने पर सामाजिक संरचनाएं और कानून।
  2. व्यक्तियों के बीच सूक्ष्म अंतःक्रियाएं और प्रतीकों के अर्थ।
  3. आर्थिक उत्पादन के साधनों का स्वामित्व।
  4. जैविक विकास और सामाजिक परिवर्तन।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: यह परिप्रेक्ष्य इस बात पर जोर देता है कि लोग प्रतीकों (भाषा, इशारे) के माध्यम से एक-दूसरे के साथ कैसे अंतःक्रिया करते हैं और उन प्रतीकों को क्या अर्थ देते हैं।
  • Context & Elaboration: जी.एच. मीड और हर्बर्ट ब्लूमर इस विचारधारा के प्रमुख स्तंभ हैं। यह ‘मैक्रो’ (Macro) के बजाय ‘माइक्रो’ (Micro) समाजशास्त्र पर केंद्रित है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) संरचनावाद (Structuralism) है। विकल्प (c) मार्क्सवाद है। विकल्प (d) सामाजिक डार्विनवाद है।

Question 13: लुई ड्यूमों (Louis Dumont) ने अपनी पुस्तक ‘Homo Hierarchicus’ में भारतीय समाज की किस विशेषता पर जोर दिया है?

  1. समानता का सिद्धांत।
  2. पदानुक्रम (Hierarchy) और शुद्धता-अशुद्धता का विचार।
  3. जाति का पूर्ण विनाश।
  4. वर्ग संघर्ष की प्रधानता।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: ड्यूमों का तर्क था कि भारतीय समाज का आधार ‘पदानुक्रम’ है, जो ‘शुद्धता’ (Purity) और ‘अशुद्धता’ (Pollution) के द्विध्रुवीय विरोध पर टिका है।
  • Context & Elaboration: उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी समाज ‘व्यक्तिवाद’ पर आधारित है, जबकि भारतीय समाज ‘समूह’ और ‘पदानुक्रम’ पर।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) भारतीय जाति व्यवस्था के विपरीत है। विकल्प (c) गलत है क्योंकि उन्होंने व्यवस्था के अस्तित्व का विश्लेषण किया। विकल्प (d) मार्क्सवादी दृष्टिकोण है।

Question 14: ग्रामीण समाजशास्त्र के संदर्भ में ‘कृषि का व्यावसायिकीकरण’ (Commercialization of Agriculture) का क्या अर्थ है?

  1. केवल जीवन निर्वाह के लिए फसल उगाना।
  2. फसलों का उत्पादन बाजार में बेचने और लाभ कमाने के उद्देश्य से करना।
  3. खेती को पूरी तरह से बंद कर देना।
  4. पारंपरिक बीजों का उपयोग करना।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: व्यावसायिकीकरण वह प्रक्रिया है जहाँ किसान अपनी जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि बाजार की मांग के अनुसार ‘नकदी फसलों’ (Cash Crops) का उत्पादन करते हैं।
  • Context & Elaboration: भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान नील और कपास की खेती ने इस प्रक्रिया को तेज किया, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव आया।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) ‘निर्वाह कृषि’ (Subsistence Farming) है। विकल्प (c) और (d) व्यावसायिकीकरण की परिभाषा नहीं हैं।

Question 15: अर्बन सोसाइटीोलॉजी में ‘संकेन्द्रित क्षेत्र मॉडल’ (Concentric Zone Model) किसके द्वारा दिया गया था?

