भारतीय संविधान और राजव्यवस्था: अपनी वैचारिक स्पष्टता का परीक्षण करें
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भारतीय संविधान न केवल एक कानूनी दस्तावेज़ है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र की जीवंत आत्मा है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए संवैधानिक अनुच्छेदों की सूक्ष्म समझ और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग का ज्ञान होना अनिवार्य है। यह उच्च-स्तरीय मॉक टेस्ट आपकी तैयारी को परखने और कठिन अवधारणाओं को स्पष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आइए, अपनी तैयारी को एक नई दिशा दें!
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- भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘समाजवादी’ और ‘पंथनिरपेक्ष’ शब्दों को किस संवैधानिक संशोधन द्वारा जोड़ा गया था?\n
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- (A) 40वां संशोधन अधिनियम
- (B) 42वां संशोधन अधिनियम
- (C) 44वां संशोधन अधिनियम
- (D) 52वां संशोधन अधिनियम
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सही उत्तर: (B) 42वां संशोधन अधिनियम
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विस्तृत व्याख्या: 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 (जिसे ‘लघु संविधान’ भी कहा जाता है) के माध्यम से प्रस्तावना में तीन नए शब्द ‘समाजवादी’ (Socialist), ‘पंथनिरपेक्ष’ (Secular) और ‘अखंडता’ (Integrity) जोड़े गए थे।
\nअन्य विकल्प: 44वां संशोधन (1978) मुख्य रूप से आपातकाल के दौरान हटाए गए मौलिक अधिकारों को बहाल करने के लिए था। 52वां संशोधन ‘दलबदल विरोधी कानून’ से संबंधित है।\n\n
- ‘विधि के शासन’ (Rule of Law) की अवधारणा भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में निहित है?\n
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- (A) अनुच्छेद 13
- (B) अनुच्छेद 15
- (C) अनुच्छेद 14
- (D) अनुच्छेद 19
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सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 14
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विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 14 यह घोषणा करता है कि राज्य किसी भी व्यक्ति को विधि के समक्ष समानता या विधियों के समान संरक्षण से वंचित नहीं करेगा। ‘विधि का शासन’ ए.वी. डायसी द्वारा प्रतिपादित एक अवधारणा है, जिसका अर्थ है कि कानून सर्वोच्च है और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।
\nअन्य विकल्प: अनुच्छेद 13 न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) का आधार है, जबकि अनुच्छेद 15 धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध करता है।\n\n
- किस ऐतिहासिक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ‘मूल ढांचे’ (Basic Structure) का सिद्धांत प्रतिपादित किया था?\n
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- (A) गोलकनाथ मामला (1967)
- (B) मिनर्वा मिल्स मामला (1980)
- (C) केशवानंद भारती मामला (1973)
- (D) मेनका गांधी मामला (1978)
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सही उत्तर: (C) केशवानंद भारती मामला (1973)
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विस्तृत व्याख्या: केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य मामले में 13 न्यायाधीशों की सबसे बड़ी पीठ ने फैसला सुनाया कि संसद संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन कर सकती है, लेकिन वह संविधान के ‘मूल ढांचे’ (Basic Structure) को नष्ट या परिवर्तित नहीं कर सकती।
\nअन्य विकल्प: गोलकनाथ मामले में कहा गया था कि मौलिक अधिकारों में संशोधन नहीं किया जा सकता। मेनका गांधी मामले ने अनुच्छेद 21 की व्यापक व्याख्या की।\n\n
- अनुच्छेद 21 के तहत ‘निजता का अधिकार’ (Right to Privacy) को मौलिक अधिकार घोषित किस मामले में किया गया?\n
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- (A) के.एस. पुट्टास्वामी मामला
- (B) इंदिरा गांधी मामला
- (C) एस.आर. बोम्मई मामला
- (D) विशाखा मामला
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सही उत्तर: (A) के.एस. पुट्टास्वामी मामला
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विस्तृत व्याख्या: 2017 में जस्टिस के.एस. पुट्टास्वामी बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट की 9 न्यायाधीशों की पीठ ने सर्वसम्मति से निर्णय दिया कि निजता का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का एक अभिन्न अंग है।
