अपनी समाजशास्त्रीय दृष्टि को प्रखर करें: एक गहन अभ्यास सत्र
स्वागत है भविष्य के समाजशास्त्रियों! आज का यह अभ्यास सेट न केवल आपकी याददाश्त की परीक्षा लेगा, बल्कि आपके विश्लेषणात्मक कौशल को भी निखारेगा। हमने शास्त्रीय सिद्धांतों से लेकर समकालीन वैश्विक प्रवृत्तियों और भारतीय समाज की जटिलताओं तक का एक संतुलित मिश्रण तैयार किया है। यदि आप UGC-NET, UPSC या State PSCs की तैयारी कर रहे हैं, तो यह चुनौती आपकी वैचारिक स्पष्टता को परखने का सबसे सटीक माध्यम है। चलिए, अपनी बौद्धिक क्षमता को चुनौती देते हैं!
- कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब:
- (A) श्रमिक अपने परिवार से दूर हो जाता है।
- (B) श्रमिक उत्पादन की प्रक्रिया और अंतिम उत्पाद पर नियंत्रण खो देता है।
- (C) समाज में धार्मिक विश्वास बढ़ जाते हैं।
- (D) राज्य की शक्ति कम हो जाती है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली में श्रमिक अपने काम, उत्पाद, साथी श्रमिकों और स्वयं के मानवीय स्वभाव से अलग हो जाता है। यह अलगाव भौतिक परिस्थितियों और श्रम के विभाजन का परिणाम है।
संदर्भ: यह विचार मार्क्स के आर्थिक और दार्शनिक लेखन (Economic and Philosophic Manuscripts of 1844) में प्रमुखता से मिलता है।
गलत विकल्प: विकल्प (A) पारिवारिक अलगाव है, न कि मार्क्सवादी अर्थ में आर्थिक अलगाव। विकल्प (C) और (D) का अलगाव की इस अवधारणा से सीधा संबंध नहीं है। - मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- (A) समाज के लिए एक नैतिक मानक निर्धारित करना।
- (B) वास्तविक सामाजिक घटनाओं के विश्लेषण के लिए एक तुलनात्मक मापदंड बनाना।
- (C) एक आदर्श राज्य की कल्पना करना।
- (D) केवल सकारात्मक डेटा का संग्रह करना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: आदर्श प्रारूप कोई ‘परफेक्ट’ मॉडल नहीं है, बल्कि एक वैचारिक उपकरण है जिसे शोधकर्ता वास्तविक दुनिया की घटनाओं की तुलना करने और उन्हें समझने के लिए उपयोग करता है।
संदर्भ: यह वेबर की ‘व्याख्यात्मक समाजशास्त्र’ (Interpretive Sociology) पद्धति का हिस्सा है।
गलत विकल्प: यह कोई नैतिक आदर्श (Moral Ideal) नहीं है, इसलिए विकल्प (A) और (C) गलत हैं। यह केवल डेटा संग्रह नहीं बल्कि एक विश्लेषणात्मक उपकरण है, इसलिए (D) गलत है। - एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘यांत्रिक एकजुटता’ (Mechanical Solidarity) की विशेषता क्या है?
- (A) श्रम का उच्च विभाजन।
- (B) पारस्परिक निर्भरता।
- (C) समान विश्वास और मूल्यों के आधार पर एकता।
- (D) व्यक्तिगत पहचान का अत्यधिक विकास।
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: यांत्रिक एकजुटता आदिम या सरल समाजों में पाई जाती है जहाँ लोग समान कार्य करते हैं और उनके मूल्य, विश्वास और जीवनशैली लगभग एक जैसी होती है।
संदर्भ: यह अवधारणा उनकी पुस्तक ‘The Division of Labour in Society’ में दी गई है।
गलत विकल्प: विकल्प (A) और (B) ‘सावयवी एकजुटता’ (Organic Solidarity) की विशेषताएँ हैं, जो जटिल और आधुनिक समाजों में पाई जाती हैं। - टैल्कोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?
- (A) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
- (B) अनुकूलन (Adaptation)
- (C) प्रतिरूप अनुरक्षण (Pattern Maintenance)
- (D) एकीकरण (Integration)
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: Latency का अर्थ है सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना ताकि सामाजिक व्यवस्था स्थिर रहे। इसमें परिवार और शिक्षा जैसी संस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
संदर्भ: यह पार्सन्स के संरचनात्मक-प्रकार्यवाद (Structural-Functionalism) का हिस्सा है।
गलत विकल्प: A = Goal, B = Adaptation, D = Integration। ये तीनों AGIL के अन्य घटक हैं। - रॉबर्ट के. मर्टन के अनुसार, ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर है?
