इतिहास के पन्नों से: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अभ्यास सेट
इतिहास एक रोमांचक यात्रा है जो हमें समय के गलियारों में ले जाती है, जहाँ हम सभ्यताओं के उदय और पतन, साम्राज्यों के उत्थान और पतन, तथा महान व्यक्तित्वों के संघर्षों और विजयों का अनुभव करते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए इतिहास की गहरी समझ अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह दैनिक अभ्यास सेट आपको प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक भारतीय और विश्व इतिहास के महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद करेगा। आइए, अपने ज्ञान को परखें और इस ऐतिहासिक यात्रा में आगे बढ़ें!
प्रश्न 1: सिंधु घाटी सभ्यता का निम्नलिखित में से कौन सा स्थल गुजरात में स्थित नहीं था?
- सुरकोटड़ा
- लोथल
- धोलावीरा
- बनावली
सही उत्तर: D
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प D (बनावली) क्यों है: बनावली हरियाणा के फतेहाबाद जिले में स्थित एक सिंधु घाटी सभ्यता स्थल है, जबकि सुरकोटड़ा, लोथल और धोलावीरा तीनों ही गुजरात में स्थित हैं। बनावली अपनी अच्छी तरह से नियोजित सड़कों और जल निकासी प्रणाली के लिए जाना जाता है, हालाँकि यहाँ की जल निकासी प्रणाली हड़प्पा के अन्य प्रमुख स्थलों जितनी विकसित नहीं थी।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (सुरकोटड़ा): यह गुजरात में स्थित एक महत्वपूर्ण हड़प्पा स्थल है जहाँ घोड़े के अवशेष और एक किलेबंद बस्ती के प्रमाण मिले हैं।
- B (लोथल): यह गुजरात में स्थित एक प्रमुख बंदरगाह शहर था, जो सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र था। यहाँ एक कृत्रिम गोदी (डॉकयार्ड) के अवशेष मिले हैं।
- C (धोलावीरा): यह गुजरात में स्थित एक विशाल हड़प्पा स्थल है जो अपनी अद्वितीय जल संरक्षण प्रणाली और तीन भागों में बंटे शहर (दुर्ग, मध्य नगर और निचला नगर) के लिए प्रसिद्ध है। इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल सूची में भी शामिल किया गया है।
प्रश्न 2: ऋग्वेद में “दशराज्ञ युद्ध” (दस राजाओं का युद्ध) का उल्लेख किस नदी के तट पर हुआ था?
- सरस्वती
- वितस्ता
- परुष्णी
- शुतुद्री
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प C (परुष्णी) क्यों है: दशराज्ञ युद्ध का वर्णन ऋग्वेद के सातवें मंडल में मिलता है। यह युद्ध भरत कुल के राजा सुदास और दस राजाओं के एक संघ (जिसमें पाँच आर्य और पाँच अनार्य जन शामिल थे) के बीच परुष्णी नदी (आधुनिक रावी नदी) के तट पर लड़ा गया था, जिसमें राजा सुदास विजयी हुए थे। यह युद्ध वैदिक काल के राजनीतिक विस्तार और प्रभुत्व के संघर्ष को दर्शाता है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (सरस्वती): इसे ऋग्वेद में सबसे पवित्र नदी माना गया है, जिसे “नदीतमा” (नदियों में श्रेष्ठ) कहा गया है।
- B (वितस्ता): यह आधुनिक झेलम नदी का वैदिक नाम है। सिकंदर और पोरस के बीच युद्ध इसी नदी के किनारे हुआ था।
- D (शुतुद्री): यह आधुनिक सतलुज नदी का वैदिक नाम है।
प्रश्न 3: जैन धर्म के तेईसवें तीर्थंकर कौन थे?