\nअन्य विकल्प: विशाखा मामला कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संबंधित है, जबकि एस.आर. बोम्मई मामला अनुच्छेद 356 के दुरुपयोग से संबंधित है।\n\n
- समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) का उल्लेख संविधान के किस अनुच्छेद में किया गया है?\n
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- (A) अनुच्छेद 40
- (B) अनुच्छेद 42
- (C) अनुच्छेद 44
- (D) अनुच्छेद 46
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सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 44
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विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 44 राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) का हिस्सा है, जो राज्य को भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करने का निर्देश देता है।
\nअन्य विकल्प: अनुच्छेद 40 ग्राम पंचायतों के संगठन से संबंधित है, और अनुच्छेद 46 अनुसूचित जातियों/जनजातियों के शैक्षिक और आर्थिक हितों को बढ़ावा देने से संबंधित है।\n\n
- मौलिक कर्तव्यों को भारतीय संविधान में किस समिति की सिफारिश पर जोड़ा गया था?\n
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- (A) वर्मा समिति
- (B) स्वर्ण सिंह समिति
- (C) सरकारिया आयोग
- (D) बलवंत राय मेहता समिति
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सही उत्तर: (B) स्वर्ण सिंह समिति
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विस्तृत व्याख्या: 42वें संविधान संशोधन 1976 द्वारा भाग IV-A और अनुच्छेद 51A जोड़ा गया, जिसमें मूल रूप से 10 मौलिक कर्तव्य थे (स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर)। वर्तमान में इनकी संख्या 11 है (86वें संशोधन द्वारा एक और जोड़ा गया)।
\nअन्य विकल्प: सरकारिया आयोग केंद्र-राज्य संबंधों पर था, और बलवंत राय मेहता समिति पंचायती राज व्यवस्था पर थी।\n\n
- राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति (Pardoning Power) का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?\n
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- (A) अनुच्छेद 71
- (B) अनुच्छेद 72
- (C) अनुच्छेद 73
- (D) अनुच्छेद 74
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सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 72
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विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा को क्षमा करने, कम करने या निलंबित करने की शक्ति प्रदान करता है। यह शक्ति न्यायिक नहीं बल्कि कार्यकारी है।
\nअन्य विकल्प: अनुच्छेद 74 राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद के प्रावधान करता है।\n\n
- राष्ट्रपति द्वारा अध्यादेश (Ordinance) जारी करने की शक्ति किस अनुच्छेद के तहत आती है?\n
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- (A) अनुच्छेद 111
- (B) अनुच्छेद 123
- (C) अनुच्छेद 213
- (D) अनुच्छेद 143
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सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 123
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विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 123 राष्ट्रपति को तब अध्यादेश जारी करने की शक्ति देता है जब संसद के दोनों सदन सत्र में न हों और तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता हो। इसका प्रभाव अधिनियम के समान होता है।
\nअन्य विकल्प: अनुच्छेद 213 राज्यपाल की अध्यादेश जारी करने की शक्ति है। अनुच्छेद 143 सुप्रीम कोर्ट से सलाह लेने की राष्ट्रपति की शक्ति है।\n\n
- भारतीय संविधान में ‘धन विधेयक’ (Money Bill) को किस अनुच्छेद के तहत परिभाषित किया गया है?\n
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- (A) अनुच्छेद 108
- (B) अनुच्छेद 109
- (C) अनुच्छेद 110
- (D) अनुच्छेद 112
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सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 110
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विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 110 के अनुसार, यदि कोई विधेयक केवल कर लगाने, उधार लेने या संचित निधि से धन निकालने से संबंधित है, तो वह धन विधेयक कहलाता है। इसका निर्णय लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) करता है।
\nअन्य विकल्प: अनुच्छेद 108 संयुक्त बैठक (Joint Sitting) से संबंधित है और अनुच्छेद 112 वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट) से संबंधित है।\n\n
