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UGC NET JRF Political Science: भारतीय राजव्यवस्था और संविधान का गहन विश्लेषण और अभ्यास

UGC NET JRF Political Science: भारतीय राजव्यवस्था और संविधान का गहन विश्लेषण और अभ्यास

भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की जटिलताओं को समझना केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए नहीं, बल्कि एक जागरूक नागरिक और भविष्य के अकादमिक विशेषज्ञ बनने के लिए अनिवार्य है। यह अभ्यास सेट आपकी वैचारिक स्पष्टता को चुनौती देने और भारतीय संविधान के सूक्ष्म पहलुओं को समझने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आइए, अपनी तैयारी को एक नए स्तर पर ले जाएं और अपनी क्षमताओं का परीक्षण करें।

Indian Polity & Constitution Practice Questions

निर्देश: निम्नलिखित 25 प्रश्नों को हल करें और प्रदान की गई विस्तृत व्याख्याओं के माध्यम से अपनी समझ का विश्लेषण करें। ये प्रश्न UGC NET के नवीनतम पैटर्न (कथन, कारण और मिलान) पर आधारित हैं।

Question 1: निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन I: भारतीय संविधान का ‘मूल ढांचा’ (Basic Structure) सिद्धांत न्यायपालिका द्वारा विकसित एक न्यायिक नवाचार है।
कथन II: यह सिद्धांत राजनीतिक सिद्धांत की ‘संवैधानिकवाद’ (Constitutionalism) की अवधारणा को पुष्ट करता है जो सीमित सरकार का समर्थन करता है।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

  1. केवल कथन I
  2. केवल कथन II
  3. कथन I और II दोनों
  4. न तो कथन I और न ही कथन II

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: दोनों कथन सही हैं। ‘मूल ढांचा’ सिद्धांत 1973 के केशवानंद भारती मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिपादित किया गया था। हालांकि संविधान में इसका उल्लेख नहीं है, लेकिन यह अनुच्छेद 368 (संशोधन शक्ति) की सीमाएं निर्धारित करता है।
  • Context & Elaboration: यह सिद्धांत ‘संवैधानिकवाद’ (Unit 1) से गहराई से जुड़ा है, जिसका अर्थ है कि सरकार की शक्तियां संविधान द्वारा सीमित हैं। मूल ढांचा यह सुनिश्चित करता है कि संसद संविधान के बुनियादी स्वरूप (जैसे धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र) को नष्ट न कर सके।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) और (b) अधूरे हैं क्योंकि दोनों कथन एक-दूसरे के पूरक हैं और संवैधानिक शासन की वास्तविकता को दर्शाते हैं।

Question 2: अभिकथन (A): डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने अनुच्छेद 32 को संविधान की ‘हृदय और आत्मा’ कहा था।
कारण (R): यह अनुच्छेद नागरिकों को मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सीधे सर्वोच्च न्यायालय जाने का अधिकार देता है, जिससे मौलिक अधिकार केवल कागजी न रहकर वास्तविक बन जाते हैं।

  1. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
  2. (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  3. (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
  4. (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।

Answer: (a)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: अनुच्छेद 32 ‘संवैधानिक उपचारों का अधिकार’ प्रदान करता है। यह डॉ. अंबेडकर (Unit 2) के सामाजिक न्याय के विजन और संवैधानिक सुरक्षा (Unit 3) का संगम है।
  • Context & Elaboration: बिना उपचार के अधिकार अर्थहीन हैं। अनुच्छेद 32 के तहत न्यायालय पांच प्रकार की रिट (Writ) जारी कर सकते हैं, जो राज्य की निरंकुशता पर रोक लगाते हैं।
  • Incorrect Options: चूंकि कारण (R) स्पष्ट रूप से समझाता है कि क्यों अनुच्छेद 32 ‘हृदय और आत्मा’ है, इसलिए विकल्प (b), (c), और (d) गलत हैं।

Question 3: सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प का चयन कीजिए:
सूची-I (न्यायिक सिद्धांत) — सूची-II (संवैधानिक प्रभाव)
A. न्यायिक पुनरावलोकन — 1. कार्यपालिका और विधायिका के बीच संतुलन
B. न्यायिक सक्रियता — 2. कानूनों की संवैधानिकता की जांच
C. न्यायिक संयम — 3. नीति-निर्माण में न्यायपालिका का प्रवेश
D. पृथक्करण का सिद्धांत — 4. न्यायालय द्वारा अपनी शक्तियों का सीमित उपयोग

