समाजशास्त्र की गहन तैयारी: वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक कौशल का परीक्षण
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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी केवल तथ्यों को रटने के बारे में नहीं है, बल्कि समाजशास्त्रीय सिद्धांतों को वास्तविक दुनिया की स्थितियों में लागू करने की क्षमता विकसित करने के बारे में है। यह दैनिक अभ्यास सेट आपको समाजशास्त्र के शास्त्रीय विचारकों से लेकर समकालीन सामाजिक बदलावों तक की यात्रा पर ले जाएगा। अपनी तैयारी को एक नई ऊंचाई देने के लिए इस बौद्धिक चुनौती को स्वीकार करें और अपनी वैचारिक पकड़ को मजबूत करें।
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- एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति कब उत्पन्न होती है?\n
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- (A) जब समाज में बहुत अधिक नियम होते हैं।
- (B) जब सामाजिक मानदंडों का अभाव होता है या वे टूट जाते हैं।
- (C) जब व्यक्ति समाज से पूरी तरह अलग हो जाता है।
- (D) जब आर्थिक असमानता न्यूनतम होती है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘एनोमी’ का उपयोग उस स्थिति को दर्शाने के लिए किया जहाँ समाज में नियमों और मानदंडों की कमी हो जाती है, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। यह अक्सर तीव्र सामाजिक परिवर्तन या आर्थिक संकट के दौरान होता है। विकल्प (A) इसके विपरीत है, जबकि (C) अलगाव (Alienation) की ओर इशारा करता है।
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- कार्ल मार्क्स द्वारा प्रतिपादित ‘अलगाव’ (Alienation) के सिद्धांत में, श्रमिक सबसे पहले किससे अलग होता है?\n
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- (A) साथी श्रमिकों से
- (B) समाज से
- (C) उत्पादित वस्तु से
- (D) स्वयं के मानवीय स्वभाव से
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवादी व्यवस्था में श्रमिक जिस वस्तु का निर्माण करता है, उस पर उसका कोई नियंत्रण नहीं होता, जिससे वह अपने ‘उत्पाद’ से अलग हो जाता है। यह प्रक्रिया अंततः उसे अन्य श्रमिकों और स्वयं से अलग कर देती है। यह विचार उनकी कृति ‘1844 की आर्थिक और दार्शनिक पांडुलिपियों’ में मिलता है।
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- मैक्स वेबर के ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) की अवधारणा का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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- (A) समाज के लिए एक आदर्श दुनिया बनाना।
- (B) सामाजिक वास्तविकता का विश्लेषण करने के लिए एक तुलनात्मक मानक बनाना।
- (C) केवल सकारात्मक मूल्यों को बढ़ावा देना।
- (D) सांख्यिकीय डेटा का सटीक संग्रह करना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: ‘आदर्श प्रारूप’ कोई वास्तविक स्थिति नहीं है, बल्कि एक मानसिक निर्माण है जिसे शोधकर्ता वास्तविक घटनाओं की तुलना करने और उनका विश्लेषण करने के लिए एक ‘बेंचमार्क’ के रूप में उपयोग करता है। यह वेबर की ‘समझने वाली समाजशास्त्र’ (Verstehen) का हिस्सा है।
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- टैल्कोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) लक्ष्यों को प्राप्त करना।
- (B) संसाधनों का संग्रहण।
- (C) सांस्कृतिक पैटर्न को बनाए रखना और तनाव कम करना।
- (D) बाहरी वातावरण के साथ अनुकूलन।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स के अनुसार, किसी भी सामाजिक व्यवस्था को जीवित रहने के लिए चार कार्य करने होते हैं: Adaptation (A), Goal Attainment (G), Integration (I), और Latency (L)। Latency का अर्थ है समाज के बुनियादी मूल्यों और सांस्कृतिक मानदंडों को बनाए रखना ताकि व्यवस्था स्थिर रहे।
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- रॉबर्ट के. मर्टन के ‘तनाव सिद्धांत’ (Strain Theory) के अनुसार, जब व्यक्ति लक्ष्य को स्वीकार करता है लेकिन वैध साधनों को अस्वीकार कर देता है, तो इसे क्या कहा जाता है?\n
