नमस्ते भविष्य के समाजशास्त्रियों!
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क्या आप अपनी वैचारिक स्पष्टता को चुनौती देने और समाजशास्त्र की गहराइयों को मापने के लिए तैयार हैं? आज का यह विशेष मॉक टेस्ट न केवल आपके अकादमिक ज्ञान का परीक्षण करेगा, बल्कि आपको शास्त्रीय सिद्धांतों और समकालीन वैश्विक सामाजिक परिवर्तनों के बीच सेतु बनाने में मदद करेगा। अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता को धार दें और इस बौद्धिक यात्रा का हिस्सा बनें!
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- कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति का मुख्य कारण क्या है?\n
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- (A) सामाजिक मानदंडों का अभाव
- (B) उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व और पूंजीवादी श्रम विभाजन
- (C) धार्मिक विश्वासों का प्रभाव
- (D) व्यक्तिगत इच्छाशक्ति की कमी
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवाद में श्रमिक अपने उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः स्वयं से अलग हो जाता है क्योंकि उत्पादन के साधनों पर पूंजीपतियों का नियंत्रण होता है। यह विचार उनकी कृति ‘Economic and Philosophic Manuscripts of 1844’ में प्रमुखता से मिलता है। विकल्प (A) दुर्खीम के ‘एनोमी’ से संबंधित है, (C) और (D) समाजशास्त्रीय रूप से मुख्य कारण नहीं हैं।
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- मैक्स वेबर ने ‘द प्रोटेस्टेंट एथिक एंड द स्पिरिट ऑफ कैपिटलिज्म’ में किस अवधारणा पर जोर दिया है?\n
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- (A) वर्ग संघर्ष
- (B) सामाजिक तथ्य
- (C) पूर्व-निर्धारण (Predestination) और तर्कसंगतता
- (D) सामूहिक चेतना
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: वेबर ने तर्क दिया कि केल्विनवाद (Calvinism) के ‘पूर्व-निर्धारण’ के सिद्धांत ने लोगों को कठिन परिश्रम और मितव्ययिता के लिए प्रेरित किया, जिसने आधुनिक पूंजीवाद के उदय के लिए सांस्कृतिक आधार प्रदान किया। विकल्प (A) मार्क्स का, (B) और (D) दुर्खीम का दृष्टिकोण है।
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- एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति कब उत्पन्न होती है?\n
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- (A) जब समाज में बहुत अधिक नियम होते हैं
- (B) जब समाज में तीव्र परिवर्तन के कारण मानदंडों का अभाव या विखंडन होता है
- (C) जब व्यक्ति समाज से पूरी तरह कट जाता है
- (D) जब आर्थिक असमानता समाप्त हो जाती है
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: ‘एनोमी’ का अर्थ है ‘नियमहीनता’। दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘Suicide’ और ‘The Division of Labour in Society’ में बताया कि तीव्र सामाजिक या आर्थिक परिवर्तन के समय पुराने मानदंड काम नहीं करते और नए अभी बने नहीं होते, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। विकल्प (C) अलगाव (Alienation) के करीब है।
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- मिशेल फौकॉल्ट की ‘पैनोप्टिकॉन’ (Panopticon) की अवधारणा समकालीन ‘डिजिटल निगरानी’ (Digital Surveillance) को समझने के लिए कैसे प्रासंगिक है?\n
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- (A) यह केवल भौतिक जेलों के प्रशासन को समझाती है
- (B) यह दर्शाती है कि निरंतर निगरानी की संभावना व्यक्ति को स्वयं को नियंत्रित करने (Self-discipline) के लिए मजबूर करती है
- (C) यह निगरानी के विरुद्ध विद्रोह को बढ़ावा देती है
- (D) यह मानती है कि डिजिटल डेटा पूरी तरह से निजी होता है
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: फौकॉल्ट ने ‘Discipline and Punish’ में पैनोप्टिकॉन का उपयोग यह दिखाने के लिए किया कि जब व्यक्ति को लगता है कि उसे देखा जा रहा है, तो वह आंतरिक रूप से अनुशासित हो जाता है। आज के दौर में डिजिटल डेटा और एल्गोरिदम इसी तरह की ‘अदृश्य निगरानी’ पैदा करते हैं।
