नमस्ते भविष्य के समाजशास्त्रियों!
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क्या आप अपनी वैचारिक स्पष्टता को चुनौती देने और अपनी तैयारी को अगले स्तर पर ले जाने के लिए तैयार हैं? समाजशास्त्र केवल सिद्धांतों का अध्ययन नहीं है, बल्कि यह हमारे चारों ओर की दुनिया को समझने का एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण है। आज का यह अभ्यास सेट विशेष रूप से UGC-NET, UPSC और State PSCs के उम्मीदवारों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता और गहन ज्ञान का परीक्षण करेगा। चलिए, इस बौद्धिक यात्रा की शुरुआत करते हैं!
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- इमाइल दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब:\n
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- (A) समाज में बहुत अधिक नियम होते हैं।
- (B) सामाजिक मानदंडों का अभाव या विखंडन होता है।
- (C) व्यक्ति समाज से पूरी तरह कट जाता है।
- (D) आर्थिक असमानता समाप्त हो जाती है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘एनोमी’ शब्द का उपयोग उस स्थिति का वर्णन करने के लिए किया जहाँ समाज में नियमों और मानदंडों का अभाव होता है, विशेष रूप से तीव्र सामाजिक परिवर्तनों के दौरान। यह स्थिति व्यक्ति में दिशाहीनता और हताशा पैदा करती है। विकल्प (A) गलत है क्योंकि यह ‘नियमन’ की अधिकता है, (C) अलगाव (Alienation) को दर्शाता है, और (D) का एनोमी से सीधा संबंध नहीं है।
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- मैक्स वेबर की ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) की अवधारणा का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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- (A) एक पूर्ण समाज का निर्माण करना।
- (B) सामाजिक वास्तविकता का विश्लेषण करने के लिए एक मानसिक उपकरण बनाना।
- (C) समाज के नैतिक मूल्यों को निर्धारित करना।
- (D) केवल मात्रात्मक डेटा का संग्रह करना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: वेबर का ‘आदर्श प्रारूप’ कोई वास्तविक समाज नहीं है, बल्कि एक वैचारिक निर्माण है जिसे समाजशास्त्री जटिल सामाजिक घटनाओं की तुलना करने और उनका विश्लेषण करने के लिए बेंचमार्क के रूप में उपयोग करते हैं। यह एक ‘तुलनात्मक उपकरण’ है, न कि एक ‘नैतिक आदर्श’।
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- कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) का सबसे प्रमुख कारण क्या है?\n
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- (A) शिक्षा का अभाव।
- (B) धार्मिक अंधविश्वास।
- (C) पूंजीवादी उत्पादन पद्धति और निजी स्वामित्व।
- (D) सामाजिक मानदंडों का पालन न करना।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: मार्क्स का तर्क था कि पूंजीवाद में श्रमिक अपने उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, अपनी मानवीय प्रकृति और अन्य मनुष्यों से अलग हो जाता है क्योंकि उत्पादन के साधनों पर पूंजीपतियों का नियंत्रण होता है। विकल्प (A) और (B) गौण कारण हो सकते हैं, लेकिन मूल कारण आर्थिक संरचना है।
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- टैल्कोट पार्सन्स का AGIL मॉडल समाज के अस्तित्व के लिए किन चार कार्यों पर जोर देता है?\n
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- (A) Adaptation, Goal attainment, Integration, Latency.
- (B) Action, Growth, Influence, Legitimacy.
- (C) Authority, Gender, Inequality, Labor.
- (D) Assimilation, Globalization, Industrialization, Localism.
