प्रस्तावना
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे सभी उम्मीदवारों का स्वागत है! इतिहास केवल घटनाओं का संग्रह नहीं, बल्कि सभ्यताओं के उदय और पतन, क्रांतियों और सुधारों की एक आकर्षक गाथा है। क्या आप समय की धारा में गोता लगाने और अपने ऐतिहासिक ज्ञान की गहराई को मापने के लिए तैयार हैं? यह दैनिक अभ्यास सेट आपको प्राचीन से आधुनिक काल तक ले जाएगा, जहाँ हर प्रश्न आपके आत्मविश्वास को चुनौती देगा और आपकी तैयारी को एक नई दिशा देगा। आइए, अतीत के इन महत्वपूर्ण पन्नों को पलटते हैं!
इतिहास अभ्यास सेट
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हड़प्पा सभ्यता का कौन सा स्थल अपने उन्नत जल प्रबंधन प्रणाली के लिए जाना जाता है?
A) लोथल
B) कालीबंगा
C) धोलावीरा
D) राखीगढ़ीसही उत्तर: C) धोलावीरा
विस्तृत व्याख्या: धोलावीरा, गुजरात में स्थित एक हड़प्पा स्थल है, जो अपने परिष्कृत जल संचयन और प्रबंधन प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ बड़े-बड़े जलाशय और बांध मिले हैं, जो वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए बनाए गए थे। अन्य स्थल जैसे लोथल अपने बंदरगाह के लिए, कालीबंगा अपने जुते हुए खेत के साक्ष्यों के लिए और राखीगढ़ी सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे बड़े स्थलों में से एक होने के लिए जाने जाते हैं।
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ऋग्वेद में ‘दशराज्ञ युद्ध’ का उल्लेख किस नदी के तट पर हुआ था?
A) सिंधु
B) सरस्वती
C) परुष्णी (रावी)
D) झेलमसही उत्तर: C) परुष्णी (रावी)
विस्तृत व्याख्या: दशराज्ञ युद्ध (दस राजाओं का युद्ध) ऋग्वेद के सातवें मंडल में वर्णित है। यह भरत जनजाति के राजा सुदास और दस राजाओं (पाँच आर्य और पाँच अनार्य) के संघ के बीच परुष्णी (आधुनिक रावी) नदी के तट पर लड़ा गया था। इस युद्ध में राजा सुदास विजयी हुए थे, जिससे उत्तरी भारत में भरत वंश की सर्वोच्चता स्थापित हुई थी।
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मगध साम्राज्य के किस शासक को ‘अजातशत्रु’ के नाम से भी जाना जाता था?
A) बिंबिसार
B) उदयन
C) कालाशोक
D) कुणिकसही उत्तर: D) कुणिक
विस्तृत व्याख्या: अजातशत्रु, जिसका वास्तविक नाम कुणिक था, हर्यंक वंश का शासक था। उसने अपने पिता बिंबिसार की हत्या कर मगध की राजगद्दी संभाली थी। उसके शासनकाल में पहली बौद्ध संगीति का आयोजन हुआ था। अजातशत्रु का अर्थ है ‘जिसका कोई शत्रु न हो’।
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बौद्ध धर्म में ‘त्रिपिटक’ क्या हैं?
A) तीन प्रमुख तीर्थ स्थल
B) बौद्ध धर्म के पवित्र ग्रंथ
C) बौद्ध भिक्षुओं के तीन नियम
D) बुद्ध द्वारा दिए गए तीन उपदेशसही उत्तर: B) बौद्ध धर्म के पवित्र ग्रंथ
विस्तृत व्याख्या: त्रिपिटक बौद्ध धर्म के मूल पवित्र ग्रंथ हैं, जो पाली भाषा में लिखे गए हैं। इसमें तीन पिटक शामिल हैं: विनयपिटक (बौद्ध संघ के नियम), सुत्तपिटक (बुद्ध के उपदेश और संवाद), और अभिधम्मपिटक (बौद्ध दर्शन की व्याख्या)।
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‘इंडिका’ नामक पुस्तक किसने लिखी थी, जिसमें मौर्यकालीन भारत का विस्तृत वर्णन मिलता है?
