इतिहास के पन्नों से: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए दैनिक अभ्यास
प्रिय उम्मीदवारों, इतिहास के गलियारों में आपका स्वागत है! यह आपकी तैयारी को परखने का समय है। इस दैनिक अभ्यास सेट के साथ, आप प्राचीन सभ्यताओं से लेकर आधुनिक युगीन क्रांतियों तक, समय के हर मोड़ पर अपनी पकड़ मजबूत कर सकते हैं। आइए, अतीत के ज्ञान को वर्तमान की सफलता की कुंजी बनाएं और देखें कि आप इस ‘इतिहास महासंग्राम’ में कहाँ खड़े हैं।
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हड़प्पा सभ्यता का एक प्रमुख स्थल ‘धोलावीरा’ भारत के किस राज्य में स्थित है?
- (A) राजस्थान
- (B) गुजरात
- (C) पंजाब
- (D) हरियाणा
सही उत्तर: (B) गुजरात
विस्तृत व्याख्या: धोलावीरा, हड़प्पा सभ्यता के सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में से एक है, जो गुजरात के कच्छ जिले में खदिरबेट द्वीप पर स्थित है। यह अपने अद्वितीय जल प्रबंधन प्रणाली, आयताकार शहरी नियोजन और तीन भागों (गढ़, मध्य शहर और निचला शहर) में विभाजित बस्तियों के लिए जाना जाता है। इसे 2021 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है।
- (A) राजस्थान में कालीबंगा और बालाथल जैसे हड़प्पा स्थल हैं।
- (C) पंजाब में रोपड़ जैसे हड़प्पा स्थल हैं।
- (D) हरियाणा में राखीगढ़ी और बनावली जैसे महत्वपूर्ण हड़प्पा स्थल हैं।
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ऋग्वेद में ‘अघन्या’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है?
- (A) पुरोहित
- (B) महिला
- (C) गाय
- (D) राजा
सही उत्तर: (C) गाय
विस्तृत व्याख्या: ऋग्वेद में ‘अघन्या’ शब्द का प्रयोग गाय के लिए किया गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ है ‘जिसका वध नहीं किया जा सकता’। वैदिक काल में गाय को अत्यधिक पवित्र और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता था। यह धन और समृद्धि का प्रतीक थी।
- (A) पुरोहितों को ‘ब्राह्मण’ या ‘पुरोहित’ कहा जाता था।
- (B) महिलाओं के लिए ‘जनि’ या ‘गृहपत्नी’ जैसे शब्द थे।
- (D) राजा को ‘राजन’ या ‘गोप’ कहा जाता था।
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चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में मेगस्थनीज द्वारा लिखी गई पुस्तक का नाम क्या है?
- (A) अर्थशास्त्र
- (B) मुद्राराक्षस
- (C) इंडिका
- (D) राजतरंगिणी
सही उत्तर: (C) इंडिका
विस्तृत व्याख्या: मेगस्थनीज यूनानी राजदूत था जिसे सेल्यूकस निकेटर ने चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा था। उसने अपनी पुस्तक ‘इंडिका’ में मौर्यकालीन भारत, विशेषकर पाटलिपुत्र के प्रशासन, समाज और संस्कृति का विस्तृत वर्णन किया है। हालाँकि, ‘इंडिका’ का मूल पाठ अब उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसके उद्धरण बाद के यूनानी और रोमन लेखकों के कार्यों में मिलते हैं।
- (A) ‘अर्थशास्त्र’ चाणक्य (कौटिल्य) द्वारा लिखित राजनीति और प्रशासन पर आधारित ग्रंथ है।
- (B) ‘मुद्राराक्षस’ विशाखदत्त द्वारा लिखित संस्कृत नाटक है, जो चंद्रगुप्त मौर्य के सिंहासनारोहण का वर्णन करता है।
- (D) ‘राजतरंगिणी’ कल्हण द्वारा लिखित कश्मीर के इतिहास पर आधारित ग्रंथ है।
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‘कविराज’ की उपाधि से किस गुप्त शासक को जाना जाता है?
