समाजशास्त्र मास्टरक्लास: वैचारिक गहराई और विश्लेषणात्मक दक्षता के लिए अभ्यास सेट
समाजशास्त्र केवल सिद्धांतों का अध्ययन नहीं है, बल्कि यह समाज की जटिलताओं, शक्ति संरचनाओं और मानवीय व्यवहार के अंतर्संबंधों को समझने का एक विज्ञान है। यह दैनिक अभ्यास सेट आपको आपकी वैचारिक स्पष्टता को परखने और UGC-NET, UPSC और State PSC जैसी उच्च-स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मानसिक रूप से तैयार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आइए, अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता को चुनौती दें और समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से दुनिया को देखना शुरू करें!
- एमिल दुर्खीम द्वारा प्रतिपादित ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति का सबसे सटीक वर्णन क्या है?
- (A) समाज में अत्यधिक नियमों का होना।
- (B) सामाजिक मानदंडों का अभाव या विखंडन।
- (C) व्यक्ति का समाज से पूर्ण अलगाव।
- (D) धार्मिक विश्वासों में अत्यधिक वृद्धि।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ वह स्थिति है जब समाज में तेजी से परिवर्तन होते हैं और पुराने नियम काम नहीं करते, जबकि नए नियम अभी स्थापित नहीं हुए होते। यह स्थिति व्यक्ति में दिशाहीनता और भ्रम पैदा करती है। यह अवधारणा उनकी पुस्तक ‘The Division of Labour in Society’ और ‘Suicide’ में प्रमुखता से आई है। विकल्प (C) मार्क्स के ‘अलगाव’ (Alienation) से अधिक संबंधित है।
- मैक्स वेबर के अनुसार, ‘तार्किकरण’ (Rationalization) का अंतिम परिणाम क्या है?
- (A) सामाजिक समानता की स्थापना।
- (B) परंपराओं का पुनरुद्धार।
- (C) ‘लोहे का पिंजरा’ (Iron Cage) बनना।
- (D) वर्ग संघर्ष का अंत।
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: वेबर का मानना था कि आधुनिक समाज में दक्षता, गणना और नियंत्रण (तार्किकता) पर इतना जोर दिया जा रहा है कि मनुष्य नियमों और नौकरशाही के एक ‘लोहे के पिंजरे’ में कैद हो गया है, जहाँ मानवीय भावनाएं और मूल्य गौण हो गए हैं। विकल्प (D) कार्ल मार्क्स का विचार है।
- कार्ल मार्क्स के ‘ऐतिहासिक भौतिकवाद’ (Historical Materialism) का मुख्य केंद्र क्या है?
- (A) महान व्यक्तियों के विचार।
- (B) उत्पादन के साधन और उत्पादन संबंध।
- (C) केवल धार्मिक विश्वास।
- (D) राजनीतिक विचारधाराएं।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: मार्क्स का तर्क था कि समाज का आर्थिक आधार (Base) ही उसके ऊपरी ढांचे (Superstructure) जैसे कानून, धर्म और राजनीति को निर्धारित करता है। उत्पादन के साधनों (Means of Production) पर नियंत्रण ही वर्ग संघर्ष का मुख्य कारण है।
- टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?
- (A) अनुकूलन (Adaptation)
- (B) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
- (C) एकीकरण (Integration)
- (D) प्रतिरूप अनुरक्षण (Pattern Maintenance)
सही उत्तर: (D)
विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स के अनुसार, किसी भी सामाजिक व्यवस्था को जीवित रहने के लिए चार कार्यों की आवश्यकता होती है: A (Adaptation – अर्थव्यवस्था), G (Goal Attainment – राजनीति), I (Integration – कानून/धर्म), और L (Latency – परिवार/शिक्षा), जो सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखता है।
- रॉबर्ट के. मर्टन के अनुसार ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) में क्या अंतर है?
- (A) प्रकट कार्य अनपेक्षित होते हैं, अप्रत्यक्ष कार्य अपेक्षित।
- (B) प्रकट कार्य इच्छित और ज्ञात होते हैं, अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित और अज्ञात।
- (C) दोनों एक ही हैं।
- (D) प्रकट कार्य केवल नकारात्मक होते हैं।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: मर्टन ने स्पष्ट किया कि सामाजिक संस्थाओं के कुछ कार्य ज्ञात और इच्छित होते हैं (Manifest), जबकि कुछ ऐसे परिणाम होते हैं जो अनजाने में निकलते हैं (Latent)। उदाहरण के लिए, शिक्षा का प्रकट कार्य ज्ञान देना है, लेकिन अप्रत्यक्ष कार्य सामाजिक नेटवर्क बनाना हो सकता है।
- जॉर्ज हर्बर्ट मीड के ‘स्व’ (Self) के सिद्धांत में ‘I’ और ‘Me’ का क्या संबंध है?