  1. A-2, B-3, C-4, D-1
  2. A-1, B-2, C-3, D-4
  3. A-3, B-4, C-1, D-2
  4. A-2, B-1, C-4, D-3

Answer: (a)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review) अनुच्छेद 13 के तहत कानूनों की जांच करता है (A-2)। न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism) में न्यायालय जनहित याचिकाओं (PIL) के माध्यम से नीतिगत हस्तक्षेप करता है (B-3)। न्यायिक संयम (Judicial Restraint) अपनी सीमाओं का सम्मान करना है (C-4) और शक्तियों का पृथक्करण (Separation of Powers) अंगों के बीच संतुलन बनाता है (D-1)।
  • Context & Elaboration: यह तुलनात्मक राजनीति (Unit 4) और भारतीय न्यायपालिका (Unit 3) का मिश्रण है। भारतीय मॉडल ‘पूर्ण पृथक्करण’ के बजाय ‘चेक और बैलेंस’ (Check and Balance) पर आधारित है।
  • Incorrect Options: अन्य विकल्प गलत मिलान प्रस्तुत करते हैं जो न्यायिक कार्यप्रणाली की मूलभूत परिभाषाओं के विपरीत हैं।

Question 4: निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन I: भारत के राष्ट्रपति द्वारा जारी अध्यादेश (Ordinance) की शक्ति अनुच्छेद 123 के तहत एक विधायी शक्ति है।
कथन II: अध्यादेश जारी करने की यह शक्ति राष्ट्रपति की विवेकाधीन शक्ति (Discretionary Power) है और इसे मंत्रिपरिषद की सलाह के बिना प्रयोग किया जा सकता है।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

  1. केवल कथन I
  2. केवल कथन II
  3. दोनों कथन I और II
  4. कोई भी नहीं

Answer: (a)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: कथन I सही है क्योंकि अनुच्छेद 123 राष्ट्रपति को तब कानून बनाने की शक्ति देता है जब संसद सत्र में न हो।
  • Context & Elaboration: कथन II गलत है क्योंकि भारत में राष्ट्रपति एक ‘संवैधानिक प्रमुख’ है। अनुच्छेद 74 के अनुसार, राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी, जिसकी सलाह राष्ट्रपति के लिए बाध्यकारी है। अतः, अध्यादेश मंत्रिपरिषद की सिफारिश पर ही जारी होता है।
  • Incorrect Options: विकल्प (b) और (c) गलत हैं क्योंकि राष्ट्रपति की वास्तविक विवेकाधीन शक्तियां अत्यंत सीमित हैं और वह मंत्रिपरिषद की सलाह के बिना कार्य नहीं कर सकता।

Question 5: राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों (DPSP) और मौलिक अधिकारों के बीच संबंध के संदर्भ में, ‘मिनर्वा मिल्स मामला (1980)’ का मुख्य निष्कर्ष क्या था?

  1. मौलिक अधिकार, DPSP पर पूर्णतः प्रभावी हैं।
  2. DPSP, मौलिक अधिकारों पर पूर्णतः प्रभावी हैं।
  3. संविधान मौलिक अधिकारों और DPSP के बीच ‘सामंजस्य और संतुलन’ (Harmony and Balance) की नींव पर टिका है।
  4. संसद किसी भी मौलिक अधिकार को DPSP लागू करने के लिए हटा सकती है।

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: मिनर्वा मिल्स मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मौलिक अधिकार (भाग III) और नीति निर्देशक तत्व (भाग IV) एक-दूसरे के विरोधी नहीं बल्कि पूरक हैं।
  • Context & Elaboration: यह शासन (Unit 10) और संवैधानिक सिद्धांतों (Unit 3) का मिश्रण है। न्यायालय ने कहा कि इन दोनों के बीच का संतुलन संविधान की एक ‘मूल विशेषता’ है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) और (b) चरम दृष्टिकोण हैं, जबकि विकल्प (d) 42वें संशोधन के उस प्रावधान को संदर्भित करता है जिसे मिनर्वा मिल्स मामले में रद्द कर दिया गया था।

Question 6: निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
(संस्था — संवैधानिक प्रावधान)