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- (A) अनुरूपता (Conformity)
- (B) नवाचार (Innovation)
- (C) अनुष्ठानवाद (Ritualism)
- (D) विद्रोह (Rebellion)
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: नवाचार (Innovation) तब होता है जब व्यक्ति समाज द्वारा निर्धारित सफलता के लक्ष्यों (जैसे धन) को तो पाना चाहता है, लेकिन उन्हें प्राप्त करने के कानूनी या सामाजिक रूप से स्वीकृत तरीकों (जैसे शिक्षा, नौकरी) को छोड़ देता है और अवैध रास्तों (जैसे चोरी) को अपनाता है।
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- जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘Me’ (मैं) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) व्यक्ति का सहज और स्वाभाविक व्यवहार।
- (B) समाज द्वारा आरोपित अपेक्षाएं और सामाजिक नियम।
- (C) केवल शारीरिक उपस्थिति।
- (D) जन्मजात प्रवृत्तियाँ।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: मीड ने स्व (Self) को ‘I’ और ‘Me’ में विभाजित किया। ‘I’ व्यक्ति का रचनात्मक और स्वतःस्फूर्त पक्ष है, जबकि ‘Me’ वह सामाजिक स्व है जो दूसरों की नजरों से खुद को देखता है और सामाजिक मानदंडों को आत्मसात करता है।
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- सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) के संदर्भ में ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का उदाहरण कौन सा है?\n
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- (A) वर्ग (Class)
- (B) जाति (Caste)
- (C) व्यावसायिक स्तर
- (D) शैक्षिक योग्यता
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: जाति एक बंद स्तरीकरण प्रणाली है क्योंकि इसमें व्यक्ति की स्थिति जन्म से निर्धारित होती है और इसे बदला नहीं जा सकता। इसके विपरीत, वर्ग एक ‘खुली प्रणाली’ है जहाँ योग्यता और उपलब्धि से स्थिति बदली जा सकती है।
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- ‘सांस्कृतिक सापेक्षवाद’ (Cultural Relativism) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) अपनी संस्कृति को सर्वश्रेष्ठ मानना।
- (B) किसी संस्कृति को उसकी अपनी मान्यताओं और मूल्यों के संदर्भ में समझना।
- (C) सभी संस्कृतियों को एक ही मानक से मापना।
- (D) दूसरी संस्कृति को पूरी तरह नकारना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: सांस्कृतिक सापेक्षवाद यह मानता है कि कोई भी संस्कृति श्रेष्ठ या निम्न नहीं होती, बल्कि प्रत्येक संस्कृति के अपने तर्क और मूल्य होते हैं। यह ‘नृजातीय केंद्रवाद’ (Ethnocentrism) के ठीक विपरीत है।
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- परिवार के संदर्भ में ‘संयुग्मक’ (Conjugal) परिवार किसे कहते हैं?\n
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- (A) वह परिवार जिसमें कई पीढ़ियां साथ रहती हों।
- (B) वह परिवार जो केवल पति-पत्नी और उनकी अविवाहित संतानों पर आधारित हो।
- (C) वह परिवार जिसमें रक्त संबंध प्राथमिक होते हैं।
- (D) वह परिवार जहाँ केवल माता-पिता रहते हों।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: संयुग्मक परिवार का केंद्र पति-पत्नी का संबंध होता है, जबकि ‘रक्त-संबंधी’ (Consanguineal) परिवार में पूर्वजों और रक्त संबंधों को अधिक महत्व दिया जाता है।
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- धर्म के समाजशास्त्र में ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र’ (Profane) के बीच अंतर किसने स्पष्ट किया?\n
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- (A) मैक्स वेबर
- (B) एमिल दुर्खीम
- (C) कार्ल मार्क्स
- (D) ऑगस्ट कॉम्टे
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में तर्क दिया कि धर्म का सार पवित्र और अपवित्र के बीच का विभाजन है। पवित्र वह है जिसे विशेष सम्मान दिया जाता है और जिसे सामान्य दुनिया से अलग रखा जाता है।