- (A) प्रकट कार्य अवांछित होते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य वांछित होते हैं।
- (B) प्रकट कार्य ज्ञात और इच्छित होते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।
- (C) दोनों एक ही हैं, केवल शब्दावली का अंतर है।
- (D) प्रकट कार्य केवल आर्थिक होते हैं और अंतर्निहित कार्य केवल सामाजिक।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: प्रकट कार्य वह परिणाम है जिसके लिए कोई गतिविधि जानबूझकर की जाती है, जबकि अंतर्निहित कार्य वे परिणाम हैं जो अनजाने में घटित होते हैं।
संदर्भ: मर्टन ने कार्यात्मक विश्लेषण (Functional Analysis) को अधिक सूक्ष्म बनाया।
गलत विकल्प: विकल्प (A) गलत है क्योंकि अंतर्निहित कार्य सकारात्मक, नकारात्मक या तटस्थ हो सकते हैं। विकल्प (D) बहुत संकीर्ण है। - ‘अंतर-पीढ़ीगत गतिशीलता’ (Intergenerational Mobility) का अध्ययन मुख्य रूप से किस विषय से संबंधित है?
- (A) एक ही व्यक्ति के जीवनकाल में पद परिवर्तन।
- (B) माता-पिता और उनकी संतानों के सामाजिक-आर्थिक स्तर के बीच तुलना।
- (C) एक पीढ़ी के भीतर विभिन्न समूहों के बीच प्रतिस्पर्धा।
- (D) केवल भौगोलिक प्रवास।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: अंतर-पीढ़ीगत गतिशीलता यह देखती है कि क्या बच्चे अपने माता-पिता की तुलना में उच्च या निम्न सामाजिक वर्ग में पहुंचे हैं। हालिया शोध बताते हैं कि संपत्ति की असमानता इस गतिशीलता में बाधा उत्पन्न करती है।
संदर्भ: यह सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) का एक मुख्य हिस्सा है।
गलत विकल्प: विकल्प (A) ‘अंतः-पीढ़ीगत गतिशीलता’ (Intragenerational Mobility) है। विकल्प (C) और (D) गतिशीलता के प्रकार नहीं हैं। - दुर्खीम द्वारा प्रयुक्त ‘एनोमी’ (Anomie) शब्द का अर्थ क्या है?
- (A) अत्यधिक सामाजिक नियंत्रण।
- (B) सामाजिक मानदंडों का अभाव या विखंडन।
- (C) वर्ग संघर्ष की स्थिति।
- (D) धार्मिक कट्टरता।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: एनोमी वह स्थिति है जब समाज में पुराने नियम काम करना बंद कर देते हैं और नए नियम अभी स्थापित नहीं हुए होते, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है।
संदर्भ: यह अवधारणा दुर्खीम के ‘Suicide’ और ‘Division of Labour’ सिद्धांतों में महत्वपूर्ण है।
गलत विकल्प: (A) इसके विपरीत है। (C) मार्क्स का विचार है। (D) का एनोमी से सीधा संबंध नहीं है। - ‘नृजाति-केंद्रितता’ (Ethnocentrism) से क्या तात्पर्य है?
- (A) सभी संस्कृतियों को समान मानना।
- (B) अपनी संस्कृति को सर्वश्रेष्ठ मानना और दूसरों को उसी के पैमाने पर आंकना।
- (C) दूसरी संस्कृति को अपनी संस्कृति से बेहतर मानना।
- (D) विभिन्न संस्कृतियों का मिश्रण करना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जब कोई व्यक्ति अपनी संस्कृति को केंद्र में रखकर अन्य संस्कृतियों को ‘पिछड़ा’ या ‘गलत’ मानता है, तो इसे नृजाति-केंद्रितता कहते हैं।
संदर्भ: यह सांस्कृतिक समाजशास्त्र की एक बुनियादी अवधारणा है।
गलत विकल्प: विकल्प (A) सांस्कृतिक सापेक्षवाद (Cultural Relativism) है। विकल्प (C) जेनोफोबिया या सांस्कृतिक हीनता से जुड़ा हो सकता है। - प्राथमिक समाजीकरण (Primary Socialization) का मुख्य एजेंट कौन है?
