समय की सीमाओं को पार कर अतीत के गलियारों में कदम रखें!
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इतिहास केवल तारीखों और घटनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह मानव सभ्यता के विकास की एक जीवंत यात्रा है। चाहे आप UPSC की तैयारी कर रहे हों या SSC और राज्य PSCs की, इतिहास की गहरी समझ आपको अन्य उम्मीदवारों से आगे ले जाती है। आइए, आज के इस विशेष मॉक टेस्ट के माध्यम से प्राचीन सभ्यताओं से लेकर आधुनिक युग की क्रांतियों तक अपने ज्ञान का परीक्षण करें और अपनी तैयारी को एक नई धार दें।
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- सिंधु घाटी सभ्यता के संदर्भ में, ‘लोथल’ के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?\n
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- (A) यह हड़प्पा सभ्यता का सबसे उत्तरी स्थल था।
- (B) यहाँ से एक विशाल गोदीबाड़ा (Dockyard) के प्रमाण मिले हैं।
- (C) यह स्थल केवल कृषि प्रधान था और व्यापार से इसका संबंध नहीं था।
- (D) यहाँ से जूते हुए खेत के साक्ष्य मिले हैं।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: लोथल, गुजरात में स्थित सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर था। यहाँ से एक उन्नत गोदीबाड़ा (Dockyard) मिला है, जो यह सिद्ध करता है कि सिंधुवासी मेसोपोटामिया जैसी बाहरी सभ्यताओं के साथ समुद्री व्यापार करते थे। \n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: विकल्प (A) गलत है क्योंकि लोथल उत्तरी नहीं, बल्कि पश्चिमी तटीय क्षेत्र में था। विकल्प (C) गलत है क्योंकि लोथल एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र था। विकल्प (D) गलत है क्योंकि जूते हुए खेत के साक्ष्य ‘कालीबंगन’ से मिले हैं।\n
- ऋग्वैदिक काल में ‘गोविष्टि’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया जाता था?\n
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- (A) गायों की खोज
- (B) गायों के लिए युद्ध
- (C) गायों का व्यापार
- (D) गायों का धार्मिक अनुष्ठान
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: ऋग्वैदिक समाज में गाय सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति मानी जाती थी। ‘गोविष्टि’ का शाब्दिक अर्थ ‘गायों की खोज’ है, लेकिन वास्तव में इसका उपयोग उन युद्धों के लिए किया जाता था जो गायों को प्राप्त करने या वापस लेने के लिए लड़े जाते थे।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: अन्य विकल्प व्यापार या अनुष्ठान की बात करते हैं, लेकिन ऋग्वेद में यह शब्द संघर्ष और युद्ध के संदर्भ में प्रयुक्त हुआ है।\n
- मौर्य साम्राज्य के दौरान ‘धम्म महामात्रों’ की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- (B) कर संग्रह की निगरानी करना।
- (C) समाज में नैतिक मूल्यों और धम्म का प्रचार करना।
- (D) जासूसी नेटवर्क का प्रबंधन करना।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: सम्राट अशोक ने अपने शासनकाल के 14वें वर्ष में ‘धम्म महामात्रों’ नामक विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की थी। इनका कार्य समाज के सभी वर्गों में नैतिक आचरण, सहिष्णुता और अशोक के ‘धम्म’ (धर्म) के सिद्धांतों का प्रचार करना था।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: सीमा सुरक्षा और कर संग्रह के लिए अलग प्रशासनिक अधिकारी होते थे। जासूसी के लिए मौर्य काल में ‘गूढ़पुरुष’ नियुक्त किए जाते थे।\n
- गुप्त काल को ‘भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग’ कहा जाता है। इस काल की कला और साहित्य की सबसे बड़ी विशेषता क्या थी?\n
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- (A) केवल बौद्ध धर्म का संरक्षण।