A) फाह्यान
B) ह्वेनसांग
C) मेगस्थनीज
D) अल-बिरूनीसही उत्तर: C) मेगस्थनीज
विस्तृत व्याख्या: मेगस्थनीज यूनानी राजदूत था, जिसे सेल्यूकस निकेटर ने चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा था। उसने भारत में रहते हुए ‘इंडिका’ नामक पुस्तक लिखी, जिसमें मौर्यकालीन प्रशासन, समाज, संस्कृति और भूगोल का विस्तृत वर्णन मिलता है। यह प्राचीन भारतीय इतिहास के अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
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किस गुप्त शासक के शासनकाल को भारतीय इतिहास का ‘स्वर्ण युग’ माना जाता है?
A) चंद्रगुप्त प्रथम
B) समुद्रगुप्त
C) चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य)
D) स्कंदगुप्तसही उत्तर: C) चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य)
विस्तृत व्याख्या: चंद्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल (लगभग 375-415 ईस्वी) को गुप्त साम्राज्य का ‘स्वर्ण युग’ माना जाता है। इस दौरान कला, विज्ञान, साहित्य और धातु विज्ञान के क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति हुई। उज्जैन उनकी दूसरी राजधानी थी, जहाँ प्रसिद्ध विद्वान और कलाकार जैसे कालिदास और आर्यभट्ट उनके दरबार में थे।
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चीनी यात्री ह्वेनसांग किसके शासनकाल में भारत आया था?
A) समुद्रगुप्त
B) चंद्रगुप्त मौर्य
C) हर्षवर्धन
D) अशोकसही उत्तर: C) हर्षवर्धन
विस्तृत व्याख्या: प्रसिद्ध चीनी बौद्ध भिक्षु और यात्री ह्वेनसांग (या जुआनज़ांग) 7वीं शताब्दी ईस्वी में राजा हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत आया था। उसने नालंदा विश्वविद्यालय में बौद्ध धर्म का अध्ययन किया और कई महत्वपूर्ण बौद्ध ग्रंथों को चीन ले गया। उसकी यात्रा का वृत्तांत ‘सी-यू-की’ नामक पुस्तक में मिलता है।
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संगम साहित्य किस प्राचीन भारतीय क्षेत्र से संबंधित है?
A) उत्तर भारत
B) दक्षिण भारत
C) पश्चिमी भारत
D) पूर्वी भारतसही उत्तर: B) दक्षिण भारत
विस्तृत व्याख्या: संगम साहित्य प्राचीन तमिल साहित्य का एक महत्वपूर्ण संग्रह है, जो दक्षिण भारत (मुख्यतः वर्तमान तमिलनाडु) से संबंधित है। यह ईसा पूर्व तीसरी शताब्दी से लेकर ईस्वी तीसरी शताब्दी के बीच की अवधि में रचा गया माना जाता है। इसमें चेर, चोल और पांड्य राजाओं के जीवन, समाज और संस्कृति का चित्रण मिलता है।
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कुतुब मीनार का निर्माण किस सुल्तान ने शुरू करवाया था और किसने इसे पूरा किया?
A) इल्तुतमिश ने शुरू किया, फिरोजशाह तुगलक ने पूरा किया
B) कुतुबुद्दीन ऐबक ने शुरू किया, इल्तुतमिश ने पूरा किया
C) अलाउद्दीन खिलजी ने शुरू किया, कुतुबुद्दीन ऐबक ने पूरा किया
D) बलबन ने शुरू किया, इल्तुतमिश ने पूरा कियासही उत्तर: B) कुतुबुद्दीन ऐबक ने शुरू किया, इल्तुतमिश ने पूरा किया
विस्तृत व्याख्या: कुतुब मीनार का निर्माण 12वीं शताब्दी के अंत में दिल्ली सल्तनत के संस्थापक कुतुबुद्दीन ऐबक ने सूफी संत कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी की याद में शुरू करवाया था। ऐबक केवल इसकी नींव और पहली मंजिल का निर्माण ही करवा सका। उसके उत्तराधिकारी इल्तुतमिश ने तीन और मंजिलें जोड़कर इसे पूरा किया। बाद में फिरोजशाह तुगलक ने बिजली गिरने से क्षतिग्रस्त हुई ऊपरी मंजिलों की मरम्मत करवाई और एक नई मंजिल भी जोड़ी।
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दिल्ली सल्तनत का कौन सा सुल्तान अपनी ‘बाजार नियंत्रण नीति’ के लिए प्रसिद्ध था?