- (A) स्कूल
- (B) मीडिया
- (C) परिवार
- (D) सरकार
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: प्राथमिक समाजीकरण बचपन के शुरुआती वर्षों में होता है, जहाँ बच्चा परिवार के माध्यम से भाषा, बुनियादी व्यवहार और मूल्यों को सीखता है।
संदर्भ: पीटर बर्गर और थॉमस लकमैन के समाजीकरण के सिद्धांत।
गलत विकल्प: स्कूल, मीडिया और सरकार ‘द्वितीयक समाजीकरण’ (Secondary Socialization) के एजेंट हैं। - ‘नातेदारी’ (Kinship) के संदर्भ में ‘अभिवाही’ (Affinal) संबंध किसे कहते हैं?
- (A) रक्त संबंधों पर आधारित संबंध।
- (B) विवाह के माध्यम से स्थापित संबंध।
- (C) मित्रता पर आधारित संबंध।
- (D) गोद लिए हुए बच्चों के संबंध।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: अभिवाही संबंध वे हैं जो विवाह के माध्यम से बनते हैं (जैसे सास-ससुर, साला-साली), जबकि रक्त संबंध ‘संज्ञेय’ (Consanguineous) कहलाते हैं।
संदर्भ: यह नातेदारी के समाजशास्त्रीय अध्ययन का आधार है।
गलत विकल्प: विकल्प (A) Consanguineous संबंध है। (C) और (D) तकनीकी रूप से अभिवाही नहीं हैं। - ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र’ (Profane) के बीच का अंतर किसने स्पष्ट किया था?
- (A) मैक्स वेबर
- (B) एमिल दुर्खीम
- (C) कार्ल मार्क्स
- (D) ऑगस्ट कॉम्टे
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने तर्क दिया कि धर्म का मूल आधार समाज द्वारा चीजों को ‘पवित्र’ (जिसका सम्मान किया जाए) और ‘अपवित्र’ (साधारण या दैनिक जीवन की वस्तुएं) में विभाजित करना है।
संदर्भ: यह उनकी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में वर्णित है।
गलत विकल्प: वेबर ने धर्म के आर्थिक प्रभाव (Protestant Ethic) पर ध्यान दिया, न कि पवित्र/अपवित्र के विभाजन पर। - शिक्षा के समाजशास्त्र में ‘प्रच्छन्न पाठ्यक्रम’ (Hidden Curriculum) से क्या तात्पर्य है?
- (A) वह पाठ्यक्रम जो आधिकारिक तौर पर लिखित है।
- (B) वह ज्ञान जो गुप्त रूप से छात्रों को दिया जाता है।
- (C) वे अनकहे मूल्य, मानदंड और व्यवहार जो छात्र स्कूल के माहौल से सीखते हैं।
- (D) केवल व्यावसायिक प्रशिक्षण।
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: प्रच्छन्न पाठ्यक्रम में वे चीजें शामिल हैं जो औपचारिक रूप से नहीं पढ़ाई जातीं, जैसे अनुशासन, समय की पाबंदी और सत्ता के प्रति आज्ञाकारिता।
संदर्भ: यह संघर्ष सिद्धांत (Conflict Theory) में अक्सर चर्चा का विषय होता है।
गलत विकल्प: विकल्प (A) औपचारिक पाठ्यक्रम है। विकल्प (B) गलत है क्योंकि यह ‘गुप्त’ नहीं बल्कि ‘अनकहा’ (Implicit) होता है। - ‘मातृसत्तात्मक’ (Matrilineal) प्रणाली में वंश का निर्धारण कैसे होता है?
