UGC NET JRF Political Science: उच्च स्तरीय इंटरडिसिप्लिनरी अभ्यास प्रश्नोत्तरी
राजनीति विज्ञान के शोधार्थियों और JRF उम्मीदवारों के लिए यह विशेष अभ्यास सेट तैयार किया गया है। NTA के नवीनतम पैटर्न के अनुसार, अब प्रश्न केवल एक इकाई (Unit) से नहीं, बल्कि विभिन्न अवधारणाओं के मिश्रण से पूछे जाते हैं। अपनी वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक क्षमता का परीक्षण करें और देखें कि आप इस चुनौतीपूर्ण परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं।
UGC NET Political Science: Mixed Conceptual Questions
निर्देश: निम्नलिखित 25 प्रश्नों को हल करें और नीचे दिए गए विस्तृत स्पष्टीकरणों के माध्यम से अपनी तैयारी का विश्लेषण करें।
प्रश्न 1:
कथन (I): जॉन रॉल्स का ‘न्याय का सिद्धांत’ (A Theory of Justice) भारतीय संविधान के राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों (DPSP) के सामाजिक-आर्थिक न्याय के लक्ष्यों के साथ वैचारिक समानता रखता है।
कथन (II): रॉल्स का ‘अंतर सिद्धांत’ (Difference Principle) समाज के सबसे कम सुविधा प्राप्त वर्ग के अधिकतम लाभ की वकालत करता है।
- कथन (I) सही है, लेकिन कथन (II) गलत है।
- कथन (II) सही है, लेकिन कथन (I) गलत है।
- दोनों कथन (I) और (II) सही हैं और कथन (II), कथन (I) की सही व्याख्या करता है।
- दोनों कथन (I) और (II) सही हैं, लेकिन कथन (II), कथन (I) की सही व्याख्या नहीं करता है।
उत्तर: (c)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: जॉन रॉल्स (इकाई 1) का अंतर सिद्धांत यह तर्क देता है कि सामाजिक और आर्थिक असमानताएं तभी स्वीकार्य हैं जब वे समाज के सबसे वंचित वर्ग को अधिकतम लाभ पहुँचाएं। यह अवधारणा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 38 और 39 (इकाई 3) के लक्ष्यों से मेल खाती है, जो आय और संसाधनों के समान वितरण तथा सामाजिक न्याय पर बल देते हैं।
- संदर्भ विस्तार: रॉल्स की ‘अज्ञानता के पर्दे’ (Veil of Ignorance) की अवधारणा एक निष्पक्ष वितरण प्रणाली की मांग करती है, जो भारतीय संविधान की प्रस्तावना में निहित ‘सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय’ के संकल्प का दार्शनिक आधार बनती है।
- अन्य विकल्प: चूंकि दोनों कथन सत्य हैं और रॉल्स का विशिष्ट सिद्धांत (Difference Principle) यह स्पष्ट करता है कि वह न्याय कैसे प्राप्त करता है, इसलिए यह कथन (I) की सटीक व्याख्या है।
प्रश्न 2:
सूची I (राजनीतिक विचारक) को सूची II (मुख्य अवधारणा) के साथ सुमेलित करें:
सूची I: (A) कौटिल्य, (B) बी.आर. अंबेडकर, (C) जे.एस. मिल, (D) कार्ल मार्क्स
सूची II: (i) संवैधानिक नैतिकता, (ii) सप्तांग सिद्धांत, (iii) ऐतिहासिक भौतिकवाद, (iv) हानि सिद्धांत (Harm Principle)
- A-(ii), B-(i), C-(iv), D-(iii)
- A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv)
- A-(ii), B-(iv), C-(i), D-(iii)
- A-(iii), B-(i), C-(iv), D-(ii)
उत्तर: (a)
Detailed Explanation:
- सही मिलान और संदर्भ: कौटिल्य (इकाई 2) ने राज्य के सात अंगों का ‘सप्तांग सिद्धांत’ दिया। बी.आर. अंबेडकर (इकाई 2/3) ने लोकतंत्र की सफलता के लिए ‘संवैधानिक नैतिकता’ (Constitutional Morality) पर जोर दिया। जे.एस. मिल (इकाई 1) ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता के लिए ‘हानि सिद्धांत’ दिया और मार्क्स (इकाई 1/2) ने समाज के विकास को आर्थिक आधारों पर ‘ऐतिहासिक भौतिकवाद’ के माध्यम से समझाया।
- संदर्भ विस्तार: यह प्रश्न राजनीतिक विचारकों के सिद्धांतों को संवैधानिक और सैद्धांतिक ढांचे के साथ जोड़ता है, जो NET के इंटरडिसिप्लिनरी पैटर्न का हिस्सा है।
