समाजशास्त्र महारत: क्या आप इस कठिन चुनौती के लिए तैयार हैं?
नमस्कार भविष्य के समाजशास्त्रियों! आज हम आपकी वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक कौशल को परखने के लिए एक नया और चुनौतीपूर्ण अभ्यास सत्र लेकर आए हैं। यह क्विज़ आपको न केवल आपकी तैयारी का आकलन करने में मदद करेगा, बल्कि जटिल सिद्धांतों को समझने का एक नया नजरिया भी देगा। अपनी एकाग्रता बढ़ाएं और इस बौद्धिक यात्रा को शुरू करें!
Sociology Practice Questions
Instructions: निम्नलिखित 25 प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास करें और विस्तृत व्याख्याओं के माध्यम से अपनी समझ का विश्लेषण करें।
Question 1: कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति मुख्य रूप से किसके कारण उत्पन्न होती है?
- सामाजिक मानदंडों का अभाव
- पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली में श्रमिक का अपने कार्य से विच्छेद
- धार्मिक विश्वासों का प्रभाव
- शिक्षा का अभाव
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवाद में श्रमिक केवल एक मशीन का पुर्जा बनकर रह जाता है, जिससे वह अपने उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः अपने स्वयं के ‘मानवीय सार’ से अलग हो जाता है।
- Context & Elaboration: यह अवधारणा उनकी कृति ‘1844 के आर्थिक और दार्शनिक рукоपत्रों’ (Economic and Philosophic Manuscripts of 1844) में विस्तार से वर्णित है। यह श्रमिक वर्ग के मानसिक और सामाजिक कष्ट को दर्शाता है।
- Incorrect Options: विकल्प (a) ‘एनोमी’ (Anomie) से संबंधित है जो दुर्खीम की अवधारणा है। विकल्प (c) और (d) अलगाव के मुख्य संरचनात्मक कारण नहीं हैं।
Question 2: एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा के लिए इनमें से कौन सी शर्त आवश्यक नहीं है?
- संख्यात्मक शक्ति
- आर्थिक शक्ति (विशेषकर भूमि का स्वामित्व)
- राजनीतिक शक्ति
- अनुष्ठानिक स्थिति (Ritual Status) में सर्वोच्चता
Answer: (d)
Detailed Explanation:
- Correctness: प्रभावी जाति के लिए संख्या, आर्थिक संसाधन और राजनीतिक प्रभाव आवश्यक हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि वह जाति अनुष्ठानिक पदानुक्रम (Caste Hierarchy) में सबसे ऊपर (जैसे ब्राह्मण) हो। एक मध्यवर्ती जाति भी प्रभावी हो सकती है।
- Context & Elaboration: श्रीनिवास ने यह अवधारणा ग्रामीण भारत के अध्ययन के दौरान दी थी, जहाँ कुछ जातियां अपनी भौतिक शक्ति के कारण अन्य जातियों पर नियंत्रण रखती हैं।
- Incorrect Options: विकल्प (a), (b), और (c) प्रभावी जाति की परिभाषा के तीन मुख्य स्तंभ हैं।
Question 3: एमिल दुर्खीम ने ‘यांत्रिक एकजुटता’ (Mechanical Solidarity) का वर्णन किस प्रकार के समाजों में किया है?
