Get free Notes

सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Click Here

समाजशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न: अपनी वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक क्षमता को परखें

समाजशास्त्र के जिज्ञासुओं के लिए एक विशेष बौद्धिक चुनौती

\n

समाजशास्त्र के जिज्ञासुओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे योद्धाओं के लिए आज की बौद्धिक चुनौती तैयार है। यह क्विज़ न केवल आपके ज्ञान का परीक्षण करेगा, बल्कि जटिल समाजशास्त्रीय सिद्धांतों को समझने का एक नया नजरिया भी प्रदान करेगा। आइए, अपनी वैचारिक स्पष्टता को चुनौती दें और सफलता की ओर एक और कदम बढ़ाएं!

\n


\n\n

    \n

  1. कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब:\n
      \n

    • (A) श्रमिक को उच्च वेतन मिलता है।
    • \n

    • (B) श्रमिक का अपने उत्पादित कार्य से संबंध टूट जाता है।
    • \n

    • (C) श्रमिक और मालिक के बीच मित्रता होती है।
    • \n

    • (D) उत्पादन के साधनों पर श्रमिकों का स्वामित्व होता है।
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) श्रमिक का अपने उत्पादित कार्य से संबंध टूट जाता है।\n

    विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवादी व्यवस्था में श्रमिक अपने काम, अपने उत्पाद, अपनी मानवीय प्रकृति और अन्य मनुष्यों से अलग हो जाता है। इसे ‘अलगाव’ कहा जाता है। विकल्प (D) समाजवाद की विशेषता है, न कि अलगाव की।

    \n

    \n

  2. \n\n

  3. मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
      \n

    • (A) समाज के लिए एक नैतिक मानक निर्धारित करना।
    • \n

    • (B) वास्तविक सामाजिक घटनाओं के विश्लेषण के लिए एक तुलनात्मक उपकरण बनाना।
    • \n

    • (C) समाज को पूरी तरह से बदलने का एक खाका तैयार करना।
    • \n

    • (D) केवल धार्मिक विश्वासों का अध्ययन करना।
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) वास्तविक सामाजिक घटनाओं के विश्लेषण के लिए एक तुलनात्मक उपकरण बनाना।\n

    विस्तृत व्याख्या: आदर्श प्रारूप कोई ‘आदर्श’ या ‘परफेक्ट’ स्थिति नहीं है, बल्कि एक विश्लेषणात्मक उपकरण है जिसका उपयोग वेबर ने जटिल सामाजिक वास्तविकताओं को समझने और उनकी तुलना करने के लिए किया था।

    \n

    \n

  4. \n\n

  5. एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘यांत्रिक एकजुटता’ (Mechanical Solidarity) किस प्रकार के समाज की विशेषता है?\n
      \n

    • (A) आधुनिक औद्योगिक समाज
    • \n

    • (B) जटिल शहरी समाज
    • \n

    • (C) पारंपरिक और सरल समाज
    • \n

    • (D) अत्यधिक विभाजित समाज
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (C) पारंपरिक और सरल समाज।\n

    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘The Division of Labour in Society’ में बताया कि सरल समाजों में लोग समान कार्य करते हैं और उनकी मान्यताएं एक जैसी होती हैं, जिसे यांत्रिक एकजुटता कहते हैं। आधुनिक समाजों में ‘जैविक एकजुटता’ (Organic Solidarity) पाई जाती है।

    \n

    \n

  6. \n\n

  7. टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ का क्या अर्थ है?\n
      \n

    • (A) Legitimation (वैधीकरण)
    • \n

    • (B) Latency (प्रसुप्तता/तनाव प्रबंधन)
    • \n

    • (C) Linearization (रेखीयकरण)
    • \n

    • (D) Localization (स्थानीयकरण)
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) Latency (प्रसुप्तता/तनाव प्रबंधन)।\n

    विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स के अनुसार किसी भी सामाजिक प्रणाली के जीवित रहने के लिए चार कार्य आवश्यक हैं: Adaptation (A), Goal Attainment (G), Integration (I), और Latency (L)। Latency का अर्थ है सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना और तनाव को कम करना।

