समाजशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न: अपनी वैचारिक स्पष्टता को परखें
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे सभी उम्मीदवारों के लिए, ‘द सोशियोलॉजी स्कॉलर’ एक और चुनौतीपूर्ण दैनिक अभ्यास सेट लेकर हाज़िर है। यह क्विज़ समाजशास्त्र के विभिन्न पहलुओं – विचारकों, अवधारणाओं, संस्थानों और समकालीन मुद्दों – पर आपकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक कौशल का परीक्षण करेगा। हर प्रश्न को ध्यान से पढ़ें, अपने ज्ञान का मूल्यांकन करें और विस्तृत व्याख्याओं के माध्यम से अपनी वैचारिक स्पष्टता को और मजबूत करें। आज ही अपनी तैयारी को एक नया आयाम दें!
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प्रश्न 1: एमिल दुर्खीम के अनुसार, “एनोमी” की अवधारणा का क्या अर्थ है?
(a) सामाजिक मानदंडों की अत्यधिक कठोरता
(b) सामाजिक मानदंडों की अनुपस्थिति या अस्पष्टता
(c) व्यक्तियों के बीच अत्यधिक एकजुटता
(d) धार्मिक विश्वासों का पतनसही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या: एमिल दुर्खीम ने “एनोमी” (Anomie) की अवधारणा का उपयोग सामाजिक मानदंडों की अनुपस्थिति या अस्पष्टता की स्थिति का वर्णन करने के लिए किया था, जिससे व्यक्तियों में दिशाहीनता और निराशा की भावना पैदा होती है। यह अक्सर तेजी से सामाजिक परिवर्तन या संकट के समय होता है। उनकी पुस्तक ‘आत्महत्या’ (Suicide) में, उन्होंने दिखाया कि कैसे एनोमी आत्महत्या की दर को प्रभावित करती है। विकल्प (a) और (c) एनोमी के विपरीत हैं, जबकि (d) प्रत्यक्ष रूप से एनोमी से संबंधित नहीं है, हालांकि धार्मिक पतन इसका एक कारण हो सकता है।
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प्रश्न 2: कार्ल मार्क्स के अनुसार, “वर्ग-संघर्ष” का मूल कारण क्या है?
(a) धार्मिक मतभेद
(b) उत्पादन के साधनों पर नियंत्रण
(c) नस्लीय असमानताएँ
(d) राजनीतिक विचारधाराएँसही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या: कार्ल मार्क्स के ऐतिहासिक भौतिकवाद के सिद्धांत के अनुसार, समाज में वर्ग-संघर्ष का मूल कारण उत्पादन के साधनों (जैसे भूमि, कारखाने, पूंजी) पर नियंत्रण को लेकर पूंजीपति वर्ग (बुर्जुआ) और श्रमिक वर्ग (सर्वहारा) के बीच का संघर्ष है। मार्क्स का मानना था कि यह नियंत्रण ही सामाजिक संरचना और शक्ति संबंधों को निर्धारित करता है। अन्य विकल्प सामाजिक विभाजन के अन्य रूपों से संबंधित हैं, लेकिन मार्क्स के लिए वर्ग-संघर्ष का केंद्र आर्थिक संबंध थे।
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प्रश्न 3: मैक्स वेबर द्वारा प्रस्तुत “आदर्श प्रकार” (Ideal Type) की अवधारणा क्या दर्शाती है?
(a) एक वास्तविक सामाजिक घटना का सटीक चित्रण
(b) सामाजिक घटनाओं के विश्लेषण के लिए एक विश्लेषणात्मक उपकरण
(c) समाज में प्राप्त किए जाने वाले नैतिक आदर्श
(d) एक काल्पनिक समाज का विवरणसही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या: मैक्स वेबर का “आदर्श प्रकार” (Ideal Type) एक शुद्ध विश्लेषणात्मक अवधारणा है, जो सामाजिक घटनाओं की जटिलता को समझने के लिए एक तुलनात्मक ढांचा प्रदान करती है। यह एक वास्तविक घटना का औसत या यथार्थवादी विवरण नहीं है, बल्कि तर्कसंगत रूप से निर्मित एक वैचारिक निर्माण है, जिसमें किसी घटना की कुछ विशेषताओं को अतिरंजित करके प्रस्तुत किया जाता है ताकि उसका विश्लेषण किया जा सके। यह एक विधि संबंधी उपकरण है, न कि नैतिक आदर्श या वास्तविक चित्रण।
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प्रश्न 4: “प्राथमिक समाजीकरण” (Primary Socialization) मुख्य रूप से कहाँ होता है?