- (A) पिता के वंश के माध्यम से।
- (B) माता के वंश के माध्यम से।
- (C) दोनों माता-पिता के माध्यम से।
- (D) केवल राज्य द्वारा निर्धारित।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: मातृवंशीय प्रणाली में संपत्ति और नाम माता से संतानों तक पहुँचते हैं। भारत में मेघालय की खासी और गारो जनजातियाँ इसका उदाहरण हैं।
संदर्भ: यह नातेदारी प्रणालियों के समाजशास्त्रीय विश्लेषण का हिस्सा है।
गलत विकल्प: (A) पितृवंशीय (Patrilineal) है। (C) द्विपक्षीय (Bilateral) है। - ‘एथनोग्राफी’ (Ethnography) अनुसंधान की वह विधि है जिसमें:
- (A) केवल सांख्यिकीय डेटा का उपयोग किया जाता है।
- (B) शोधकर्ता किसी समूह के साथ गहराई से रहकर उनके जीवन का अवलोकन करता है।
- (C) प्रयोगशाला में नियंत्रित प्रयोग किए जाते हैं।
- (D) केवल पुस्तकालय के दस्तावेजों का विश्लेषण होता है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: एथनोग्राफी एक गुणात्मक विधि है जिसमें ‘प्रतिभागी अवलोकन’ (Participant Observation) के माध्यम से किसी संस्कृति या समूह को करीब से समझा जाता है।
संदर्भ: यह मानवविज्ञान और समाजशास्त्र की एक प्रमुख विधि है।
गलत विकल्प: (A) मात्रात्मक विधि है। (C) प्रयोगात्मक विधि है। (D) द्वितीयक डेटा विश्लेषण है। - समकालीन समाजशास्त्रीय शोध में AI-जनित ‘विजुअल कॉन्जॉइंट्स’ (Visual Conjoints) का उपयोग मुख्य रूप से किसके लिए किया जा रहा है?
- (A) केवल डेटा स्टोर करने के लिए।
- (B) लैंगिक रूढ़ियों और घरेलू काम के श्रेय (Attribution) जैसे जटिल विषयों के अध्ययन के लिए।
- (C) जनगणना की गणना तेज करने के लिए।
- (D) पुराने समाजशास्त्रीय लेखों का अनुवाद करने के लिए।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: आधुनिक शोध अब AI का उपयोग करके ऐसे दृश्य (Visuals) बना रहे हैं जो यह समझने में मदद करते हैं कि लोग लैंगिक भूमिकाओं और घरेलू काम के वितरण को कैसे देखते हैं।
संदर्भ: हालिया समाजशास्त्रीय प्रकाशनों (जैसे Sociological Science 2026) में AI के इस अभिनव उपयोग का उल्लेख है।
गलत विकल्प: AI का उपयोग विश्लेषण के लिए हो रहा है, न कि केवल डेटा स्टोर (A) या अनुवाद (D) के लिए। - एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया का क्या अर्थ है?
- (A) उच्च जातियों द्वारा निचली जातियों का शोषण।
- (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना।
- (C) संस्कृत भाषा का अनिवार्य रूप से अध्ययन करना।
- (D) जाति व्यवस्था का पूरी तरह से उन्मूलन।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें निम्न जातियाँ अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर ब्राह्मणों) के रीति-रिवाजों, शाकाहार और अनुष्ठानों को अपनाती हैं।
संदर्भ: यह अवधारणा श्रीनिवास के ग्रामीण समाजशास्त्र के अध्ययन से निकली है।
गलत विकल्प: (A) शोषण है, संस्कृतिकरण नहीं। (C) केवल भाषा सीखना संस्कृतिकरण नहीं है, बल्कि जीवनशैली बदलना है। (D) यह व्यवस्था को बदलता है, खत्म नहीं। - ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा के लिए कौन सा कारक सबसे महत्वपूर्ण है?
- (A) केवल उच्च अनुष्ठानिक स्थिति (Ritual Status)।
- (B) केवल जनसंख्या में संख्या।
- (C) संख्यात्मक शक्ति, आर्थिक संसाधन (भूमि) और राजनीतिक प्रभाव का संयोजन।
- (D) केवल धार्मिक ज्ञान।
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: एक जाति तब ‘प्रभावी’ होती है जब उसके पास पर्याप्त जमीन हो, जनसंख्या अधिक हो और स्थानीय राजनीति में उसकी पकड़ मजबूत हो, भले ही उसकी अनुष्ठानिक स्थिति सर्वोच्च न हो।
संदर्भ: एम.एन. श्रीनिवास ने इसे ग्रामीण भारत के संदर्भ में समझाया।
गलत विकल्प: केवल उच्च स्थिति (A) या केवल संख्या (B) प्रभावी जाति के लिए पर्याप्त नहीं हैं। - भारत में जनजातीय समुदायों के संदर्भ में ‘एकीकरण’ (Integration) का क्या अर्थ है?