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- टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
- (B) अनुकूलन (Adaptation)
- (C) पैटर्न रखरखाव या सांस्कृतिक स्थिरता (Pattern Maintenance)
- (D) एकीकरण (Integration)
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: AGIL मॉडल में L (Latency) का कार्य समाज के मूल्यों और सांस्कृतिक मानदंडों को बनाए रखना और उन्हें अगली पीढ़ी तक पहुँचाना है (जैसे परिवार और शिक्षा)। A=Adaptation, G=Goal Attainment, I=Integration।
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- रॉबर्ट के. मर्टन के ‘तनाव सिद्धांत’ (Strain Theory) के अनुसार, जब व्यक्ति स्वीकृत लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अस्वीकृत साधनों का उपयोग करता है, तो इसे क्या कहा जाता है?\n
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- (A) अनुरूपता (Conformity)
- (B) नवाचार (Innovation)
- (C) अनुष्ठानवाद (Ritualism)
- (D) विद्रोह (Rebellion)
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: मर्टन के अनुसार, जब समाज सफलता (लक्ष्य) का दबाव डालता है लेकिन वैध साधन उपलब्ध नहीं होते, तो व्यक्ति ‘नवाचार’ (जैसे चोरी या धोखाधड़ी) का रास्ता चुनता है। अनुरूपता में लक्ष्य और साधन दोनों स्वीकार्य होते हैं।
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- जॉर्ज हरबर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) का विकास कैसे होता है?\n
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- (A) केवल आनुवंशिक कारकों से
- (B) सामाजिक अंतःक्रिया और ‘महत्वपूर्ण अन्य’ (Significant Others) के माध्यम से
- (C) एकांत चिंतन द्वारा
- (D) केवल औपचारिक शिक्षा के द्वारा
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) के जनक मीड ने कहा कि ‘स्व’ जन्मजात नहीं होता, बल्कि समाज में दूसरों की भूमिका निभाने (Role-taking) और सामाजिक प्रतिक्रियाओं के माध्यम से विकसित होता है।
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- सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) के संदर्भ में ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का सबसे सटीक उदाहरण कौन सा है?\n
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- (A) आधुनिक वर्ग प्रणाली
- (B) जाति व्यवस्था (Caste System)
- (C) पेशेवर श्रेणियाँ
- (D) शैक्षिक योग्यता
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: बंद स्तरीकरण वह प्रणाली है जिसमें सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility) बहुत सीमित या असंभव होती है। जाति जन्म पर आधारित है, इसलिए इसे ‘बंद’ कहा जाता है, जबकि वर्ग (Class) एक ‘खुली’ प्रणाली है।
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- समकालीन समाजशास्त्र में ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) शब्द से क्या तात्पर्य है?\n
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- (A) इंटरनेट का केवल उच्च जातियों द्वारा उपयोग
- (B) तकनीकी संसाधनों और डिजिटल साक्षरता तक पहुँच में जाति-आधारित असमानता
- (C) जातिगत भेदभाव को समाप्त करने वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म
- (D) ऑनलाइन जाति प्रमाणपत्रों का वितरण
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा दर्शाती है कि कैसे पारंपरिक सामाजिक असमानताएँ डिजिटल युग में भी बनी रहती हैं, जहाँ तकनीकी उपकरणों और ज्ञान तक पहुँच अक्सर सामाजिक स्थिति (जाति/वर्ग) से प्रभावित होती है।
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- ‘एथ्नोग्राफी’ (Ethnography) अनुसंधान की किस विधि के अंतर्गत आती है?\n