  1. भारत का चुनाव आयोग — अनुच्छेद 324
  2. भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) — अनुच्छेद 148
  3. वित्त आयोग — अनुच्छेद 280
  4. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग — अनुच्छेद 338

Answer: (d)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) एक ‘सांविधिक निकाय’ (Statutory Body) है, न कि संवैधानिक निकाय। इसकी स्थापना मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत की गई थी। अनुच्छेद 338 राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) से संबंधित है।
  • Context & Elaboration: संवैधानिक निकायों (Constitutional Bodies) का उल्लेख संविधान के लेखों में होता है (Unit 7), जबकि सांविधिक निकायों का निर्माण संसद के अधिनियम द्वारा किया जाता है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a), (b) और (c) बिल्कुल सही संवैधानिक मिलान हैं।

Question 7: ‘सहकारी संघवाद’ (Cooperative Federalism) की अवधारणा के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कदम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है?

  1. अनुच्छेद 356 का बार-बार उपयोग
  2. जीएसटी परिषद (GST Council) का गठन
  3. एकल पार्टी शासन का वर्चस्व
  4. केंद्र द्वारा राज्यों के राज्यपालों का मनमाना चयन

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: जीएसटी परिषद (अनुच्छेद 279A) सहकारी संघवाद का एक उत्कृष्ट उदाहरण है क्योंकि यहाँ केंद्र और राज्य मिलकर कर दरों पर निर्णय लेते हैं।
  • Context & Elaboration: तुलनात्मक राजनीति (Unit 4) में संघवाद के विभिन्न रूपों का अध्ययन किया जाता है। सहकारी संघवाद वह स्थिति है जहाँ केंद्र और राज्य प्रतिद्वंद्वी होने के बजाय भागीदार के रूप में कार्य करते हैं।
  • Incorrect Options: विकल्प (a), (c) और (d) ‘केंद्रीकृत संघवाद’ (Centralized Federalism) या संघवाद के क्षरण के उदाहरण हैं।

Question 8: अभिकथन (A): भारत का संविधान ‘अर्ध-संघीय’ (Quasi-federal) है।
कारण (R): भारतीय संविधान में एक मजबूत केंद्र के साथ-साथ राज्यों को भी स्वायत्तता प्रदान की गई है, लेकिन आपातकाल के दौरान यह पूरी तरह एकात्मक हो जाता है।

  1. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
  2. (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  3. (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
  4. (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।

Answer: (a)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: के.सी. व्हीयर (K.C. Wheare) ने भारतीय संविधान को ‘Quasi-federal’ कहा था। यह संरचना अनुच्छेद 1 (राज्यों का संघ) और आपातकालीन प्रावधानों (अनुच्छेद 352-360) के बीच के तनाव को दर्शाती है।
  • Context & Elaboration: यह Unit 4 (Comparative Politics) और Unit 3 (Indian Constitution) का मिश्रण है। भारत का संघवाद ‘विनाशी राज्यों का अविनाशी संघ’ कहलाता है।
  • Incorrect Options: चूंकि कारण (R) स्पष्ट करता है कि केंद्र की मजबूती और आपातकालीन प्रावधान इसे शुद्ध संघीय (जैसे USA) से अलग बनाते हैं, इसलिए विकल्प (a) सही है।

Question 9: 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधन अधिनियमों के माध्यम से स्थानीय स्वशासन को संवैधानिक दर्जा दिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य क्या था?

  1. सत्ता का केंद्रीकरण करना
  2. लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण (Democratic Decentralization) को बढ़ावा देना
  3. राज्य सरकारों की शक्तियों को कम करना
  4. केवल ग्रामीण क्षेत्रों का विकास करना

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: इन संशोधनों ने भाग IX और IX-A को जोड़ा। इसका उद्देश्य निर्णय लेने की प्रक्रिया को जमीनी स्तर (Grassroots level) तक ले जाना था।
  • Context & Elaboration: यह शासन (Unit 10) और राजनीतिक संस्थानों (Unit 7) का संगम है। यह गांधीवादी विचार (Unit 2) ‘ग्राम स्वराज’ के संवैधानिक कार्यान्वयन को दर्शाता है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) इसके बिल्कुल विपरीत है। विकल्प (c) गलत है क्योंकि यह शक्तियों के बंटवारे की बात करता है, न कि केवल कम करने की। विकल्प (d) गलत है क्योंकि 74वां संशोधन शहरी निकायों (ULBs) से संबंधित है।

Question 10: ‘न्यायिक समीक्षा’ (Judicial Review) और ‘न्यायिक सक्रियता’ (Judicial Activism) के बीच मुख्य अंतर क्या है?

