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समाजशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न: अपनी वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक क्षमता को परखें

नमस्ते भविष्य के समाजशास्त्रियों! क्या आप अपनी वैचारिक स्पष्टता को चुनौती देने के लिए तैयार हैं? आज का यह विशेष अभ्यास सेट न केवल आपकी याददाश्त, बल्कि आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता का भी परीक्षण करेगा। आइए, समाजशास्त्र के जटिल सिद्धांतों, महान विचारकों और समकालीन सामाजिक बदलावों की गहराई में उतरें और अपनी तैयारी को एक नए स्तर पर ले जाएं!

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  1. कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति का मुख्य कारण क्या है?\n
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    • (A) सामाजिक मेलजोल की कमी
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    • (B) उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व और श्रम का वस्तुकरण
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    • (C) धार्मिक विश्वासों का प्रभाव
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    • (D) शिक्षा का अभाव
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    सही उत्तर: (B) उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व और श्रम का वस्तुकरण

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    \nविस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवाद में श्रमिक अपने द्वारा उत्पादित वस्तु, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः स्वयं से अलग हो जाता है क्योंकि उत्पादन के साधनों पर पूंजीपतियों का नियंत्रण होता है। यह विचार उनकी कृति ‘Economic and Philosophic Manuscripts of 1844’ में विस्तार से मिलता है। विकल्प (A), (C) और (D) सामाजिक समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन मार्क्स के अलगाव सिद्धांत का मूल आधार आर्थिक संरचना है।

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  2. मैक्स वेबर ने ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) की अवधारणा का उपयोग क्यों किया?\n
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    • (A) समाज में पूर्णता प्राप्त करने के लिए
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    • (B) सामाजिक वास्तविकताओं के विश्लेषण के लिए एक तुलनात्मक उपकरण के रूप में
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    • (C) नैतिक मानकों को निर्धारित करने के लिए
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    • (D) केवल ऐतिहासिक घटनाओं को दर्ज करने के लिए
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    सही उत्तर: (B) सामाजिक वास्तविकताओं के विश्लेषण के लिए एक तुलनात्मक उपकरण के रूप में

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    \nविस्तृत व्याख्या: ‘आदर्श प्रारूप’ कोई वास्तविक समाज नहीं है, बल्कि एक मानसिक निर्माण है जिसमें किसी घटना की मुख्य विशेषताओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है ताकि वास्तविक दुनिया की घटनाओं की तुलना उससे की जा सके और विचलनों को समझा जा सके। विकल्प (A) गलत है क्योंकि यह ‘नैतिक आदर्श’ नहीं बल्कि ‘विश्लेषणात्मक आदर्श’ है।

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  3. एमिल दुर्खीम द्वारा प्रतिपादित ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) अत्यधिक सामाजिक नियंत्रण
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    • (B) नियमों और मूल्यों का अभाव या विखंडन
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    • (C) सामाजिक एकजुटता में वृद्धि
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    • (D) धार्मिक कट्टरता
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    सही उत्तर: (B) नियमों और मूल्यों का अभाव या विखंडन

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    \nविस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘The Division of Labour in Society’ और ‘Suicide’ में बताया कि जब समाज में तीव्र परिवर्तन होते हैं, तो पुराने नियम काम नहीं करते और नए नियम स्थापित नहीं हो पाते, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। इसे ही ‘एनोमी’ या नियमहीनता कहा जाता है। विकल्प (A) इसका ठीक उल्टा है।

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  4. टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या कार्य है?\n
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    • (A) लक्ष्य निर्धारण करना
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    • (B) संसाधनों को जुटाना
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    • (C) सांस्कृतिक प्रतिमानों को बनाए रखना और तनाव कम करना
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    • (D) सामाजिक एकीकरण सुनिश्चित करना
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    सही उत्तर: (C) सांस्कृतिक प्रतिमानों को बनाए रखना और तनाव कम करना

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    \nविस्तृत व्याख्या: AGIL मॉडल में A=Adaptation (अनुकूलन), G=Goal Attainment (लक्ष्य प्राप्ति), I=Integration (एकीकरण) और L=Latency (प्रसुप्तता/प्रतिमान रखरखाव) है। ‘Latency’ का कार्य समाज के बुनियादी मूल्यों और संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुँचाना और तनाव प्रबंधन करना है। विकल्प (A) ‘G’ और (B) ‘A’ से संबंधित हैं।