- अन्य विकल्प: अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि वे विचारकों को उनकी मौलिक अवधारणाओं से गलत तरीके से जोड़ते हैं।
प्रश्न 3:
अभिकथन (A): अंतरराष्ट्रीय संबंधों में ‘रचनावाद’ (Constructivism) यह मानता है कि राज्य के हित स्थिर नहीं होते, बल्कि वे सामाजिक अंतःक्रियाओं और पहचान के माध्यम से निर्मित होते हैं।
कारण (R): भारत की ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की विदेश नीति केवल यथार्थवादी हितों पर आधारित न होकर एक सांस्कृतिक और वैश्विक पहचान के निर्माण का प्रयास है।
- (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
- (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
- (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
- (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
उत्तर: (a)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: रचनावाद (इकाई 5) का मुख्य तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति केवल भौतिक शक्ति (Material Power) से नहीं, बल्कि विचारों, मानदंडों और पहचान से संचालित होती है। भारत की ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की अवधारणा (इकाई 6) इसी का उदाहरण है, जहाँ भारत स्वयं को एक ‘विश्व गुरु’ या ‘शांति दूत’ के रूप में पहचान देता है, जो यथार्थवाद (Realism) के केवल शक्ति-केंद्रित दृष्टिकोण से अलग है।
- संदर्भ विस्तार: अलेक्जेंडर वेंड्ट जैसे रचनावादियों का तर्क है कि “अराजकता वह है जो राज्य इसे बनाते हैं।” इसी तरह, भारत का वैश्विक व्यवहार उसकी सांस्कृतिक पहचान और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के निर्माण से प्रभावित है।
- अन्य विकल्प: क्योंकि कारण (R) यह स्पष्ट करता है कि कैसे एक विशिष्ट विदेश नीति रचनावादी सिद्धांत का व्यावहारिक अनुप्रयोग है, इसलिए यह सही व्याख्या है।
प्रश्न 4:
कथन (I): ‘नव लोक प्रबंधन’ (New Public Management – NPM) सार्वजनिक प्रशासन में बाजार सिद्धांतों और दक्षता (Efficiency) के समावेश पर बल देता है।
कथन (II): भारत में ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ (Minimum Government, Maximum Governance) का नारा NPM के सिद्धांतों से प्रेरित है।
- कथन (I) सही है, लेकिन कथन (II) गलत है।
- कथन (II) सही है, लेकिन कथन (I) गलत है।
- दोनों कथन (I) और (II) सही हैं और कथन (II), कथन (I) की सही व्याख्या करता है।
- दोनों कथन (I) और (II) सही हैं, लेकिन कथन (II), कथन (I) की सही व्याख्या नहीं करता है।
उत्तर: (c)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: NPM (इकाई 9) लोक प्रशासन में निजी क्षेत्र की प्रबंधन तकनीकों, प्रतिस्पर्धा और परिणामों (Outcomes) पर ध्यान केंद्रित करता है। भारत सरकार का ‘Maximum Governance’ मॉडल (इकाई 10) नौकरशाही की जटिलताओं को कम करने और ई-गवर्नेंस के माध्यम से दक्षता बढ़ाने का प्रयास करता है, जो सीधे तौर पर NPM के दर्शन से प्रेरित है।
- संदर्भ विस्तार: NPM का उद्देश्य राज्य की भूमिका को ‘चलाने वाले’ (Rowing) से बदलकर ‘निर्देश देने वाले’ (Steering) की बनाना है, जो ‘न्यूनतम सरकार’ के विचार का मूल है।
- अन्य विकल्प: चूंकि दोनों कथन सत्य हैं और शासन मॉडल का आधार NPM है, अतः विकल्प (c) सही है।
प्रश्न 5:
निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
(A) मौलिक अधिकार – नकारात्मक दायित्व (Negative Obligations)
(B) नीति निर्देशक तत्व – सकारात्मक दायित्व (Positive Obligations)
(C) न्यायिक पुनरावलोकन – अनुच्छेद 13
(D) संवैधानिक उपचार – अनुच्छेद 226 (केवल सर्वोच्च न्यायालय के लिए)
- केवल (A)
- केवल (B)
- केवल (C)
- केवल (D)
