इतिहास के पन्नों से: अपनी प्रतियोगी परीक्षा तैयारी को परखें
प्रिय उम्मीदवारों, इतिहास केवल बीते हुए कल की कहानियाँ नहीं, बल्कि वर्तमान को समझने और भविष्य को गढ़ने और सीखने का एक शक्तिशाली साधन है। हमारी विशेष दैनिक इतिहास प्रश्नोत्तरी के साथ समय की यात्रा पर निकलें और प्राचीन सभ्यताओं से लेकर आधुनिक आंदोलनों तक, अपने ज्ञान की गहराई का परीक्षण करें। क्या आप चुनौती के लिए तैयार हैं?
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निम्न में से कौन-सा स्थल सिंधु घाटी सभ्यता का हिस्सा नहीं है?
- A. हड़प्पा
- B. मोहनजोदड़ो
- C. पाटलिपुत्र
- D. लोथल
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: पाटलिपुत्र प्राचीन भारत में मगध साम्राज्य की राजधानी था और इसका संबंध सिंधु घाटी सभ्यता से नहीं है। यह शहर गंगा नदी के किनारे बसा था और मौर्य साम्राज्य के दौरान इसकी प्रमुखता बढ़ी। हड़प्पा, मोहनजोदड़ो और लोथल सभी सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल हैं। हड़प्पा और मोहनजोदड़ो इसके सबसे बड़े और महत्वपूर्ण शहर थे, जबकि लोथल एक प्रमुख बंदरगाह शहर था।
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ऋग्वेद में ‘दशराज्ञ युद्ध’ (दस राजाओं का युद्ध) किस नदी के तट पर लड़ा गया था?
- A. सिंधु
- B. सरस्वती
- C. परुष्णी (रावी)
- D. यमुना
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: ऋग्वेद में वर्णित दशराज्ञ युद्ध परुष्णी नदी (आधुनिक रावी नदी) के तट पर लड़ा गया था। यह युद्ध भरत कुल के राजा सुदास और दस राजाओं (पाँच आर्य और पाँच अनार्य जनजातियों के) के एक संघ के बीच हुआ था। इस युद्ध में राजा सुदास विजयी हुए, जिससे भरत कुल की श्रेष्ठता स्थापित हुई।
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महात्मा बुद्ध ने अपना पहला उपदेश कहाँ दिया था?
- A. बोधगया
- B. लुम्बिनी
- C. सारनाथ
- D. कुशीनगर
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: महात्मा बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति (बोधगया में) के बाद अपना पहला उपदेश सारनाथ में दिया था, जिसे ‘धर्मचक्र प्रवर्तन’ कहा जाता है। उन्होंने यह उपदेश अपने पाँच पुराने साथियों को दिया था। लुम्बिनी उनका जन्म स्थान है, जबकि कुशीनगर वह स्थान है जहाँ उन्होंने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया था।
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‘मुद्राराक्षस’ नामक संस्कृत नाटक के लेखक कौन थे?
- A. कालिदास
- B. विशाखदत्त
- C. शूद्रक
- D. भास
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: ‘मुद्राराक्षस’ विशाखदत्त द्वारा लिखित एक प्रसिद्ध संस्कृत नाटक है। यह नाटक चंद्रगुप्त मौर्य के सत्ता में आने और चाणक्य की कूटनीति पर केंद्रित है, जिसमें नंद साम्राज्य के पतन और मौर्य साम्राज्य की स्थापना का वर्णन है। कालिदास ने ‘अभिज्ञानशाकुंतलम’ और ‘मेघदूत’ जैसे नाटक लिखे। शूद्रक ने ‘मृच्छकटिकम्’ लिखा।
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गुप्त काल में ‘दशमलव प्रणाली’ का विकास किस क्षेत्र में हुआ?
- A. ज्योतिष
- B. गणित
- C. खगोल विज्ञान
- D. चिकित्सा
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: गुप्त काल को भारतीय इतिहास का ‘स्वर्ण युग’ माना जाता है, खासकर विज्ञान और गणित के क्षेत्र में। इसी काल में आर्यभट्ट जैसे महान गणितज्ञों ने दशमलव प्रणाली और शून्य की अवधारणा का विकास किया, जिसने वैश्विक गणितीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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हर्षवर्धन के शासनकाल में कौन सा चीनी यात्री भारत आया था?