- ऋषभदेव
- पार्श्वनाथ
- महावीर
- नेमिनाथ
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प B (पार्श्वनाथ) क्यों है: जैन धर्म में कुल 24 तीर्थंकर हुए हैं। इनमें ऋषभदेव (आदिनाथ) पहले तीर्थंकर थे, जबकि पार्श्वनाथ तेईसवें तीर्थंकर थे। उन्होंने चार मुख्य सिद्धांत दिए थे: सत्य, अहिंसा, अस्तेय (चोरी न करना) और अपरिग्रह (संपत्ति इकट्ठा न करना)। महावीर चौबीसवें और अंतिम तीर्थंकर थे, जिन्होंने ब्रह्मचर्य के पाँचवें सिद्धांत को जोड़ा।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (ऋषभदेव): ये जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर थे।
- C (महावीर): ये जैन धर्म के चौबीसवें और अंतिम तीर्थंकर थे।
- D (नेमिनाथ): ये जैन धर्म के बाईसवें तीर्थंकर थे।
प्रश्न 4: चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में पाटलिपुत्र का प्रशासन और सामाजिक जीवन का विस्तृत वर्णन किस विदेशी यात्री ने किया है?
- फाह्यान
- ह्वेनसांग
- मेगस्थनीज
- इत्सिंग
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प C (मेगस्थनीज) क्यों है: मेगस्थनीज सेल्यूकस निकेटर का राजदूत था, जिसे चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा गया था। उसने अपनी पुस्तक ‘इंडिका’ में मौर्यकालीन प्रशासन, सामाजिक व्यवस्था, आर्थिक जीवन और पाटलिपुत्र शहर के विस्तृत विवरण प्रस्तुत किए हैं। ‘इंडिका’ मौर्य साम्राज्य के अध्ययन का एक महत्वपूर्ण प्राथमिक स्रोत है, हालांकि इसका मूल रूप अब उपलब्ध नहीं है और इसके अंश बाद के लेखकों के उद्धरणों से जाने जाते हैं।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (फाह्यान): यह गुप्त शासक चंद्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल में भारत आया था और उसने अपनी पुस्तक ‘फो-कुओ-की’ में गुप्तकालीन समाज और धर्म का वर्णन किया है।
- B (ह्वेनसांग): यह हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत आया था और अपनी पुस्तक ‘सी-यू-की’ में तत्कालीन भारत का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया है।
- D (इत्सिंग): यह 7वीं शताब्दी में भारत आया था और उसने भारतीय बौद्ध धर्म और समाज पर लिखा है।
प्रश्न 5: गुप्त काल में लिखी गई प्रसिद्ध पुस्तक ‘मुद्राराक्षस’ के लेखक कौन थे?
- कालिदास
- विशाखदत्त
- भास
- शूद्रक
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प B (विशाखदत्त) क्यों है: ‘मुद्राराक्षस’ चौथी शताब्दी के अंत में विशाखदत्त द्वारा रचित एक ऐतिहासिक नाटक है। यह नाटक चंद्रगुप्त मौर्य के सत्ता में आने और चाणक्य की कूटनीति का वर्णन करता है, जिसमें नंद वंश के पतन और मौर्य साम्राज्य की स्थापना को दर्शाया गया है। यह प्राचीन भारतीय राजनीतिक इतिहास के अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (कालिदास): ये गुप्त काल के महान कवि और नाटककार थे, जिनकी प्रमुख रचनाएँ अभिज्ञानशाकुंतलम्, मेघदूतम्, रघुवंशम् आदि हैं।
- C (भास): ये गुप्त काल से पहले के एक प्रसिद्ध नाटककार थे, जिनकी रचनाओं में ‘स्वप्नवासवदत्तम्’ प्रमुख है।
- D (शूद्रक): ये ‘मृच्छकटिकम्’ (मिट्टी की छोटी गाड़ी) के लेखक थे, जो गुप्तकालीन समाज का यथार्थवादी चित्रण प्रस्तुत करती है।
प्रश्न 6: हर्षवर्द्धन के शासनकाल के बारे में जानकारी का मुख्य स्रोत क्या है?
- राजतरंगिणी
- हर्षचरित
- इंडिका
- अष्टाध्यायी
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प B (हर्षचरित) क्यों है: ‘हर्षचरित’ बाणभट्ट द्वारा संस्कृत में रचित एक जीवनी है, जो राजा हर्षवर्द्धन (606-647 ई.) के जीवन और शासनकाल का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करती है। बाणभट्ट हर्षवर्द्धन के दरबारी कवि थे और उनकी यह रचना तत्कालीन भारत के राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं को समझने में सहायक है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (राजतरंगिणी): यह कल्हण द्वारा रचित कश्मीर के राजाओं का इतिहास है।
- C (इंडिका): यह मेगस्थनीज द्वारा रचित मौर्यकालीन भारत का विवरण है।
- D (अष्टाध्यायी): यह पाणिनी द्वारा रचित संस्कृत व्याकरण का एक प्रसिद्ध ग्रंथ है।
प्रश्न 7: महाबलीपुरम के रथ मंदिर (सप्त पैगोडा) का निर्माण किस पल्लव शासक ने करवाया था?