- (B) संस्कृत भाषा का पुनरुत्थान और शास्त्रीय साहित्य का विकास।
- (C) वास्तुकला में केवल गुफाओं का निर्माण।
- (D) विदेशी कलाओं का पूर्णतः अभाव।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: गुप्त काल में संस्कृत भाषा को राजभाषा का दर्जा मिला और कालिदास जैसे महान कवियों ने शास्त्रीय साहित्य की रचना की। इसी समय विज्ञान, गणित (आर्यभट्ट) और खगोल शास्त्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: गुप्त शासक मुख्य रूप से वैष्णव थे, हालांकि वे बौद्ध धर्म के प्रति सहिष्णु थे। वास्तुकला में मंदिर निर्माण (नागर शैली) की शुरुआत हुई, न कि केवल गुफाएँ।\n
- संगम साहित्य के संदर्भ में, ‘तोल्काप्पियम’ किस विषय पर आधारित एक ग्रंथ है?\n
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- (A) तमिल व्याकरण
- (B) प्राचीन युद्ध कला
- (C) समुद्र व्यापार के नियम
- (D) राजाओं की वंशावली
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सही उत्तर: (A)
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विस्तृत व्याख्या: ‘तोल्काप्पियम’ प्राचीन तमिल भाषा का सबसे पुराना उपलब्ध व्याकरण ग्रंथ है। यह न केवल भाषा के नियमों को बताता है, बल्कि तत्कालीन समाज और संस्कृति की भी झलक देता है।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: यह कोई सैन्य मैनुअल या वंशावली ग्रंथ नहीं है, बल्कि एक भाषाई और व्याकरणिक कृति है।\n
- हड़प्पा सभ्यता के किस स्थल से ‘नर्तकी की कांस्य मूर्ति’ प्राप्त हुई है?\n
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- (A) राखीगढ़ी
- (B) धोलावीरा
- (C) मोहनजोदड़ो
- (D) चन्हुदड़ो
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: मोहनजोदड़ो से प्राप्त ‘कांस्य नर्तकी’ (Dancing Girl) की मूर्ति लुप्त मोम तकनीक (Lost-wax casting) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो उस समय की धातु विज्ञान में निपुणता को दर्शाती है।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: राखीगढ़ी और धोलावीरा से जल प्रबंधन और नगर नियोजन के प्रमाण मिले हैं, लेकिन यह विशिष्ट मूर्ति मोहनजोदड़ो की पहचान है।\n
- दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘बाजार नियंत्रण नीति’ (Market Control Policy) लागू की थी?\n
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- (A) इल्तुतमिश
- (B) गयासुद्दीन तुगलक
- (C) अलाउद्दीन खिलजी
- (D) मोहम्मद बिन तुगलक
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी विशाल सेना को कम वेतन में बनाए रखने के लिए वस्तुओं की कीमतें निर्धारित कीं और बाजार में सख्त निगरानी रखी ताकि महंगाई न बढ़े।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: इल्तुतमिश ने इक्ता प्रणाली को मजबूत किया। मोहम्मद बिन तुगलक ने टोकन करेंसी चलाई थी, लेकिन बाजार नियंत्रण खिलजी की विशिष्ट नीति थी।\n
- मुगल सम्राट अकबर द्वारा शुरू की गई ‘मनसबदारी प्रणाली’ का मुख्य आधार क्या था?\n
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- (A) केवल वंशानुगत अधिकार
- (B) सैन्य और नागरिक प्रशासन का श्रेणीबद्ध संगठन (जात और सवार)
- (C) केवल धार्मिक योग्यता
- (D) भूमि का पूर्ण स्वामित्व देना
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: मनसबदारी प्रणाली में ‘जात’ अधिकारी के व्यक्तिगत पद और वेतन को दर्शाता था, जबकि ‘सवार’ यह निर्धारित करता था कि उसे कितने घुड़सवार रखने हैं। यह प्रशासन और सेना को एकीकृत करने का तरीका था।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: यह प्रणाली वंशानुगत नहीं थी (शुरुआत में), बल्कि सम्राट की इच्छा और योग्यता पर आधारित थी। इसमें भूमि का स्वामित्व नहीं, बल्कि वेतन के रूप में जागीर दी जाती थी।\n