उत्तर: (d)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: विकल्प (D) गलत है क्योंकि अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालयों (High Courts) को रिट जारी करने की शक्ति प्रदान करता है, जबकि सर्वोच्च न्यायालय के लिए अनुच्छेद 32 का प्रावधान है।
- संदर्भ विस्तार: मौलिक अधिकार राज्य को कुछ कार्य करने से रोकते हैं (जैसे भेदभाव न करना), इसलिए इन्हें ‘नकारात्मक दायित्व’ कहा जाता है। इसके विपरीत, DPSP राज्य को कुछ कार्य करने का निर्देश देते हैं, इसलिए ये ‘सकारात्मक दायित्व’ हैं। अनुच्छेद 13 न्यायिक पुनरावलोकन का आधार प्रदान करता है।
- अन्य विकल्प: (A), (B) और (C) संवैधानिक रूप से पूरी तरह सही हैं।
प्रश्न 6:
अभिकथन (A): नारीवादी राजनीतिक सिद्धांत (Feminist Theory) का तर्क है कि ‘निजी क्षेत्र’ (Private Sphere) भी राजनीतिक होता है।
कारण (R): भारतीय संविधान के 73वें और 74वें संशोधन ने स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण प्रदान कर उनके राजनीतिक सशक्तीकरण को घरेलू दायरे से बाहर निकाला है।
- (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
- (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
- (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
- (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
उत्तर: (b)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: नारीवाद का प्रसिद्ध नारा “The Personal is Political” (निजी ही राजनीतिक है) यह बताता है कि परिवार और घरेलू संबंधों के भीतर की सत्ता संरचनाएं भी राजनीतिक होती हैं (इकाई 1)। वहीं, 73वें और 74वें संशोधन (इकाई 3/7) ने महिलाओं को औपचारिक राजनीतिक सत्ता प्रदान की है।
- संदर्भ विस्तार: हालांकि दोनों कथन सत्य हैं, लेकिन स्थानीय निकायों में आरक्षण एक ‘संस्थागत सुधार’ है, जबकि “निजी क्षेत्र का राजनीतिक होना” एक ‘सैद्धांतिक विश्लेषण’ है। आरक्षण ने महिलाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में लाया है, लेकिन यह इस बात की व्याख्या नहीं करता कि निजी क्षेत्र राजनीतिक क्यों है।
- अन्य विकल्प: (A) और (R) स्वतंत्र रूप से सत्य हैं, लेकिन उनके बीच कार्य-कारण संबंध (Causal Link) नहीं है।
प्रश्न 7:
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन I: संसदीय प्रणाली में कार्यपालिका, विधायिका का एक हिस्सा होती है और उसके प्रति उत्तरदायी होती है।
कथन II: भारत में राष्ट्रपति की स्थिति अमेरिका के राष्ट्रपति के समान है क्योंकि दोनों राष्ट्र के प्रमुख (Head of State) होते हैं।
- कथन I और II दोनों सही हैं।
- कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है।
- कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है।
- दोनों कथन गलत हैं।
उत्तर: (b)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: कथन I सही है क्योंकि भारतीय संसदीय प्रणाली (इकाई 4/7) में मंत्री परिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है। कथन II गलत है क्योंकि अमेरिका में ‘अध्यक्षात्मक प्रणाली’ है जहाँ राष्ट्रपति वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख होता है, जबकि भारत में राष्ट्रपति केवल ‘नाममात्र’ का प्रमुख है और वास्तविक शक्तियां प्रधानमंत्री के पास होती हैं।
- संदर्भ विस्तार: तुलनात्मक राजनीति (Comparative Politics) के अनुसार, अमेरिका में कार्यपालिका और विधायिका का सख्त पृथक्करण (Separation of Powers) होता है, जबकि भारत में इनके बीच समन्वय (Coordination) होता है।
- अन्य विकल्प: कथन II की गलतता के कारण विकल्प (a) और (c) खारिज हो जाते हैं।
प्रश्न 8:
‘संवैधानिक नैतिकता’ (Constitutional Morality) का अर्थ निम्नलिखित में से क्या है?
