समाजशास्त्र की वैचारिक गहराई: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक विशेष अभ्यास सेट
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समाजशास्त्र केवल समाज का अध्ययन नहीं है, बल्कि यह उन अदृश्य धागों को समझने की कला है जो हमारे व्यक्तिगत जीवन और सामाजिक संरचनाओं को जोड़ते हैं। यदि आप UGC-NET, UPSC या State PSC जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो आपकी सफलता आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता और सिद्धांतों की स्पष्टता पर निर्भर करती है। आज का यह विशेष मॉक टेस्ट आपकी वैचारिक पकड़ को चुनौती देने और आपको परीक्षा के स्तर के अनुरूप तैयार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आइए, अपनी तैयारी को एक नई ऊंचाई दें!
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- एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति कब उत्पन्न होती है?\n
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- (A) जब समाज में अत्यधिक नियम होते हैं।
- (B) जब सामाजिक मानदंडों का अभाव होता है या वे टूटने लगते हैं।
- (C) जब व्यक्ति समाज से पूरी तरह अलग हो जाता है।
- (D) जब आर्थिक असमानता समाप्त हो जाती है।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘एनोमी’ शब्द का उपयोग उस स्थिति के लिए किया जहाँ समाज में नैतिक दिशा-निर्देशों या मानदंडों का अभाव होता है, जिससे व्यक्ति भ्रमित महसूस करता है। यह अक्सर तीव्र सामाजिक परिवर्तन (जैसे आर्थिक मंदी या तेजी से विकास) के दौरान होता है। विकल्प (A) इसके विपरीत है, और विकल्प (C) ‘अलगाव’ (Alienation) के करीब है।\n
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- मैक्स वेबर के ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) की अवधारणा का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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- (A) समाज के लिए एक नैतिक आदर्श निर्धारित करना।
- (B) वास्तविकता का सटीक और पूर्ण विवरण देना।
- (C) सामाजिक घटनाओं के विश्लेषण के लिए एक तुलनात्मक बेंचमार्क बनाना।
- (D) यह सिद्ध करना कि समाज हमेशा एक निश्चित दिशा में बढ़ता है।
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सही उत्तर: (C)
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\nविस्तृत व्याख्या: आदर्श प्रारूप कोई ‘आदर्श’ या ‘परफेक्ट’ स्थिति नहीं है, बल्कि एक मानसिक निर्माण (Conceptual Tool) है जिसका उपयोग समाजशास्त्री वास्तविक दुनिया की घटनाओं की तुलना करने और उन्हें समझने के लिए करते हैं। यह वेबर की ‘तार्किक समझ’ (Verstehen) पद्धति का हिस्सा है।\n
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- कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘विमुखता’ (Alienation) का सबसे गहरा स्तर क्या है?\n
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- (A) उत्पाद से विमुखता।
- (B) उत्पादन की प्रक्रिया से विमुखता।
- (C) साथी श्रमिकों से विमुखता।
- (D) अपनी प्रजाति-सत्ता (Species-being) या स्वयं से विमुखता।
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सही उत्तर: (D)
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\nविस्तृत व्याख्या: मार्क्स ने पूंजीवाद में चार प्रकार की विमुखता बताई है। जबकि उत्पाद और प्रक्रिया से विमुखता भौतिक है, ‘स्वयं से विमुखता’ सबसे गंभीर है क्योंकि इसमें मनुष्य अपनी रचनात्मक क्षमता और मानवीय स्वभाव को खो देता है।\n
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- डेविस और मूर के ‘कार्यात्मक सिद्धांत’ (Functionalist Theory) के अनुसार, सामाजिक स्तरीकरण क्यों आवश्यक है?\n
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- (A) समाज में संघर्ष पैदा करने के लिए।
- (B) यह सुनिश्चित करने के लिए कि सबसे महत्वपूर्ण पदों पर सबसे योग्य व्यक्ति आएं।
- (C) सत्ता को कुछ हाथों में केंद्रित करने के लिए।
- (D) जाति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: डेविस और मूर का तर्क है कि समाज में कुछ पद अन्य पदों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण होते हैं और उनके लिए विशेष कौशल की आवश्यकता होती है। योग्य लोगों को इन पदों पर आकर्षित करने के लिए समाज उन्हें अधिक पुरस्कार (प्रतिष्ठा, पैसा) देता है, जिससे स्तरीकरण स्वाभाविक रूप से उत्पन्न होता है।\n