- विजयनगर साम्राज्य के किस शासक को ‘आंध्र भोज’ के नाम से जाना जाता है और जिसके काल में कृष्णदेवराय ने शासन किया?\n
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- (A) हरिहर I
- (B) बुक्का I
- (C) कृष्णदेवराय
- (D) अच्युत देव राय
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: सम्राट कृष्णदेवराय विजयनगर के सबसे महान शासक थे। उन्हें उनकी साहित्यिक अभिरुचि और तेलुगु भाषा के समर्थन के कारण ‘आंध्र भोज’ कहा गया। उनके दरबार में ‘अष्टदिग्गज’ (आठ महान कवि) रहते थे।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: हरिहर और बुक्का ने साम्राज्य की स्थापना की थी, लेकिन सांस्कृतिक और सैन्य शिखर कृष्णदेवराय के काल में आया।\n
- भक्ति आंदोलन के संदर्भ में, ‘विशिष्टाद्वैत’ दर्शन का प्रतिपादन किसने किया था?\n
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- (A) शंकराचार्य
- (B) रामानुजाचार्य
- (C) मध्वाचार्य
- (D) निंबार्काचार्य
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: रामानुजाचार्य ने ‘विशिष्टाद्वैत’ का सिद्धांत दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि ईश्वर (ब्रह्म) सगुण है और आत्माएं ईश्वर का ही अंश हैं लेकिन उससे भिन्न भी हैं।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: शंकराचार्य ने ‘अद्वैतवाद’ (पूर्ण एकता) का सिद्धांत दिया। मध्वाचार्य ने ‘द्वैतवाद’ (ईश्वर और आत्मा पूर्णतः अलग) का प्रतिपादन किया।\n
- छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा अपनाई गई ‘गुरिल्ला युद्ध’ (छापामार युद्ध) नीति की मुख्य विशेषता क्या थी?\n
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- (A) आमने-सामने की बड़ी लड़ाई लड़ना।
- (B) किलों की अनदेखी करना।
- (C) भूगोल का लाभ उठाकर अचानक हमला करना और छिप जाना।
- (D) केवल नौसेना के बल पर युद्ध जीतना।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: शिवाजी महाराज ने सह्याद्रि की पहाड़ियों और घने जंगलों का उपयोग करते हुए मुगलों और बीजापुर की सेनाओं के खिलाफ छापामार युद्ध पद्धति अपनाई, जिससे वे छोटी सेना के साथ बड़ी सेना को हरा सके।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: विकल्प (A) गलत है क्योंकि वे आमने-सामने की लड़ाई से बचते थे। विकल्प (B) गलत है क्योंकि किले उनके साम्राज्य की रीढ़ थे।\n
- दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलताबाद (देवगिरी) स्थानांतरित की थी?\n
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- (A) अलाउद्दीन खिलजी
- (B) गयासुद्दीन तुगलक
- (C) मोहम्मद बिन तुगलक
- (D) फिरोज शाह तुगलक
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: मोहम्मद बिन तुगलक ने साम्राज्य के केंद्र को दक्षिण भारत तक विस्तारित करने के उद्देश्य से राजधानी को दिल्ली से दौलताबाद स्थानांतरित किया, लेकिन यह योजना विफल रही और उसे पुनः दिल्ली लौटना पड़ा।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: फिरोज शाह तुगलक ने नए शहर बसाए (जैसे फिरोजाबाद), लेकिन पूरी राजधानी स्थानांतरित करने का असफल प्रयास केवल मोहम्मद बिन तुगलक ने किया था।\n
- 1857 के विद्रोह के दौरान ‘बेगम हजरत महल’ ने किस क्षेत्र का नेतृत्व किया था?\n
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- (A) कानपुर
- (B) लखनऊ
- (C) झाँसी
- (D) बिहार
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: बेगम हजरत महल ने लखनऊ (अवध) में विद्रोह का नेतृत्व किया और अपने अल्पायु पुत्र बिरजिस कद्र को नवाब घोषित कर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: कानपुर का नेतृत्व नाना साहेब ने, झाँसी का रानी लक्ष्मीबाई ने और बिहार का नेतृत्व कुंवर सिंह ने किया था।\n
- ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना ज्योतिराव फुले ने किस मुख्य उद्देश्य से की थी?\n
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- (A) केवल अंग्रेजी शिक्षा का प्रचार करना।
- (B) जाति व्यवस्था का विरोध और दलितों एवं महिलाओं का उत्थान करना।
- (C) सती प्रथा को कानूनी रूप से समाप्त करना।
- (D) केवल हिंदू धर्म का शुद्धिकरण करना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: 1873 में स्थापित सत्यशोधक समाज का उद्देश्य शोषित वर्गों (विशेषकर दलितों और पिछड़ों) को ब्राह्मणवादी वर्चस्व और जातिगत भेदभाव से मुक्त करना और उन्हें शिक्षा प्रदान करना था।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: सती प्रथा के विरुद्ध मुख्य अभियान राजा राममोहन राय ने चलाया था। फुले का मुख्य ध्यान सामाजिक समानता और शिक्षा पर था।\n
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (1885) की अध्यक्षता किसने की थी?\n
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- (A) ए.ओ. ह्यूम
- (B) दादाभाई नौरोजी
- (C) डब्ल्यू.सी. बनर्जी
- (D) गोपाल कृष्ण गोखले
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: दिसंबर 1885 में बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुए पहले अधिवेशन की अध्यक्षता व्योमेश चन्द्र बनर्जी (W.C. Bonnerjee) ने की थी।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: ए.ओ. ह्यूम संस्थापक/सचिव थे, अध्यक्ष नहीं। दादाभाई नौरोजी तीसरे अधिवेशन (1886) के अध्यक्ष थे।\n
- गांधीजी ने ‘चंपारण सत्याग्रह’ (1917) का नेतृत्व क्यों किया था?\n
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- (A) नमक कानून के विरोध में।
- (B) मिल मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने के लिए।
- (C) तिनकठिया प्रणाली के तहत नील की खेती करने वाले किसानों के शोषण के खिलाफ।
- (D) जल कर (Water Tax) की समाप्ति के लिए।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: चंपारण (बिहार) में किसानों को अपनी जमीन के 3/20 हिस्से पर नील की खेती करने के लिए मजबूर किया जाता था, जिसे ‘तिनकठिया प्रणाली’ कहा जाता था। गांधीजी ने यहाँ अपना पहला सफल सत्याग्रह किया।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: नमक कानून का विरोध ‘दांडी मार्च’ (1930) में हुआ। जल कर का विरोध गुजरात के खेड़ा सत्याग्रह में किया गया था।\n
- ‘हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन’ (HSRA) की स्थापना 1928 में कहाँ हुई थी?\n
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- (A) लाहौर
- (B) दिल्ली (फिरोज शाह कोटला मैदान)
- (C) कानपुर
- (D) कलकत्ता
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह ने दिल्ली के फिरोज शाह कोटला मैदान में HSRA की स्थापना की। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में एक समाजवादी गणराज्य की स्थापना करना था।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: लाहौर में बाद में कई गतिविधियाँ हुईं (जैसे असेंबली बम कांड), लेकिन स्थापना दिल्ली में हुई थी।\n
- भारत शासन अधिनियम, 1935 की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या थी?\n
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- (A) प्रांतों में द्वैध शासन (Dyarchy) की शुरुआत।
- (B) केंद्र में द्वैध शासन और प्रांतों में स्वायत्तता (Provincial Autonomy) की शुरुआत।
- (C) पहली बार पृथक निर्वाचन मंडल की शुरुआत।
