UGC NET JRF History: उच्च स्तरीय मास्टर क्लास मॉक टेस्ट – सफलता की रणनीति
इतिहास के गलियारों में आपका स्वागत है, जहाँ अतीत केवल तिथियों का संग्रह नहीं, बल्कि मानवीय सभ्यता के विकास की एक गाथा है। UGC NET JRF की तैयारी कर रहे गंभीर अभ्यर्थियों के लिए यह विशेष मॉक टेस्ट तैयार किया गया है, जो न केवल आपकी याददाश्त बल्कि आपके विश्लेषणात्मक कौशल (Analytical Skills) की भी परीक्षा लेगा। आइए, समय की यात्रा पर निकलें और अपनी तैयारी को एक नई धार दें।
History Practice Questions
निर्देश: निम्नलिखित 25 प्रश्नों को हल करें और दिए गए विस्तृत स्पष्टीकरणों के माध्यम से अपनी वैचारिक स्पष्टता का विश्लेषण करें। ये प्रश्न UGC NET के नवीनतम पैटर्न (Interdisciplinary approach) पर आधारित हैं।
Question 1: निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन I: सबाल्टर्न स्टडीज (Subaltern Studies) ने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के ‘अभिजात वर्ग’ (Elite) के विमर्श को चुनौती दी।
कथन II: रणजीत गुहा ने तर्क दिया कि किसान विद्रोहों का अपना एक स्वतंत्र राजनीतिक तर्क होता था, जो कांग्रेस की राजनीति से अलग था।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- केवल कथन I
- केवल कथन II
- कथन I और II दोनों
- न तो कथन I और न ही कथन II
Answer: (c)
Detailed Explanation:
- Correctness: दोनों कथन सही हैं। सबाल्टर्न स्कूल ने इतिहास लेखन में ‘नीचे से ऊपर’ (History from below) के दृष्टिकोण को अपनाया।
- Context & Elaboration: रणजीत गुहा और अन्य इतिहासकारों ने यह स्पष्ट किया कि आम जनता, विशेषकर किसान, केवल राष्ट्रवादी नेताओं के अनुयायी नहीं थे, बल्कि उन्होंने अपनी स्थानीय समस्याओं और चेतना के आधार पर विद्रोह किए। यह यूनिट 9 (राष्ट्रीय आंदोलन) और यूनिट 10 (इतिहास लेखन) का मिश्रण है।
- Incorrect Options: विकल्प (a) और (b) अधूरे हैं क्योंकि दोनों कथन परस्पर पूरक हैं।
Question 2: अभिकथन (A): गुप्त काल को भारतीय इतिहास का ‘स्वर्ण युग’ कहा जाता है।
तर्क (R): इस काल में सामंतवाद (Feudalism) का उदय हुआ और भूमि अनुदान की प्रथा बढ़ी, जिससे केंद्रीय सत्ता कमजोर हुई।
सही विकल्प चुनें:
- (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
- (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
- (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
- (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: अभिकथन (A) पारंपरिक राष्ट्रवादी इतिहासकारों का मत है, जबकि तर्क (R) मार्क्सवादी इतिहासकारों (जैसे आर. एस. शर्मा) का विश्लेषण है।
- Context & Elaboration: स्वर्ण युग की अवधारणा कला, साहित्य और विज्ञान की उपलब्धियों पर आधारित है। वहीं, सामंतवाद का उदय आर्थिक और राजनीतिक विघटन को दर्शाता है। चूंकि सामंतवाद ‘स्वर्ण युग’ के विरोधाभासी पहलू को दर्शाता है, इसलिए यह उसकी व्याख्या नहीं करता बल्कि उसे चुनौती देता है। यह यूनिट 2 और यूनिट 10 का सम्मिश्रण है।
- Incorrect Options: विकल्प (a) गलत है क्योंकि सामंतवाद स्वर्ण युग का कारण नहीं, बल्कि उसका एक नकारात्मक प्रभाव या समांतर विकास था।
Question 3: निम्नलिखित सूचियों को सुमेलित करें:
सूची I (स्रोत) — सूची II (लेखक/विषय)
1. इंडिका — A. कौटिल्य
2. अर्थशास्त्र — B. मेगस्थनीज
3. मुद्राराक्षस — C. विशाखदत्त
4. त्रिपिटक — D. बौद्ध परंपरा
- 1-B, 2-A, 3-C, 4-D
- 1-A, 2-B, 3-D, 4-C
- 1-B, 2-D, 3-A, 4-C
- 1-C, 2-A, 3-B, 4-D
Answer: (a)
Detailed Explanation:
- Correctness: इंडिका मेगस्थनीज द्वारा लिखित है, अर्थशास्त्र कौटिल्य द्वारा, मुद्राराक्षस विशाखदत्त द्वारा और त्रिपिटक बौद्ध धर्म के मूल ग्रंथ हैं।
- Context & Elaboration: ये स्रोत मौर्यकालीन इतिहास के पुनर्निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इंडिका विदेशी दृष्टिकोण देती है, अर्थशास्त्र प्रशासनिक विवरण और मुद्राराक्षस राजनीतिक षड्यंत्रों का वर्णन करता है। (यूनिट 1 और 2)।
- Incorrect Options: अन्य विकल्प गलत मिलान प्रस्तुत करते हैं।
Question 4: मुगलकालीन ‘ज़ब्ती’ प्रणाली और ब्रिटिश ‘स्थायी बंदोबस्त’ (Permanent Settlement) के बीच मुख्य समानता क्या थी?
- दोनों ने केवल उपज के आधार पर कर निर्धारित किया।
- दोनों ने राजस्व निर्धारण के लिए भूमि के मापन और रिकॉर्ड पर जोर दिया।
- दोनों ने किसानों को भूमि का पूर्ण स्वामित्व प्रदान किया।
- दोनों ने करों को पूरी तरह से समाप्त कर दिया था।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: दोनों प्रणालियों में राज्य ने राजस्व को निश्चित करने के लिए भूमि के सर्वेक्षण और मापन (Measurement) का सहारा लिया।
- Context & Elaboration: अकबर की ज़ब्ती प्रणाली (दहशाला) में 10 वर्षों के औसत उत्पादन का मापन किया गया था। इसी तरह, लॉर्ड कॉर्नवालिस के स्थायी बंदोबस्त में भी राजस्व को भूमि के आधार पर निश्चित किया गया, हालांकि ब्रिटिश प्रणाली ने ज़मींदारों को मालिक बना दिया। यह यूनिट 5 और यूनिट 8 का विश्लेषण है।
- Incorrect Options: विकल्प (c) गलत है क्योंकि ज़ब्ती प्रणाली में किसान मालिक नहीं बल्कि काश्तकार थे। विकल्प (a) केवल एक प्रणाली पर लागू होता है।
Question 5: दिल्ली सल्तनत के प्रशासन में ‘इक्ता’ (Iqta) प्रणाली का प्राथमिक उद्देश्य क्या था?
- धार्मिक शिक्षा का प्रसार करना।
- एक केंद्रीकृत नौकरशाही के माध्यम से राजस्व संग्रह और सैन्य नियंत्रण सुनिश्चित करना।
- किसानों को मुफ्त भूमि वितरित करना।
- केवल विदेशी व्यापारियों को संरक्षण देना।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: इक्ता प्रणाली का उद्देश्य सैन्य सेवाओं के बदले भूमि के राजस्व का अधिकार देना था ताकि सुल्तान दूरदराज के क्षेत्रों पर नियंत्रण रख सके।
- Context & Elaboration: इल्तुतमिश ने इसे औपचारिक रूप दिया। मुक्ती (Muqti) राजस्व एकत्र करता था और अपनी सेना बनाए रखता था, जिसका उपयोग सुल्तान के लिए युद्ध में किया जाता था। (यूनिट 4)।
- Incorrect Options: विकल्प (a), (c) और (d) का इक्ता प्रणाली के प्रशासनिक और सैन्य उद्देश्यों से कोई संबंध नहीं है।
Question 6: निम्नलिखित घटनाओं को कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित करें:
1. चंपारण सत्याग्रह
2. लखनऊ समझौता
3. जलियांवाला बाग हत्याकांड
4. असहयोग आंदोलन
- 2, 1, 3, 4
- 1, 2, 3, 4
- 2, 3, 1, 4
- 3, 2, 4, 1
Answer: (a)
Detailed Explanation:
- Correctness: लखनऊ समझौता (1916) $\rightarrow$ चंपारण सत्याग्रह (1917) $\rightarrow$ जलियांवाला बाग (1919) $\rightarrow$ असहयोग आंदोलन (1920)।
- Context & Elaboration: लखनऊ समझौते में कांग्रेस और मुस्लिम लीग एक साथ आए। चंपारण गांधीजी का पहला सत्याग्रह था। जलियांवाला बाग की घटना ने असहयोग आंदोलन की पृष्ठभूमि तैयार की। (यूनिट 9)।
- Incorrect Options: अन्य विकल्प तिथियों के सही क्रम का पालन नहीं करते।
Question 7: ‘कैम्ब्रिज स्कूल’ (Cambridge School) के इतिहासकार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उदय की व्याख्या किस रूप से करते हैं?