- राज्यसभा के पास कौन सी विशेष शक्ति है जो लोकसभा के पास नहीं है?\n
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- (A) धन विधेयक को पारित करना
- (B) राष्ट्रपति के चुनाव में भाग लेना
- (C) अनुच्छेद 249 के तहत राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने का अधिकार देना
- (D) मंत्रिपरिषद पर विश्वास मत लाना
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सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 249 के तहत राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने का अधिकार देना
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विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 249 के तहत, यदि राज्यसभा दो-तिहाई बहुमत से यह प्रस्ताव पारित करती है कि राष्ट्रीय हित में राज्य सूची के किसी विषय पर संसद को कानून बनाना चाहिए, तो संसद उस विषय पर कानून बना सकती है।
\nअन्य विकल्प: धन विधेयक केवल लोकसभा में पेश किया जा सकता है। मंत्रिपरिषद केवल लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है।\n\n
- न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) का सिद्धांत किस देश के संविधान से लिया गया है?\n
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- (A) ब्रिटेन
- (B) कनाडा
- (C) अमेरिका (USA)
- (D) ऑस्ट्रेलिया
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सही उत्तर: (C) अमेरिका (USA)
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विस्तृत व्याख्या: न्यायिक समीक्षा की शक्ति अमेरिकी संविधान से ली गई है। इसके माध्यम से न्यायपालिका यह जाँच करती है कि विधायिका द्वारा बनाया गया कानून या कार्यपालिका का आदेश संवैधानिक है या नहीं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 13, 32 और 226 इसे शक्ति प्रदान करते हैं।
\nअन्य विकल्प: ब्रिटेन में संसदीय संप्रभुता है, वहाँ न्यायिक समीक्षा का वैसा स्वरूप नहीं है जैसा अमेरिका या भारत में है।\n\n
- सुप्रीम कोर्ट को ‘पूर्ण न्याय’ (Complete Justice) करने की असाधारण शक्ति किस अनुच्छेद के तहत प्राप्त है?\n
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- (A) अनुच्छेद 131
- (B) अनुच्छेद 136
- (C) अनुच्छेद 141
- (D) अनुच्छेद 142
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सही उत्तर: (D) अनुच्छेद 142
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विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 142 सुप्रीम कोर्ट को यह शक्ति देता है कि वह किसी भी मामले में ऐसा आदेश पारित कर सकता है जो ‘पूर्ण न्याय’ सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हो, भले ही वह किसी मौजूदा कानून के विपरीत हो।
\nअन्य विकल्प: अनुच्छेद 131 मूल क्षेत्राधिकार (Original Jurisdiction) से संबंधित है और अनुच्छेद 141 के तहत सुप्रीम कोर्ट के फैसले सभी निचली अदालतों पर बाध्यकारी होते हैं।\n\n
- रिट (Writs) जारी करने की शक्ति के संदर्भ में, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के बीच क्या अंतर है?\n
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- (A) सुप्रीम कोर्ट की शक्ति अधिक व्यापक है
- (B) हाई कोर्ट की रिट अधिकारिता (अनुच्छेद 226) सुप्रीम कोर्ट (अनुच्छेद 32) से अधिक विस्तृत है
- (C) दोनों की शक्तियाँ बिल्कुल समान हैं
- (D) हाई कोर्ट केवल मौलिक अधिकारों के लिए रिट जारी कर सकता है
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सही उत्तर: (B) हाई कोर्ट की रिट अधिकारिता (अनुच्छेद 226) सुप्रीम कोर्ट (अनुच्छेद 32) से अधिक विस्तृत है
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विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट केवल मौलिक अधिकारों के उल्लंघन पर रिट जारी कर सकता है, जबकि अनुच्छेद 226 के तहत हाई कोर्ट मौलिक अधिकारों के साथ-साथ ‘अन्य कानूनी उद्देश्यों’ (any other purpose) के लिए भी रिट जारी कर सकता है।
\nनोट: हालांकि, अनुच्छेद 32 के तहत रिट याचिका दायर करना स्वयं में एक मौलिक अधिकार है, जबकि अनुच्छेद 226 के तहत यह एक विवेकाधीन शक्ति है।\n\n
- अंतर-राज्य परिषद (Inter-State Council) का गठन किस अनुच्छेद के तहत किया जाता है?\n
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- (A) अनुच्छेद 262
- (B) अनुच्छेद 263
- (C) अनुच्छेद 280
- (D) अनुच्छेद 279A
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सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 263
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विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को एक अंतर-राज्य परिषद गठित करने की शक्ति देता है ताकि राज्यों के बीच विवादों का समन्वय किया जा सके और साझा हितों पर चर्चा हो सके।