A) इल्तुतमिश
B) बलबन
C) अलाउद्दीन खिलजी
D) मुहम्मद बिन तुगलकसही उत्तर: C) अलाउद्दीन खिलजी
विस्तृत व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी (शासनकाल 1296-1316 ई.) अपनी कठोर और व्यापक बाजार नियंत्रण नीति के लिए जाना जाता है। उसने वस्तुओं की कीमतें तय कीं, चोर-बाजारी को रोकने के लिए ‘शहना-ए-मंडी’ जैसे अधिकारियों को नियुक्त किया और वजन में हेरफेर करने वालों को दंडित किया। इस नीति का मुख्य उद्देश्य अपनी विशाल सेना के लिए कम कीमतों पर आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराना था।
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‘दीवान-ए-अमीर कोही’ नामक कृषि विभाग की स्थापना किस सुल्तान ने की थी?
A) अलाउद्दीन खिलजी
B) मुहम्मद बिन तुगलक
C) फिरोजशाह तुगलक
D) सिकंदर लोदीसही उत्तर: B) मुहम्मद बिन तुगलक
विस्तृत व्याख्या: मुहम्मद बिन तुगलक (शासनकाल 1325-1351 ई.) ने कृषि के विकास के लिए ‘दीवान-ए-अमीर कोही’ नामक एक नया विभाग स्थापित किया था। इस विभाग का मुख्य कार्य किसानों को ऋण प्रदान करना और बंजर भूमि को कृषि योग्य बनाना था। हालांकि, उसकी कई अन्य नीतियां जैसे राजधानी परिवर्तन और सांकेतिक मुद्रा का प्रचलन असफल रही थीं।
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विजयनगर साम्राज्य का सबसे महान शासक किसे माना जाता है, जिसके दरबार में ‘अष्टदिग्गज’ (आठ विद्वान) थे?
A) हरिहर प्रथम
B) बुक्का प्रथम
C) देवराय द्वितीय
D) कृष्णदेवरायसही उत्तर: D) कृष्णदेवराय
विस्तृत व्याख्या: कृष्णदेवराय (शासनकाल 1509-1529 ई.) तुलुव वंश के सबसे महान शासक थे और विजयनगर साम्राज्य को उसकी शक्ति और समृद्धि के शिखर पर पहुँचाया। वह कला और साहित्य के महान संरक्षक थे, और उनके दरबार में ‘अष्टदिग्गज’ नामक आठ तेलुगु कवि और विद्वान थे। पुर्तगाली यात्री डोमिंगो पायस ने भी उनके शासनकाल का विस्तृत वर्णन किया है।
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भक्ति आंदोलन के किस संत ने ‘बीजक’ नामक ग्रंथ की रचना की, जिसमें उनके दोहे और पद संग्रहित हैं?
A) रामानंद
B) कबीर
C) गुरु नानक
D) मीराबाईसही उत्तर: B) कबीर
विस्तृत व्याख्या: संत कबीरदास (15वीं शताब्दी) निर्गुण भक्ति परंपरा के प्रमुख संत कवि थे। उन्होंने जातिवाद और धार्मिक आडंबरों का खंडन किया और ईश्वर की एकता का प्रचार किया। उनके दोहे, पद और साखियाँ ‘बीजक’ नामक ग्रंथ में संग्रहित हैं, जो उनके अनुयायियों द्वारा संकलित किया गया था।
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‘दीन-ए-इलाही’ नामक धर्म की स्थापना किस मुगल सम्राट ने की थी?
A) हुमायूँ
B) अकबर
C) जहाँगीर
D) शाहजहाँसही उत्तर: B) अकबर
विस्तृत व्याख्या: मुगल सम्राट अकबर (शासनकाल 1556-1605 ई.) ने 1582 ईस्वी में ‘दीन-ए-इलाही’ नामक एक समन्वयवादी धर्म की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य विभिन्न धर्मों के बीच सामंजस्य स्थापित करना था, और यह नैतिक सिद्धांतों पर आधारित था। हालांकि, यह कभी व्यापक रूप से लोकप्रिय नहीं हुआ और अकबर के जीवनकाल के बाद समाप्त हो गया।
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शिवाजी महाराज की प्रशासनिक व्यवस्था में ‘अष्टप्रधान’ क्या था?