- एक शुद्ध राष्ट्रवादी आंदोलन के रूप में।
- विदेशी शोषण के विरुद्ध एक सामूहिक विद्रोह के रूप में।
- भारतीय अभिजात वर्ग के बीच सत्ता और प्रभाव के लिए प्रतिस्पर्धी संघर्ष के रूप में।
- किसानों और मजदूरों के वर्ग संघर्ष के रूप में।
Answer: (c)
Detailed Explanation:
- Correctness: कैम्ब्रिज स्कूल (जैसे अनिल सील) का तर्क है कि कांग्रेस का उदय विचारधारा के कारण नहीं, बल्कि औपनिवेशिक प्रशासन में पदों और लाभों को पाने की होड़ के कारण हुआ था।
- Context & Elaboration: यह दृष्टिकोण राष्ट्रवादी इतिहास लेखन के ठीक विपरीत है। यह यूनिट 9 और यूनिट 10 का जटिल मिश्रण है।
- Incorrect Options: विकल्प (a) और (b) राष्ट्रवादी दृष्टिकोण हैं, जबकि विकल्प (d) मार्क्सवादी दृष्टिकोण है।
Question 8: चोल प्रशासन की सबसे विशिष्ट विशेषता क्या थी?
- पूर्णतः केंद्रीकृत शासन।
- स्थानीय स्वशासन और ग्राम सभाओं (Ur और Sabha) की स्वायत्तता।
- राजधानी का पूर्ण अभाव।
- केवल सैन्य शासन पर निर्भरता।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: चोल काल में ‘उत्तरमेरुर’ अभिलेख से ग्राम प्रशासन की विस्तृत जानकारी मिलती है, जहाँ चुनाव प्रक्रिया और समितियों का उल्लेख है।
- Context & Elaboration: चोलों ने एक प्रभावी स्थानीय शासन प्रणाली विकसित की थी, जहाँ ग्राम सभाएँ कर संग्रह और न्याय का कार्य करती थीं। (यूनिट 3)।
- Incorrect Options: चोल शासन पूरी तरह केंद्रीकृत नहीं था, बल्कि विकेंद्रीकृत स्थानीय निकायों पर आधारित था।
Question 9: सूफीवाद के ‘चिश्ती सिलसिले’ की मुख्य विशेषता क्या थी?
- राजकीय संरक्षण और विलासिता का समर्थन।
- दुनिया से विरक्ति (Asceticism) और संगीत (Sama) के माध्यम से ईश्वर की प्राप्ति।
- केवल कट्टरपंथी कानूनों का पालन।
- युद्ध के माध्यम से धर्म परिवर्तन।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: चिश्ती संतों ने सादगी, गरीबी और संगीत (समा) को आध्यात्मिक उन्नति का साधन माना।
- Context & Elaboration: ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती और निजामुद्दीन औलिया इस सिलसिले के प्रमुख संत थे। उन्होंने राजकीय पदों और धन से दूरी बनाए रखी। (यूनिट 6)।
- Incorrect Options: विकल्प (a) गलत है क्योंकि चिश्ती संतों ने राजकीय संरक्षण को अस्वीकार किया था।
Question 10: ‘ड्रेन ऑफ वेल्थ’ (धन का निष्कासन) सिद्धांत का प्रतिपादन किसने किया और इसका मुख्य उद्देश्य क्या था?
