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समाजशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न: अपनी वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक कौशल को परखें

समाजशास्त्र की गहन समझ: अपनी वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक क्षमता को परखें

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नमस्ते भावी समाजशास्त्रियों! प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी केवल तथ्यों को याद करने के बारे में नहीं है, बल्कि अवधारणाओं के बीच संबंध स्थापित करने और उन्हें समाज के वास्तविक परिदृश्यों पर लागू करने की क्षमता विकसित करने के बारे में है। आज का यह विशेष अभ्यास सेट आपकी तैयारी को एक नई ऊंचाई देने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें क्लासिक सिद्धांतों से लेकर समकालीन सामाजिक मुद्दों तक सब कुछ शामिल है। क्या आप अपनी बौद्धिक सीमाओं को चुनौती देने के लिए तैयार हैं? चलिए शुरू करते हैं!

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  1. एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब:\n
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    • (A) समाज में बहुत अधिक नियम होते हैं।
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    • (B) सामाजिक मानदंडों का अभाव होता है या वे अस्पष्ट हो जाते हैं।
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    • (C) व्यक्ति समाज से पूरी तरह अलग हो जाता है।
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    • (D) आर्थिक असमानता चरम पर होती है।
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    सही उत्तर: (B) सामाजिक मानदंडों का अभाव होता है या वे अस्पष्ट हो जाते हैं।

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    \nविस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘एनोमी’ शब्द का उपयोग उस स्थिति के लिए किया जहाँ समाज में नैतिक दिशा-निर्देशों और मानदंडों का पतन हो जाता है, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। यह अक्सर तीव्र सामाजिक परिवर्तनों (जैसे आर्थिक संकट या तेजी से औद्योगिकरण) के दौरान होता है। विकल्प (A) ‘Fatalism’ से संबंधित हो सकता है, और (C) अलगाव (Alienation) की ओर इशारा करता है।\n

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  2. मैक्स वेबर की ‘Verstehen’ (वरस्टेहेन) पद्धति का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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    • (A) केवल सांख्यिकीय डेटा का विश्लेषण करना।
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    • (B) सामाजिक घटनाओं का वस्तुनिष्ठ (Objective) वर्णन करना।
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    • (C) सामाजिक क्रियाओं के पीछे के व्यक्तिपरक अर्थ (Subjective Meaning) को समझना।
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    • (D) समाज के विकास के नियमों को खोजना।
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    सही उत्तर: (C) सामाजिक क्रियाओं के पीछे के व्यक्तिपरक अर्थ (Subjective Meaning) को समझना।

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    \nविस्तृत व्याख्या: ‘Verstehen’ एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ है ‘समझना’। वेबर का मानना था कि समाजशास्त्रियों को केवल बाहरी व्यवहार को नहीं देखना चाहिए, बल्कि यह समझना चाहिए कि कर्ता (Actor) अपनी क्रिया को क्या अर्थ देता है। यह व्याख्यात्मक समाजशास्त्र (Interpretive Sociology) का आधार है।\n

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  3. कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) का सिद्धांत मुख्य रूप से किससे संबंधित है?\n
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    • (A) धार्मिक विश्वासों से दूरी।
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    • (B) पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली में श्रमिक की स्थिति।
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    • (C) परिवार के सदस्यों के बीच तनाव।
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    • (D) शहरी जीवन की एकाकी प्रकृति।
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    सही उत्तर: (B) पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली में श्रमिक की स्थिति।

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    \nविस्तृत व्याख्या: मार्क्स ने तर्क दिया कि पूंजीवाद में श्रमिक अपने उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः अपनी ‘मानव प्रजाति-सत्ता’ (Species-being) से अलग हो जाता है। यह श्रम के वस्तुकरण (Commodification) का परिणाम है।\n

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  4. टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) लक्ष्यों को प्राप्त करना।
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    • (B) संसाधनों का अधिग्रहण करना।
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    • (C) सामाजिक मानदंडों और मूल्यों को बनाए रखना (पैटर्न रखरखाव)।
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    • (D) समाज के विभिन्न हिस्सों का समन्वय करना।
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    सही उत्तर: (C) सामाजिक मानदंडों और मूल्यों को बनाए रखना (पैटर्न रखरखाव)।