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- शिक्षा के समाजशास्त्र में ‘प्रच्छन्न पाठ्यक्रम’ (Hidden Curriculum) से क्या तात्पर्य है?\n
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- (A) वह पाठ्यक्रम जो लिखित रूप में नहीं होता लेकिन छात्रों द्वारा अनौपचारिक रूप से सीखा जाता है।
- (B) गुप्त रूप से पढ़ाया जाने वाला प्रतिबंधित विषय।
- (C) केवल व्यावसायिक कौशल का प्रशिक्षण।
- (D) वह पाठ्यक्रम जो शिक्षकों द्वारा छिपा लिया गया हो।
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सही उत्तर: (A)
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विस्तृत व्याख्या: प्रच्छन्न पाठ्यक्रम में वे मूल्य, विश्वास और व्यवहार शामिल होते हैं जो स्कूल के वातावरण, अनुशासन और शिक्षकों के व्यवहार के माध्यम से छात्रों को सिखाए जाते हैं (जैसे समय की पाबंदी, आज्ञाकारिता), न कि पाठ्यपुस्तकों के माध्यम से।
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- अनुसंधान पद्धति में ‘ट्रायंगुलेशन’ (Triangulation) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) केवल तीन उत्तरदाताओं का साक्षात्कार लेना।
- (B) डेटा की वैधता बढ़ाने के लिए एक ही घटना का अध्ययन करने हेतु कई विधियों का उपयोग करना।
- (C) डेटा को तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करना।
- (D) केवल मात्रात्मक डेटा का उपयोग करना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: ट्रायंगुलेशन में शोधकर्ता एक ही समस्या को समझने के लिए विभिन्न स्रोतों (जैसे सर्वे + साक्षात्कार + अवलोकन) का उपयोग करता है ताकि परिणामों की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ सके।
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- समकालीन अनुसंधान में ‘AI-जनरेटेड विजुअल्स’ का उपयोग लिंग और घरेलू काम के आवंटन के अध्ययन के लिए किया जा रहा है। यह किस शोध दृष्टिकोण का हिस्सा है?\n
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- (A) पारंपरिक नृवंशविज्ञान (Traditional Ethnography)
- (B) डिजिटल समाजशास्त्र और प्रयोगात्मक डिजाइन (Digital Sociology & Experimental Design)
- (C) केवल ऐतिहासिक विश्लेषण
- (D) केस स्टडी विधि
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: आधुनिक समाजशास्त्र में AI और डिजिटल टूल्स का उपयोग करके यह देखा जा रहा है कि लोग विभिन्न छवियों के प्रति क्या प्रतिक्रिया देते हैं। यह लिंग संबंधी रूढ़ियों (Gender Stereotypes) को मापने का एक नया और प्रभावी प्रयोगात्मक तरीका है।
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- एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
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- (A) निचली जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना।
- (B) उच्च जातियों द्वारा निम्न जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाना।
- (C) जाति व्यवस्था का पूरी तरह समाप्त होना।
- (D) केवल संस्कृत भाषा का अध्ययन करना।
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सही उत्तर: (A)
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विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें निम्न जातियां अपनी सामाजिक स्थिति ऊपर उठाने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों, आदर्शों और जीवनशैली का अनुकरण करती हैं।
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- ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा किसने दी?\n
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- (A) जी.एस. घुरये
- (B) एम.एन. श्रीनिवास
- (C) लुई ड्यूमों
- (D) बी.आर. अंबेडकर
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास के अनुसार, प्रभावी जाति वह होती है जिसके पास संख्यात्मक मजबूती, आर्थिक शक्ति (मुख्यतः भूमि का स्वामित्व) और राजनीतिक प्रभाव होता है, चाहे उसकी अनुक्रमिक स्थिति (Ritual Status) कुछ भी हो।