(a) विद्यालय में
(b) कार्यस्थल पर
(c) परिवार में
(d) मीडिया के माध्यम सेसही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या: प्राथमिक समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से बच्चा अपने बचपन में समाज के मूल मानदंडों, मूल्यों और व्यवहारों को सीखता है। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से परिवार के भीतर होती है, जहां बच्चे को भाषा, बुनियादी नैतिकता और सामाजिक भूमिकाओं का प्रारंभिक ज्ञान मिलता है। विद्यालय और कार्यस्थल द्वितीयक समाजीकरण के एजेंट हैं, जबकि मीडिया एक गैर-पारंपरिक समाजीकरण एजेंट है।
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प्रश्न 5: संस्कृति के “गैर-भौतिक” (Non-material) पहलू में क्या शामिल है?
(a) कपड़े और भोजन
(b) कलाकृतियाँ और उपकरण
(c) विश्वास और मूल्य
(d) इमारतें और सड़केंसही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या: संस्कृति के दो मुख्य पहलू होते हैं: भौतिक (Material) और गैर-भौतिक (Non-material)। भौतिक संस्कृति में वे सभी मूर्त वस्तुएँ शामिल होती हैं जिन्हें मनुष्य बनाता है और उपयोग करता है, जैसे कपड़े, उपकरण, इमारतें। गैर-भौतिक संस्कृति में अमूर्त विचार, विश्वास, मूल्य, मानदंड, भाषा और रीति-रिवाज शामिल होते हैं जो किसी समूह के सदस्यों के साझा अनुभवों को आकार देते हैं।
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प्रश्न 6: एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित “संस्कृतीकरण” (Sanskritization) की अवधारणा क्या है?
(a) निम्न जातियों द्वारा अपनी स्थिति सुधारने के लिए पश्चिमी जीवनशैली अपनाना
(b) उच्च जातियों द्वारा अपनी परंपराओं को छोड़ना
(c) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना
(d) भारतीय संस्कृति का वैश्विक स्तर पर प्रसारसही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या: एम.एन. श्रीनिवास ने “संस्कृतीकरण” (Sanskritization) की अवधारणा का वर्णन किया है, जिसमें एक ‘निम्न’ जाति या जनजाति या अन्य समूह अपनी स्थिति को ऊपर उठाने के लिए ‘द्विज’ जातियों, विशेषकर ब्राह्मणों, के अनुष्ठानों, रीति-रिवाजों, विचारधाराओं और जीवनशैली को अपनाता है। यह सामाजिक गतिशीलता का एक रूप है जो जाति व्यवस्था के भीतर होता है। यह पश्चिमीकरण से भिन्न है, जो पश्चिमी जीवनशैली को अपनाने को संदर्भित करता है।
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प्रश्न 7: भारत में ग्रामीण समाजशास्त्र के अध्ययन में कौन से विद्वान का योगदान उल्लेखनीय है?
(a) ए.आर. देसाई
(b) आंद्रे बेतेई
(c) एम.एन. श्रीनिवास
(d) उपर्युक्त सभीसही उत्तर: (d)
विस्तृत व्याख्या: भारत में ग्रामीण समाजशास्त्र के अध्ययन में ए.आर. देसाई, आंद्रे बेतेई और एम.एन. श्रीनिवास तीनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ए.आर. देसाई ने भारतीय राष्ट्रवाद और ग्रामीण भारत के समाजशास्त्रीय विश्लेषण पर काम किया। आंद्रे बेतेई ने ग्रामीण स्तरीकरण और जाति पर अध्ययन किए। एम.एन. श्रीनिवास ने संस्कृतीकरण और प्रभुत्व जाति (Dominant Caste) जैसी अवधारणाएं दीं, जो ग्रामीण समाज को समझने में महत्वपूर्ण हैं।
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प्रश्न 8: संयुक्त परिवार (Joint Family) की मुख्य विशेषता क्या है?
