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समाजशास्त्र चुनौती: अपनी वैचारिक स्पष्टता को परखें और सफलता की ओर बढ़ें

समाजशास्त्र चुनौती: अपनी वैचारिक स्पष्टता को परखें और सफलता की ओर बढ़ें

नमस्ते भविष्य के समाजशास्त्रियों! आज हम आपके लिए लेकर आए हैं एक गहन वैचारिक अभ्यास सत्र, जो न केवल आपकी याददाश्त बल्कि आपकी विश्लेषण क्षमता को भी चुनौती देगा। यह मॉक टेस्ट विशेष रूप से उन अभ्यर्थियों के लिए तैयार किया गया है जो समाजशास्त्र की बारीकियों को समझकर प्रतियोगी परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करना चाहते हैं। चलिए, अपनी तैयारी को एक नए स्तर पर ले जाते हैं और देखते हैं कि आपकी वैचारिक पकड़ कितनी मजबूत है!

Sociology Practice Questions

Instructions: निम्नलिखित 25 प्रश्नों को हल करें और नीचे दिए गए विस्तृत स्पष्टीकरणों के माध्यम से अपनी समझ का विश्लेषण करें।

Question 1: मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित ‘वर्स्टहेन’ (Verstehen) की अवधारणा का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. सामाजिक तथ्यों का सांख्यिकीय विश्लेषण करना
  2. सामाजिक क्रिया के पीछे के व्यक्तिपरक अर्थों को समझना
  3. समाज के विकास के चरणों का वर्णन करना
  4. सामाजिक संरचना के कार्यात्मक पहलुओं की जांच करना

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: ‘वर्स्टहेन’ एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ है ‘समझना’। वेबर के अनुसार, समाजशास्त्र को केवल बाहरी व्यवहार का अवलोकन नहीं करना चाहिए, बल्कि उस व्यक्ति के नजरिए से क्रिया के अर्थ को समझना चाहिए जिसने वह क्रिया की है।
  • Context & Elaboration: यह अवधारणा वेबर के ‘व्याख्यात्मक समाजशास्त्र’ (Interpretive Sociology) का आधार है, जिसे उन्होंने अपनी पुस्तक ‘Economy and Society’ में विस्तार से समझाया है। यह प्रत्यक्षवाद (Positivism) के विपरीत है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) मात्रात्मक शोध से संबंधित है; विकल्प (c) कॉम्टे या स्पेंसर के विकासवादी सिद्धांतों की याद दिलाता है; विकल्प (d) प्रकार्यवाद (Functionalism) का मुख्य केंद्र है।

Question 2: एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया का संबंध किससे है?

  1. जाति व्यवस्था का पूर्ण उन्मूलन
  2. एक निम्न जाति द्वारा उच्च जाति के रीति-रिवाजों को अपनाना
  3. पश्चिमी संस्कृति का अंधानुकरण करना
  4. जाति आधारित व्यवसायों का विविधीकरण

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें एक निम्न जाति या जनजाति उच्च जाति (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों, अनुष्ठानों और विचारधारा को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति में सुधार करने का प्रयास करती है।
  • Context & Elaboration: श्रीनिवास ने इसे अपनी पुस्तक ‘Religion and Society Among the Coorgs of South India’ में प्रस्तुत किया था। यह ‘सांस्कृतिक गतिशीलता’ (Cultural Mobility) का उदाहरण है, न कि संरचनात्मक गतिशीलता का।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) गलत है क्योंकि यह व्यवस्था को खत्म नहीं करता, बल्कि उसके भीतर स्थिति बदलता है; विकल्प (c) ‘पश्चिमीकरण’ (Westernization) कहलाता है; विकल्प (d) व्यावसायिक परिवर्तन है, संस्कृतिकरण नहीं।

Question 3: एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘मैकेनिकल सॉलिडेरिटी’ (Mechanical Solidarity) की विशेषता क्या है?