- आर. सी. दत्त; ब्रिटिश औद्योगिक नीति की आलोचना करना।
- दादाभाई नौरोजी; यह दिखाना कि भारत की गरीबी का कारण ब्रिटेन द्वारा संसाधनों की लूट है।
- एम. जी. रानाडे; बैंकिंग प्रणाली में सुधार करना।
- बाल गंगाधर तिलक; स्वराज की मांग करना।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: दादाभाई नौरोजी ने अपनी पुस्तक ‘Poverty and Un-British Rule in India’ में यह सिद्धांत दिया।
- Context & Elaboration: उन्होंने तर्क दिया कि भारत का धन वेतन, पेंशन और व्यापारिक लाभ के रूप में ब्रिटेन भेजा जा रहा है, जिससे भारत निर्धन हो रहा है। यह यूनिट 8 और यूनिट 9 का संगम है।
- Incorrect Options: यद्यपि आर. सी. दत्त ने भी इसका समर्थन किया, लेकिन मूल प्रतिपादन नौरोजी ने किया था।
Question 11: निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही नहीं है?
1. सिंधु घाटी सभ्यता — कांस्य युगीन
2. वैदिक काल — लौह युगीन
3. मौर्य काल — ताम्र युगीन
4. गुप्त काल — स्वर्ण युग (साहित्यिक)
- केवल 1
- केवल 3
- केवल 2 और 4
- कोई भी सही नहीं है
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: मौर्य काल ताम्र युगीन नहीं था; इस समय तक लोहे का व्यापक उपयोग हो चुका था।
- Context & Elaboration: सिंधु घाटी सभ्यता कांस्य (Bronze) की थी, जबकि उत्तर वैदिक काल से लोहे (Iron) का उपयोग बढ़ा, जिसने मौर्य साम्राज्य के विस्तार में मदद की। (यूनिट 1 और 2)।
- Incorrect Options: अन्य युग्म ऐतिहासिक रूप से सही हैं।
Question 12: अभिकथन (A): भक्ति आंदोलन ने जाति व्यवस्था के कठोर ढांचे को चुनौती दी।
तर्क (R): कबीर और रविदास जैसे संतों ने ईश्वर की भक्ति के लिए किसी मध्यस्थ या जातिगत श्रेष्ठता की आवश्यकता को नकार दिया।
सही विकल्प चुनें:
- (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
- (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
- (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
- (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
Answer: (a)
Detailed Explanation:
- Correctness: भक्ति आंदोलन के निर्गुण संतों ने सामाजिक समानता का संदेश दिया, जिसने जाति प्रथा के आधार को कमजोर किया।
- Context & Elaboration: कबीर की उलटबासियाँ और रविदास के पदों ने यह सिद्ध किया कि भक्ति का मार्ग सभी के लिए खुला है, चाहे उनकी जाति कुछ भी हो। (यूनिट 6)।
- Incorrect Options: यहाँ तर्क, अभिकथन की पूरी तरह व्याख्या करता है।
Question 13: मुगल सम्राट अकबर की ‘सुल्ह-ए-कुल’ की नीति का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- सभी धर्मों को समाप्त कर एक नया धर्म थोपना।
- साम्राज्य में विभिन्न धर्मों और समुदायों के बीच शांति और सहिष्णुता स्थापित करना।
- केवल हिंदुओं को प्रशासन से बाहर करना।
- सैन्य विजय के लिए धर्म का उपयोग करना।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: ‘सुल्ह-ए-कुल’ का अर्थ है ‘सार्वभौमिक शांति’। इसका उद्देश्य एक बहु-धार्मिक समाज में स्थिरता लाना था।
- Context & Elaboration: इसी नीति के तहत इबादतखाना की स्थापना हुई और दीन-ए-इलाही का विचार आया। (यूनिट 5)।
- Incorrect Options: अकबर का उद्देश्य धर्म थोपना नहीं, बल्कि समन्वय स्थापित करना था।
Question 14: निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प ‘वि-औद्योगीकरण’ (De-industrialization) की प्रक्रिया को सही ढंग से परिभाषित करता है?