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    \nविस्तृत व्याख्या: AGIL मॉडल में A=Adaptation, G=Goal Attainment, I=Integration, और L=Latency है। ‘Latency’ या पैटर्न रखरखाव का कार्य परिवार और शिक्षा जैसी संस्थाओं द्वारा किया जाता है, जो समाज के सांस्कृतिक मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाते हैं।\n

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  5. रॉबर्ट मर्टन द्वारा प्रतिपादित ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) के बीच मुख्य अंतर क्या है?\n
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    • (A) प्रकट कार्य हानिकारक होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य लाभदायक।
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    • (B) प्रकट कार्य इच्छित और मान्यता प्राप्त होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित होते हैं।
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    • (C) प्रकट कार्य केवल धर्म से संबंधित होते हैं, अप्रत्यक्ष कार्य राजनीति से।
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    • (D) दोनों में कोई वास्तविक अंतर नहीं है।
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    सही उत्तर: (B) प्रकट कार्य इच्छित और मान्यता प्राप्त होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित होते हैं।

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    \nविस्तृत व्याख्या: मर्टन के अनुसार, एक सामाजिक संस्था के वे कार्य जो स्पष्ट रूप से घोषित होते हैं, ‘प्रकट कार्य’ कहलाते हैं (जैसे शिक्षा का कार्य ज्ञान देना)। लेकिन उसके कुछ ऐसे प्रभाव भी होते हैं जो अनजाने में होते हैं, जिन्हें ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ कहा जाता है (जैसे शिक्षा का कार्य सामाजिक नेटवर्क बनाना)।\n

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  6. जी.एच. मीड के ‘I’ और ‘Me’ के सिद्धांत में ‘Me’ को कैसे परिभाषित किया जा सकता है?\n
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    • (A) व्यक्ति का सहज और रचनात्मक पक्ष।
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    • (B) व्यक्ति का वह हिस्सा जो समाज की अपेक्षाओं और मानदंडों को आत्मसात करता है।
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    • (C) व्यक्ति की जैविक इच्छाएं।
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    • (D) केवल अवचेतन मन की इच्छाएं।
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    सही उत्तर: (B) व्यक्ति का वह हिस्सा जो समाज की अपेक्षाओं और मानदंडों को आत्मसात करता है।

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    \nविस्तृत व्याख्या: मीड के अनुसार, ‘I’ व्यक्ति का स्वतःस्फूर्त और क्रियाशील पक्ष है, जबकि ‘Me’ वह ‘सामाजिक आत्म’ है जो समाज के नजरिए से खुद को देखता है (Generalized Other)। व्यक्तित्व इन दोनों के बीच के संवाद का परिणाम है।\n

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  7. सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) के संदर्भ में, ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का उदाहरण कौन सा है?\n
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    • (A) वर्ग (Class) प्रणाली।
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    • (B) जाति (Caste) प्रणाली।
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    • (C) योग्यता आधारित प्रणाली (Meritocracy)।
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    • (D) पेशेवर पदसोपान (Professional Hierarchy)।
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    सही उत्तर: (B) जाति (Caste) प्रणाली।

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    \nविस्तृत व्याख्या: बंद स्तरीकरण वह प्रणाली है जहाँ सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility) अत्यंत सीमित या असंभव होती है। जाति जन्म आधारित होती है और इसे बदला नहीं जा सकता, इसलिए यह एक बंद प्रणाली है। इसके विपरीत, ‘वर्ग’ एक खुली प्रणाली है जहाँ शिक्षा और धन के माध्यम से ऊपर चढ़ा जा सकता है।\n

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  8. पियरे बॉर्डियू की ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) की अवधारणा का क्या तात्पर्य है?\n
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    • (A) केवल बैंक में जमा धन।
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    • (B) भौतिक संपत्ति जैसे भूमि और भवन।
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    • (C) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और बोलचाल का तरीका जो सामाजिक लाभ प्रदान करता है।
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    • (D) केवल धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान।
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    सही उत्तर: (C) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और बोलचाल का तरीका जो सामाजिक लाभ प्रदान करता है।

