इतिहास की समय-यात्रा: अपनी तैयारी को दें एक नई धार
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इतिहास केवल बीती हुई घटनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह वर्तमान को समझने का एक दर्पण है। क्या आप तैयार हैं समय के गलियारों में यात्रा करने के लिए और यह जानने के लिए कि आपका ज्ञान प्रतियोगी परीक्षाओं के मानकों पर कितना खरा उतरता है? आइए, प्राचीन सभ्यताओं से लेकर आधुनिक क्रांतियों तक के इस चुनौतीपूर्ण सफर की शुरुआत करें और अपनी सफलता का मार्ग प्रशस्त करें!
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- सिंधु घाटी सभ्यता के किस स्थल से ‘गोदीबाड़ा’ (Dockyard) के प्रमाण मिले हैं, जो प्राचीन समुद्री व्यापार का केंद्र था?\n
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- (A) हड़प्पा
- (B) मोहनजोदड़ो
- (C) लोथल
- (D) कालीबंगा
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उत्तर: (C) लोथल
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: लोथल (गुजरात) में एक विशाल ईंटों का बना गोदीबाड़ा मिला है, जो यह सिद्ध करता है कि सिंधु घाटी के लोग मेसोपोटामिया और अन्य विदेशी सभ्यताओं के साथ समुद्री व्यापार करते थे।
- संदर्भ: इसे ‘लघु हड़प्पा’ भी कहा जाता है। यहाँ से मनके बनाने के कारखाने के साक्ष्य भी मिले हैं।
- गलत विकल्प: हड़प्पा (पंजाब, पाकिस्तान) और मोहनजोदड़ो (सिंध, पाकिस्तान) मुख्य नगर थे, लेकिन वहां गोदीबाड़ा नहीं था। कालीबंगा (राजस्थान) से जूते हुए खेतों के साक्ष्य मिले हैं।
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- मौर्य सम्राट अशोक के शिलालेखों में प्रयुक्त ‘धम्म’ शब्द का सबसे सटीक अर्थ क्या है?\n
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- (A) बौद्ध धर्म का प्रचार
- (B) एक नैतिक आचार संहिता
- (C) जैन धर्म के सिद्धांतों का पालन
- (D) केवल राजकीय कानून
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उत्तर: (B) एक नैतिक आचार संहिता
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: अशोक का ‘धम्म’ कोई नया धर्म नहीं था, बल्कि यह बड़ों का सम्मान, अहिंसा, सहिष्णुता और सत्य जैसे सार्वभौमिक नैतिक मूल्यों का एक समूह था।
- संदर्भ: कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने ‘भेरीघोष’ को ‘धम्मघोष’ में बदल दिया था।
- गलत विकल्प: यद्यपि अशोक बौद्ध था, लेकिन धम्म सभी धर्मों के लिए साझा नैतिक मार्ग था, न कि केवल बौद्ध धर्म का प्रचार।
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- गुप्त काल के दौरान किस चीनी यात्री ने भारत की यात्रा की और चंद्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल का विवरण दिया?\n
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- (A) ह्वेन त्सांग
- (B) इत्सिंग
- (C) फाह्यान
- (D) मेगास्थनीज
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उत्तर: (C) फाह्यान
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: फाह्यान पहला चीनी बौद्ध भिक्षु था जिसने गुप्त साम्राज्य (विशेषकर चंद्रगुप्त द्वितीय) के दौरान भारत की यात्रा की और यहाँ की शांति और समृद्धि का वर्णन किया।
- संदर्भ: उसने बौद्ध ग्रंथों की खोज के लिए भारत की यात्रा की थी।
- गलत विकल्प: ह्वेन त्सांग हर्षवर्द्धन के काल में आया था। इत्सिंग 7वीं शताब्दी के अंत में आया। मेगास्थनीज मौर्य काल (चंद्रगुप्त मौर्य) का यूनानी राजदूत था।
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- प्राचीन भारत में ‘संगम साहित्य’ का संबंध मुख्य रूप से किस क्षेत्र से है?\n
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- (A) गांधार
- (B) मगध
- (C) दक्षिण भारत (तमिलकम)
- (D) अवंती
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उत्तर: (C) दक्षिण भारत (तमिलकम)