(A) संविधान के शब्दों का अक्षरश: पालन करना।
(B) संविधान के मूल आदर्शों, लोकतांत्रिक मूल्यों और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता।
(C) केवल बहुमत के शासन को स्वीकार करना।
(D) न्यायालयों के आदेशों का बिना प्रश्न के पालन करना।
- (A)
- (B)
- (C)
- (D)
उत्तर: (b)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: बी.आर. अंबेडकर के अनुसार, संवैधानिक नैतिकता केवल कानूनी नियमों का पालन नहीं है, बल्कि उन मूल्यों (स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व) का पालन करना है जिन पर संविधान टिका है (इकाई 2/3)।
- संदर्भ विस्तार: हाल के वर्षों में सर्वोच्च न्यायालय ने ‘सबरीमाला’ और ‘नवतेज सिंह जोहर’ जैसे मामलों में संवैधानिक नैतिकता का उपयोग करके सामाजिक नैतिकता (Social Morality) के ऊपर संवैधानिक मूल्यों को प्राथमिकता दी है।
- अन्य विकल्प: केवल शब्दों का पालन करना (A) या बहुमत का शासन (C) संवैधानिक नैतिकता नहीं है, क्योंकि यह अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की अनदेखी कर सकता है।
प्रश्न 9:
यदि हम अंतरराष्ट्रीय संबंधों में ‘यथार्थवाद’ (Realism) को भारतीय विदेश नीति के संदर्भ में देखें, तो निम्नलिखित में से कौन सा उदाहरण सबसे सटीक है?
(A) संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) के माध्यम से वैश्विक शांति का प्रयास।
(B) ‘गुटनिरपेक्षता’ (Non-Alignment) का आदर्शवादी पालन।
(C) चीन के साथ सीमा विवाद के कारण अपनी सैन्य क्षमता का विस्तार करना।
(D) पड़ोसी देशों को बिना किसी शर्त के वित्तीय सहायता देना।
- (A)
- (B)
- (C)
- (D)
उत्तर: (c)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: यथार्थवाद (इकाई 5) का मूल मंत्र ‘शक्ति’ (Power), ‘राष्ट्रीय हित’ (National Interest) और ‘अस्तित्व’ (Survival) है। चीन के साथ सीमा तनाव के जवाब में भारत का सैन्य आधुनिकीकरण और सामरिक गठबंधन (जैसे QUAD) यथार्थवादी दृष्टिकोण का उदाहरण है (इकाई 6)।
- संदर्भ विस्तार: यथार्थवादी मानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई केंद्रीय सत्ता नहीं है (Anarchy), इसलिए राज्य को अपनी सुरक्षा स्वयं करनी होती है (Self-help)।
- अन्य विकल्प: (A) और (B) आदर्शवाद (Idealism) या उदारवाद (Liberalism) के करीब हैं, जबकि (D) एक परोपकारी दृष्टिकोण है, यथार्थवादी नहीं।
प्रश्न 10:
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन I: 42वें संविधान संशोधन अधिनियम (1976) ने प्रस्तावना में ‘समाजवादी’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द जोड़े।
कथन II: भारतीय धर्मनिरपेक्षता (Secularism) का अर्थ धर्म का राज्य से पूर्ण अलगाव (Strict Separation) है, जैसा कि फ्रांस या अमेरिका में है।
- कथन I और II दोनों सही हैं।
- कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है।
- कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है।
- दोनों कथन गलत हैं।
उत्तर: (b)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: कथन I बिल्कुल सही है (इकाई 3)। कथन II गलत है क्योंकि भारतीय धर्मनिरपेक्षता ‘सर्वधर्म समभाव’ या ‘सैद्धांतिक दूरी’ (Principled Distance) के सिद्धांत पर आधारित है। भारत में राज्य धर्म से पूरी तरह अलग नहीं है, बल्कि वह सभी धर्मों को समान सम्मान देता है और आवश्यकता पड़ने पर सामाजिक सुधार के लिए हस्तक्षेप कर सकता है।
- संदर्भ विस्तार: पश्चिमी धर्मनिरपेक्षता (Wall of Separation) और भारतीय धर्मनिरपेक्षता (Equal Respect) में मौलिक अंतर है।
- अन्य विकल्प: कथन II की वैचारिक त्रुटि के कारण विकल्प (b) सही है।
प्रश्न 11:
निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प ‘सुशासन’ (Good Governance) के स्तंभों का सही समूह है?
