भारत के लोकतांत्रिक ताने-बाने को समझना प्रत्येक नागरिक और विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह दैनिक अभ्यास सेट आपको भारतीय संविधान और राजव्यवस्था की गहरी समझ का परीक्षण करने का अवसर प्रदान करता है। इन उच्च-स्तरीय प्रश्नों के माध्यम से अपनी वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक क्षमताओं को निखारें, और अपनी परीक्षा की तैयारी को नई दिशा दें।
भारतीय राजव्यवस्था अभ्यास सेट
-
प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया था?
- 42वां संशोधन
- 44वां संशोधन
- 73वां संशोधन
- 74वां संशोधन
सही उत्तर: a) 42वां संशोधन
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष’ (Secular) शब्द को 1976 में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा ‘समाजवादी’ (Socialist) और ‘अखंडता’ (Integrity) शब्दों के साथ जोड़ा गया था। यह संशोधन भारत के पंथनिरपेक्ष चरित्र को और अधिक स्पष्ट करता है, हालांकि भारतीय न्यायपालिका ने केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973) मामले में कहा था कि पंथनिरपेक्षता संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा है, भले ही यह शब्द पहले प्रस्तावना में मौजूद नहीं था। अन्य संशोधन जैसे 44वां, 73वां और 74वां अन्य महत्वपूर्ण संवैधानिक परिवर्तनों से संबंधित हैं, लेकिन प्रस्तावना में सीधे शब्दों को जोड़ने से नहीं।
-
भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार’ की गारंटी देता है?
- अनुच्छेद 19
- अनुच्छेद 20
- अनुच्छेद 21
- अनुच्छेद 22
सही उत्तर: c) अनुच्छेद 21
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 प्रत्येक व्यक्ति को ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार’ की गारंटी देता है। इसमें गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार, निजता का अधिकार, स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार, स्वास्थ्य का अधिकार आदि जैसे कई निहित अधिकार शामिल हैं, जिनकी व्याख्या सर्वोच्च न्यायालय ने विभिन्न ऐतिहासिक निर्णयों में की है (जैसे मेनका गांधी बनाम भारत संघ)। अनुच्छेद 19 स्वतंत्रता के कुछ अधिकारों से संबंधित है, अनुच्छेद 20 अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण प्रदान करता है, और अनुच्छेद 22 कुछ मामलों में गिरफ्तारी और निरोध से संरक्षण से संबंधित है।
-
‘राज्यों के नीति निदेशक तत्व’ (DPSP) किस देश के संविधान से प्रेरित हैं?
- संयुक्त राज्य अमेरिका
- आयरलैंड
- यूनाइटेड किंगडम
- ऑस्ट्रेलिया
सही उत्तर: b) आयरलैंड
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान में राज्यों के नीति निदेशक तत्व (DPSP) आयरलैंड के संविधान से लिए गए हैं, जिसे स्वयं स्पेनिश संविधान से प्रेरित माना जाता है। DPSP भारतीय संविधान के भाग IV में अनुच्छेद 36 से 51 तक वर्णित हैं। इनका उद्देश्य भारत में एक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना है और ये सामाजिक व आर्थिक लोकतंत्र को बढ़ावा देते हैं, हालांकि ये प्रकृति में गैर-न्यायोचित हैं।
-
भारत के राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया किस अनुच्छेद के तहत शुरू की जा सकती है?
- अनुच्छेद 58
- अनुच्छेद 61
- अनुच्छेद 72
- अनुच्छेद 123
सही उत्तर: b) अनुच्छेद 61
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 61 भारत के राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया से संबंधित है। महाभियोग का आरोप संसद के किसी भी सदन द्वारा लगाया जा सकता है, बशर्ते आरोप लगाने वाले सदन के कुल सदस्यों के कम से कम एक-चौथाई सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित एक संकल्प प्रस्तावित किया गया हो और राष्ट्रपति को कम से कम 14 दिन का नोटिस दिया गया हो। यह प्रक्रिया ‘संविधान के उल्लंघन’ के आधार पर शुरू की जाती है। अनुच्छेद 58 राष्ट्रपति के पद के लिए योग्यता से संबंधित है, अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति की क्षमादान शक्तियों से और अनुच्छेद 123 राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति से।
-
संसद के दो सत्रों के बीच अधिकतम कितना अंतराल हो सकता है?