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: संगम साहित्य प्राचीन तमिल कवियों और विद्वानों का संग्रह है, जो चेर, चोल और पांड्य राजाओं के संरक्षण में रचा गया था।
- संदर्भ: ‘संगम’ का अर्थ है कवियों की सभा।
- गलत विकल्प: गांधार, मगध और अवंती उत्तर भारतीय महाजनपद थे, जिनका संगम साहित्य से कोई संबंध नहीं है।
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- ऋग्वैदिक काल में ‘गोविष्टि’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया जाता था?\n
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- (A) गायों की पूजा
- (B) गायों के लिए युद्ध
- (C) गायों का व्यापार
- (D) पशु चिकित्सा
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उत्तर: (B) गायों के लिए युद्ध
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: ऋग्वैदिक समाज में गाय सबसे मूल्यवान संपत्ति थी, इसलिए गायों को प्राप्त करने के लिए कबीलों के बीच जो संघर्ष होते थे, उन्हें ‘गोविष्टि’ कहा जाता था।
- संदर्भ: इस काल में युद्धों का मुख्य कारण भूमि के बजाय पशुधन था।
- गलत विकल्प: यह पूजा या व्यापार नहीं, बल्कि एक प्रकार का सैन्य संघर्ष था।
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- कनिष्क के शासनकाल में आयोजित चतुर्थ बौद्ध संगीति कहाँ संपन्न हुई थी?\n
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- (A) राजगृह
- (B) वैशाली
- (C) पाटलिपुत्र
- (D) कुंडलवन (कश्मीर)
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उत्तर: (D) कुंडलवन (कश्मीर)
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: कुषाण शासक कनिष्क के संरक्षण में चौथी बौद्ध संगीति कश्मीर के कुंडलवन में हुई, जहाँ बौद्ध धर्म हीनयान और महायान में विभाजित हो गया।
- संदर्भ: इस संगीति की अध्यक्षता वसुमित्र और अश्वघोष ने की थी।
- गलत विकल्प: राजगृह (प्रथम), वैशाली (द्वितीय) और पाटलिपुत्र (तृतीय) संगीतियों के स्थल थे।
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- दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘बाजार नियंत्रण प्रणाली’ (Market Control System) लागू की थी?\n
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- (A) इल्तुतमिष
- (B) गयासुद्दीन तुगलक
- (C) अलाउद्दीन खिलजी
- (D) फिरोज शाह तुगलक
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उत्तर: (C) अलाउद्दीन खिलजी
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: अलाउद्दीन खिलजी ने एक विशाल सेना के रखरखाव के लिए वस्तुओं की कीमतें निश्चित की थीं और सख्त बाजार निरीक्षण लागू किया था।
- संदर्भ: उसने ‘शहना-ए-मंडी’ नामक अधिकारी नियुक्त किया था।
- गलत विकल्प: इल्तुतमिष ने इकता प्रणाली शुरू की थी। फिरोज शाह तुगलक अपने लोक कल्याणकारी कार्यों और नहरों के लिए जाना जाता है।
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- विजयनगर साम्राज्य के सबसे महान शासक कृष्णदेव राय किस राजवंश से संबंधित थे?\n
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- (A) संगम राजवंश
- (B) तुलुव राजवंश
- (C) सालुव राजवंश
- (D) अराविदु राजवंश
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उत्तर: (B) तुलुव राजवंश
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: कृष्णदेव राय तुलुव राजवंश के सबसे शक्तिशाली राजा थे, जिनके काल में कला, साहित्य और स्थापत्य का चरमोत्कर्ष हुआ।
- संदर्भ: उन्होंने ‘अमुक्तमाल्यद’ नामक ग्रंथ की रचना की थी।
- गलत विकल्प: संगम राजवंश विजयनगर का पहला राजवंश था। अराविदु अंतिम राजवंश था।
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- मुगल सम्राट अकबर द्वारा शुरू की गई ‘मनसबदारी प्रणाली’ मूलतः किस देश की प्रशासनिक व्यवस्था से प्रेरित थी?\n