- (A) ‘I’ सामाजिक अपेक्षाओं का समूह है और ‘Me’ सहज प्रतिक्रिया है।
- (B) ‘I’ सहज, रचनात्मक प्रतिक्रिया है और ‘Me’ समाज द्वारा देखा गया स्व है।
- (C) दोनों पूरी तरह से अलग और असंबद्ध हैं।
- (D) ‘Me’ केवल बचपन में होता है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: मीड के अनुसार, ‘I’ व्यक्ति का वह हिस्सा है जो सक्रिय और स्वतःस्फूर्त है, जबकि ‘Me’ वह हिस्सा है जो समाज के नियमों और दूसरों की अपेक्षाओं (Generalized Other) को आत्मसात करता है।
- निम्नलिखित में से कौन सा ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) का मुख्य विचारक है?
- (A) एमिल दुर्खीम
- (B) हर्बर्ट ब्लूमर
- (C) अगस्त कॉम्टे
- (D) टैलकोट पार्सन्स
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: हर्बर्ट ब्लूमर ने मीड के विचारों को विकसित किया और ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ शब्द गढ़ा। यह सूक्ष्म समाजशास्त्र (Micro-Sociology) का हिस्सा है, जबकि दुर्खीम और पार्सन्स स्थूल समाजशास्त्र (Macro-Sociology) के समर्थक हैं।
- एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?
- (A) निचली जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाना।
- (B) उच्च जातियों का निचली जातियों के समान होना।
- (C) केवल संस्कृत भाषा सीखना।
- (D) जाति व्यवस्था का पूर्ण उन्मूलन।
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोई निम्न हिंदू जाति या जनजाति, किसी उच्च जाति (विशेषकर द्विज) के रीति-रिवाजों, विचारधारा और जीवन पद्धति को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास करती है।
- लुईस ह्यन्टिंगटन की ‘सभ्यताओं का संघर्ष’ (Clash of Civilizations) थ्योरी किस पर आधारित है?
- (A) आर्थिक वर्ग संघर्ष पर।
- (B) सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान पर।
- (C) डिजिटल डिवाइड पर।
- (D) केवल राजनीतिक सीमाओं पर।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: ह्यन्टिंगटन का तर्क था कि शीत युद्ध के बाद, संघर्षों का मुख्य स्रोत विचारधारा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान होगी।
- ‘टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी’ (Toxic Masculinity) का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या है?
- (A) पुरुषों का महिलाओं से अधिक शक्तिशाली होना।
- (B) पुरुषत्व के वे संकीर्ण सामाजिक मानक जो आक्रामकता और भावनाओं के दमन को बढ़ावा देते हैं।
- (C) पुरुषों के बीच आपसी सहयोग की भावना।
- (D) केवल शारीरिक शक्ति का प्रदर्शन।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: समकालीन समाजशास्त्र में, टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी उन हानिकारक व्यवहारों को संदर्भित करती है जो पारंपरिक पुरुषत्व की रूढ़ियों से पैदा होते हैं, जैसे कि भावनाओं को व्यक्त न करना, प्रभुत्व जमाना और हिंसा का उपयोग करना। यह जेंडर सोशियोलॉजी का एक महत्वपूर्ण विषय है।
- निम्नलिखित में से कौन सा ‘क्वालिटेटिव’ (Qualitative) अनुसंधान का उदाहरण है?
- (A) सर्वेक्षण (Survey)
- (B) प्रश्नावली (Questionnaire)
- (C) नृवंशविज्ञान/सहभागी अवलोकन (Ethnography)
- (D) सांख्यिकीय विश्लेषण (Statistical Analysis)
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: नृवंशविज्ञान में शोधकर्ता समूह के साथ रहकर उनके जीवन के अनुभवों को गहराई से समझता है, जो गुणात्मक (Qualitative) डेटा प्रदान करता है। अन्य विकल्प मात्रात्मक (Quantitative) विधियाँ हैं।
- ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) से क्या तात्पर्य है?
- (A) इंटरनेट का उपयोग केवल उच्च जातियों द्वारा किया जाना।
- (B) डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जातिगत भेदभाव और एल्गोरिदम द्वारा पूर्वाग्रह का बने रहना।
- (C) कंप्यूटर का उपयोग करके जाति गणना करना।
- (D) डिजिटल साक्षरता के कारण जाति का अंत।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: यह एक आधुनिक समाजशास्त्रीय अवधारणा है जो बताती है कि कैसे पारंपरिक जातिगत पूर्वाग्रह अब सोशल मीडिया और डिजिटल स्पेस में भी स्थानांतरित हो गए हैं, जहाँ एल्गोरिदम कभी-कभी अनजाने में भेदभाव को बढ़ावा देते हैं।
- G.S. घुरिये ने भारतीय जाति व्यवस्था के बारे में क्या विचार व्यक्त किए थे?
