नमस्ते भविष्य के सिविल सेवकों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों!
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भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र की आत्मा और शासन का मार्गदर्शक है। चाहे आप UPSC की तैयारी कर रहे हों या किसी राज्य लोक सेवा आयोग (PSC) की, संवैधानिक प्रावधानों की सूक्ष्म समझ और उनकी व्यावहारिक व्याख्या ही आपको अन्य उम्मीदवारों से अलग बनाती है। आज का यह विशेष अभ्यास सेट आपकी वैचारिक स्पष्टता का परीक्षण करने और आपके ज्ञान के अंतराल को भरने के लिए डिज़ाइन किया गया है। चलिए, अपनी तैयारी को एक नई चुनौती देते हैं!
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- भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘पंथनिरपेक्ष’ (Secular) शब्द किस संवैधानिक संशोधन द्वारा जोड़ा गया था?\n
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- (A) 42वां संशोधन अधिनियम, 1976
- (B) 44वां संशोधन अधिनियम, 1978
- (C) 73वां संशोधन अधिनियम, 1992
- (D) 86वां संशोधन अधिनियम, 2002
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सही उत्तर: (A) 42वां संशोधन अधिनियम, 1976
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
42वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा प्रस्तावना में तीन नए शब्द जोड़े गए थे: ‘समाजवादी’ (Socialist), ‘पंथनिरपेक्ष’ (Secular) और ‘अखंडता’ (Integrity)।
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- पंथनिरपेक्षता का अर्थ: भारत का अपना कोई राजकीय धर्म नहीं है और राज्य सभी धर्मों के प्रति तटस्थ रहता है।
- अन्य विकल्प: 44वां संशोधन संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार से हटाकर कानूनी अधिकार (अनुच्छेद 300A) बनाता है। 73वां संशोधन पंचायती राज से संबंधित है और 86वां संशोधन शिक्षा के अधिकार (अनुच्छेद 21A) से संबंधित है।
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- भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद ‘विधि के समक्ष समानता’ (Equality before Law) का प्रावधान करता है?\n
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- (A) अनुच्छेद 15
- (B) अनुच्छेद 16
- (C) अनुच्छेद 14
- (D) अनुच्छेद 17
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सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 14
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
अनुच्छेद 14 घोषणा करता है कि राज्य भारत के राज्यक्षेत्र में किसी व्यक्ति को ‘विधि के समक्ष समानता’ या ‘विधियों के समान संरक्षण’ से वंचित नहीं करेगा।
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- महत्व: यह ‘विधि के शासन’ (Rule of Law) के सिद्धांत पर आधारित है।
- अन्य विकल्प: अनुच्छेद 15 धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध करता है। अनुच्छेद 16 सार्वजनिक रोजगार में अवसर की समानता देता है और अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का उन्मूलन करता है।
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- ‘मेनका गांधी बनाम भारत संघ’ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने किस अनुच्छेद की व्याख्या को व्यापक बनाया?\n
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- (A) अनुच्छेद 19
- (B) अनुच्छेद 21
- (C) अनुच्छेद 20
- (D) अनुच्छेद 22
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सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 21
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
1978 के इस ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण) की व्याख्या करते हुए कहा कि ‘विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया’ केवल औपचारिक नहीं होनी चाहिए, बल्कि वह ‘उचित, न्यायपूर्ण और निष्पक्ष’ (Just, Fair and Reasonable) होनी चाहिए।
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- परिणाम: इससे अनुच्छेद 21 के दायरे में गरिमापूर्ण जीवन, स्वच्छ पर्यावरण और विदेश यात्रा जैसे कई नए अधिकार शामिल हुए।
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- राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) के अंतर्गत ‘समान नागरिक संहिता’ (Uniform Civil Code) का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?\n
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- (A) अनुच्छेद 40
- (B) अनुच्छेद 42
- (C) अनुच्छेद 44
- (D) अनुच्छेद 46
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सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 44
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
अनुच्छेद 44 राज्य को निर्देश देता है कि वह भारत के समस्त राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए एक ‘समान नागरिक संहिता’ सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा।
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- प्रकृति: DPSP न्यायोचित (Justiciable) नहीं हैं, यानी इन्हें न्यायालय के माध्यम से लागू नहीं कराया जा सकता।