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- (A) मात्रात्मक विधि (Quantitative Method)
- (B) प्रयोगात्मक विधि (Experimental Method)
- (C) गुणात्मक विधि (Qualitative Method)
- (D) सर्वेक्षण विधि (Survey Method)
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: एथ्नोग्राफी एक गुणात्मक विधि है जिसमें शोधकर्ता किसी विशेष सांस्कृतिक समूह के साथ रहकर उनके दैनिक जीवन और व्यवहार का गहन अवलोकन (Participant Observation) करता है।
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- एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
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- (A) निचली जातियों का उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना
- (B) उच्च जातियों का अपनी संस्कृति को त्यागना
- (C) केवल संस्कृत भाषा का अध्ययन करना
- (D) जातियों का पूर्णतः उन्मूलन करना
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सही उत्तर: (A)
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विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें कोई निम्न जाति या समूह किसी उच्च जाति (विशेषकर द्विज) के रीति-रिवाजों, विचारधारा और जीवन पद्धति को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास करता है।
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- ‘नाटिविटी’ या ‘नातेदारी’ (Kinship) के संदर्भ में ‘पैट्रिलिनियल’ (Patrilineal) वंश का क्या अर्थ है?\n
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- (A) वंश का निर्धारण माता के माध्यम से होना
- (B) वंश का निर्धारण पिता के माध्यम से होना
- (C) माता और पिता दोनों के माध्यम से वंश का निर्धारण
- (D) वंश का कोई निर्धारण न होना
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: पैट्रिलिनियल (पितृवंशीय) व्यवस्था में संपत्ति, नाम और वंश पिता से पुत्र की ओर प्रवाहित होते हैं। इसके विपरीत ‘मैट्रिलिनियल’ (मातृवंशीय) में यह माता के माध्यम से होता है।
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- दुर्खीम के अनुसार, धर्म का मूल तत्व क्या है?\n
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- (A) ईश्वर में विश्वास
- (B) पवित्र (Sacred) और अपवित्र (Profane) के बीच का विभाजन
- (C) मोक्ष की प्राप्ति
- (D) व्यक्तिगत प्रार्थना
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: अपनी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में दुर्खीम ने तर्क दिया कि धर्म केवल ईश्वर के बारे में नहीं है, बल्कि यह समाज द्वारा चीजों को ‘पवित्र’ (Sacred) घोषित करने और उन्हें सामान्य ‘अपवित्र’ (Profane) चीजों से अलग करने की प्रक्रिया है।
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- ‘हिडन करिकुलम’ (Hidden Curriculum) का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या है?\n
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- (A) वह पाठ्यक्रम जो सरकार ने गुप्त रखा हो
- (B) वह अनौपचारिक मूल्य, व्यवहार और दृष्टिकोण जो छात्र स्कूल में अनजाने में सीखते हैं
- (C) केवल खेल-कूद की गतिविधियाँ
- (D) ऑनलाइन शिक्षा का पाठ्यक्रम
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: हिडन करिकुलम उन अलिखित नियमों और सामाजिक अपेक्षाओं को संदर्भित करता है जो स्कूल की औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ सिखाई जाती हैं, जैसे सत्ता के प्रति आज्ञाकारिता और समय की पाबंदी।
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- मैक्स वेबर ने सत्ता (Authority) के तीन प्रकार बताए हैं। इनमें ‘करिश्माई सत्ता’ (Charismatic Authority) क्या है?\n
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- (A) नियमों और कानूनों पर आधारित सत्ता
- (B) परंपराओं और रीति-रिवाजों पर आधारित सत्ता
- (C) नेता के असाधारण व्यक्तिगत गुणों या आकर्षण पर आधारित सत्ता