  1. श्रम का उच्च विभाजन (Division of Labour)
  2. व्यक्तियों के बीच उच्च परस्पर निर्भरता
  3. समान विश्वास और मूल्यों के कारण उत्पन्न एकता
  4. विविधता और विशेषज्ञता पर आधारित समाज

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: यांत्रिक एकजुटता आदिम या सरल समाजों में पाई जाती है, जहाँ लोग समान काम करते हैं और उनके विश्वास, मूल्य और जीवनशैली लगभग एक जैसी होती है, जिससे उनमें एकता बनी रहती है।
  • Context & Elaboration: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Division of Labour in Society’ में यांत्रिक (Mechanical) और जैविक (Organic) एकजुटता के बीच अंतर स्पष्ट किया है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a), (b) और (d) ‘जैविक एकजुटता’ (Organic Solidarity) की विशेषताएं हैं, जो आधुनिक, औद्योगिक और जटिल समाजों में पाई जाती हैं।

Question 4: कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) का मुख्य कारण क्या है?

  1. धार्मिक अंधविश्वास
  2. पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली और निजी स्वामित्व
  3. शिक्षा का अभाव
  4. पारिवारिक विघटन

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: मार्क्स का तर्क है कि पूंजीवाद में श्रमिक अपनी उत्पादित वस्तु, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः अपने स्वयं के ‘मानवीय स्वभाव’ से अलग हो जाता है क्योंकि उत्पादन के साधनों पर पूंजीपतियों का नियंत्रण होता है।
  • Context & Elaboration: अलगाव की यह अवधारणा मार्क्स के आर्थिक नियतत्ववाद (Economic Determinism) और वर्ग संघर्ष के सिद्धांत का हिस्सा है।
  • Incorrect Options: हालांकि धर्म और शिक्षा समाज को प्रभावित करते हैं, लेकिन मार्क्स के लिए अलगाव का मूल कारण आर्थिक संरचना (Base) है, न कि सामाजिक या व्यक्तिगत कारण।

Question 5: टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?

  1. लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
  2. अनुकूलन (Adaptation)
  3. पैटर्न का रखरखाव (Latency/Pattern Maintenance)
  4. एकीकरण (Integration)

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: Latency (या Pattern Maintenance) का अर्थ है समाज के सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुँचाना (उदा. परिवार और शिक्षा के माध्यम से)।
  • Context & Elaboration: पार्सन्स का AGIL मॉडल एक संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक ढांचा है जो बताता है कि किसी भी सामाजिक प्रणाली को जीवित रहने के लिए इन चार कार्यों को पूरा करना आवश्यक है।
  • Incorrect Options: (a) Goal Attainment का संबंध राजनीति से है; (b) Adaptation का संबंध अर्थव्यवस्था से है; (d) Integration का संबंध कानून और धर्म से है।

Question 6: रॉबर्ट मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?

  1. एक सकारात्मक होता है और दूसरा नकारात्मक
  2. एक इच्छित/जागरूक परिणाम है और दूसरा अनपेक्षित/अनजाने में होने वाला परिणाम
  3. एक केवल परिवार में होता है और दूसरा धर्म में
  4. एक अल्पकालिक होता है और दूसरा दीर्घकालिक

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: प्रकट कार्य वे परिणाम हैं जो स्पष्ट रूप से इच्छित और पहचाने जाते हैं (जैसे स्कूल का कार्य शिक्षा देना), जबकि अंतर्निहित कार्य वे परिणाम हैं जो अनपेक्षित होते हैं (जैसे स्कूल में सामाजिक नेटवर्क बनाना)।
  • Context & Elaboration: मर्टन ने इस अवधारणा के माध्यम से पार्सन्स के व्यापक प्रकार्यवाद को अधिक सूक्ष्म और विश्लेषण योग्य बनाया।
  • Incorrect Options: कार्य सकारात्मक या नकारात्मक (Dysfunction) हो सकते हैं, लेकिन प्रकट और अंतर्निहित का अंतर ‘इच्छा और जागरूकता’ पर आधारित है।

Question 7: जॉर्ज हरबर्ट मीड के अनुसार, ‘मैं’ (I) और ‘मुझे’ (Me) में क्या अंतर है?