- जटिल और आधुनिक समाज
- श्रम विभाजन वाले औद्योगिक समाज
- सरल और पारंपरिक समाज
- शहरी और महानगरीय समाज
Answer: (c)
Detailed Explanation:
- Correctness: यांत्रिक एकजुटता उन समाजों में पाई जाती है जहाँ लोगों के विश्वास, मूल्य और कार्य लगभग समान होते हैं (समानता पर आधारित एकता)।
- Context & Elaboration: यह विचार उनकी पुस्तक ‘The Division of Labour in Society’ में दिया गया है। यहाँ कानून मुख्य रूप से दमनकारी (Repressive) होते हैं।
- Incorrect Options: विकल्प (a), (b), और (d) ‘सावयवी एकजुटता’ (Organic Solidarity) की विशेषता हैं, जो परस्पर निर्भरता पर आधारित होती है।
Question 4: मैक्स वेबर की ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) की अवधारणा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- समाज के लिए एक आदर्श नैतिक मानक स्थापित करना
- सामाजिक वास्तविकता को मापने के लिए एक तुलनात्मक उपकरण बनाना
- समाज की समस्याओं का पूर्ण समाधान खोजना
- मानवीय व्यवहार को नियंत्रित करने के नियम बनाना
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: आदर्श प्रारूप कोई ‘आदर्श’ (Perfect) स्थिति नहीं है, बल्कि एक मानसिक निर्माण (Mental Construct) है जिसका उपयोग वास्तविक सामाजिक घटनाओं की तुलना और विश्लेषण करने के लिए किया जाता है।
- Context & Elaboration: वेबर ने इसका उपयोग नौकरशाही (Bureaucracy) और सत्ता के प्रकारों को समझने के लिए किया था। यह एक विश्लेषणात्मक उपकरण है, न कि कोई नैतिक लक्ष्य।
- Incorrect Options: विकल्प (a) गलत है क्योंकि यह नैतिक आदर्श नहीं है। विकल्प (c) और (d) वेबर के शोध पद्धति के उद्देश्य नहीं हैं।
Question 5: ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र’ (Profane) के बीच का अंतर समाजशास्त्र में किस विचारक ने प्रमुखता से समझाया है?
- मैक्स वेबर
- एमिल दुर्खीम
- हर्बर्ट स्पेंसर
- अगस्त कॉम्टे
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: दुर्खीम ने तर्क दिया कि धर्म का मूल आधार वस्तुओं को ‘पवित्र’ (विशेष और वर्जित) और ‘अपवित्र’ (साधारण और दैनिक) में विभाजित करना है।
- Context & Elaboration: यह विश्लेषण उनकी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में मिलता है। उनके अनुसार, पवित्र वस्तुएं वास्तव में समाज का ही प्रतीक होती हैं।
- Incorrect Options: वेबर ने धर्म के आर्थिक प्रभावों (Protestant Ethic) पर ध्यान दिया, न कि पवित्र/अपवित्र के वर्गीकरण पर। स्पेंसर और कॉम्टे ने धर्म के विकासवादी या सकारात्मक पहलुओं पर चर्चा की।
Question 6: नृवंशविज्ञान (Ethnography) अनुसंधान पद्धति की मुख्य विशेषता क्या है?
- बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण और सांख्यिकीय विश्लेषण
- प्रयोगशाला में नियंत्रित प्रयोग
- किसी संस्कृति या समूह का गहन, सहभागी अवलोकन (Participant Observation)
- केवल द्वितीयक आंकड़ों (Secondary Data) का विश्लेषण
Answer: (c)
Detailed Explanation:
- Correctness: नृवंशविज्ञान में शोधकर्ता उस समुदाय के साथ रहकर, उनकी भाषा सीखकर और उनकी जीवनशैली को गहराई से अनुभव करके डेटा एकत्र करता है।
- Context & Elaboration: यह गुणात्मक शोध (Qualitative Research) का एक हिस्सा है और सांस्कृतिक समाजशास्त्र में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- Incorrect Options: विकल्प (a) मात्रात्मक शोध (Quantitative Research) है। विकल्प (b) मनोवैज्ञानिक प्रयोगों में अधिक होता है। विकल्प (d) पुस्तकालय अनुसंधान (Archival Research) है।
Question 7: रॉबर्ट के. मर्टन द्वारा प्रतिपादित ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) में क्या अंतर है?
- एक सकारात्मक है और दूसरा नकारात्मक
- एक इच्छित/ज्ञात परिणाम है और दूसरा अनपेक्षित/अज्ञात परिणाम
- एक व्यक्तिगत है और दूसरा सामूहिक
- एक स्थायी है और दूसरा अस्थायी
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: प्रकट कार्य वे परिणाम हैं जिनके लिए किसी सामाजिक संस्था को बनाया गया है (जैसे शिक्षा का उद्देश्य ज्ञान देना), जबकि अंतर्निहित कार्य वे परिणाम हैं जो अनजाने में होते हैं (जैसे स्कूल में सामाजिक नेटवर्क बनाना)।
- Context & Elaboration: मर्टन ने कार्यात्मकता (Functionalism) के सिद्धांत को अधिक लचीला बनाया और स्पष्ट किया कि हर सामाजिक संरचना का कार्य स्पष्ट नहीं होता।
- Incorrect Options: मर्टन ने ‘दुष्कार्य’ (Dysfunction) शब्द का उपयोग नकारात्मक परिणामों के लिए किया था, न कि अंतर्निहित कार्य के लिए।
Question 8: भारतीय समाज के अध्ययन में ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या दर्शाती है?
