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समाजशास्त्र मास्टर क्लास: वैचारिक स्पष्टता और गहन अभ्यास के लिए विशेष क्विज़

नमस्ते भावी समाजशास्त्रियों!

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क्या आप अपनी वैचारिक नींव को मजबूत करने और प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़त बनाने के लिए तैयार हैं? आज का यह विशेष अभ्यास सेट न केवल आपकी स्मृति का परीक्षण करेगा, बल्कि आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता को भी चुनौती देगा। समाजशास्त्र के जटिल सिद्धांतों, विचारकों और समकालीन मुद्दों के इस संगम में उतरें और अपनी तैयारी को एक नई ऊंचाई दें। आइए, अपनी बौद्धिक क्षमता को परखें!

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  1. कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) का मुख्य कारण क्या है?\n
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    • (A) सामाजिक संबंधों की कमी
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    • (B) पूंजीवादी उत्पादन पद्धति में निजी स्वामित्व
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    • (C) धार्मिक विश्वासों का प्रभाव
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    • (D) शिक्षा का अभाव
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    सही उत्तर: (B) पूंजीवादी उत्पादन पद्धति में निजी स्वामित्व

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    \nविस्तृत व्याख्या: मार्क्स का तर्क था कि पूंजीवाद में श्रमिक उत्पादन के साधनों (Means of Production) पर नियंत्रण खो देता है, जिससे वह अपने उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः स्वयं के मानवीय स्वभाव से अलग (Alienated) हो जाता है। यह अवधारणा उनकी पुस्तक ‘Economic and Philosophic Manuscripts of 1844’ में प्रमुखता से आई है। विकल्प (A) और (D) सामाजिक परिणाम हो सकते हैं, लेकिन मूल कारण आर्थिक संरचना है।

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  3. मैक्स वेबर ने ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) की अवधारणा का उपयोग किस लिए किया था?\n
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    • (A) समाज के लिए एक नैतिक मानक निर्धारित करने के लिए
    • \n

    • (B) सामाजिक वास्तविकता का सटीक वर्णन करने के लिए
    • \n

    • (C) सामाजिक घटनाओं के विश्लेषण के लिए एक मानसिक निर्माण या तुलनात्मक उपकरण के रूप में
    • \n

    • (D) केवल ऐतिहासिक घटनाओं को रिकॉर्ड करने के लिए
    • \n

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    सही उत्तर: (C) सामाजिक घटनाओं के विश्लेषण के लिए एक मानसिक निर्माण या तुलनात्मक उपकरण के रूप में

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    \nविस्तृत व्याख्या: वेबर के लिए ‘आदर्श प्रारूप’ कोई वास्तविक स्थिति नहीं है, बल्कि एक विश्लेषणात्मक उपकरण है जिसे शोधकर्ता तुलना करने के लिए बनाता है। यह वास्तविकता का एक शुद्ध रूप है ताकि वास्तविक दुनिया की जटिलताओं को बेहतर ढंग से समझा जा सके। विकल्प (A) गलत है क्योंकि यह ‘नैतिक’ नहीं बल्कि ‘विश्लेषणात्मक’ है।

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  5. एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘यांत्रिक एकजुटता’ (Mechanical Solidarity) की विशेषता क्या है?\n
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    • (A) श्रम विभाजन की उच्च डिग्री
    • \n

    • (B) व्यक्तिगत भिन्नताओं की प्रधानता
    • \n

    • (C) सामूहिक चेतना (Collective Consciousness) की प्रबलता और समानता
    • \n

    • (D) परस्पर निर्भरता पर आधारित समाज
    • \n

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    सही उत्तर: (C) सामूहिक चेतना (Collective Consciousness) की प्रबलता और समानता

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    \nविस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘The Division of Labour in Society’ में बताया कि आदिम समाजों में लोग समान कार्य करते हैं और उनके मूल्य एक जैसे होते हैं, जिसे यांत्रिक एकजुटता कहते हैं। विकल्प (A) और (D) ‘सावयवी एकजुटता’ (Organic Solidarity) की विशेषताएं हैं, जो आधुनिक औद्योगिक समाजों में पाई जाती हैं।