- महेंद्रवर्मन I
- नरसिंहवर्मन I
- नंदिवर्मन II
- अपराजितवर्मन
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प B (नरसिंहवर्मन I) क्यों है: महाबलीपुरम के प्रसिद्ध रथ मंदिर (जिन्हें सप्त पैगोडा भी कहा जाता है) का निर्माण पल्लव शासक नरसिंहवर्मन प्रथम (630-668 ई.) के शासनकाल में हुआ था। ये मंदिर अखंड पत्थर को काटकर बनाए गए हैं और द्रविड़ वास्तुकला की एक विशिष्ट शैली का प्रतिनिधित्व करते हैं। नरसिंहवर्मन प्रथम को ‘मामल्ला’ की उपाधि भी प्राप्त थी, जिससे इस शैली को ‘मामल्ला शैली’ भी कहा जाता है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (महेंद्रवर्मन I): ये नरसिंहवर्मन I के पिता थे और इन्होंने पल्लव स्थापत्य कला में मंडप शैली की शुरुआत की थी।
- C (नंदिवर्मन II): ये एक बाद के पल्लव शासक थे, जिनके समय में मंदिर निर्माण की ‘नंदिवर्मन शैली’ विकसित हुई।
- D (अपराजितवर्मन): ये अंतिम महत्वपूर्ण पल्लव शासक थे, जिनके बाद चोलों ने पल्लव सत्ता को समाप्त कर दिया।
प्रश्न 8: मुहम्मद गौरी को सर्वप्रथम किस भारतीय शासक ने पराजित किया था?
- पृथ्वीराज चौहान
- जयचंद
- भीम द्वितीय
- परमारदीदेव
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प C (भीम द्वितीय) क्यों है: मुहम्मद गौरी को भारत में उसकी पहली महत्वपूर्ण हार 1178 ई. में गुजरात के चालुक्य (सोलंकी) शासक भीम द्वितीय (मूलराज द्वितीय) की माँ नायिका देवी के नेतृत्व में मिली थी। यह युद्ध माउंट आबू के पास कायदरा नामक स्थान पर हुआ था, जिसमें गौरी को बुरी तरह पराजित होना पड़ा था। इसके बाद गौरी ने अपना मार्ग बदलकर पंजाब की ओर से भारत में प्रवेश करने का प्रयास किया।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (पृथ्वीराज चौहान): इन्होंने 1191 ई. के तराइन के प्रथम युद्ध में गौरी को हराया था, लेकिन 1192 ई. के दूसरे युद्ध में स्वयं पराजित हुए।
- B (जयचंद): ये कन्नौज के गहड़वाल शासक थे, जिन्हें 1194 ई. के चंदावर के युद्ध में गौरी ने पराजित किया था।
- D (परमारदीदेव): ये चंदेल शासक थे, जिन्हें गौरी ने नहीं, बल्कि पृथ्वीराज चौहान ने पराजित किया था, और बाद में गौरी के सेनापतियों ने इनके राज्य पर हमला किया।
प्रश्न 9: दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘बाजार नियंत्रण नीति’ लागू की थी?