- (A) जाति एक बाहरी थोपी गई व्यवस्था थी।
- (B) जाति व्यवस्था का मूल नस्लीय और सांस्कृतिक तत्वों का मिश्रण है।
- (C) जाति पूरी तरह से आर्थिक कारणों से बनी थी।
- (D) जाति व्यवस्था का कोई इतिहास नहीं है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: घुरिये ने जाति को भारतीय समाज की एक विशिष्ट विशेषता माना और इसके उद्भव में इंडो-आर्यन प्रभाव और स्थानीय सांस्कृतिक प्रथाओं के मेल को महत्वपूर्ण बताया।
- ‘प्रभावी प्रभुत्व’ (Hegemony) की अवधारणा किसने दी थी?
- (A) मैक्स वेबर
- (B) एंटोनियो ग्राम्शी
- (C) कार्ल मार्क्स
- (D) माइकल फूको
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: ग्राम्शी ने ‘हेजेमनी’ (Hegemony) के माध्यम से समझाया कि कैसे शासक वर्ग केवल बल प्रयोग से नहीं, बल्कि समाज में अपनी विचारधारा को ‘सामान्य ज्ञान’ (Common Sense) के रूप में स्थापित करके शासन करता है।
- निम्नलिखित में से कौन सा ‘शहरी समाजशास्त्र’ (Urban Sociology) का प्रमुख मुद्दा है?
- (A) कृषि उत्पादकता।
- (B) जेंट्रिफिकेशन (Gentrification)।
- (C) जजमानी व्यवस्था।
- (D) ग्रामीण ऋणग्रस्तता।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जेंट्रिफिकेशन वह प्रक्रिया है जिसमें शहर के पुराने/गरीब इलाकों का पुनरुद्धार किया जाता है, जिससे वहाँ किराया बढ़ता है और मूल गरीब निवासी बाहर हो जाते हैं और उच्च वर्ग वहाँ बस जाता है।
- ‘सोशल कैपिटल’ (Social Capital) की अवधारणा का सबसे प्रमुख विश्लेषण किसने दिया?
- (A) पियरे बोर्दियु (Pierre Bourdieu)
- (B) एमिल दुर्खीम
- (C) अगस्त कॉम्टे
- (D) हर्बर्ट स्पेंसर
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या: बोर्दियु ने सामाजिक पूंजी (Social Capital), सांस्कृतिक पूंजी (Cultural Capital) और आर्थिक पूंजी के बीच संबंध बताया, यह समझाते हुए कि कैसे सामाजिक नेटवर्क व्यक्ति को शक्ति और लाभ दिलाते हैं।
- ‘धर्मनिरपेक्षता’ (Secularization) का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या है?
- (A) धर्म का पूरी तरह से अंत।
- (B) सामाजिक जीवन और संस्थाओं का धार्मिक प्रभाव से मुक्त होना।
- (C) केवल एक धर्म को मानना।
- (D) धर्म को राजनीति का हिस्सा बनाना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: धर्मनिरपेक्षता वह प्रक्रिया है जिसमें समाज के सार्वजनिक जीवन, शिक्षा और शासन में धार्मिक मान्यताओं का प्रभाव कम हो जाता है और तार्किकता का प्रभाव बढ़ता है।
- ‘जाति-जनजाति सातत्य’ (Caste-Tribe Continuum) की अवधारणा किसने विकसित की थी?
-
(A) एम.एन. श्रीनिवास
- (B) एफ.जी. बेली (F.G. Bailey)
- (C) एस.सी. दुबे
- (D) लुई ड्यूमों
- ‘लुई ड्यूमों’ (Louis Dumont) ने जाति व्यवस्था के मूल सिद्धांत के रूप में किसे माना?
- (A) शक्ति और धन
- (B) शुद्धता और अशुद्धता (Purity and Pollution)
- (C) केवल व्यावसायिक विभाजन
- (D) भौगोलिक स्थिति
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: ड्यूमों ने अपनी पुस्तक ‘Homo Hierarchicus’ में तर्क दिया कि जाति व्यवस्था का आधार पदानुक्रम (Hierarchy) है, जो शुद्धता और अशुद्धता के धार्मिक सिद्धांतों पर आधारित है।
- ‘द लीनियर्स’ (The Linears) या ‘प्रकार्यवाद’ (Functionalism) के अनुसार समाज क्या है?