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- (A) फारस (Persia)
- (B) तुर्की (Turkey)
- (C) मंगोलिया (Mongolia)
- (D) अफगानिस्तान (Afghanistan)
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उत्तर: (A) फारस (Persia)
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: अकबर ने सैन्य और नागरिक प्रशासन को व्यवस्थित करने के लिए फारसी मॉडल पर आधारित मनसबदारी प्रणाली लागू की, जहाँ ‘जात’ और ‘सवार’ रैंक निर्धारित किए गए थे।
- संदर्भ: मनसब का अर्थ है ‘पद’ या ‘रैंक’।
- गलत विकल्प: यद्यपि मुगल मूलतः मध्य एशिया (तुर्क-मंगोल) से थे, लेकिन प्रशासनिक संरचना फारसी प्रभाव में थी।
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- शिवाजी के प्रशासन में ‘अष्टप्रधान’ परिषद का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) केवल सैन्य रणनीति बनाना
- (B) साम्राज्य का कुशल प्रशासनिक प्रबंधन
- (C) विदेशी राजदूतों का स्वागत करना
- (D) केवल धार्मिक मामलों का संचालन
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उत्तर: (B) साम्राज्य का कुशल प्रशासनिक प्रबंधन
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: शिवाजी ने आठ मंत्रियों की एक परिषद बनाई थी जिसे ‘अष्टप्रधान’ कहा जाता था, ताकि शासन के विभिन्न विभागों (राजस्व, विदेश, सैन्य आदि) का प्रभावी संचालन हो सके।
- संदर्भ: इसमें ‘पेशवा’ (प्रधानमंत्री) का पद सर्वोच्च था।
- गलत विकल्प: यह केवल सैन्य या धार्मिक नहीं, बल्कि एक पूर्ण प्रशासनिक तंत्र था।
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- मध्यकालीन भारत में ‘दीवान-ए-अरीज’ विभाग का संबंध किससे था?\n
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- (A) राजस्व विभाग
- (B) न्यायिक विभाग
- (C) सैन्य विभाग
- (D) धार्मिक मामले
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उत्तर: (C) सैन्य विभाग
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: दिल्ली सल्तनत के दौरान ‘दीवान-ए-अरीज’ सेना की भर्ती, प्रशिक्षण और भुगतान की देखरेख करने वाला विभाग था।
- संदर्भ: अलाउद्दीन खिलजी ने इस विभाग को अधिक शक्तिशाली बनाया था।
- गलत विकल्प: राजस्व विभाग को ‘दीवान-ए-विजारत’ कहा जाता था।
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- भक्ति आंदोलन के किस संत ने ‘अद्वैतवाद’ (Non-duality) का सिद्धांत प्रतिपादित किया?\n
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- (A) रामानुज
- (B) मध्वाचार्य
- (C) शंकराचार्य
- (D) निम्बार्क
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उत्तर: (C) शंकराचार्य
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: आदि शंकराचार्य ने अद्वैतवाद का प्रचार किया, जिसका अर्थ है कि आत्मा और परमात्मा (ब्रह्म) एक ही हैं, और संसार माया है।
- संदर्भ: उन्होंने भारत के चार कोनों में चार मठों की स्थापना की।
- गलत विकल्प: रामानुज ने ‘विशिष्टाद्वैत’ और मध्वाचार्य ने ‘द्वैतवाद’ का सिद्धांत दिया था।
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- मुगल काल में ‘जज़िया कर’ को किस सम्राट ने समाप्त किया था, जिसे बाद में औरंगजेब ने पुनः लागू किया?\n
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- (A) हुमायूँ
- (B) जहाँगीर
- (C) शाहजहाँ
- (D) अकबर
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उत्तर: (D) अकबर
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: अकबर ने अपनी सहिष्णु नीति और ‘सुलह-ए-कुल’ के सिद्धांत के तहत 1564 ई. में गैर-मुस्लिमों पर लगने वाले जज़िया कर को हटा दिया था।
- संदर्भ: औरंगजेब ने इसे 1679 ई. में पुनः लागू कर दिया, जिससे उसके शासनकाल में असंतोष बढ़ा।