- इल्तुतमिश
- बलबन
- अलाउद्दीन खिलजी
- मुहम्मद बिन तुगलक
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प C (अलाउद्दीन खिलजी) क्यों है: अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316 ई.) दिल्ली सल्तनत का एक महत्वाकांक्षी शासक था, जिसने एक बड़ी स्थायी सेना का रखरखाव करने के लिए और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कठोर बाजार नियंत्रण नीति लागू की थी। इस नीति के तहत विभिन्न वस्तुओं के मूल्य निर्धारित किए गए थे, कालाबाजारी को रोका गया था और ‘शहना-ए-मंडी’ जैसे अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी। इस नीति का मुख्य उद्देश्य सैनिकों को कम वेतन पर भी जीवन यापन करने में सक्षम बनाना था।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (इल्तुतमिश): ये दिल्ली सल्तनत के वास्तविक संस्थापक माने जाते हैं, जिन्होंने ‘चालीस दल’ (तुर्कान-ए-चहलगानी) और इक्ता प्रणाली की शुरुआत की।
- B (बलबन): इन्होंने ‘लौह एवं रक्त नीति’ अपनाई और राजत्व के दैवीय सिद्धांत को प्रतिपादित किया।
- D (मुहम्मद बिन तुगलक): ये अपनी ‘प्रतीकात्मक मुद्रा’, राजधानी परिवर्तन और दोआब में कर वृद्धि जैसे प्रयोगात्मक फैसलों के लिए जाने जाते हैं।
प्रश्न 10: विजयनगर साम्राज्य की स्थापना किसने की थी?
- कृष्णदेव राय
- हरिहर और बुक्का
- देवराय द्वितीय
- वीर नरसिंह
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प B (हरिहर और बुक्का) क्यों है: विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ई. में हरिहर और बुक्का नामक दो भाइयों ने की थी। यह साम्राज्य तुगलक वंश के शासक मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल के दौरान दक्षिण भारत में उत्पन्न हुई राजनीतिक अस्थिरता का परिणाम था। विजयनगर साम्राज्य ने लगभग तीन शताब्दियों तक शासन किया और दक्षिण भारत की कला, संस्कृति और धर्म के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (कृष्णदेव राय): ये विजयनगर साम्राज्य के सबसे प्रसिद्ध शासक थे, जो तुलुव वंश से संबंधित थे और 16वीं शताब्दी में शासन किया।
- C (देवराय द्वितीय): ये संगम वंश के एक महत्वपूर्ण शासक थे, जिनके शासनकाल में विजयनगर साम्राज्य अपने चरमोत्कर्ष पर पहुंचा था।
- D (वीर नरसिंह): ये तुलुव वंश के संस्थापक थे, जिन्होंने नरसिंह सालुव के बाद सत्ता संभाली।
प्रश्न 11: ‘भक्ति आंदोलन’ के किस संत ने ‘अद्वैतवाद’ के दर्शन को चुनौती दी और ‘विशिष्टाद्वैतवाद’ का प्रतिपादन किया?
- शंकराचार्य
- रामानुजाचार्य
- माधवाचार्य
- निंबार्काचार्य
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प B (रामानुजाचार्य) क्यों है: रामानुजाचार्य (11वीं-12वीं शताब्दी) एक प्रमुख वैष्णव संत थे जिन्होंने शंकराचार्य के ‘अद्वैतवाद’ (जिसमें ब्रह्म को ही एकमात्र सत्य और माया को मिथ्या माना गया है) की अवधारणा को चुनौती दी। उन्होंने ‘विशिष्टाद्वैतवाद’ (योग्य गैर-द्वैतवाद) का प्रतिपादन किया, जिसके अनुसार ब्रह्म अद्वितीय है, लेकिन वह चेतना (आत्मा) और अचेतना (प्रकृति) के साथ विशिष्ट रूप से जुड़ा हुआ है। उनके दर्शन ने भक्ति आंदोलन पर गहरा प्रभाव डाला।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (शंकराचार्य): इन्होंने 8वीं शताब्दी में ‘अद्वैत वेदांत’ का प्रतिपादन किया था।
- C (माधवाचार्य): इन्होंने 13वीं शताब्दी में ‘द्वैतवाद’ का दर्शन दिया, जो ईश्वर और आत्मा को पूरी तरह से अलग मानता है।
- D (निंबार्काचार्य): इन्होंने 13वीं शताब्दी में ‘द्वैताद्वैतवाद’ (भेदाभेद) का दर्शन प्रतिपादित किया था।
प्रश्न 12: मुगल बादशाह अकबर द्वारा शुरू की गई ‘मनसबदारी प्रणाली’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- कृषि उत्पादन बढ़ाना