A) आठ महत्वपूर्ण किले
B) आठ मराठा सेनापति
C) आठ मंत्रियों की एक परिषद
D) आठ प्रकार के करसही उत्तर: C) आठ मंत्रियों की एक परिषद
विस्तृत व्याख्या: छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपनी प्रशासनिक दक्षता के लिए ‘अष्टप्रधान’ नामक आठ मंत्रियों की एक परिषद का गठन किया था। इसमें पेशवा (प्रधानमंत्री), अमात्य (वित्त मंत्री), सचिव (शाही पत्राचार), सुमंत (विदेश मंत्री), सेनापति (कमांडर-इन-चीफ) आदि प्रमुख पद शामिल थे। यह परिषद शिवाजी को प्रशासन चलाने में सहायता करती थी।
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भारत में तोपखाने का सर्वप्रथम प्रयोग किस युद्ध में हुआ था?
A) तराइन का प्रथम युद्ध
B) पानीपत का प्रथम युद्ध
C) खानवा का युद्ध
D) घाघरा का युद्धसही उत्तर: B) पानीपत का प्रथम युद्ध
विस्तृत व्याख्या: पानीपत का प्रथम युद्ध 21 अप्रैल 1526 को बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच लड़ा गया था। इस युद्ध में बाबर ने अपनी जीत के लिए तोपखाने और ‘तुलुगमा’ नामक सैन्य रणनीति का प्रभावी ढंग से उपयोग किया। यह भारतीय उपमहाद्वीप में बारूद-आधारित तोपखाने के पहले बड़े पैमाने पर उपयोग को चिह्नित करता है और भारत में मुगल साम्राज्य की नींव रखी।
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प्लासी का युद्ध (1757) किनके बीच लड़ा गया था?
A) ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और फ्रांसीसी
B) ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और डच
C) ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला
D) ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और मराठासही उत्तर: C) ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला
विस्तृत व्याख्या: प्लासी का युद्ध 23 जून 1757 को रॉबर्ट क्लाइव के नेतृत्व वाली ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना और बंगाल के तत्कालीन नवाब सिराजुद्दौला की सेना के बीच लड़ा गया था। नवाब के सेनापति मीर जाफर की गद्दारी के कारण नवाब की हार हुई। इस युद्ध ने भारत में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन की नींव रखी और उन्हें बंगाल पर नियंत्रण प्रदान किया।
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1857 के विद्रोह के समय भारत का गवर्नर जनरल कौन था?
A) लॉर्ड डलहौजी
B) लॉर्ड कैनिंग
C) लॉर्ड विलियम बेंटिंक
D) लॉर्ड रिपनसही उत्तर: B) लॉर्ड कैनिंग
विस्तृत व्याख्या: 1857 का भारतीय विद्रोह, जिसे सिपाही विद्रोह या स्वतंत्रता का पहला युद्ध भी कहा जाता है, लॉर्ड कैनिंग (1856-1862) के शासनकाल के दौरान हुआ था। इस विद्रोह के बाद, भारत में कंपनी का शासन समाप्त हो गया और ब्रिटिश ताज का सीधा शासन स्थापित हुआ। लॉर्ड कैनिंग भारत के अंतिम गवर्नर-जनरल और पहले वायसराय बने।
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
A) 1875
B) 1885
C) 1895
D) 1905सही उत्तर: B) 1885
विस्तृत व्याख्या: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को बंबई में एक सेवानिवृत्त ब्रिटिश सिविल सेवक ए.ओ. ह्यूम (एलन ऑक्टेवियन ह्यूम) द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के भारतीयों को एक साथ लाकर राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षिक सुधारों पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करना था। इसका पहला अधिवेशन गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुआ था, जिसकी अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी ने की थी।
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‘बंगाल का विभाजन’ किस गवर्नर जनरल के कार्यकाल में हुआ था?
A) लॉर्ड मिंटो
B) लॉर्ड कर्जन
C) लॉर्ड हार्डिंग
D) लॉर्ड चेम्सफोर्डसही उत्तर: B) लॉर्ड कर्जन
विस्तृत व्याख्या: बंगाल का विभाजन 1905 में लॉर्ड कर्जन (1899-1905) के कार्यकाल में हुआ था। ब्रिटिश सरकार ने इसे प्रशासनिक सुविधा का कारण बताया, लेकिन इसका वास्तविक उद्देश्य बंगाली हिंदुओं और मुसलमानों के बीच ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति के तहत विभाजन पैदा करना था। इस विभाजन के विरोध में स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ।
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महात्मा गांधी ने अपना पहला अखिल भारतीय सत्याग्रह किस घटना के विरोध में शुरू किया था?