  1. ‘मैं’ सामाजिक अपेक्षाओं का समूह है और ‘मुझे’ व्यक्ति की सहज प्रतिक्रिया है
  2. ‘मैं’ व्यक्ति का रचनात्मक/सहज पक्ष है और ‘मुझे’ सामाजिक मानदंडों का आंतरिक रूप है
  3. ‘मैं’ केवल बचपन में होता है और ‘मुझे’ वयस्कता में
  4. दोनों के बीच कोई अंतर नहीं है

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: मीड के प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) में ‘I’ व्यक्ति की तात्कालिक, रचनात्मक और अनियंत्रित प्रतिक्रिया है, जबकि ‘Me’ वह सामाजिक स्व है जो समाज की अपेक्षाओं और मानदंडों को आत्मसात कर लेता है।
  • Context & Elaboration: यह अवधारणा बताती है कि कैसे ‘स्व’ (Self) का विकास सामाजिक अंतःक्रियाओं के माध्यम से होता है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) बिल्कुल उल्टा है। ‘I’ और ‘Me’ का विकास जीवन भर चलता रहता है, न कि केवल बचपन में।

Question 8: ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति का वर्णन सर्वप्रथम किसने किया था?

  1. कार्ल मार्क्स
  2. मैक्स वेबर
  3. एमिल दुर्खीम
  4. हर्बर्ट स्पेंसर

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: एमिल दुर्खीम ने ‘एनोमी’ शब्द का उपयोग उस स्थिति के लिए किया जहाँ समाज में मानदंडों का अभाव होता है या पुराने मानदंड टूट जाते हैं और नए अभी विकसित नहीं हुए होते (मानदंडविहीनता)।
  • Context & Elaboration: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘Suicide’ में बताया कि कैसे तीव्र सामाजिक परिवर्तन एनोमिक आत्महत्या (Anomic Suicide) का कारण बनते हैं। बाद में रॉबर्ट मर्टन ने इसे लक्ष्यों और साधनों के बीच अंतराल के रूप में पुनः परिभाषित किया।
  • Incorrect Options: मार्क्स ने ‘अलगाव’ की बात की; वेबर ने ‘तार्किकीकरण’ की; स्पेंसर ने ‘सामाजिक डार्विनवाद’ की।

Question 9: निम्नलिखित में से कौन सा एक ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का उदाहरण है?

  1. वर्ग (Class)
  2. जाति (Caste)
  3. पेशा (Occupation)
  4. शिक्षा (Education)

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: बंद स्तरीकरण वह प्रणाली है जिसमें व्यक्ति की सामाजिक स्थिति जन्म से निर्धारित होती है और उसे जीवनभर बदला नहीं जा सकता। जाति इसका सबसे सटीक उदाहरण है।
  • Context & Elaboration: बंद प्रणालियों में सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility) अत्यंत सीमित या शून्य होती है।
  • Incorrect Options: वर्ग (Class) एक ‘खुली प्रणाली’ है क्योंकि शिक्षा या धन के माध्यम से वर्ग बदला जा सकता है। पेशा और शिक्षा भी खुली प्रणालियों के कारक हैं।

Question 10: ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा किसने दी थी?

  1. जी.एस. घुर्ये
  2. एम.एन. श्रीनिवास
  3. लुई ड्यूमॉन्ट
  4. बी.आर. अंबेडकर

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: एम.एन. श्रीनिवास ने ‘प्रभावी जाति’ की अवधारणा दी। वह जाति जो संख्या में अधिक हो, आर्थिक रूप से शक्तिशाली हो (विशेषकर भूमि स्वामित्व) और राजनीतिक प्रभाव रखती हो, प्रभावी जाति कहलाती है।
  • Context & Elaboration: यह अवधारणा दिखाती है कि केवल अनुष्ठानिक स्थिति (Ritual Status) ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि धर्मनिरपेक्ष शक्ति (Secular Power) भी महत्वपूर्ण है।
  • Incorrect Options: घुर्ये ने जाति की विशेषताओं पर जोर दिया; ड्यूमॉन्ट ने ‘पवित्रता और प्रदूषण’ (Purity and Pollution) के सिद्धांत पर; अंबेडकर ने जाति के उन्मूलन पर।

Question 11: जी.एस. घुर्ये ने भारतीय जातियों के बारे में क्या विचार प्रस्तुत किए?

