समाजशास्त्र की वैचारिक गहराई: अपनी तैयारी को दें एक नई दिशा
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी केवल तथ्यों को याद करने के बारे में नहीं है, बल्कि समाजशास्त्रीय सिद्धांतों के विश्लेषण और उनके अनुप्रयोग में निपुण होने के बारे में है। आज का यह अभ्यास सेट आपको शास्त्रीय सिद्धांतों से लेकर समकालीन सामाजिक परिवर्तनों तक की यात्रा पर ले जाएगा। अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता को चुनौती दें और यह जांचें कि आप समाजशास्त्र की जटिलताओं को कितनी सटीकता से समझते हैं। चलिए, शुरू करते हैं!
- हालिया शोधों के अनुसार, घरेलू काम के लैंगिक विभाजन (Gendered divisions of housework) के विश्लेषण के लिए AI-जनित विजुअल टूल्स का उपयोग किस समाजशास्त्रीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है?
- (A) केवल ग्रामीण समाजशास्त्र
- (B) डिजिटल समाजशास्त्र और लिंग समाजशास्त्र (Digital and Gender Sociology)
- (C) केवल राजनीतिक समाजशास्त्र
- (D) ऐतिहासिक समाजशास्त्र
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जब हम AI जैसे तकनीकी उपकरणों का उपयोग करके सामाजिक मुद्दों (जैसे लैंगिक असमानता) का अध्ययन करते हैं, तो यह डिजिटल समाजशास्त्र और लिंग समाजशास्त्र का संगम होता है। यह दर्शाता है कि कैसे आधुनिक तकनीक सामाजिक संरचनाओं और घरेलू श्रम के वितरण के विश्लेषण में मदद कर रही है। अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि यह अध्ययन ग्रामीण या राजनीतिक ढांचे तक सीमित नहीं है।
- एमिल दुर्खीम द्वारा प्रतिपादित ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति का क्या अर्थ है?
- (A) समाज में अत्यधिक अनुशासन की स्थिति
- (B) सामाजिक मानदंडों का अभाव या नियमहीनता की स्थिति
- (C) वर्ग संघर्ष की चरम स्थिति
- (D) सामाजिक एकजुटता में वृद्धि
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘एनोमी’ शब्द का उपयोग उस स्थिति के लिए किया जब समाज में तेजी से परिवर्तन होते हैं और पुराने मानदंड समाप्त हो जाते हैं लेकिन नए मानदंड अभी स्थापित नहीं हुए होते, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। यह अवधारणा उनकी पुस्तक ‘The Division of Labour in Society’ और ‘Suicide’ में प्रमुखता से आई है। विकल्प (A) और (D) इसके विपरीत हैं, जबकि विकल्प (C) मार्क्सवादी दृष्टिकोण है।
- कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) का सिद्धांत मुख्य रूप से किससे संबंधित है?
- (A) धार्मिक विश्वासों से दूरी
- (B) परिवार के सदस्यों के बीच विवाद
- (C) पूंजीवादी उत्पादन प्रक्रिया में श्रमिक का अपने काम, उत्पाद और स्वयं से अलगाव
- (D) शहरीकरण के कारण एकाकीपन
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: मार्क्स का तर्क था कि पूंजीवाद में श्रमिक केवल एक ‘पुर्जा’ बनकर रह जाता है। वह अपने द्वारा बनाए गए उत्पाद पर नियंत्रण खो देता है, जिससे वह उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः अपनी मानवीय प्रकृति (Species-being) से अलग हो जाता है। विकल्प (D) समाजशास्त्रीय अलगाव नहीं बल्कि मनोवैज्ञानिक अकेलापन है।
- मैक्स वेबर की ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) की अवधारणा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- (A) समाज के लिए एक आदर्श नैतिक मानक निर्धारित करना
- (B) वास्तविकता का एक सटीक और पूर्ण विवरण देना
- (C) तुलनात्मक विश्लेषण के लिए एक मानसिक निर्माण या बेंचमार्क बनाना
- (D) केवल धार्मिक संस्थाओं का अध्ययन करना
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: आदर्श प्रारूप कोई ‘आदर्श’ (परफेक्ट) स्थिति नहीं है, बल्कि एक विश्लेषणात्मक उपकरण है। वेबर ने इसका उपयोग विभिन्न सामाजिक घटनाओं की तुलना करने के लिए एक मानक बनाने हेतु किया था। यह वास्तविकता का दर्पण नहीं, बल्कि एक वैचारिक मॉडल है। विकल्प (A) इसे नैतिक मानक समझता है जो गलत है।
- टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?