  1. न्यायिक समीक्षा कानून बनाती है, जबकि सक्रियता उसे लागू करती है।
  2. न्यायिक समीक्षा एक संवैधानिक शक्ति है, जबकि सक्रियता न्यायालय का एक आक्रामक दृष्टिकोण है।
  3. दोनों एक ही हैं और इनमें कोई अंतर नहीं है।
  4. न्यायिक सक्रियता केवल मौलिक अधिकारों तक सीमित है।

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: न्यायिक समीक्षा अनुच्छेद 13, 32 और 226 के तहत एक कानूनी प्रक्रिया है जिसके द्वारा न्यायालय किसी कानून की वैधता की जांच करता है। न्यायिक सक्रियता तब होती है जब न्यायालय कार्यपालिका की निष्क्रियता के कारण स्वयं निर्देश जारी करता है (जैसे पर्यावरण संरक्षण के लिए आदेश)।
  • Context & Elaboration: यह Unit 1 (Liberty/Justice) और Unit 3 (Judiciary) का मिश्रण है। सक्रियता अक्सर तब बढ़ती है जब लोकतंत्र के अन्य अंग विफल हो जाते हैं।
  • Incorrect Options: न्यायालय कानून नहीं बना सकता (विकल्प a), वह केवल कानूनों की व्याख्या करता है।

Question 11: निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन I: भारत के महान्यायवादी (Attorney General) को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार है।
कथन II: महान्यायवादी संसद का सदस्य होता है, इसलिए वह सदन में मतदान कर सकता है।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

  1. केवल कथन I
  2. केवल कथन II
  3. दोनों कथन I और II
  4. कोई भी नहीं

Answer: (a)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: अनुच्छेद 76 के तहत महान्यायवादी को संसद में बोलने और भाग लेने का अधिकार है, लेकिन वह संसद का सदस्य नहीं होता है।
  • Context & Elaboration: चूँकि वह सदस्य नहीं है, इसलिए उसके पास मतदान (Voting) का अधिकार नहीं होता है। यह कार्यपालिका और विधायिका के बीच के सूक्ष्म संबंधों को दर्शाता है।
  • Incorrect Options: कथन II गलत है क्योंकि मतदान के लिए सदस्यता अनिवार्य है, जो महान्यायवादी के पास नहीं होती।

Question 12: भारतीय संविधान की ‘प्रस्तावना’ (Preamble) के संदर्भ में, ‘पंथनिरपेक्ष’ (Secular) शब्द का भारतीय अर्थ क्या है?

  1. राज्य का धर्म से पूर्ण अलगाव (पश्चिमी मॉडल)
  2. राज्य का किसी भी धर्म में विश्वास न करना
  3. सभी धर्मों के प्रति राज्य का समान सम्मान और समान दूरी (सर्वधर्म समभाव)
  4. राज्य द्वारा केवल बहुमत धर्म का संरक्षण करना

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: भारतीय धर्मनिरपेक्षता ‘सकारात्मक’ है। राज्य धर्म से पूरी तरह अलग नहीं है, बल्कि वह सभी धर्मों को समान समर्थन देता है और जरूरत पड़ने पर समाज सुधार के लिए हस्तक्षेप भी कर सकता है।
  • Context & Elaboration: यह राजनीतिक सिद्धांत (Unit 1) और संविधान (Unit 3) का मिश्रण है। यह पश्चिमी धर्मनिरपेक्षता (Secularism) से भिन्न है जहाँ राज्य और धर्म के बीच एक अभेद्य दीवार होती है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) और (b) पश्चिमी मॉडल हैं, और विकल्प (d) धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत के विपरीत है।

Question 13: ‘संसदीय संप्रभुता’ (Parliamentary Sovereignty) और ‘संवैधानिक सर्वोच्चता’ (Constitutional Supremacy) के संदर्भ में, भारत किस मॉडल का अनुसरण करता है?