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    \nविस्तृत व्याख्या: बॉर्डियू के अनुसार, सांस्कृतिक पूंजी वह गैर-वित्तीय सामाजिक संपत्ति है जो व्यक्ति को समाज के उच्च वर्गों में प्रवेश दिलाने या वहां बने रहने में मदद करती है। यह तीन रूपों में हो सकती है: मूर्त (Embodied), वस्तुनिष्ठ (Objectified), और संस्थागत (Institutionalized)।\n

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  9. सामाजिक संरचना (Social Structure) के संदर्भ में ‘भूमिका संघर्ष’ (Role Conflict) तब होता है जब:\n
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    • (A) व्यक्ति अपनी भूमिका निभाने में असमर्थ होता है।
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    • (B) एक ही व्यक्ति की दो या अधिक भूमिकाओं की माँगें आपस में टकराती हैं।
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    • (C) समाज व्यक्ति को कोई भूमिका नहीं देता।
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    • (D) व्यक्ति अपनी भूमिका को पूरी तरह बदल लेता है।
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    सही उत्तर: (B) एक ही व्यक्ति की दो या अधिक भूमिकाओं की माँगें आपस में टकराती हैं।

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    \nविस्तृत व्याख्या: उदाहरण के लिए, एक महिला जो एक कंपनी की सीईओ भी है और एक माँ भी, यदि उसे एक ही समय पर महत्वपूर्ण बोर्ड मीटिंग और बच्चे के स्कूल इवेंट में जाना हो, तो वह ‘भूमिका संघर्ष’ का अनुभव करती है।\n

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  10. ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र’ (Profane) के बीच का अंतर किस समाजशास्त्री ने धर्म के अध्ययन के लिए केंद्र में रखा?\n
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    • (A) मैक्स वेबर।
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    • (B) कार्ल मार्क्स।
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    • (C) एमिल दुर्खीम।
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    • (D) ऑगस्ट कॉम्टे।
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    सही उत्तर: (C) एमिल दुर्खीम।

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    \nविस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में तर्क दिया कि धर्म का सार वस्तुओं को पवित्र और अपवित्र में विभाजित करना है। पवित्र वस्तुएं वे हैं जिन्हें विशेष सम्मान और सुरक्षा दी जाती है और वे सामूहिक चेतना (Collective Consciousness) का प्रतिनिधित्व करती हैं।\n

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  11. परिवार के संदर्भ में, ‘नातावाद’ (Kinship) का प्राथमिक आधार क्या होता है?\n
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    • (A) केवल आर्थिक अनुबंध।
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    • (B) रक्त संबंध (Consanguinity) और विवाह संबंध (Affinity)।
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    • (C) समान राजनीतिक विचार।
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    • (D) केवल एक ही शहर में निवास करना।
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    सही उत्तर: (B) रक्त संबंध (Consanguinity) और विवाह संबंध (Affinity)।

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    \nविस्तृत व्याख्या: नातावाद उन संबंधों का नेटवर्क है जो जैविक वंश (रक्त) या सामाजिक अनुबंध (विवाह) के माध्यम से बनते हैं। यह सामाजिक संगठन और उत्तराधिकार के नियमों को निर्धारित करता है।\n

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  12. शिक्षा के समाजशास्त्र में ‘हिडन करिकुलम’ (Hidden Curriculum) से क्या तात्पर्य है?\n
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    • (A) वह पाठ्यक्रम जो शिक्षकों ने छिपा रखा है।
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    • (B) वे अनौपचारिक मूल्य, व्यवहार और दृष्टिकोण जो छात्र स्कूल के वातावरण से अनजाने में सीखते हैं।
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    • (C) गुप्त कोड में लिखी गई पाठ्यपुस्तकें।
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    • (D) केवल खेलकूद की गतिविधियाँ।
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    सही उत्तर: (B) वे अनौपचारिक मूल्य, व्यवहार और दृष्टिकोण जो छात्र स्कूल के वातावरण से अनजाने में सीखते हैं।