- सेना और नौकरशाही को व्यवस्थित करना
- व्यापार को बढ़ावा देना
- धार्मिक सहिष्णुता स्थापित करना
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प B (सेना और नौकरशाही को व्यवस्थित करना) क्यों है: मनसबदारी प्रणाली अकबर द्वारा अपने सैन्य और नागरिक प्रशासन को सुव्यवस्थित करने के लिए शुरू की गई एक अनूठी व्यवस्था थी। ‘मनसब’ एक पद या रैंक था जो धारक (मनसबदार) को सैन्य और नागरिक सेवाओं में उसकी स्थिति निर्धारित करता था। यह प्रणाली सेना के संगठन, अधिकारियों की नियुक्ति और उनके वेतनमान को विनियमित करने के लिए थी, जिससे एक केंद्रीकृत और कुशल प्रशासन सुनिश्चित हो सके। ‘जात’ और ‘सवार’ मनसबदारी प्रणाली के दो महत्वपूर्ण पहलू थे।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (कृषि उत्पादन बढ़ाना): यह मनसबदारी का प्रत्यक्ष उद्देश्य नहीं था, हालांकि एक स्थिर प्रशासन अप्रत्यक्ष रूप से कृषि को लाभ पहुँचा सकता था।
- C (व्यापार को बढ़ावा देना): यह भी मनसबदारी का मुख्य उद्देश्य नहीं था, बल्कि प्रशासन का एक परिणाम हो सकता था।
- D (धार्मिक सहिष्णुता स्थापित करना): अकबर ने धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा दिया, लेकिन मनसबदारी प्रणाली सीधे तौर पर इस उद्देश्य से संबंधित नहीं थी; यह एक प्रशासनिक और सैन्य सुधार था।
प्रश्न 13: औरंगजेब के शासनकाल में निम्नलिखित में से कौन सा सिख गुरु शहीद हुआ था?
- गुरु अर्जन देव
- गुरु तेग बहादुर
- गुरु गोविंद सिंह
- गुरु हरगोविंद
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प B (गुरु तेग बहादुर) क्यों है: गुरु तेग बहादुर सिखों के नौवें गुरु थे। उन्हें मुगल सम्राट औरंगजेब के आदेश पर 1675 ई. में दिल्ली में शहीद कर दिया गया था। इसका कारण यह था कि उन्होंने इस्लाम स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और गैर-मुसलमानों पर अत्याचार का विरोध किया था। उनकी शहादत सिख धर्म के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (गुरु अर्जन देव): इन्हें मुगल सम्राट जहाँगीर के आदेश पर शहीद किया गया था।
- C (गुरु गोविंद सिंह): ये सिखों के दसवें और अंतिम गुरु थे, जो औरंगजेब के समकालीन थे लेकिन उनकी हत्या बाद में हुई थी।
- D (गुरु हरगोविंद): ये सिखों के छठे गुरु थे, जिन्होंने सिखों को सैन्य शक्ति में संगठित करना शुरू किया।
प्रश्न 14: निम्नलिखित में से कौन सा शहर अंग्रेजों द्वारा भारत में स्थापित पहला व्यापारिक केंद्र था?
- कलकत्ता
- मद्रास
- सूरत
- बम्बई
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प C (सूरत) क्यों है: अंग्रेजों ने 1613 ई. में मुगल सम्राट जहाँगीर से अनुमति प्राप्त करने के बाद सूरत में अपनी पहली स्थायी व्यापारिक कोठी (फैक्ट्री) स्थापित की थी। सूरत उस समय पश्चिमी भारत का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह और व्यापारिक केंद्र था। हालांकि बाद में बम्बई और कलकत्ता जैसे शहर अधिक महत्वपूर्ण हो गए, सूरत ही अंग्रेजों का पहला व्यापारिक केंद्र था।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (कलकत्ता): यह 17वीं शताब्दी के अंत में जॉब चार्नॉक द्वारा स्थापित किया गया था और बाद में ब्रिटिश भारत की राजधानी बना।
- B (मद्रास): अंग्रेजों ने 1639 ई. में मद्रास में फोर्ट सेंट जॉर्ज का निर्माण किया और इसे एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र बनाया।
- D (बम्बई): यह 1661 ई. में पुर्तगालियों द्वारा अंग्रेजों को दहेज के रूप में दिया गया था और बाद में एक प्रमुख बंदरगाह बना।
प्रश्न 15: 1757 के प्लासी के युद्ध के समय बंगाल का नवाब कौन था?