- (A) चंद्रगुप्त प्रथम
- (B) समुद्रगुप्त
- (C) चंद्रगुप्त द्वितीय
- (D) कुमारगुप्त
सही उत्तर: (B) समुद्रगुप्त
विस्तृत व्याख्या: समुद्रगुप्त को ‘कविराज’ की उपाधि से जाना जाता है क्योंकि वह एक कुशल कवि, संगीतज्ञ और विद्या का संरक्षक था। उसके सिक्कों पर उसे वीणा बजाते हुए भी दर्शाया गया है, जिससे उसकी संगीत प्रेम की पुष्टि होती है। उसे भारत का नेपोलियन भी कहा जाता है।
- (A) चंद्रगुप्त प्रथम गुप्त साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक माना जाता है।
- (C) चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) कला और साहित्य के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध था।
- (D) कुमारगुप्त ने नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना की थी।
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हर्षवर्धन के शासनकाल में कौन सा चीनी यात्री भारत आया था?
- (A) फाह्यान
- (B) इत्सिंग
- (C) ह्वेनसांग
- (D) सुंग यून
सही उत्तर: (C) ह्वेनसांग
विस्तृत व्याख्या: चीनी यात्री ह्वेनसांग (Xuanzang) 7वीं शताब्दी ईस्वी में (लगभग 630-645 ईस्वी) हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान भारत आया था। उसने अपनी यात्रा का विस्तृत वर्णन ‘सी-यू-की’ नामक पुस्तक में किया है, जिसमें तत्कालीन भारत की राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक स्थिति का उल्लेख है।
- (A) फाह्यान चंद्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य के शासनकाल में भारत आया था।
- (B) इत्सिंग 7वीं शताब्दी के अंत में भारत आया था।
- (D) सुंग यून 6वीं शताब्दी की शुरुआत में भारत आया था।
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जैन धर्म के पहले तीर्थंकर कौन थे?
- (A) पार्श्वनाथ
- (B) महावीर
- (C) ऋषभदेव
- (D) अरिष्टनेमि
सही उत्तर: (C) ऋषभदेव
विस्तृत व्याख्या: जैन धर्म के पहले तीर्थंकर ऋषभदेव थे, जिन्हें आदिनाथ के नाम से भी जाना जाता है। उनका उल्लेख ऋग्वेद में भी मिलता है, जो उनकी प्राचीनता को दर्शाता है। उन्होंने जैन धर्म के मूल सिद्धांतों की नींव रखी।
- (A) पार्श्वनाथ 23वें तीर्थंकर थे।
- (B) महावीर 24वें और अंतिम तीर्थंकर थे, जिन्होंने जैन धर्म को संगठित किया और उसके सिद्धांतों को व्यापक रूप दिया।
- (D) अरिष्टनेमि 22वें तीर्थंकर थे।
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बौद्ध धर्म में ‘त्रिरत्न’ का अर्थ क्या है?
- (A) सत्य, अहिंसा, अस्तेय
- (B) बुद्ध, धम्म, संघ
- (C) शील, समाधि, प्रज्ञा
- (D) अष्टांगिक मार्ग
सही उत्तर: (B) बुद्ध, धम्म, संघ
विस्तृत व्याख्या: बौद्ध धर्म में ‘त्रिरत्न’ का अर्थ बुद्ध (ज्ञानप्राप्त व्यक्ति), धम्म (धर्म या शिक्षाएँ) और संघ (भिक्षु समुदाय) है। ये तीन तत्व बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए शरण या आश्रय के प्रतीक हैं और मोक्ष प्राप्त करने के मार्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- (A) सत्य, अहिंसा, अस्तेय (अचोरी) जैन धर्म के पंच महाव्रतों का हिस्सा हैं।
- (C) शील (नैतिक आचरण), समाधि (एकाग्रता), प्रज्ञा (ज्ञान) बौद्ध साधना के महत्वपूर्ण पहलू हैं।
- (D) अष्टांगिक मार्ग बौद्ध धर्म का वह मार्ग है जो दुखों के निवारण और निर्वाण की ओर ले जाता है।
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दिल्ली सल्तनत का कौन सा सुल्तान ‘बाजार नियंत्रण प्रणाली’ के लिए जाना जाता है?