    \n

    \n

  8. \n\n

  9. रॉबर्ट के. मर्टन के ‘तनाव सिद्धांत’ (Strain Theory) के अनुसार, जब व्यक्ति लक्ष्य को स्वीकार करता है लेकिन सामाजिक रूप से स्वीकृत साधनों को अस्वीकार कर देता है, तो इसे क्या कहा जाता है?\n
      \n

    • (A) अनुरूपता (Conformity)
    • \n

    • (B) नवाचार (Innovation)
    • \n

    • (C) अनुष्ठानवाद (Ritualism)
    • \n

    • (D) विद्रोह (Rebellion)
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) नवाचार (Innovation)।\n

    विस्तृत व्याख्या: मर्टन के अनुसार, ‘नवाचार’ तब होता है जब व्यक्ति सांस्कृतिक लक्ष्यों (जैसे पैसा कमाना) को तो पाना चाहता है, लेकिन वैध साधनों (जैसे शिक्षा/नौकरी) की कमी के कारण अवैध साधनों (जैसे चोरी) का उपयोग करता है।

    \n

    \n

  10. \n\n

  11. जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) का विकास कैसे होता है?\n
      \n

    • (A) केवल आनुवंशिकता के माध्यम से।
    • \n

    • (B) सामाजिक अंतःक्रियाओं और प्रतीकों के माध्यम से।
    • \n

    • (C) जन्मजात प्रवृत्तियों के माध्यम से।
    • \n

    • (D) केवल जैविक विकास के माध्यम से।
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) सामाजिक अंतःक्रियाओं और प्रतीकों के माध्यम से।\n

    विस्तृत व्याख्या: मीड ने ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) का सिद्धांत दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि मनुष्य दूसरों की नजरों से खुद को देखना सीखता है, जिससे ‘I’ और ‘Me’ का विकास होता है।

    \n

    \n

  12. \n\n

  13. इरविंग गोफमैन की ‘नाट्यशास्त्र’ (Dramaturgy) अवधारणा का मुख्य तर्क क्या है?\n
      \n

    • (A) समाज एक रंगमंच है जहाँ लोग अपनी भूमिकाएं निभाते हैं।
    • \n

    • (B) सामाजिक जीवन पूरी तरह से यादृच्छिक (Random) है।
    • \n

    • (C) लोग केवल अपने निजी जीवन में सच्चे होते हैं।
    • \n

    • (D) समाज में कोई भूमिकाएं नहीं होतीं।
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (A) समाज एक रंगमंच है जहाँ लोग अपनी भूमिकाएं निभाते हैं।\n

    विस्तृत व्याख्या: गोफमैन ने तर्क दिया कि सामाजिक अंतःक्रिया एक प्रदर्शन की तरह है, जिसमें ‘अग्रभूमि’ (Front Stage) वह है जहाँ हम दूसरों को प्रभावित करने के लिए अभिनय करते हैं और ‘पृष्ठभूमि’ (Back Stage) वह है जहाँ हम वास्तविक होते हैं।

    \n

    \n

  14. \n\n

  15. सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) के संदर्भ में ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का उदाहरण कौन सा है?\n
      \n

    • (A) वर्ग व्यवस्था (Class System)
    • \n

    • (B) जाति व्यवस्था (Caste System)
    • \n

    • (C) योग्यता आधारित व्यवस्था (Meritocracy)
    • \n

    • (D) आधुनिक व्यावसायिक श्रेणी
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) जाति व्यवस्था (Caste System)।\n

    विस्तृत व्याख्या: बंद स्तरीकरण वह प्रणाली है जहाँ व्यक्ति की सामाजिक स्थिति जन्म से निर्धारित होती है और इसमें परिवर्तन (गतिशीलता) लगभग असंभव होता है। वर्ग व्यवस्था एक ‘खुली’ प्रणाली है।

    \n

    \n

  16. \n\n

  17. ‘एनोमी’ (Anomie) की अवधारणा का सर्वप्रथम प्रयोग किसने किया था?\n
      \n

    • (A) रॉबर्ट मर्टन
    • \n

    • (B) एमिल दुर्खीम
    • \n

    • (C) अगस्त कॉम्टे
    • \n

    • (D) हर्बर्ट स्पेंसर
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) एमिल दुर्खीम।\n