- 3 महीने
- 4 महीने
- 6 महीने
- 12 महीने
सही उत्तर: c) 6 महीने
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 85 के अनुसार, राष्ट्रपति को संसद के प्रत्येक सदन को इस प्रकार आहूत करना होगा कि उसके एक सत्र की अंतिम बैठक और अगले सत्र की पहली बैठक के लिए नियत तिथि के बीच छह महीने से अधिक का अंतराल न हो। इसका अर्थ है कि संसद को एक वर्ष में कम से कम दो बार बैठक करनी चाहिए।
-
भारतीय संविधान में ‘अवशिष्ट शक्तियाँ’ (Residuary Powers) किस देश के मॉडल पर आधारित हैं?
- कनाडा
- ऑस्ट्रेलिया
- जर्मनी
- संयुक्त राज्य अमेरिका
सही उत्तर: a) कनाडा
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान में अवशिष्ट शक्तियों का विचार कनाडा के संविधान से लिया गया है। अवशिष्ट शक्तियाँ वे विषय हैं जो संघ सूची, राज्य सूची या समवर्ती सूची में से किसी में भी शामिल नहीं हैं। अनुच्छेद 248 के अनुसार, संसद के पास ऐसे किसी भी विषय के संबंध में कानून बनाने की विशेष शक्ति है, और इसे केंद्र सरकार को अधिक शक्ति प्रदान करने वाले एक मजबूत संघीय ढांचे के रूप में देखा जाता है।
-
‘न्यायिक समीक्षा’ (Judicial Review) की अवधारणा किस देश के संविधान से ली गई है?
- यूनाइटेड किंगडम
- कनाडा
- संयुक्त राज्य अमेरिका
- आयरलैंड
सही उत्तर: c) संयुक्त राज्य अमेरिका
विस्तृत व्याख्या: ‘न्यायिक समीक्षा’ की अवधारणा भारतीय संविधान में संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से अपनाई गई है। न्यायिक समीक्षा का अर्थ है न्यायपालिका की वह शक्ति, जिसके तहत वह संसद द्वारा पारित कानूनों और कार्यकारी आदेशों की संवैधानिकता की जांच कर सकती है। यदि वे संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करते पाए जाते हैं, तो न्यायालय उन्हें ‘अल्ट्रा वायर्स’ (अधिकार से परे) घोषित कर सकता है। अनुच्छेद 13, 32 और 226 न्यायिक समीक्षा की नींव प्रदान करते हैं।
-
73वां संविधान संशोधन अधिनियम किससे संबंधित है?
- नगरपालिकाएँ
- मौलिक अधिकार
- पंचायती राज संस्थाएँ
- आपातकालीन प्रावधान
सही उत्तर: c) पंचायती राज संस्थाएँ
विस्तृत व्याख्या: 73वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 भारतीय संविधान में पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान करता है। इसने संविधान में एक नया भाग IX और ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी, जिसमें पंचायतों के 29 कार्यात्मक विषय शामिल हैं। यह संशोधन ग्रामीण स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। नगरपालिकाएं 74वें संशोधन से संबंधित हैं, और मौलिक अधिकार संविधान के भाग III में हैं।
-
भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद वित्तीय आपातकाल से संबंधित है?
- अनुच्छेद 352
- अनुच्छेद 356
- अनुच्छेद 360
- अनुच्छेद 365
सही उत्तर: c) अनुच्छेद 360
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 360 वित्तीय आपातकाल से संबंधित है। यह राष्ट्रपति को भारत या उसके किसी क्षेत्र की वित्तीय स्थिरता या साख को खतरा होने पर वित्तीय आपातकाल घोषित करने का अधिकार देता है। भारत में अभी तक कभी भी वित्तीय आपातकाल लागू नहीं किया गया है। अनुच्छेद 352 राष्ट्रीय आपातकाल से संबंधित है, और अनुच्छेद 356 तथा 365 राज्य आपातकाल (राष्ट्रपति शासन) से संबंधित हैं।
-
भारत के महान्यायवादी (Attorney General) की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?