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- टैल्कॉट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) लक्ष्यों को प्राप्त करना।
- (B) संसाधनों का संग्रहण करना।
- (C) सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना।
- (D) विभिन्न अंगों के बीच समन्वय करना।
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सही उत्तर: (C)
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\nविस्तृत व्याख्या: AGIL मॉडल में: A = Adaptation (अनुकूलन), G = Goal Attainment (लक्ष्य प्राप्ति), I = Integration (एकीकरण), और L = Latency (सुप्तता/तनाव प्रबंधन)। Latency का अर्थ है उन मूल्यों को बनाए रखना जो समाज के सदस्यों को प्रेरित करते हैं (जैसे परिवार और शिक्षा के माध्यम से)।\n
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- समाजशास्त्र में ‘क्षेत्र कार्य’ (Field Work) या नृवंशविज्ञान (Ethnography) का मुख्य लाभ क्या है?\n
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- (A) यह केवल सांख्यिकीय डेटा प्रदान करता है।
- (B) यह सामाजिक वास्तविकताओं का गहन और प्रत्यक्ष अनुभव (Hands-on experience) प्रदान करता है।
- (C) यह त्वरित परिणाम देने की सबसे तेज़ विधि है।
- (D) इसमें शोधकर्ता की कोई व्यक्तिगत भागीदारी नहीं होती।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: जैसा कि हालिया शोध (जैसे विस्कॉन्सिन के माइनिंग टाउन का उत्खनन) दर्शाता है, फील्ड रिसर्च शोधकर्ता को प्रतिभागियों के प्राकृतिक वातावरण में ले जाती है, जिससे सूक्ष्म सामाजिक व्यवहारों और सांस्कृतिक बारीकियों को समझना संभव होता है, जो केवल सर्वेक्षणों से संभव नहीं है।\n
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- जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘I’ (मैं) और ‘Me’ (मुझे) के बीच क्या अंतर है?\n
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- (A) ‘I’ सामाजिक अपेक्षाएं हैं, ‘Me’ व्यक्तिगत इच्छा है।
- (B) ‘I’ व्यक्ति का रचनात्मक और स्वतःस्फूर्त पक्ष है, जबकि ‘Me’ समाज का आंतरिक प्रतिबिंब है।
- (C) दोनों एक ही हैं और इनमें कोई अंतर नहीं है।
- (D) ‘I’ केवल बचपन में होता है, ‘Me’ वयस्क होने पर आता है।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: मीड के प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) में, ‘Me’ वह सामाजिक स्वयं है जो समाज के नियमों को जानता है, जबकि ‘I’ वह प्रतिक्रिया है जो व्यक्ति उन नियमों के जवाब में देता है। यह आत्म-विकास की एक निरंतर प्रक्रिया है।\n
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- एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
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- (A) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाना।
- (B) उच्च जातियों द्वारा निम्न जातियों के साथ विवाह करना।
- (C) संस्कृत भाषा का अनिवार्य रूप से अध्ययन करना।
- (D) जाति व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त करना।
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सही उत्तर: (A)
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\nविस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें एक निम्न जाति या समूह किसी उच्च जाति (विशेषकर द्विज) के रीति-रिवाजों, विचारधारा और जीवन शैली को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास करता है।\n
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- समाजशास्त्रीय अनुसंधान में AI-जनित विजुअल कॉन्जॉइंट मेथड्स (AI-generated visual conjoint methods) का उपयोग मुख्य रूप से किसके लिए किया जा रहा है?\n
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- (A) केवल डेटा एंट्री को तेज़ करने के लिए।
- (B) जटिल धारणाओं, जैसे जेंडर और घरेलू काम के वितरण (Housework attribution) का अध्ययन करने के लिए।
- (C) ऐतिहासिक दस्तावेजों को डिजिटल रूप में बदलने के लिए।
- (D) केवल ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वेक्षण के लिए।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: आधुनिक समाजशास्त्र अब AI टूल्स का उपयोग कर रहा है ताकि यह समझा जा सके कि लोग विभिन्न सामाजिक श्रेणियों (जैसे लिंग) के आधार पर कार्यों का आवंटन कैसे करते हैं। यह विधि पारंपरिक सर्वेक्षणों की तुलना में अधिक सूक्ष्म और दृश्य-आधारित डेटा प्रदान करती है।\n