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  7. टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) अनुकूलन (Adaptation)
    • \n

    • (B) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
    • \n

    • (C) एकीकरण (Integration)
    • \n

    • (D) प्रतिरूप अनुरक्षण (Pattern Maintenance)
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    सही उत्तर: (D) प्रतिरूप अनुरक्षण (Pattern Maintenance)

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    \nविस्तृत व्याख्या: पार्सन्स के अनुसार, किसी भी सामाजिक व्यवस्था को जीवित रहने के लिए चार कार्यों की आवश्यकता होती है: Adaptation (A), Goal Attainment (G), Integration (I), और Latency (L)। Latency का अर्थ है सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना ताकि समाज की स्थिरता बनी रहे।

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  9. रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?\n
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    • (A) प्रकट कार्य अनचाहे होते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य इच्छित होते हैं।
    • \n

    • (B) प्रकट कार्य मान्यता प्राप्त और इच्छित होते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य अनपेक्षित और छिपे हुए होते हैं।
    • \n

    • (C) दोनों एक ही हैं।
    • \n

    • (D) प्रकट कार्य केवल व्यक्तिगत होते हैं और अंतर्निहित केवल सामाजिक।
    • \n

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    सही उत्तर: (B) प्रकट कार्य मान्यता प्राप्त और इच्छित होते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य अनपेक्षित और छिपे हुए होते हैं।

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    \nविस्तृत व्याख्या: मर्टन के अनुसार, जब हम कोई सामाजिक क्रिया करते हैं, तो उसके कुछ उद्देश्य स्पष्ट होते हैं (Manifest), लेकिन कुछ ऐसे परिणाम भी निकलते हैं जिनके बारे में हमने सोचा नहीं होता (Latent)। उदाहरण के लिए, शिक्षा का प्रकट कार्य ज्ञान देना है, लेकिन इसका अंतर्निहित कार्य सामाजिक नेटवर्क बनाना या वैवाहिक साथी खोजना हो सकता है।

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  11. जॉर्ज हरबर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) का विकास कैसे होता है?\n
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    • (A) केवल आनुवंशिक गुणों द्वारा
    • \n

    • (B) सामाजिक अंतःक्रिया और दूसरों के नजरिए को अपनाने (‘Role Taking’) के माध्यम से
    • \n

    • (C) एकांत चिंतन द्वारा
    • \n

    • (D) केवल जैविक परिपक्वता द्वारा
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    सही उत्तर: (B) सामाजिक अंतःक्रिया और दूसरों के नजरिए को अपनाने (‘Role Taking’) के माध्यम से

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    \nविस्तृत व्याख्या: मीड ने ‘Symbolic Interactionism’ के तहत बताया कि बच्चा जब दूसरों की भूमिका निभाता है (Role taking) और ‘सामान्यीकृत अन्य’ (Generalized Other) को समझता है, तब उसका ‘स्व’ विकसित होता है। यह एक सामाजिक प्रक्रिया है, न कि जैविक।

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  13. विलियम ऑगबर्न द्वारा प्रतिपादित ‘सांस्कृतिक पिछड़ापन’ (Cultural Lag) की अवधारणा क्या दर्शाती है?\n
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    • (A) संस्कृति का पूरी तरह समाप्त होना
    • \n

    • (B) भौतिक संस्कृति (तकनीक) का अभौतिक संस्कृति (मूल्यों/मानदंडों) की तुलना में तेजी से बदलना
    • \n

    • (C) परंपराओं का आधुनिकता पर हावी होना
    • \n

    • (D) ग्रामीण संस्कृति का शहरी संस्कृति से पिछड़ना
    • \n

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    सही उत्तर: (B) भौतिक संस्कृति (तकनीक) का अभौतिक संस्कृति (मूल्यों/मानदंडों) की तुलना में तेजी से बदलना