- प्रधानमंत्री
- भारत के मुख्य न्यायाधीश
- राष्ट्रपति
- संसद
सही उत्तर: c) राष्ट्रपति
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 76 के अनुसार, भारत के महान्यायवादी (Attorney General) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। वह भारत सरकार के मुख्य कानूनी सलाहकार होते हैं और राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं। उनके पास संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही में भाग लेने और बोलने का अधिकार होता है, हालांकि उन्हें मतदान का अधिकार नहीं होता है।
-
‘धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर विभेद का प्रतिषेध’ भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में निहित है?
- अनुच्छेद 14
- अनुच्छेद 15
- अनुच्छेद 16
- अनुच्छेद 17
सही उत्तर: b) अनुच्छेद 15
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 15 ‘धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर विभेद का प्रतिषेध’ करता है। यह मौलिक अधिकारों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो समानता के अधिकार के अंतर्गत आता है। अनुच्छेद 14 कानून के समक्ष समानता और कानूनों के समान संरक्षण की बात करता है। अनुच्छेद 16 सार्वजनिक नियोजन के मामलों में अवसर की समानता प्रदान करता है, और अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता के उन्मूलन से संबंधित है।
-
लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए न्यूनतम कितने सदस्यों का समर्थन आवश्यक है?
- 30 सदस्य
- 50 सदस्य
- 100 सदस्य
- सदन की कुल सदस्य संख्या का 50%
सही उत्तर: b) 50 सदस्य
विस्तृत व्याख्या: लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) लाने के लिए न्यूनतम 50 सदस्यों का समर्थन आवश्यक होता है। यह प्रस्ताव केवल लोकसभा में ही लाया जा सकता है और यदि यह पारित हो जाता है, तो मंत्रिपरिषद को इस्तीफा देना पड़ता है। अविश्वास प्रस्ताव सरकार की बहुमत की क्षमता का परीक्षण करने का एक संसदीय उपकरण है।
-
भारत के संविधान का कौन सा भाग मौलिक कर्तव्यों से संबंधित है?
- भाग II
- भाग III
- भाग IV
- भाग IV A
सही उत्तर: d) भाग IV A
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का भाग IV A मौलिक कर्तव्यों (Fundamental Duties) से संबंधित है। इसे 1976 में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर संविधान में जोड़ा गया था। प्रारंभ में इसमें 10 मौलिक कर्तव्य थे, और 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा एक और कर्तव्य (शिक्षा का अधिकार) जोड़कर इनकी संख्या 11 कर दी गई। भाग II नागरिकता, भाग III मौलिक अधिकार और भाग IV राज्य के नीति निदेशक तत्वों से संबंधित है।
-
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?
- प्रधानमंत्री
- संसद
- राष्ट्रपति
- वित्त मंत्री
सही उत्तर: c) राष्ट्रपति
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 148 के तहत, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। CAG भारत सरकार और राज्य सरकारों के सभी खर्चों का लेखा-जोखा और लेखा-परीक्षण करता है। वह सार्वजनिक धन का संरक्षक होता है और संसद के प्रति उत्तरदायी होता है।
-
कौन सा संवैधानिक संशोधन अधिनियम दलबदल विरोधी कानून (Anti-defection Law) से संबंधित है?
- 42वां संशोधन
- 52वां संशोधन
- 61वां संशोधन
- 73वां संशोधन
सही उत्तर: b) 52वां संशोधन
विस्तृत व्याख्या: 52वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 दलबदल विरोधी कानून से संबंधित है। इस संशोधन ने संविधान में दसवीं अनुसूची जोड़ी, जो सदस्यों को एक राजनीतिक दल से दूसरे दल में दल बदलने के आधार पर अयोग्यता के प्रावधान निर्धारित करती है। इसका उद्देश्य राजनीतिक अस्थिरता को रोकना और संसदीय लोकतंत्र की शुचिता बनाए रखना है। 61वां संशोधन मतदान की आयु को 21 से घटाकर 18 वर्ष करने से संबंधित है।
-
भारतीय संविधान में ‘संसदीय विशेषाधिकार’ (Parliamentary Privileges) का विचार किस देश से लिया गया है?