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- जब धर्म, गर्भपात (Abortion) जैसे व्यक्तिगत निर्णयों को प्रभावित करता है, तो यह समाजशास्त्र के किस पहलू को दर्शाता है?\n
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- (A) धर्म का पूर्ण विलुप्त होना।
- (B) सामाजिक नैतिकता और धार्मिक मान्यताओं का अंतर्संबंध।
- (C) धर्म का केवल राजनीतिक उपयोग।
- (D) धर्म का केवल ग्रामीण समाज तक सीमित होना।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: यह दर्शाता है कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ‘नैतिक ढांचे’ (Moral Framework) का निर्माण करता है जो व्यक्ति के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण और कठिन निर्णयों को निर्देशित करता है।\n
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- रॉबर्ट के. मर्टन के ‘तनाव सिद्धांत’ (Strain Theory) के अनुसार, जब व्यक्ति सामाजिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अवैध साधनों का उपयोग करता है, तो उसे क्या कहा जाता है?\n
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- (A) अनुरूपता (Conformity)
- (B) नवाचार (Innovation)
- (C) अनुष्ठानवाद (Ritualism)
- (D) विद्रोह (Rebellion)
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: मर्टन के अनुसार, जब समाज सफलता (लक्ष्य) का दबाव डालता है लेकिन कानूनी साधन (शिक्षा, नौकरी) उपलब्ध नहीं होते, तो व्यक्ति ‘नवाचार’ का रास्ता चुनता है, जिसमें वह लक्ष्य तो चाहता है लेकिन साधनों को नकार कर अवैध तरीके अपनाता है (जैसे चोरी)।\n
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- ‘सामाजिक संरचना’ (Social Structure) से क्या तात्पर्य है?\n
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- (A) समाज के केवल भौतिक बुनियादी ढांचे से।
- (B) सामाजिक संबंधों और संस्थाओं के अपेक्षाकृत स्थिर और व्यवस्थित स्वरूप से।
- (C) समाज के सभी सदस्यों की व्यक्तिगत इच्छाओं के योग से।
- (D) केवल सरकार और कानून के नियमों से।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: सामाजिक संरचना उन पैटर्न को संदर्भित करती है जिनमें सामाजिक अंतःक्रियाएं व्यवस्थित होती हैं। इसमें परिवार, धर्म, वर्ग और राज्य जैसी संस्थाएं और उनके बीच के संबंध शामिल होते हैं।\n
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- ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) की अवधारणा किस ओर संकेत करती है?\n
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- (A) इंटरनेट का उपयोग केवल उच्च जातियों द्वारा करना।
- (B) डिजिटल स्पेस (सोशल मीडिया, एल्गोरिदम) में जाति-आधारित भेदभाव और असमानता का बने रहना।
- (C) जाति व्यवस्था को डिजिटल रूप से समाप्त कर देना।
- (D) केवल ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र बनाना।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: समकालीन समाजशास्त्र यह अध्ययन कर रहा है कि कैसे पारंपरिक जातिगत पूर्वाग्रह डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, भर्ती प्रक्रियाओं और एल्गोरिदम के माध्यम से नए रूपों में प्रकट हो रहे हैं, जिससे डिजिटल असमानता बढ़ रही है।\n
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- मैक्स वेबर के अनुसार, ‘नौकरशाही’ (Bureaucracy) की मुख्य विशेषता क्या है?\n
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- (A) व्यक्तिगत संबंधों पर आधारित निर्णय।
- (B) नियमों की प्रधानता और पदानुक्रम (Hierarchy)।
- (C) अनौपचारिक संचार प्रणाली।
- (D) बिना किसी विशेषज्ञता के नियुक्तियां।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: वेबर ने नौकरशाही को ‘तार्किक-कानूनी सत्ता’ (Rational-Legal Authority) का सबसे कुशल रूप माना, जिसकी विशेषताएं लिखित नियम, स्पष्ट अधिकार क्षेत्र और योग्यता-आधारित चयन हैं।\n
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- ‘नृजातीयता’ (Ethnocentrism) का अर्थ क्या है?\n
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- (A) सभी संस्कृतियों को समान रूप से समझना।
