समाजशास्त्र की गहराइयों को समझें: अपनी वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक क्षमता को परखें
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प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी केवल तथ्यों को रटने के बारे में नहीं है, बल्कि समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण (Sociological Perspective) को विकसित करने के बारे में है। आज का यह विशेष अभ्यास सेट आपको क्लासिकल विचारकों से लेकर समकालीन डिजिटल चुनौतियों तक ले जाएगा। क्या आप जटिल सामाजिक संरचनाओं और सिद्धांतों के बीच के सूक्ष्म अंतर को पहचानने के लिए तैयार हैं? अपनी बौद्धिक क्षमता का परीक्षण करें और अपनी तैयारी को एक नए स्तर पर ले जाएं!
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- एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब:\n
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- (A) समाज में बहुत अधिक नियम होते हैं।
- (B) सामाजिक मानदंडों और मूल्यों का अभाव या पतन हो जाता है।
- (C) व्यक्ति समाज से पूरी तरह अलग हो जाता है।
- (D) आर्थिक असमानता चरम पर होती है।
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सही उत्तर: (B) सामाजिक मानदंडों और मूल्यों का अभाव या पतन हो जाता है।
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विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘एनोमी’ शब्द का उपयोग उस स्थिति का वर्णन करने के लिए किया जहाँ समाज में नियमों का अभाव होता है या पुराने नियम काम करना बंद कर देते हैं, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। यह विशेष रूप से तीव्र सामाजिक परिवर्तनों (जैसे आर्थिक मंदी या अचानक समृद्धि) के दौरान होता है। विकल्प (C) ‘विमुखता’ (Alienation) की ओर संकेत करता है, जो मार्क्स की अवधारणा है।
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- कार्ल मार्क्स के ‘विमुखता’ (Alienation) के सिद्धांत में, श्रमिक सबसे पहले किससे विमुख होता है?\n
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- (A) साथी श्रमिकों से
- (B) समाज से
- (C) अपने उत्पादित उत्पाद से
- (D) स्वयं की मानवीय प्रकृति से
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सही उत्तर: (C) अपने उत्पादित उत्पाद से
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विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली में श्रमिक उस वस्तु का स्वामी नहीं होता जिसे वह बनाता है। उत्पाद उसकी इच्छा के विरुद्ध एक बाहरी शक्ति बन जाता है, जिससे वह सबसे पहले अपने उत्पाद से विमुख होता है। इसके बाद वह उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथियों और अंततः अपनी ‘प्रजाति-सत्ता’ (Species-being) से विमुख होता है।
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- मैक्स वेबर की ‘वेरस्टेहेन’ (Verstehen) पद्धति का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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- (A) सामाजिक तथ्यों का सांख्यिकीय विश्लेषण करना।
- (B) सामाजिक क्रियाओं के पीछे के व्यक्तिपरक अर्थ (Subjective Meaning) को समझना।
- (C) समाज के विकास के चरणों का वर्णन करना।
- (D) वर्ग संघर्ष के माध्यम से समाज को बदलना।
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सही उत्तर: (B) सामाजिक क्रियाओं के पीछे के व्यक्तिपरक अर्थ (Subjective Meaning) को समझना।
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विस्तृत व्याख्या: ‘वेरस्टेहेन’ एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ है ‘समझना’। वेबर का तर्क था कि समाजशास्त्रियों को केवल बाहरी व्यवहार को नहीं देखना चाहिए, बल्कि उस अर्थ को समझना चाहिए जो कर्ता (Actor) अपनी क्रिया में निवेश करता है। यह व्याख्यात्मक समाजशास्त्र (Interpretive Sociology) का आधार है। विकल्प (A) प्रत्यक्षवाद (Positivism) से संबंधित है।