- अन्य विकल्प: अनुच्छेद 40 ग्राम पंचायतों के संगठन से संबंधित है, अनुच्छेद 42 प्रसूति सहायता (Maternity Relief) से और अनुच्छेद 46 SC/ST के शैक्षिक और आर्थिक हितों के संवर्धन से संबंधित है।
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- मौलिक कर्तव्यों (Fundamental Duties) को संविधान में किस समिति की सिफारिश पर जोड़ा गया था?\n
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- (A) वर्मा समिति
- (B) सरकारिया आयोग
- (C) स्वर्ण सिंह समिति
- (D) बलवंत राय मेहता समिति
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सही उत्तर: (C) स्वर्ण सिंह समिति
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
मौलिक कर्तव्यों को 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा भाग IV-A और अनुच्छेद 51A के तहत जोड़ा गया था। इनकी सिफारिश स्वर्ण सिंह समिति ने की थी।
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- स्रोत: ये तत्कालीन सोवियत संघ (USSR) के संविधान से प्रेरित हैं।
- संख्या: प्रारंभ में 10 कर्तव्य थे, 11वां कर्तव्य (6-14 वर्ष के बच्चों की शिक्षा) 86वें संशोधन, 2002 द्वारा जोड़ा गया।
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- भारत के राष्ट्रपति को किस अनुच्छेद के तहत क्षमादान (Pardon) की शक्ति प्राप्त है?\n
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- (A) अनुच्छेद 71
- (B) अनुच्छेद 72
- (C) अनुच्छेद 73
- (D) अनुच्छेद 74
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सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 72
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा को क्षमा करने, कम करने या निलंबित करने की शक्ति प्रदान करता है। यह शक्ति विशेष रूप से मृत्युदंड के मामलों में महत्वपूर्ण होती है।
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- तुलना: इसी तरह राज्यपाल को अनुच्छेद 161 के तहत क्षमादान की शक्ति प्राप्त है, लेकिन राज्यपाल मृत्युदंड को पूरी तरह क्षमा नहीं कर सकता।
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- उपराष्ट्रपति को हटाने के लिए प्रस्ताव सबसे पहले कहाँ पेश किया जा सकता है?\n
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- (A) केवल लोकसभा में
- (B) केवल राज्यसभा में
- (C) संसद के किसी भी सदन में
- (D) संयुक्त बैठक में
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सही उत्तर: (B) केवल राज्यसभा में
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति को हटाने का प्रस्ताव केवल राज्यसभा में ही पेश किया जा सकता है, जिसे राज्यसभा के प्रभावी बहुमत से पारित होना चाहिए और लोकसभा की सहमति अनिवार्य है।
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- कारण: चूंकि उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति (Ex-officio Chairman) होता है, इसलिए हटाने की प्रक्रिया की शुरुआत इसी सदन से होती है।
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- मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से किसके प्रति उत्तरदायी होती है?\n
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- (A) राष्ट्रपति के प्रति
- (B) प्रधानमंत्री के प्रति
- (C) लोकसभा के प्रति
- (D) संसद के प्रति
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सही उत्तर: (C) लोकसभा के प्रति
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
अनुच्छेद 75(3) स्पष्ट रूप से कहता है कि मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होगी। यदि लोकसभा में ‘अविश्वास प्रस्ताव’ (No-Confidence Motion) पारित हो जाता है, तो पूरी सरकार को इस्तीफा देना पड़ता है।
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- महत्व: यह संसदीय शासन प्रणाली का आधार है, जहाँ कार्यपालिका विधायिका के प्रति जवाबदेह होती है।
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- राज्यसभा के पास कौन सी विशेष शक्ति है जो लोकसभा के पास नहीं है?\n
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- (A) धन विधेयक पारित करना
- (B) बजट पर मतदान करना
- (C) अनुच्छेद 249 के तहत राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने का अधिकार देना
- (D) राष्ट्रपति के चुनाव में भाग लेना
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सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 249 के तहत राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने का अधिकार देना
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
अनुच्छेद 249 के तहत, यदि राज्यसभा दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित कर दे कि राज्य सूची का कोई विषय राष्ट्रीय हित में है, तो संसद उस विषय पर कानून बना सकती है।
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- अन्य विकल्प: धन विधेयक (Money Bill) केवल लोकसभा में पेश होता है। राष्ट्रपति के चुनाव में दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य भाग लेते हैं।
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- दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) संविधान की किस अनुसूची में दिया गया है?\n