  1. जाति पूरी तरह से एक विदेशी अवधारणा है
  2. जाति एक बंद व्यवस्था है जिसमें कोई परिवर्तन नहीं होता
  3. जाति की विशेषताएँ केवल धार्मिक हैं
  4. जाति एक जटिल व्यवस्था है जिसमें श्रेणीबद्ध असमानता और अंतर्विवाह शामिल हैं

Answer: (d)

Detailed Explanation:

  • Correctness: जी.एस. घुर्ये को ‘भारतीय समाजशास्त्र का जनक’ माना जाता है। उन्होंने जाति को केवल एक धार्मिक अवधारणा नहीं माना, बल्कि इसकी विशेषताओं के रूप में श्रेणीबद्ध असमानता, अंतर्विवाह (Endogamy) और नागरिक/धार्मिक अक्षमताओं को गिनाया।
  • Context & Elaboration: उनकी पुस्तक ‘Caste and Race in India’ इस विषय पर एक आधारभूत कार्य है।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) गलत है क्योंकि घुर्ये ने इसे भारतीय समाज का अभिन्न अंग माना; (b) वे जानते थे कि जाति बदलती है; (c) उन्होंने सामाजिक और आर्थिक पहलुओं को भी शामिल किया।

Question 12: ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) का मुख्य केंद्र क्या है?

  1. बड़े सामाजिक ढांचे और संस्थान
  2. सूक्ष्म स्तर पर व्यक्तियों के बीच अर्थ और प्रतीकों का आदान-प्रदान
  3. समाज के विकास के ऐतिहासिक चरण
  4. वर्ग संघर्ष और आर्थिक क्रांति

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: यह एक सूक्ष्म समाजशास्त्रीय (Micro-sociological) दृष्टिकोण है जो इस बात पर ध्यान केंद्रित करता है कि लोग प्रतीकों (भाषा, संकेत) के माध्यम से एक-दूसरे के साथ कैसे अंतःक्रिया करते हैं और सामाजिक वास्तविकता का निर्माण कैसे करते हैं।
  • Context & Elaboration: जॉर्ज हरबर्ट मीड और हर्बर्ट ब्लूमर इस विचारधारा के प्रमुख स्तंभ हैं।
  • Incorrect Options: विकल्प (a) प्रकार्यवाद से संबंधित है; (c) विकासवाद से; (d) मार्क्सवाद से।

Question 13: ‘परंपरा’ और ‘आधुनिकता’ के बीच द्वंद्व का अध्ययन करने वाले समाजशास्त्री ने किस पर जोर दिया?

  1. केवल परंपरा को बनाए रखने पर
  2. केवल आधुनिकता को अपनाने पर
  3. संकरण (Hybridization) और अनुकूलन पर
  4. परंपरा और आधुनिकता के पूर्ण अलगाव पर

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: आधुनिक समाजशास्त्र यह मानता है कि समाज परंपरा को पूरी तरह नहीं छोड़ता, बल्कि वह आधुनिकता के साथ परंपरा का समन्वय या संकरण करता है।
  • Context & Elaboration: इसे अक्सर ‘परंपरा का आधुनिकीकरण’ कहा जाता है, जहाँ पुराने रूपों में नई सामग्री भरी जाती है।
  • Incorrect Options: (a) और (b) कट्टरपंथी दृष्टिकोण हैं; (d) अवास्तविक है क्योंकि दोनों अक्सर साथ-साथ चलते हैं।

Question 14: निम्नलिखित में से कौन सा ‘प्राथमिक समूह’ (Primary Group) का उदाहरण है?

  1. एक राजनीतिक दल
  2. एक ट्रेड यूनियन
  3. परिवार
  4. एक बड़ी कंपनी के कर्मचारी

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: चार्ल्स कूले ने ‘प्राथमिक समूह’ की अवधारणा दी थी। इसमें सदस्यों के बीच आमने-सामने के संबंध, घनिष्ठता, भावनात्मक लगाव और छोटे आकार की विशेषता होती है। परिवार इसका सर्वोत्तम उदाहरण है।
  • Context & Elaboration: प्राथमिक समूह व्यक्ति के समाजीकरण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • Incorrect Options: विकल्प (a), (b) और (d) ‘द्वितीयक समूह’ (Secondary Groups) हैं, जहाँ संबंध औपचारिक, उद्देश्य-आधारित और अल्पकालिक होते हैं।

Question 15: ‘किंशिप’ (Kinship) या नातेदारी के संदर्भ में ‘एविकुलट’ (Avunculate) संबंध किसे कहते हैं?