  1. पूर्ण संसदीय संप्रभुता (ब्रिटिश मॉडल)
  2. पूर्ण संवैधानिक सर्वोच्चता (अमेरिकी मॉडल)
  3. दोनों का समन्वय (ब्रिटिश संसदीय प्रणाली और अमेरिकी न्यायिक समीक्षा का मिश्रण)
  4. उपरोक्त में से कोई नहीं

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: भारत ने ब्रिटेन से संसदीय प्रणाली ली लेकिन अमेरिका से न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) को अपनाया। यहाँ संसद सर्वोच्च नहीं है क्योंकि उसके कानून संविधान के अधीन हैं और न्यायालय द्वारा रद्द किए जा सकते हैं।
  • Context & Elaboration: यह तुलनात्मक राजनीति (Unit 4) का एक मुख्य प्रश्न है। भारतीय मॉडल ‘संवैधानिक सर्वोच्चता’ की ओर अधिक झुका हुआ है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) ब्रिटेन के लिए सही है और (b) अमेरिका के लिए।

Question 14: निम्नलिखित में से कौन सा मौलिक अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को प्राप्त है, विदेशियों को नहीं?

  1. अनुच्छेद 21: जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार
  2. अनुच्छेद 14: कानून के समक्ष समानता
  3. अनुच्छेद 15: धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध
  4. अनुच्छेद 25: अंतःकरण की स्वतंत्रता का अधिकार

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: अनुच्छेद 15, 16, 19, 29 और 30 केवल भारतीय नागरिकों के लिए आरक्षित हैं। अनुच्छेद 15 जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव को रोकता है, जो विशेष रूप से भारतीय सामाजिक संदर्भ में नागरिकों के लिए है।
  • Context & Elaboration: अनुच्छेद 14 और 21 जैसे अधिकार ‘मानवीय अधिकार’ (Human Rights) की श्रेणी में आते हैं और सभी व्यक्तियों (नागरिकों और विदेशियों दोनों) को प्राप्त हैं।
  • Incorrect Options: विकल्प (a), (b) और (d) सार्वभौमिक अधिकार हैं।

Question 15: ‘पॉकेट वीटो’ (Pocket Veto) के संदर्भ में, राष्ट्रपति की शक्ति का क्या अर्थ है?

  1. विधेयक को पूरी तरह से खारिज कर देना
  2. विधेयक को पुनर्विचार के लिए वापस भेजना
  3. विधेयक पर न तो सहमति देना और न ही उसे अस्वीकार करना, बल्कि अनिश्चित काल के लिए लंबित रखना
  4. विधेयक को सीधे सुप्रीम कोर्ट भेजना

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: भारतीय संविधान में राष्ट्रपति के लिए विधेयक पर निर्णय लेने की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है। इस शून्यता का लाभ उठाकर राष्ट्रपति विधेयक को ‘पॉकेट’ में रख सकते हैं।
  • Context & Elaboration: यह संसदीय प्रक्रियाओं (Unit 7) का हिस्सा है। यह राष्ट्रपति की एक अप्रत्यक्ष शक्ति है जो उसे विधायी प्रक्रिया को धीमा करने की अनुमति देती है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) ‘पूर्ण वीटो’ है, और (b) ‘निलंबनकारी वीटो’ (Suspensive Veto) है।

Question 16: अभिकथन (A): भारत के राष्ट्रपति को अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने के लिए कैबिनेट की लिखित सिफारिश आवश्यक है।
कारण (R): 44वें संवैधानिक संशोधन (1978) ने यह प्रावधान इसलिए जोड़ा ताकि आपातकाल का दुरुपयोग केवल प्रधानमंत्री की इच्छा से न हो सके।

  1. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
  2. (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  3. (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
  4. (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।

Answer: (a)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: 1975 के आपातकाल के अनुभवों के बाद, 44वें संशोधन ने यह अनिवार्य कर दिया कि राष्ट्रपति केवल तभी आपातकाल घोषित करेंगे जब कैबिनेट (मंत्रिमंडल) लिखित में सलाह दे।
  • Context & Elaboration: यह शासन (Unit 10) और आपातकालीन प्रावधानों (Unit 3) का मिश्रण है। यह ‘निरंकुशता’ को रोकने और ‘सामूहिक जिम्मेदारी’ को सुनिश्चित करने का प्रयास है।
  • Incorrect Options: चूंकि कारण (R) ऐतिहासिक संदर्भ और कानूनी आवश्यकता दोनों को स्पष्ट करता है, इसलिए विकल्प (a) सही है।

Question 17: ‘लोकपाल’ और ‘लोकायुक्त’ संस्थाओं का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?