- (A) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
- (B) अनुकूलन (Adaptation)
- (C) एकीकरण (Integration)
- (D) प्रतिमान रखरखाव (Pattern Maintenance)
सही उत्तर: (D)
विस्तृत व्याख्या: AGIL मॉडल सामाजिक प्रणाली के जीवित रहने के लिए चार कार्यात्मक आवश्यकताओं को दर्शाता है। ‘L’ (Latency) का अर्थ है सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना ताकि प्रणाली स्थिर रहे। (A) ‘G’ है, (B) ‘A’ है और (C) ‘I’ है।
- रॉबर्ट के. मर्टन के अनुसार ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) में क्या अंतर है?
- (A) प्रकट कार्य अवांछित होते हैं, अप्रत्यक्ष कार्य वांछित होते हैं।
- (B) प्रकट कार्य इच्छित और पहचाने गए परिणाम हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित और छिपे हुए परिणाम हैं।
- (C) दोनों एक ही हैं, केवल शब्दावली का अंतर है।
- (D) प्रकट कार्य केवल परिवार में होते हैं, अप्रत्यक्ष कार्य केवल धर्म में।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: मर्टन ने स्पष्ट किया कि किसी भी सामाजिक गतिविधि के दो परिणाम हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, विश्वविद्यालय जाने का प्रकट कार्य शिक्षा प्राप्त करना है, लेकिन अप्रत्यक्ष कार्य सामाजिक नेटवर्क बनाना या जीवनसाथी खोजना हो सकता है।
- जॉर्ज हर्बर्ट मीड के सिद्धांत में ‘I’ (मैं) और ‘Me’ (मुझे) के बीच क्या संबंध है?
- (A) ‘I’ सामाजिक अपेक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है और ‘Me’ व्यक्ति की सहज प्रतिक्रिया का।
- (B) ‘I’ व्यक्ति की रचनात्मक और सहज प्रतिक्रिया है, जबकि ‘Me’ समाज द्वारा आंतरिककृत मानदंडों का समूह है।
- (C) दोनों एक-दूसरे के विरोधी हैं और कभी मेल नहीं खाते।
- (D) ‘I’ केवल बचपन में होता है और ‘Me’ वयस्क होने पर विकसित होता है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) के तहत मीड ने बताया कि स्व (Self) का विकास ‘I’ और ‘Me’ के संवाद से होता है। ‘Me’ समाज का प्रतिबिंब है, और ‘I’ उस प्रतिबिंब के प्रति व्यक्ति की अपनी प्रतिक्रिया है।
- एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?
- (A) निचली जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और विचारधाराओं को अपनाना
- (B) उच्च जातियों द्वारा निचली जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाना
- (C) जाति व्यवस्था का पूरी तरह समाप्त हो जाना
- (D) केवल संस्कृत भाषा सीखना
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से निम्न जातियां या जनजातियां उच्च जातियों (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों, अनुष्ठानों और जीवन शैली को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति में सुधार करने का प्रयास करती हैं। विकल्प (B) इसके विपरीत है।
- लुई ड्यूमों ने अपनी पुस्तक ‘होमो हाइरार्किकस’ (Homo Hierarchicus) में भारतीय जाति व्यवस्था के किस मूल सिद्धांत पर जोर दिया है?