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- टैल्कॉट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का अर्थ क्या है?\n
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- (A) संसाधनों का अनुकूलन करना।
- (B) लक्ष्य निर्धारित करना।
- (C) सामाजिक एकता और सांस्कृतिक स्वरूप को बनाए रखना।
- (D) सामाजिक नियमों को लागू करना।
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सही उत्तर: (C) सामाजिक एकता और सांस्कृतिक स्वरूप को बनाए रखना।
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विस्तृत व्याख्या: AGIL मॉडल में ‘L’ का अर्थ ‘Latency’ या ‘Pattern Maintenance’ है, जिसका कार्य संस्कृति और मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाना है (जैसे परिवार और शिक्षा)। ‘A’ का अर्थ Adaptation (अनुकूलन), ‘G’ का Goal Attainment (लक्ष्य प्राप्ति) और ‘I’ का Integration (एकीकरण) है।
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- रॉबर्ट के. मर्टन के अनुसार, जब व्यक्ति सामाजिक लक्ष्यों को तो स्वीकार करता है लेकिन उन्हें प्राप्त करने के वैध साधनों को अस्वीकार कर देता है, तो इसे क्या कहा जाता है?\n
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- (A) अनुरूपता (Conformity)
- (B) नवाचार (Innovation)
- (C) अनुष्ठानवाद (Ritualism)
- (D) विद्रोह (Rebellion)
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सही उत्तर: (B) नवाचार (Innovation)
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विस्तृत व्याख्या: मर्टन के ‘Strain Theory’ के अनुसार, ‘नवाचार’ तब होता है जब व्यक्ति लक्ष्य (जैसे धन) तो चाहता है, लेकिन कानूनी साधनों के बजाय अवैध साधनों (जैसे चोरी या भ्रष्टाचार) का उपयोग करता है। ‘अनुरूपता’ में दोनों स्वीकार्य होते हैं, जबकि ‘अनुष्ठानवाद’ में साधन तो अपनाए जाते हैं लेकिन लक्ष्य को त्याग दिया जाता है।
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- जॉर्ज हरबर्ट मीड के अनुसार, ‘I’ (मैं) और ‘Me’ (मुझे) के बीच क्या अंतर है?\n
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- (A) ‘I’ सामाजिक है और ‘Me’ जैविक है।
- (B) ‘I’ व्यक्ति का रचनात्मक/स्वतःस्फूर्त पक्ष है और ‘Me’ समाज की अपेक्षाओं का प्रतिबिंब है।
- (C) ‘I’ और ‘Me’ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं जिनमें कोई अंतर नहीं है।
- (D) ‘Me’ केवल बचपन में सक्रिय होता है।
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सही उत्तर: (B) ‘I’ व्यक्ति का रचनात्मक/स्वतःस्फूर्त पक्ष है और ‘Me’ समाज की अपेक्षाओं का प्रतिबिंब है।
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विस्तृत व्याख्या: मीड के प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) में, ‘Me’ वह सामाजिक आत्म है जो दूसरों की नजरों से खुद को देखता है, जबकि ‘I’ वह प्रतिक्रिया है जो व्यक्ति ‘Me’ के प्रति देता है। यह निरंतर संवाद ही व्यक्तित्व का निर्माण करता है।
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- पियरे बॉर्डियू द्वारा प्रतिपादित ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) का उदाहरण कौन सा है?\n
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- (A) बैंक में जमा धनराशि।
- (B) पुश्तैनी जमीन और मकान।
- (C) शिक्षा, शिष्टाचार और कलात्मक ज्ञान।
- (D) राजनीतिक पद और प्रभाव।
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सही उत्तर: (C) शिक्षा, शिष्टाचार और कलात्मक ज्ञान।