- (A) इल्तुतमिश
- (B) बलबन
- (C) अलाउद्दीन खिलजी
- (D) मुहम्मद बिन तुगलक
सही उत्तर: (C) अलाउद्दीन खिलजी
विस्तृत व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316) ने एक विशाल सेना बनाए रखने और उसकी लागत को नियंत्रित करने के लिए एक कठोर बाजार नियंत्रण प्रणाली लागू की थी। उसने वस्तुओं की कीमतें निर्धारित कीं, जमाखोरी पर प्रतिबंध लगाया और ‘शहना-ए-मंडी’ जैसे अधिकारियों की नियुक्ति की ताकि बाजार के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
- (A) इल्तुतमिश दिल्ली सल्तनत का वास्तविक संस्थापक और ‘चालीसा’ (तुर्कान-ए-चहलगानी) का निर्माता था।
- (B) बलबन ने ‘रक्त और लौह’ की नीति अपनाई तथा सल्तनत को मजबूत किया।
- (D) मुहम्मद बिन तुगलक अपनी महत्वाकांक्षी लेकिन असफल योजनाओं (जैसे राजधानी परिवर्तन और सांकेतिक मुद्रा) के लिए जाना जाता है।
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‘किताब-उल-हिंद’ का लेखक कौन था, जिसने 11वीं सदी के भारत का विस्तृत वर्णन किया?
- (A) इब्न बतूता
- (B) अल-बिरूनी
- (C) अमीर खुसरो
- (D) हसन निजामी
सही उत्तर: (B) अल-बिरूनी
विस्तृत व्याख्या: अल-बिरूनी एक फारसी विद्वान और बहुश्रुत व्यक्ति था जिसने 11वीं शताब्दी में महमूद गजनवी के साथ भारत की यात्रा की थी। उसकी पुस्तक ‘किताब-उल-हिंद’ (या ‘तहकीक-ए-हिंद’) भारत के धर्म, दर्शन, विज्ञान, रीति-रिवाजों और सामाजिक जीवन का एक व्यापक और वस्तुनिष्ठ अध्ययन प्रस्तुत करती है।
- (A) इब्न बतूता मोरक्को का यात्री था जो मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में भारत आया था और उसने ‘रेहला’ नामक पुस्तक लिखी थी।
- (C) अमीर खुसरो एक सूफी कवि और विद्वान था जो अलाउद्दीन खिलजी सहित कई सुल्तानों के दरबार से जुड़ा था।
- (D) हसन निजामी ‘ताज-उल-मासिर’ के लेखक थे, जो दिल्ली सल्तनत के प्रारंभिक इतिहास का वर्णन करती है।
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विजयनगर साम्राज्य की स्थापना किसने की थी?
- (A) कृष्णदेव राय
- (B) हरिहर और बुक्का
- (C) सदाशिव राय
- (D) राम राय
सही उत्तर: (B) हरिहर और बुक्का
विस्तृत व्याख्या: विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ईस्वी में हरिहर प्रथम और बुक्का राय प्रथम नामक दो भाइयों ने की थी। उन्होंने तुंगभद्रा नदी के तट पर इस साम्राज्य की नींव रखी, जो दक्षिण भारत में एक शक्तिशाली हिंदू राज्य के रूप में उभरा और बहमनी सल्तनत के साथ लगातार संघर्ष में रहा।
- (A) कृष्णदेव राय विजयनगर साम्राज्य के सबसे प्रसिद्ध शासक थे, जो तुलुव वंश से संबंधित थे।
- (C) सदाशिव राय तुलुव वंश के अंतिम महत्वपूर्ण शासक थे।
- (D) राम राय सदाशिव राय के मंत्री थे, जिन्होंने तालिकोटा के युद्ध में विजयनगर सेना का नेतृत्व किया था।
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मुगल सम्राट अकबर द्वारा ‘इबादतखाना’ कहाँ स्थापित किया गया था?