  1. संसदीय विशेषाधिकारों की रक्षा करना
  2. प्रशासन में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना और जवाबदेही तय करना
  3. चुनावों का संचालन करना
  4. न्यायालयों के निर्णयों की समीक्षा करना

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: लोकपाल (केंद्र) और लोकायुक्त (राज्य) ओम्बुड्समैन (Ombudsman) मॉडल पर आधारित हैं। इनका कार्य उच्च पदों पर बैठे लोक सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करना है।
  • Context & Elaboration: यह लोक प्रशासन (Unit 9) और सुशासन (Unit 10) का हिस्सा है। यह प्रशासनिक जवाबदेही (Administrative Accountability) सुनिश्चित करने का एक साधन है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a), (c) और (d) अन्य संवैधानिक/सांविधिक निकायों के कार्य हैं।

Question 18: निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन I: भारत का संविधान एक ‘कठोर’ (Rigid) संविधान है।
कथन II: संविधान के कुछ प्रावधान साधारण बहुमत से और कुछ विशेष बहुमत से संशोधित किए जा सकते हैं।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

  1. केवल कथन I
  2. केवल कथन II
  3. दोनों कथन I और II
  4. कोई भी नहीं

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: कथन II सही है। अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन की प्रक्रिया लचीलेपन और कठोरता का मिश्रण है।
  • Context & Elaboration: कथन I गलत है क्योंकि भारत का संविधान न तो पूरी तरह लचीला (जैसे ब्रिटेन) है और न ही पूरी तरह कठोर (जैसे अमेरिका)। इसे ‘लचीलेपन और कठोरता का समन्वय’ कहा जाता है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) और (c) गलत हैं क्योंकि भारत की संशोधन प्रक्रिया मिश्रित है।

Question 19: ‘अनुच्छेद 21A’ (शिक्षा का अधिकार) किस संवैधानिक संशोधन द्वारा जोड़ा गया और यह किस प्रकार के अधिकार को मान्यता देता है?

  1. 42वां संशोधन – कानूनी अधिकार
  2. 86वां संशोधन – मौलिक अधिकार
  3. 44वां संशोधन – नीति निर्देशक सिद्धांत
  4. 92वां संशोधन – मौलिक कर्तव्य

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: 86वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम (2002) द्वारा अनुच्छेद 21A जोड़ा गया, जिसने 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा को ‘मौलिक अधिकार’ बना दिया।
  • Context & Elaboration: यह सामाजिक न्याय (Unit 1) और राज्य की जिम्मेदारी (Unit 3) को दर्शाता है। इसने DPSP (अनुच्छेद 45) के एक हिस्से को मौलिक अधिकार में बदल दिया।
  • Incorrect Options: अन्य विकल्प गलत संशोधन और अधिकारों का उल्लेख करते हैं।

Question 20: ‘संसदीय विशेषाधिकार’ (Parliamentary Privileges) का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. सांसदों को कानून से ऊपर रखना
  2. सदन के सदस्यों को बिना किसी डर या बाधा के स्वतंत्र रूप से कार्य करने की सुविधा देना
  3. न्यायपालिका के हस्तक्षेप को पूरी तरह समाप्त करना
  4. मंत्रियों को जवाबदेही से बचाना

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: अनुच्छेद 105 (संसद) और 194 (विधानमंडल) के तहत विशेषाधिकार दिए गए हैं, जैसे सदन में कही गई बात के लिए किसी सदस्य पर अदालत में मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।
  • Context & Elaboration: इसका उद्देश्य ‘विशेषाधिकार’ देना नहीं, बल्कि ‘कार्यक्षमता’ (Functionality) सुनिश्चित करना है ताकि लोकतंत्र का प्रतिनिधित्व प्रभावी ढंग से हो सके।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) गलत है क्योंकि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है; विशेषाधिकार केवल विशिष्ट कार्यों के लिए हैं।

Question 21: निम्नलिखित में से कौन सी शर्त ‘राष्ट्रीय आपातकाल’ (अनुच्छेद 352) लागू करने के लिए अनिवार्य है?