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विस्तृत व्याख्या: बॉर्डियू के अनुसार, सांस्कृतिक पूंजी वह गैर-आर्थिक संपत्ति है जो व्यक्ति को समाज में उच्च स्थिति प्राप्त करने में मदद करती है। इसमें डिग्री, बोलने का तरीका और सांस्कृतिक स्वाद शामिल हैं, जो अक्सर उच्च वर्ग द्वारा अगली पीढ़ी को हस्तांतरित किए जाते हैं।
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- समाजशास्त्र में ‘धर्मनिरपेक्षीकरण’ (Secularization) की प्रक्रिया का क्या अर्थ है?\n
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- (A) धर्म का पूरी तरह से समाप्त हो जाना।
- (B) धार्मिक संस्थाओं का राजनीतिक सत्ता पर नियंत्रण करना।
- (C) सामाजिक जीवन और सार्वजनिक संस्थानों में धार्मिक प्रभाव का कम होना।
- (D) केवल एक धर्म का प्रभुत्व होना।
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सही उत्तर: (C) सामाजिक जीवन और सार्वजनिक संस्थानों में धार्मिक प्रभाव का कम होना।
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विस्तृत व्याख्या: धर्मनिरपेक्षीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्र (जैसे कानून, शिक्षा, राजनीति) धर्म के प्रभाव से मुक्त होते हैं। हालिया शोध (जैसे फिल गोर्की की कृतियाँ) यह विश्लेषण करते हैं कि कैसे ‘पवित्रता’ (Sacred) के विचार धर्म से हटकर आधुनिक सांस्कृतिक प्रतीकों (जैसे संगीत या सेलिब्रिटी) की ओर स्थानांतरित हो रहे हैं।
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- ‘एथ्नोग्राफी’ (Ethnography) अनुसंधान की कौन सी पद्धति है?\n
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- (A) मात्रात्मक (Quantitative)
- (B) प्रयोगात्मक (Experimental)
- (C) गुणात्मक (Qualitative)
- (D) सांख्यिकीय (Statistical)
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सही उत्तर: (C) गुणात्मक (Qualitative)
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विस्तृत व्याख्या: एथ्नोग्राफी में शोधकर्ता किसी समुदाय के साथ लंबे समय तक रहकर, उनके जीवन का गहराई से अवलोकन (Participant Observation) करता है। इसका उद्देश्य समूह के संस्कृति और व्यवहार को उनके अपने दृष्टिकोण से समझना होता है, न कि आंकड़ों में मापना।
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- अगस्त कॉम्टे द्वारा प्रतिपादित ‘प्रत्यक्षवाद’ (Positivism) का मुख्य आधार क्या है?\n
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- (A) केवल आध्यात्मिक ज्ञान को मानना।
- (B) सामाजिक दुनिया का अध्ययन प्राकृतिक विज्ञानों (जैसे भौतिकी) की विधियों से करना।
- (C) समाज को केवल संघर्ष के नजरिए से देखना।
- (D) व्यक्तिपरक अनुभवों को प्राथमिकता देना।
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सही उत्तर: (B) सामाजिक दुनिया का अध्ययन प्राकृतिक विज्ञानों (जैसे भौतिकी) की विधियों से करना।
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विस्तृत व्याख्या: प्रत्यक्षवाद का मानना है कि समाज के भी कुछ निश्चित नियम होते हैं जिन्हें अवलोकन, प्रयोग और अनुभवजन्य (Empirical) साक्ष्यों के माध्यम से खोजा जा सकता है। यह ‘तथ्यों’ पर जोर देता है न कि ‘मूल्यों’ पर।
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- एम.एन. श्रीनिवास द्वारा दी गई ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की अवधारणा का क्या अर्थ है?\n
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- (A) उच्च जातियों का निम्न जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाना।
- (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और विचारधारा को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास करना।