- (A) परस्पर संघर्षरत वर्गों का समूह।
- (B) अंतःसंबंधित भागों की एक प्रणाली जो स्थिरता बनाए रखती है।
- (C) केवल प्रतीकों का एक संग्रह।
- (D) यादृच्छिक व्यक्तियों का समूह।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: प्रकार्यवाद (जैसे पार्सन्स और दुर्खीम) समाज को एक जैविक शरीर की तरह देखता है, जहाँ परिवार, शिक्षा और धर्म जैसे अंग मिलकर समाज में संतुलन और स्थिरता (Equilibrium) बनाए रखते हैं।
- ‘एथ्नोसेंट्रिज्म’ (Ethnocentrism) का क्या अर्थ है?
- (A) सभी संस्कृतियों को समान मानना।
- (B) अपनी संस्कृति को श्रेष्ठ मानना और दूसरों को उसी के पैमाने पर आंकना।
- (C) दूसरी संस्कृति को अपनी संस्कृति से श्रेष्ठ मानना।
- (D) संस्कृति का पूरी तरह त्याग करना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: यह एक ऐसी प्रवृत्ति है जहाँ व्यक्ति अपनी संस्कृति को केंद्र में रखता है और उसे श्रेष्ठ मानकर अन्य संस्कृतियों को ‘पिछड़ा’ या ‘गलत’ मानता है। इसके विपरीत ‘सांस्कृतिक सापेक्षवाद’ (Cultural Relativism) होता है।
- ‘जजमानी व्यवस्था’ (Jajmani System) मुख्य रूप से किससे संबंधित है?
- (A) शहरी व्यापार नेटवर्क से।
- (B) ग्रामीण भारत में जातियों के बीच पारस्परिक सेवाओं के विनिमय से।
- (C) जनजातियों के शिकार तरीकों से।
- (D) केवल आधुनिक बैंकिंग प्रणाली से।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जजमानी व्यवस्था ग्रामीण भारत की एक पारंपरिक आर्थिक और सामाजिक प्रणाली थी, जहाँ सेवा प्रदाता जातियाँ (जैसे नाई, लोहार) उच्च जातियों (जजमान) को सेवाएँ प्रदान करती थीं और बदले में अनाज या अन्य वस्तुएं प्राप्त करती थीं।
- ‘पैनऑप्टिकॉन’ (Panopticon) की अवधारणा का उपयोग मिशेल फूको ने किस संदर्भ में किया?
- (A) शहरी नियोजन के लिए।
- (B) निगरानी और सामाजिक नियंत्रण (Surveillance) के लिए।
- (C) लोकतांत्रिक मतदान के लिए।
- (D) शिक्षा के नए तरीकों के लिए।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: फूको ने पैनऑप्टिकॉन (एक विशेष प्रकार की जेल संरचना) का उपयोग यह समझाने के लिए किया कि कैसे आधुनिक समाज में निरंतर निगरानी (चाहे वह डिजिटल हो या भौतिक) के माध्यम से लोगों के व्यवहार को नियंत्रित किया जाता है।
- निम्नलिखित में से कौन सा ‘संस्कृति’ (Culture) का गैर-भौतिक (Non-material) तत्व है?
- (A) भवन और स्मारक।
- (B) कपड़े और औज़ार।
- (C) मूल्य, विश्वास और मानदंड।
- (D) तकनीक और मशीनें।
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: भौतिक संस्कृति में वे वस्तुएं आती हैं जिन्हें छुआ जा सकता है (जैसे फोन, घर), जबकि गैर-भौतिक संस्कृति में अमूर्त विचार, मूल्य, नियम और विश्वास शामिल होते हैं।
- ‘द सोशल कंस्ट्रक्शन ऑफ रियलिटी’ (The Social Construction of Reality) पुस्तक किसके द्वारा लिखी गई है?
- (A) पीटर बर्गर और थॉमस लकमैन
- (B) कार्ल मार्क्स और फ्रेडरिक एंगेल्स
- (C) अगस्त कॉम्टे और हर्बर्ट स्पेंसर
- (D) मैक्स वेबर और एमिल दुर्खीम
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या: बर्गर और लकमैन ने इस पुस्तक में तर्क दिया कि ‘वास्तविकता’ कोई प्राकृतिक चीज नहीं है, बल्कि समाज के सदस्यों द्वारा अंतःक्रियाओं के माध्यम से सामूहिक रूप से निर्मित (Constructed) की जाती है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: एफ.जी. बेली ने तर्क दिया कि जाति और जनजाति के बीच कोई स्पष्ट विभाजक रेखा नहीं है, बल्कि वे एक सातत्य (Continuum) का हिस्सा हैं जहाँ एक धीरे-धीरे दूसरे में परिवर्तित हो सकता है।
टिप: इन प्रश्नों का अभ्यास करते समय केवल सही उत्तर न देखें, बल्कि व्याख्या में दिए गए विचारकों और उनकी पुस्तकों के नाम नोट करें। यह आपको मुख्य परीक्षा के वर्णनात्मक प्रश्नों में अधिक अंक दिलाने में मदद करेगा।
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