- जाति व्यवस्था का पूर्ण विनाश
- पश्चिमी संस्कृति का अंधानुकरण
- निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाकर सामाजिक गतिशीलता का प्रयास
- केवल धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना
Answer: (c)
Detailed Explanation:
- Correctness: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोई निम्न जाति या जनजाति उच्च जाति (विशेषकर द्विज जातियों) के रीति-रिवाजों, कर्मकांडों और जीवन शैली को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने की कोशिश करती है।
- Context & Elaboration: एम.एन. श्रीनिवास ने इसे ‘सांस्कृतिक गतिशीलता’ (Cultural Mobility) कहा है, न कि ‘संरचनात्मक गतिशीलता’ (Structural Mobility), क्योंकि इससे जाति का ढांचा नहीं बदलता, बस स्थिति बदलती है।
- Incorrect Options: विकल्प (b) ‘पश्चिमीकरण’ है। विकल्प (a) गलत है क्योंकि संस्कृतिकरण जाति व्यवस्था के भीतर ही काम करता है।
Question 9: ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति समाज में कब उत्पन्न होती है?
- जब नियम अत्यधिक सख्त हो जाते हैं
- जब समाज में मानदंडों और मूल्यों का अभाव या विघटन हो जाता है
- जब सभी लोग समान आय अर्जित करते हैं
- जब धर्म का प्रभाव बढ़ जाता है
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: एनोमी वह स्थिति है जहाँ समाज में व्यक्ति को यह दिशा नहीं मिलती कि उसे कैसे व्यवहार करना चाहिए, क्योंकि पुराने नियम टूट चुके होते हैं और नए अभी बने नहीं होते।
- Context & Elaboration: दुर्खीम ने इसे तीव्र सामाजिक परिवर्तन या आर्थिक संकट के समय देखा। बाद में रॉबर्ट मर्टन ने इसे लक्ष्य और साधनों के बीच के अंतराल के रूप में परिभाषित किया।
- Incorrect Options: विकल्प (a) इसके विपरीत स्थिति है। विकल्प (c) और (d) एनोमी के सीधे कारण नहीं हैं।
Question 10: टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?
- सामाजिक अनुकूलन (Adaptation)
- लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
- एकीकरण (Integration)
- पैटर्न अनुरक्षण (Pattern Maintenance/Latency)
Answer: (d)
Detailed Explanation:
- Correctness: Latency (L) का अर्थ है समाज के सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना और उन्हें अगली पीढ़ी तक पहुँचाना (जैसे परिवार और शिक्षा के माध्यम से)।
- Context & Elaboration: AGIL मॉडल पार्सन्स का एक कार्यात्मक ढांचा है। A=Adaptation (अर्थव्यवस्था), G=Goal Attainment (राजनीति), I=Integration (कानून/धर्म), L=Latency (परिवार/संस्कृति)।
- Incorrect Options: विकल्प (a) ‘A’ के लिए है, (b) ‘G’ के लिए है और (c) ‘I’ के लिए है।
Question 11: ग्रामीण समाजशास्त्र में ‘जजमानी व्यवस्था’ (Jajmani System) मुख्य रूप से किस पर आधारित थी?
