समय की यात्रा: इतिहास के गौरवशाली पन्नों को फिर से जिएं
इतिहास केवल तारीखों और घटनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह उन अनुभवों और संघर्षों की कहानी है जिन्होंने हमारे वर्तमान को आकार दिया है। चाहे वह सिंधु घाटी की उन्नत नगर योजना हो, मुगलों की भव्य वास्तुकला, या भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का अटूट साहस—अतीत को जानना भविष्य की राह आसान बनाता है। आइए, इस विशेष मॉक टेस्ट के माध्यम से समय की एक रोमांचक यात्रा पर चलें और अपनी तैयारी को एक नई धार दें। क्या आप अतीत की गुत्थियों को सुलझाने के लिए तैयार हैं?
- सिंधु घाटी सभ्यता के किस स्थल से ‘गोदीबाड़ा’ (Dockyard) के प्रमाण मिले हैं, जो इसे एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र बनाते थे?
- (A) कालीबंगन
- (B) लोथल
- (C) धोलावीरा
- (D) बनावली
सही उत्तर: (B) लोथल
विस्तृत व्याख्या: लोथल (गुजरात) सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख बंदरगाह शहर था। यहाँ से एक विशाल ईंटों से बना गोदीबाड़ा (Dockyard) मिला है, जिससे यह सिद्ध होता है कि हड़प्पावासी मेसोपोटामिया जैसी सभ्यताओं के साथ समुद्री व्यापार करते थे।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: कालीबंगन (राजस्थान) से जुते हुए खेतों के प्रमाण मिले हैं; धोलावीरा (गुजरात) अपने जल प्रबंधन तंत्र के लिए प्रसिद्ध है; और बनावली (हरियाणा) से मिट्टी के हल के प्रमाण मिले हैं। - ऋग्वेद के किस मंडल में ‘पुरुष सूक्त’ का उल्लेख है, जिसमें पहली बार चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र) की अवधारणा प्रस्तुत की गई है?
- (A) तीसरे मंडल
- (B) सातवें मंडल
- (C) नौवें मंडल
- (D) दसवें मंडल
सही उत्तर: (D) दसवें मंडल
विस्तृत व्याख्या: ऋग्वेद के 10वें मंडल के ‘पुरुष सूक्त’ में ब्रह्मांडीय पुरुष के शरीर से चार वर्णों की उत्पत्ति का वर्णन है। यह सामाजिक स्तरीकरण की शुरुआत का प्रारंभिक प्रमाण माना जाता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: तीसरे मंडल में प्रसिद्ध ‘गायत्री मंत्र’ है; सातवें मंडल में नदियों के वर्णन और दस्यु-आर्य संघर्ष का उल्लेख है; नौवें मंडल पूरी तरह से ‘सोम’ देवता को समर्पित है। - सम्राट अशोक के किस शिलालेख में ‘धम्म’ की व्याख्या की गई है और पशुबलि की निंदा की गई है?
- (A) प्रथम शिलालेख
- (B) पांचवां शिलालेख
- (C) तेरहवां शिलालेख
- (D) सातवां शिलालेख
सही उत्तर: (A) प्रथम शिलालेख
विस्तृत व्याख्या: अशोक के प्रथम शिलालेख में पशुबलि पर प्रतिबंध लगाने और जीव हत्या को रोकने का निर्देश दिया गया है, जो उनके कलिंग युद्ध के बाद हृदय परिवर्तन और बौद्ध धर्म के अहिंसा सिद्धांत के प्रभाव को दर्शाता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: तेरहवां शिलालेख कलिंग युद्ध के भीषण नरसंहार और उसके बाद अशोक के पश्चाताप का वर्णन करता है। - गुप्त काल को ‘भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग’ कहा जाता है। इस काल के किस शासक ने ‘विक्रमादित्य’ की उपाधि धारण की थी?