- भारत में नए उद्योगों की स्थापना होना।
- पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योगों का पतन और कृषि पर निर्भरता बढ़ना।
- ब्रिटिश काल में उद्योगों का राष्ट्रीयकरण होना।
- ग्रामीण क्षेत्रों में मशीनीकरण का बढ़ना।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: वि-औद्योगीकरण वह प्रक्रिया थी जिसमें ब्रिटिश मशीन-निर्मित माल ने भारतीय हस्तशिल्प को नष्ट कर दिया।
- Context & Elaboration: इसके कारण लाखों बुनकर बेरोजगार हुए और वे खेती की ओर लौटे, जिससे कृषि पर दबाव बढ़ गया। (यूनिट 8)।
- Incorrect Options: विकल्प (a) और (c) इसके विपरीत प्रक्रियाएं हैं।
Question 15: ‘मार्क्सवादी इतिहास लेखन’ (Marxist Historiography) भारतीय इतिहास को मुख्य रूप से किस दृष्टिकोण से देखता है?
- महान व्यक्तियों और राजाओं की उपलब्धियों के रूप में।
- वर्ग संघर्ष (Class Struggle) और आर्थिक संबंधों के विकास के रूप में।
- केवल धार्मिक और सांस्कृतिक विकास के रूप में।
- औपनिवेशिक शासन की भलाई के रूप में।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: मार्क्सवादी इतिहासकार (जैसे डी. डी. कौशाम्बी) उत्पादन के साधनों और वर्ग संबंधों के आधार पर इतिहास का विश्लेषण करते हैं।
- Context & Elaboration: वे समाज को ‘शोषक’ और ‘शोषित’ वर्गों में विभाजित कर देखते हैं और आर्थिक आधार (Base) को इतिहास का चालक मानते हैं। (यूनिट 10)।
- Incorrect Options: विकल्प (a) ‘इतिहास की महान व्यक्ति’ वाली अवधारणा है, जो मार्क्सवाद के विरुद्ध है।
Question 16: निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन I: 1857 के विद्रोह को ‘सिपाही विद्रोह’ कहना केवल एक औपनिवेशिक दृष्टिकोण है।
कथन II: यह विद्रोह वास्तव में एक व्यापक जन-विद्रोह था जिसमें किसान, जमींदार और कारीगर शामिल थे।
सही विकल्प चुनें:
- केवल कथन I सही है
- केवल कथन II सही है
- दोनों कथन सही हैं और कथन II, कथन I की पुष्टि करता है।
- दोनों कथन गलत हैं।
Answer: (c)
Detailed Explanation:
- Correctness: ब्रिटिश इतिहासकारों ने इसे केवल ‘सिपाही विद्रोह’ कहकर सीमित करने की कोशिश की, लेकिन राष्ट्रवादी और सबाल्टर्न इतिहासकारों ने इसे व्यापक जन-विद्रोह साबित किया।
- Context & Elaboration: अवध जैसे क्षेत्रों में यह विद्रोह लगभग एक नागरिक युद्ध में बदल गया था, जहाँ आम जनता ने सक्रिय भाग लिया। (यूनिट 9)।
- Incorrect Options: चूंकि दोनों कथन सही हैं और एक-दूसरे से जुड़े हैं, इसलिए (c) सही है।
Question 17: सल्तनत काल और मुगल काल के बीच प्रशासनिक निरंतरता (Continuity) का उदाहरण क्या है?
- सिक्कों का पूर्ण अभाव।
- राजस्व संग्रह के लिए ‘जागीर/इक्ता’ जैसी भूमि अनुदान प्रणालियों का उपयोग।
- धर्मनिरपेक्षता का पूर्ण पालन।
- राजधानी का एक ही स्थान पर रहना।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: सल्तनत की ‘इक्ता’ प्रणाली और मुगलों की ‘जागीरदारी’ प्रणाली दोनों ही सैन्य सेवा के बदले भूमि राजस्व देने के सिद्धांत पर आधारित थीं।
- Context & Elaboration: हालांकि मुगलों ने इसे अधिक व्यवस्थित (Mansabdari) किया, लेकिन मूल विचार भूमि के माध्यम से नियंत्रण करना था। (यूनिट 4 और 5)।
- Incorrect Options: राजधानी बदलती रही और धर्म का प्रभाव दोनों काल में अलग-अलग स्तर पर था।
Question 18: प्राचीन भारत में ‘श्रेणी’ (Guilds) का मुख्य कार्य क्या था?