- नकद भुगतान और बाजार प्रतिस्पर्धा
- पारस्परिक सेवा और वस्तु विनिमय (Barter)
- राज्य द्वारा संचालित वेतन प्रणाली
- केवल धार्मिक दान
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: जजमानी व्यवस्था एक पारंपरिक आर्थिक और सामाजिक संबंध था जहाँ सेवा प्रदाता जातियां (कमीन) संरक्षक जातियों (जजमान) को सेवा देती थीं और बदले में उन्हें फसल का हिस्सा या अन्य वस्तुएं मिलती थीं।
- Context & Elaboration: यह ग्रामीण भारत में जाति-आधारित श्रम विभाजन का एक आर्थिक रूप था, जिसमें पारस्परिक निर्भरता होती थी।
- Incorrect Options: यह बाजार आधारित अर्थव्यवस्था (विकल्प a) के विपरीत थी। इसमें सरकारी हस्तक्षेप (विकल्प c) नहीं था।
Question 12: शहरी समाजशास्त्र में ‘जेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) का क्या अर्थ है?
- शहरी क्षेत्रों से लोगों का पलायन
- किसी पुराने या निम्न-आय वाले शहरी क्षेत्र का नवीनीकरण और उच्च-आय वर्ग द्वारा पुनरभ्यास
- स्लम बस्तियों का पूर्ण विनाश
- शहरों में उद्योगों का बंद होना
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: जेंट्रीफिकेशन तब होता है जब मध्यम या उच्च वर्ग के लोग किसी पिछड़े शहरी इलाके में आकर निवेश करते हैं और वहां के बुनियादी ढांचे को सुधारते हैं, जिससे वहां की लागत बढ़ जाती है और मूल गरीब निवासी वहां से विस्थापित हो जाते हैं।
- Context & Elaboration: यह शहरी पुनर्विकास का एक विवादास्पद पहलू है क्योंकि यह सामाजिक विस्थापन (Displacement) का कारण बनता है।
- Incorrect Options: विकल्प (a) शहरीकरण के विपरीत (De-urbanization) है। विकल्प (c) केवल एक हिस्सा हो सकता है, पूरी प्रक्रिया नहीं।
Question 13: जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) का विकास कैसे होता है?
- जन्मजात प्रवृत्तियों के माध्यम से
- केवल जैविक विकास से
- सामाजिक अंतःक्रिया और प्रतीकात्मक संचार के माध्यम से
- अकेले चिंतन करने से
Answer: (c)
Detailed Explanation:
- Correctness: मीड का मानना था कि ‘स्व’ (Self) का निर्माण तब होता है जब व्यक्ति दूसरों की नजरों से खुद को देखना शुरू करता है और सामाजिक प्रतिक्रियाओं को आत्मसात करता है।
- Context & Elaboration: उन्होंने ‘I’ (प्रतिक्रियाशील स्व) और ‘Me’ (सामाजिक स्व) के बीच अंतर बताया। यह ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) का मूल आधार है।
- Incorrect Options: विकल्प (a) और (b) जैविक नियतिवाद हैं, जबकि समाजशास्त्र सामाजिक कारकों पर जोर देता है।
Question 14: लुई ड्यूमों (Louis Dumont) ने अपनी पुस्तक ‘होमो हिएरार्किकस’ (Homo Hierarchicus) में भारतीय जाति व्यवस्था का मुख्य सिद्धांत क्या बताया है?
- जाति केवल एक आर्थिक वर्ग है
- शुद्धता और अशुद्धता (Purity and Pollution) का द्विभाजन
- जाति पूरी तरह से लोकतांत्रिक है
- जाति केवल भौगोलिक अलगाव का परिणाम है
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: ड्यूमों के अनुसार, भारतीय जाति व्यवस्था का आधार ‘पदानुक्रम’ (Hierarchy) है, जो शुद्धता और अशुद्धता के धार्मिक/वैचारिक सिद्धांतों पर टिका है।
- Context & Elaboration: उन्होंने तर्क दिया कि भारतीय समाज पश्चिमी समाज (जो व्यक्तिवादी है) के विपरीत पदानुक्रमित है।
- Incorrect Options: विकल्प (a) मार्क्सवादी दृष्टिकोण है। विकल्प (c) पूरी तरह गलत है क्योंकि जाति जन्म आधारित और असमान है।
Question 15: समाजशास्त्र में ‘त्रिभुजकरण’ (Triangulation) पद्धति का उपयोग क्यों किया जाता है?