- (A) श्रीगुप्त
- (B) समुद्रगुप्त
- (C) चंद्रगुप्त द्वितीय
- (D) स्कंदगुप्त
सही उत्तर: (C) चंद्रगुप्त द्वितीय
विस्तृत व्याख्या: चंद्रगुप्त द्वितीय ने शकों को पराजित करने के बाद ‘विक्रमादित्य’ की उपाधि धारण की। उनके दरबार में ‘नवरत्न’ (जैसे कालिदास) थे और उनके समय में कला, साहित्य और विज्ञान का अभूतपूर्व विकास हुआ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: समुद्रगुप्त को ‘भारत का नेपोलियन’ कहा जाता है; श्रीगुप्त गुप्त वंश के संस्थापक थे; और स्कंदगुप्त ने हूणों के आक्रमण को विफल किया था। - संगम साहित्य के संदर्भ में, ‘तोलकाप्पियम’ किस विषय से संबंधित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है?
- (A) खगोल विज्ञान
- (B) व्याकरण
- (C) दर्शनशास्त्र
- (D) राजनीति शास्त्र
सही उत्तर: (B) व्याकरण
विस्तृत व्याख्या: तोलकाप्पियम प्राचीन तमिल भाषा का सबसे पुराना उपलब्ध व्याकरण ग्रंथ है। यह न केवल भाषा बल्कि तत्कालीन समाज की सांस्कृतिक और सामाजिक संरचना की जानकारी भी देता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: संगम साहित्य में मुख्य रूप से प्रेम (अकम) और युद्ध (पुरम) कविताओं का समावेश था, लेकिन तोलकाप्पियम विशेष रूप से व्याकरणिक नियमों पर केंद्रित है। - बौद्ध धर्म के ‘अष्टांगिक मार्ग’ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- (A) मोक्ष की प्राप्ति
- (B) स्वर्ग की प्राप्ति
- (C) दुखों का अंत और निर्वाण की प्राप्ति
- (D) केवल ध्यान के माध्यम से ज्ञान प्राप्त करना
सही उत्तर: (C) दुखों का अंत और निर्वाण की प्राप्ति
विस्तृत व्याख्या: गौतम बुद्ध ने चार आर्य सत्यों के साथ ‘अष्टांगिक मार्ग’ (जैसे सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्प आदि) का प्रतिपादन किया ताकि मनुष्य वासनाओं का त्याग कर जन्म-मरण के चक्र से मुक्त होकर ‘निर्वाण’ प्राप्त कर सके।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: मोक्ष की अवधारणा व्यापक है, लेकिन बौद्ध धर्म में विशिष्ट लक्ष्य ‘निर्वाण’ है। स्वर्ग की अवधारणा बौद्ध धर्म के मूल दर्शन (शून्यता और अनित्यता) से मेल नहीं खाती। - मौर्य प्रशासन में ‘अध्यक्षों’ की नियुक्ति की जाती थी। ‘सीताध्यक्ष’ का मुख्य कार्य क्या था?
- (A) व्यापार का नियंत्रण
- (B) राजकीय कृषि भूमि का प्रबंधन
- (C) कर वसूली
- (D) सैन्य प्रबंधन
सही उत्तर: (B) राजकीय कृषि भूमि का प्रबंधन
विस्तृत व्याख्या: कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार, ‘सीता’ का अर्थ राजकीय भूमि से था, और इसकी देखरेख करने वाले अधिकारी को ‘सीताध्यक्ष’ कहा जाता था।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: व्यापार का नियंत्रण ‘पण्याध्यक्ष’ करता था और कर वसूली का कार्य ‘समाहर्ता’ द्वारा किया जाता था। - दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘बाजार नियंत्रण नीति’ (Market Control Policy) लागू की थी ताकि सेना को कम लागत पर संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें?
- (A) इल्तुतमिश
- (B) बलबन
- (C) अलाउद्दीन खिलजी
- (D) मोहम्मद बिन तुगलक
सही उत्तर: (C) अलाउद्दीन खिलजी
विस्तृत व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी ने एक विशाल स्थायी सेना बनाए रखने के लिए वस्तुओं के दाम निर्धारित किए और सख्त बाजार नियंत्रण लागू किया। उसने ‘शहना-ए-मंडी’ नामक अधिकारी की नियुक्ति की थी।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: बलबन ने ‘सिजदा’ और ‘पाइबोस’ जैसी दरबारी प्रथाएं शुरू कीं; इल्तुतमिश ने ‘इक्ता प्रणाली’ को व्यवस्थित किया था। - विजयनगर साम्राज्य के किस शासक ने ‘अमुक्तमाल्यद’ नामक तेलुगु ग्रंथ की रचना की थी?