\nअन्य विकल्प: अनुच्छेद 262 जल विवादों से संबंधित है और अनुच्छेद 280 वित्त आयोग से संबंधित है।\n\n
- सातवीं अनुसूची (7th Schedule) का मुख्य कार्य क्या है?\n
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- (A) पंचायतों की शक्तियों का निर्धारण
- (B) केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन करना
- (C) राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया तय करना
- (D) भाषा संबंधी प्रावधान करना
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सही उत्तर: (B) केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन करना
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विस्तृत व्याख्या: सातवीं अनुसूची में तीन सूचियाँ हैं: संघ सूची (Union List), राज्य सूची (State List) और समवर्ती सूची (Concurrent List), जो यह निर्धारित करती हैं कि किस विषय पर कौन सी सरकार कानून बनाएगी।
\nअन्य विकल्प: भाषाओं का उल्लेख आठवीं अनुसूची में है।\n\n
- भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति किस अनुच्छेद के तहत होती है?\n
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- (A) अनुच्छेद 143
- (B) अनुच्छेद 148
- (C) अनुच्छेद 149
- (D) अनुच्छेद 151
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सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 148
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विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 148 के तहत CAG की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। CAG को ‘लोक वित्त का संरक्षक’ कहा जाता है। वह सरकारी खर्चों का ऑडिट करता है और अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपता है।
\nअन्य विकल्प: अनुच्छेद 149 CAG के कर्तव्यों और शक्तियों को निर्धारित करता है।\n\n
- भारत के निर्वाचन आयोग (ECI) के संबंध में कौन सा अनुच्छेद संवैधानिक आधार प्रदान करता है?\n
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- (A) अनुच्छेद 320
- (B) अनुच्छेद 324
- (C) अनुच्छेद 326
- (D) अनुच्छेद 330
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सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 324
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विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग को चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति दी गई है। यह एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है।
\nअन्य विकल्प: अनुच्छेद 326 ‘वयस्क मताधिकार’ (Adult Suffrage) से संबंधित है।\n\n
- वित्त आयोग (Finance Commission) का गठन प्रत्येक कितने वर्ष बाद किया जाता है?\n
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- (A) 3 वर्ष
- (B) 4 वर्ष
- (C) 5 वर्ष
- (D) 6 वर्ष
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सही उत्तर: (C) 5 वर्ष
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विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 280 के तहत राष्ट्रपति हर 5 साल में एक वित्त आयोग का गठन करते हैं। इसका मुख्य कार्य केंद्र और राज्यों के बीच करों के वितरण (Tax Devolution) की सिफारिश करना है।
\nसंदर्भ: वर्तमान में 16वें वित्त आयोग के गठन की प्रक्रिया चर्चा में है।\n\n
- नीति आयोग (NITI Aayog) किस प्रकार का निकाय है?\n
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- (A) संवैधानिक निकाय
- (B) वैधानिक निकाय
- (C) कार्यकारी निकाय (Non-Constitutional/Executive Body)
- (D) न्यायिक निकाय
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सही उत्तर: (C) कार्यकारी निकाय (Non-Constitutional/Executive Body)
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विस्तृत व्याख्या: नीति आयोग का गठन 1 जनवरी 2015 को एक कैबिनेट प्रस्ताव के माध्यम से किया गया था। यह न तो संविधान में वर्णित है और न ही किसी कानून (Act) द्वारा बनाया गया है, इसलिए यह एक कार्यकारी निकाय है।
\nअन्य विकल्प: चुनाव आयोग एक संवैधानिक निकाय है, जबकि NHRC एक वैधानिक (Statutory) निकाय है।\n\n
- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की प्रकृति क्या है?\n
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- (A) संवैधानिक निकाय
- (B) वैधानिक निकाय (Statutory Body)
- (C) गैर-सरकारी संगठन
- (D) इनमें से कोई नहीं
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सही उत्तर: (B) वैधानिक निकाय (Statutory Body)