(a) पति-पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे
(b) कई पीढ़ियों के सदस्य एक छत के नीचे रहते हैं
(c) केवल एक ही कमाने वाला सदस्य होता है
(d) शहरी क्षेत्रों में ही पाया जाता हैसही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या: संयुक्त परिवार एक ऐसी पारिवारिक इकाई है जहाँ कई पीढ़ियों के सदस्य (जैसे दादा-दादी, माता-पिता, बच्चे, चाचा-चाची, चचेरे भाई-बहन) एक ही घर में रहते हैं और आमतौर पर एक साझा रसोई और संपत्ति रखते हैं। यह एक विस्तारित परिवार का रूप है। विकल्प (a) नाभिक परिवार (Nuclear Family) की परिभाषा है। यह केवल एक कमाने वाले सदस्य तक सीमित नहीं होता और न ही केवल शहरी क्षेत्रों में पाया जाता है।
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प्रश्न 9: गुणात्मक अनुसंधान (Qualitative Research) पद्धति का एक उदाहरण क्या है?
(a) सर्वेक्षण (Survey)
(b) सांख्यिकीय विश्लेषण (Statistical Analysis)
(c) प्रतिभागी अवलोकन (Participant Observation)
(d) प्रयोग (Experiment)सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या: गुणात्मक अनुसंधान विधियाँ सामाजिक घटनाओं की गहरी समझ प्राप्त करने पर केंद्रित होती हैं, अक्सर शब्दों, छवियों या अवलोकनों का उपयोग करके। प्रतिभागी अवलोकन (Participant Observation) एक प्रमुख गुणात्मक विधि है जहाँ शोधकर्ता अध्ययन किए जा रहे समूह की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेता है ताकि अंदरूनी दृष्टिकोण से जानकारी प्राप्त की जा सके। सर्वेक्षण, सांख्यिकीय विश्लेषण और प्रयोग आमतौर पर मात्रात्मक अनुसंधान विधियाँ हैं।
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प्रश्न 10: “सापेक्ष गरीबी” (Relative Poverty) का क्या अर्थ है?
(a) न्यूनतम जीवन-यापन के लिए आवश्यक संसाधनों का अभाव
(b) समाज के औसत जीवन स्तर की तुलना में कम आय या संसाधनों का होना
(c) पूर्ण रूप से खाद्य पदार्थों और आश्रय का अभाव
(d) केवल विकासशील देशों में पाई जाने वाली गरीबीसही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या: सापेक्ष गरीबी (Relative Poverty) तब होती है जब किसी व्यक्ति या परिवार की आय समाज के औसत जीवन स्तर या अधिकांश लोगों की आय की तुलना में काफी कम होती है, जिससे वे समाज के सामान्य जीवन शैली में भाग लेने में असमर्थ होते हैं। इसके विपरीत, पूर्ण गरीबी (Absolute Poverty) न्यूनतम जीवन-यापन के लिए आवश्यक बुनियादी संसाधनों (भोजन, आश्रय, वस्त्र) के अभाव को दर्शाती है।
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प्रश्न 11: तालकॉट पार्सन्स के संरचनात्मक-प्रकार्यवादी (Structural-Functionalist) सिद्धांत के अनुसार, AGIL मॉडल का ‘A’ क्या दर्शाता है?