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सही उत्तर: (A)
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विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स के अनुसार, किसी भी सामाजिक प्रणाली को जीवित रहने के लिए चार कार्य करने होते हैं: Adaptation (अनुकूलन – अर्थव्यवस्था), Goal Attainment (लक्ष्य प्राप्ति – राजनीति), Integration (एकीकरण – कानून/धर्म), और Latency (प्रतिरूप अनुरक्षण – परिवार/शिक्षा)।
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- रॉबर्ट के. मर्टन द्वारा प्रतिपादित ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) के बीच मुख्य अंतर क्या है?\n
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- (A) एक सकारात्मक होता है और दूसरा नकारात्मक।
- (B) एक इच्छित और मान्यता प्राप्त परिणाम है, जबकि दूसरा अनपेक्षित परिणाम है।
- (C) एक केवल ग्रामीण समाज में होता है, दूसरा शहरी में।
- (D) इनमें कोई वास्तविक अंतर नहीं है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: मर्टन के अनुसार, ‘प्रकट कार्य’ वह परिणाम है जिसकी अपेक्षा समाज या व्यक्ति करता है (जैसे स्कूल का कार्य शिक्षा देना)। ‘अंतर्निहित कार्य’ वह परिणाम है जो अनपेक्षित होता है (जैसे स्कूल का कार्य बच्चों का सामाजिक नेटवर्क बनाना)।
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- जॉर्ज हरबर्ट मीड की ‘I’ और ‘Me’ की अवधारणा किस समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य से संबंधित है?\n
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- (A) संरचनात्मक कार्यात्मकता (Structural Functionalism)
- (B) संघर्ष सिद्धांत (Conflict Theory)
- (C) प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism)
- (D) विनिमय सिद्धांत (Exchange Theory)
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: मीड ने तर्क दिया कि ‘स्व’ (Self) का विकास सामाजिक अंतःक्रिया के माध्यम से होता है। ‘I’ व्यक्ति का स्वतःस्फूर्त हिस्सा है, जबकि ‘Me’ समाज के नजरिए से व्यक्ति की छवि है। यह सूक्ष्म-समाजशास्त्र (Micro-sociology) का आधार है।
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- एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
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- (A) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाना।
- (B) उच्च जातियों का निम्न जातियों के साथ घुलना-मिलना।
- (C) पश्चिमी संस्कृति का भारतीय समाज में प्रवेश।
- (D) जाति व्यवस्था का पूरी तरह समाप्त हो जाना।
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सही उत्तर: (A)
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विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोई निम्न जाति या जनजाति उच्च जाति (विशेषकर द्विज जातियों) के रीति-रिवाजों, अनुष्ठानों और विचारधारा को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास करती है। यह सामाजिक गतिशीलता का एक रूप है।
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- लुई ड्यूमोंट ने अपनी पुस्तक ‘Homo Hierarchicus’ में भारतीय जाति व्यवस्था के किस मुख्य लक्षण पर जोर दिया है?\n
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- (A) समानता (Equality)
- (B) पदानुक्रम (Hierarchy) और शुद्धता-अशुद्धता (Purity-Pollution)
- (C) वर्ग संघर्ष (Class Struggle)
- (D) लोकतांत्रिक मूल्य (Democratic Values)
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: ड्यूमोंट का तर्क था कि भारतीय समाज का मूल आधार ‘पदानुक्रम’ है, जो शुद्धता और अशुद्धता के द्विआधारी विरोध (Binary Opposition) पर टिका है। यह पश्चिमी समाज के ‘समानता’ के विचार से बिल्कुल अलग है।
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- निम्नलिखित में से कौन सा ‘गुणात्मक अनुसंधान’ (Qualitative Research) का उदाहरण है?\n
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- (A) जनगणना का डेटा विश्लेषण।
- (B) गहन साक्षात्कार (In-depth Interview) और नृवंशविज्ञान (Ethnography)।
- (C) सांख्यिकीय सर्वेक्षण।
- (D) प्रयोगात्मक परीक्षण (Experimental Tests)।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: गुणात्मक अनुसंधान का उद्देश्य संख्याओं के बजाय अर्थ, अनुभव और सामाजिक प्रक्रियाओं को समझना होता है। नृवंशविज्ञान और साक्षात्कार इसके प्राथमिक उपकरण हैं, जबकि (A), (C), और (D) मात्रात्मक (Quantitative) विधियां हैं।
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- ‘ट्राइएंगुलेशन’ (Triangulation) विधि का अनुसंधान में क्या अर्थ है?\n