- (A) दिल्ली
- (B) आगरा
- (C) फतेहपुर सीकरी
- (D) लाहौर
सही उत्तर: (C) फतेहपुर सीकरी
विस्तृत व्याख्या: ‘इबादतखाना’ (पूजा का घर) का निर्माण मुगल सम्राट अकबर ने 1575 ईस्वी में फतेहपुर सीकरी में करवाया था। शुरुआत में इसे केवल मुस्लिम विद्वानों के बीच धार्मिक चर्चाओं के लिए इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन 1578 के बाद, अकबर ने अन्य धर्मों (हिंदू, ईसाई, जैन, पारसी) के विद्वानों को भी इसमें आमंत्रित करना शुरू कर दिया, जिससे ‘दीन-ए-इलाही’ की अवधारणा को बल मिला।
- (A) दिल्ली मुगल साम्राज्य की राजधानी थी, लेकिन इबादतखाना फतेहपुर सीकरी में था।
- (B) आगरा में अकबर का किला स्थित है, लेकिन इबादतखाना फतेहपुर सीकरी में था।
- (D) लाहौर भी एक महत्वपूर्ण मुगल शहर था।
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‘दीन-ए-इलाही’ धर्म की शुरुआत किस मुगल शासक ने की थी?
- (A) बाबर
- (B) हुमायूँ
- (C) अकबर
- (D) शाहजहाँ
सही उत्तर: (C) अकबर
विस्तृत व्याख्या: ‘दीन-ए-इलाही’ (ईश्वर का धर्म) की स्थापना मुगल सम्राट अकबर ने 1582 ईस्वी में की थी। यह एक समकालिक पंथ था जिसका उद्देश्य सभी धर्मों के मूल सिद्धांतों को मिलाकर एक सार्वभौमिक धर्म बनाना था। इसमें मुख्य रूप से सहिष्णुता, सद्भाव और नैतिक जीवन पर जोर दिया गया था। बीरबल एकमात्र हिंदू था जिसने इसे अपनाया।
- (A) बाबर ने भारत में मुगल साम्राज्य की स्थापना की।
- (B) हुमायूँ अकबर का पिता था।
- (D) शाहजहाँ अपने स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध था।
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शिवाजी महाराज के प्रशासन में ‘अष्टप्रधान’ में ‘पेशवा’ का क्या कार्य था?
- (A) वित्त मंत्री
- (B) विदेश मंत्री
- (C) प्रधान न्यायाधीश
- (D) प्रधानमंत्री
सही उत्तर: (D) प्रधानमंत्री
विस्तृत व्याख्या: शिवाजी महाराज के ‘अष्टप्रधान’ नामक मंत्रिपरिषद् में ‘पेशवा’ सबसे महत्वपूर्ण पद था, जो प्रधानमंत्री के समान था। वह प्रशासन का सर्वोच्च अधिकारी था और राजा की अनुपस्थिति में राज्य के मामलों का संचालन करता था।
- (A) वित्त मंत्री ‘अमात्य’ या ‘मजूमदार’ कहलाता था।
- (B) विदेश मंत्री ‘सुमंत’ या ‘दबीर’ कहलाता था।
- (C) प्रधान न्यायाधीश ‘न्यायाधीश’ कहलाता था।
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किस सूफी संत को ‘गरीब नवाज’ के नाम से जाना जाता है?
- (A) शेख निजामुद्दीन औलिया
- (B) ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती
- (C) शेख सलीम चिश्ती
- (D) बाबा फरीद
सही उत्तर: (B) ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती
विस्तृत व्याख्या: ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (1143-1236 ईस्वी) को ‘गरीब नवाज’ (गरीबों का उपकारी) के नाम से जाना जाता है। वह भारत में चिश्ती सूफीवाद के संस्थापक थे और उनका मकबरा (दरगाह) अजमेर, राजस्थान में स्थित है, जो एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है।
- (A) शेख निजामुद्दीन औलिया दिल्ली के एक प्रमुख चिश्ती संत थे।
- (C) शेख सलीम चिश्ती फतेहपुर सीकरी के एक संत थे, जिनसे अकबर बहुत प्रभावित था।
- (D) बाबा फरीद पंजाब के एक प्रसिद्ध चिश्ती संत थे।
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प्लासी का युद्ध कब लड़ा गया था?