(a) अनुकूलन (Adaptation)
(b) उपलब्धि (Achievement)
(c) आत्मसात (Assimilation)
(d) अभिव्यक्ति (Articulation)सही उत्तर: (a)
विस्तृत व्याख्या: तालकॉट पार्सन्स ने सामाजिक व्यवस्थाओं के विश्लेषण के लिए AGIL योजना (AGIL scheme) विकसित की। यह चार प्रकार्यात्मक आवश्यकताओं को संदर्भित करता है जिन्हें किसी भी सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पूरा करना होता है:
- A – Adaptation (अनुकूलन): पर्यावरण से आवश्यक संसाधनों को प्राप्त करना।
- G – Goal Attainment (लक्ष्य प्राप्ति): समाज के लक्ष्यों को परिभाषित करना और प्राप्त करना।
- I – Integration (एकीकरण): समाज के विभिन्न हिस्सों को एक साथ समन्वयित करना।
- L – Latency (प्रसुप्ति) या Pattern Maintenance (पैटर्न रखरखाव): सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना।
इसलिए, ‘A’ अनुकूलन (Adaptation) को दर्शाता है।
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प्रश्न 12: सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) की कौन सी प्रणाली बंद प्रणाली मानी जाती है जहाँ गतिशीलता बहुत कम या न के बराबर होती है?
(a) वर्ग प्रणाली (Class System)
(b) जाति प्रणाली (Caste System)
(c) संपत्ति प्रणाली (Estate System)
(d) उपर्युक्त सभीसही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या: सामाजिक स्तरीकरण की जाति प्रणाली (Caste System) को एक बंद प्रणाली माना जाता है क्योंकि इसमें जन्म से ही सामाजिक स्थिति निर्धारित होती है और व्यक्तियों के लिए एक जाति से दूसरी जाति में जाना या सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility) बहुत सीमित या लगभग न के बराबर होती है। वर्ग प्रणाली और संपत्ति प्रणाली में कुछ हद तक गतिशीलता संभव है, जबकि वर्ग प्रणाली को अपेक्षाकृत खुली प्रणाली माना जाता है।
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प्रश्न 13: भारत में “धर्मनिरपेक्षीकरण” (Secularization) के प्रमुख समर्थकों में से कौन हैं?
(a) महात्मा गांधी
(b) एम.एन. श्रीनिवास
(c) बी.आर. अम्बेडकर
(d) जवाहरलाल नेहरूसही उत्तर: (d)
विस्तृत व्याख्या: जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री थे और उन्होंने भारत को एक धर्मनिरपेक्ष राज्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका दृष्टिकोण था कि राज्य को धर्म से अलग रहना चाहिए और सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान रखना चाहिए। एम.एन. श्रीनिवास ने संस्कृतीकरण की अवधारणा दी, जबकि गांधीजी और अम्बेडकर के अपने धार्मिक और सामाजिक सुधार के अलग दृष्टिकोण थे, लेकिन नेहरू ने सीधे राज्य के धर्मनिरपेक्षीकरण की वकालत की।
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प्रश्न 14: शिक्षा का समाजशास्त्र (Sociology of Education) मुख्य रूप से किसका अध्ययन करता है?
(a) शिक्षा के आर्थिक लाभ
(b) शिक्षा का ऐतिहासिक विकास
(c) शिक्षा और समाज के बीच संबंध
(d) केवल शिक्षण विधियाँसही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या: शिक्षा का समाजशास्त्र (Sociology of Education) एक समाजशास्त्रीय उप-क्षेत्र है जो शिक्षा और समाज के बीच के जटिल संबंधों का अध्ययन करता है। यह इस बात की पड़ताल करता है कि शिक्षा कैसे सामाजिक संरचना, असमानता, गतिशीलता और संस्कृति को प्रभावित करती है, और कैसे समाज शिक्षा प्रणाली को आकार देता है। इसमें शिक्षण विधियों या आर्थिक लाभों से कहीं अधिक व्यापक परिप्रेक्ष्य शामिल है।
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प्रश्न 15: जॉर्ज हर्बर्ट मीड (G.H. Mead) के अनुसार, आत्म (Self) के विकास के लिए कौन सी अवधारणा महत्वपूर्ण है?