(A) गोपनीयता, केंद्रीकरण, नौकरशाही नियंत्रण।
(B) पारदर्शिता, जवाबदेही, सहभागिता और कानून का शासन।
(C) केवल आर्थिक विकास और सैन्य शक्ति।
(D) एकदलीय शासन और त्वरित निर्णय प्रक्रिया।
- (A)
- (B)
- (C)
- (D)
उत्तर: (b)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: सुशासन (इकाई 10) के मुख्य तत्व पारदर्शिता (Transparency), जवाबदेही (Accountability), जन-सहभागिता (Participation), प्रभावशीलता और कानून का शासन (Rule of Law) हैं।
- संदर्भ विस्तार: RTI अधिनियम 2005 पारदर्शिता को बढ़ावा देता है, जबकि लोकपाल और लोकायुक्त जवाबदेही सुनिश्चित करते हैं।
- अन्य विकल्प: गोपनीयता और केंद्रीकरण (A) सुशासन के विपरीत हैं। आर्थिक विकास (C) विकास का पैमाना है, शासन की गुणवत्ता का नहीं।
प्रश्न 12:
अभिकथन (A): मैक्स वेबर के अनुसार, आधुनिक नौकरशाही (Bureaucracy) का सबसे तर्कसंगत रूप ‘कानूनी-तार्किक सत्ता’ (Legal-Rational Authority) पर आधारित होता है।
कारण (R): भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में भर्ती और पदोन्नति के नियम लिखित कानूनों और योग्यता के आधार पर तय होते हैं।
- (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
- (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
- (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
- (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
उत्तर: (a)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: मैक्स वेबर (इकाई 9) ने नौकरशाही को ‘कानूनी-तार्किक सत्ता’ का उदाहरण माना, जहाँ सत्ता किसी व्यक्ति में नहीं बल्कि ‘पद’ और ‘नियमों’ में निहित होती है। भारतीय सिविल सेवा (इकाई 7) इसी मॉडल पर आधारित है जहाँ UPSC जैसी संस्था योग्यता के आधार पर चयन करती है और कार्य संचालन लिखित नियमों (Manuals) द्वारा होता है।
- संदर्भ विस्तार: यह पारंपरिक सत्ता (Traditional) और करिश्माई सत्ता (Charismatic) से भिन्न है क्योंकि यहाँ व्यक्तिगत पसंद के बजाय योग्यता (Merit) प्रधान है।
- अन्य विकल्प: क्योंकि (R) प्रत्यक्ष रूप से (A) के सैद्धांतिक ढांचे का व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत करता है, इसलिए यह सही व्याख्या है।
प्रश्न 13:
सूची I (संविधान का भाग) को सूची II (विषय) के साथ सुमेलित करें:
सूची I: (A) भाग III, (B) भाग IV, (C) भाग IVA, (D) भाग IX
सूची II: (i) मौलिक कर्तव्य, (ii) मौलिक अधिकार, (iii) पंचायतें, (iv) नीति निर्देशक तत्व
- A-(ii), B-(iv), C-(i), D-(iii)
- A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv)
- A-(iv), B-(ii), C-(i), D-(iii)
- A-(ii), B-(i), C-(iv), D-(iii)
उत्तर: (a)
Detailed Explanation:
- सही मिलान और संदर्भ: भाग III में मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 12-35), भाग IV में DPSP (अनुच्छेद 36-51), भाग IVA में मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51A) और भाग IX में पंचायतों का प्रावधान है।
- संदर्भ विस्तार: भाग IVA को 42वें संशोधन (1976) द्वारा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर जोड़ा गया था।
- अन्य विकल्प: अन्य विकल्प भागों और उनके संबंधित विषयों का गलत मिलान करते हैं।
प्रश्न 14:
‘लोकतंत्र’ के संदर्भ में ‘बहुमत की निरंकुशता’ (Tyranny of the Majority) की अवधारणा किसने विकसित की थी?
(A) थॉमस हॉब्स
(B) एलेक्सिस डी टोकविले और जे.एस. मिल
(C) जीन-जैक्स रूसो
(D) जॉन लॉक
- (A)
- (B)
- (C)
- (D)
उत्तर: (b)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: जे.एस. मिल और डी टोकविले (इकाई 1) ने चेतावनी दी थी कि लोकतंत्र में केवल संख्याबल (बहुमत) का शासन अल्पसंख्यकों के विचारों और अधिकारों को दबा सकता है।
- संदर्भ विस्तार: इसी डर के कारण भारतीय संविधान में ‘मौलिक अधिकारों’ का प्रावधान किया गया है, ताकि बहुमत वाली सरकार भी व्यक्ति के बुनियादी अधिकारों का हनन न कर सके।
- अन्य विकल्प: रूसो (C) ‘सामान्य इच्छा’ (General Will) की बात करते हैं, जबकि लॉक (D) प्राकृतिक अधिकारों के प्रबल समर्थक थे।
प्रश्न 15:
निम्नलिखित में से कौन सा मामला ‘संविधान के बुनियादी ढांचे’ (Basic Structure Doctrine) के सिद्धांत से संबंधित नहीं है?