- (A) हरिहर I
- (B) देवराय II
- (C) कृष्णदेव राय और (D) सदाशिव राय
सही उत्तर: (C) कृष्णदेव राय
विस्तृत व्याख्या: तुलुव वंश के महान शासक कृष्णदेव राय न केवल एक कुशल योद्धा थे, बल्कि साहित्य के संरक्षक भी थे। उन्होंने ‘अमुक्तमाल्यद’ की रचना की और उनके दरबार में ‘अष्टदिग्गज’ (आठ महान कवि) थे।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: हरिहर और बुक्का ने साम्राज्य की स्थापना की थी; देवराय II ने सैन्य सुधार किए थे। - मुगल बादशाह अकबर द्वारा शुरू की गई ‘मनसबदारी प्रथा’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- (A) केवल धार्मिक एकता स्थापित करना
- (B) सैन्य और नागरिक प्रशासन को व्यवस्थित करना
- (C) कृषि उत्पादन बढ़ाना
- (D) विदेशी व्यापार को बढ़ावा देना
सही उत्तर: (B) सैन्य और नागरिक प्रशासन को व्यवस्थित करना
विस्तृत व्याख्या: मनसबदारी प्रणाली एक श्रेणीबद्ध संरचना थी जिसमें ‘जात’ (व्यक्तिगत रैंक और वेतन) और ‘सवार’ (घुड़सवारों की संख्या) निर्धारित की जाती थी। इसने मुगल साम्राज्य को एक संगठित नौकरशाही प्रदान की।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: धार्मिक एकता के लिए अकबर ने ‘दीन-ए-इलाही’ चलाया था; कृषि सुधारों के लिए ‘जब्त’ प्रणाली (टोडरमल) अपनाई गई थी। - शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित ‘अष्टप्रधान’ परिषद में ‘अमात्य’ का क्या कार्य था?
- (A) विदेश मंत्री
- (B) सैन्य कमांडर
- (C) वित्त और राजस्व मंत्री
- (D) धार्मिक मामलों का प्रमुख
सही उत्तर: (C) वित्त और राजस्व मंत्री
विस्तृत व्याख्या: अष्टप्रधान शिवाजी महाराज की आठ मंत्रियों की परिषद थी। ‘अमात्य’ (या मजूमदार) का मुख्य कार्य राज्य के आय-व्यय का हिसाब रखना और राजस्व प्रबंधन करना था।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: ‘सुमंत’ विदेश मंत्री थे; ‘सर-नौबत’ सैन्य प्रमुख थे। - दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलताबाद (महाराष्ट्र) स्थानांतरित की थी?
- (A) गयासुद्दीन तुगलक
- (B) मोहम्मद बिन तुगलक
- (C) फिरोज शाह तुगलक
- (D) अलाउद्दीन खिलजी
सही उत्तर: (B) मोहम्मद बिन तुगलक
विस्तृत व्याख्या: मोहम्मद बिन तुगलक ने दक्षिण भारत पर बेहतर नियंत्रण के लिए राजधानी को दौलताबाद स्थानांतरित किया, लेकिन यह निर्णय अत्यधिक कष्टदायक साबित हुआ और उसे वापस दिल्ली आना पड़ा।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: फिरोज शाह तुगलक ने कई शहरों (जैसे हिसार, फिरोजाबाद) की स्थापना की, लेकिन राजधानी स्थानांतरित नहीं की। - मुगल वास्तुकला के शिखर का प्रतिनिधित्व करने वाला ‘ताजमहल’ किस शैली का उदाहरण है?
- (A) विशुद्ध भारतीय शैली
- (B) विशुद्ध फारसी शैली
- (C) इंडो-इस्लामिक (मिश्रित) शैली
- (D) गोथिक शैली
सही उत्तर: (C) इंडो-इस्लामिक (मिश्रित) शैली
विस्तृत व्याख्या: ताजमहल में फारसी, तुर्की और भारतीय वास्तुशिल्प तत्वों का अद्भुत संगम है। इसमें सफेद संगमरमर का उपयोग, पिएत्रा ड्यूरा (पत्थरों की जड़ाई) और विशाल गुंबद इसकी विशेषता हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: गोथिक शैली यूरोपीय चर्चों की विशेषता है। शुद्ध फारसी या भारतीय शैली में वे सभी तत्व नहीं मिलते जो ताजमहल में मौजूद हैं। - मध्यकालीन भारत में ‘सूफी आंदोलन’ का प्राथमिक लक्ष्य क्या था?