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    \nविस्तृत व्याख्या: हिडन करिकुलम वह ‘अदृश्य’ शिक्षा है जिसमें अनुशासन, आज्ञाकारिता और सामाजिक पदानुक्रम को स्वीकार करना शामिल होता है, जो औपचारिक पाठ्यपुस्तकों में नहीं लिखा होता लेकिन स्कूल की संस्कृति का हिस्सा होता है।\n

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  13. नृवंशविज्ञान (Ethnography) अनुसंधान पद्धति की मुख्य विशेषता क्या है?\n
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    • (A) केवल बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण करना।
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    • (B) प्रयोगशाला में नियंत्रित प्रयोग करना।
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    • (C) किसी संस्कृति या समूह का गहन, सहभागी और दीर्घकालिक अवलोकन करना।
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    • (D) केवल पुराने दस्तावेज़ों का विश्लेषण करना।
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    सही उत्तर: (C) किसी संस्कृति या समूह का गहन, सहभागी और दीर्घकालिक अवलोकन करना।

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    \nविस्तृत व्याख्या: नृवंशविज्ञान में शोधकर्ता अक्सर अध्ययन किए जा रहे समूह का हिस्सा बन जाता है (Participant Observation) ताकि वह उनके जीवन के अनुभवों को उनके अपने नजरिए से समझ सके।\n

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  14. अनुसंधान में ‘विश्वसनीयता’ (Reliability) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) यह कि डेटा पूरी तरह सत्य है।
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    • (B) यदि समान परिस्थितियों में शोध दोहराया जाए, तो परिणाम समान आने चाहिए।
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    • (C) शोधकर्ता का ईमानदार होना।
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    • (D) डेटा का बहुत अधिक मात्रा में होना।
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    सही उत्तर: (B) यदि समान परिस्थितियों में शोध दोहराया जाए, तो परिणाम समान आने चाहिए।

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    \nविस्तृत व्याख्या: विश्वसनीयता परिणामों की स्थिरता (Consistency) से संबंधित है। यदि एक ही परीक्षण को बार-बार करने पर एक ही परिणाम मिले, तो वह विश्वसनीय है। जबकि ‘वैधता’ (Validity) इस बात से संबंधित है कि क्या हम वास्तव में वही माप रहे हैं जिसे मापने का दावा कर रहे हैं।\n

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  15. लुई ड्यूमोंट (Louis Dumont) ने अपनी पुस्तक ‘होमो हाइरार्किकस’ में भारतीय जाति व्यवस्था के किस मुख्य सिद्धांत पर जोर दिया?\n
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    • (A) जाति केवल आर्थिक वर्गों का समूह है।
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    • (B) जाति व्यवस्था का आधार ‘शुद्धता’ और ‘अशुद्धता’ (Purity and Pollution) का पदानुक्रम है।
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    • (C) जाति व्यवस्था केवल राजनीतिक सत्ता का साधन है।
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    • (D) जाति और वर्ग एक ही चीज हैं।
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    सही उत्तर: (B) जाति व्यवस्था का आधार ‘शुद्धता’ और ‘अशुद्धता’ (Purity and Pollution) का पदानुक्रम है।

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    \nविस्तृत व्याख्या: ड्यूमोंट ने तर्क दिया कि पश्चिमी समाजों के विपरीत, जो समानता (Equality) पर आधारित हैं, भारतीय समाज पदानुक्रम (Hierarchy) पर आधारित है, जहाँ शुद्धता और अशुद्धता के विचार जाति की स्थिति निर्धारित करते हैं।\n

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  16. एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
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    • (A) उच्च जातियों द्वारा निम्न जातियों का शोषण।
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    • (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों, विचारधाराओं और जीवन शैली को अपनाना।
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    • (C) संस्कृत भाषा का अनिवार्य रूप से अध्ययन करना।
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    • (D) जाति व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर देना।
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    सही उत्तर: (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों, विचारधाराओं और जीवन शैली को अपनाना।