- यूनाइटेड किंगडम
- संयुक्त राज्य अमेरिका
- फ्रांस
- कनाडा
सही उत्तर: a) यूनाइटेड किंगडम
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान में ‘संसदीय विशेषाधिकार’ की अवधारणा यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) के संविधान से ली गई है। ये विशेषाधिकार संसद के सदस्यों को उनके विधायी कार्यों के दौरान कुछ छूट और प्रतिरक्षा प्रदान करते हैं ताकि वे बिना किसी डर या पक्षपात के अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें। अनुच्छेद 105 संसद के सदस्यों के विशेषाधिकारों से संबंधित है।
-
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में राज्य वित्त आयोग के गठन का प्रावधान है?
- अनुच्छेद 243I
- अनुच्छेद 243K
- अनुच्छेद 243L
- अनुच्छेद 243M
सही उत्तर: a) अनुच्छेद 243I
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 243I राज्य वित्त आयोग के गठन का प्रावधान करता है। यह 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ा गया था। प्रत्येक राज्य का राज्यपाल हर पांच साल में एक वित्त आयोग का गठन करेगा, जो पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा और उन्हें मजबूत करने के लिए सिफारिशें करेगा। अनुच्छेद 243K राज्य चुनाव आयोग से संबंधित है।
-
संविधान के ‘मूल ढाँचे’ (Basic Structure) के सिद्धांत को किस ऐतिहासिक मामले में प्रतिपादित किया गया था?
- गोलाकनाथ बनाम पंजाब राज्य
- केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
- मेनका गांधी बनाम भारत संघ
- एस.आर. बोम्मई बनाम भारत संघ
सही उत्तर: b) केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
विस्तृत व्याख्या: केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने ‘संविधान के मूल ढाँचे’ का सिद्धांत प्रतिपादित किया। इस फैसले में न्यायालय ने कहा कि संसद को संविधान में संशोधन करने की शक्ति है, लेकिन वह संविधान के ‘मूल ढाँचे’ को नहीं बदल सकती। यह सिद्धांत संवैधानिक सर्वोच्चता और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक मील का पत्थर है। गोलाकनाथ मामले में संसद की संशोधन शक्ति पर सीमाएं लगाई गई थीं, जिसे बाद में केशवानंद भारती मामले में संशोधित किया गया।
-
भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद भारत के एक ‘चुनाव आयोग’ (Election Commission) के गठन का प्रावधान करता है?
- अनुच्छेद 320
- अनुच्छेद 324
- अनुच्छेद 325
- अनुच्छेद 329
सही उत्तर: b) अनुच्छेद 324
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 324 भारत के एक ‘चुनाव आयोग’ के गठन का प्रावधान करता है। यह आयोग संसद, राज्य विधानमंडल, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के कार्यालयों के चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण के लिए जिम्मेदार है। यह एक स्थायी और स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है।
-
‘ग्राम सभा’ के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- यह केवल शहरी क्षेत्रों में मौजूद होती है।
- यह पंचायती राज प्रणाली की आधारशिला है।
- इसके सदस्य सीधे राज्य सरकार द्वारा चुने जाते हैं।
- इसकी बैठकें साल में केवल एक बार होती हैं।
सही उत्तर: b) यह पंचायती राज प्रणाली की आधारशिला है।
विस्तृत व्याख्या: ग्राम सभा पंचायती राज प्रणाली की आधारशिला है। यह ग्राम स्तर पर एक निकाय है जिसमें एक पंचायत के चुनावी क्षेत्र में पंजीकृत सभी वयस्क मतदाता सदस्य होते हैं। यह ग्रामीण स्वशासन में प्रत्यक्ष भागीदारी का प्रतीक है। यह शहरी नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित है, और इसके सदस्य सीधे राज्य सरकार द्वारा नहीं, बल्कि गाँव के मतदाताओं द्वारा चुने जाते हैं (जो ग्राम सभा के सदस्य होते हैं)। इसकी बैठकें आमतौर पर साल में दो या अधिक बार होती हैं, जो राज्य के कानूनों पर निर्भर करता है।
-
राष्ट्रपति द्वारा जारी अध्यादेश कितने समय तक प्रभावी रह सकता है, यदि संसद द्वारा अनुमोदित न किया जाए?