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  5. रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?\n
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    • (A) प्रकट कार्य हानिकारक होते हैं, अंतर्निहित लाभकारी।
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    • (B) प्रकट कार्य इच्छित और ज्ञात होते हैं, जबकि अंतर्निहित अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।
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    • (C) दोनों एक ही बात के दो अलग नाम हैं।
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    • (D) प्रकट कार्य केवल धर्म में होते हैं, अंतर्निहित राजनीति में।
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    सही उत्तर: (B) प्रकट कार्य इच्छित और ज्ञात होते हैं, जबकि अंतर्निहित अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।

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    \nविस्तृत व्याख्या: मर्टन के अनुसार, किसी सामाजिक संस्था का वह उद्देश्य जिसके लिए उसे बनाया गया है, ‘प्रकट कार्य’ है (जैसे स्कूल का उद्देश्य शिक्षा देना)। लेकिन उसके वे परिणाम जो अनजाने में निकलते हैं, ‘अंतर्निहित कार्य’ कहलाते हैं (जैसे स्कूल में मित्र बनाना)। विकल्प (A) गलत है क्योंकि दोनों सकारात्मक या नकारात्मक हो सकते हैं।

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  6. जॉर्ज हरबर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) के विकास में ‘Me’ का क्या महत्व है?\n
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    • (A) यह व्यक्ति की सहज और रचनात्मक इच्छा है।
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    • (B) यह समाज द्वारा आरोपित अपेक्षाओं और नियमों का आंतरिक रूप है।
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    • (C) यह केवल बचपन में मौजूद होता है।
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    • (D) यह व्यक्ति की जैविक प्रवृत्तियों को दर्शाता है।
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    सही उत्तर: (B) यह समाज द्वारा आरोपित अपेक्षाओं और नियमों का आंतरिक रूप है।

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    \nविस्तृत व्याख्या: मीड ने ‘I’ (स्वयं की सहज प्रतिक्रिया) और ‘Me’ (सामाजिकीकृत स्व) के बीच अंतर किया। ‘Me’ वह हिस्सा है जो समाज के मानदंडों और दूसरों की नजरों से खुद को देखता है। विकल्प (A) ‘I’ की विशेषता है।

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  7. इरविंग गोफमैन का ‘नाट्यशास्त्र’ (Dramaturgy) सिद्धांत समाज को कैसे देखता है?\n
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    • (A) समाज एक संघर्ष का मैदान है।
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    • (B) सामाजिक संपर्क एक रंगमंच की तरह है जहाँ व्यक्ति ‘भूमिका’ निभाते हैं।
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    • (C) समाज केवल जैविक प्रवृत्तियों का समूह है।
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    • (D) समाज केवल आर्थिक संबंधों से संचालित होता है।
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    सही उत्तर: (B) सामाजिक संपर्क एक रंगमंच की तरह है जहाँ व्यक्ति ‘भूमिका’ निभाते हैं।

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    \nविस्तृत व्याख्या: गोफमैन ने ‘The Presentation of Self in Everyday Life’ में तर्क दिया कि लोग अपने ‘Front Stage’ (दूसरों के सामने) और ‘Back Stage’ (निजी तौर पर) अलग-अलग व्यवहार करते हैं ताकि अपनी एक विशेष छवि बना सकें। विकल्प (A) संघर्ष सिद्धांत (Conflict Theory) है।

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  8. सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) के संदर्भ में ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का उदाहरण क्या है?\n
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    • (A) वर्ग व्यवस्था (Class System)
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    • (B) जाति व्यवस्था (Caste System)
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    • (C) योग्यता आधारित व्यवस्था (Meritocracy)
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    • (D) पेशेवर श्रेणी (Professional Category)
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    सही उत्तर: (B) जाति व्यवस्था (Caste System)

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    \nविस्तृत व्याख्या: बंद स्तरीकरण वह होता है जहाँ व्यक्ति की सामाजिक स्थिति जन्म से निर्धारित होती है और उसमें परिवर्तन की संभावना लगभग शून्य होती है। जाति व्यवस्था इसका सटीक उदाहरण है। इसके विपरीत, वर्ग व्यवस्था ‘खुली’ होती है जहाँ शिक्षा और धन से स्थिति बदली जा सकती है।

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  9. ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की अवधारणा एम.एन. श्रीनिवास ने किस संदर्भ में दी थी?\n
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    • (A) उच्च जातियों द्वारा निम्न जातियों का शोषण।
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    • (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना।
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    • (C) पश्चिमी संस्कृति का भारतीय समाज में प्रवेश।
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    • (D) ग्रामीण समाज का शहरीकरण।
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    सही उत्तर: (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना।