(A) केशवानंद भारती मामला (1973)
(B) इंदिरा गांधी बनाम राजनारायण (1975)
(C) मिनर्वा मिल्स मामला (1980)
(D) गोलकनाथ मामला (1967)
- (A)
- (B)
- (C)
- (D)
उत्तर: (d)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: बुनियादी ढांचे का सिद्धांत (Basic Structure Doctrine) 1973 के केशवानंद भारती मामले में प्रतिपादित किया गया था। गोलकनाथ मामला (1967) इससे पहले आया था, जिसमें न्यायालय ने कहा था कि संसद मौलिक अधिकारों में कटौती नहीं कर सकती, लेकिन तब ‘बुनियादी ढांचे’ का सिद्धांत नहीं आया था।
- संदर्भ विस्तार: मिनर्वा मिल्स मामले में न्यायालय ने मौलिक अधिकारों और DPSP के बीच संतुलन को बुनियादी ढांचा माना।
- अन्य विकल्प: (A), (B) और (C) तीनों ही बुनियादी ढांचे के सिद्धांत को विकसित और पुख्ता करने वाले मामले हैं।
प्रश्न 16:
अभिकथन (A): भारत में ‘सहकारी संघवाद’ (Cooperative Federalism) की अवधारणा केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय और सहयोग पर आधारित है।
कारण (R): जीएसटी परिषद (GST Council) एक ऐसा मंच है जहाँ केंद्र और राज्य एक साथ मिलकर कर संबंधी निर्णय लेते हैं।
- (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
- (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
- (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
- (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
उत्तर: (a)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: सहकारी संघवाद (इकाई 3/4) का अर्थ है कि केंद्र और राज्य प्रतिद्वंद्वी होने के बजाय भागीदार के रूप में कार्य करें। जीएसटी परिषद (इकाई 7) इसका सबसे आधुनिक उदाहरण है क्योंकि यहाँ केंद्र का वोटिंग पावर राज्यों के सामूहिक वोटिंग पावर के साथ मिलकर काम करता है।
- संदर्भ विस्तार: यह ‘प्रतिस्पर्धी संघवाद’ (Competitive Federalism) से अलग है, जहाँ राज्य निवेश के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हैं।
- अन्य विकल्प: चूंकि जीएसटी परिषद सहकारी संघवाद का एक व्यावहारिक संस्थान है, इसलिए विकल्प (a) सही है।
प्रश्न 17:
निम्नलिखित में से कौन सा दृष्टिकोण अंतरराष्ट्रीय संबंधों में ‘यथार्थवाद’ (Realism) के बजाय ‘उदारवाद’ (Liberalism) का प्रतिनिधित्व करता है?
(A) सुरक्षा दुविधा (Security Dilemma)
(B) शक्ति संतुलन (Balance of Power)
(C) सामूहिक सुरक्षा (Collective Security)
(D) शून्य-योग खेल (Zero-sum Game)
- (A)
- (B)
- (C)
- (D)
उत्तर: (c)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: सामूहिक सुरक्षा (इकाई 5) उदारवादी दृष्टिकोण है, जो यह मानता है कि अंतरराष्ट्रीय संगठनों (जैसे UN) और आपसी सहयोग के माध्यम से युद्धों को रोका जा सकता है।
- संदर्भ विस्तार: सुरक्षा दुविधा, शक्ति संतुलन और शून्य-योग खेल पूरी तरह से यथार्थवादी (Realist) अवधारणाएं हैं, जो प्रतिस्पर्धा और अविश्वास पर आधारित हैं।
- अन्य विकल्प: (A), (B) और (D) यह मानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति केवल संघर्ष है, जबकि (C) सहयोग की संभावना देखता है।
प्रश्न 18:
कथन I: भारत के राष्ट्रपति को अनुच्छेद 72 के तहत क्षमादान की शक्ति प्राप्त है।
कथन II: राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति न्यायिक प्रकृति की है और इसकी न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) नहीं की जा सकती।
- कथन I और II दोनों सही हैं।
- कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है।
- कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है।
- दोनों कथन गलत हैं।
उत्तर: (b)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: कथन I सही है (अनुच्छेद 72)। कथन II गलत है क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय ने कई फैसलों में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति मनमानी नहीं हो सकती और यदि यह तर्कहीन या दुर्भावनापूर्ण है, तो इसकी न्यायिक समीक्षा की जा सकती है।
- संदर्भ विस्तार: यह शक्ति राष्ट्रपति की विवेकाधीन शक्ति तो है, लेकिन यह संविधान के ऊपर नहीं है।
- अन्य विकल्प: कथन II की न्यायिक त्रुटि के कारण विकल्प (b) सही है।
प्रश्न 19:
‘मार्क्सवाद’ (Marxism) के अनुसार, राज्य (State) क्या है?