- (A) 1757
- (B) 1761
- (C) 1764
- (D) 1773
सही उत्तर: (A) 1757
विस्तृत व्याख्या: प्लासी का युद्ध 23 जून 1757 को बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के रॉबर्ट क्लाइव के नेतृत्व वाली सेना के बीच लड़ा गया था। इस युद्ध में कंपनी की जीत हुई, जिसने भारत में ब्रिटिश शासन की नींव रखी और इसके बाद बंगाल पर उनका नियंत्रण स्थापित हो गया।
- (B) 1761 में पानीपत का तीसरा युद्ध हुआ था।
- (C) 1764 में बक्सर का युद्ध हुआ था।
- (D) 1773 में रेगुलेटिंग एक्ट पारित हुआ था।
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‘सहायक संधि प्रणाली’ का जनक किसे माना जाता है?
- (A) लॉर्ड डलहौजी
- (B) लॉर्ड वेलेजली
- (C) लॉर्ड विलियम बेंटिंक
- (D) लॉर्ड कार्नवालिस
सही उत्तर: (B) लॉर्ड वेलेजली
विस्तृत व्याख्या: लॉर्ड वेलेजली (1798-1805) को भारत में ‘सहायक संधि प्रणाली’ (Subsidiary Alliance System) का जनक माना जाता है। इस प्रणाली के तहत भारतीय रियासतों को अपनी संप्रभुता ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंपनी पड़ती थी और बदले में कंपनी उनकी सुरक्षा का आश्वासन देती थी। हैदराबाद का निजाम इस संधि को स्वीकार करने वाला पहला शासक था।
- (A) लॉर्ड डलहौजी ‘व्यपगत का सिद्धांत’ (Doctrine of Lapse) के लिए प्रसिद्ध है।
- (C) लॉर्ड विलियम बेंटिंक सती प्रथा उन्मूलन और ठगी प्रथा के दमन के लिए जाना जाता है।
- (D) लॉर्ड कार्नवालिस ‘स्थायी बंदोबस्त’ (Permanent Settlement) और सिविल सेवा के जनक के रूप में जाने जाते हैं।
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ब्रह्म समाज की स्थापना किसने की थी?
- (A) स्वामी दयानंद सरस्वती
- (B) राजा राम मोहन रॉय
- (C) ईश्वर चंद्र विद्यासागर
- (D) देवेंद्रनाथ टैगोर
सही उत्तर: (B) राजा राम मोहन रॉय
विस्तृत व्याख्या: ब्रह्म समाज की स्थापना राजा राम मोहन रॉय ने 1828 में कलकत्ता में की थी। यह एक महत्वपूर्ण सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन था जिसका उद्देश्य एकेश्वरवाद, मूर्ति पूजा का विरोध, जाति व्यवस्था का उन्मूलन और महिलाओं के अधिकारों की वकालत करना था।
- (A) स्वामी दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना की थी।
- (C) ईश्वर चंद्र विद्यासागर विधवा पुनर्विवाह के प्रबल समर्थक थे।
- (D) देवेंद्रनाथ टैगोर ने ब्रह्म समाज को आगे बढ़ाया और उसकी सदस्यता का विस्तार किया।
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1857 के विद्रोह के समय भारत का गवर्नर-जनरल कौन था?