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    \nविस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास ने बताया कि कुछ निम्न जातियां अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों, शाकाहार और पूजा पद्धतियों को अपनाती हैं। विकल्प (C) ‘पश्चिमीकरण’ (Westernization) है।

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  10. समाजशास्त्रीय शोध में ‘नृवंशविज्ञान’ (Ethnography) का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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    • (A) सांख्यिकीय डेटा का विश्लेषण करना।
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    • (B) प्रयोगशाला में प्रयोग करना।
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    • (C) किसी संस्कृति या समूह के भीतर रहकर उनका गहन अवलोकन करना।
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    • (D) केवल पुस्तकालयों से डेटा एकत्र करना।
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    सही उत्तर: (C) किसी संस्कृति या समूह के भीतर रहकर उनका गहन अवलोकन करना।

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    \nविस्तृत व्याख्या: नृवंशविज्ञान एक गुणात्मक शोध विधि है जिसमें शोधकर्ता ‘प्रतिभागी अवलोकन’ (Participant Observation) के माध्यम से लोगों के वास्तविक जीवन के अनुभवों को समझता है। विकल्प (A) मात्रात्मक शोध (Quantitative Research) का हिस्सा है।

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  11. अगस्त कॉम्टे को ‘समाजशास्त्र का जनक’ क्यों माना जाता है?\n
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    • (A) क्योंकि उन्होंने सबसे पहले समाज का अध्ययन किया।
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    • (B) क्योंकि उन्होंने समाजशास्त्र शब्द गढ़ा और इसे एक वैज्ञानिक आधार (प्रत्यक्षवाद) दिया।
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    • (C) क्योंकि उन्होंने मार्क्सवाद की नींव रखी।
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    • (D) क्योंकि उन्होंने जाति व्यवस्था का विश्लेषण किया।
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    सही उत्तर: (B) क्योंकि उन्होंने समाजशास्त्र शब्द गढ़ा और इसे एक वैज्ञानिक आधार (प्रत्यक्षवाद) दिया।

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    \nविस्तृत व्याख्या: कॉम्टे ने 1838 में ‘Sociology’ शब्द का प्रयोग किया और तर्क दिया कि समाज का अध्ययन प्राकृतिक विज्ञानों (जैसे भौतिकी) की तरह ही अवलोकन और प्रयोग के आधार पर किया जाना चाहिए, जिसे ‘Positivism’ (प्रत्यक्षवाद) कहा गया।

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  12. ‘जजमानी व्यवस्था’ (Jajmani System) ग्रामीण भारत के किस पहलू को दर्शाती है?\n
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    • (A) केवल धार्मिक अनुष्ठानों को।
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    • (B) जातियों के बीच पारस्परिक आर्थिक और सेवा संबंधों को।
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    • (C) शहरीकरण के प्रभाव को।
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    • (D) आधुनिक बाजार अर्थव्यवस्था को।
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    सही उत्तर: (B) जातियों के बीच पारस्परिक आर्थिक और सेवा संबंधों को।

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    \nविस्तृत व्याख्या: जजमानी व्यवस्था एक पारंपरिक सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था थी जहाँ सेवा प्रदाता जातियां (जैसे नाई, लोहार) संरक्षक जातियों (जैसे जमींदार) को सेवाएं देती थीं और बदले में उन्हें अनाज या अन्य लाभ मिलते थे। यह अंतर्निर्भरता पर आधारित थी।

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  13. पिअर बोर्दियु (Pierre Bourdieu) द्वारा प्रतिपादित ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) बैंक में जमा धन।
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    • (B) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और भाषा जो व्यक्ति को समाज में उच्च स्थिति दिलाने में मदद करती है।
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    • (C) केवल प्राचीन स्मारकों का संरक्षण।
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    • (D) भौतिक संपत्तियों का संग्रह।
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    सही उत्तर: (B) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और भाषा जो व्यक्ति को समाज में उच्च स्थिति दिलाने में मदद करती है।

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    \nविस्तृत व्याख्या: बोर्दियु के अनुसार, केवल पैसा ही पूंजी नहीं है; जिस तरह की भाषा हम बोलते हैं, हमारे शौक और हमारी डिग्रियां भी ‘पूंजी’ हैं जो समाज में शक्ति और प्रतिष्ठा दिलाती हैं। विकल्प (A) और (D) आर्थिक पूंजी हैं।