- A. फाह्यान
- B. ह्वेनसांग
- C. इत्सिंग
- D. मेगस्थनीज
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: चीनी यात्री ह्वेनसांग (या जुआनज़ांग) सम्राट हर्षवर्धन के शासनकाल (लगभग 629-645 ईस्वी) के दौरान भारत आया था। उसने अपने यात्रा वृत्तांत ‘सी-यू-की’ में तत्कालीन भारत के समाज, धर्म और प्रशासन का विस्तृत वर्णन किया है। फाह्यान गुप्त सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल में आया था, जबकि इत्सिंग 7वीं शताब्दी के अंत में आया था। मेगस्थनीज चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में था।
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चोल साम्राज्य के दौरान ‘कुर्रम’ क्या था?
- A. एक प्रशासनिक इकाई (गाँवों का समूह)
- B. एक सैन्य टुकड़ी
- C. एक प्रकार का कर
- D. एक धार्मिक अनुष्ठान
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या: चोल प्रशासन अपनी स्थानीय स्वशासन प्रणाली के लिए प्रसिद्ध था। ‘कुर्रम’ कई गाँवों के समूह से बनी एक प्रशासनिक इकाई थी, जो आज के तालुका या ब्लॉक के समान थी। इसके ऊपर ‘नाडु’ और फिर ‘वलनाडु’ जैसी बड़ी इकाइयाँ थीं। यह प्रणाली चोलों के विकेन्द्रीकृत और कुशल प्रशासन का एक महत्वपूर्ण पहलू थी।
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तराइन का द्वितीय युद्ध (1192 ई.) किनके बीच लड़ा गया था?
- A. पृथ्वीराज चौहान और मुहम्मद गौरी
- B. राणा सांगा और बाबर
- C. हेमू और अकबर
- D. जयचंद और मुहम्मद गौरी
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या: तराइन का द्वितीय युद्ध (1192 ई.) अजमेर और दिल्ली के चौहान शासक पृथ्वीराज चौहान और मुहम्मद गौरी के बीच लड़ा गया था। इस युद्ध में पृथ्वीराज चौहान की हार हुई, जिसने भारत में मुस्लिम शासन की नींव रखी। एक साल पहले, तराइन के प्रथम युद्ध (1191 ई.) में पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद गौरी को हराया था।
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दिल्ली सल्तनत का कौन सा सुल्तान ‘बाजार नियंत्रण’ नीति के लिए जाना जाता है?
- A. इल्तुतमिश
- B. अलाउद्दीन खिलजी
- C. मुहम्मद बिन तुगलक
- D. फिरोज शाह तुगलक
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी दिल्ली सल्तनत का पहला सुल्तान था जिसने बाजार नियंत्रण प्रणाली को सख्ती से लागू किया। इसका मुख्य उद्देश्य एक बड़ी सेना को कम वेतन पर बनाए रखना था। उसने विभिन्न वस्तुओं के दाम तय किए, राशनिंग लागू की और मुनाफाखोरी रोकने के लिए कठोर दंड दिए। उसके इस कदम ने अर्थव्यवस्था और प्रशासन पर गहरा प्रभाव डाला।
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विजयनगर साम्राज्य की स्थापना किसने की थी?
- A. कृष्णदेवराय
- B. हरिहर और बुक्का
- C. देवराय प्रथम
- D. राम राय
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ईस्वी में हरिहर प्रथम और बुक्का प्रथम नामक दो भाइयों ने की थी। उन्होंने तुंगभद्रा नदी के दक्षिणी तट पर इस साम्राज्य की नींव रखी। यह साम्राज्य दक्षिण भारत में हिंदू संस्कृति और शक्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया और कई शताब्दियों तक चला। कृष्णदेवराय इस साम्राज्य के एक महान शासक थे, लेकिन संस्थापक नहीं।
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भक्ति आंदोलन के संत चैतन्य महाप्रभु किस देवता के उपासक थे?
- A. शिव
- B. विष्णु (कृष्ण)
- C. ब्रह्मा
- D. राम
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: चैतन्य महाप्रभु (1486-1534) भक्ति आंदोलन के एक प्रमुख संत थे और वे भगवान कृष्ण (विष्णु के अवतार) के ardent devotee थे। उन्होंने विशेष रूप से बंगाल और ओडिशा में कृष्ण भक्ति का प्रचार किया, ‘संकीर्तन’ (भक्तिपूर्ण गायन) के माध्यम से प्रेम और भक्ति का संदेश फैलाया।
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शेरशाह सूरी का वास्तविक नाम क्या था?