- (A) लॉर्ड डलहौजी
- (B) लॉर्ड कैनिंग
- (C) लॉर्ड लिटन
- (D) लॉर्ड रिपन
सही उत्तर: (B) लॉर्ड कैनिंग
विस्तृत व्याख्या: 1857 के महान विद्रोह के समय लॉर्ड कैनिंग (1856-1862) भारत का गवर्नर-जनरल था। इसी के कार्यकाल में भारत सरकार अधिनियम 1858 पारित हुआ, जिसके तहत भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन आ गया और वह भारत का पहला वायसराय बना।
- (A) लॉर्ड डलहौजी 1856 में गवर्नर-जनरल का पद छोड़कर गया था।
- (C) लॉर्ड लिटन के कार्यकाल में वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट (1878) आया था।
- (D) लॉर्ड रिपन को स्थानीय स्वशासन का जनक माना जाता है।
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- (A) 1875
- (B) 1880
- (C) 1885
- (D) 1890
सही उत्तर: (C) 1885
विस्तृत व्याख्या: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को बंबई में ए.ओ. ह्यूम (एक सेवानिवृत्त ब्रिटिश सिविल सेवक) द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य भारतीयों को एक साझा राजनीतिक मंच पर लाना और ब्रिटिश शासन के समक्ष उनकी मांगों को प्रस्तुत करना था।
- (A) 1875 में आर्य समाज की स्थापना हुई थी।
- (B) 1880 का दशक भारतीय राष्ट्रवाद के उदय का साक्षी था।
- (D) 1890 का दशक भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में गरमपंथी विचारधारा के उदय का समय था।
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‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा’ यह कथन किसका है?
- (A) महात्मा गांधी
- (B) सुभाष चंद्र बोस
- (C) बाल गंगाधर तिलक
- (D) सरदार वल्लभभाई पटेल
सही उत्तर: (C) बाल गंगाधर तिलक
विस्तृत व्याख्या: ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा’ (Swaraj is my birthright, and I shall have it) का प्रसिद्ध नारा बाल गंगाधर तिलक ने दिया था। वे भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के एक प्रमुख गरमपंथी नेता थे, जिन्होंने स्वशासन और पूर्ण स्वराज की वकालत की।
- (A) महात्मा गांधी ने ‘करो या मरो’ का नारा दिया था।
- (B) सुभाष चंद्र बोस ने ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ का नारा दिया था।
- (D) सरदार वल्लभभाई पटेल ‘बारडोली सत्याग्रह’ से जुड़े थे और भारत के लौह पुरुष कहलाते हैं।
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गांधीजी ने किस घटना के बाद असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था?
- (A) जलियांवाला बाग हत्याकांड
- (B) चौरी-चौरा घटना
- (C) काकोरी कांड
- (D) साइमन कमीशन का विरोध
सही उत्तर: (B) चौरी-चौरा घटना
विस्तृत व्याख्या: गांधीजी ने 5 फरवरी 1922 को हुई चौरी-चौरा घटना के बाद असहयोग आंदोलन (1920-1922) को तत्काल वापस ले लिया था। चौरी-चौरा (उत्तर प्रदेश) में एक हिंसक भीड़ ने पुलिस स्टेशन में आग लगा दी थी, जिससे कई पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। गांधीजी हिंसा के सख्त खिलाफ थे और उनका मानना था कि आंदोलन अब अहिंसक नहीं रहा।
- (A) जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919) के बाद गांधीजी ने असहयोग आंदोलन की शुरुआत की थी।
- (C) काकोरी कांड (1925) हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन द्वारा की गई ट्रेन डकैती की घटना थी।
- (D) साइमन कमीशन (1928) का विरोध गांधीजी के सविनय अवज्ञा आंदोलन से पहले हुआ था।
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क्रीमिया युद्ध (1853-1856) मुख्य रूप से किन दो शक्तियों के गठबंधन के विरुद्ध लड़ा गया था?
- (A) रूस
- (B) फ्रांस
- (C) ब्रिटेन
- (D) ओटोमन साम्राज्य
सही उत्तर: (A) रूस
विस्तृत व्याख्या: क्रीमिया युद्ध मुख्य रूप से रूसी साम्राज्य और एक गठबंधन (जिसमें ओटोमन साम्राज्य, ब्रिटेन, फ्रांस और सार्डिनिया शामिल थे) के बीच लड़ा गया था। यह युद्ध ओटोमन साम्राज्य के भीतर ईसाइयों के अधिकारों पर विवाद और यूरोपीय शक्तियों के भू-राजनीतिक हितों को लेकर हुआ था, खासकर काला सागर पर नियंत्रण के लिए। यह पूर्वी प्रश्न का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।
- (B) फ्रांस इस गठबंधन का हिस्सा था जो रूस के खिलाफ लड़ रहा था।
- (C) ब्रिटेन भी इस गठबंधन का हिस्सा था।
- (D) ओटोमन साम्राज्य वह शक्ति थी जिसके समर्थन में अन्य देश रूस के खिलाफ खड़े थे।
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स्वेज नहर संकट (1956) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा देश इसमें शामिल नहीं था?