- (D) भारत को पूर्ण डोमिनियन स्टेटस प्रदान करना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: 1935 के अधिनियम ने प्रांतों से द्वैध शासन समाप्त कर उन्हें स्वायत्तता दी और केंद्र स्तर पर द्वैध शासन लागू किया। इसी अधिनियम ने संघीय न्यायालय (Federal Court) की स्थापना का प्रावधान किया।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: प्रांतों में द्वैध शासन 1919 के अधिनियम (Montagu-Chelmsford Reforms) द्वारा शुरू किया गया था। पृथक निर्वाचन मंडल 1909 के अधिनियम (Morley-Minto) से आया था।\n
- ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान ‘करो या मरो’ (Do or Die) का नारा किसने दिया था?\n
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- (A) जवाहरलाल नेहरू
- (B) सुभाष चंद्र बोस
- (C) महात्मा गांधी
- (D) सरदार वल्लभभाई पटेल
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: 8 अगस्त 1942 को बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान से महात्मा गांधी ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की शुरुआत की और देशवासियों को ‘करो या मरो’ का मंत्र दिया, जिसका अर्थ था कि या तो हम भारत को आजाद कराएंगे या इस प्रयास में अपनी जान दे देंगे।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: सुभाष चंद्र बोस ने ‘दिल्ली चलो’ और ‘जय हिंद’ का नारा दिया था। नेहरू और पटेल इस आंदोलन के प्रमुख नेता थे, लेकिन यह विशिष्ट नारा गांधीजी का था।\n
- फ्रांसीसी क्रांति (1789) के समय फ्रांस का राजा कौन था?\n
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- (A) लुई XIV
- (B) लुई XV
- (C) लुई XVI
- (D) नेपोलियन बोनापार्ट
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: 1789 की क्रांति के समय फ्रांस पर लुई XVI का शासन था। उसकी निरंकुश नीतियों और आर्थिक संकट के कारण जनता में भारी आक्रोश था, जिसके परिणामस्वरूप लोकतंत्र और मानवाधिकारों की नींव पड़ी।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: लुई XIV ‘सूर्य राजा’ के नाम से प्रसिद्ध था। नेपोलियन क्रांति के बाद सत्ता में आया और खुद को सम्राट घोषित किया।\n
- औद्योगिक क्रांति की शुरुआत सबसे पहले किस देश में हुई और किस उद्योग से हुई?\n
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- (A) फ्रांस – लौह उद्योग
- (B) जर्मनी – रसायन उद्योग
- (C) ब्रिटेन – सूती वस्त्र उद्योग
- (D) अमेरिका – ऑटोमोबाइल उद्योग
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: औद्योगिक क्रांति 18वीं शताब्दी के मध्य में ब्रिटेन में शुरू हुई। इसकी शुरुआत सूती वस्त्र (Textile) उद्योग से हुई, जहाँ स्पिनिंग जेनी और स्टीम इंजन जैसे आविष्कारों ने उत्पादन की गति बढ़ा दी।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: फ्रांस और जर्मनी में औद्योगिकरण बाद में हुआ। अमेरिका का उदय 19वीं शताब्दी के अंत और 20वीं शताब्दी की शुरुआत में हुआ।\n
- हालिया पुरातात्विक खोजों के संदर्भ में, डालमेटिया के तट पर मिले तीसरी शताब्दी के रोमन व्यापारिक जहाज से क्या संकेत मिलता है?\n
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- (A) रोमन साम्राज्य का कभी व्यापार नहीं हुआ।
- (B) भूमध्यसागरीय व्यापार रोमन साम्राज्य के पतन से पहले अत्यंत विकसित था।
- (C) रोमन लोग केवल कृषि पर निर्भर थे।
- (D) यह जहाज केवल युद्ध के लिए बनाया गया था।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: डालमेटिया के तट पर मिले तीसरी शताब्दी के रोमन व्यापारिक जहाज की खोज यह दर्शाती है कि रोमन साम्राज्य के पतन से पहले भूमध्यसागरीय क्षेत्र में वाणिज्यिक गतिविधियाँ और समुद्री व्यापार बहुत उन्नत और संगठित थे।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: जहाज का ढांचा और उसकी बनावट व्यापारिक उद्देश्यों को दर्शाती है, न कि केवल सैन्य या कृषि संबंधी। यह खोज रोमन व्यापार की व्यापकता की पुष्टि करती है।\n
- प्रथम विश्व युद्ध के बाद ‘वर्साय की संधि’ (Treaty of Versailles, 1919) का मुख्य परिणाम क्या था?\n