  1. पिता और पुत्र का संबंध
  2. माता और पुत्री का संबंध
  3. माता के भाई (मामा) और भांजे/भांजी का विशेष संबंध
  4. दादा और पोते का संबंध

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: एविकुलट वह सामाजिक व्यवस्था है जिसमें माता के भाई (मामा) की भूमिका पिता की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण होती है, विशेषकर उत्तराधिकार और मार्गदर्शन के मामले में।
  • Context & Elaboration: यह अक्सर मातृसत्तात्मक (Matrilineal) समाजों में देखा जाता है।
  • Incorrect Options: अन्य विकल्प सामान्य पारिवारिक संबंध हैं, लेकिन ‘एविकुलट’ विशेष रूप से मामा के महत्व को दर्शाता है।

Question 16: ‘प्रोटेस्टेंट एथिक एंड द स्पिरिट ऑफ कैपिटलिज्म’ पुस्तक के लेखक कौन हैं?

  1. एमिल दुर्खीम
  2. मैक्स वेबर
  3. कार्ल मार्क्स
  4. टैलकोट पार्सन्स

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: मैक्स वेबर ने इस पुस्तक में तर्क दिया कि प्रोटेस्टेंट धर्म (विशेषकर केल्विनवाद) की मान्यताओं, जैसे कि कड़ी मेहनत और मितव्ययिता, ने आधुनिक पूंजीवाद के उदय के लिए मानसिक और सांस्कृतिक आधार तैयार किया।
  • Context & Elaboration: यह कार्य यह सिद्ध करता है कि केवल आर्थिक कारण (मार्क्स के विपरीत) ही समाज को नहीं बदलते, बल्कि विचार और धर्म भी परिवर्तन लाते हैं।
  • Incorrect Options: दुर्खीम ने आत्महत्या और श्रम विभाजन पर लिखा; मार्क्स ने पूंजी की पूंजी पर; पार्सन्स ने सामाजिक प्रणाली पर।

Question 17: शिक्षा के समाजशास्त्र में ‘छिपा हुआ पाठ्यक्रम’ (Hidden Curriculum) से क्या तात्पर्य है?

  1. वह पाठ्यक्रम जो शिक्षकों ने गुप्त रखा हो
  2. वह ज्ञान जो आधिकारिक पाठ्यपुस्तकों में नहीं है लेकिन स्कूल के वातावरण से सीखा जाता है
  3. वह पाठ्यक्रम जो केवल प्रतिभाशाली छात्रों के लिए होता है
  4. पुरानी शिक्षा पद्धति जो अब लागू नहीं होती

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: छिपा हुआ पाठ्यक्रम उन अनकहे नियमों, मूल्यों और व्यवहारों को संदर्भित करता है जो छात्र स्कूल में अनौपचारिक रूप से सीखते हैं, जैसे अनुशासन, सत्ता के प्रति सम्मान और सामाजिक पदानुक्रम।
  • Context & Elaboration: यह अवधारणा दिखाती है कि शिक्षा केवल ज्ञान देना नहीं है, बल्कि सामाजिक नियंत्रण का एक साधन भी है।
  • Incorrect Options: यह किसी ‘गुप्त’ दस्तावेज के बारे में नहीं है, बल्कि सामाजिक अधिगम (Social Learning) के बारे में है।

Question 18: ‘प्रत्यक्षवाद’ (Positivism) के जनक किसे माना जाता है?

  1. अगस्त कॉम्टे
  2. हर्बर्ट स्पेंसर
  3. मैक्स वेबर
  4. जॉर्ज सिमेल

Answer: (a)

Detailed Explanation:

  • Correctness: अगस्त कॉम्टे ने प्रत्यक्षवाद का प्रतिपादन किया, जिसका अर्थ है कि समाज का अध्ययन भी उसी वैज्ञानिक पद्धति (अवलोकन, प्रयोग, तुलना) से किया जाना चाहिए जिससे प्राकृतिक विज्ञानों (भौतिकी, रसायन विज्ञान) का अध्ययन किया जाता है।
  • Context & Elaboration: कॉम्टे ने समाजशास्त्र को ‘विज्ञानों की रानी’ कहा था।
  • Incorrect Options: स्पेंसर ने इसे जैविक विकास से जोड़ा; वेबर ने इसे खारिज कर ‘व्याख्यात्मक’ पद्धति अपनाई; सिमेल ने सूक्ष्म समाजशास्त्र पर ध्यान दिया।

Question 19: ‘नृवंशविज्ञान’ (Ethnography) शोध पद्धति की मुख्य विशेषता क्या है?