- (D) धन और संपत्ति पर आधारित सत्ता
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: वेबर के अनुसार, करिश्माई सत्ता तब होती है जब लोग किसी व्यक्ति की असाधारण क्षमता या दैवीय गुणों में विश्वास करते हैं। अन्य दो प्रकार ‘कानूनी-तार्किक’ (Rational-Legal) और ‘पारंपरिक’ (Traditional) हैं।
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- ग्रामीण समाजशास्त्र के संदर्भ में ‘जजमेंटल’ या ‘प्रभुत्वशाली जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा किसने दी?\n
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- (A) जी.एस. घुर्ये
- (B) एम.एन. श्रीनिवास
- (C) आर.के. मुखर्जी
- (D) बी.आर. अंबेडकर
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास के अनुसार, एक जाति तब ‘प्रभुत्वशाली’ होती है जब उसके पास संख्यात्मक बल, आर्थिक शक्ति (विशेषकर भूमि का स्वामित्व) और राजनीतिक प्रभाव होता है।
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- शहरी अपराध विज्ञान (Urban Criminology) के संदर्भ में, यदि किसी शहर में अपराध दर अचानक गिरती है, तो समाजशास्त्री इसे किस दृष्टिकोण से विश्लेषण कर सकते हैं?\n
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- (A) केवल व्यक्तिगत सुधार के रूप में
- (B) ‘सोशल डिसऑर्गनाइजेशन थ्योरी’ (Social Disorganization Theory) के माध्यम से सामुदायिक स्थिरता का विश्लेषण कर
- (C) इसे पूरी तरह से संयोग मानकर
- (D) केवल पुलिस की संख्या बढ़ाने के परिणाम के रूप में
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: शिकागो स्कूल की ‘सोशल डिसऑर्गनाइजेशन थ्योरी’ बताती है कि जब सामुदायिक संस्थाएं (परिवार, स्कूल, चर्च) मजबूत होती हैं, तो वे अपराध को रोकने में सक्षम होती हैं। अपराध में गिरावट सामुदायिक सामंजस्य की वृद्धि का संकेत हो सकती है।
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- ‘इमोशनल लेबर’ (Emotional Labour) की अवधारणा किसने विकसित की?\n
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- (A) एर्विंग गोफमैन
- (B) अरली हॉचशिल्ड (Arlie Hochschild)
- (C) जूलियन बेंडर
- (D) पीटर बर्गर
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: हॉचशिल्ड ने ‘The Managed Heart’ में बताया कि कैसे कुछ नौकरियों (जैसे एयर होस्टेस या कॉल सेंटर कर्मचारी) में कर्मचारियों को अपनी वास्तविक भावनाओं को दबाकर एक विशिष्ट भावना प्रदर्शित करने के लिए भुगतान किया जाता है।
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- ‘सांस्कृतिक विलंबन’ (Cultural Lag) का सिद्धांत किसने दिया?\n
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- (A) अगस्त कॉम्टे
- (B) डब्ल्यू.एफ. ऑगबर्न (W.F. Ogburn)
- (C) हरबर्ट स्पेंसर
- (D) टैलकोट पार्सन्स
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: ऑगबर्न के अनुसार, भौतिक संस्कृति (तकनीक) तेजी से बदलती है, लेकिन गैर-भौतिक संस्कृति (मूल्य, विश्वास, कानून) धीमी गति से बदलती है। इनके बीच के अंतराल को ‘सांस्कृतिक विलंबन’ कहते हैं।
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- भारतीय समाजशास्त्र में जनजातियों को ‘आदिवासी’ या ‘पिछड़ा’ मानने के बजाय उनकी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान पर जोर देने वाले विचार को क्या कहा जाता है?\n
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- (A) आत्मसातीकरण (Assimilation)
- (B) एकीकरण (Integration)
- (C) जनजातीय अस्मितावाद (Tribal Identity/Assertiveness)
- (D) संस्कृतिकरण
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: यह दृष्टिकोण जनजातियों को केवल विकास के अभाव वाले समूह के रूप में नहीं, बल्कि एक विशिष्ट संस्कृति और अधिकारों वाले स्वायत्त समूह के रूप में देखता है।
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- अनुसंधान में ‘वैधता’ (Validity) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) परिणामों का बार-बार एक जैसा आना