  1. मैक्स वेबर
  2. अर्नेस्ट बर्गेस (Ernest Burgess)
  3. कार्ल मार्क्स
  4. एमिल दुर्खीम

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: अर्नेस्ट बर्गेस ने शिकागो स्कूल के हिस्से के रूप में यह मॉडल दिया, जिसमें बताया गया कि शहर पांच संकेंद्रित वृत्तों (Circles) में विकसित होते हैं, जैसे CBD (Central Business District) से लेकर बाहरी उपनगरों तक।
  • Context & Elaboration: यह मॉडल शहरी पारिस्थितिकी (Urban Ecology) को समझने का एक शुरुआती प्रयास था।
  • Incorrect Options: अन्य विकल्प समाजशास्त्र के महान विचारक हैं, लेकिन उन्होंने शहरी स्थानिक वितरण (Spatial Distribution) का यह विशिष्ट मॉडल नहीं दिया।

Question 16: ‘सामाजिक स्तरीकरण’ (Social Stratification) का सबसे सटीक वर्णन क्या है?

  1. समाज के लोगों का यादृच्छिक वितरण।
  2. समाज का विभिन्न समूहों में क्षैतिज (Horizontal) विभाजन।
  3. समाज का विभिन्न श्रेणियों में लंबवत (Vertical) या श्रेणीबद्ध विभाजन।
  4. केवल आर्थिक आय के आधार पर वर्गीकरण।

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: सामाजिक स्तरीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा समाज के लोगों को शक्ति, संपत्ति और प्रतिष्ठा के आधार पर पदानुक्रम (Hierarchy) में व्यवस्थित किया जाता है।
  • Context & Elaboration: यह ‘लंबवत’ (Vertical) होता है क्योंकि इसमें कुछ लोग ऊपर और कुछ नीचे होते हैं। उदाहरण: जाति, वर्ग, और संपदा।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) गलत है क्योंकि यह व्यवस्थित होता है। विकल्प (b) ‘विभेदीकरण’ (Differentiation) है, स्तरीकरण नहीं। विकल्प (d) बहुत सीमित है, क्योंकि प्रतिष्ठा और शक्ति भी इसके आधार हैं।

Question 17: एमिल दुर्खीम ने ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति का वर्णन किस संदर्भ में किया है?

  1. जब समाज में नियम बहुत सख्त होते हैं।
  2. जब समाज में मानदंडों का अभाव होता है या वे टूट जाते हैं (Normlessness)।
  3. जब व्यक्ति बहुत अधिक धार्मिक हो जाता है।
  4. जब अर्थव्यवस्था बहुत स्थिर होती है।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: ‘एनोमी’ वह स्थिति है जहाँ समाज के पुराने नियम काम करना बंद कर देते हैं और नए नियम अभी बने नहीं होते, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है।
  • Context & Elaboration: दुर्खीम ने इसका विश्लेषण अपनी पुस्तक ‘Suicide’ में किया था, विशेषकर ‘Anomic Suicide’ के संदर्भ में जो अचानक आर्थिक बदलावों के कारण होती है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) इसके विपरीत है। विकल्प (c) और (d) का एनोमी से कोई सीधा संबंध नहीं है।

Question 18: मैक्स वेबर के अनुसार, ‘तर्कसंगत-कानूनी सत्ता’ (Rational-Legal Authority) का मुख्य आधार क्या है?

  1. किसी नेता का करिश्माई व्यक्तित्व।
  2. प्राचीन परंपराएं और रीति-रिवाज।
  3. स्थापित कानून और औपचारिक नियम।
  4. धार्मिक ग्रंथों का आदेश।

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: तर्कसंगत-कानूनी सत्ता वह होती है जहाँ शक्ति किसी व्यक्ति में नहीं, बल्कि उसके ‘पद’ और लिखित ‘नियमों’ में निहित होती है।
  • Context & Elaboration: यह आधुनिक नौकरशाही (Bureaucracy) की मुख्य विशेषता है, जहाँ योग्यता और नियमों को प्रधानता दी जाती है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) ‘करिश्माई सत्ता’ (Charismatic Authority) है। विकल्प (b) ‘पारंपरिक सत्ता’ (Traditional Authority) है।

Question 19: समाजशास्त्र में ‘जेंडर’ (Gender) और ‘सेक्स’ (Sex) के बीच क्या अंतर है?