(a) सामूहिक चेतना (Collective Conscience)
(b) भूमिका ग्रहण (Role-taking)
(c) प्रसुप्त कार्य (Latent Functions)
(d) आदर्श प्रकार (Ideal Type)सही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या: जॉर्ज हर्बर्ट मीड ने प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) के क्षेत्र में काम किया और ‘आत्म’ (Self) के विकास पर जोर दिया। उनके अनुसार, ‘आत्म’ का विकास ‘भूमिका ग्रहण’ (Role-taking) की क्षमता से होता है, जहाँ व्यक्ति दूसरों के दृष्टिकोण से स्वयं को देखने और समझने का प्रयास करता है। यह ‘मैं’ (I) और ‘मुझे’ (Me) के बीच की बातचीत से निर्मित होता है। सामूहिक चेतना दुर्खीम से, प्रसुप्त कार्य मर्टन से और आदर्श प्रकार वेबर से संबंधित हैं।
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प्रश्न 16: कार्ल मार्क्स की “अलगाव” (Alienation) की अवधारणा में, श्रमिक किससे अलग हो जाता है?
(a) केवल अपने सहकर्मियों से
(b) उत्पादन की प्रक्रिया, उत्पाद, अपनी मानवीय सार और अन्य मनुष्यों से
(c) केवल अपने मालिक से
(d) समाज के राजनीतिक जीवन सेसही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या: कार्ल मार्क्स ने पूंजीवादी व्यवस्था में श्रमिकों के “अलगाव” (Alienation) की अवधारणा दी। उनके अनुसार, श्रमिक चार मुख्य तरीकों से अलग हो जाता है:
- उत्पादन की प्रक्रिया से (काम पर नियंत्रण नहीं)।
- उत्पाद से (जो वह बनाता है उस पर स्वामित्व नहीं)।
- अपनी मानवीय सार या प्रजाति-सार से (सृजनात्मकता का अभाव)।
- अन्य मनुष्यों से (प्रतिस्पर्धा और सामाजिक संबंधों में कमी)।
यह एक व्यापक अवधारणा है जो पूंजीवाद के तहत मानव अस्तित्व के सार को प्रभावित करती है।
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प्रश्न 17: “गेमीनशाफ्ट और गेसेलशाफ्ट” (Gemeinschaft and Gesellschaft) की अवधारणा किसने प्रस्तुत की?
(a) मैक्स वेबर
(b) फर्डिनेंड टॉनीज (Ferdinand Tönnies)
(c) जॉर्ज सिमेल (Georg Simmel)
(d) रॉबर्ट पार्क (Robert Park)सही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या: फर्डिनेंड टॉनीज ने “गेमीनशाफ्ट” (समुदाय) और “गेसेलशाफ्ट” (समाज) की अवधारणाएं प्रस्तुत कीं, ताकि पारंपरिक, ग्रामीण समाजों और आधुनिक, शहरी समाजों के बीच अंतर को समझाया जा सके। गेमीनशाफ्ट घनिष्ठ, व्यक्तिगत संबंधों, साझा परंपराओं और मजबूत सामाजिक एकजुटता पर आधारित होता है, जबकि गेसेलशाफ्ट बड़े, अवैयक्तिक, तर्कसंगत और हितों-आधारित संबंधों पर केंद्रित होता है।
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प्रश्न 18: एमिल दुर्खीम के अनुसार, धर्म का प्राथमिक कार्य क्या है?
(a) व्यक्तियों को नैतिक मार्गदर्शन प्रदान करना
(b) धन और शक्ति का संचय
(c) सामाजिक एकजुटता और सामूहिकता को बढ़ावा देना
(d) प्राकृतिक घटनाओं की व्याख्या करनासही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या: एमिल दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘द एलिमेंट्री फॉर्म्स ऑफ द रिलीजियस लाइफ’ (The Elementary Forms of the Religious Life) में तर्क दिया कि धर्म का प्राथमिक कार्य सामाजिक एकजुटता (Social Solidarity) और सामूहिकता को बढ़ावा देना है। यह समाज को एक साथ बांधता है, साझा नैतिक समुदाय बनाता है और सामूहिक अनुष्ठानों के माध्यम से ‘सामूहिक चेतना’ (Collective Conscience) को मजबूत करता है। उनके लिए, पूजा की वस्तु वास्तव में स्वयं समाज की पूजा थी।
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प्रश्न 19: एमिल दुर्खीम द्वारा प्रस्तुत “सामाजिक तथ्य” (Social Fact) की विशेषता क्या है?