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  14. समकालीन शोधों के अनुसार, ‘घरेलू काम के वितरण’ (Housework Attribution) में लैंगिक असमानता का मुख्य कारण क्या है?\n
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    • (A) महिलाओं की शारीरिक क्षमता की कमी।
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    • (B) सामाजिक रूप से निर्मित लैंगिक भूमिकाएं और रूढ़ियां।
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    • (C) शिक्षा का पूर्ण अभाव।
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    • (D) आधुनिक उपकरणों की कमी।
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    सही उत्तर: (B) सामाजिक रूप से निर्मित लैंगिक भूमिकाएं और रूढ़ियां।

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    \nविस्तृत व्याख्या: समाजशास्त्र यह मानता है कि घरेलू काम का बोझ महिलाओं पर अधिक होना जैविक नहीं, बल्कि सामाजिक है। समाज ने ‘देखभाल’ (care work) को स्त्रीत्व से जोड़ दिया है। हालिया शोध AI और विजुअल डेटा के माध्यम से भी यह दिखाते हैं कि लोग अभी भी घरेलू कामों को महिलाओं से अधिक जोड़ते हैं।

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  15. ‘मित्रता बाजार’ (Friendship Market) की अवधारणा वर्तमान समाजशास्त्र में क्या संकेत देती है?\n
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    • (A) मित्रों को खरीदना और बेचना।
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    • (B) दोस्ती बनाने की प्रक्रिया में ‘रणनीतिक चयन’ और ‘सामाजिक विनिमय’ का बढ़ता प्रभाव।
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    • (C) दोस्ती का पूरी तरह समाप्त हो जाना।
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    • (D) केवल व्यावसायिक संबंधों का होना।
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    सही उत्तर: (B) दोस्ती बनाने की प्रक्रिया में ‘रणनीतिक चयन’ और ‘सामाजिक विनिमय’ का बढ़ता प्रभाव।

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    \nविस्तृत व्याख्या: आधुनिक समाजशास्त्र में ‘Friendship Market’ इस बात का विश्लेषण करता है कि कैसे लोग अपनी सामाजिक स्थिति, रुचियों और लाभों के आधार पर मित्रों का चुनाव करते हैं, जो सामाजिक विनिमय सिद्धांत (Social Exchange Theory) से जुड़ा है।

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  16. ‘प्रत्यक्षवाद’ (Positivism) और ‘व्याख्यात्मक समाजशास्त्र’ (Interpretive Sociology) में मुख्य अंतर क्या है?\n
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    • (A) प्रत्यक्षवाद केवल धर्म पर केंद्रित है, व्याख्यात्मक केवल राजनीति पर।
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    • (B) प्रत्यक्षवाद सामान्य नियमों (General Laws) की खोज करता है, जबकि व्याख्यात्मक व्यक्तिपरक अर्थों (Subjective Meanings) को समझता है।
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    • (C) दोनों के बीच कोई अंतर नहीं है।
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    • (D) व्याख्यात्मक समाजशास्त्र केवल आंकड़ों का उपयोग करता है।
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    सही उत्तर: (B) प्रत्यक्षवाद सामान्य नियमों (General Laws) की खोज करता है, जबकि व्याख्यात्मक व्यक्तिपरक अर्थों (Subjective Meanings) को समझता है।

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    \nविस्तृत व्याख्या: प्रत्यक्षवाद (जैसे कॉम्टे) विज्ञान की पद्धति अपनाता है, जबकि व्याख्यात्मक समाजशास्त्र (जैसे वेबर का Verstehen) यह समझने की कोशिश करता है कि व्यक्ति अपने कार्यों को क्या अर्थ देता है।

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  17. जी.एस. घुर्ये ने जाति व्यवस्था के किन लक्षणों पर जोर दिया था?\n
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    • (A) केवल आर्थिक असमानता।
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    • (B) श्रेणीबद्ध असमानता, अंतर्विवाह और शुद्धता-अशुद्धता की अवधारणा।
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    • (C) केवल शहरीकरण का प्रभाव।
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    • (D) जाति का पूर्ण उन्मूलन।
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    सही उत्तर: (B) श्रेणीबद्ध असमानता, अंतर्विवाह और शुद्धता-अशुद्धता की अवधारणा।