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    \nविस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से कोई ‘निम्न’ हिंदू जाति या जनजाति, किसी ‘उच्च’ जाति (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों और विश्वासों को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति ऊपर उठाने का प्रयास करती है।\n

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  17. भारत में ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या हो सकता है?\n
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    • (A) इंटरनेट का उपयोग केवल उच्च जातियों द्वारा किया जाना।
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    • (B) डिजिटल संसाधनों और तकनीकी ज्ञान तक पहुँच में जाति-आधारित असमानता का बने रहना।
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    • (C) जाति आधारित ऐप्स का निर्माण करना।
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    • (D) इंटरनेट के माध्यम से जातिवाद का पूरी तरह समाप्त होना।
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    सही उत्तर: (B) डिजिटल संसाधनों और तकनीकी ज्ञान तक पहुँच में जाति-आधारित असमानता का बने रहना।

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    \nविस्तृत व्याख्या: यह समकालीन मुद्दा दर्शाता है कि कैसे पारंपरिक सामाजिक असमानताएं नए तकनीकी माध्यमों में स्थानांतरित हो जाती हैं। जिसे ‘डिजिटल डिवाइड’ भी कहा जाता है, जहाँ हाशिए के समुदायों के पास गुणवत्तापूर्ण इंटरनेट और डिजिटल साक्षरता की कमी होती है।\n

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  18. लुई विर्थ (Louis Wirth) के अनुसार, ‘शहरीवाद’ (Urbanism) की मुख्य विशेषता क्या है?\n
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    • (A) केवल जनसंख्या का अधिक घनत्व।
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    • (B) सामाजिक संबंधों की गहनता और घनिष्ठता।
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    • (C) संबंधों का सतही, अस्थायी और व्यावसायिक (Impersonal) होना।
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    • (D) ग्रामीण जीवन का पूरी तरह से विलोपन।
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    सही उत्तर: (C) संबंधों का सतही, अस्थायी और व्यावसायिक (Impersonal) होना।

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    \nविस्तृत व्याख्या: विर्थ ने ‘Urbanism as a Way of Life’ में तर्क दिया कि शहरों की विशाल जनसंख्या, घनत्व और विविधता के कारण लोग एक-दूसरे के साथ गहरे संबंध बनाने के बजाय केवल काम के उद्देश्य से मिलते हैं, जिससे सामाजिक अलगाव बढ़ता है।\n

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  19. ग्रामीण समाजशास्त्र के संदर्भ में ‘जजमानी प्रथा’ (Jajmani System) क्या थी?\n
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    • (A) केवल अनाज का व्यापार करने की एक प्रणाली।
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    • (B) जाति-आधारित पारस्परिक सेवा और विनिमय की एक पारंपरिक प्रणाली।
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    • (C) ग्रामीण क्षेत्रों में जमींदारी का एक रूप।
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    • (D) केवल धार्मिक अनुष्ठानों का समूह।
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    सही उत्तर: (B) जाति-आधारित पारस्परिक सेवा और विनिमय की एक पारंपरिक प्रणाली।

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    \nविस्तृत व्याख्या: जजमानी प्रथा में सेवा प्रदाता जातियाँ (जैसे नाई, लोहार) एक संरक्षक जाति (जजमान) को सेवाएँ प्रदान करती थीं और बदले में उन्हें फसल का हिस्सा या अन्य वस्तुएँ मिलती थीं। यह एक प्रकार का आर्थिक और सामाजिक अंतर्निर्भरता का तंत्र था।\n

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  20. नैनसी फ्रेजर जैसे विचारकों द्वारा प्रस्तावित ‘बहुआयामी न्याय’ (Multidimensional Justice) ढांचे में कौन से तीन तत्व शामिल हैं?\n
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    • (A) केवल कानून, व्यवस्था और दंड।
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    • (B) पुनर्वितरण (Redistribution), मान्यता (Recognition) और भागीदारी (Participation)।
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    • (C) शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास।
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    • (D) मतदान, विरोध और याचिका।
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    सही उत्तर: (B) पुनर्वितरण (Redistribution), मान्यता (Recognition) और भागीदारी (Participation)।