- केवल धार्मिक अनुष्ठान करना।
- व्यापारियों और कारीगरों के हितों की रक्षा करना और बैंकिंग कार्य करना।
- राजा के विरुद्ध विद्रोह की योजना बनाना।
- विदेशों में युद्ध लड़ना।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: श्रेणियाँ व्यावसायिक संगठनों की तरह थीं जो गुणवत्ता नियंत्रण, मूल्य निर्धारण और ऋण देने का कार्य करती थीं।
- Context & Elaboration: मौर्य और गुप्त काल में श्रेणियाँ आर्थिक स्थिरता का मुख्य आधार थीं। वे कभी-कभी मंदिरों को दान भी देती थीं। (यूनिट 1 और 2)।
- Incorrect Options: श्रेणियाँ राजनीतिक विद्रोह के लिए नहीं, बल्कि आर्थिक लाभ के लिए बनी थीं।
Question 19: ‘रैयतवारी’ (Ryotwari) व्यवस्था के बारे में क्या सही है?
- इसमें जमींदार को भूमि का मालिक बनाया गया।
- इसमें सरकार ने सीधे किसानों (रैयत) के साथ समझौता किया।
- यह केवल बंगाल प्रांत में लागू थी।
- इसमें कर की दरें स्थायी रूप से निश्चित थीं।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: थॉमस मुनरो द्वारा शुरू की गई इस व्यवस्था में बिचौलियों (जमींदारों) को हटाकर सीधे किसानों से कर लिया गया।
- Context & Elaboration: यह मुख्य रूप से मद्रास और बॉम्बे प्रेसीडेंसी में लागू थी। इसका उद्देश्य राजस्व बढ़ाना और जमींदारों के प्रभाव को कम करना था। (यूनिट 8)।
- Incorrect Options: विकल्प (a) स्थायी बंदोबस्त की विशेषता है, और विकल्प (c) भी गलत है।
Question 20: निम्नलिखित को सुमेलित करें:
सूची I (आंदोलन) — सूची II (वर्ष)
1. स्वदेशी आंदोलन — A. 1930
2. सविनय अवज्ञा आंदोलन — B. 1905
3. भारत छोड़ो आंदोलन — C. 1942
4. व्यक्तिगत सत्याग्रह — D. 1940
- 1-B, 2-A, 3-C, 4-D
- 1-A, 2-B, 3-D, 4-C
- 1-C, 2-D, 3-A, 4-B
- 1-B, 2-C, 3-A, 4-D
Answer: (a)
Detailed Explanation:
- Correctness: स्वदेशी (1905 – बंगाल विभाजन के विरोध में), सविनय अवज्ञा (1930 – दांडी मार्च), भारत छोड़ो (1942 – Quit India), व्यक्तिगत सत्याग्रह (1940)।
- Context & Elaboration: ये आंदोलन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विभिन्न चरणों (उदारवादी $\rightarrow$ उग्रवादी $\rightarrow$ गांधीवादी) को दर्शाते हैं। (यूनिट 9)।
- Incorrect Options: अन्य विकल्प कालानुक्रमिक रूप से गलत हैं।
Question 21: ‘पॉजिटिविज्म’ (Positivism) का इतिहास लेखन पर क्या प्रभाव पड़ा?
- इतिहास को पूरी तरह से कल्पना पर आधारित कर दिया।
- तथ्यों के वैज्ञानिक संकलन और दस्तावेजी साक्ष्यों पर अत्यधिक जोर दिया।
- केवल मौखिक परंपराओं को स्वीकार किया।
- इतिहास को केवल धर्म के चश्मे से देखा।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: पॉजिटिविज्म इस विचार पर आधारित है कि केवल वही सत्य है जिसे अनुभवजन्य (Empirical) साक्ष्यों द्वारा सिद्ध किया जा सके।
- Context & Elaboration: इसने इतिहास को एक ‘विज्ञान’ बनाने की कोशिश की, जहाँ अभिलेखों और सिक्कों जैसे भौतिक साक्ष्यों को प्राथमिकता दी गई। (यूनिट 10)।
- Incorrect Options: विकल्प (a) और (c) पॉजिटिविज्म के मूल सिद्धांत के विपरीत हैं।
Question 22: विजयनगर साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में ‘नायंकर’ (Nayankar) प्रणाली क्या थी?