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- (A) आठवीं अनुसूची
- (B) नौवीं अनुसूची
- (C) दसवीं अनुसूची
- (D) ग्यारहवीं अनुसूची
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सही उत्तर: (C) दसवीं अनुसूची
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
दलबदल विरोधी कानून को 52वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा जोड़ा गया था। यह निर्वाचित सदस्यों द्वारा अपनी पार्टी बदलने पर उनकी सदस्यता समाप्त करने का प्रावधान करता है।
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- निर्णयकर्ता: दलबदल के मामले में अंतिम निर्णय सदन के अध्यक्ष (Speaker) या सभापति का होता है।
- अन्य विकल्प: 8वीं अनुसूची (भाषाएं), 9वीं अनुसूची (भूमि सुधार), 11वीं अनुसूची (पंचायती राज)।
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- ‘संविधान के बुनियादी ढांचे’ (Basic Structure Doctrine) का सिद्धांत किस ऐतिहासिक मामले में प्रतिपादित किया गया था?\n
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- (A) गोलकनाथ मामला
- (B) केशवानंद भारती मामला
- (C) मिनर्वा मिल्स मामला
- (D) एस.आर. बोम्मई मामला
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सही उत्तर: (B) केशवानंद भारती मामला (1973)
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
1973 के इस ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया कि संसद अनुच्छेद 368 के तहत संविधान में संशोधन तो कर सकती है, लेकिन वह संविधान के ‘मूल ढांचे’ या ‘बुनियादी ढांचे’ को नष्ट नहीं कर सकती।
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- महत्व: इसने न्यायिक समीक्षा की शक्ति को सुदृढ़ किया और संसद की संशोधन शक्ति पर सीमा लगाई।
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- सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘रिट’ (Writ) जारी करने की शक्ति किस अनुच्छेद के तहत दी गई है?\n
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- (A) अनुच्छेद 226
- (B) अनुच्छेद 32
- (C) अनुच्छेद 131
- (D) अनुच्छेद 143
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सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 32
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट को मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट जारी करने की शक्ति प्राप्त है। डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने इस अनुच्छेद को ‘संविधान का हृदय और आत्मा’ कहा था।
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- ध्यान दें: अनुच्छेद 226 के तहत हाई कोर्ट को रिट जारी करने की शक्ति प्राप्त है। हाई कोर्ट का रिट अधिकार क्षेत्र सुप्रीम कोर्ट से अधिक व्यापक है क्योंकि यह मौलिक अधिकारों के साथ-साथ अन्य कानूनी अधिकारों के लिए भी रिट जारी कर सकता है।
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- उच्च न्यायालय (High Court) के न्यायाधीशों की नियुक्ति कौन करता है?\n
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- (A) राज्यपाल
- (B) मुख्यमंत्री
- (C) राष्ट्रपति
- (D) भारत का मुख्य न्यायाधीश
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सही उत्तर: (C) राष्ट्रपति
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
संविधान के अनुच्छेद 217 के अनुसार, उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। इस प्रक्रिया में मुख्य न्यायाधीश (CJI) और संबंधित राज्य के राज्यपाल की सलाह ली जाती है (कोलेजियम प्रणाली के माध्यम से)।
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- भ्रम निवारण: हालाँकि राज्यपाल की सलाह ली जाती है, लेकिन अंतिम नियुक्ति पत्र राष्ट्रपति द्वारा जारी किया जाता है।
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- सातवीं अनुसूची (7th Schedule) का संबंध किससे है?\n
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- (A) राज्यसभा में सीटों के आवंटन से
- (B) केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों के विभाजन से
- (C) भाषाओं के विवरण से
- (D) शपथ के प्रारूप से
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सही उत्तर: (B) केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों के विभाजन से
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
सातवीं अनुसूची में तीन सूचियाँ दी गई हैं: संघ सूची (Union List), राज्य सूची (State List) और समवर्ती सूची (Concurrent List)।
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- समवर्ती सूची: इसमें वे विषय होते हैं जिन पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं, लेकिन टकराव की स्थिति में केंद्र का कानून प्रभावी होता है।
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- GST परिषद (GST Council) का गठन किस अनुच्छेद के तहत किया गया है?\n
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- (A) अनुच्छेद 246A
- (B) अनुच्छेद 279A
- (C) अनुच्छेद 280
- (D) अनुच्छेद 300A
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सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 279A