- अलीवर्दी खान
- सिराजुद्दौला
- मीर जाफर
- मीर कासिम
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प B (सिराजुद्दौला) क्यों है: 1757 का प्लासी का युद्ध बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी (रॉबर्ट क्लाइव के नेतृत्व में) के बीच लड़ा गया था। इस युद्ध में सिराजुद्दौला की हार हुई, जिसका मुख्य कारण उनके सेनापति मीर जाफर का विश्वासघात था। यह युद्ध भारत में ब्रिटिश साम्राज्य की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (अलीवर्दी खान): ये सिराजुद्दौला के नाना थे और उनसे पहले बंगाल के नवाब थे।
- C (मीर जाफर): ये सिराजुद्दौला के सेनापति थे जिन्होंने प्लासी के युद्ध में उन्हें धोखा दिया था और बाद में अंग्रेजों द्वारा नवाब बनाया गया।
- D (मीर कासिम): ये मीर जाफर के दामाद थे और बाद में अंग्रेजों द्वारा नवाब बनाए गए, लेकिन फिर उन्होंने अंग्रेजों का विरोध किया।
प्रश्न 16: ‘स्थायी बंदोबस्त’ (Permanent Settlement) का जनक किसे माना जाता है?
- लॉर्ड डलहौजी
- लॉर्ड विलियम बेंटिंक
- लॉर्ड कार्नवालिस
- लॉर्ड हेस्टिंग्स
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प C (लॉर्ड कार्नवालिस) क्यों है: लॉर्ड कार्नवालिस ने 1793 ई. में बंगाल, बिहार और उड़ीसा में ‘स्थायी बंदोबस्त’ (जमींदारी व्यवस्था) की शुरुआत की थी। इस व्यवस्था के तहत जमींदारों को भूमि का स्थायी मालिक बना दिया गया था और उन्हें सरकार को एक निश्चित भू-राजस्व का भुगतान करना होता था, जबकि वे किसानों से अधिक राजस्व वसूल कर सकते थे। इसका उद्देश्य ब्रिटिश सरकार के लिए एक स्थिर आय सुनिश्चित करना था।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (लॉर्ड डलहौजी): ये ‘व्यपगत का सिद्धांत’ (Doctrine of Lapse) और रेलवे के विकास के लिए जाने जाते हैं।
- B (लॉर्ड विलियम बेंटिंक): ये भारत के पहले गवर्नर-जनरल थे और सती प्रथा के उन्मूलन के लिए प्रसिद्ध हैं।
- D (लॉर्ड हेस्टिंग्स): ये पिंडारियों के दमन और तीसरा आंग्ल-मराठा युद्ध के लिए जाने जाते हैं।
प्रश्न 17: 1857 के विद्रोह के समय भारत का गवर्नर-जनरल कौन था?
- लॉर्ड डलहौजी
- लॉर्ड कैनिंग
- लॉर्ड एलेनबरो
- लॉर्ड हार्डिंग
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प B (लॉर्ड कैनिंग) क्यों है: 1857 के महान विद्रोह के समय लॉर्ड कैनिंग भारत के गवर्नर-जनरल थे (1856-1862 ई.)। विद्रोह के बाद, 1858 के भारत सरकार अधिनियम के तहत, उन्हें भारत का पहला वायसराय भी बनाया गया। उन्होंने विद्रोह को दबाने और उसके बाद की प्रशासनिक व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (लॉर्ड डलहौजी): ये कैनिंग से पहले गवर्नर-जनरल थे (1848-1856 ई.) और उनकी नीतियाँ भी विद्रोह के कारणों में से एक थीं।
- C (लॉर्ड एलेनबरो): ये 1842-1844 ई. तक गवर्नर-जनरल थे और सिंध के विलय के लिए जाने जाते हैं।
- D (लॉर्ड हार्डिंग): ये 1844-1848 ई. तक गवर्नर-जनरल थे और प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध के लिए जाने जाते हैं।
प्रश्न 18: ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस’ की स्थापना के समय भारत का वायसराय कौन था?