- एक धार्मिक परिषद जो मंदिर चलाती थी।
- एक सैन्य सामंतवादी प्रणाली जहाँ नायक राजा से भूमि प्राप्त करते थे और सैन्य सहायता देते थे।
- एक विदेशी व्यापारिक संगठन।
- किसानों का एक सहकारी संघ।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: नायंकर प्रणाली में राजा अपने सैन्य कमांडरों (नायकों) को भूमि (अमरम) प्रदान करता था, जिसके बदले में वे राजा को सैनिक सहायता प्रदान करते थे।
- Context & Elaboration: यह प्रणाली साम्राज्य के विस्तार और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण थी, लेकिन बाद में इसने विकेंद्रीकरण को बढ़ावा दिया। (यूनिट 3 और 5)।
- Incorrect Options: विकल्प (a), (c) और (d) का नायंकर प्रणाली से कोई संबंध नहीं है।
Question 23: ‘इतिहास की राष्ट्रवादी व्याख्या’ (Nationalist Interpretation) का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- ब्रिटिश शासन की प्रशंसा करना।
- भारतीय अतीत की गौरवगाथा को पुनर्जीवित कर औपनिवेशिक हीनता की भावना को समाप्त करना।
- भारतीय संस्कृति को पूरी तरह नकारना।
- केवल प्राचीन राजाओं की वंशावली बनाना।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: राष्ट्रवादी इतिहासकारों ने यह सिद्ध करने का प्रयास किया कि भारत का अतीत समृद्ध और लोकतांत्रिक था, ताकि स्वतंत्रता के लिए प्रेरणा मिल सके।
- Context & Elaboration: आर. सी. मजूमदार और के. पी. एस. अय्यर जैसे इतिहासकारों ने इस धारा में महत्वपूर्ण कार्य किया। (यूनिट 10)।
- Incorrect Options: विकल्प (a) औपनिवेशिक (Colonial) इतिहास लेखन का उद्देश्य था।
Question 24: मौर्य प्रशासन में ‘अध्यक्षों’ (Adhyakshas) की भूमिका क्या थी?
- वे केवल धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन करते थे।
- वे विभिन्न आर्थिक और प्रशासनिक विभागों (जैसे कृषि, व्यापार, माप-तौल) के प्रमुख थे।
- वे केवल विदेशी राजदूत थे।
- वे राजा के निजी अंगरक्षक थे।
Answer: (b)
Detailed Explanation:
- Correctness: अर्थशास्त्र के अनुसार, मौर्य साम्राज्य में एक विस्तृत नौकरशाही थी जिसमें विभिन्न विभागों के लिए ‘अध्यक्ष’ नियुक्त थे।
- Context & Elaboration: जैसे ‘पण्याध्यक्ष’ (व्यापार का अध्यक्ष) और ‘सीताध्यक्ष’ (कृषि का अध्यक्ष)। यह अत्यधिक केंद्रीकृत शासन का प्रमाण है। (यूनिट 2)।
- Incorrect Options: विकल्प (a) और (c) उनके वास्तविक प्रशासनिक कार्यों को नहीं दर्शाते।
Question 25: अभिकथन (A): 19वीं सदी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों ने भारतीय राष्ट्रवाद के उदय के लिए आधार तैयार किया।
तर्क (R): इन आंदोलनों ने तर्कवाद (Rationalism) और मानवीय गरिमा पर जोर दिया, जिससे लोगों में चेतना जागी।
सही विकल्प चुनें:
- (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
- (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
- (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
- (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
Answer: (a)
Detailed Explanation:
- Correctness: ब्रह्म समाज, आर्य समाज जैसे आंदोलनों ने समाज की कुरीतियों को दूर कर एक आधुनिक और जागरूक समाज का निर्माण किया।
- Context & Elaboration: जब लोगों ने अपनी सामाजिक स्थिति और अधिकारों के बारे में सोचना शुरू किया, तो यह राजनीतिक जागरूकता (राष्ट्रवाद) में बदल गया। यह यूनिट 8 और यूनिट 9 का सीधा संबंध है।
- Incorrect Options: तर्क, अभिकथन की पूरी तरह और तार्किक व्याख्या करता है।
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