(a) यह व्यक्तिगत चेतना से उत्पन्न होता है
(b) यह व्यक्ति पर बाहरी दबाव डालता है और सामान्य होता है
(c) इसे केवल मनोवैज्ञानिक रूप से समझा जा सकता है
(d) यह परिवर्तन के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी हैसही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या: एमिल दुर्खीम के अनुसार, “सामाजिक तथ्य” (Social Fact) व्यवहार, विचार या भावना के ऐसे तरीके हैं जो व्यक्ति के लिए बाहरी होते हैं और उस पर बाध्यकारी शक्ति का प्रयोग करते हैं। वे समाज में व्यापक रूप से फैले होते हैं (सामान्य होते हैं) और व्यक्तिगत इच्छा से स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में होते हैं। उदाहरणों में कानून, नैतिकता, विश्वास और सामाजिक रीति-रिवाज शामिल हैं। यह व्यक्ति से स्वतंत्र और बाहरी होते हुए भी उसे प्रभावित करते हैं।
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प्रश्न 20: “डिजिटल जाति व्यवस्था” (Digital Caste System) की अवधारणा किस आधुनिक सामाजिक मुद्दे को संदर्भित करती है?
(a) ऑनलाइन शिक्षा में जाति-आधारित आरक्षण
(b) डिजिटल उपकरणों के उपयोग में जाति-आधारित असमानताएँ
(c) साइबर अपराध में जाति का प्रभाव
(d) जातीय संगठनों द्वारा डिजिटल मीडिया का उपयोगसही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या: “डिजिटल जाति व्यवस्था” की अवधारणा एक समकालीन सामाजिक मुद्दे को संदर्भित करती है जहाँ डिजिटल प्रौद्योगिकी तक पहुंच और उसके उपयोग में जाति-आधारित असमानताएँ मौजूद हैं। यह डिजिटल डिवाइड (Digital Divide) का एक विशेष रूप है, जो बताता है कि कैसे सामाजिक-आर्थिक और जातिगत पृष्ठभूमि के कारण लोगों को डिजिटल संसाधनों और अवसरों तक असमान पहुंच मिलती है, जिससे मौजूदा सामाजिक स्तरीकरण और असमानताएँ और मजबूत होती हैं।
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प्रश्न 21: रॉबर्ट के. मर्टन द्वारा प्रस्तुत “अप्रकट प्रकार्य” (Latent Functions) का क्या अर्थ है?
(a) किसी सामाजिक क्रिया या संस्था के इच्छित और मान्यता प्राप्त परिणाम
(b) किसी सामाजिक क्रिया या संस्था के अनपेक्षित और अमान्यता प्राप्त परिणाम
(c) सामाजिक विघटन पैदा करने वाले परिणाम
(d) सामाजिक व्यवस्था को बाधित करने वाले परिणामसही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या: रॉबर्ट के. मर्टन ने “प्रकार्य” (Functions) को दो प्रकारों में वर्गीकृत किया: प्रकट प्रकार्य (Manifest Functions) और अप्रकट प्रकार्य (Latent Functions)। प्रकट प्रकार्य वे इच्छित और मान्यता प्राप्त परिणाम होते हैं जो किसी सामाजिक पैटर्न को बनाए रखने में योगदान करते हैं। अप्रकट प्रकार्य वे अनपेक्षित और अक्सर अज्ञात परिणाम होते हैं जो सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने में योगदान करते हैं। उदाहरण के लिए, वर्षा नृत्य का प्रकट कार्य वर्षा लाना है, जबकि अप्रकट कार्य समुदाय की एकजुटता को मजबूत करना हो सकता है।
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प्रश्न 22: ‘शक्ति’ (Power) की अवधारणा, जैसा कि मैक्स वेबर ने परिभाषित किया है, का क्या अर्थ है?