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- भारतीय समाज में ‘जनजातीय एकीकरण’ (Tribal Integration) के संदर्भ में ‘आत्मसातीकरण’ (Assimilation) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान बनाए रखते हुए मुख्यधारा से जुड़ना।
- (B) अपनी विशिष्ट संस्कृति को त्यागकर मुख्यधारा की संस्कृति में पूरी तरह विलीन हो जाना।
- (C) जनजातियों को पूरी तरह अलग बसाना।
- (D) केवल आर्थिक रूप से समृद्ध होना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: आत्मसातीकरण वह प्रक्रिया है जहाँ एक अल्पसंख्यक समूह (जैसे जनजाति) अपनी मूल पहचान खो देता है और बहुसंख्यक समाज की संस्कृति को अपना लेता है। यह ‘एकीकरण’ (Integration) से अलग है, जहाँ पहचान बनी रहती है।
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- ग्रामीण समाजशास्त्र में ‘जजमानी व्यवस्था’ का मुख्य आधार क्या था?\n
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- (A) केवल मौद्रिक लेन-देन।
- (B) पारस्परिक सेवा और वस्तुओं का विनिमय।
- (C) केवल राजनीतिक गठबंधन।
- (D) शहरी व्यापारिक संबंध।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: जजमानी व्यवस्था ग्रामीण भारत में जातियों के बीच सेवाओं के आदान-प्रदान की एक पारंपरिक प्रणाली थी, जहाँ ‘कामीन’ (सेवा प्रदाता) ‘जजमान’ (सेवा प्राप्तकर्ता) को सेवाओं के बदले अनाज या भूमि प्रदान करते थे।
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- लुई विर्थ (Louis Wirth) के अनुसार, ‘नगरीयता’ (Urbanism) की तीन मुख्य विशेषताएं क्या हैं?\n
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- (A) गरीबी, बीमारी और भीड़।
- (B) जनसंख्या का आकार, घनत्व और सामाजिक विषमता।
- (C) उच्च शिक्षा, उद्योग और परिवहन।
- (D) शांति, स्वच्छता और सहयोग।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: विर्थ ने अपने लेख ‘Urbanism as a Way of Life’ में तर्क दिया कि शहर की बड़ी जनसंख्या, उच्च घनत्व और विविधता लोगों के बीच संबंधों को औपचारिक, सतही और व्यक्तिगत (Impersonal) बना देती है।
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- ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या हो सकता है?\n
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- (A) कंप्यूटर का उपयोग केवल उच्च जातियों द्वारा करना।
- (B) इंटरनेट और डिजिटल संसाधनों तक पहुंच में जाति-आधारित असमानता का बना रहना।
- (C) डिजिटल प्लेटफॉर्म पर केवल जातिगत चर्चा करना।
- (D) सॉफ्टवेयर के माध्यम से जाति का निर्धारण करना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा बताती है कि कैसे पारंपरिक सामाजिक असमानताएं अब डिजिटल स्पेस में स्थानांतरित हो गई हैं। जिनके पास बेहतर शिक्षा और तकनीक तक पहुंच है (अक्सर उच्च जातियां), वे डिजिटल अर्थव्यवस्था में अधिक लाभ उठाते हैं।
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- समकालीन मीडिया समाजशास्त्र के अनुसार, ‘क्लिकबेट क्राइम न्यूज’ (Clickbait Crime News) का समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है?\n
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- (A) अपराधों की वास्तविक दर कम हो जाती है।
- (B) यह समाज में अपराध के प्रति भय (Moral Panic) और गलत धारणाएं पैदा करता है।
- (C) इससे न्याय प्रणाली अधिक पारदर्शी होती है।
- (D) इसका समाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: सनसनीखेज खबरें (Clickbait) अक्सर अपराध के चुनिंदा और डरावने पहलुओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करती हैं, जिससे आम जनता में असुरक्षा की भावना बढ़ती है और कुछ विशिष्ट समूहों के प्रति पूर्वाग्रह गहरा होता है।
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- पितृसत्ता (Patriarchy) की समाजशास्त्रीय परिभाषा क्या है?\n
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- (A) केवल पुरुषों का परिवार में रहना।