- लॉर्ड डफरिन
- लॉर्ड रिपन
- लॉर्ड लिटन
- लॉर्ड कर्जन
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प A (लॉर्ड डफरिन) क्यों है: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 ई. में ए.ओ. ह्यूम द्वारा की गई थी। उस समय लॉर्ड डफरिन (1884-1888 ई.) भारत के वायसराय थे। डफरिन ने शुरुआत में कांग्रेस को एक “सूक्ष्मदर्शी अल्पसंख्यक” के रूप में उपहासित किया था, लेकिन कुछ इतिहासकारों का मानना है कि उन्होंने कांग्रेस को ‘सेफ्टी वॉल्व’ के रूप में उभरने दिया।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- B (लॉर्ड रिपन): ये 1880-1884 ई. तक वायसराय थे और ‘स्थानीय स्वशासन के जनक’ के रूप में जाने जाते हैं।
- C (लॉर्ड लिटन): ये 1876-1880 ई. तक वायसराय थे और ‘वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट’ व ‘आर्म्स एक्ट’ के लिए जाने जाते हैं।
- D (लॉर्ड कर्जन): ये 1899-1905 ई. तक वायसराय थे और बंगाल विभाजन के लिए प्रसिद्ध हैं।
प्रश्न 19: ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा’ – यह नारा किसने दिया था?
- महात्मा गांधी
- बाल गंगाधर तिलक
- सुभाष चंद्र बोस
- भगत सिंह
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प B (बाल गंगाधर तिलक) क्यों है: यह प्रसिद्ध नारा बाल गंगाधर तिलक ने दिया था। वे भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के एक प्रमुख राष्ट्रवादी नेता थे और उन्हें ‘लोकमान्य’ के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने होम रूल लीग आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और जनता को स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया। यह नारा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे प्रेरणादायक नारों में से एक है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (महात्मा गांधी): ये ‘करो या मरो’ और ‘भारत छोड़ो’ जैसे नारों के लिए जाने जाते हैं।
- C (सुभाष चंद्र बोस): ये ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा’ और ‘जय हिन्द’ जैसे नारों के लिए प्रसिद्ध हैं।
- D (भगत सिंह): ये ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे को लोकप्रिय बनाने के लिए जाने जाते हैं।
प्रश्न 20: जलियांवाला बाग हत्याकांड किस वर्ष हुआ था?
- 1917
- 1918
- 1919
- 1920
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प C (1919) क्यों है: जलियांवाला बाग हत्याकांड 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर में हुआ था। यह घटना ब्रिटिश सरकार के रॉलेट एक्ट के विरोध में एक शांतिपूर्ण सभा पर जनरल डायर के आदेश पर की गई अंधाधुंध गोलीबारी से संबंधित है। इस नृशंस घटना में सैकड़ों निर्दोष लोग मारे गए थे और इसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया, जिससे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा मिली।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (1917): इस वर्ष महात्मा गांधी ने चंपारण सत्याग्रह किया था।
- B (1918): इस वर्ष खेड़ा सत्याग्रह और अहमदाबाद मिल हड़ताल हुई थी।
- D (1920): इस वर्ष महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन शुरू किया था।
प्रश्न 21: ‘दांडी मार्च’ (नमक सत्याग्रह) महात्मा गांधी द्वारा कब शुरू किया गया था?
- 1928
- 1929
- 1930
- 1931
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प C (1930) क्यों है: दांडी मार्च, जिसे नमक सत्याग्रह के नाम से भी जाना जाता है, महात्मा गांधी द्वारा 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से शुरू किया गया था। गांधीजी ने अपने 78 अनुयायियों के साथ 240 मील की यात्रा करके दांडी तट पर पहुँचकर 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़ा। यह घटना सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत का प्रतीक थी और इसने ब्रिटिश नमक एकाधिकार को चुनौती दी।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (1928): इस वर्ष साइमन कमीशन भारत आया था और बारदोली सत्याग्रह हुआ था।
- B (1929): इस वर्ष लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित किया गया था।
- D (1931): इस वर्ष गांधी-इरविन समझौता हुआ था।
प्रश्न 22: ‘फॉरवर्ड ब्लॉक’ की स्थापना किसने की थी?