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- (A) केवल एक ही डेटा स्रोत का उपयोग करना।
- (B) विभिन्न विधियों या डेटा स्रोतों का उपयोग करके परिणामों की पुष्टि करना।
- (C) डेटा को तीन भागों में विभाजित करना।
- (D) केवल मात्रात्मक डेटा पर भरोसा करना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: जब एक शोधकर्ता अपनी खोजों की सटीकता बढ़ाने के लिए एक ही समस्या का अध्ययन करने के लिए कई तरीकों (जैसे सर्वेक्षण + साक्षात्कार) का उपयोग करता है, तो इसे ट्राइएंगुलेशन कहा जाता है। इससे पूर्वाग्रह कम होता है।
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- समकालीन समाजशास्त्र में ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) का क्या तात्पर्य है?\n
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- (A) इंटरनेट का उपयोग केवल उच्च जातियों द्वारा किया जाना।
- (B) तकनीक और डेटा तक पहुंच में मौजूदा सामाजिक असमानताओं और जातिगत भेदभाव का प्रतिबिंब।
- (C) डिजिटल माध्यमों से जाति व्यवस्था का अंत होना।
- (D) केवल ऑनलाइन जाति-आधारित समूहों का बनना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा बताती है कि कैसे डिजिटल डिवाइड (Digital Divide) और एल्गोरिदम अक्सर पुराने सामाजिक पूर्वाग्रहों और जातिगत असमानताओं को पुनरुत्पादित करते हैं, जिससे कुछ समूहों को तकनीक और अवसरों से वंचित रखा जाता है।
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- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के कारण उद्योगों में आने वाले व्यवधानों को समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से कैसे देखा जा सकता है?\n
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- (A) यह केवल एक तकनीकी समस्या है, सामाजिक नहीं।
- (B) यह श्रम विभाजन (Division of Labour) और सामाजिक स्तरीकरण में बदलाव ला सकता है।
- (C) इससे सामाजिक संघर्ष पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
- (D) AI केवल ग्रामीण समाज को प्रभावित करेगा।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: AI के कारण ‘ऑटोमेशन’ हो रहा है, जिससे पारंपरिक नौकरियों का स्वरूप बदल रहा है। यह नए प्रकार के वर्ग संघर्ष (जैसे तकनीकी विशेषज्ञ बनाम विस्थापित श्रमिक) और कार्यस्थल पर शक्ति संबंधों में बदलाव पैदा करता है।
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- ‘ग्लास सीलिंग’ (Glass Ceiling) शब्द का समाजशास्त्र में क्या अर्थ है?\n
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- (A) आधुनिक कार्यालयों की वास्तुकला।
- (B) वह अदृश्य बाधा जो महिलाओं और अल्पसंख्यकों को करियर के शीर्ष स्तर तक पहुंचने से रोकती है।
- (C) शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता।
- (D) उच्च आय वाले समूहों की सामाजिक स्थिति।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा लैंगिक असमानता को दर्शाती है, जहाँ योग्यता के बावजूद, पूर्वाग्रहों और रूढ़ियों के कारण महिलाओं को नेतृत्व के पदों (Top Management) तक पहुँचने से रोका जाता है।
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- धर्म और स्वास्थ्य के बीच संबंधों का अध्ययन करते समय, जब कोई व्यक्ति अपनी बीमारी का कारण ‘ईश्वरीय इच्छा’ मानता है, तो यह किसका उदाहरण है?\n
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- (A) वैज्ञानिक तर्कवाद (Scientific Rationalism)
- (B) सामाजिक निर्माणवाद (Social Constructivism)
- (C) धर्मशास्त्रीय व्याख्या (Theological Interpretation)
- (D) कार्यात्मक विश्लेषण (Functional Analysis)
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: स्वास्थ्य और बीमारी की व्याख्या अक्सर सांस्कृतिक और धार्मिक विश्वासों से प्रभावित होती है। जब कोई बीमारी को दैवीय दंड या इच्छा मानता है, तो वह चिकित्सा के बजाय धार्मिक समाधानों को प्राथमिकता दे सकता है।
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- ‘कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व’ (CSR) को वैश्विक समाजशास्त्र के संदर्भ में कैसे देखा जाता है?\n
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- (A) यह केवल कर बचाने का एक तरीका है।
- (B) यह वैश्विक पूंजीवाद द्वारा अपनी वैधता बनाए रखने और सामाजिक प्रभाव को प्रबंधित करने का एक उपकरण है।
- (C) इसका विकासशील देशों के समाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