- (A) राजनीतिक सत्ता प्राप्त करना
- (B) कट्टरपंथी इस्लाम का प्रसार करना
- (C) ईश्वर के प्रति प्रेम, मानवता और आध्यात्मिक शुद्धता प्राप्त करना
- (D) केवल संस्कृत ग्रंथों का अनुवाद करना
सही उत्तर: (C) ईश्वर के प्रति प्रेम, मानवता और आध्यात्मिक शुद्धता प्राप्त करना
विस्तृत व्याख्या: सूफी संत ईश्वर (अल्लाह) तक पहुँचने के लिए प्रेम, संगीत (समा) और मानवता की सेवा पर जोर देते थे। उन्होंने इस्लाम को एक सरल और समावेशी रूप में प्रस्तुत किया।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: सूफी संतों का राजनीतिक सत्ता से मोह नहीं था; वे कट्टरवाद के विपरीत उदारवाद के समर्थक थे। - 1764 के ‘बक्सर के युद्ध’ के बाद हुई ‘इलाहाबाद की संधि’ का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम क्या था?
- (A) अंग्रेजों को बंगाल की दीवानी अधिकार प्राप्त हुए
- (B) फ्रांसीसियों का भारत से पूर्ण सफाया हो गया
- (C) मराठा साम्राज्य का अंत हो गया
- (D) मुगल सम्राट ने अंग्रेजों को भारत का शासक घोषित कर दिया
सही उत्तर: (A) अंग्रेजों को बंगाल की दीवानी अधिकार प्राप्त हुए
विस्तृत व्याख्या: इलाहाबाद की संधि (1765) के द्वारा मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय ने ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की ‘दीवानी’ (राजस्व वसूली का अधिकार) दे दी, जिससे अंग्रेजों की आर्थिक शक्ति अत्यधिक बढ़ गई।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: फ्रांसीसियों की हार वांडीवाश युद्ध (1760) में हुई थी; मराठा साम्राज्य का अंत तीसरे एंग्लो-मराठा युद्ध (1818) के बाद हुआ। - राजा राममोहन राय ने ‘ब्रह्म समाज’ की स्थापना किस मुख्य उद्देश्य से की थी?
- (A) हिंदू धर्म को पूरी तरह समाप्त करना
- (B) सती प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों को मिटाना और एकेश्वरवाद का प्रचार करना
- (C) केवल अंग्रेजी शिक्षा को अनिवार्य बनाना
- (D) ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह करना
सही उत्तर: (B) सती प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों को मिटाना और एकेश्वरवाद का प्रचार करना
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय को ‘आधुनिक भारत का जनक’ कहा जाता है। उन्होंने तर्कवाद और मानवतावाद के आधार पर सती प्रथा के विरुद्ध अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप 1829 में लॉर्ड विलियम बेंटिक ने इसे अवैध घोषित किया।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: वे हिंदू धर्म के सुधारक थे, विनाशक नहीं। उनका विरोध बौद्धिक था, सशस्त्र नहीं। - 1857 के विद्रोह के दौरान ‘लखनऊ’ का नेतृत्व किसने किया था?
- (A) रानी लक्ष्मीबाई
- (B) बेगम हजरत महल
- (C) कुंवर सिंह
- (D) नाना साहेब
सही उत्तर: (B) बेगम हजरत महल
विस्तृत व्याख्या: बेगम हजरत महल ने लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व किया और अपने बेटे बिरजिस कादिर को नवाब घोषित कर अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोला।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: रानी लक्ष्मीबाई ने झाँसी में, कुंवर सिंह ने बिहार (जगदीशपुर) में और नाना साहेब ने कानपुर में नेतृत्व किया था। - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (1885) की अध्यक्षता किसने की थी?
- (A) ए.ओ. ह्यूम
- (B) दादाभाई नौरोजी
- (C) व्योमेश चन्द्र बनर्जी
- (D) बदरुद्दीन तैयबजी
सही उत्तर: (C) व्योमेश चन्द्र बनर्जी
विस्तृत व्याख्या: दिसंबर 1885 में बॉम्बे के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में कांग्रेस का पहला सत्र हुआ, जिसकी अध्यक्षता व्योमेश चन्द्र बनर्जी ने की थी।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: ए.ओ. ह्यूम इसके संस्थापक (Organizer) थे, अध्यक्ष नहीं। दादाभाई नौरोजी ने तीसरे सत्र (1886) की अध्यक्षता की थी। - गांधीजी ने ‘चौरी-चौरा’ कांड के बाद ‘असहयोग आंदोलन’ (Non-Cooperation Movement) को वापस क्यों लिया?