- केवल तीन शोधकर्ताओं को नियुक्त करने के लिए
- डेटा की वैधता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए विभिन्न विधियों का उपयोग करना
- केवल सांख्यिकीय गणना को आसान बनाने के लिए
- शोध की लागत कम करने के लिए
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: त्रिभुजकरण का अर्थ है एक ही शोध समस्या का अध्ययन करने के लिए एक से अधिक विधियों (जैसे साक्षात्कार + सर्वेक्षण + अवलोकन) का उपयोग करना ताकि निष्कर्ष अधिक सटीक हों।
- Context & Elaboration: यह गुणात्मक और मात्रात्मक शोध के बीच के अंतर को पाटता है और पक्षपात (Bias) को कम करता है।
- Incorrect Options: यह शोधकर्ताओं की संख्या (विकल्प a) या बजट (विकल्प d) से संबंधित नहीं है।
Question 16: ‘सामाजिक स्तरीकरण’ (Social Stratification) के संदर्भ में ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का उदाहरण कौन सा है?
- वर्ग (Class)
- जाति (Caste)
- व्यावसायिक स्थिति (Occupation)
- शिक्षा का स्तर
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: बंद स्तरीकरण वह प्रणाली है जिसमें व्यक्ति अपनी स्थिति नहीं बदल सकता क्योंकि यह जन्म पर आधारित होती है। जाति इसका सबसे सटीक उदाहरण है।
- Context & Elaboration: इसके विपरीत, ‘खुला स्तरीकरण’ (जैसे वर्ग) वह है जहाँ योग्यता और प्रयास से स्थिति बदली जा सकती है।
- Incorrect Options: वर्ग, व्यवसाय और शिक्षा (विकल्प a, c, d) खुले स्तरीकरण के उदाहरण हैं क्योंकि इनमें गतिशीलता संभव है।
Question 17: सिमेल (Georg Simmel) ने ‘डायड’ (Dyad) और ‘ट्रायड’ (Triad) के माध्यम से क्या समझाया है?
- धर्म के तीन प्रकार
- समूह के आकार का सामाजिक संबंधों की प्रकृति पर प्रभाव
- परिवार के तीन सदस्य
- शहरी जीवन के तीन चरण
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: सिमेल ने बताया कि दो लोगों के समूह (Dyad) और तीन लोगों के समूह (Triad) की गतिशीलता पूरी तरह अलग होती है। तीसरे व्यक्ति के आने से समूह में मध्यस्थता, गठबंधन या संघर्ष की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
- Context & Elaboration: इसे ‘सामाजिक ज्यामिति’ (Social Geometry) कहा जाता है, जो यह दर्शाता है कि समूह का आकार संबंधों के गुणात्मक स्वरूप को बदल देता है।
- Incorrect Options: यह धार्मिक या शहरी चरणों से संबंधित नहीं है, बल्कि सूक्ष्म-समाजशास्त्र (Micro-sociology) का हिस्सा है।
Question 18: विलियम ओगबर्न (William Ogburn) की ‘सांस्कृतिक विलंब’ (Cultural Lag) की अवधारणा क्या बताती है?
- संस्कृति का पूरी तरह समाप्त हो जाना
- भौतिक संस्कृति (तकनीक) का अभौतिक संस्कृति (मूल्य/विश्वास) से तेज़ी से आगे बढ़ जाना
- दो संस्कृतियों का आपस में मिल जाना
- प्राचीन संस्कृति का पुनरुद्धार होना
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: ओगबर्न के अनुसार, जब तकनीक (Material Culture) तेज़ी से बदलती है लेकिन समाज के नियम, मूल्य और विश्वास (Non-material Culture) उसी गति से नहीं बदल पाते, तो उनके बीच एक अंतराल पैदा होता है जिसे ‘सांस्कृतिक विलंब’ कहते हैं।
- Context & Elaboration: उदाहरण के लिए, इंटरनेट तकनीक (भौतिक) तो आ गई, लेकिन साइबर कानून और नैतिकता (अभौतिक) उसे अपनाने में समय ले रहे हैं।
- Incorrect Options: विकल्प (c) ‘सांस्कृतिक संकरण’ (Cultural Hybridization) है।
Question 19: मिशेल फौकॉल्ट (Michel Foucault) के अनुसार ‘शक्ति’ (Power) की प्रकृति कैसी है?