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 द्वारा अनुच्छेद 279A जोड़ा गया, जो GST परिषद के गठन का प्रावधान करता है। यह एक संवैधानिक निकाय है जो GST दरों और नियमों पर निर्णय लेता है।
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- संरचना: इसका अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री होता है।
- अन्य विकल्प: अनुच्छेद 280 वित्त आयोग (Finance Commission) से संबंधित है।
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- वित्त आयोग (Finance Commission) का गठन हर कितने वर्ष बाद राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है?\n
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- (A) 3 वर्ष
- (B) 4 वर्ष
- (C) 5 वर्ष
- (D) 6 वर्ष
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सही उत्तर: (C) 5 वर्ष
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
अनुच्छेद 280 के तहत, राष्ट्रपति प्रत्येक पांच वर्ष में (या आवश्यकता पड़ने पर उससे पहले) एक वित्त आयोग का गठन करते हैं।
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- कार्य: इसका मुख्य कार्य केंद्र और राज्यों के बीच करों (Taxes) के वितरण का सुझाव देना है।
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- भारत के निर्वाचन आयोग (ECI) के संबंध में कौन सा अनुच्छेद प्रावधान करता है?\n
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- (A) अनुच्छेद 320
- (B) अनुच्छेद 324
- (C) अनुच्छेद 326
- (D) अनुच्छेद 330
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सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 324
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को चुनाव के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति प्रदान करता है।
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- अनुच्छेद 326: यह वयस्क मताधिकार (Adult Suffrage) से संबंधित है, जिसके तहत 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों को वोट देने का अधिकार है।
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- भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति किस अनुच्छेद के तहत की जाती है?\n
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- (A) अनुच्छेद 148
- (B) अनुच्छेद 149
- (C) अनुच्छेद 151
- (D) अनुच्छेद 110
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सही उत्तर: (A) अनुच्छेद 148
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
अनुच्छेद 148 के तहत भारत के CAG की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। CAG को ‘सार्वजनिक धन का संरक्षक’ (Guardian of Public Purse) कहा जाता है।
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- कार्य: इनका कार्य केंद्र और राज्य सरकारों के खातों का ऑडिट करना है।
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- UPSC के सदस्यों को उनके कार्यकाल के बाद दोबारा कहाँ नियुक्त किया जा सकता है?\n
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- (A) केवल चुनाव आयोग में
- (B) केवल वित्त आयोग में
- (C) केंद्र या राज्य सरकार के अधीन किसी भी अन्य पद पर नहीं
- (D) केवल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में
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सही उत्तर: (C) केंद्र या राज्य सरकार के अधीन किसी भी अन्य पद पर नहीं
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
UPSC की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए, इसके अध्यक्ष और सदस्यों को कार्यकाल समाप्त होने के बाद भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य पद के लिए अपात्र घोषित किया गया है।
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- अपवाद: वे किसी अन्य संवैधानिक निकाय (जैसे CAG या चुनाव आयुक्त) के पद पर नियुक्त हो सकते हैं।
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- नीति आयोग (NITI Aayog) किस प्रकार का निकाय है?\n
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- (A) संवैधानिक निकाय
- (B) वैधानिक निकाय
- (C) गैर-संवैधानिक/परामर्शदाता निकाय
- (D) न्यायिक निकाय
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सही उत्तर: (C) गैर-संवैधानिक/परामर्शदाता निकाय
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
नीति आयोग का गठन 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर किया गया था। यह न तो संविधान में वर्णित है और न ही संसद के किसी अधिनियम द्वारा बनाया गया है; इसे एक ‘कैबिनेट प्रस्ताव’ के माध्यम से बनाया गया है।
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- उद्देश्य: यह ‘बॉटम-अप’ दृष्टिकोण अपनाते हुए सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) को बढ़ावा देता है।
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- 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा पंचायतों को कौन सी शक्ति प्रदान की गई?\n
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- (A) विधायी शक्ति
- (B) न्यायिक समीक्षा की शक्ति