(A) सामान्य इच्छा (General Will) की अभिव्यक्ति।
(B) एक तटस्थ संस्था जो सबका कल्याण करती है।
(C) प्रभुत्वशाली वर्ग (Dominant Class) के दमन का एक यंत्र।
(D) केवल कानून और व्यवस्था बनाए रखने वाला एक प्रबंधक।
- (A)
- (B)
- (C)
- (D)
उत्तर: (c)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: मार्क्स (इकाई 1/2) के अनुसार, राज्य कोई निष्पक्ष संस्था नहीं है, बल्कि वह ‘बुर्जुआ’ (पूंजीपति वर्ग) का एक उपकरण है जिसका उपयोग सर्वहारा वर्ग (श्रमिक वर्ग) को दबाने के लिए किया जाता है।
- संदर्भ विस्तार: मार्क्सवाद का अंतिम लक्ष्य राज्य का विलोपन (Withering away of the state) है, जहाँ वर्गविहीन समाज की स्थापना होगी।
- अन्य विकल्प: (A) रूसो का विचार है, (B) उदारवादी विचार है, और (D) प्रबंधकीय दृष्टिकोण है।
प्रश्न 20:
निम्नलिखित में से कौन सा युग्म गलत है?
(A) भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) – अनुच्छेद 148
(B) भारत का चुनाव आयोग (ECI) – अनुच्छेद 324
(C) वित्त आयोग (Finance Commission) – अनुच्छेद 280
(D) संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) – अनुच्छेद 312
- (A)
- (B)
- (C)
- (D)
उत्तर: (d)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: UPSC का प्रावधान अनुच्छेद 315 से 323 तक है। अनुच्छेद 312 अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services) के सृजन से संबंधित है।
- संदर्भ विस्तार: CAG (148), ECI (324) और वित्त आयोग (280) सभी संवैधानिक निकाय हैं जिनके लेख सही दिए गए हैं।
- अन्य विकल्प: (A), (B) और (C) पूरी तरह सही सुमेलित हैं।
प्रश्न 21:
अभिकथन (A): भारत में ‘दबाव समूह’ (Pressure Groups) औपचारिक राजनीतिक दल नहीं होते, लेकिन वे नीति निर्माण को प्रभावित करते हैं।
कारण (R) : FICCI और किसान यूनियन जैसे समूह अपनी मांगों को मनवाने के लिए लॉबिंग और आंदोलनों का सहारा लेते हैं।
- (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
- (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
- (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
- (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
उत्तर: (a)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: दबाव समूह (इकाई 8) वे संगठन होते हैं जो चुनाव नहीं लड़ते, लेकिन सरकार पर दबाव डालकर अपने हितों की रक्षा करते हैं। FICCI (व्यापारिक) और किसान यूनियन (कृषि) इसके सटीक उदाहरण हैं।
- संदर्भ विस्तार: राजनीतिक दल सत्ता प्राप्ति के लिए लड़ते हैं, जबकि दबाव समूह केवल प्रभाव (Influence) डालने के लिए कार्य करते हैं।
- अन्य विकल्प: चूंकि (R) दबाव समूहों की कार्यप्रणाली का उदाहरण देकर (A) की पुष्टि करता है, अतः विकल्प (a) सही है।
प्रश्न 22:
‘पब्लिक पॉलिसी’ (Public Policy) के संदर्भ में ‘टॉप-डाउन अप्रोच’ (Top-Down Approach) का क्या अर्थ है?