- शक्ति केवल राज्य या सरकार के पास होती है
- शक्ति ऊपर से नीचे की ओर एक दिशा में बहती है
- शक्ति विकेंद्रीकृत है और समाज के हर संबंध में व्याप्त है
- शक्ति केवल शारीरिक बल का प्रयोग है
Answer: (c)
Detailed Explanation:
- Correctness: फौकॉल्ट ने तर्क दिया कि शक्ति केवल दमनकारी नहीं होती, बल्कि यह ‘उत्पादक’ होती है और पूरे समाज में जाल की तरह फैली हुई है (Power/Knowledge nexus)।
- Context & Elaboration: उन्होंने दिखाया कि कैसे अस्पताल, जेल और स्कूल के माध्यम से सूक्ष्म स्तर पर अनुशासन और शक्ति का प्रयोग किया जाता है।
- Incorrect Options: विकल्प (a) और (b) पारंपरिक दृष्टिकोण हैं, जिन्हें फौकॉल्ट ने चुनौती दी थी।
Question 20: समाजशास्त्र में ‘सामाजिकरण’ (Socialization) की प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- व्यक्ति को समाज से अलग करना
- व्यक्ति को सामाजिक मानदंडों, मूल्यों और भूमिकाओं को सिखाना
- केवल भाषा का ज्ञान देना
- व्यक्ति की जैविक प्रवृत्तियों को पूरी तरह खत्म करना
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: सामाजिकरण वह आजीवन प्रक्रिया है जिसके माध्यम से एक जैविक प्राणी (Biological Being) एक सामाजिक प्राणी (Social Being) बनता है।
- Context & Elaboration: इसके मुख्य एजेंट परिवार, स्कूल, मित्र और मीडिया होते हैं। यह व्यक्ति को समाज में कार्य करने योग्य बनाता है।
- Incorrect Options: विकल्प (a) इसके ठीक विपरीत है। विकल्प (c) सामाजिकरण का एक छोटा हिस्सा है, संपूर्ण उद्देश्य नहीं।
Question 21: ‘छिपा हुआ पाठ्यक्रम’ (Hidden Curriculum) की अवधारणा शिक्षा के समाजशास्त्र में क्या दर्शाती है?
- वह पाठ्यक्रम जो गुप्त रूप से पढ़ाया जाता है
- वह अनौपचारिक मूल्य, विश्वास और व्यवहार जो छात्र स्कूल में अनजाने में सीखते हैं
- वह किताबें जो सिलेबस से बाहर होती हैं
- शिक्षकों द्वारा छिपाया गया ज्ञान
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: छिपा हुआ पाठ्यक्रम उन अघोषित नियमों को संदर्भित करता है जिन्हें छात्र स्कूल के वातावरण, अनुशासन और शिक्षकों के व्यवहार से सीखते हैं (जैसे आज्ञाकारिता, समय की पाबंदी, सामाजिक पदानुक्रम का सम्मान)।
- Context & Elaboration: यह अक्सर समाज के मौजूदा वर्ग ढांचे और शक्ति संबंधों को सुदृढ़ करने का काम करता है।
- Incorrect Options: यह किसी ‘गुप्त’ विषय (विकल्प a) या किताबों (विकल्प c) के बारे में नहीं है।
Question 22: भारत में ‘जनजातीय एकीकरण’ (Tribal Integration) के संदर्भ में ‘पृथक्करण’ (Isolation) की नीति का मुख्य तर्क क्या था?