- गलत विकल्प: हुमायूँ, जहाँगीर और शाहजहाँ ने इसे समाप्त नहीं किया था (अकबर ने किया था)।
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- 1857 के विद्रोह के दौरान लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था?\n
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- (A) रानी लक्ष्मीबाई
- (B) बेगम हज़रत महल
- (C) कुंवर सिंह
- (D) नाना साहिब
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उत्तर: (B) बेगम हज़रत महल
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: लखनऊ में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व बेगम हज़रत महल ने किया था, जिन्होंने अपने बेटे बिरजिस कद्र को नवाब घोषित कर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
- संदर्भ: उन्होंने अवध के लोगों को संगठित किया था।
- गलत विकल्प: रानी लक्ष्मीबाई (झांसी), कुंवर सिंह (बिहार) और नाना साहिब (कानपुर) अन्य प्रमुख केंद्रों के नेता थे।
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- राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित ‘ब्रह्म समाज’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) केवल संस्कृत भाषा का प्रचार करना
- (B) मूर्ति पूजा और अंधविश्वासों का विरोध कर एकेश्वरवाद को बढ़ावा देना
- (C) ब्रिटिश शासन को हिंसक तरीके से समाप्त करना
- (D) केवल हिंदू धर्म के कर्मकांडों को बढ़ावा देना
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उत्तर: (B) मूर्ति पूजा और अंधविश्वासों का विरोध कर एकेश्वरवाद को बढ़ावा देना
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: ब्रह्म समाज ने सती प्रथा, बाल विवाह और मूर्ति पूजा का विरोध किया और तर्कसंगत, एकेश्वरवादी धर्म का समर्थन किया।
- संदर्भ: इसे ‘आधुनिक भारत का पुनर्जागरण’ कहा जाता है।
- गलत विकल्प: राममोहन राय ने सुधारों के लिए संवैधानिक तरीकों का उपयोग किया, हिंसा का नहीं।
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- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (1885) की अध्यक्षता किसने की थी?\n
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- (A) ए.ओ. ह्यूम
- (B) दादाभाई नौरोजी
- (C) डब्ल्यू.सी. बनर्जी (W.C. Bonnerjee)
- (D) बदरुद्दीन तैयबजी
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उत्तर: (C) डब्ल्यू.सी. बनर्जी
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: 28 दिसंबर 1885 को बॉम्बे में हुए कांग्रेस के पहले अधिवेशन की अध्यक्षता व्योमेश चन्द्र बनर्जी ने की थी।
- संदर्भ: इस बैठक में कुल 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
- गलत विकल्प: ए.ओ. ह्यूम संस्थापक थे, अध्यक्ष नहीं। दादाभाई नौरोजी ने बाद में (1886) अध्यक्षता की।
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- गांधीजी के नेतृत्व में ‘चंपारण सत्याग्रह’ (1917) का मुख्य मुद्दा क्या था?\n
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- (A) नमक कर का विरोध
- (B) तिनकठिया प्रणाली (नील की खेती) का विरोध
- (C) मिल मजदूरों की मजदूरी बढ़ाना
- (D) जल कर की समाप्ति
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उत्तर: (B) तिनकठिया प्रणाली (नील की खेती) का विरोध
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: चंपारण में किसानों को अपनी जमीन के 3/20 हिस्से पर नील की खेती करने के लिए मजबूर किया जाता था, जिसे ‘तिनकठिया प्रणाली’ कहा जाता था।
- संदर्भ: यह भारत में गांधीजी का पहला सफल सत्याग्रह था।
- गलत विकल्प: नमक कर का विरोध ‘दांडी यात्रा’ (1930) के दौरान हुआ था।
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- ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ (1942) के दौरान ‘करो या मरो’ (Do or Die) का नारा किसने दिया था?\n