(A) नीति का निर्माण जमीनी स्तर के लोगों द्वारा किया जाता है।
(B) नीति का निर्माण उच्च अधिकारियों द्वारा किया जाता है और उसे नीचे लागू किया जाता है।
(C) नीति निर्माण में केवल गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) की भूमिका होती है।
(D) नीति बिना किसी योजना के स्वतः विकसित होती है।
- (A)
- (B)
- (C)
- (D)
उत्तर: (b)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: टॉप-डाउन अप्रोच (इकाई 10) वह मॉडल है जिसमें नीतिगत निर्णय शीर्ष स्तर (मंत्रालयों/नौकरशाहों) पर लिए जाते हैं और उन्हें कार्यान्वयन के लिए निचले स्तर पर भेजा जाता है।
- संदर्भ विस्तार: इसके विपरीत ‘बॉटम-अप अप्रोच’ में स्थानीय जरूरतों और फीडबैक को प्राथमिकता दी जाती है।
- अन्य विकल्प: (A) बॉटम-अप अप्रोच है, (C) और (D) लोक नीति के मानक दृष्टिकोण नहीं हैं।
प्रश्न 23:
निम्नलिखित में से कौन सा सिद्धांत ‘संवैधानिक लोकतंत्र’ में ‘न्यायिक सक्रियता’ (Judicial Activism) का मुख्य आधार है?
(A) संसदीय संप्रभुता (Parliamentary Sovereignty)
(B) जनहित याचिका (Public Interest Litigation – PIL)
(C) राष्ट्रपति का वीटो पावर
(D) बहुमत का शासन
- (A)
- (B)
- (C)
- (D)
उत्तर: (b)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: PIL (इकाई 3) ने न्यायपालिका को यह शक्ति दी कि वह किसी भी पीड़ित व्यक्ति की ओर से या सार्वजनिक हित में स्वतः संज्ञान (Suo Motu) ले सके, जिससे न्यायिक सक्रियता को बढ़ावा मिला।
- संदर्भ विस्तार: न्यायमूर्ति पी.एन. भगवती और न्यायमूर्ति वी.आर. कृष्ण अय्यर को भारत में PIL का जनक माना जाता है।
- अन्य विकल्प: संसदीय संप्रभुता (A) ब्रिटेन की विशेषता है, भारत में ‘संवैधानिक सर्वोच्चता’ है।
प्रश्न 24:
‘प्लूटोक्रेसी’ (Plutocracy) का क्या अर्थ है?
(A) बुद्धिजीवियों का शासन।
(B) अमीरों या धनवानों का शासन।
(C) पुरोहितों का शासन।
(D) सैन्य अधिकारियों का शासन।
- (A)
- (B)
- (C)
- (D)
उत्तर: (b)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: प्लूटोक्रेसी (इकाई 1) उस शासन प्रणाली को कहते हैं जहाँ सत्ता केवल धनवान लोगों के हाथ में होती है।
- संदर्भ विस्तार: लोकतंत्र में इसे अक्सर ‘क्रोनी कैपिटलिज्म’ के माध्यम से देखा जाता है जहाँ बड़े उद्योगपति नीति निर्धारण को प्रभावित करते हैं।
- अन्य विकल्प: बुद्धिजीवियों का शासन ‘मेरिटोक्रेसी’ (Meritocracy) कहलाता है, पुरोहितों का ‘थियोक्रेसी’ (Theocracy) और सेना का ‘स्ट्रैटोक्रेसी’ (Stratocracy)।
प्रश्न 25:
अभिकथन (A): भारत में ‘एकल नागरिकता’ (Single Citizenship) का प्रावधान संघीय ढांचे के बावजूद अपनाया गया है।
कारण (R): इसका मुख्य उद्देश्य देश की एकता और अखंडता को बनाए रखना और क्षेत्रीयता की भावना को कम करना है।
- (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
- (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
- (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
- (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
उत्तर: (a)
Detailed Explanation:
- सहीता और संदर्भ: भारत में अमेरिका के विपरीत (जहाँ दोहरी नागरिकता है), केवल भारतीय नागरिकता का प्रावधान है (इकाई 3)। यह जानबूझकर किया गया निर्णय था ताकि नागरिकों के बीच राज्य-आधारित भेदभाव न हो और राष्ट्रीय एकीकरण (National Integration) को बढ़ावा मिले।
- संदर्भ विस्तार: यह प्रावधान भारत के ‘विनाशी राज्यों के अविनाशी संघ’ होने की प्रकृति को पुष्ट करता है।
- अन्य विकल्प: चूंकि राष्ट्रीय एकता का उद्देश्य ही एकल नागरिकता का कारण है, अतः विकल्प (a) सही है।
सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
[कोर्स और फ्री नोट्स के लिए यहाँ क्लिक करें]