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    \nविस्तृत व्याख्या: ऑगबर्न का तर्क था कि तकनीक (Material Culture) तेजी से बदलती है, लेकिन हमारे सामाजिक मूल्य और कानून (Non-material Culture) धीमी गति से बदलते हैं, जिससे समाज में एक अंतराल या ‘लैग’ पैदा हो जाता है।

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  15. एमिल दुर्खीम ने ‘एनोमी’ (Anomie) शब्द का प्रयोग किस स्थिति के लिए किया था?\n
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    • (A) अत्यधिक सामाजिक नियंत्रण की स्थिति
    • \n

    • (B) सामाजिक मानदंडों का अभाव या विखंडन की स्थिति
    • \n

    • (C) समाज में पूर्ण सामंजस्य की स्थिति
    • \n

    • (D) केवल आर्थिक गरीबी की स्थिति
    • \n

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    सही उत्तर: (B) सामाजिक मानदंडों का अभाव या विखंडन की स्थिति

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    \nविस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, जब समाज में तीव्र परिवर्तन होता है (जैसे आर्थिक संकट या अचानक समृद्धि), तो पुराने नियम काम करना बंद कर देते हैं और नए नियम अभी बने नहीं होते। इस ‘नियमहीनता’ की स्थिति को ‘एनोमी’ कहा जाता है।

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  17. एम.एन. श्रीनिवास द्वारा दी गई ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की अवधारणा का अर्थ है:\n
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    • (A) संस्कृत भाषा सीखना
    • \n

    • (B) उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास
    • \n

    • (C) पश्चिमी संस्कृति का अंधानुकरण करना
    • \n

    • (D) जाति व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करना
    • \n

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    सही उत्तर: (B) उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास

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    \nविस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास ने देखा कि निम्न जातियां अपनी सामाजिक स्थिति को ऊपर उठाने के लिए अक्सर उच्च जातियों (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों, शाकाहार और धार्मिक अनुष्ठानों को अपनाती हैं। इसे उन्होंने संस्कृतिकरण कहा।

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  19. ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा किसने विकसित की थी?\n
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    • (A) जी.एस. घुर्ये
    • \n

    • (B) बी.आर. अंबेडकर
    • \n

    • (C) एम.एन. श्रीनिवास
    • \n

    • (D) लुई ड्यूमों
    • \n

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    सही उत्तर: (C) एम.एन. श्रीनिवास

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    \nविस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास के अनुसार, एक जाति तब ‘प्रभावी’ होती है जब उसके पास संख्यात्मक बल, आर्थिक शक्ति (भूमि स्वामित्व), राजनीतिक प्रभाव और उच्च अनुक्रमिक स्थिति हो।

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  21. निम्नलिखित में से कौन सा अनुसंधान दृष्टिकोण ‘तथ्यों’ और ‘सांख्यिकी’ के माध्यम से सामाजिक नियमों की खोज पर जोर देता है?\n
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    • (A) व्याख्यात्मक समाजशास्त्र (Interpretive Sociology)
    • \n

    • (B) प्रत्यक्षवाद (Positivism)
    • \n

    • (C) घटना विज्ञान (Phenomenology)
    • \n

    • (D) नृवंशविज्ञान (Ethnography)
    • \n

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    सही उत्तर: (B) प्रत्यक्षवाद (Positivism)

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    \nविस्तृत व्याख्या: प्रत्यक्षवाद (जिसके प्रणेता अगस्त कॉम्टे थे) का मानना है कि समाजशास्त्र को प्राकृतिक विज्ञानों (जैसे भौतिकी) की तरह ही वस्तुनिष्ठ (Objective) और अनुभवजन्य (Empirical) विधियों का उपयोग करना चाहिए।

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  23. ‘नृवंशविज्ञान’ (Ethnography) अनुसंधान की मुख्य विशेषता क्या है?\n
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    • (A) केवल बड़े सर्वेक्षणों का उपयोग करना
    • \n