- (D) यह पूरी तरह से स्वैच्छिक और निस्वार्थ कार्य है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: वैश्विक समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य में, CSR को अक्सर ‘सॉफ्ट पावर’ या एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जाता है जिससे बहुराष्ट्रीय कंपनियां स्थानीय समुदायों में अपनी स्वीकार्यता बढ़ाती हैं और अपनी नकारात्मक छवि को सुधारती हैं।
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- सी. राइट मिल्स (C. Wright Mills) की ‘द पावर एलीट’ (The Power Elite) अवधारणा क्या बताती है?\n
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- (A) सत्ता समाज के सभी लोगों में समान रूप से विभाजित है।
- (B) सत्ता केवल निर्वाचित प्रतिनिधियों के पास होती है।
- (C) सत्ता एक छोटे समूह के पास केंद्रित होती है जिसमें सैन्य, आर्थिक और राजनीतिक नेता शामिल होते हैं।
- (D) शिक्षा ही सत्ता का एकमात्र स्रोत है।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: मिल्स का तर्क था कि आधुनिक समाज में असली ताकत कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के हाथ में होती है जो आपस में जुड़े होते हैं और समाज की दिशा तय करते हैं, जिससे लोकतंत्र केवल एक दिखावा बन जाता है।
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- ‘छिपा हुआ पाठ्यक्रम’ (Hidden Curriculum) शिक्षा के समाजशास्त्र में क्या संदर्भित करता है?\n
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- (A) वह पाठ्यक्रम जो आधिकारिक रूप से नहीं पढ़ाया जाता लेकिन अनौपचारिक रूप से सिखाया जाता है (जैसे अनुशासन, आज्ञाकारिता)।
- (B) गुप्त रूप से पढ़ाए जाने वाले प्रतिबंधित विषय।
- (C) वह सिलेबस जो शिक्षक छात्रों से छुपा कर रखते हैं।
- (D) केवल व्यावसायिक शिक्षा के पाठ्यक्रम।
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सही उत्तर: (A)
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विस्तृत व्याख्या: स्कूल केवल अकादमिक ज्ञान नहीं देते, बल्कि वे सामाजिक मूल्यों, सत्ता के प्रति सम्मान और सामाजिक मानदंडों को भी सिखाते हैं। इसे ‘हिडन करिकुलम’ कहा जाता है, जो अक्सर मौजूदा सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने में मदद करता है।
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- सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) के संदर्भ में ‘डेविस-मूर थीसिस’ (Davis-Moore Thesis) का मुख्य तर्क क्या है?\n
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- (A) स्तरीकरण समाज के लिए हानिकारक है।
- (B) स्तरीकरण आवश्यक है ताकि सबसे महत्वपूर्ण पदों पर सबसे योग्य लोग पहुँचें।
- (C) स्तरीकरण केवल आर्थिक कारणों से होता है।
- (D) स्तरीकरण को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: यह एक कार्यात्मक (Functionalist) दृष्टिकोण है। इनका तर्क है कि कुछ पद समाज के लिए अधिक महत्वपूर्ण होते हैं और उन्हें भरने के लिए उच्च कौशल की आवश्यकता होती है, इसलिए उन पदों को अधिक पुरस्कार (धन, सम्मान) दिया जाना चाहिए ताकि योग्य लोग वहां आकर्षित हों।
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- ग्रामीण समाजशास्त्र में ‘प्रभु जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा किसने दी थी?\n
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- (A) जी.एस. घुर्ये
- (B) एम.एन. श्रीनिवास
- (C) बी.आर. अंबेडकर
- (D) लुई ड्यूमोंट
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास के अनुसार, वह जाति ‘प्रभु जाति’ कहलाती है जिसके पास जमीन का स्वामित्व अधिक होता है, संख्यात्मक शक्ति होती है और जिसकी सामाजिक स्थिति (Ritual Status) उच्च होती है। ऐसी जाति गाँव के राजनीतिक और आर्थिक जीवन पर नियंत्रण रखती है।
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- ‘अर्बन प्रिमिटिव्स’ या शहरी समाजशास्त्र में ‘जेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) शहरी क्षेत्रों से लोगों का पलायन।
- (B) शहरी गरीब बस्तियों का नवीनीकरण और उच्च आय वाले लोगों का वहां बसना, जिससे मूल निवासी विस्थापित हो जाते हैं।
- (C) शहरों का ग्रामीण क्षेत्रों में विलय।
- (D) शहरी क्षेत्रों में जनसंख्या का समान वितरण।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: जेंट्रीफिकेशन एक प्रक्रिया है जहाँ मध्यम या उच्च वर्ग के लोग पुराने, सस्ते शहरी इलाकों में निवेश करते हैं, जिससे वहां की संपत्ति की कीमतें बढ़ जाती हैं और गरीब मूल निवासी वहां रहने में असमर्थ होकर बाहर निकल जाते हैं।
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- मैक्स वेबर के अनुसार, ‘तर्कसंगतीकरण’ (Rationalization) का क्या प्रभाव पड़ता है?\n