- (A) ब्रिटिश सरकार ने उनकी सभी माँगें मान ली थीं
- (B) आंदोलन के दौरान बढ़ती हिंसा के कारण, क्योंकि गांधीजी अहिंसा के प्रबल समर्थक थे
- (C) कांग्रेस के अन्य नेताओं ने विरोध किया था
- (D) उन्हें जेल भेज दिया गया था
सही उत्तर: (B) आंदोलन के दौरान बढ़ती हिंसा के कारण, क्योंकि गांधीजी अहिंसा के प्रबल समर्थक थे
विस्तृत व्याख्या: फरवरी 1922 में चौरी-चौरा (यूपी) में भीड़ ने एक पुलिस स्टेशन को जला दिया, जिसमें 22 पुलिसकर्मी मारे गए। गांधीजी हिंसा के सख्त खिलाफ थे, इसलिए उन्होंने तुरंत आंदोलन वापस ले लिया।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: सरकार ने कोई माँग नहीं मानी थी, बल्कि दमन चक्र बढ़ाया था। - ‘दांडी मार्च’ (1930) का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- (A) भारत को पूर्ण स्वराज दिलाना
- (B) नमक कानून का उल्लंघन कर ब्रिटिश एकाधिकार को चुनौती देना
- (C) ब्रिटिश सेना में भारतीयों को शामिल करना
- (D) केवल किसानों के लगान को कम करवाना
सही उत्तर: (B) नमक कानून का उल्लंघन कर ब्रिटिश एकाधिकार को चुनौती देना
विस्तृत व्याख्या: गांधीजी ने साबरमती आश्रम से दांडी तक पैदल यात्रा की और समुद्र किनारे नमक बनाकर अंग्रेजी नमक कानून को तोड़ा। यह ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ की शुरुआत थी।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: पूर्ण स्वराज का संकल्प 1929 के लाहौर अधिवेशन में लिया गया था। लगान कम कराना चंपारण और खेड़ा सत्याग्रह का मुख्य उद्देश्य था। - ‘आजाद हिन्द फौज’ (INA) के गठन और नेतृत्व में किस व्यक्तित्व की भूमिका सबसे निर्णायक थी?
- (A) रासबिहारी बोस
- (B) सुभाष चंद्र बोस
- (C) कैप्टन मोहन सिंह
- (D) जवाहरलाल नेहरू
सही उत्तर: (B) सुभाष चंद्र बोस
विस्तृत व्याख्या: हालांकि INA की प्रारंभिक नींव कैप्टन मोहन सिंह ने रखी थी, लेकिन सुभाष चंद्र बोस ने इसे पुनर्गठित किया, ‘दिल्ली चलो’ का नारा दिया और इसे एक शक्तिशाली सैन्य बल में बदला।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: रासबिहारी बोस ने जापान में आधार तैयार किया था, लेकिन नेतृत्व सुभाष चंद्र बोस का था। - 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान गांधीजी ने कौन सा प्रसिद्ध नारा दिया था?
- (A) स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है
- (B) करो या मरो (Do or Die)
- (C) इंकलाब जिंदाबाद
- (D) तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा
सही उत्तर: (B) करो या मरो (Do or Die)
विस्तृत व्याख्या: 8 अगस्त 1942 को बम्बई के ग्वालिया टैंक मैदान से गांधीजी ने ‘करो या मरो’ का नारा दिया, जिसने भारतीयों को अंतिम संघर्ष के लिए प्रेरित किया।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ बाल गंगाधर तिलक का नारा था; ‘इंकलाब जिंदाबाद’ भगत सिंह ने लोकप्रिय बनाया; ‘तुम मुझे खून दो…’ सुभाष चंद्र बोस का नारा था। - 1789 की ‘फ्रांसीसी क्रांति’ का तात्कालिक कारण क्या था?