- (B) अपनी संस्कृति को श्रेष्ठ मानना और दूसरों की संस्कृति को उसी के आधार पर आंकना।
- (C) दूसरी संस्कृतियों को अपनी संस्कृति से बेहतर मानना।
- (D) संस्कृतियों के बीच समन्वय स्थापित करना।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: यह एक ऐसी प्रवृत्ति है जहाँ व्यक्ति अपनी संस्कृति को केंद्र मानकर अन्य संस्कृतियों को ‘अजीब’ या ‘हीन’ मानता है। इसका विपरीत ‘सांस्कृतिक सापेक्षवाद’ (Cultural Relativism) है।\n
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- ग्रामीण समाजशास्त्र में ‘जजमेंटल’ या ‘पैट्रोन-क्लाइंट’ (Patron-Client) संबंध का क्या अर्थ है?\n
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- (A) दो समान आर्थिक स्थिति वाले व्यक्तियों के बीच संबंध।
- (B) एक शक्तिशाली व्यक्ति (संरक्षक) और एक आश्रित व्यक्ति के बीच पारस्परिक लाभ का असमान संबंध।
- (C) केवल सरकारी अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच संबंध।
- (D) शहरी और ग्रामीण लोगों के बीच व्यापारिक संबंध।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: यह ग्रामीण सत्ता संरचना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जहाँ एक प्रभावशाली व्यक्ति (जैसे जमींदार) सुरक्षा और संसाधन देता है, और बदले में आश्रित व्यक्ति उसे श्रम और राजनीतिक समर्थन देता है।\n
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- लुई विर्थ के अनुसार, ‘शहरीकरण’ (Urbanism) केवल जनसंख्या का बढ़ना नहीं है, बल्कि वह है:\n
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- (A) केवल ऊंची इमारतों का निर्माण।
- (B) जीवन जीने का एक विशिष्ट तरीका (Way of Life)।
- (C) ग्रामीण इलाकों से पलायन।
- (D) उद्योगों की स्थापना।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: विर्थ ने तर्क दिया कि शहरी जीवन व्यक्ति के व्यवहार को बदल देता है—रिश्ते अधिक औपचारिक, सतही और खंडित (Segmented) हो जाते हैं, जो उसे ग्रामीण जीवन से अलग बनाता है।\n
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- मिशेल फूको के अनुसार, ‘शक्ति’ (Power) की प्रकृति क्या है?\n
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- (A) शक्ति केवल राज्य या सरकार के पास होती है।
- (B) शक्ति ऊपर से नीचे की ओर प्रवाहित होती है।
- (C) शक्ति सर्वव्यापी है और यह ज्ञान (Knowledge) के साथ गहराई से जुड़ी है।
- (D) शक्ति केवल भौतिक बल के प्रयोग से प्राप्त होती है।
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सही उत्तर: (C)
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\nविस्तृत व्याख्या: फूको का मानना था कि शक्ति केवल दमनकारी नहीं होती, बल्कि यह उत्पादक भी होती है। उनका प्रसिद्ध सूत्र ‘Power/Knowledge’ बताता है कि जो ज्ञान को नियंत्रित करता है, वही शक्ति को नियंत्रित करता है।\n
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- ‘विस्तारित परिवार’ (Extended Family) और ‘एकल परिवार’ (Nuclear Family) के बीच मुख्य अंतर क्या है?\n
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- (A) केवल सदस्यों की संख्या का अंतर।
- (B) रहने की जगह का अंतर।
- (C) पीढ़ियों के सह-निवास और सामाजिक समर्थन तंत्र का अंतर।
- (D) केवल आर्थिक आय का अंतर।
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सही उत्तर: (C)
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\nविस्तृत व्याख्या: एकल परिवार में केवल माता-पिता और अविवाहित बच्चे होते हैं, जबकि विस्तारित परिवार में दादा-दादी, चाचा-चाची आदि शामिल होते हैं, जो एक व्यापक भावनात्मक और आर्थिक सुरक्षा तंत्र प्रदान करते हैं।\n
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- समाजशास्त्र में ‘प्रत्यक्षवाद’ (Positivism) का मुख्य दावा क्या है?\n
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- (A) समाज का अध्ययन केवल दर्शन के माध्यम से होना चाहिए।
- (B) सामाजिक घटनाओं का अध्ययन प्राकृतिक विज्ञानों की तरह अनुभवजन्य (Empirical) और वस्तुनिष्ठ तरीके से किया जा सकता है।
- (C) समाज को केवल व्यक्ति के आंतरिक अनुभवों से समझा जा सकता है।
- (D) सामाजिक नियम कभी स्थिर नहीं होते।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: ऑगस्ट कॉम्टे द्वारा शुरू किया गया प्रत्यक्षवाद यह मानता है कि समाज में भी ‘नियम’ होते हैं जिन्हें अवलोकन और प्रयोग के माध्यम से खोजा जा सकता है, जैसे भौतिक विज्ञान में खोजा जाता है।\n