  1. बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण (Survey) करना
  2. सांख्यिकीय डेटा का विश्लेषण करना
  3. किसी संस्कृति या समूह के साथ लंबे समय तक रहकर गहन अवलोकन करना
  4. केवल पुस्तकालय के दस्तावेजों का अध्ययन करना

Answer: (c)

Detailed Explanation:

  • Correctness: नृवंशविज्ञान एक गुणात्मक (Qualitative) शोध पद्धति है जिसमें शोधकर्ता अध्ययन समूह के जीवन में पूरी तरह शामिल हो जाता है (Participant Observation) ताकि उनकी जीवनशैली और संस्कृति को अंदर से समझा जा सके।
  • Context & Elaboration: यह पद्धति मानव विज्ञान (Anthropology) और समाजशास्त्र में बहुत लोकप्रिय है।
  • Incorrect Options: (a) और (b) मात्रात्मक (Quantitative) शोध हैं; (d) द्वितीयक डेटा विश्लेषण है।

Question 20: ‘शहरीकरण’ (Urbanization) के परिणामस्वरूप होने वाली ‘जेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) की प्रक्रिया क्या है?

  1. शहरों से लोगों का ग्रामीण क्षेत्रों की ओर पलायन
  2. निम्न आय वाले शहरी क्षेत्रों का पुनर्विकास और उच्च आय वाले लोगों का वहां बसना
  3. शहरों में झुग्गी-बस्तियों का विस्तार होना
  4. औद्योगिक क्षेत्रों का पूरी तरह बंद हो जाना

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: जेंट्रीफिकेशन वह प्रक्रिया है जिसमें किसी पुराने या गरीब शहरी इलाके का नवीनीकरण किया जाता है, जिससे वहां संपत्ति की कीमतें बढ़ जाती हैं और मूल गरीब निवासी वहां से विस्थापित होकर अमीर लोग वहां बस जाते हैं।
  • Context & Elaboration: यह शहरी समाजशास्त्र की एक महत्वपूर्ण और विवादित प्रक्रिया है क्योंकि यह सामाजिक विस्थापन पैदा करती है।
  • Incorrect Options: (a) ‘प्रति-शहरीकरण’ (Counter-urbanization) है; (c) ‘स्लम विस्तार’ है; (d) ‘डी-इंडस्ट्रियलाइजेशन’ है।

Question 21: ‘लिंग’ (Gender) और ‘लिंग’ (Sex) के बीच समाजशास्त्रीय अंतर क्या है?

  1. दोनों एक ही चीज हैं
  2. Sex जैविक है और Gender सामाजिक/सांस्कृतिक निर्माण है
  3. Gender जैविक है और Sex सामाजिक निर्माण है
  4. Sex केवल वयस्कों के लिए है और Gender बच्चों के लिए

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: Sex (लिंग/जैविक लिंग) का संबंध शरीर विज्ञान, गुणसूत्रों और जननांगों से है (स्त्री/पुरुष), जबकि Gender (जेंडर/सामाजिक लिंग) समाज द्वारा निर्धारित उन भूमिकाओं, व्यवहारों और अपेक्षाओं का समूह है जो पुरुष या महिला के लिए ‘उचित’ माने जाते हैं।
  • Context & Elaboration: समाजशास्त्र यह मानता है कि जेंडर ‘सीखा’ जाता है (Socialized), जबकि सेक्स ‘जन्मजात’ होता है।
  • Incorrect Options: विकल्प (c) बिल्कुल गलत है। विकल्प (a) जैविक नियतत्ववाद की गलती करता है।

Question 22: ‘सामाजिक परिवर्तन’ (Social Change) के विकासवादी सिद्धांत (Evolutionary Theory) का मुख्य तर्क क्या है?

  1. समाज अचानक और हिंसक क्रांति से बदलता है
  2. समाज सरल से जटिल अवस्था की ओर धीरे-धीरे विकसित होता है
  3. समाज एक चक्र में चलता है और बार-बार उसी स्थिति में आता है
  4. सामाजिक परिवर्तन केवल बाहरी कारकों से होता है

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: विकासवादी सिद्धांत (जैसे ऑगस्ट कॉम्टे और हर्बर्ट स्पेंसर के विचार) मानते हैं कि समाज एक सीधी रेखा में सरल (Simple) से जटिल (Complex) और आदिम (Primitive) से आधुनिक (Modern) अवस्था की ओर बढ़ता है।
  • Context & Elaboration: इसे ‘रैखिक परिवर्तन’ (Linear Change) भी कहा जाता है।
  • Incorrect Options: (a) संघर्ष सिद्धांत (Conflict Theory) है; (c) चक्र सिद्धांत (Cyclical Theory) है; (d) यह केवल एक पहलू हो सकता है, पूरा सिद्धांत नहीं।

Question 23: मैक्स वेबर के अनुसार, ‘नौकरशाही’ (Bureaucracy) की सबसे प्रमुख विशेषता क्या है?