- जनजातियों को मुख्यधारा में तेज़ी से लाना
- जनजातियों की विशिष्ट संस्कृति को बाहरी हस्तक्षेप से बचाना
- जनजातियों को जबरन शहरी बनाना
- उनका पूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण करना
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: पृथक्करण नीति (जैसे ‘बहिष्कृत क्षेत्र’ या Isolated Zones) का तर्क यह था कि जनजातीय समाज नाजुक होते हैं और बाहरी दुनिया के संपर्क में आने पर उनकी संस्कृति नष्ट हो सकती है और उनका शोषण हो सकता है।
- Context & Elaboration: यह नीति ब्रिटिश काल के दौरान अधिक प्रचलित थी, जिसे बाद में ‘एकीकरण’ (Integration) नीति द्वारा बदला गया।
- Incorrect Options: विकल्प (a) और (c) ‘एकीकरण’ और ‘आधुनिकीकरण’ के लक्ष्य हैं, न कि पृथक्करण के।
Question 23: ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) किस समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य (Perspective) के अंतर्गत आता है?
- मैक्रो-सोशियोलॉजी (Macro-Sociology)
- माइक्रो-सोशियोलॉजी (Micro-Sociology)
- संरचनात्मक कार्यात्मकता (Structural Functionalism)
- संघर्ष सिद्धांत (Conflict Theory)
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: यह माइक्रो-सोशियोलॉजी है क्योंकि यह बड़े सामाजिक ढांचे के बजाय व्यक्तियों के बीच होने वाली छोटी-छोटी अंतःक्रियाओं और उनके द्वारा दिए गए अर्थों पर ध्यान केंद्रित करता है।
- Context & Elaboration: इसके प्रमुख विचारकों में जी.एच. मीड और हर्बर्ट ब्लूमर शामिल हैं। यह व्यक्तिगत व्याख्या और अर्थ निर्माण पर जोर देता है।
- Incorrect Options: विकल्प (a), (c), और (d) मैक्रो-लेवल विश्लेषण करते हैं, जहाँ पूरे समाज या बड़े समूहों (वर्ग, राज्य) का अध्ययन किया जाता है।
Question 24: ‘एजेंसिव’ (Agency) और ‘स्ट्रक्चर’ (Structure) के बीच बहस समाजशास्त्र में क्या स्पष्ट करती है?
- केवल सरकार की शक्ति का अध्ययन
- व्यक्ति की स्वतंत्र इच्छा (Agency) बनाम सामाजिक ढांचे (Structure) का प्रभाव
- केवल आर्थिक संसाधनों का वितरण
- शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों का अंतर
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: यह बहस इस बात पर है कि क्या मनुष्य अपने कार्यों के लिए स्वयं जिम्मेदार है (Agency) या वह समाज द्वारा बनाए गए नियमों और सीमाओं (Structure) से बंधा हुआ है।
- Context & Elaboration: एंथनी गिडेंस ने ‘स्ट्रक्चुरेशन थ्योरी’ (Structuration Theory) के माध्यम से इन दोनों के बीच समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया है।
- Incorrect Options: यह केवल सरकार (विकल्प a) या अर्थव्यवस्था (विकल्प c) तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाजशास्त्रीय सिद्धांत का एक मौलिक प्रश्न है।
Question 25: एमिल दुर्खीम के अनुसार ‘आत्महत्या’ (Suicide) के प्रकारों में ‘अनोमिक आत्महत्या’ (Anomic Suicide) कब होती है?
- जब समाज में सामाजिक बंधन बहुत अधिक मजबूत होते हैं
- जब व्यक्ति समाज से पूरी तरह अलग-थलग हो जाता है
- जब समाज में अचानक तीव्र परिवर्तन आता है और नियम अस्थिर हो जाते हैं
- जब व्यक्ति अत्यधिक धार्मिक होता है
Answer: (c)
Detailed Explanation:
- Correctness: अनोमिक आत्महत्या तब होती है जब समाज में अचानक आर्थिक या सामाजिक उथल-पुथल मचती है, जिससे व्यक्ति की आकांक्षाओं और उन्हें प्राप्त करने के साधनों के बीच असंतुलन पैदा हो जाता है।
- Context & Elaboration: यह दुर्खीम की प्रसिद्ध पुस्तक ‘Suicide’ (1897) से लिया गया है। उन्होंने इसे सामाजिक एकीकरण और नियमन (Regulation) की कमी से जोड़ा।
- Incorrect Options: विकल्प (a) ‘परिवर्तित/परोपकारी’ (Altruistic) आत्महत्या है। विकल्प (b) ‘अहंवादी’ (Egoistic) आत्महत्या है।
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