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विस्तृत व्याख्या: NHRC की स्थापना ‘मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993’ के तहत की गई थी। चूंकि इसे संसद के एक अधिनियम द्वारा बनाया गया है, इसलिए इसे वैधानिक निकाय कहा जाता है।
\nअंतर: संवैधानिक निकायों का उल्लेख सीधे संविधान के अनुच्छेदों में होता है।\n\n
- 73वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान में कौन सा नया भाग जोड़ा गया?\n
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- (A) भाग IX
- (B) भाग IX-A
- (C) भाग X
- (D) भाग IV-A
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सही उत्तर: (A) भाग IX
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विस्तृत व्याख्या: 73वें संशोधन (1992) ने ग्रामीण स्थानीय स्वशासन (पंचायती राज) को संवैधानिक दर्जा दिया और संविधान में ‘भाग IX’ और ’11वीं अनुसूची’ जोड़ी।
\nअन्य विकल्प: भाग IX-A शहरी स्थानीय निकायों (नगर पालिकाओं) से संबंधित है, जिसे 74वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया।\n\n
- पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराने का उत्तरदायित्व किसका होता है?\n
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- (A) राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission)
- (B) भारत का निर्वाचन आयोग (ECI)
- (C) जिला मजिस्ट्रेट
- (D) राज्य सरकार
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सही उत्तर: (A) राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission)
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विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 243K के तहत, पंचायतों और नगरपालिकाओं के चुनावों के संचालन, निर्देशन और नियंत्रण के लिए एक राज्य निर्वाचन आयोग का प्रावधान है।
\nभ्रम दूर करें: ECI केवल संसद, राज्य विधानसभाओं, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव कराता है, स्थानीय निकायों के नहीं।\n\n
- राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) की घोषणा किस अनुच्छेद के तहत की जाती है?\n
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- (A) अनुच्छेद 352
- (B) अनुच्छेद 356
- (C) अनुच्छेद 360
- (D) अनुच्छेद 368
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सही उत्तर: (A) अनुच्छेद 352
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विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रपति युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर सकते हैं।
\nअन्य विकल्प: अनुच्छेद 356 राष्ट्रपति शासन (राज्य आपातकाल) और अनुच्छेद 360 वित्तीय आपातकाल से संबंधित है।\n\n
- ‘राष्ट्रपति शासन’ (President’s Rule) लगाने का आधार क्या है?\n
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- (A) बाहरी आक्रमण
- (B) वित्तीय अस्थिरता
- (C) राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता
- (D) आंतरिक विद्रोह
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सही उत्तर: (C) राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता
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विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 356 के तहत, यदि राष्ट्रपति को राज्यपाल की रिपोर्ट से या अन्यथा यह संतोष हो जाए कि राज्य सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुसार नहीं चल रही है, तो वह राष्ट्रपति शासन लगा सकता है।
\nऐतिहासिक संदर्भ: एस.आर. बोम्मई मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति शासन की घोषणा न्यायिक समीक्षा के अधीन है।\n\n
- संविधान में संशोधन करने की संसद की शक्ति किस अनुच्छेद में वर्णित है?\n
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- (A) अनुच्छेद 360
- (B) अनुच्छेद 365
- (C) अनुच्छेद 368
- (D) अनुच्छेद 370
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सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 368
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विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 368 संसद को संविधान में संशोधन करने की शक्ति और उसकी प्रक्रिया प्रदान करता है। संशोधन तीन तरीकों से हो सकते हैं: साधारण बहुमत, विशेष बहुमत, और कुछ मामलों में विशेष बहुमत के साथ आधे राज्यों की सहमति।
\nसीमा: यह शक्ति असीमित नहीं है; यह ‘मूल ढांचे’ के सिद्धांत से बंधी हुई है।\n
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