- (A) नेपोलियन का उदय
- (B) लुई XVI द्वारा ‘एस्टेट्स जनरल’ की बैठक बुलाना और करों को लेकर विवाद
- (C) औद्योगिक क्रांति का प्रभाव
- (D) बाहरी देशों का आक्रमण
सही उत्तर: (B) लुई XVI द्वारा ‘एस्टेट्स जनरल’ की बैठक बुलाना और करों को लेकर विवाद
विस्तृत व्याख्या: फ्रांस की आर्थिक स्थिति खराब थी। लुई XVI ने कर बढ़ाने के लिए तीनों एस्टेट्स की बैठक बुलाई, लेकिन तीसरे एस्टेट (आम जनता) ने मतदान प्रक्रिया का विरोध किया, जिससे क्रांति की शुरुआत हुई।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: नेपोलियन क्रांति के बाद सत्ता में आया था; औद्योगिक क्रांति एक आर्थिक प्रक्रिया थी, तात्कालिक राजनीतिक कारण नहीं। - 1917 की ‘रूसी क्रांति’ (बोल्शेविक क्रांति) का नेतृत्व किसने किया था?
- (A) जोसेफ स्टालिन
- (B) व्लादिमीर लेनिन
- (C) कार्ल मार्क्स
- (D) निकोलस II
सही उत्तर: (B) व्लादिमीर लेनिन
विस्तृत व्याख्या: लेनिन ने बोल्शेविक पार्टी का नेतृत्व किया और रूस के जार (Tsar) शासन को समाप्त कर दुनिया के पहले समाजवादी राज्य की स्थापना की।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: कार्ल मार्क्स ने समाजवाद का सिद्धांत दिया था, क्रांति का नेतृत्व नहीं किया। निकोलस II रूस का अंतिम जार था जिसे हटाया गया था। - प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) के बाद कौन सी संधि हुई, जिसने जर्मनी पर कठोर शर्तें थोपी थीं?
- (A) पेरिस की संधि
- (B) वर्साय की संधि (Treaty of Versailles)
- (C) वियना की संधि
- (D) लोकार्नो की संधि
सही उत्तर: (B) वर्साय की संधि (Treaty of Versailles)
विस्तृत व्याख्या: 1919 की वर्साय संधि के तहत जर्मनी को युद्ध का जिम्मेदार ठहराया गया, उस पर भारी जुर्माना लगाया गया और उसके कई क्षेत्र छीन लिए गए। इसी अपमान ने द्वितीय विश्व युद्ध के बीज बोए।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: पेरिस शांति सम्मेलन व्यापक था, लेकिन जर्मनी के साथ विशिष्ट संधि वर्साय की थी। - ‘औद्योगिक क्रांति’ (Industrial Revolution) की शुरुआत सबसे पहले किस देश में हुई थी?
- (A) फ्रांस
- (B) संयुक्त राज्य अमेरिका
- (C) ब्रिटेन
- (D) जर्मनी
सही उत्तर: (C) ब्रिटेन
विस्तृत व्याख्या: 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में ब्रिटेन में कोयला, लोहा और उपनिवेशों के कारण औद्योगिक क्रांति शुरू हुई। कपड़ा उद्योग (Textile) इसमें सबसे आगे था।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: अन्य देशों में यह क्रांति ब्रिटेन के बाद पहुंची। - द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945) के दौरान ‘एक्सिस पावर्स’ (Axis Powers) में कौन से प्रमुख देश शामिल थे?
- (A) ब्रिटेन, फ्रांस, रूस
- (B) जर्मनी, इटली, जापान
- (C) अमेरिका, चीन, ब्रिटेन
- (D) जर्मनी, रूस, जापान
सही उत्तर: (B) जर्मनी, इटली, जापान
विस्तृत व्याख्या: द्वितीय विश्व युद्ध दो गुटों के बीच था: ‘मित्र राष्ट्र’ (Allies – ब्रिटेन, यूएसए, सोवियत संघ) और ‘धुरी राष्ट्र’ (Axis – जर्मनी, इटली, जापान)।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: विकल्प (A) और (C) मित्र राष्ट्रों के समूह हैं। रूस (सोवियत संघ) मित्र राष्ट्रों की ओर से लड़ा था, एक्सिस की ओर से नहीं।
शुभकामनाएं! अपनी तैयारी को निरंतर जारी रखें और इतिहास के इन तथ्यों को दोहराते रहें।
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