- (C) जाति व्यवस्था का पूरी तरह समाप्त हो जाना।
- (D) केवल संस्कृत भाषा का ज्ञान प्राप्त करना।
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सही उत्तर: (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और विचारधारा को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास करना।
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विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण एक प्रक्रिया है जिसमें निम्न जातियाँ ‘द्विज’ जातियों के रीति-रिवाजों, शाकाहार और पूजा पद्धतियों को अपनाती हैं ताकि वे अपनी जातिगत स्थिति को ऊपर उठा सकें। यह जाति व्यवस्था के भीतर ‘गतिशीलता’ (Mobility) को दर्शाता है।
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- एम.एन. श्रीनिवास के अनुसार, ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की पहचान के लिए कौन से कारक आवश्यक हैं?\n
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- (A) केवल संख्यात्मक बल।
- (B) केवल उच्च धार्मिक स्थिति।
- (C) संख्यात्मक बल, आर्थिक शक्ति (विशेषकर भूमि स्वामित्व) और राजनीतिक प्रभाव।
- (D) विदेशी मूल का होना।
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सही उत्तर: (C) संख्यात्मक बल, आर्थिक शक्ति (विशेषकर भूमि स्वामित्व) और राजनीतिक प्रभाव।
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विस्तृत व्याख्या: एक जाति तब ‘प्रभावी’ कहलाती है जब उस क्षेत्र में उसकी जनसंख्या अधिक हो, उसके पास खेती योग्य जमीन का बड़ा हिस्सा हो और स्थानीय राजनीति में उसका दबदबा हो। यह केवल अनुक्रमिक स्थिति (Ritual Status) पर निर्भर नहीं करता।
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- आज के डिजिटल युग में, एल्गोरिदम द्वारा सूचनाओं का चयन करना और उपयोगकर्ता के विचारों को एक निश्चित दिशा में मोड़ना समाजशास्त्रीय रूप से किसके समान है?\n
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- (A) डिजिटल लोकतंत्र
- (B) डिजिटल हेजेमनी (Hegemony) या वैचारिक नियंत्रण
- (C) सामाजिक एकीकरण
- (D) कार्यात्मक अनुकूलन
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सही उत्तर: (B) डिजिटल हेजेमनी (Hegemony) या वैचारिक नियंत्रण
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विस्तृत व्याख्या: जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के एल्गोरिदम (जैसे टिकटॉक या फेसबुक) केवल एक खास विचारधारा (उदा. दक्षिणपंथी या वामपंथी) की सामग्री दिखाते हैं, तो यह ‘इको चैंबर’ बनाता है। यह ग्राम्शी की ‘हेजेमनी’ (प्रभुत्व) के विचार से मिलता-जुलता है, जहाँ सत्ताधारी वर्ग या तकनीक विचारों को नियंत्रित कर समाज की सहमति बनाती है।
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- ‘जजमानी व्यवस्था’ ग्रामीण भारतीय समाज के किस पहलू को दर्शाती है?\n
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- (A) केवल धार्मिक अनुष्ठानों को।
- (B) पारस्परिक विनिमय और सेवाओं के आदान-प्रदान की एक आर्थिक-सामाजिक व्यवस्था को।
- (C) जाति व्यवस्था के पूर्ण विनाश को।
- (D) शहरीकरण के प्रभाव को।
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सही उत्तर: (B) पारस्परिक विनिमय और सेवाओं के आदान-प्रदान की एक आर्थिक-सामाजिक व्यवस्था को।
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विस्तृत व्याख्या: जजमानी व्यवस्था में विभिन्न जातियाँ एक-दूसरे को सेवाएँ प्रदान करती थीं (जैसे नाई, लोहार, कुम्हार) और बदले में उन्हें फसल का एक हिस्सा या अनाज मिलता था। यह ग्रामीण समाज में परस्पर निर्भरता और जातिगत पदानुक्रम दोनों को दर्शाता था।