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    \nविस्तृत व्याख्या: घुर्ये ने भारतीय समाजशास्त्र में जाति के व्यवस्थित अध्ययन की शुरुआत की और बताया कि कैसे पदानुक्रम (Hierarchy) और शुद्धता-अशुद्धता (Purity-Pollution) जाति की रीढ़ हैं।

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  18. ‘शहरीकरण’ के संदर्भ में ‘जेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) शहरों से लोगों का पलायन।
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    • (B) गरीब बस्तियों का पुनर्निर्माण और वहां उच्च आय वाले लोगों का बसना।
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    • (C) ग्रामीण क्षेत्रों का औद्योगिकरण।
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    • (D) जनसंख्या का समान वितरण।
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    सही उत्तर: (B) गरीब बस्तियों का पुनर्निर्माण और वहां उच्च आय वाले लोगों का बसना।

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    \nविस्तृत व्याख्या: जेंट्रीफिकेशन वह प्रक्रिया है जिसमें पुराने या निम्न-आय वाले शहरी क्षेत्रों को सुधारा जाता है, जिससे वहां संपत्ति की कीमतें बढ़ जाती हैं और मूल गरीब निवासी वहां से विस्थापित हो जाते हैं।

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  19. सामाजिक संस्थाओं के अध्ययन में ‘नातेदारी’ (Kinship) का प्राथमिक आधार क्या है?\n
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    • (A) केवल राजनीतिक संबंध।
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    • (B) रक्त संबंध (Consanguinity) और वैवाहिक संबंध (Affinity)।
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    • (C) केवल आर्थिक लेन-देन।
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    • (D) साझा भौगोलिक क्षेत्र।
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    सही उत्तर: (B) रक्त संबंध (Consanguinity) और वैवाहिक संबंध (Affinity)।

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    \nविस्तृत व्याख्या: नातेदारी उन संबंधों का नेटवर्क है जो जन्म (रक्त) या विवाह के माध्यम से बनते हैं। यह परिवार और समाज की बुनियादी संरचना निर्धारित करती है।

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  20. ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) से क्या तात्पर्य है?\n
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    • (A) कंप्यूटर का उपयोग केवल उच्च जातियों द्वारा करना।
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    • (B) इंटरनेट और तकनीक तक पहुंच में जातिगत असमानताओं का प्रतिबिंब।
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    • (C) डिजिटल माध्यमों से जाति का पूरी तरह खत्म होना।
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    • (D) केवल सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में जाति का प्रभाव।
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    सही उत्तर: (B) इंटरनेट और तकनीक तक पहुंच में जातिगत असमानताओं का प्रतिबिंब।

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    \nविस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा बताती है कि कैसे डिजिटल डिवाइड (Digital Divide) सामाजिक असमानताओं को और गहरा करता है, जहाँ वंचित वर्गों के पास तकनीक और सूचना तक पहुंच कम होती है।

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  21. हर्बर्ट स्पेंसर ने समाज की तुलना किससे की थी?\n
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    • (A) एक मशीन से।
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    • (B) एक जीवित जीव (Biological Organism) से।
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    • (C) एक रंगमंच से।
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    • (D) एक युद्धक्षेत्र से।
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    सही उत्तर: (B) एक जीवित जीव (Biological Organism) से।

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    \nविस्तृत व्याख्या: स्पेंसर ने ‘Organic Analogy’ दी, जिसमें उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शरीर के अंग मिलकर जीवित रखते हैं, उसी प्रकार समाज की विभिन्न संस्थाएं (जैसे परिवार, शिक्षा) मिलकर समाज को कार्यशील रखती हैं।

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  22. ‘सांस्कृतिक सापेक्षवाद’ (Cultural Relativism) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) अपनी संस्कृति को सर्वश्रेष्ठ मानना।
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    • (B) किसी संस्कृति को उसके अपने मूल्यों और संदर्भों के आधार पर समझना।
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    • (C) सभी संस्कृतियों को एक समान बना देना।
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    • (D) दूसरी संस्कृतियों का विरोध करना।
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    सही उत्तर: (B) किसी संस्कृति को उसके अपने मूल्यों और संदर्भों के आधार पर समझना।

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    \nविस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा हमें सिखाती है कि हमें किसी दूसरी संस्कृति का मूल्यांकन अपनी संस्कृति के चश्मे से नहीं करना चाहिए (जो कि ‘Ethnocentrism’ है), बल्कि उसे उसके अपने संदर्भ में देखना चाहिए।