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- जी.एस. घुर्ये ने जनजातियों (Tribes) को भारतीय समाज के संदर्भ में क्या माना था?\n
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- (A) पूरी तरह से अलग और विदेशी समूह।
- (B) ‘पिछड़े हिंदू’ (Backward Hindus)।
- (C) आधुनिक समाज के अग्रदूत।
- (D) केवल वनवासी समूह।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: घुर्ये का मानना था कि भारतीय जनजातियाँ हिंदू समाज का ही हिस्सा रही हैं और उन्होंने धीरे-धीरे हिंदू रीति-रिवाजों को अपनाया है, इसलिए वे ‘पिछड़े हिंदू’ हैं। यह दृष्टिकोण डब्ल्यू.एच. स्क्रोडर के ‘अलगाव’ वाले विचार से भिन्न है।\n
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- ‘घरेलू श्रम’ (Domestic Labor) के समाजशास्त्रीय अध्ययन में ‘अदृश्य कार्य’ (Invisible Work) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) वह कार्य जो गुप्त रूप से किया जाता है।
- (B) वह बिना वेतन वाला कार्य (विशेषकर महिलाओं द्वारा) जिसे आर्थिक मूल्य नहीं दिया जाता।
- (C) वह कार्य जो मशीनों द्वारा किया जाता है।
- (D) वह कार्य जो केवल रात में किया जाता है।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: समाजशास्त्र में, देखभाल, खाना बनाना और घर की सफाई जैसे कार्यों को अक्सर ‘अदृश्य’ माना जाता है क्योंकि इन्हें ‘प्यार’ या ‘कर्तव्य’ के रूप में देखा जाता है, न कि ‘आर्थिक उत्पादकता’ के रूप में।\n
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- पियरे बोर्दियु के अनुसार, ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) क्या है?\n
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- (A) केवल बैंक में जमा धन।
- (B) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और भाषा शैली जो व्यक्ति को सामाजिक लाभ दिलाती है।
- (C) किसी देश की कुल कलाकृतियों का संग्रह।
- (D) केवल धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: बोर्दियु का तर्क है कि शिक्षा और उच्च वर्ग की भाषा/व्यवहार (Habitus) एक प्रकार की पूंजी है, जो निम्न वर्ग के बच्चों की तुलना में उच्च वर्ग के बच्चों को स्कूल और समाज में अधिक लाभ पहुँचाती है।\n
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- ‘क्लिकबेट क्राइम न्यूज मेट्रिक्स’ (Clickbait Crime News Metrics) का विश्लेषण समाजशास्त्र की किस विधि के अंतर्गत आता है?\n
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- (A) सहभागी अवलोकन (Participant Observation)
- (B) सामग्री विश्लेषण (Content Analysis)
- (C) प्रायोगिक विधि (Experimental Method)
- (D) जीवनी पद्धति (Biographical Method)
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: जब शोधकर्ता समाचारों, लेखों या सोशल मीडिया पोस्ट के पैटर्न, शब्दों और मेट्रिक्स का विश्लेषण करते हैं, तो इसे ‘सामग्री विश्लेषण’ कहा जाता है। इसका उपयोग यह समझने के लिए किया जाता है कि मीडिया अपराध या सामाजिक मुद्दों को कैसे ‘फ्रेम’ करता है।\n
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- ‘प्रत्याशित समाजीकरण’ (Anticipatory Socialization) क्या है?\n
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- (A) बचपन में मिलने वाला प्राथमिक संस्कार।
- (B) किसी नए समूह या भूमिका में प्रवेश करने से पहले उसके मानदंडों को सीखना।
- (C) पुराने रीति-रिवाजों को पूरी तरह छोड़ देना।
- (D) समाज द्वारा जबरन थोपे गए नियम।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: उदाहरण के लिए, एक छात्र जो डॉक्टर बनना चाहता है, वह डॉक्टर की तरह व्यवहार करना और सोचना शुरू कर देता है। यह प्रक्रिया उसे भविष्य की भूमिका के लिए तैयार करती है।\n
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निष्कर्ष: यह अभ्यास सेट समाजशास्त्र के विविध आयामों को कवर करता है। याद रखें, समाजशास्त्र केवल तथ्यों को रटने के बारे में नहीं है, बल्कि समाज को एक ‘क्रिटिकल लेंस’ से देखने के बारे में है। अपनी गलतियों का विश्लेषण करें और अवधारणाओं को वास्तविक जीवन की घटनाओं से जोड़कर पढ़ें। उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ!
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