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- (A) सुभाष चन्द्र बोस
- (B) जवाहरलाल नेहरू
- (C) महात्मा गांधी
- (D) सरदार पटेल
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उत्तर: (C) महात्मा गांधी
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: 8 अगस्त 1942 को बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान से गांधीजी ने देशवासियों से ‘करो या मरो’ का आह्वान किया, जिसका अर्थ था कि या तो हम भारत को आजाद कराएंगे या इस प्रयास में अपनी जान दे देंगे।
- संदर्भ: यह आंदोलन ब्रिटिश शासन के खिलाफ अंतिम सबसे बड़ा जन-आंदोलन था।
- गलत विकल्प: सुभाष चन्द्र बोस ने ‘दिल्ली चलो’ और ‘जय हिंद’ का नारा दिया था।
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- 1935 के भारत शासन अधिनियम (Government of India Act 1935) की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या थी?\n
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- (A) प्रांतों में द्वैध शासन (Dyarchy) की शुरुआत
- (B) केंद्र में द्वैध शासन की शुरुआत और प्रांतीय स्वायत्तता
- (C) पूर्ण स्वतंत्रता की घोषणा
- (D) अलग निर्वाचन मंडल का पूर्ण अंत
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उत्तर: (B) केंद्र में द्वैध शासन की शुरुआत और प्रांतीय स्वायत्तता
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: 1935 के अधिनियम ने प्रांतों से द्वैध शासन समाप्त कर उन्हें स्वायत्तता दी और केंद्र में द्वैध शासन प्रणाली लागू की।
- संदर्भ: वर्तमान भारतीय संविधान का एक बड़ा हिस्सा इसी अधिनियम से लिया गया है।
- गलत विकल्प: प्रांतों में द्वैध शासन 1919 के अधिनियम (Montagu-Chelmsford Reforms) द्वारा शुरू किया गया था।
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- ‘आजाद हिंद फौज’ (INA) की कमान सुभाष चन्द्र बोस ने कब संभाली थी?\n
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- (A) 1940
- (B) 1942
- (C) 1943
- (D) 1945
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उत्तर: (C) 1943
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: हालांकि INA की स्थापना रासबिहारी बोस और मोहन सिंह ने की थी, लेकिन 1943 में सुभाष चन्द्र बोस ने इसकी कमान संभाली और इसे पुनर्गठित किया।
- संदर्भ: उन्होंने सिंगापुर में ‘आरजी हुकुमत-ए-आजाद हिंद’ (स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार) की स्थापना की।
- गलत विकल्प: 1940-42 के बीच INA का प्रारंभिक स्वरूप विकसित हुआ था, लेकिन बोस का नेतृत्व 1943 से प्रभावी हुआ।
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- फ्रांसीसी क्रांति (1789) का तात्कालिक कारण क्या था?\n
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- (A) लुई XVI द्वारा करों में वृद्धि और आर्थिक संकट
- (B) नेपोलियन का सत्ता में आना
- (C) चर्च का पूर्ण विनाश
- (D) अमेरिका की स्वतंत्रता
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उत्तर: (A) लुई XVI द्वारा करों में वृद्धि और आर्थिक संकट
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: फ्रांस भारी कर्ज में डूबा था, और राजा लुई XVI ने केवल तीसरे वर्ग (आम जनता) पर कर बढ़ा दिए, जबकि कुलीन और पादरी वर्ग करमुक्त थे। इससे तीव्र असंतोष फैला।
- संदर्भ: 14 जुलाई 1789 को बास्तियल के किले का पतन क्रांति की शुरुआत का प्रतीक बना।
- गलत विकल्प: नेपोलियन क्रांति के परिणाम के रूप में सत्ता में आया था, कारण नहीं।
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- औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) की शुरुआत सबसे पहले किस देश में हुई थी?\n
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- (A) फ्रांस