- (A) वर्ग संघर्ष
- (B) शुद्धता और अशुद्धता (Purity and Pollution)
- (C) आर्थिक असमानता
- (D) राजनीतिक सत्ता
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: ड्यूमों ने तर्क दिया कि भारतीय समाज का आधार श्रेणीबद्धता (Hierarchy) है, जो ‘शुद्ध’ और ‘अशुद्ध’ के वैचारिक विरोध पर टिकी है। यह आर्थिक आधार के बजाय धार्मिक और वैचारिक आधार पर आधारित है।
- ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) का मुख्य केंद्र क्या है?
- (A) व्यापक सामाजिक संरचनाएं और संस्थाएं
- (B) व्यक्तियों के बीच सूक्ष्म स्तर पर होने वाले अर्थ और संवाद
- (C) केवल आर्थिक उत्पादन के साधन
- (D) जैविक विकास की प्रक्रिया
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: यह एक सूक्ष्म-समाजशास्त्रीय (Micro-sociological) परिप्रेक्ष्य है जो इस बात पर ध्यान केंद्रित करता है कि लोग प्रतीकों (जैसे भाषा, इशारे) के माध्यम से एक-दूसरे को कैसे समझते हैं और सामाजिक वास्तविकता का निर्माण कैसे करते हैं। विकल्प (A) कार्यात्मकता या संघर्ष सिद्धांत से संबंधित है।
- सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) के संदर्भ में ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का उदाहरण कौन सा है?
- (A) वर्ग (Class)
- (B) जाति (Caste)
- (C) व्यवसाय (Occupation)
- (D) शिक्षा (Education)
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: बंद स्तरीकरण वह होता है जहाँ व्यक्ति की स्थिति जन्म से निर्धारित होती है और जीवनकाल में इसे बदलना लगभग असंभव होता है। जाति इसका सबसे सटीक उदाहरण है। इसके विपरीत, वर्ग (Class) एक ‘खुला’ स्तरीकरण है क्योंकि इसे उपलब्धि से बदला जा सकता है।
- सामाजिक अनुसंधान में ‘अनुदैर्ध्य अध्ययन’ (Longitudinal Study) का क्या अर्थ है?
- (A) एक ही समय में अलग-अलग समूहों का अध्ययन करना
- (B) एक ही समूह या व्यक्ति का लंबे समय तक अंतराल पर बार-बार अध्ययन करना
- (C) केवल पुस्तकालय के आंकड़ों का उपयोग करना
- (D) छोटे समूह का गहन साक्षात्कार लेना
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: अनुदैर्ध्य अध्ययन समय के साथ होने वाले परिवर्तनों को मापने के लिए किया जाता है (जैसे समाचार डेटा में इटली के छात्रों पर सोशल मीडिया का प्रभाव)। विकल्प (A) ‘क्रॉस-सेक्शनल’ अध्ययन कहलाता है।
- निम्नलिखित में से कौन सा ‘गैर-संभाव्यता नमूनाकरण’ (Non-Probability Sampling) का उदाहरण है?
- (A) सरल यादृच्छिक नमूनाकरण (Simple Random Sampling)
- (B) स्तरीकृत नमूनाकरण (Stratified Sampling)
- (C) स्नोबॉल नमूनाकरण (Snowball Sampling)
- (D) व्यवस्थित नमूनाकरण (Systematic Sampling)
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: स्नोबॉल नमूनाकरण में शोधकर्ता एक व्यक्ति से शुरू करता है और वह व्यक्ति अन्य प्रतिभागियों का सुझाव देता है। इसमें हर सदस्य के चुने जाने की समान संभावना नहीं होती। अन्य सभी विकल्प ‘संभाव्यता’ (Probability) नमूनाकरण के प्रकार हैं।
- ‘प्रच्छन्न पाठ्यक्रम’ (Hidden Curriculum) की अवधारणा शिक्षा के समाजशास्त्र में क्या दर्शाती है?