  1. दोनों शब्द एक ही हैं और पर्यायवाची हैं।
  2. ‘सेक्स’ जैविक अंतर है, जबकि ‘जेंडर’ सामाजिक और सांस्कृतिक निर्माण है।
  3. ‘जेंडर’ जैविक है, जबकि ‘सेक्स’ सामाजिक है।
  4. जेंडर केवल महिलाओं से संबंधित है।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: ‘सेक्स’ (लिंग) का संबंध शरीर रचना और प्रजनन अंगों (Biological) से है, जबकि ‘जेंडर’ (लैंगिक) वह भूमिका है जो समाज पुरुष और महिला के लिए निर्धारित करता है (Social construction)।
  • Context & Elaboration: यह नारीवादी समाजशास्त्र (Feminist Sociology) का एक केंद्रीय विचार है, जो बताता है कि ‘स्त्रीत्व’ और ‘पुरुषत्व’ समाज द्वारा सिखाए जाते हैं।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) और (c) गलत हैं क्योंकि वे जैविक और सामाजिक अंतर को भ्रमित करते हैं। विकल्प (d) गलत है क्योंकि जेंडर स्त्री और पुरुष दोनों से संबंधित है।

Question 20: ‘केस स्टडी’ (Case Study) अनुसंधान पद्धति की मुख्य विशेषता क्या है?

  1. हजारों लोगों का सर्वेक्षण करना।
  2. किसी एक इकाई (व्यक्ति, समूह या संस्था) का गहन और विस्तृत अध्ययन करना।
  3. केवल सांख्यिकीय आंकड़ों का उपयोग करना।
  4. प्रयोगशाला में नियंत्रित प्रयोग करना।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: केस स्टडी एक गुणात्मक (Qualitative) विधि है जिसमें एक विशेष मामले का गहराई से विश्लेषण किया जाता है ताकि जटिल सामाजिक प्रक्रियाओं को समझा जा सके।
  • Context & Elaboration: यह पद्धति विशेष रूप से तब उपयोगी होती है जब शोधकर्ता ‘कैसे’ और ‘क्यों’ जैसे प्रश्नों के उत्तर खोजना चाहता है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) ‘सर्वेक्षण’ (Survey) है। विकल्प (c) ‘मात्रात्मक अनुसंधान’ (Quantitative Research) है। विकल्प (d) ‘प्रायोगिक विधि’ (Experimental Method) है।

Question 21: भारतीय समाज में ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा किसने दी थी?

  1. लुई ड्यूमों
  2. एम.एन. श्रीनिवास
  3. जी.एस. घुरये
  4. बी.आर. अंबेडकर

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: एम.एन. श्रीनिवास ने ‘प्रभावी जाति’ की अवधारणा दी। ऐसी जाति जिसके पास संख्यात्मक शक्ति, आर्थिक संसाधन (विशेषकर भूमि) और राजनीतिक प्रभाव होता है, वह अपने क्षेत्र की प्रभावी जाति कहलाती है।
  • Context & Elaboration: यह अवधारणा दर्शाती है कि जाति केवल धार्मिक शुद्धता पर नहीं, बल्कि भौतिक शक्ति पर भी आधारित होती है।
  • Incorrect Options: अन्य विचारक भारतीय समाज के विशेषज्ञ हैं, लेकिन यह विशिष्ट शब्द श्रीनिवास का है।

Question 22: ‘सामाजिक परिवर्तन’ (Social Change) के ‘रेखीय सिद्धांत’ (Linear Theory) का क्या अर्थ है?