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- (A) जर्मनी को युद्ध में विजेता घोषित करना।
- (B) जर्मनी पर कठोर आर्थिक दंड और सैन्य प्रतिबंध लगाना।
- (C) रूस को यूरोपीय संघ का सदस्य बनाना।
- (D) अमेरिका का लीग ऑफ नेशन्स का अध्यक्ष बनना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: वर्साय की संधि ने जर्मनी को युद्ध का मुख्य जिम्मेदार ठहराया, उस पर भारी युद्ध हर्जाना (Reparations) लगाया और उसकी सैन्य शक्ति को सीमित कर दिया। इसी अपमानजनक संधि ने द्वितीय विश्व युद्ध के बीज बोए।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: जर्मनी हार गया था, विजेता नहीं। रूस इस संधि का हिस्सा नहीं था क्योंकि वह पहले ही युद्ध से अलग हो चुका था। अमेरिका लीग ऑफ नेशन्स का सदस्य नहीं बना।\n
- रूस की 1917 की क्रांति (बोल्शेविक क्रांति) का नेतृत्व किसने किया था?\n
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- (A) जोसेफ स्टालिन
- (B) व्लादिमीर लेनिन
- (C) निकोलस II
- (D) लियोन ट्रॉट्स्की
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: व्लादिमीर लेनिन ने बोल्शेविक पार्टी का नेतृत्व किया और अक्टूबर क्रांति के माध्यम से रूस में दुनिया की पहली समाजवादी सरकार की स्थापना की।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: निकोलस II रूस का अंतिम ज़ार (शासक) था जिसे क्रांति के दौरान हटा दिया गया। स्टालिन लेनिन के बाद सत्ता में आया। ट्रॉट्स्की ने सैन्य नेतृत्व किया, लेकिन मुख्य राजनीतिक नेतृत्व लेनिन का था।\n
- शीत युद्ध (Cold War) के दौरान 1972 के ‘निक्सन-झोउ शिखर सम्मेलन’ (Nixon-Zhou Summit) का क्या महत्व था?\n
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- (A) इसने अमेरिका और सोवियत संघ के बीच युद्ध शुरू किया।
- (B) इसने अमेरिका और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की शुरुआत की।
- (C) इसने वियतनाम युद्ध को और लंबा खींच दिया।
- (D) इसने संयुक्त राष्ट्र को समाप्त कर दिया।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: 1972 में अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन और चीनी प्रधानमंत्री झोउ एनलाई के बीच हुई मुलाकात ने दशकों की शत्रुता को समाप्त कर अमेरिका और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की नींव रखी, जिससे शीत युद्ध के समीकरण बदल गए।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: यह सम्मेलन युद्ध शुरू करने के लिए नहीं, बल्कि तनाव कम करने के लिए था। इसका उद्देश्य वियतनाम युद्ध में चीन के प्रभाव को कम करना और सामरिक संबंध सुधारना था।\n
- पुनर्जागरण (Renaissance) का प्रारंभ सबसे पहले किस यूरोपीय शहर में हुआ था?\n
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- (A) पेरिस, फ्रांस
- (B) लंदन, इंग्लैंड
- (C) फ्लोरेंस, इटली
- (D) मैड्रिड, स्पेन
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: पुनर्जागरण की शुरुआत 14वीं शताब्दी में इटली के फ्लोरेंस शहर से हुई। यहाँ के समृद्ध व्यापारियों (जैसे मेडिसी परिवार) ने कला, साहित्य और विज्ञान को संरक्षण दिया, जिससे मानवतावाद का उदय हुआ।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: पेरिस और लंदन में पुनर्जागरण बाद में पहुँचा। इटली अपनी भौगोलिक स्थिति और रोमन विरासत के कारण इस आंदोलन का केंद्र बना।\n
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रणनीतिकार की सलाह: इतिहास को रटें नहीं, बल्कि घटनाओं के बीच ‘कारण और प्रभाव’ (Cause and Effect) के संबंध को समझें। नियमित रिवीजन और मॉक टेस्ट ही सफलता की कुंजी हैं। शुभकामनाएं!
सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।