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- ‘शहरी समाजशास्त्र’ (Urban Sociology) के क्षेत्र में ‘शिकागो स्कूल’ का मुख्य योगदान क्या था?\n
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- (A) केवल शहरी जनसंख्या की गणना करना।
- (B) शहर को एक ‘सामाजिक प्रयोगशाला’ के रूप में देखना और स्थानिक संगठन (Spatial Organization) का अध्ययन करना।
- (C) ग्रामीण जीवन की श्रेष्ठता सिद्ध करना।
- (D) केवल औद्योगिक क्रांति का अध्ययन करना।
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सही उत्तर: (B) शहर को एक ‘सामाजिक प्रयोगशाला’ के रूप में देखना और स्थानिक संगठन (Spatial Organization) का अध्ययन करना।
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विस्तृत व्याख्या: शिकागो स्कूल के विद्वानों (जैसे रॉबर्ट पार्क) ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों (Zones) का अध्ययन किया और बताया कि कैसे भौतिक वातावरण और सामाजिक संबंध एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं। उन्होंने ‘मानव पारिस्थितिकी’ (Human Ecology) की अवधारणा विकसित की।
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- ‘सापेक्ष गरीबी’ (Relative Poverty) से क्या तात्पर्य है?\n
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- (A) जब व्यक्ति न्यूनतम कैलोरी आवश्यकता भी पूरी नहीं कर पाता।
- (B) जब व्यक्ति की आय समाज के अन्य सदस्यों की तुलना में कम होती है।
- (C) जब व्यक्ति के पास कोई संपत्ति नहीं होती।
- (D) गरीबी जो केवल ग्रामीण क्षेत्रों में पाई जाती है।
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सही उत्तर: (B) जब व्यक्ति की आय समाज के अन्य सदस्यों की तुलना में कम होती है।
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विस्तृत व्याख्या: निरपेक्ष गरीबी (Absolute Poverty) जीवित रहने के न्यूनतम साधनों की कमी है, जबकि सापेक्ष गरीबी समाज के मानक जीवन स्तर के संदर्भ में मापी जाती है। यह सामाजिक असमानता और तुलना पर आधारित होती है।
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- एक ‘मातृवंशीय’ (Matrilineal) समाज की मुख्य विशेषता क्या है?\n
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- (A) परिवार का नेतृत्व केवल माँ करती है।
- (B) वंश और संपत्ति का हस्तांतरण माँ से बेटी की ओर होता है।
- (C) पुरुष पूरी तरह से परिवार से बाहर होते हैं।
- (D) विवाह का कोई अस्तित्व नहीं होता।
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सही उत्तर: (B) वंश और संपत्ति का हस्तांतरण माँ से बेटी की ओर होता है।
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विस्तृत व्याख्या: मातृवंशीय प्रणाली में वंश नाम और विरासत माँ के पक्ष से चलती है (जैसे मेघालय की खासी जनजाति)। ध्यान रहे, यह ‘मातृसत्ता’ (Matriarchy) से अलग है; मातृसत्ता में सत्ता/निर्णय शक्ति महिलाओं के पास होती है, जबकि मातृवंशीय में केवल वंश का निर्धारण माँ से होता है।
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- समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य में ‘सामाजिक परिवर्तन’ (Social Change) का अर्थ है:\n
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- (A) केवल तकनीक का बदलना।
- (B) केवल फैशन का बदलना।
- (C) सामाजिक संरचनाओं, संस्थाओं और व्यवहार पैटर्न में बदलाव।
- (D) केवल जनसंख्या की वृद्धि।
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सही उत्तर: (C) सामाजिक संरचनाओं, संस्थाओं और व्यवहार पैटर्न में बदलाव।
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विस्तृत व्याख्या: सामाजिक परिवर्तन एक व्यापक प्रक्रिया है जिसमें परिवार की संरचना, मूल्यों, कानूनों और सामाजिक संबंधों में बदलाव आता है। यह विकासवादी (Evolutionary) या क्रांतिकारी (Revolutionary) हो सकता है।