- (A) वह पाठ्यक्रम जो आधिकारिक तौर पर लिखित है
- (B) वे अनकहे मूल्य, मानदंड और व्यवहार जो छात्र स्कूल में अनौपचारिक रूप से सीखते हैं
- (C) शिक्षकों द्वारा जानबूझकर छिपाया गया ज्ञान
- (D) केवल खेल-कूद की गतिविधियां
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: प्रच्छन्न पाठ्यक्रम में वे चीजें शामिल होती हैं जैसे समय की पाबंदी, सत्ता का सम्मान और सामाजिक पदानुक्रम, जो औपचारिक पाठ्यपुस्तकों में नहीं होते लेकिन स्कूल के वातावरण से सीखे जाते हैं।
- अर्ली होचशिल्ड (Arlie Hochschild) द्वारा प्रतिपादित ‘भावनात्मक श्रम’ (Emotional Labor) से क्या तात्पर्य है?
- (A) शारीरिक मेहनत करना
- (B) अपनी वास्तविक भावनाओं को दबाकर नौकरी की मांग के अनुसार विशिष्ट भावनाओं का प्रदर्शन करना
- (C) काम के दौरान तनाव महसूस करना
- (D) सहकर्मियों के साथ भावनात्मक संबंध बनाना
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा उन नौकरियों (जैसे एयर होस्टेस या कॉल सेंटर कर्मचारी) पर लागू होती है जहाँ कर्मचारी को पेशेवर छवि बनाए रखने के लिए अपनी भावनाओं को प्रबंधित करना पड़ता है, चाहे वह अंदर से कैसा भी महसूस कर रहा हो।
- ‘शहरीकरण’ (Urbanization) और ‘नगरता’ (Urbanism) के बीच मुख्य अंतर क्या है?
- (A) दोनों एक ही शब्द हैं।
- (B) शहरीकरण एक जनसांख्यिकीय प्रक्रिया (जनसंख्या वृद्धि) है, जबकि नगरता एक जीवन शैली (Way of life) है।
- (C) नगरता केवल बुनियादी ढांचे से संबंधित है, जबकि शहरीकरण केवल लोगों से।
- (D) शहरीकरण ग्रामीण क्षेत्रों में होता है, नगरता केवल शहरों में।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: लुई वर्थ जैसे समाजशास्त्रियों ने बताया कि शहरीकरण का अर्थ है शहरों का विस्तार, लेकिन ‘Urbanism’ उस विशिष्ट मानसिक स्थिति और सामाजिक व्यवहार को संदर्भित करता है जो शहरी जीवन के कारण विकसित होता है (जैसे गुमनामी और व्यक्तिवाद)।
- जी.एस. घुरिये ने भारतीय समाज के अध्ययन में किस दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी?
- (A) केवल मार्क्सवादी दृष्टिकोण
- (B) ऐतिहासिक और मानवशास्त्रीय दृष्टिकोण (Indological approach)
- (C) केवल संरचनात्मक-कार्यात्मक दृष्टिकोण
- (D) केवल मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: घुरिये को भारतीय समाजशास्त्र का जनक माना जाता है। उन्होंने प्राचीन ग्रंथों और ऐतिहासिक साक्ष्यों के माध्यम से जाति और जनजाति का अध्ययन किया, जिसे भारतविद्या (Indology) कहा जाता है।
- ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) का क्या अर्थ है?
- (A) इंटरनेट का उपयोग केवल उच्च जातियों द्वारा करना
- (B) डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जाति-आधारित भेदभाव और असमानता का बने रहना या नए रूपों में प्रकट होना
- (C) कंप्यूटर का उपयोग करके जाति का पता लगाना
- (D) जाति व्यवस्था का पूरी तरह से डिजिटल हो जाना
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: यह एक समकालीन मुद्दा है जहाँ एल्गोरिदम, सोशल मीडिया और डिजिटल एक्सेस में भी जातिगत पूर्वाग्रह दिखाई देते हैं, जिससे सामाजिक असमानता डिजिटल दुनिया में भी प्रतिबिंबित होती है।
- सामाजिक परिवर्तन के ‘विकासवादी सिद्धांत’ (Evolutionary Theory) का मुख्य तर्क क्या है?