    विस्तृत व्याख्या: हालाँकि मर्टन ने इसे विकसित किया, लेकिन ‘एनोमी’ (नियमहीनता की स्थिति) शब्द का प्रयोग सबसे पहले दुर्खीम ने अपने शोध में किया था, विशेष रूप से आत्महत्या के अध्ययन में।

    \n

    \n

  18. \n\n

  19. विलियम ऑगबर्न द्वारा प्रतिपादित ‘सांस्कृतिक विलंब’ (Cultural Lag) से क्या तात्पर्य है?\n
      \n

    • (A) संस्कृति का पूरी तरह समाप्त हो जाना।
    • \n

    • (B) भौतिक संस्कृति का गैर-भौतिक संस्कृति की तुलना में तेजी से बदलना।
    • \n

    • (C) गैर-भौतिक संस्कृति का भौतिक संस्कृति से तेज बदलना।
    • \n

    • (D) संस्कृति का एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में न जाना।
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) भौतिक संस्कृति का गैर-भौतिक संस्कृति की तुलना में तेजी से बदलना।\n

    विस्तृत व्याख्या: ऑगबर्न के अनुसार, तकनीक और गैजेट्स (भौतिक संस्कृति) तेजी से बदलते हैं, लेकिन हमारे मूल्य, विश्वास और कानून (गैर-भौतिक संस्कृति) उन्हें अपनाने में समय लेते हैं, जिससे एक ‘अंतराल’ या ‘विलंब’ पैदा होता है।

    \n

    \n

  20. \n\n

  21. ‘मातृसत्तात्मक’ (Matriarchal) परिवार और ‘मातृस्थानीय’ (Matrilocal) परिवार में क्या अंतर है?\n
      \n

    • (A) मातृसत्तात्मक में सत्ता माँ के पास होती है, जबकि मातृस्थानीय में विवाह के बाद पति पत्नी के घर रहता है।
    • \n

    • (B) दोनों एक ही बात हैं।
    • \n

    • (C) मातृस्थानीय में सत्ता माँ के पास होती है।
    • \n

    • (D) मातृसत्तात्मक में विवाह के बाद पति पत्नी के घर रहता है।
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (A) मातृसत्तात्मक में सत्ता माँ के पास होती है, जबकि मातृस्थानीय में विवाह के बाद पति पत्नी के घर रहता है।\n

    विस्तृत व्याख्या: ‘सत्ता’ (Authority) का संबंध मातृसत्ता से है, जबकि ‘निवास’ (Residence) का संबंध मातृस्थानीय व्यवस्था से है।

    \n

    \n

  22. \n\n

  23. ‘धर्मनिरपेक्षीकरण’ (Secularization) की प्रक्रिया का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या है?\n
      \n

    • (A) धर्म का पूरी तरह से समाप्त होना।
    • \n

    • (B) सामाजिक संस्थानों और जीवन के क्षेत्रों से धार्मिक प्रभाव का कम होना।
    • \n

    • (C) केवल एक धर्म को मानना।
    • \n

    • (D) धर्म को राजनीति का हिस्सा बनाना।
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) सामाजिक संस्थानों और जीवन के क्षेत्रों से धार्मिक प्रभाव का कम होना।\n

    विस्तृत व्याख्या: सेकुलराइजेशन का अर्थ धर्म का अंत नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन, कानून और शासन में धार्मिक मान्यताओं के बजाय तर्क और विज्ञान का प्रभाव बढ़ना है।

    \n

    \n

  24. \n\n

  25. शिक्षा के समाजशास्त्र में ‘प्रच्छन्न पाठ्यक्रम’ (Hidden Curriculum) का क्या अर्थ है?\n
      \n

    • (A) वह पाठ्यक्रम जो आधिकारिक रूप से किताबों में लिखा है।
    • \n

    • (B) वे अनकहे मूल्य, मानदंड और व्यवहार जो छात्र स्कूल के वातावरण से सीखते हैं।
    • \n