    • (B) प्रयोगशाला प्रयोग करना
    • \n

    • (C) गहन सहभागी अवलोकन (Participant Observation) और क्षेत्र कार्य
    • \n

    • (D) केवल सांख्यिकीय डेटा का विश्लेषण करना
    • \n

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    सही उत्तर: (C) गहन सहभागी अवलोकन (Participant Observation) और क्षेत्र कार्य

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    \nविस्तृत व्याख्या: नृवंशविज्ञान में शोधकर्ता उस समुदाय के साथ रहकर, उनकी संस्कृति और व्यवहार को उनकी अपनी दृष्टि से समझने का प्रयास करता है। यह गुणात्मक (Qualitative) शोध का एक हिस्सा है।

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  25. जी.एस. घुर्ये ने भारतीय जाति व्यवस्था के बारे में क्या विचार व्यक्त किए थे?\n
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    • (A) जाति केवल एक आर्थिक वर्ग है।
    • \n

    • (B) जाति व्यवस्था का आधार केवल धर्म है।
    • \n

    • (C) जाति व्यवस्था के छह मुख्य लक्षण हैं, जिनमें अंतर्विवाह और श्रेणीबद्ध असमानता शामिल हैं।
    • \n

    • (D) जाति व्यवस्था पूरी तरह से विदेशी प्रभाव है।
    • \n

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    सही उत्तर: (C) जाति व्यवस्था के छह मुख्य लक्षण हैं, जिनमें अंतर्विवाह और श्रेणीबद्ध असमानता शामिल हैं।

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    \nविस्तृत व्याख्या: घुर्ये ने जाति को एक जटिल संस्था माना और इसके लक्षणों के रूप में श्रेणीबद्धता, शुद्धता और अशुद्धता, नागरिक और धार्मिक अक्षमताएं, और भोजन एवं सामाजिक मेलजोल पर प्रतिबंधों का वर्णन किया।

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  27. समकालीन डिजिटल समाजशास्त्र के संदर्भ में, सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग का शिक्षा पर क्या प्रभाव देखा गया है? (हालिया शोध के आधार पर)\n
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    • (A) इससे गणित और भाषा की उपलब्धियों में वृद्धि होती है।
    • \n

    • (B) इसका निम्न-माध्यमिक स्कूल के छात्रों की गणित और भाषा उपलब्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
    • \n

    • (C) इसका शिक्षा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
    • \n

    • (D) यह केवल उच्च शिक्षा में सुधार करता है।
    • \n

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    सही उत्तर: (B) इसका निम्न-माध्यमिक स्कूल के छात्रों की गणित और भाषा उपलब्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

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    \nविस्तृत व्याख्या: हालिया अनुदैर्ध्य (longitudinal) अध्ययनों (जैसे इटली में किया गया शोध) से पता चला है कि शुरुआती उम्र में सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग छात्रों के संज्ञानात्मक कौशल, विशेषकर गणित और भाषा सीखने की क्षमता को प्रभावित करता है। यह डिजिटल समाजशास्त्र का एक महत्वपूर्ण समकालीन मुद्दा है।

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  29. राज्य की नीतियों का विकलांग व्यक्तियों के जोखिमों पर प्रभाव किस समाजशास्त्रीय उप-क्षेत्र के अंतर्गत आता है?\n
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    • (A) ग्रामीण समाजशास्त्र
    • \n

    • (B) स्वास्थ्य और विकलांगता का समाजशास्त्र (Sociology of Health and Disability)
    • \n

    • (C) औद्योगिक समाजशास्त्र
    • \n

    • (D) पर्यावरण समाजशास्त्र
    • \n

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    सही उत्तर: (B) स्वास्थ्य और विकलांगता का समाजशास्त्र (Sociology of Health and Disability)