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  23. फ्रेडरिक एंगेल्स ने ‘द ओरिजिन ऑफ द फैमिली, प्राइवेट प्रॉपर्टी एंड स्टेट’ में मुख्य रूप से क्या तर्क दिया?\n
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    • (A) परिवार एक प्राकृतिक और अपरिवर्तनीय संस्था है।
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    • (B) परिवार का विकास निजी संपत्ति के उद्भव और महिलाओं के दमन से जुड़ा है।
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    • (C) धर्म ने परिवार को मजबूत किया है।
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    • (D) राज्य का परिवार से कोई संबंध नहीं है।
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    सही उत्तर: (B) परिवार का विकास निजी संपत्ति के उद्भव और महिलाओं के दमन से जुड़ा है।

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    \nविस्तृत व्याख्या: एंगेल्स ने तर्क दिया कि जब पुरुषों ने संपत्ति पर नियंत्रण करना शुरू किया, तो उन्होंने उत्तराधिकार सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं की कामुकता पर नियंत्रण लगाया, जिससे पितृसत्तात्मक परिवार का उदय हुआ।

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  24. ‘व्यावसायिक अधिकार’ (Professional Authority) का समाजशास्त्रीय अध्ययन न्यूज़रूम या मीडिया के संदर्भ में क्या दर्शाता है?\n
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    • (A) केवल वेतन वृद्धि की मांग।
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    • (B) यह कि कैसे विशेषज्ञता और संस्थागत नियम यह तय करते हैं कि ‘सत्य’ या ‘समाचार’ क्या है।
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    • (C) पत्रकारों की व्यक्तिगत पसंद।
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    • (D) केवल तकनीकी कौशल का होना।
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    सही उत्तर: (B) यह कि कैसे विशेषज्ञता और संस्थागत नियम यह तय करते हैं कि ‘सत्य’ या ‘समाचार’ क्या है।

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    \nविस्तृत व्याख्या: समाजशास्त्र में ‘Professional Authority’ का अध्ययन यह विश्लेषण करता है कि कैसे किसी क्षेत्र के विशेषज्ञ (जैसे पत्रकार या डॉक्टर) अपने ज्ञान और स्थिति का उपयोग करके सामाजिक विमर्श (Discourse) को नियंत्रित करते हैं। हालिया शोध ‘क्लिकबेट’ समाचारों और पेशेवर गरिमा के टकराव को इसी संदर्भ में देखते हैं।

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  25. ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) का मुख्य केंद्र क्या है?\n
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    • (A) व्यापक सामाजिक संरचनाएं।
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    • (B) सूक्ष्म स्तर पर प्रतीकों और अर्थों के माध्यम से मानवीय अंतःक्रिया।
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    • (C) आर्थिक उत्पादन के साधन।
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    • (D) जैविक विकास।
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    सही उत्तर: (B) सूक्ष्म स्तर पर प्रतीकों और अर्थों के माध्यम से मानवीय अंतःक्रिया।

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    \nविस्तृत व्याख्या: यह एक सूक्ष्म (Micro) परिप्रेक्ष्य है जो मानता है कि समाज लोगों के बीच होने वाली रोजमर्रा की बातचीत और उन प्रतीकों (जैसे भाषा, संकेत) के अर्थों से बनता है जिन्हें वे साझा करते हैं। मीड और ब्लूमर इसके प्रमुख विचारक हैं।

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  26. समाजशास्त्र में ‘पूंजीवादी उत्पादन’ के संदर्भ में ‘वस्तुकरण’ (Commodification) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) वस्तुओं का मुफ्त वितरण।
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    • (B) ऐसी चीजों को बाजार में बेचने योग्य बनाना जिनका पहले आर्थिक मूल्य नहीं था (जैसे पानी, स्वास्थ्य, या मानवीय भावनाएं)।
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    • (C) केवल कारखानों में सामान बनाना।
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    • (D) वस्तुओं का निर्यात करना।
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    सही उत्तर: (B) ऐसी चीजों को बाजार में बेचने योग्य बनाना जिनका पहले आर्थिक मूल्य नहीं था (जैसे पानी, स्वास्थ्य, या मानवीय भावनाएं)।

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    \nविस्तृत व्याख्या: वस्तुकरण वह प्रक्रिया है जिसमें सामाजिक संबंधों या प्राकृतिक संसाधनों को ‘वस्तु’ (Commodity) में बदल दिया जाता है ताकि उन्हें लाभ के लिए बेचा जा सके। यह मार्क्सवादी विश्लेषण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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