  1. समाज एक चक्र में घूमता है और पुरानी स्थिति में लौट आता है।
  2. समाज एक निश्चित दिशा में सरल से जटिल की ओर विकसित होता है।
  3. समाज में कोई बदलाव नहीं होता।
  4. बदलाव केवल अचानक क्रांतियों से आता है।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: रेखीय सिद्धांत (जैसे विकासवादी सिद्धांत) मानते हैं कि समाज एक सीधी रेखा में प्रगति करता है, जहाँ वह आदिम अवस्था से आधुनिक अवस्था की ओर बढ़ता है।
  • Context & Elaboration: अगस्त कॉम्टे और हर्बर्ट स्पेंसर के विचार इस श्रेणी में आते हैं।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) ‘चक्रीय सिद्धांत’ (Cyclical Theory) है (जैसे टोयन्बी या स्पेंगलर)। विकल्प (c) और (d) परिवर्तन के सिद्धांतों की अधूरी व्याख्या करते हैं।

Question 23: शिक्षा के ‘प्रकार्यवाद’ (Functionalist) दृष्टिकोण के अनुसार, स्कूल का मुख्य कार्य क्या है?

  1. केवल अमीरों को और अमीर बनाना।
  2. छात्रों का समाजीकरण करना और उन्हें सामाजिक भूमिकाओं के लिए तैयार करना।
  3. समाज में विद्रोह फैलाना।
  4. केवल किताबी ज्ञान देना।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: प्रकार्यवादियों के अनुसार, शिक्षा का कार्य समाज के साझा मूल्यों को अगली पीढ़ी में स्थानांतरित करना और योग्यता के आधार पर व्यक्तियों को उनके भविष्य के व्यवसायों (Role Allocation) के लिए तैयार करना है।
  • Context & Elaboration: यह दृष्टिकोण समाज में स्थिरता और एकरूपता बनाए रखने पर जोर देता है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) ‘संघर्ष सिद्धांत’ (Conflict Theory) है। विकल्प (c) गलत है क्योंकि स्कूल व्यवस्था को बनाए रखने का काम करते हैं।

Question 24: राजनीतिक समाजशास्त्र में ‘शक्ति’ (Power) और ‘सत्ता’ (Authority) के बीच क्या अंतर है?

  1. दोनों बिल्कुल समान हैं।
  2. सत्ता वह शक्ति है जिसे समाज द्वारा वैध (Legitimate) माना जाता है।
  3. शक्ति हमेशा वैध होती है, सत्ता नहीं।
  4. सत्ता केवल डराने-धमकाने से आती है।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: मैक्स वेबर के अनुसार, ‘शक्ति’ दूसरों की इच्छा के विरुद्ध अपनी बात मनवाने की क्षमता है, लेकिन जब इस शक्ति को समाज की स्वीकृति या वैधता मिल जाती है, तो वह ‘सत्ता’ बन जाती है।
  • Context & Elaboration: उदाहरण के लिए, एक डकैत के पास ‘शक्ति’ है, लेकिन एक पुलिस अधिकारी के पास ‘सत्ता’ है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) गलत है क्योंकि वैधता का अंतर है। विकल्प (c) उल्टा है। विकल्प (d) शक्ति की परिभाषा है, सत्ता की नहीं।

Question 25: ‘वैश्वीकरण’ (Globalization) का समाजशास्त्र पर क्या प्रभाव पड़ा है?

  1. स्थानीय संस्कृतियों का पूरी तरह लुप्त होना।
  2. संस्कृतियों का मिश्रण (Hybridization) और वैश्विक अंतर्संबंधों में वृद्धि।
  3. दुनिया का पूरी तरह से एक ही धर्म में बदल जाना।
  4. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का पूरी तरह समाप्त होना।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: वैश्वीकरण ने ‘ग्लोबलाइजेशन’ और ‘लोकलाइजेशन’ के मिलन से ‘ग्लोबलाइजेशन’ (Glocalization) को जन्म दिया है, जहाँ वैश्विक प्रभाव स्थानीय संदर्भों के साथ मिल जाते हैं।
  • Context & Elaboration: यह केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और राजनीतिक एकीकरण की प्रक्रिया है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) गलत है क्योंकि स्थानीय संस्कृतियां बदलती हैं, पूरी तरह खत्म नहीं होतीं। विकल्प (c) और (d) वास्तविकता से परे हैं।

सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
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