- (A) समाज अचानक और हिंसक परिवर्तनों से गुजरता है।
- (B) समाज सरल रूप से जटिल रूप की ओर धीरे-धीरे विकसित होता है।
- (C) समाज हमेशा एक ही बिंदु पर वापस लौट आता है।
- (D) परिवर्तन केवल राजनीतिक क्रांति से संभव है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: अगस्त कॉम्टे और हर्बर्ट स्पेंसर जैसे विचारकों का मानना था कि समाज का विकास एक सीधी रेखा में होता है, जैसे जीव विज्ञान में विकास होता है (सरलता से जटिलता की ओर)। विकल्प (A) संघर्ष सिद्धांत (Conflict Theory) से संबंधित है।
- ‘प्रभु जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा एम.एन. श्रीनिवास ने किस आधार पर दी?
- (A) केवल धार्मिक शुद्धता के आधार पर
- (B) केवल संख्यात्मक श्रेष्ठता के आधार पर
- (C) भूमि स्वामित्व, संख्यात्मक शक्ति और राजनीतिक प्रभाव के संयोजन के आधार पर
- (D) केवल शिक्षा के आधार पर
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास के अनुसार, एक जाति ‘प्रभु’ तब कहलाती है जब उसके पास उस क्षेत्र में पर्याप्त जमीन हो, जनसंख्या अधिक हो और वह राजनीतिक रूप से शक्तिशाली हो, भले ही वह अनुक्रम में सबसे ऊंची जाति न हो।
- निम्नलिखित में से कौन सा ‘प्राथमिक समूह’ (Primary Group) का उदाहरण है?
- (A) एक राजनीतिक पार्टी
- (B) एक बैंक के कर्मचारी
- (C) परिवार और करीबी मित्र
- (D) एक पेशेवर संघ (Professional Association)
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: सी.एच. कूले के अनुसार, प्राथमिक समूह वे होते हैं जिनमें आमने-सामने के संबंध, घनिष्ठता और भावनात्मक जुड़ाव होता है। विकल्प (A), (B) और (D) ‘द्वितीयक समूह’ (Secondary Groups) हैं।
- ‘सोशल कॉग्निटिव थ्योरी’ (Social-Cognitive Theory) का शिक्षा के क्षेत्र में उपयोग (जैसा कि हालिया शोधों में उल्लेखित है) मुख्य रूप से क्या जांचने के लिए किया जाता है?
- (A) छात्रों की याददाश्त की क्षमता
- (B) सीखने की प्रक्रिया में सामाजिक वातावरण, अवलोकन और आत्म-प्रभावकारिता (Self-efficacy) की भूमिका
- (C) केवल शिक्षकों के वेतन का प्रभाव
- (D) स्कूल की इमारतों का डिजाइन
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: अल्बर्ट बंडुरा द्वारा विकसित यह सिद्धांत बताता है कि लोग दूसरों को देखकर और सामाजिक संदर्भों में सीखते हैं। शिक्षा में इसका उपयोग यह समझने के लिए किया जाता है कि ग्रेडिंग प्रथाएं और शिक्षण विधियां छात्रों के आत्मविश्वास और सीखने के व्यवहार को कैसे प्रभावित करती हैं।
- ‘संवैधानिक लोकतंत्र’ और ‘सामाजिक लोकतंत्र’ के बीच समाजशास्त्रीय अंतर क्या है?