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- (A) समाज अधिक भावनात्मक हो जाता है।
- (B) यह ‘लौह पिंजरे’ (Iron Cage) का निर्माण करता है जहाँ दक्षता और नियम मानवीय मूल्यों पर हावी हो जाते हैं।
- (C) इससे धार्मिक विश्वास और मजबूत होते हैं।
- (D) यह सामाजिक असमानता को पूरी तरह खत्म करता है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: वेबर ने चेतावनी दी थी कि नौकरशाही और दक्षता की अत्यधिक खोज समाज को एक ‘Iron Cage’ (लौह पिंजरे) में बदल देगी, जहाँ व्यक्ति केवल नियमों का पालन करने वाली मशीन बन जाएगा और उसकी रचनात्मकता व स्वतंत्रता समाप्त हो जाएगी।
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- धर्म के समाजशास्त्र में ‘धर्मनिरपेक्षीकरण’ (Secularization) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) सभी धर्मों का एक साथ मिल जाना।
- (B) सामाजिक जीवन, राजनीति और शिक्षा का धार्मिक प्रभाव से मुक्त होना।
- (C) धर्म का पूरी तरह समाप्त हो जाना।
- (D) केवल एक विशेष धर्म का प्रभुत्व होना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: धर्मनिरपेक्षीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें धर्म का प्रभाव सार्वजनिक जीवन और संस्थाओं से कम होता जाता है और तर्क तथा विज्ञान का प्रभाव बढ़ता है। इसका मतलब यह नहीं है कि लोग व्यक्तिगत रूप से नास्तिक हो गए हैं, बल्कि धर्म का सामाजिक नियंत्रण कम हो गया है।
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- ‘पारिवारिक संरचना’ के संदर्भ में ‘नाभिकीय परिवार’ (Nuclear Family) और ‘संयुक्त परिवार’ (Joint Family) के बीच मुख्य अंतर क्या है?\n
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- (A) केवल आय का अंतर।
- (B) सदस्यों की संख्या और निवास की व्यवस्था (एक ही छत के नीचे कई पीढ़ियों का होना बनाम केवल माता-पिता और बच्चे)।
- (C) केवल धर्म का अंतर।
- (D) केवल शहरी या ग्रामीण क्षेत्र का अंतर।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: संयुक्त परिवार में कई पीढ़ियां एक साथ रहती हैं और एक साझा रसोई व संपत्ति का उपयोग करती हैं। नाभिकीय परिवार छोटा होता है, जिसमें केवल पति, पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे होते हैं। आधुनिकता और शहरीकरण ने नाभिकीय परिवारों को बढ़ावा दिया है।
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- ‘समानांतर समाजशास्त्र’ या समकालीन मुद्दों में ‘षड्यंत्र सिद्धांतों’ (Conspiracy Theories) का प्रसार समाजशास्त्रीय रूप से क्या दर्शाता है?\n
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- (A) यह केवल अज्ञानता का परिणाम है।
- (B) यह संस्थागत विश्वास की कमी और सामाजिक असुरक्षा का प्रतिबिंब है।
- (C) यह वैज्ञानिक सोच की जीत है।
- (D) इसका समाजशास्त्र से कोई संबंध नहीं है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: समाजशास्त्रीय रूप से, षड्यंत्र सिद्धांतों का बढ़ना यह दर्शाता है कि लोग मुख्यधारा की मीडिया, सरकार और विशेषज्ञों पर भरोसा खो चुके हैं। यह अक्सर संकट (जैसे महामारी या आपदा) के समय अनिश्चितता को कम करने और दुनिया को समझने का एक त्रुटिपूर्ण तरीका होता है।
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- सामाजिक परिवर्तन (Social Change) के संदर्भ में ‘सांस्कृतिक अंतराल’ (Cultural Lag) की अवधारणा किसने दी थी?\n
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- (A) अगस्त कॉम्टे
- (B) विलियम एफ. ओगबर्न
- (C) हर्बर्ट स्पेंसर
- (D) कार्ल मार्क्स
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: ओगबर्न के अनुसार, भौतिक संस्कृति (तकनीक) बहुत तेजी से बदलती है, जबकि अभौतिक संस्कृति (मूल्य, विश्वास, कानून) धीमी गति से बदलती है। इन दोनों के बीच के समय अंतराल को ‘सांस्कृतिक अंतराल’ कहा जाता है, जिससे सामाजिक तनाव पैदा होता है।
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- निम्नलिखित में से कौन सा ‘सामाजिक संस्था’ (Social Institution) का उदाहरण नहीं है?\n
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- (A) परिवार
- (B) धर्म
- (C) शिक्षा
- (D) एक व्यक्ति की व्यक्तिगत पसंद
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सही उत्तर: (D)
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विस्तृत व्याख्या: सामाजिक संस्थाएं वे स्थापित और संगठित प्रणालियाँ हैं जो समाज की बुनियादी जरूरतों को पूरा करती हैं और व्यवहार को नियंत्रित करती हैं (जैसे परिवार, धर्म, राजनीति, अर्थव्यवस्था)। व्यक्तिगत पसंद एक व्यक्तिगत विशेषता है, संस्था नहीं।
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