  1. पारंपरिक और भावनात्मक संबंध
  2. नियमों की प्रधानता और तार्किक पदानुक्रम (Rational-Legal Hierarchy)
  3. पदों का वंशानुगत होना
  4. निर्णयों का मनमाना होना

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: वेबर ने नौकरशाही को ‘तार्किक-कानूनी अधिकार’ का सर्वोच्च रूप माना। इसकी विशेषताएं हैं: लिखित नियम, स्पष्ट पदानुक्रम, योग्यता आधारित चयन और अवैयक्तिकता (Impersonality)।
  • Context & Elaboration: वेबर ने चेतावनी भी दी थी कि अत्यधिक नौकरशाही व्यक्ति को एक ‘लोहे के पिंजरे’ (Iron Cage) में कैद कर सकती है।
  • Incorrect Options: (a) पारंपरिक अधिकार है; (c) जाति या राजशाही की विशेषता है; (d) नौकरशाही नियमों पर आधारित होती है, मनमानेपन पर नहीं।

Question 24: एमिल दुर्खीम के अनुसार ‘सामाजिक तथ्य’ (Social Facts) क्या हैं?

  1. व्यक्तिगत विचार और भावनाएं
  2. वे तरीके के सोचने, महसूस करने और कार्य करने जो व्यक्ति के बाहर होते हैं और उस पर दबाव डालते हैं
  3. केवल लिखित कानून और संविधान
  4. जीवविज्ञान द्वारा निर्धारित व्यवहार

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: दुर्खीम के अनुसार, सामाजिक तथ्य ‘चीजों’ (Things) की तरह होते हैं। ये व्यक्ति से स्वतंत्र होते हैं (Exteriority) और व्यक्ति को बाध्य करते हैं (Constraint), जैसे भाषा, मुद्रा, कानून और नैतिकता।
  • Context & Elaboration: उन्होंने अपनी पुस्तक ‘The Rules of Sociological Method’ में इसे समाजशास्त्र की मुख्य अध्ययन इकाई माना था।
  • Incorrect Options: (a) मनोवैज्ञानिक तथ्य हैं; (c) सामाजिक तथ्य केवल कानून तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अनकहे रीति-रिवाजों को भी शामिल करते हैं; (d) यह जैविक तथ्य है।

Question 25: ‘वर्ग संघर्ष’ (Class Conflict) का सिद्धांत किस विचार पर आधारित है?

  1. समाज में पूर्ण सहमति और सामंजस्य है
  2. उत्पादन के साधनों पर नियंत्रण को लेकर समाज दो विरोधी वर्गों में बंटा है
  3. वर्ग केवल एक आर्थिक श्रेणी है, इसका राजनीति से कोई संबंध नहीं है
  4. वर्ग संघर्ष केवल औद्योगिक समाजों में होता है, कृषि समाजों में नहीं

Answer: (b)

Detailed Explanation:

  • Correctness: कार्ल मार्क्स का मानना था कि इतिहास वर्ग संघर्ष का इतिहास है। समाज हमेशा ‘शोषक’ (Bourgeoisie) और ‘शोषित’ (Proletariat) के बीच बंटा रहता है क्योंकि उत्पादन के साधनों (जमीन, कारखाने) का स्वामित्व कुछ ही हाथों में होता है।
  • Context & Elaboration: यह संघर्ष अंततः एक क्रांति की ओर ले जाता है जिससे वर्गविहीन समाज (Classless Society) की स्थापना होती है।
  • Incorrect Options: (a) प्रकार्यवाद का विचार है; (c) मार्क्स के लिए आर्थिक आधार ही राजनीति और विचारधारा को तय करता है; (d) मार्क्स ने सामंतवाद (कृषि) और पूंजीवाद (उद्योग) दोनों में वर्ग संघर्ष देखा।

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