- (B) यह मापना कि उपकरण वास्तव में उसी चीज को माप रहा है जिसे मापने का दावा किया गया है
- (C) नमूना आकार (Sample Size) का बड़ा होना
- (D) केवल प्राथमिक आंकड़ों का उपयोग करना
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: वैधता (Validity) सटीकता से संबंधित है। यदि कोई प्रश्नावली ‘खुशी’ मापने के लिए बनाई गई है लेकिन वह ‘उत्साह’ माप रही है, तो वह वैध नहीं है। विकल्प (A) ‘विश्वसनीयता’ (Reliability) को दर्शाता है।
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- आधुनिक श्रम बाजार में ‘गिग इकोनॉमी’ (Gig Economy) और एआई (AI) के प्रभाव से उत्पन्न ‘प्रिकेरियट’ (Precariat) वर्ग का क्या अर्थ है?\n
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- (A) उच्च वेतन पाने वाला तकनीकी वर्ग
- (B) वह श्रमिक वर्ग जिसका रोजगार अनिश्चित, अस्थिर और लाभ-विहीन है
- (C) केवल सरकारी कर्मचारी
- (D) पूर्णतः स्वचालित रोबोटिक कार्यबल
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: ‘Precariat’ शब्द ‘Precarious’ (अनिश्चित) और ‘Proletariat’ (सर्वहारा) से मिलकर बना है। यह उन श्रमिकों को दर्शाता है जिनके पास कोई स्थायी अनुबंध, स्वास्थ्य बीमा या पेंशन नहीं होती (जैसे उबेर ड्राइवर या फ्रीलांसर)।
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- ‘जलवायु न्याय’ (Climate Justice) की अवधारणा समाजशास्त्र में क्यों महत्वपूर्ण है?\n
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- (A) क्योंकि यह केवल मौसम के पूर्वानुमान से संबंधित है
- (B) क्योंकि यह इस बात पर जोर देता है कि जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक प्रभाव उन गरीबों और हाशिए के समूहों पर पड़ता है जिन्होंने इसमें सबसे कम योगदान दिया है
- (C) क्योंकि यह केवल विकसित देशों की समस्या है
- (D) क्योंकि यह प्रकृति के साथ युद्ध की बात करता है
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: जलवायु न्याय एक सामाजिक और राजनीतिक दृष्टिकोण है जो पर्यावरणीय समस्याओं को मानवाधिकारों और सामाजिक असमानता (वर्ग, जाति, नस्ल) के साथ जोड़कर देखता है।
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- समकालीन समाजशास्त्र में ‘नेटवर्क सोसाइटी’ (Network Society) की अवधारणा किसने दी, जो सोशल मीडिया सक्रियता को समझने में मदद करती है?\n
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- (A) मैनुअल कास्टेल्स (Manuel Castells)
- (B) एंथनी गिडेंस
- (C) पियरे बोर्दियो
- (D) ज़िगमुंट बॉमन
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सही उत्तर: (A)
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विस्तृत व्याख्या: मैनुअल कास्टेल्स ने तर्क दिया कि सूचना प्रौद्योगिकी ने समाज की संरचना को ‘नेटवर्क’ में बदल दिया है, जिससे सामाजिक आंदोलन अब केंद्रीकृत नेतृत्व के बजाय डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से तेजी से फैलते हैं।
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- महामारी के दौरान मानसिक स्वास्थ्य प्रवृत्तियों का समाजशास्त्रीय अध्ययन किस परिप्रेक्ष्य के अंतर्गत आता है?\n
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- (A) केवल जैविक परिप्रेक्ष्य (Biological Perspective)
- (B) चिकित्सा समाजशास्त्र (Medical Sociology)
- (C) राजनीतिक समाजशास्त्र
- (D) कानूनी समाजशास्त्र
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: चिकित्सा समाजशास्त्र स्वास्थ्य, बीमारी और स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों के सामाजिक कारकों का अध्ययन करता है। यह विश्लेषण करता है कि कैसे सामाजिक अलगाव और आर्थिक तनाव मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।
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