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- मिशेल फूको (Michel Foucault) के अनुसार, ‘शक्ति’ (Power) कैसी होती है?\n
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- (A) यह केवल सरकार या पुलिस के पास होती है।
- (B) यह ऊपर से नीचे की ओर बहने वाली एक सीधी रेखा है।
- (C) यह विकेंद्रीकृत होती है और समाज के हर संबंध (ज्ञान के साथ) में व्याप्त होती है।
- (D) शक्ति केवल आर्थिक संसाधनों से आती है।
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सही उत्तर: (C) यह विकेंद्रीकृत होती है और समाज के हर संबंध (ज्ञान के साथ) में व्याप्त होती है।
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विस्तृत व्याख्या: फूको का तर्क था कि शक्ति केवल दमनकारी नहीं होती, बल्कि उत्पादक भी होती है। उनके अनुसार ‘शक्ति और ज्ञान’ (Power-Knowledge) एक-दूसरे से जुड़े हैं। शक्ति किसी एक व्यक्ति के पास नहीं, बल्कि सामाजिक विमर्श (Discourse) और संबंधों के जाल में फैली होती है।
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- एंटोनियो ग्राम्शी द्वारा प्रतिपादित ‘सांस्कृतिक प्रभुत्व’ (Cultural Hegemony) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) सेना के माध्यम से जनता को डराना।
- (B) शासक वर्ग द्वारा समाज के मूल्यों और विश्वासों को इस तरह थोपना कि वे ‘सामान्य’ (Common Sense) लगने लगें।
- (C) सभी संस्कृतियों का समान होना।
- (D) केवल कला और संगीत के माध्यम से शासन करना।
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सही उत्तर: (B) शासक वर्ग द्वारा समाज के मूल्यों और विश्वासों को इस तरह थोपना कि वे ‘सामान्य’ (Common Sense) लगने लगें।
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विस्तृत व्याख्या: ग्राम्शी ने बताया कि सत्ता केवल बल (Coercion) से नहीं, बल्कि सहमति (Consent) से चलती है। जब शासक वर्ग अपनी विचारधारा को पूरे समाज का साझा मूल्य बना देता है, तो लोग अपनी गुलामी को भी स्वाभाविक मानने लगते हैं।
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- शिक्षा के समाजशास्त्र में ‘छिपा हुआ पाठ्यक्रम’ (Hidden Curriculum) किसे कहते हैं?\n
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- (A) वह पाठ्यक्रम जो शिक्षक छात्रों से छिपाकर रखते हैं।
- (B) वह ज्ञान जो केवल पुस्तकालय की गुप्त किताबों में होता है।
- (C) वे अनकहे नियम, मूल्य और व्यवहार जिन्हें छात्र स्कूल के वातावरण से अनजाने में सीखते हैं।
- (D) वह सिलेबस जो सरकार ने गुप्त रखा हो।
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सही उत्तर: (C) वे अनकहे नियम, मूल्य और व्यवहार जिन्हें छात्र स्कूल के वातावरण से अनजाने में सीखते हैं।
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विस्तृत व्याख्या: औपचारिक पाठ्यक्रम (Maths, Science) के अलावा, छात्र स्कूल में अनुशासन, आज्ञाकारिता, समय की पाबंदी और सामाजिक पदानुक्रम को स्वीकार करना सीखते हैं। समाजशास्त्री इसे ‘छिपा हुआ पाठ्यक्रम’ कहते हैं क्योंकि यह स्पष्ट रूप से नहीं पढ़ाया जाता, फिर भी यह व्यक्तित्व को आकार देता है।
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- भारत में जनजातीय समुदायों के अध्ययन के संदर्भ में ‘एकीकरण’ (Integration) और ‘आत्मसात’ (Assimilation) में क्या अंतर है?\n
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- (A) दोनों का अर्थ एक ही है।
- (B) एकीकरण में जनजाति अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखते हुए मुख्यधारा से जुड़ती है, जबकि आत्मसात में वह अपनी मूल पहचान खोकर बहुसंख्यक संस्कृति में विलीन हो जाती है।
- (C) आत्मसात अधिक सकारात्मक प्रक्रिया है।