- (C) संवैधानिक दर्जा और त्रिस्तरीय ढांचा
- (D) केंद्र सरकार पर नियंत्रण की शक्ति
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सही उत्तर: (C) संवैधानिक दर्जा और त्रिस्तरीय ढांचा
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
73वें संशोधन ने पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) को संवैधानिक दर्जा दिया और एक त्रिस्तरीय प्रणाली (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद) अनिवार्य की।
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- अनुसूची: इसके तहत संविधान में 11वीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमें 29 विषय शामिल हैं।
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- 74वें संविधान संशोधन अधिनियम का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) ग्रामीण विकास
- (B) शहरी स्थानीय निकायों (नगर पालिकाओं) को संवैधानिक मान्यता देना
- (C) राज्यों के पुनर्गठन को सरल बनाना
- (D) चुनाव सुधार करना
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सही उत्तर: (B) शहरी स्थानीय निकायों (नगर पालिकाओं) को संवैधानिक मान्यता देना
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
74वें संशोधन (1992) द्वारा शहरी क्षेत्रों के लिए नगर निगमों और नगर पालिकाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया। इसके लिए 12वीं अनुसूची जोड़ी गई।
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- राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) की घोषणा किस अनुच्छेद के तहत की जाती है?\n
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- (A) अनुच्छेद 352
- (B) अनुच्छेद 356
- (C) अनुच्छेद 360
- (D) अनुच्छेद 365
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सही उत्तर: (A) अनुच्छेद 352
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रपति युद्ध, बाहरी आक्रमण या ‘सशस्त्र विद्रोह’ (Armed Rebellion) के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकते हैं।
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- संशोधन: 44वें संशोधन द्वारा ‘आंतरिक अशांति’ शब्द को बदलकर ‘सशस्त्र विद्रोह’ कर दिया गया ताकि इसका दुरुपयोग न हो।
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- ‘राष्ट्रपति शासन’ (President’s Rule) किस अनुच्छेद के अंतर्गत लगाया जाता है?\n
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- (A) अनुच्छेद 352
- (B) अनुच्छेद 356
- (C) अनुच्छेद 360
- (D) अनुच्छेद 368
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सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 356
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
जब किसी राज्य का संवैधानिक तंत्र विफल हो जाता है, तो अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति वहां राष्ट्रपति शासन लागू कर सकते हैं।
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- एस.आर. बोम्मई केस: इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति शासन की घोषणा की न्यायिक समीक्षा की जा सकती है।
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- वित्तीय आपातकाल (Financial Emergency) का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?\n
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- (A) अनुच्छेद 352
- (B) अनुच्छेद 356
- (C) अनुच्छेद 360
- (D) अनुच्छेद 362
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सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 360
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
अनुच्छेद 360 राष्ट्रपति को वित्तीय आपातकाल घोषित करने की शक्ति देता है यदि भारत की वित्तीय स्थिरता या साख खतरे में हो।
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- तथ्य: भारत में अब तक एक बार भी वित्तीय आपातकाल लागू नहीं किया गया है।
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- संपत्ति के अधिकार (Right to Property) को मौलिक अधिकार से हटाकर कानूनी अधिकार कब बनाया गया?\n
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- (A) 42वें संशोधन द्वारा
- (B) 44वें संशोधन द्वारा
- (C) 61वें संशोधन द्वारा
- (D) 86वें संशोधन द्वारा
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सही उत्तर: (B) 44वें संशोधन द्वारा
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों की सूची (अनुच्छेद 31) से हटा दिया गया और इसे अनुच्छेद 300A के तहत एक संवैधानिक/कानूनी अधिकार बना दिया गया।
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- महत्व: इसका अर्थ है कि अब संपत्ति के अधिकार का उल्लंघन होने पर आप सीधे सुप्रीम कोर्ट नहीं जा सकते, बल्कि सामान्य कानून के तहत राहत मांग सकते हैं।
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टिप: याद रखें, भारतीय राजव्यवस्था को रटने के बजाय उसके पीछे के तर्क (Logic) और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को समझने का प्रयास करें। नियमित अभ्यास ही सफलता की कुंजी है!
सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।