A) चंपारण सत्याग्रह
B) खेड़ा सत्याग्रह
C) रॉलेट एक्ट
D) अहमदाबाद मिल हड़तालसही उत्तर: C) रॉलेट एक्ट
विस्तृत व्याख्या: महात्मा गांधी ने भारत में अपना पहला अखिल भारतीय सत्याग्रह 1919 में रॉलेट एक्ट के विरोध में शुरू किया था। रॉलेट एक्ट एक दमनकारी कानून था जिसने ब्रिटिश सरकार को बिना किसी मुकदमे के किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने और अनिश्चित काल तक हिरासत में रखने का अधिकार दिया था। चंपारण, खेड़ा और अहमदाबाद मिल हड़ताल उनके क्षेत्रीय सत्याग्रह थे।
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‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा’ का नारा किसने दिया था?
A) महात्मा गांधी
B) सुभाष चंद्र बोस
C) बाल गंगाधर तिलक
D) भगत सिंहसही उत्तर: C) बाल गंगाधर तिलक
विस्तृत व्याख्या: यह प्रसिद्ध नारा बाल गंगाधर तिलक ने दिया था, जो भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख राष्ट्रवादी नेता थे। वह ‘गरम दल’ के नेता थे और उन्होंने भारतीयों में राजनीतिक चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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‘भारत छोड़ो आंदोलन’ किस वर्ष शुरू किया गया था?
A) 1935
B) 1939
C) 1942
D) 1947सही उत्तर: C) 1942
विस्तृत व्याख्या: भारत छोड़ो आंदोलन 8 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी द्वारा ब्रिटिश शासन को तुरंत समाप्त करने की मांग के साथ शुरू किया गया था। इस आंदोलन में गांधीजी ने ‘करो या मरो’ का नारा दिया। यह द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान शुरू हुआ और इसने भारत की स्वतंत्रता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में काम किया।
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रोम में स्थित पैंथियन, जो अपनी स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है, किस प्राचीन सभ्यता से संबंधित है और इसकी विशिष्ट विशेषता क्या है जिसके बारे में हालिया शोध में बात की गई है?
A) ग्रीक सभ्यता; इसका विशाल गुंबद
B) रोमन सभ्यता; एक विशाल धूपघड़ी के रूप में कार्य करना
C) मिस्र की सभ्यता; इसके पिरामिडों से संबंध
D) फ़ारसी सभ्यता; इसकी दीवारों पर खुदे शिलालेखसही उत्तर: B) रोमन सभ्यता; एक विशाल धूपघड़ी के रूप में कार्य करना
विस्तृत व्याख्या: पैंथियन प्राचीन रोमन वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, विशेष रूप से इसका ओकुलस (छत में एक बड़ा खुला छेद) जिसके माध्यम से सूर्य की रोशनी अंदर आती है। हालिया शोध से पता चला है कि पैंथियन को इस तरह से डिज़ाइन किया गया था कि सूर्योदय के समय, विशेष रूप से विषुवों और संक्रांति पर, सूर्य की रोशनी सीधे प्रवेश द्वार को रोशन करती है। इस खगोलीय संरेखण से पता चलता है कि यह केवल एक मंदिर नहीं था, बल्कि एक विशाल धूपघड़ी या खगोलीय वेधशाला के रूप में भी कार्य करता था, जो रोमन इंजीनियरिंग और खगोलीय ज्ञान के उच्च स्तर को दर्शाता है।
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‘औद्योगिक क्रांति’ सर्वप्रथम किस देश में शुरू हुई थी?
A) जर्मनी
B) फ्रांस
C) संयुक्त राज्य अमेरिका
D) इंग्लैंडसही उत्तर: D) इंग्लैंड
विस्तृत व्याख्या: औद्योगिक क्रांति सर्वप्रथम 18वीं शताब्दी के अंत में इंग्लैंड (ग्रेट ब्रिटेन) में शुरू हुई थी। इसका मुख्य कारण कोयले, लोहा और भाप इंजन जैसे संसाधनों और प्रौद्योगिकियों की उपलब्धता थी। इसने कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था से औद्योगिक और शहरी अर्थव्यवस्था में परिवर्तन किया, जिससे बड़े पैमाने पर उत्पादन, नए कारखाने और शहरीकरण हुआ।
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