- (A) जनजातियों की अपनी विशिष्ट संस्कृति को पूरी तरह खत्म करना।
- (B) जनजातियों को मुख्यधारा के समाज के साथ जोड़ना, जबकि उनकी विशिष्ट पहचान को संरक्षित रखा जाए।
- (C) उन्हें केवल शहरी क्षेत्रों में बसाना।
- (D) उनकी भाषाओं पर प्रतिबंध लगाना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से एकीकरण का अर्थ ऐसी प्रक्रिया है जहाँ जनजातीय समाज आधुनिक विकास का लाभ उठाए लेकिन अपनी सांस्कृतिक पहचान न खोए।
संदर्भ: यह जनजातीय समाजशास्त्र और सरकारी नीतियों का मुख्य केंद्र है।
गलत विकल्प: विकल्प (A) ‘आत्मसातीकरण’ (Assimilation) है, एकीकरण (Integration) नहीं। (C) और (D) नकारात्मक दृष्टिकोण हैं। - ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) की अवधारणा किस बात की ओर संकेत करती है?
- (A) इंटरनेट पर जातियों के बीच युद्ध।
- (B) तकनीक तक पहुँच और डिजिटल साक्षरता में जाति-आधारित असमानता।
- (C) केवल जाति-आधारित ऐप्स का निर्माण।
- (D) डिजिटल माध्यमों से जाति व्यवस्था का पूरी तरह खत्म होना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: डिजिटल डिवाइड का अर्थ है कि समाज के विशेषाधिकार प्राप्त वर्गों (उच्च जातियों) की तकनीक तक पहुँच आसान है, जबकि हाशिए के समूह अभी भी डिजिटल संसाधनों से वंचित हैं।
संदर्भ: यह समकालीन भारतीय समाजशास्त्र में ‘डिजिटल समाजशास्त्र’ का एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
गलत विकल्प: (A) गलत है क्योंकि यह युद्ध नहीं, असमानता है। (D) गलत है क्योंकि तकनीक अक्सर मौजूदा असमानताओं को और मजबूत कर देती है। - ‘आधुनिकीकरण’ (Modernization) और ‘पश्चिमीकरण’ (Westernization) के बीच मुख्य अंतर क्या है?
- (A) दोनों एक ही प्रक्रिया हैं।
- (B) आधुनिकीकरण एक व्यापक तार्किक/वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जबकि पश्चिमीकरण केवल पश्चिमी संस्कृति का अनुकरण है।
- (C) पश्चिमीकरण अधिक वैज्ञानिक है और आधुनिकीकरण केवल दिखावा है।
- (D) आधुनिकीकरण केवल ग्रामीण क्षेत्रों में होता है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: आधुनिकीकरण तर्कसंगतता, विज्ञान और लोकतंत्र से जुड़ा है, जबकि पश्चिमीकरण का अर्थ है पश्चिमी देशों की जीवनशैली, पहनावे और भाषा को अपनाना।
संदर्भ: एम.एन. श्रीनिवास ने इन दोनों के बीच अंतर को स्पष्ट किया था।
गलत विकल्प: विकल्प (A) गलत है क्योंकि पश्चिमीकरण के बिना भी आधुनिकीकरण संभव है (जैसे जापान)। (C) और (D) तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। - लुई विर्थ (Louis Wirth) के अनुसार, ‘शहरीकरण’ (Urbanism) केवल जनसंख्या का बढ़ना नहीं है, बल्कि:
- (A) केवल गगनचुंबी इमारतों का निर्माण।
- (B) जीवन जीने का एक विशिष्ट तरीका (Way of Life)।
- (C) ग्रामीण जीवन का पूर्ण अंत।
- (D) केवल औद्योगिक विकास।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: विर्थ ने तर्क दिया कि शहर की सघनता और विविधता लोगों के सामाजिक संबंधों को बदल देती है, जिससे वे अधिक औपचारिक और सतही (Superficial) हो जाते हैं।
संदर्भ: उनके प्रसिद्ध लेख ‘Urbanism as a Way of Life’ से।
गलत विकल्प: (A) और (D) केवल भौतिक पहलू हैं, जबकि विर्थ सामाजिक व्यवहार पर केंद्रित थे। - ग्रामीण भारत में ‘जजमानी प्रथा’ (Jajmani System) मुख्य रूप से किस पर आधारित थी?