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    \nविस्तृत व्याख्या: जब हम यह विश्लेषण करते हैं कि सरकारी नीतियां, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य ढांचा विकलांग व्यक्तियों के जीवन की गुणवत्ता और जोखिमों को कैसे प्रभावित करता है, तो यह स्वास्थ्य समाजशास्त्र का हिस्सा होता है। यह सामाजिक असमानता और राज्य की भूमिका के अंतर्संबंधों को दर्शाता है।

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  31. मैक्स वेबर के अनुसार ‘सत्ता’ (Authority) के तीन प्रकार कौन से हैं?\n
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    • (A) आर्थिक, राजनीतिक और धार्मिक
    • \n

    • (B) पारंपरिक, करिश्माई और कानूनी-तर्कसंगत
    • \n

    • (C) सैन्य, नागरिक और न्यायिक
    • \n

    • (D) प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक
    • \n

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    सही उत्तर: (B) पारंपरिक, करिश्माई और कानूनी-तर्कसंगत

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    \nविस्तृत व्याख्या: वेबर ने सत्ता को वैधता (Legitimacy) के आधार पर बांटा: 1. पारंपरिक (परंपराओं पर आधारित), 2. करिश्माई (नेता के असाधारण व्यक्तित्व पर आधारित), और 3. कानूनी-तर्कसंगत (स्थापित नियमों और कानूनों पर आधारित)।

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  33. लुई ड्यूमों ने अपनी पुस्तक ‘Homo Homini Lupus’ या ‘Caste System’ में जाति का मुख्य आधार क्या माना है?\n
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    • (A) शक्ति और संपत्ति
    • \n

    • (B) शुद्धता और अशुद्धता (Purity and Pollution)
    • \n

    • (C) व्यावसायिक कौशल
    • \n

    • (D) भौगोलिक स्थिति
    • \n

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    सही उत्तर: (B) शुद्धता और अशुद्धता (Purity and Pollution)

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    \nविस्तृत व्याख्या: ड्यूमों ने संरचनात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए तर्क दिया कि भारतीय जाति व्यवस्था का मूल सिद्धांत ‘शुद्धता’ और ‘अशुद्धता’ के बीच का विरोधाभास है, जो पूरी सामाजिक श्रेणीबद्धता को निर्धारित करता है।

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  35. शहरी समाजशास्त्र में ‘शिकागो स्कूल’ (Chicago School) का मुख्य योगदान क्या था?\n
      \n

    • (A) शहरीकरण का विरोध करना
    • \n

    • (B) शहर को एक ‘सामाजिक प्रयोगशाला’ के रूप में देखना और पारिस्थितिक मॉडल (Ecological Model) विकसित करना
    • \n

    • (C) केवल ग्रामीण समुदायों का अध्ययन करना
    • \n

    • (D) शहरी गरीबी को केवल आर्थिक समस्या मानना
    • \n

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    सही उत्तर: (B) शहर को एक ‘सामाजिक प्रयोगशाला’ के रूप में देखना और पारिस्थितिक मॉडल (Ecological Model) विकसित करना

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    \nविस्तृत व्याख्या: शिकागो स्कूल के विद्वानों (जैसे रॉबर्ट पार्क और अर्नेस्ट बर्गेस) ने शहर के विकास को जैविक प्रक्रियाओं की तरह देखा और ‘कन्सेंट्रिक ज़ोन मॉडल’ (Concentric Zone Model) दिया, जिससे यह समझा गया कि कैसे विभिन्न समूह शहर के अलग-अलग हिस्सों में बसते हैं।

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  37. ‘सामाजिक स्तरीकरण’ (Social Stratification) से क्या तात्पर्य है?\n
      \n

    • (A) समाज का विभिन्न वर्गों या समूहों में श्रेणीबद्ध विभाजन
    • \n

    • (B) समाज में सभी व्यक्तियों की पूर्ण समानता
    • \n

    • (C) केवल आय के आधार पर विभाजन
    • \n

    • (D) शिक्षा के प्रसार से सामाजिक बदलाव आना
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (A) समाज का विभिन्न वर्गों या समूहों में श्रेणीबद्ध विभाजन