    • (C) वह पाठ्यक्रम जो केवल शिक्षकों के लिए होता है।
    • \n

    • (D) वह पाठ्यक्रम जो इंटरनेट से पढ़ाया जाता है।
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) वे अनकहे मूल्य, मानदंड और व्यवहार जो छात्र स्कूल के वातावरण से सीखते हैं।\n

    विस्तृत व्याख्या: प्रच्छन्न पाठ्यक्रम में अनुशासन, समय की पाबंदी और सत्ता के प्रति सम्मान जैसे गुण शामिल होते हैं, जो औपचारिक रूप से नहीं पढ़ाए जाते लेकिन छात्र इन्हें आत्मसात कर लेते हैं।

    \n

    \n

  26. \n\n

  27. एंटोनियो ग्राम्शी द्वारा प्रतिपादित ‘हेजेमनी’ (Hegemony/आधिपत्य) का क्या अर्थ है?\n
      \n

    • (A) केवल शारीरिक बल द्वारा शासन करना।
    • \n

    • (B) शासक वर्ग द्वारा संस्कृति और विचारों के माध्यम से शासित वर्ग की सहमति प्राप्त करना।
    • \n

    • (C) लोकतंत्र के माध्यम से चुनाव जीतना।
    • \n

    • (D) सैन्य शक्ति का विस्तार करना।
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) शासक वर्ग द्वारा संस्कृति और विचारों के माध्यम से शासित वर्ग की सहमति प्राप्त करना।\n

    विस्तृत व्याख्या: हेजेमनी वह स्थिति है जहाँ शक्तिशाली समूह अपने विचारों को ‘सामान्य ज्ञान’ (Common Sense) बना देता है, जिससे दबे हुए लोग अपनी गुलामी को भी स्वाभाविक मानने लगते हैं।

    \n

    \n

  28. \n\n

  29. अनुसंधान विधियों में ‘ग्राउंडेड थ्योरी’ (Grounded Theory) के प्रवर्तक कौन थे?\n
      \n

    • (A) एमिल दुर्खीम और वेबर
    • \n

    • (B) ग्लेसर और स्ट्रॉस (Glaser & Strauss)
    • \n

    • (C) अगस्त कॉम्टे और स्पेंसर
    • \n

    • (D) कार्ल मार्क्स और लेनिन
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) ग्लेसर और स्ट्रॉस (Glaser & Strauss)।\n

    विस्तृत व्याख्या: ग्राउंडेड थ्योरी एक गुणात्मक विधि है जहाँ सिद्धांत पहले से निर्धारित नहीं होता, बल्कि डेटा के संग्रह और विश्लेषण के दौरान उभर कर आता है।

    \n

    \n

  30. \n\n

  31. ‘सहभागी अवलोकन’ (Participant Observation) किस प्रकार की अनुसंधान पद्धति का हिस्सा है?\n
      \n

    • (A) मात्रात्मक (Quantitative)
    • \n

    • (B) नृवंशविज्ञान (Ethnography)
    • \n

    • (C) प्रयोगात्मक (Experimental)
    • \n

    • (D) सर्वेक्षण (Survey)
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) नृवंशविज्ञान (Ethnography)।\n

    विस्तृत व्याख्या: सहभागी अवलोकन में शोधकर्ता उस समूह का हिस्सा बनकर उनके जीवन का गहराई से अध्ययन करता है, जो नृवंशविज्ञान की मुख्य विशेषता है।

    \n

    \n

  32. \n\n

  33. अनुसंधान में ‘वैधता’ (Validity) और ‘विश्वसनीयता’ (Reliability) के बीच क्या संबंध है?\n
      \n

    • (A) विश्वसनीयता का अर्थ है कि माप सटीक है, और वैधता का अर्थ है कि वह वही माप रहा है जिसे मापने का दावा किया गया है।
    • \n

    • (B) दोनों एक ही बात हैं।
    • \n

    • (C) केवल मात्रात्मक शोध में विश्वसनीयता होती है।
    • \n

    • (D) केवल गुणात्मक शोध में वैधता होती है।
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (A) विश्वसनीयता का अर्थ है कि माप सटीक है, और वैधता का अर्थ है कि वह वही माप रहा है जिसे मापने का दावा किया गया है।\n