- (A) नकद भुगतान और बाजार अर्थव्यवस्था।
- (B) सेवाओं के बदले अनाज और वस्तु विनिमय का पारस्परिक संबंध।
- (C) केवल राज्य द्वारा निर्धारित कर।
- (D) नगरीय व्यापारिक संबंधों पर।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जजमानी प्रथा एक पारंपरिक आर्थिक प्रणाली थी जहाँ विभिन्न जातियाँ एक-दूसरे को सेवाएँ प्रदान करती थीं और बदले में उन्हें फसल का एक हिस्सा दिया जाता था।
संदर्भ: यह ग्रामीण समाजशास्त्र और जाति-आधारित आर्थिक संबंधों का अध्ययन है।
गलत विकल्प: (A) बाजार अर्थव्यवस्था ने जजमानी प्रथा को समाप्त किया। (C) और (D) इस प्रथा के मूल आधार नहीं हैं। - संपत्ति की असमानता (Wealth Inequality) का अंतर-पीढ़ीगत गतिशीलता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- (A) यह गतिशीलता को बढ़ाती है।
- (B) यह निम्न वर्गों के लिए सामाजिक सीढ़ी चढ़ना और कठिन बना देती है।
- (C) इसका गतिशीलता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
- (D) यह केवल उच्च वर्गों के लिए हानिकारक है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जब संपत्ति कुछ ही हाथों में केंद्रित होती है, तो गरीब परिवारों की अगली पीढ़ी को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अवसरों तक पहुँचने में कठिनाई होती है, जिससे उनकी सामाजिक गतिशीलता रुक जाती है।
संदर्भ: हालिया शोध (जैसे Sociological Science 2026) इस बात की पुष्टि करते हैं कि संपत्ति का अंतर वर्ग अंतराल को बढ़ाता है।
गलत विकल्प: (A) गलत है क्योंकि असमानता गतिशीलता को रोकती है। (C) और (D) समाजशास्त्रीय रूप से गलत हैं। - मीडिया समाजशास्त्र के संदर्भ में ‘व्यावसायिक अधिकार’ (Professional Authority) का क्या अर्थ है?
- (A) समाचारों को केवल सरकारी आदेश से चलाना।
- (B) पत्रकारों द्वारा तय करना कि कौन सी खबर महत्वपूर्ण है और उसे कैसे प्रस्तुत करना है।
- (C) केवल विज्ञापनदाताओं का प्रभाव।
- (D) पाठकों द्वारा समाचारों का संपादन करना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: व्यावसायिक अधिकार वह शक्ति है जिसके माध्यम से मीडिया पेशेवर ‘गेटकीपिंग’ करते हैं और तय करते हैं कि समाज के सामने कौन सी सच्चाई आएगी। हालिया लेखों में चर्चा है कि ‘क्लिकबेट’ संस्कृति इस अधिकार को प्रभावित कर रही है।
संदर्भ: यह मीडिया समाजशास्त्र और सत्ता के संबंधों का अध्ययन है।
गलत विकल्प: (A) सेंसरशिप है, व्यावसायिक अधिकार नहीं। (C) आर्थिक प्रभाव है। - मध्य आयु के श्रमिकों (जैसे लातीनो श्रमिक) में ‘विकलांगता जोखिम’ (Disability Risks) का अध्ययन समाजशास्त्र के किस क्षेत्र के अंतर्गत आता है?
- (A) केवल चिकित्सा विज्ञान।
- (B) स्वास्थ्य का समाजशास्त्र (Sociology of Health) और श्रम समाजशास्त्र।
- (C) केवल शहरी नियोजन।
- (D) प्राचीन इतिहास।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जब हम किसी विशिष्ट समूह (जैसे प्रवासी श्रमिक) में स्वास्थ्य जोखिमों और विकलांगता का अध्ययन करते हैं, तो हम यह देखते हैं कि सामाजिक वर्ग, नस्ल और कार्यस्थल की स्थितियाँ स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करती हैं।
संदर्भ: हालिया शोध (Syracuse University के माध्यम से) विकलांगता और श्रम जोखिमों के बीच सामाजिक संबंध को उजागर करता है।
गलत विकल्प: (A) केवल जैविक पक्ष देखता है, सामाजिक नहीं। (C) और (D) अप्रासंगिक हैं।
नोट: यह अभ्यास सेट आपकी तैयारी को धार देने के लिए बनाया गया है। प्रत्येक गलत उत्तर को एक सीखने के अवसर के रूप में देखें। समाजशास्त्र केवल तथ्यों को याद करना नहीं, बल्कि समाज को देखने का एक नजरिया है। पढ़ते रहें, विश्लेषण करते रहें!
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