    \n

    \nविस्तृत व्याख्या: स्तरीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा समाज के लोगों को शक्ति, संपत्ति और प्रतिष्ठा के आधार पर ऊंच-नीच के स्तरों (Layers) में बांटा जाता है। यह एक सार्वभौमिक विशेषता है लेकिन इसका रूप (जैसे जाति, वर्ग, संपदा) अलग-अलग समाजों में भिन्न हो सकता है।

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  38. \n


    \n

  39. निम्न में से कौन सा ‘प्राथमिक समूह’ (Primary Group) का उदाहरण है?\n
      \n

    • (A) राजनीतिक दल
    • \n

    • (B) बैंक कर्मचारी संघ
    • \n

    • (C) परिवार और घनिष्ठ मित्र
    • \n

    • (D) एक बड़ी कंपनी के कर्मचारी
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C) परिवार और घनिष्ठ मित्र

    \n

    \nविस्तृत व्याख्या: सी.एच. कूले ने प्राथमिक समूह की अवधारणा दी। ये वे समूह होते हैं जिनमें सदस्यों के बीच आमने-सामने के संबंध, घनिष्ठता, भावनात्मक जुड़ाव और स्थायी संबंध होते हैं। विकल्प (A), (B) और (D) ‘द्वितीयक समूह’ (Secondary Groups) हैं।

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    \n

  41. ‘संस्कृति’ (Culture) के संदर्भ में ‘सांस्कृतिक सापेक्षवाद’ (Cultural Relativism) का क्या अर्थ है?\n
      \n

    • (A) अपनी संस्कृति को सर्वश्रेष्ठ मानना
    • \n

    • (B) किसी संस्कृति को उसकी अपनी मान्यताओं और मूल्यों के संदर्भ में समझना, न कि दूसरी संस्कृति के पैमाने पर
    • \n

    • (C) सभी संस्कृतियों को एक समान बना देना
    • \n

    • (D) संस्कृति को केवल कला और संगीत तक सीमित रखना
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) किसी संस्कृति को उसकी अपनी मान्यताओं और मूल्यों के संदर्भ में समझना, न कि दूसरी संस्कृति के पैमाने पर

    \n

    \nविस्तृत व्याख्या: यह दृष्टिकोण ‘नृजातीय केंद्रितता’ (Ethnocentrism) के विपरीत है। यह हमें सिखाता है कि कोई भी संस्कृति ‘सही’ या ‘गलत’ नहीं होती, बल्कि वह अपने परिवेश और इतिहास के अनुसार विकसित होती है।

    \n

  42. \n


    \n

  43. बौद्धिक परंपराओं के अनुसार, ‘धर्म’ (Religion) को समाज के लिए ‘गोंद’ (Glue) किसने कहा था, जो सामाजिक एकजुटता प्रदान करता है?\n
      \n

    • (A) कार्ल मार्क्स
    • \n

    • (B) एमिल दुर्खीम
    • \n

    • (C) मैक्स वेबर
    • \n

    • (D) ऑगस्ट कॉम्टे
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) एमिल दुर्खीम

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    \nविस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में तर्क दिया कि धर्म वास्तव में समाज की ही पूजा है। पवित्र (Sacred) और अपवित्र (Profane) के बीच का अंतर लोगों को एक साथ लाता है और सामूहिक चेतना को मजबूत करता है। इसके विपरीत, मार्क्स ने इसे ‘अफीम’ कहा था।

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  44. \n


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  45. भारतीय समाज में ‘जाति और वर्ग’ के बीच मुख्य अंतर क्या है?\n
      \n

    • (A) जाति अर्जित होती है, वर्ग जन्मजात होता है।
    • \n

    • (B) जाति बंद स्तरीकरण (Closed Stratification) है, जबकि वर्ग अपेक्षाकृत खुला स्तरीकरण (Open Stratification) है।
    • \n