- (A) मिस्र
- (B) ब्रिटेन
- (C) इज़राइल
- (D) जर्मनी
सही उत्तर: (D) जर्मनी
विस्तृत व्याख्या: स्वेज नहर संकट 1956 में तब शुरू हुआ जब मिस्र के राष्ट्रपति गमाल अब्देल नासिर ने स्वेज नहर का राष्ट्रीयकरण कर दिया था। इसके जवाब में, ब्रिटेन, फ्रांस और इज़राइल ने मिस्र पर आक्रमण किया। संयुक्त राज्य अमेरिका और सोवियत संघ ने राजनयिक हस्तक्षेप करके इस संकट को शांत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जर्मनी इस संघर्ष में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं था।
- (A) मिस्र वह देश था जिसने नहर का राष्ट्रीयकरण किया और जिस पर हमला हुआ।
- (B) ब्रिटेन ने नहर पर नियंत्रण फिर से हासिल करने के लिए फ्रांस और इज़राइल के साथ मिलकर हमला किया।
- (C) इज़राइल ने अपनी नौवहन स्वतंत्रता को सुरक्षित करने के लिए मिस्र पर हमला किया।
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1850 में संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित पहले राष्ट्रीय महिला अधिकार सम्मेलन का मुख्य फोकस क्या था?
- (A) दासता का उन्मूलन
- (B) महिला मताधिकार और समान नागरिक अधिकार
- (C) औद्योगिक श्रमिकों के अधिकार
- (D) बच्चों के शिक्षा के अधिकार
सही उत्तर: (B) महिला मताधिकार और समान नागरिक अधिकार
विस्तृत व्याख्या: 1850 में मैसाचुसेट्स के वॉर्सेस्टर में आयोजित पहला राष्ट्रीय महिला अधिकार सम्मेलन (First National Women’s Rights Convention) संयुक्त राज्य अमेरिका में महिला अधिकारों के आंदोलन में एक मील का पत्थर था। इस सम्मेलन का मुख्य फोकस महिला मताधिकार (महिलाओं को वोट देने का अधिकार) और पुरुषों के समान सभी नागरिक अधिकारों की मांग करना था। यह 1848 में हुए सेनेका फॉल्स कन्वेंशन के बाद महिला अधिकार आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर संगठित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
- (A) दासता का उन्मूलन (उन्मूलनवाद) उस समय का एक और महत्वपूर्ण सामाजिक आंदोलन था, जिसमें कई महिला अधिकार कार्यकर्ता भी सक्रिय थीं, लेकिन यह इस सम्मेलन का प्राथमिक फोकस नहीं था।
- (C) औद्योगिक श्रमिकों के अधिकार और (D) बच्चों के शिक्षा के अधिकार उस समय के अन्य सामाजिक सुधारों से संबंधित थे, लेकिन महिला अधिकार सम्मेलन का सीधा संबंध इनसे नहीं था।
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‘बोस्टन टी पार्टी’ की घटना किस क्रांति से संबंधित है?
- (A) फ्रांसीसी क्रांति
- (B) अमेरिकी क्रांति
- (C) रूसी क्रांति
- (D) गौरवपूर्ण क्रांति (इंग्लैंड)
सही उत्तर: (B) अमेरिकी क्रांति
विस्तृत व्याख्या: ‘बोस्टन टी पार्टी’ की घटना 16 दिसंबर 1773 को हुई थी, जब अमेरिकी उपनिवेशवादियों ने ब्रिटिश सरकार की चाय नीतियों के विरोध में बोस्टन हार्बर में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के जहाजों से चाय के बक्से समुद्र में फेंक दिए थे। यह घटना अमेरिकी क्रांति (स्वतंत्रता संग्राम) के प्रमुख कारणों में से एक थी, जिसने ब्रिटिश शासन के खिलाफ उपनिवेशवादियों के आक्रोश को बढ़ाया।
- (A) फ्रांसीसी क्रांति (1789) फ्रांस में हुई थी।
- (C) रूसी क्रांति (1917) रूस में हुई थी।
- (D) गौरवपूर्ण क्रांति (1688) इंग्लैंड में हुई थी।
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हड़प्पा सभ्यता में विशाल स्नानागार के अवशेष किस स्थल से प्राप्त हुए हैं?