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    \nविस्तृत व्याख्या: समकालीन न्याय सिद्धांतों (विशेषकर हाशिए के समूहों जैसे सेक्स वर्कर्स के लिए) में यह तर्क दिया जाता है कि केवल आर्थिक मदद (पुनर्वितरण) काफी नहीं है। उन्हें समाज में सम्मान (मान्यता) और नीति निर्धारण में अपनी आवाज (भागीदारी) की भी आवश्यकता है।\n

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  21. ‘जलवायु न्याय’ (Climate Justice) का समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य क्या है?\n
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    • (A) केवल पेड़ों को लगाना और प्रदूषण कम करना।
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    • (B) यह समझना कि जलवायु परिवर्तन का प्रभाव गरीब और हाशिए के समुदायों पर सबसे अधिक पड़ता है, जबकि जिम्मेदारी अमीर देशों/वर्गों की अधिक है।
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    • (C) केवल मौसम के आंकड़ों का अध्ययन करना।
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    • (D) पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल कानूनी दंड देना।
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    सही उत्तर: (B) यह समझना कि जलवायु परिवर्तन का प्रभाव गरीब और हाशिए के समुदायों पर सबसे अधिक पड़ता है, जबकि जिम्मेदारी अमीर देशों/वर्गों की अधिक है।

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    \nविस्तृत व्याख्या: जलवायु न्याय पर्यावरण के मुद्दे को सामाजिक न्याय के साथ जोड़ता है। यह स्पष्ट करता है कि पारिस्थितिक संकट वर्ग, जाति, नस्ल और लिंग के आधार पर असमान रूप से वितरित होता है।\n

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  22. सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility) के संदर्भ में, ‘अंतर-पीढ़ीगत गतिशीलता’ (Inter-generational Mobility) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) एक ही व्यक्ति के जीवनकाल में उसकी स्थिति में बदलाव।
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    • (B) जब बच्चों की सामाजिक स्थिति उनके माता-पिता की स्थिति से भिन्न होती है।
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    • (C) एक ही सामाजिक वर्ग के भीतर बदलाव।
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    • (D) जब पूरा समाज एक साथ ऊपर की ओर बढ़ता है।
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    सही उत्तर: (B) जब बच्चों की सामाजिक स्थिति उनके माता-पिता की स्थिति से भिन्न होती है।

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    \nविस्तृत व्याख्या: यदि एक मजदूर का बेटा डॉक्टर बन जाता है, तो यह अंतर-पीढ़ीगत गतिशीलता (Upward) है। यदि एक व्यक्ति अपने करियर के दौरान क्लर्क से मैनेजर बनता है, तो वह ‘अंतः-पीढ़ीगत’ (Intra-generational) गतिशीलता कहलाती है।\n

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  23. ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) का मुख्य केंद्र क्या है?\n
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    • (A) समाज के बड़े ढांचे (जैसे अर्थव्यवस्था) का विश्लेषण।
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    • (B) सूक्ष्म स्तर पर प्रतीकों, भाषा और दैनिक संवाद के माध्यम से अर्थ का निर्माण।
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    • (C) केवल ऐतिहासिक दस्तावेजों का अध्ययन।
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    • (D) जैविक विकास के सिद्धांतों का समाज पर प्रभाव।
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    सही उत्तर: (B) सूक्ष्म स्तर पर प्रतीकों, भाषा और दैनिक संवाद के माध्यम से अर्थ का निर्माण।

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    \nविस्तृत व्याख्या: यह एक सूक्ष्म-समाजशास्त्रीय (Micro-sociological) दृष्टिकोण है जो मानता है कि समाज व्यक्तियों के बीच होने वाली अंतःक्रियाओं और उनके द्वारा दिए गए अर्थों का परिणाम है। हर्बर्ट ब्लूमर और जी.एच. मीड इसके प्रमुख स्तंभ हैं।\n

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  24. समाजशास्त्रीय अनुसंधान में ‘परिकल्पना’ (Hypothesis) क्या होती है?\n
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    • (A) शोध का अंतिम निष्कर्ष।
    • \n