- (B) एक सामाजिक व्यवस्था जिसमें पुरुषों के पास शक्ति और संसाधनों का नियंत्रण होता है।
- (C) पिता द्वारा बच्चों की देखभाल करना।
- (D) केवल कानूनी रूप से पुरुषों को अधिकार मिलना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: पितृसत्ता एक व्यापक संरचनात्मक व्यवस्था है जो पुरुषों को महिलाओं की तुलना में अधिक सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक शक्ति प्रदान करती है और लिंग-आधारित असमानता को वैध बनाती है।
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- वृद्ध समाजशास्त्र (Sociology of Aging) के संदर्भ में, ‘सक्रिय वृद्धावस्था’ (Active Aging) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) केवल व्यायाम करना।
- (B) वृद्धावस्था में स्वास्थ्य, भागीदारी और सुरक्षा के अवसरों को अनुकूलित करना।
- (C) सेवानिवृत्ति के बाद पूरी तरह आराम करना।
- (D) केवल पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: सक्रिय वृद्धावस्था का अर्थ है बुजुर्गों को समाज का सक्रिय हिस्सा बनाए रखना, जिससे उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहे और वे अपनी क्षमता के अनुसार सामाजिक योगदान दे सकें।
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- सामाजिक परिवर्तन के ‘रैखिक सिद्धांत’ (Linear Theory) का मुख्य विचार क्या है?\n
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- (A) समाज एक चक्र में चलता है और वापस उसी स्थिति में आता है।
- (B) समाज एक निश्चित दिशा में (जैसे आदिम से आधुनिक की ओर) विकसित होता है।
- (C) समाज में कोई परिवर्तन नहीं होता।
- (D) परिवर्तन केवल अचानक और हिंसक होता है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: रैखिक सिद्धांत (जैसे कॉम्टे और स्पेंसर के विचार) मानते हैं कि समाज एक सीधी रेखा में प्रगति करता है—सरल से जटिल की ओर या पिछड़ेपन से आधुनिकता की ओर। इसके विपरीत ‘चक्र सिद्धांत’ (Cyclical Theory) मानते हैं कि इतिहास खुद को दोहराता है।
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- मिशेल फूको (Michel Foucault) के अनुसार ‘शक्ति’ (Power) की प्रकृति कैसी है?\n
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- (A) शक्ति केवल राज्य या सरकार के पास होती है।
- (B) शक्ति ऊपर से नीचे की ओर एक दिशा में प्रवाहित होती है।
- (C) शक्ति विकेंद्रित है और समाज के हर संबंध और विमर्श (Discourse) में व्याप्त है।
- (D) शक्ति केवल शारीरिक बल का प्रयोग है।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: फूको का तर्क था कि शक्ति केवल दमनकारी नहीं होती, बल्कि यह उत्पादक भी होती है। यह ज्ञान और विमर्श के माध्यम से समाज के हर स्तर पर मौजूद है (Capillary Power)।
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- समाजशास्त्र और सामाजिक मानवशास्त्र (Social Anthropology) के बीच मुख्य अंतर क्या है?\n
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- (A) समाजशास्त्र केवल ग्रामीण समाज का अध्ययन करता है।
- (B) मानवशास्त्र केवल आधुनिक समाजों का अध्ययन करता है।
- (C) पारंपरिक रूप से समाजशास्त्र ने जटिल/औद्योगिक समाजों और मानवशास्त्र ने सरल/आदिम समाजों पर ध्यान केंद्रित किया है।
- (D) दोनों के बीच कोई अंतर नहीं है।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: हालाँकि अब दोनों के बीच की रेखा धुंधली हो गई है, लेकिन ऐतिहासिक रूप से समाजशास्त्र ने पश्चिमी औद्योगिक समाजों का अध्ययन किया, जबकि मानवशास्त्र ने गैर-पश्चिमी, छोटे और जनजातीय समाजों का गहन अध्ययन (Participant Observation के माध्यम से) किया।
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अभ्यास सुझाव: इन प्रश्नों का विश्लेषण करते समय केवल सही उत्तर न देखें, बल्कि गलत विकल्पों के पीछे के सिद्धांतों को भी समझें। यह आपको परीक्षा में ‘सबसे उपयुक्त’ विकल्प चुनने में मदद करेगा।
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