- (D) एकीकरण केवल आर्थिक होता है।
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सही उत्तर: (B) एकीकरण में जनजाति अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखते हुए मुख्यधारा से जुड़ती है, जबकि आत्मसात में वह अपनी मूल पहचान खोकर बहुसंख्यक संस्कृति में विलीन हो जाती है।
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विस्तृत व्याख्या: एकीकरण (Integration) विविधता का सम्मान करता है (जैसे बहुसांस्कृतिक समाज), जबकि आत्मसात (Assimilation) एकरूपता की मांग करता है, जहाँ अल्पसंख्यक समूह को अपनी संस्कृति छोड़नी पड़ती है।
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- ‘अनुप्रयुक्त समाजशास्त्र’ (Applied Sociology) का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?\n
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- (A) केवल सैद्धांतिक बहस करना।
- (B) समाजशास्त्रीय सिद्धांतों और शोध का उपयोग वास्तविक दुनिया की सामाजिक समस्याओं को हल करने के लिए करना।
- (C) समाज के इतिहास का दस्तावेजीकरण करना।
- (D) केवल विश्वविद्यालयों में पढ़ाना।
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सही उत्तर: (B) समाजशास्त्रीय सिद्धांतों और शोध का उपयोग वास्तविक दुनिया की सामाजिक समस्याओं को हल करने के लिए करना।
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विस्तृत व्याख्या: जब समाजशास्त्री अपने ज्ञान का उपयोग नीति निर्माण, गरीबी उन्मूलन या सामाजिक सुधार के लिए करते हैं, तो इसे अनुप्रयुक्त समाजशास्त्र कहते हैं। हाल ही में हार्वर्ड इम्पैक्ट लैब्स द्वारा सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए रिसर्च प्रोजेक्ट्स को फंड देना इसी का एक आधुनिक उदाहरण है।
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- समाजशास्त्रीय संदर्भ में ‘पितृसत्ता’ (Patriarchy) का सबसे सटीक वर्णन क्या है?\n
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- (A) केवल पुरुषों का महिलाओं से घृणा करना।
- (B) एक सामाजिक प्रणाली जिसमें पुरुष प्रधान होते हैं और सत्ता, विशेषाधिकार तथा संसाधनों पर उनका नियंत्रण होता है।
- (C) पिता का अपने बच्चों से प्यार करना।
- (D) वह समाज जहाँ केवल पुरुष वोट दे सकते हैं।
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सही उत्तर: (B) एक सामाजिक प्रणाली जिसमें पुरुष प्रधान होते हैं और सत्ता, विशेषाधिकार तथा संसाधनों पर उनका नियंत्रण होता है।
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विस्तृत व्याख्या: पितृसत्ता केवल एक व्यक्तिगत व्यवहार नहीं, बल्कि एक संरचनात्मक व्यवस्था है जो लिंग आधारित असमानता को वैध बनाती है और पुरुषों को निर्णय लेने की शक्ति प्रदान करती है।
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- शोध प्रक्रिया में ‘परिकल्पना’ (Hypothesis) क्या होती है?\n
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- (A) शोध का अंतिम निष्कर्ष।
- (B) दो या दो से अधिक चरों (Variables) के बीच संबंधों का एक परीक्षण योग्य अस्थायी अनुमान।
- (C) डेटा संग्रह की एक विधि।
- (D) शोध का मुख्य उद्देश्य।
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सही उत्तर: (B) दो या दो से अधिक चरों (Variables) के बीच संबंधों का एक परीक्षण योग्य अस्थायी अनुमान।
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विस्तृत व्याख्या: परिकल्पना एक ‘शिक्षित अनुमान’ (Educated Guess) है जिसे शोधकर्ता डेटा संग्रह के माध्यम से सिद्ध या असिद्ध (Prove or Disprove) करने का प्रयास करता है। उदाहरण के लिए: “शिक्षा का स्तर बढ़ने से जातिगत पूर्वाग्रह कम होते हैं।”
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