    • (B) दो या अधिक चरों के बीच संबंध के बारे में एक परीक्षण योग्य अनुमान।
    • \n

    • (C) शोध का मुख्य उद्देश्य।
    • \n

    • (D) डेटा एकत्र करने की विधि।
    • \n

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    सही उत्तर: (B) दो या अधिक चरों के बीच संबंध के बारे में एक परीक्षण योग्य अनुमान।

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    \nविस्तृत व्याख्या: परिकल्पना एक ‘शिक्षित अनुमान’ (Educated Guess) है जिसे शोधकर्ता अपने डेटा विश्लेषण के माध्यम से स्वीकार या अस्वीकार करता है। उदाहरण: \”शिक्षा का स्तर बढ़ने से राजनीतिक जागरूकता बढ़ती है।\”\n

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  25. मैक्स वेबर के अनुसार, ‘सत्ता’ (Authority) का वह प्रकार जो पारंपरिक रीति-रिवाजों और विश्वासों पर आधारित होता है, क्या कहलाता है?\n
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    • (A) कानूनी-तार्किक सत्ता (Legal-Rational Authority)।
    • \n

    • (B) करिश्माई सत्ता (Charismatic Authority)।
    • \n

    • (C) पारंपरिक सत्ता (Traditional Authority)।
    • \n

    • (D) लोकतांत्रिक सत्ता (Democratic Authority)।
    • \n

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    सही उत्तर: (C) पारंपरिक सत्ता (Traditional Authority)।

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    \nविस्तृत व्याख्या: वेबर ने सत्ता के तीन प्रकार बताए। पारंपरिक सत्ता वह है जो \”हमेशा से ऐसे ही होता आया है\” के तर्क पर चलती है (जैसे राजशाही)। करिश्माई सत्ता किसी व्यक्ति के असाधारण व्यक्तित्व पर आधारित होती है, और कानूनी-तार्किक सत्ता लिखित नियमों और कानूनों पर।\n

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  26. समुदाय (Community) और संघ (Association) के बीच मुख्य अंतर क्या है?\n
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    • (A) समुदाय औपचारिक होता है, संघ अनौपचारिक।
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    • (B) समुदाय में भावनात्मक जुड़ाव और साझा पहचान होती है, जबकि संघ किसी विशिष्ट उद्देश्य की प्राप्ति के लिए बनाया जाता है।
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    • (C) संघ केवल ग्रामीण क्षेत्रों में होते हैं।
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    • (D) दोनों में कोई मौलिक अंतर नहीं है।
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    सही उत्तर: (B) समुदाय में भावनात्मक जुड़ाव और साझा पहचान होती है, जबकि संघ किसी विशिष्ट उद्देश्य की प्राप्ति के लिए बनाया जाता है।

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    \nविस्तृत व्याख्या: समुदाय (जैसे गाँव या जातीय समूह) एक स्वाभाविक और जैविक विकास है जहाँ ‘हम’ की भावना होती है। संघ (जैसे ट्रेड यूनियन या राजनीतिक पार्टी) एक कृत्रिम संरचना है जो किसी विशेष लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बनाई जाती है।\n

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  27. प्रकार्यात्मकता (Functionalism) के अनुसार, समाज की तुलना किससे की जाती है?\n
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    • (A) एक युद्ध क्षेत्र से।
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    • (B) एक जैविक जीव (Biological Organism) से।
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    • (C) एक मशीनी पुर्जे से।
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    • (D) एक यादृच्छिक भीड़ से।
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    सही उत्तर: (B) एक जैविक जीव (Biological Organism) से।

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    \nविस्तृत व्याख्या: प्रकार्यात्मकता (विशेषकर स्पेंसर और दुर्खीम) मानती है कि समाज के विभिन्न अंग (परिवार, धर्म, शिक्षा) एक शरीर के अंगों की तरह कार्य करते हैं। यदि सभी अंग अपना कार्य सही ढंग से करें, तो समाज में संतुलन और स्थिरता बनी रहती है।\n

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