- 6 सप्ताह
- 6 महीने
- 6 महीने और 6 सप्ताह
- 1 वर्ष
सही उत्तर: c) 6 महीने और 6 सप्ताह
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 123 के तहत राष्ट्रपति को अध्यादेश जारी करने की शक्ति है जब संसद सत्र में न हो। एक अध्यादेश संसद के पुनः समवेत होने के छह सप्ताह की समाप्ति पर कार्य करना बंद कर देगा, यदि दोनों सदनों द्वारा इस अवधि के भीतर इसे अनुमोदित नहीं किया जाता है। चूंकि संसद के दो सत्रों के बीच अधिकतम अंतराल छह महीने हो सकता है, इसलिए एक अध्यादेश की अधिकतम वैधता छह महीने और छह सप्ताह (संसद के पुनः समवेत होने के बाद) हो सकती है।
-
भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद ‘समान नागरिक संहिता’ (Uniform Civil Code) से संबंधित है?
- अनुच्छेद 40
- अनुच्छेद 44
- अनुच्छेद 48
- अनुच्छेद 50
सही उत्तर: b) अनुच्छेद 44
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 44 राज्यों के नीति निदेशक तत्वों में से एक है, जो राज्य से भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक ‘समान नागरिक संहिता’ (Uniform Civil Code – UCC) को सुरक्षित करने का प्रयास करने का निर्देश देता है। इसका उद्देश्य धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा देना और सभी समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों में एकरूपता लाना है। अनुच्छेद 40 ग्राम पंचायतों के संगठन से, अनुच्छेद 48 कृषि और पशुपालन के संगठन से, और अनुच्छेद 50 कार्यपालिका से न्यायपालिका के पृथक्करण से संबंधित है।
-
भारत के संविधान की किस अनुसूची में संघ और राज्यों के बीच शक्तियों के वितरण का वर्णन है?
- छठी अनुसूची
- सातवीं अनुसूची
- आठवीं अनुसूची
- नौवीं अनुसूची
सही उत्तर: b) सातवीं अनुसूची
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची संघ और राज्यों के बीच शक्तियों के वितरण से संबंधित है। इसमें तीन सूचियाँ शामिल हैं: संघ सूची (Union List), राज्य सूची (State List) और समवर्ती सूची (Concurrent List), जो क्रमशः केंद्र सरकार, राज्य सरकार और दोनों सरकारों को कानून बनाने की शक्तियों को परिभाषित करती हैं। छठी अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम में जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है, आठवीं अनुसूची भाषाओं से और नौवीं अनुसूची कुछ अधिनियमों और विनियमों के सत्यापन से संबंधित है।
-
केंद्रीय मंत्रिपरिषद किसके प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है?
- राष्ट्रपति
- प्रधानमंत्री
- लोकसभा
- राज्यसभा
सही उत्तर: c) लोकसभा
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(3) के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है। इसका अर्थ है कि मंत्रिपरिषद एक इकाई के रूप में कार्य करती है और उसे तब तक पद पर बने रहने का अधिकार है जब तक उसे लोकसभा में बहुमत का समर्थन प्राप्त है। यदि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो पूरी मंत्रिपरिषद को इस्तीफा देना पड़ता है।
-
‘ग्राम न्यायालय अधिनियम’ किस वर्ष अधिनियमित किया गया था?
- 2005
- 2007
- 2008
- 2010
सही उत्तर: c) 2008
विस्तृत व्याख्या: ‘ग्राम न्यायालय अधिनियम’ 2008 में अधिनियमित किया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को उनके घर के करीब त्वरित और सस्ती न्याय प्रणाली प्रदान करना था। इन न्यायालयों को दीवानी और कुछ आपराधिक मामलों दोनों को सुनने का अधिकार है, जिससे निचले स्तर पर न्याय तक पहुंच आसान हो सके। यह अधिनियम जमीनी स्तर पर न्याय वितरण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।