    • (C) जाति केवल शहर में पाई जाती है, वर्ग केवल गांव में।
    • \n

    • (D) दोनों में कोई अंतर नहीं है।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) जाति बंद स्तरीकरण (Closed Stratification) है, जबकि वर्ग अपेक्षाकृत खुला स्तरीकरण (Open Stratification) है।

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    \nविस्तृत व्याख्या: जाति जन्म से निर्धारित होती है और इसे बदला नहीं जा सकता (बंद)। जबकि वर्ग आर्थिक स्थिति पर आधारित होता है, और व्यक्ति अपनी मेहनत या शिक्षा से अपना वर्ग बदल सकता है (खुला)।

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  46. \n


    \n

  47. ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) के अंतर्गत ‘महत्वपूर्ण अन्य’ (Significant Other) का क्या अर्थ है?\n
      \n

    • (A) समाज का कोई भी अनजान व्यक्ति
    • \n

    • (B) वे व्यक्ति जिनके विचार और प्रतिक्रियाएं हमारे आत्म-निश्चयन (Self-concept) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं (जैसे माता-पिता)
    • \n

    • (C) केवल सरकारी अधिकारी
    • \n

    • (D) वह व्यक्ति जिससे हमारा कोई संबंध न हो
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) वे व्यक्ति जिनके विचार और प्रतिक्रियाएं हमारे आत्म-निश्चयन (Self-concept) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं (जैसे माता-पिता)

    \n

    \nविस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा चार्ल्स कूले और जी.एच. मीड के विचारों से संबंधित है। हमारे जीवन के शुरुआती दौर में जिन लोगों के साथ हमारा सबसे गहरा संबंध होता है, उनके द्वारा दी गई प्रतिक्रियाएं यह तय करती हैं कि हम खुद को कैसे देखते हैं।

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  48. \n


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  49. ‘ग्रामीण-शहरी सातत्य’ (Rural-Urban Continuum) का विचार क्या बताता है?\n
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    • (A) गांव और शहर दो पूरी तरह अलग और विपरीत दुनिया हैं।
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    • (B) गांव और शहर के बीच एक स्पष्ट और कभी न बदलने वाली रेखा है।
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    • (C) ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच एक क्रमिक संक्रमण (Gradual Transition) होता है, जहाँ विशेषताएं आपस में मिलती हैं।
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    • (D) शहरीकरण का अर्थ केवल गांवों का खत्म होना है।
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    सही उत्तर: (C) ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच एक क्रमिक संक्रमण (Gradual Transition) होता है, जहाँ विशेषताएं आपस में मिलती हैं।

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    \nविस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा मानती है कि समाज केवल ‘ग्रामीण’ या ‘शहरी’ नहीं होता, बल्कि इसके बीच कई ऐसे क्षेत्र होते हैं जो दोनों के लक्षण साझा करते हैं (जैसे अर्ध-शहरी या Peri-urban क्षेत्र)।

  50. \n

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  51. निम्न में से कौन सा ‘सामाजिक परिवर्तन’ (Social Change) का एक कारक नहीं है?\n
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    • (A) प्रौद्योगिकी (Technology)
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    • (B) पर्यावरण (Environment)
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    • (C) व्यक्तिगत स्वभाव की स्थिरता (Individual Personality Stability)
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    • (D) विचारधारा (Ideology)
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    सही उत्तर: (C) व्यक्तिगत स्वभाव की स्थिरता (Individual Personality Stability)

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    \nविस्तृत व्याख्या: सामाजिक परिवर्तन सामूहिक स्तर पर संरचनाओं, मूल्यों और व्यवहारों में बदलाव को कहते हैं। व्यक्तिगत स्वभाव की स्थिरता परिवर्तन नहीं, बल्कि निरंतरता (Continuity) को दर्शाती है। तकनीक, पर्यावरण और विचार समाज को बदलने के प्रमुख चालक होते हैं।

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  52. \n

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