- A. कमाल खान
- B. फरीद खान
- C. मलिक अंबर
- D. जलाल खान
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: शेरशाह सूरी का वास्तविक नाम फरीद खान था। उसने एक शेर को अकेले मार डाला था, जिसके बाद उसे ‘शेर खान’ की उपाधि मिली। बाद में, उसने हुमायूँ को हराकर सूर साम्राज्य की स्थापना की और ‘शेरशाह’ की उपाधि धारण की। वह अपने प्रशासनिक सुधारों, जैसे सड़कों का निर्माण (ग्रैंड ट्रंक रोड), भूमि राजस्व प्रणाली और मुद्रा सुधारों के लिए जाना जाता है।
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मुगल बादशाह अकबर ने ‘इबादतखाना’ का निर्माण कहाँ करवाया था?
- A. आगरा
- B. दिल्ली
- C. फतेहपुर सीकरी
- D. लाहौर
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: मुगल बादशाह अकबर ने 1575 ईस्वी में फतेहपुर सीकरी में ‘इबादतखाना’ (पूजा घर) का निर्माण करवाया था। प्रारंभ में, यह केवल मुसलमानों के बीच धार्मिक चर्चाओं के लिए था, लेकिन बाद में इसने सभी धर्मों (हिंदू, जैन, ईसाई, पारसी आदि) के विद्वानों के लिए बहस और चर्चा का मंच प्रदान किया। इसका उद्देश्य विभिन्न धर्मों को समझना और सद्भाव स्थापित करना था।
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शिवाजी के प्रशासन में ‘अष्टप्रधान’ क्या था?
- A. आठ प्रमुख किलों का समूह
- B. आठ गाँवों का राजस्व समूह
- C. आठ मंत्रियों की एक परिषद
- D. आठ शक्तिशाली सामंत
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: शिवाजी के प्रशासन में ‘अष्टप्रधान’ आठ मंत्रियों की एक परिषद थी, जो विभिन्न प्रशासनिक विभागों के प्रमुख थे और शिवाजी को सलाह देते थे। इसमें पेशवा (प्रधानमंत्री), अमात्य (वित्त मंत्री), सचिव (शाही पत्राचार), सुमंत (विदेश मंत्री) आदि पद शामिल थे। यह परिषद प्रशासन को सुचारु रूप से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी।
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किस यूरोपीय शक्ति ने भारत में सबसे पहले व्यापारिक संबंध स्थापित किए?
- A. अंग्रेज
- B. डच
- C. पुर्तगाली
- D. फ्रांसीसी
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: पुर्तगाली भारत आने वाले पहले यूरोपीय थे। वास्को डी गामा 1498 ईस्वी में कालीकट (केरल) पहुँचा, जिसने भारत और यूरोप के बीच सीधे समुद्री मार्ग की खोज की। इसके बाद पुर्तगालियों ने गोवा, दमन और दीव में अपनी बस्तियाँ स्थापित कीं और व्यापार पर एकाधिकार जमाने का प्रयास किया। अंग्रेज, डच और फ्रांसीसी उनके बाद आए।
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‘सहायक संधि’ प्रणाली भारत में किस गवर्नर-जनरल द्वारा शुरू की गई थी?
- A. लॉर्ड कॉर्नवालिस
- B. लॉर्ड वेलेस्ली
- C. लॉर्ड डलहौजी
- D. लॉर्ड हेस्टिंग्स
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: सहायक संधि प्रणाली लॉर्ड वेलेस्ली द्वारा 1798 ईस्वी में भारत में लागू की गई थी। इस नीति के तहत, भारतीय रियासतों को अपनी संप्रभुता का एक हिस्सा ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंपना पड़ता था। रियासतें अपनी सेना नहीं रख सकती थीं और उन्हें अपने खर्च पर ब्रिटिश सेना को बनाए रखना होता था। हैदराबाद का निजाम पहला शासक था जिसने इस संधि पर हस्ताक्षर किए। लॉर्ड डलहौजी ‘व्यपगत का सिद्धांत’ (Doctrine of Lapse) के लिए जाने जाते हैं।
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1857 के विद्रोह के समय भारत का गवर्नर-जनरल कौन था?
- A. लॉर्ड डलहौजी
- B. लॉर्ड कैनिंग
- C. लॉर्ड रिपन
- D. लॉर्ड विलियम बेंटिंक
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: 1857 के महान विद्रोह के समय लॉर्ड कैनिंग भारत के गवर्नर-जनरल थे। उनके कार्यकाल (1856-1862) के दौरान ही यह महत्वपूर्ण घटना घटी थी, जिसने ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी थी। विद्रोह के बाद, 1858 के भारत सरकार अधिनियम के तहत, कैनिंग भारत के पहले वायसराय बने।
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‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना किसने की थी?