  1. केवल आंतरिक अशांति
  2. केवल बाहरी आक्रमण
  3. युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह
  4. राज्य सरकार की विफलता

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: अनुच्छेद 352 के तहत आपातकाल केवल तीन आधारों पर लगाया जा सकता है: युद्ध (War), बाहरी आक्रमण (External Aggression), या सशस्त्र विद्रोह (Armed Rebellion)।
  • Context & Elaboration: ‘आंतरिक अशांति’ (Internal Disturbance) शब्द को 44वें संशोधन द्वारा हटाकर ‘सशस्त्र विद्रोह’ कर दिया गया ताकि आपातकाल का राजनीतिक दुरुपयोग न हो।
  • Incorrect Options: विकल्प (d) ‘राष्ट्रपति शासन’ (अनुच्छेद 356) का आधार है, न कि राष्ट्रीय आपातकाल का।

Question 22: ‘न्यायिक पुनरावलोकन’ (Judicial Review) की शक्ति भारत में किस देश के संविधान से प्रेरित है?

  1. ब्रिटेन
  2. कनाडा
  3. संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)
  4. आयरलैंड

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: न्यायिक पुनरावलोकन की अवधारणा अमेरिका के ‘मार्बरी बनाम मैडिसन’ मामले से शुरू हुई और भारत ने इसे अपने संविधान के ढांचे में शामिल किया।
  • Context & Elaboration: यह तुलनात्मक राजनीति (Unit 4) का हिस्सा है। यह सुनिश्चित करता है कि विधायिका द्वारा बनाया गया कोई भी कानून संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन न करे।
  • Incorrect Options: ब्रिटेन में संसदीय संप्रभुता है, वहां न्यायिक पुनरावलोकन वैसा नहीं है जैसा अमेरिका या भारत में है।

Question 23: ‘आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली’ (Proportional Representation System) का उपयोग भारत में किसके चुनाव के लिए किया जाता है?

  1. लोकसभा सदस्य
  2. विधानसभा सदस्य
  3. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति
  4. ग्राम पंचायत प्रमुख

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए ‘एकल संक्रमणीय मत’ (Single Transferable Vote) प्रणाली का उपयोग किया जाता है, जो आनुपातिक प्रतिनिधित्व का एक रूप है।
  • Context & Elaboration: यह प्रणाली सुनिश्चित करती है कि निर्वाचित व्यक्ति को केवल बहुमत नहीं, बल्कि एक व्यापक सहमति (Consensus) प्राप्त हो।
  • Incorrect Options: लोकसभा और विधानसभा चुनाव ‘फर्स्ट पास्ट द पोस्ट’ (FPTP) प्रणाली पर आधारित होते हैं।

Question 24: निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन I: भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) को कार्यकाल की सुरक्षा प्रदान की गई है।
कथन II: CAG अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपता है, जो इसे संसद के समक्ष रखवाता है।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

  1. केवल कथन I
  2. केवल कथन II
  3. दोनों कथन I और II
  4. कोई भी नहीं

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: अनुच्छेद 148 CAG की नियुक्ति और सुरक्षा की बात करता है। वह केवल उसी प्रक्रिया से हटाया जा सकता है जिससे सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जाता है। अनुच्छेद 151 रिपोर्ट सौंपने की प्रक्रिया बताता है।
  • Context & Elaboration: CAG को ‘सार्वजनिक धन का संरक्षक’ (Guardian of Public Purse) कहा जाता है, जो वित्तीय जवाबदेही (Unit 9) सुनिश्चित करता है।
  • Incorrect Options: दोनों कथन संवैधानिक रूप से सटीक हैं, इसलिए विकल्प (c) सही है।

Question 25: ‘प्रभावी शासन’ (Effective Governance) के लिए RTI अधिनियम, 2005 का सबसे महत्वपूर्ण योगदान क्या है?

  1. प्रशासनिक गोपनीयता को बढ़ाना
  2. नागरिकों को सूचना प्राप्त करने का वैधानिक अधिकार देना और पारदर्शिता लाना
  3. सरकारी फाइलों को डिजिटल बनाना
  4. न्यायालयों के कार्यभार को कम करना

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness & Article Reference: RTI अधिनियम ने अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत ‘अभिव्यक्ति और भाषण की स्वतंत्रता’ में ‘सूचना के अधिकार’ को एक मूर्त कानूनी रूप दिया।
  • Context & Elaboration: यह सुशासन (Unit 10) का आधार है। जब नागरिक सरकारी कार्यों की जानकारी मांग सकते हैं, तो भ्रष्टाचार कम होता है और जवाबदेही बढ़ती है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) इसके बिल्कुल विपरीत है; RTI गोपनीयता को कम करता है।

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