- (A) लोथल
- (B) हड़प्पा
- (C) मोहनजोदड़ो
- (D) कालीबंगा
सही उत्तर: (C) मोहनजोदड़ो
विस्तृत व्याख्या: विशाल स्नानागार (Great Bath) मोहनजोदड़ो के सबसे प्रसिद्ध स्मारकों में से एक है। यह एक बड़ा आयताकार जलाशय था जिसका उपयोग संभवतः धार्मिक अनुष्ठानों या सामुदायिक स्नान के लिए किया जाता था। इसकी जलरोधी संरचना और आसपास के कमरों से तत्कालीन उन्नत इंजीनियरिंग का पता चलता है।
- (A) लोथल गुजरात में एक बंदरगाह शहर था।
- (B) हड़प्पा में एक बड़ा अन्नागार मिला है।
- (D) कालीबंगा अपने जुते हुए खेत के साक्ष्यों के लिए जाना जाता है।
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महावीर स्वामी को किस नदी के तट पर ज्ञान (कैवल्य) प्राप्त हुआ था?
- (A) गंगा
- (B) ऋजुपालिका
- (C) निरंजना
- (D) रावी
सही उत्तर: (B) ऋजुपालिका
विस्तृत व्याख्या: जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी को जृंभिक ग्राम के पास, ऋजुपालिका नदी के तट पर, एक साल वृक्ष के नीचे कठिन तपस्या के बाद सर्वोच्च ज्ञान (कैवल्य) प्राप्त हुआ था। इसके बाद वे ‘जिन’ (विजेता) कहलाए।
- (A) गंगा नदी उत्तरी भारत की प्रमुख नदी है, लेकिन महावीर का ज्ञान इससे संबंधित नहीं है।
- (C) निरंजना नदी के तट पर गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था।
- (D) रावी नदी हड़प्पा सभ्यता के स्थल हड़प्पा के पास बहती है।
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कुतुब मीनार का निर्माण किस सूफी संत की याद में करवाया गया था?
- (A) शेख सलीम चिश्ती
- (B) ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती
- (C) कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी
- (D) बाबा फरीद
सही उत्तर: (C) कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी
विस्तृत व्याख्या: कुतुब मीनार का निर्माण गुलाम वंश के शासक कुतुबुद्दीन ऐबक ने प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी की याद में शुरू करवाया था। बाद में इल्तुतमिश और फिरोजशाह तुगलक ने इसका निर्माण कार्य पूरा करवाया। यह इस्लामी वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
- (A) शेख सलीम चिश्ती अकबर के समकालीन थे।
- (B) ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती अजमेर से संबंधित हैं।
- (D) बाबा फरीद पंजाब के एक सूफी संत थे।
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शिवाजी महाराज के गुरु का नाम क्या था?
- (A) समर्थ रामदास
- (B) तुकाराम
- (C) एकनाथ
- (D) नामदेव
सही उत्तर: (A) समर्थ रामदास
विस्तृत व्याख्या: शिवाजी महाराज के आध्यात्मिक गुरु समर्थ रामदास थे। उन्होंने ‘दास बोध’ नामक ग्रंथ लिखा और ‘धर्म की स्थापना’ (धर्म संस्थापना) के सिद्धांत पर जोर दिया। उन्होंने शिवाजी को हिंदू धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए प्रेरित किया।
- (B) तुकाराम, (C) एकनाथ, और (D) नामदेव महाराष्ट्र के अन्य प्रसिद्ध भक्ति संत थे, लेकिन वे शिवाजी के प्रत्यक्ष गुरु नहीं थे।
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