- (A) दोनों में कोई अंतर नहीं है।
- (B) संवैधानिक लोकतंत्र कानूनी ढांचे (वोट, कानून) पर आधारित है, जबकि सामाजिक लोकतंत्र वास्तविक सामाजिक समानता और न्याय पर आधारित है।
- (C) संवैधानिक लोकतंत्र केवल ग्रामीण क्षेत्रों में होता है।
- (D) सामाजिक लोकतंत्र केवल उच्च जातियों के लिए होता है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: बी.आर. अंबेडकर ने इस अंतर को स्पष्ट किया था। उन्होंने तर्क दिया कि केवल कानूनी अधिकार (संवैधानिक) पर्याप्त नहीं हैं; जब तक समाज में जाति और लिंग आधारित भेदभाव खत्म नहीं होता (सामाजिक लोकतंत्र), तब तक वास्तविक लोकतंत्र संभव नहीं है।
- ‘जेंट्रिफिकेशन’ (Gentrification) की प्रक्रिया शहरी समाजशास्त्र में क्या दर्शाती है?
- (A) शहरी क्षेत्रों से लोगों का पलायन
- (B) गरीब शहरी बस्तियों का पुनर्विकास जिससे वहां उच्च आय वर्ग के लोग आने लगते हैं और मूल निवासी विस्थापित हो जाते हैं
- (C) शहरों में हरित क्षेत्र का बढ़ना
- (D) झुग्गी-झोपड़ियों का पूरी तरह समाप्त होना
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जेंट्रिफिकेशन वह प्रक्रिया है जिसमें पुराने या उपेक्षित शहरी क्षेत्रों का नवीनीकरण किया जाता है, जिससे संपत्ति की कीमतें बढ़ जाती हैं और कम आय वाले लोग वहां से हटने पर मजबूर हो जाते हैं।
- ‘मूल्य’ (Values) और ‘मानदंड’ (Norms) में क्या अंतर है?
- (A) मूल्य विशिष्ट नियम हैं, मानदंड सामान्य विचार हैं।
- (B) मूल्य वे व्यापक सिद्धांत हैं कि क्या सही या वांछनीय है, जबकि मानदंड वे विशिष्ट नियम हैं जो बताते हैं कि किसी स्थिति में कैसे व्यवहार करना चाहिए।
- (C) दोनों एक ही हैं।
- (D) मानदंड केवल धर्म से आते हैं, मूल्य केवल कानून से।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: उदाहरण के लिए, ‘ईमानदारी’ एक मूल्य (Value) है, लेकिन ‘परीक्षा में नकल न करना’ एक मानदंड (Norm) है। मूल्य दिशा देते हैं और मानदंड उस दिशा में व्यवहार को नियंत्रित करते हैं।
- हालिया शोध के अनुसार, आय गतिशीलता (Income Mobility) में गिरावट और संपत्ति असमानता (Wealth Inequality) का बढ़ना किस सामाजिक समस्या को जन्म देता है?
- (A) सामाजिक एकजुटता में वृद्धि
- (B) वर्ग अंतराल का चौड़ा होना और सामाजिक स्तरीकरण का और अधिक कठोर होना
- (C) गरीबी का पूर्ण उन्मूलन
- (D) ग्रामीण क्षेत्रों का तेजी से शहरीकरण
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जब संपत्ति का संकेंद्रण कुछ ही हाथों में हो जाता है और निम्न वर्ग के लिए ऊपर उठने के अवसर (Mobility) कम हो जाते हैं, तो समाज में वर्ग संघर्ष बढ़ता है और स्तरीकरण अधिक स्थायी/कठोर हो जाता है। यह समकालीन वर्ग समाजशास्त्र का एक प्रमुख मुद्दा है।
निष्कर्ष: यह क्विज़ न केवल आपकी याददाश्त बल्कि आपकी समझ का भी परीक्षण करता है। यदि आपने अधिकांश प्रश्नों के सही उत्तर दिए हैं, तो आपकी वैचारिक स्पष्टता उत्कृष्ट है। यदि नहीं, तो ऊपर दी गई विस्तृत व्याख्याओं को दोबारा पढ़ें और संबंधित समाजशास्त्रीय पुस्तकों का संदर्भ लें। निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है!
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