- (B) जर्मनी
- (C) संयुक्त राज्य अमेरिका
- (D) ब्रिटेन (इंग्लैंड)
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उत्तर: (D) ब्रिटेन (इंग्लैंड)
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में ब्रिटेन में कोयले और लोहे की प्रचुरता, औपनिवेशिक बाजारों और तकनीकी नवाचारों के कारण औद्योगिक क्रांति शुरू हुई।
- संदर्भ: सूती वस्त्र उद्योग इस क्रांति का पहला केंद्र था।
- गलत विकल्प: फ्रांस और जर्मनी में यह क्रांति ब्रिटेन के काफी बाद पहुंची।
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- प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) का तात्कालिक कारण क्या था?\n
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- (A) जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण
- (B) ऑस्ट्रिया के आर्कड्यूक फ्रांस फर्डिनेंड की हत्या
- (C) रूस की क्रांति
- (D) वर्साय की संधि
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उत्तर: (B) ऑस्ट्रिया के आर्कड्यूक फ्रांस फर्डिनेंड की हत्या
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: जून 1914 में साराजेवो में ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजकुमार फ्रांस फर्डिनेंड की हत्या ने एक ऐसी श्रृंखला शुरू की जिसने यूरोप की महाशक्तियों को युद्ध में धकेल दिया।
- संदर्भ: यह युद्ध ‘मित्र राष्ट्रों’ (Allied Powers) और ‘केंद्रीय शक्तियों’ (Central Powers) के बीच लड़ा गया था।
- गलत विकल्प: जर्मनी के पोलैंड पर आक्रमण से द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हुआ था। वर्साय की संधि युद्ध का अंत थी।
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- हालिया पुरातात्विक खोजों (2025) के अनुसार, नॉर्वे के तट के पास किस प्राचीन सभ्यता का एक अच्छी तरह से संरक्षित जहाज मिला है?\n
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- (A) फोनीशियन
- (B) रोमन
- (C) वाइकिंग (Viking)
- (D) मिनायन
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उत्तर: (C) वाइकिंग (Viking)
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: हालिया समाचारों के अनुसार, 2025 में नॉर्वे के तट पर एक संरक्षित वाइकिंग जहाज की खोज हुई है, जो इस योद्धा संस्कृति के समुद्री कौशल और व्यापारिक मार्गों पर नया प्रकाश डालता है।
- संदर्भ: वाइकिंग्स अपनी समुद्री यात्राओं, खोजों और लूटपाट के लिए जाने जाते थे।
- गलत विकल्प: रोमन और फोनीशियन भूमध्य सागर के क्षेत्र से संबंधित थे, नॉर्वे से नहीं।
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- सहारा रेगिस्तान में खोजा गया 3,000 साल पुराना दफन परिसर (Burial Complex) किन संस्कृतियों के बीच व्यापारिक संबंधों को प्रकट करता है?\n
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- (A) प्राचीन माया और एज़्टेक
- (B) प्राचीन पश्चिम अफ्रीकी समाज और भूमध्यसागरीय संस्कृतियाँ
- (C) सिंधु घाटी और चीन
- (D) मिस्र और मेसोपोटामिया
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उत्तर: (B) प्राचीन पश्चिम अफ्रीकी समाज और भूमध्यसागरीय संस्कृतियाँ
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\n विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: 2026 में उजागर हुए इस दफन परिसर के साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि प्राचीन पश्चिम अफ्रीका के लोग सहारा रेगिस्तान को पार कर भूमध्यसागरीय (Mediterranean) दुनिया के साथ व्यापार करते थे।
- संदर्भ: यह खोज इस धारणा को बदलती है कि सहारा रेगिस्तान प्राचीन काल में व्यापार के लिए एक अभेद्य बाधा था।
- गलत विकल्प: माया/एज़्टेक अमेरिका में थे, और सिंधु/चीन एशिया में।
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