- A. महात्मा ज्योतिबा फुले
- B. दयानंद सरस्वती
- C. राजा राम मोहन राय
- D. स्वामी विवेकानंद
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या: ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना महात्मा ज्योतिबा फुले ने 1873 में महाराष्ट्र में की थी। इस समाज का उद्देश्य निचली जातियों के लोगों को शिक्षित करना, उनके अधिकारों के लिए लड़ना और सामाजिक अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना था। दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज, राजा राम मोहन राय ने ब्रह्म समाज और स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की।
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- A. 1880
- B. 1885
- C. 1890
- D. 1905
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को बंबई (अब मुंबई) में ए.ओ. ह्यूम (एक सेवानिवृत्त ब्रिटिश सिविल सेवक) द्वारा की गई थी। इसका पहला अधिवेशन गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुआ था, जिसकी अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी ने की थी। इसका प्रारंभिक उद्देश्य भारतीयों को एक मंच पर लाना और उनकी राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक मांगों को ब्रिटिश सरकार के सामने रखना था।
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गांधीजी ने ‘असहयोग आंदोलन’ कब स्थगित किया था?
- A. 1920
- B. 1921
- C. 1922
- D. 1924
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: महात्मा गांधी ने 1922 में ‘असहयोग आंदोलन’ को स्थगित कर दिया था। यह निर्णय चौरी-चौरा कांड के बाद लिया गया, जहाँ हिंसक भीड़ ने एक पुलिस स्टेशन में आग लगा दी थी और कई पुलिसकर्मी मारे गए थे। गांधीजी अहिंसक आंदोलन के पक्षधर थे और इस घटना के बाद उन्हें लगा कि जनता अभी पूर्ण अहिंसक प्रतिरोध के लिए तैयार नहीं है।
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किस घटना को ‘भारत के विभाजन का तात्कालिक कारण’ माना जा सकता है?
- A. कैबिनेट मिशन योजना की असफलता
- B. मुस्लिम लीग द्वारा ‘प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस’ की घोषणा
- C. माउंटबेटन योजना
- D. द्वितीय विश्व युद्ध का अंत
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: मुस्लिम लीग ने 16 अगस्त 1946 को ‘प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस’ (Direct Action Day) घोषित किया था। इस दिन पूरे देश में, विशेषकर कलकत्ता में, व्यापक सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी। इस घटना ने कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच मतभेदों को और गहरा कर दिया, जिससे विभाजन की अनिवार्यता लगभग स्पष्ट हो गई और इसे भारत के विभाजन के तात्कालिक कारणों में से एक माना जाता है। माउंटबेटन योजना ने विभाजन की रूपरेखा प्रदान की।
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‘मार्ल-मिंटो सुधार’ किस वर्ष पारित किया गया था?
- A. 1905
- B. 1909
- C. 1919
- D. 1935
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: ‘मार्ल-मिंटो सुधार’ (Indian Councils Act) 1909 में पारित किया गया था। इसका नाम तत्कालीन भारत सचिव जॉन मार्ले और वायसराय लॉर्ड मिंटो के नाम पर रखा गया था। इस अधिनियम ने मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचक मंडल (separate electorates) की शुरुआत की, जिसने भारत में सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया। यह आधुनिक भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण विधायी कदम था।
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फ्रांसीसी क्रांति किस वर्ष शुरू हुई थी?
- A. 1776
- B. 1789
- C. 1804
- D. 1815
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: फ्रांसीसी क्रांति 1789 में शुरू हुई थी, जब बैस्टिल के किले पर हमला किया गया था। यह क्रांति स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के सिद्धांतों पर आधारित थी और इसने यूरोपीय इतिहास और विश्व इतिहास पर गहरा प्रभाव डाला। 1776 में अमेरिकी क्रांति हुई थी।
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‘बर्लिन की दीवार’ कब गिराई गई थी?
- A. 1961
- B. 1989
- C. 1991
- D. 2001
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: बर्लिन की दीवार 9 नवंबर 1989 को गिराई गई थी। यह घटना शीत युद्ध के अंत और जर्मनी के एकीकरण का प्रतीक थी। दीवार का निर्माण 1961 में पूर्वी जर्मनी द्वारा किया गया था ताकि लोग पूर्वी से पश्चिमी बर्लिन में भाग न सकें। इसके गिरने ने सोवियत संघ के पतन और वैश्विक भू-राजनीति में बड़े बदलावों का मार्ग प्रशस्त किया।
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संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- A. 1919
- B. 1939
- C. 1945
- D. 1950
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations Organization) की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना, राष्ट्रों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित करना और सामाजिक प्रगति, बेहतर जीवन स्तर और मानवाधिकारों को बढ़ावा देना था। इसकी स्थापना द्वितीय विश्व युद्ध के बाद लीग ऑफ नेशंस की जगह लेने के लिए की गई थी।
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