- जवाहरलाल नेहरू
- सुभाष चंद्र बोस
- सरदार वल्लभभाई पटेल
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प B (सुभाष चंद्र बोस) क्यों है: ‘फॉरवर्ड ब्लॉक’ की स्थापना 1939 में सुभाष चंद्र बोस ने की थी। उन्होंने त्रिपुरी अधिवेशन में गांधीजी के पसंदीदा उम्मीदवार पट्टाभि सीतारमैया को हराकर कांग्रेस अध्यक्ष पद जीता था, लेकिन गांधीजी से मतभेदों के कारण उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया और एक नए राजनीतिक दल, ‘फॉरवर्ड ब्लॉक’ का गठन किया। इसका उद्देश्य भारत को तुरंत स्वतंत्रता दिलाने के लिए वामपंथी एकजुटता को बढ़ावा देना था।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (जवाहरलाल नेहरू): ये भारत के पहले प्रधानमंत्री थे और समाजवादी विचारों के समर्थक थे।
- C (सरदार वल्लभभाई पटेल): ये ‘भारत के लौह पुरुष’ के रूप में जाने जाते हैं और रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- D (डॉ. राजेंद्र प्रसाद): ये भारत के पहले राष्ट्रपति थे और संविधान सभा के अध्यक्ष थे।
प्रश्न 23: द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत किस वर्ष हुई थी?
- 1914
- 1939
- 1941
- 1945
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प B (1939) क्यों है: द्वितीय विश्व युद्ध 1 सितंबर 1939 को शुरू हुआ जब जर्मनी ने पोलैंड पर आक्रमण किया, जिसके जवाब में यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी। यह इतिहास का सबसे विनाशकारी संघर्ष था, जिसमें धुरी राष्ट्र (जर्मनी, इटली, जापान) और मित्र राष्ट्र (ब्रिटेन, फ्रांस, सोवियत संघ, संयुक्त राज्य अमेरिका) शामिल थे।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (1914): इस वर्ष प्रथम विश्व युद्ध शुरू हुआ था।
- C (1941): इस वर्ष जापान ने पर्ल हार्बर पर हमला किया, जिससे संयुक्त राज्य अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल हो गया।
- D (1945): इस वर्ष द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हुआ था।
प्रश्न 24: संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- 1919
- 1939
- 1942
- 1945
सही उत्तर: D
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प D (1945) क्यों है: संयुक्त राष्ट्र (UN) की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुई थी। इसका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना, राष्ट्रों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित करना और सामाजिक प्रगति, बेहतर जीवन स्तर और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्राप्त करना था। यह लीग ऑफ नेशंस का उत्तराधिकारी संगठन था, जिसे प्रथम विश्व युद्ध के बाद स्थापित किया गया था।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (1919): इस वर्ष लीग ऑफ नेशंस (राष्ट्र संघ) की स्थापना हुई थी, जो संयुक्त राष्ट्र का पूर्ववर्ती था।
- B (1939): इस वर्ष द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हुआ था।
- C (1942): इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए गए थे, जो संयुक्त राष्ट्र की नींव का हिस्सा था, लेकिन स्थापना 1945 में हुई।
प्रश्न 25: ‘महात्मा गांधी’ ने किस वर्ष ‘चंपारण सत्याग्रह’ का नेतृत्व किया था?
- 1915
- 1916
- 1917
- 1918
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प C (1917) क्यों है: चंपारण सत्याग्रह महात्मा गांधी द्वारा भारत में किया गया पहला सविनय अवज्ञा आंदोलन था। यह 1917 में बिहार के चंपारण जिले में हुआ था, जहाँ उन्होंने किसानों को ब्रिटिश बागान मालिकों द्वारा अपनाई गई ‘तीनकठिया प्रणाली’ के विरोध में संगठित किया था, जिसके तहत किसानों को अपनी भूमि के एक निश्चित हिस्से पर नील की खेती करनी पड़ती थी। इस सफल सत्याग्रह ने गांधीजी को भारत में एक जन नेता के रूप में स्थापित किया।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
- A (1915): इस वर्ष महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे।
- B (1916): इस वर्ष महात्मा गांधी ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के उद्घाटन समारोह में अपना पहला सार्वजनिक भाषण दिया था।
- D (1918): इस वर्ष महात्मा गांधी ने खेड़ा सत्याग्रह और अहमदाबाद मिल हड़ताल का नेतृत्व किया था।
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