(a) किसी व्यक्ति की दूसरों पर शारीरिक श्रेष्ठता
(b) अपनी इच्छा को दूसरों के प्रतिरोध के बावजूद लागू करने की क्षमता
(c) केवल आर्थिक संसाधनों पर नियंत्रण
(d) दूसरों को स्वेच्छा से आज्ञा मानने के लिए प्रेरित करनासही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या: मैक्स वेबर के अनुसार, ‘शक्ति’ (Power) एक सामाजिक संबंध में अपनी इच्छा को दूसरों के प्रतिरोध के बावजूद लागू करने की संभावना है, चाहे वह प्रतिरोध किसी भी आधार पर हो। यह केवल शारीरिक बल या आर्थिक नियंत्रण तक सीमित नहीं है। ‘प्राधिकार’ (Authority) शक्ति का वह रूप है जिसे वैध माना जाता है और लोग स्वेच्छा से उसका पालन करते हैं, जबकि शक्ति अधिक व्यापक और जबरदस्ती की संभावना को भी शामिल करती है।
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प्रश्न 23: समाजशास्त्रीय अनुसंधान में “सूचित सहमति” (Informed Consent) का क्या महत्व है?
(a) शोधकर्ता को अपनी पहचान छिपाने की अनुमति देता है
(b) प्रतिभागियों को अनुसंधान में शामिल होने के संभावित जोखिमों और लाभों के बारे में सूचित करना और उनकी अनुमति लेना
(c) शोध निष्कर्षों को गोपनीय रखना
(d) केवल मात्रात्मक अध्ययनों के लिए आवश्यकसही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या: समाजशास्त्रीय अनुसंधान में “सूचित सहमति” (Informed Consent) एक महत्वपूर्ण नैतिक सिद्धांत है। इसका अर्थ है कि शोधकर्ताओं को अध्ययन प्रतिभागियों को अनुसंधान के उद्देश्य, प्रक्रिया, संभावित जोखिमों और लाभों के बारे में पूरी जानकारी देनी चाहिए और उनकी स्पष्ट और स्वैच्छिक अनुमति प्राप्त करनी चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि प्रतिभागी अपनी भागीदारी के बारे में पूरी तरह से सूचित और जागरूक निर्णय लें।
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प्रश्न 24: ग्रामीण समाज में सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility) को अक्सर किसकी तुलना में धीमा पाया जाता है?
(a) शहरी समाज
(b) औद्योगिक समाज
(c) कृषि समाज
(d) पारंपरिक समाजसही उत्तर: (a)
विस्तृत व्याख्या: ग्रामीण समाज में सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility) (एक सामाजिक स्थिति से दूसरी में बदलाव) अक्सर शहरी समाज की तुलना में धीमी और अधिक प्रतिबंधित होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में परंपराएं, जाति और पारिवारिक संबंध अधिक प्रबल होते हैं, जो गतिशीलता को सीमित करते हैं। शहरी समाज में, शिक्षा, व्यवसाय और व्यक्तिगत उपलब्धि के माध्यम से गतिशीलता के अवसर अधिक होते हैं।
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प्रश्न 25: मिशेल फूको (Michel Foucault) ने ‘शक्ति’ (Power) को कैसे समझा?
(a) एक निश्चित संपत्ति जिसे कुछ लोग रखते हैं
(b) एक सर्वव्यापी, उत्पादक और संबंधपरक घटना
(c) केवल राज्य द्वारा प्रयोग किया जाने वाला एक उपकरण
(d) केवल दमनकारी और नकारात्मकसही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या: मिशेल फूको के लिए, शक्ति एक दमनकारी या नकारात्मक चीज़ मात्र नहीं है जो केवल राज्य द्वारा या कुछ व्यक्तियों द्वारा धारण की जाती है। इसके बजाय, उन्होंने शक्ति को एक सर्वव्यापी, उत्पादक और संबंधपरक घटना के रूप में देखा जो समाज के हर स्तर पर मौजूद है। शक्ति ज्ञान के साथ गहराई से जुड़ी हुई है (“शक्ति-ज्ञान”) और यह व्यक्तियों को विषयों के रूप में गठित करती है, जिससे वे कुछ तरीकों से सोचते, बोलते और कार्य करते हैं। यह निरंतर बातचीत और संघर्ष का एक जाल है।
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