    विस्तृत व्याख्या: यदि एक वजन मशीन हर बार 2 किलो कम वजन दिखाती है, तो वह ‘विश्वसनीय’ (Consistent) है लेकिन ‘वैध’ (Valid) नहीं है क्योंकि वह सही वजन नहीं माप रही।

    \n

    \n

  34. \n\n

  35. एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
      \n

    • (A) निचली जातियों द्वारा अपनी संस्कृति को पूरी तरह त्याग देना।
    • \n

    • (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों और विचारधारा को अपनाना।
    • \n

    • (C) उच्च जातियों का निम्न जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाना।
    • \n

    • (D) केवल संस्कृत भाषा सीखना।
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों और विचारधारा को अपनाना।\n

    विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण के माध्यम से निम्न जातियां अपनी सामाजिक स्थिति को ऊपर उठाने का प्रयास करती हैं। यह गतिशीलता जाति व्यवस्था के भीतर होती है, व्यवस्था को बदलती नहीं है।

    \n

    \n

  36. \n\n

  37. ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा का संबंध किससे है?\n
      \n

    • (A) बी.आर. अंबेडकर
    • \n

    • (B) एम.एन. श्रीनिवास
    • \n

    • (C) जी.एस. घुर्ये
    • \n

    • (D) लुई ड्यूमों
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) एम.एन. श्रीनिवास।\n

    विस्तृत व्याख्या: प्रभावी जाति वह होती है जिसके पास संख्यात्मक शक्ति, आर्थिक संसाधन (विशेषकर भूमि) और राजनीतिक प्रभाव होता है।

    \n

    \n

  38. \n\n

  39. भारतीय समाज में ‘पश्चिमीकरण’ (Westernization) का क्या अर्थ है?\n
      \n

    • (A) केवल अंग्रेजी बोलना सीखना।
    • \n

    • (B) ब्रिटिश शासन के प्रभाव से भारतीय समाज में आए परिवर्तन (तकनीकी, संस्थागत और वैचारिक)।
    • \n

    • (C) पश्चिमी देशों में जाकर बस जाना।
    • \n

    • (D) भारतीय संस्कृति का पूरी तरह विनाश।
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) ब्रिटिश शासन के प्रभाव से भारतीय समाज में आए परिवर्तन (तकनीकी, संस्थागत और वैचारिक)।\n

    विस्तृत व्याख्या: पश्चिमीकरण केवल नकल नहीं है, बल्कि इसमें आधुनिक शिक्षा, कानून और जीवन शैली का प्रभाव शामिल है।

    \n

    \n

  40. \n\n

  41. ग्रामीण-शहरी सातत्य (Rural-Urban Continuum) की अवधारणा क्या बताती है?\n
      \n

    • (A) कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र पूरी तरह अलग हैं।
    • \n

    • (B) कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच एक क्रमिक संक्रमण (Gradual Transition) होता है।
    • \n

    • (C) कि शहर केवल ग्रामीण क्षेत्रों का विस्तार हैं।
    • \n

    • (D) कि ग्रामीण जीवन शहरी जीवन से श्रेष्ठ है।
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच एक क्रमिक संक्रमण (Gradual Transition) होता है।\n

    विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा बताती है कि समाज में ग्रामीण और शहरी के बीच कोई स्पष्ट रेखा नहीं है, बल्कि एक निरंतरता है जहाँ ग्रामीण इलाकों में शहरी गुण और शहरी इलाकों में ग्रामीण गुण मिलते हैं।

    \n

    \n

  42. \n\n

  43. लुई विर्थ (Louis Wirth) के अनुसार ‘शहरीकरण’ (Urbanism) की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?\n
      \n

    • (A) जनसंख्या का आकार, घनत्व और विविधता।
    • \n

    • (B) केवल कृषि का विकास।
    • \n

    • (C) पारिवारिक संबंधों का मजबूत होना।
    • \n

    • (D) साक्षरता की कमी।
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (A) जनसंख्या का आकार, घनत्व और विविधता।\n

    विस्तृत व्याख्या: विर्थ ने तर्क दिया कि शहर की विशाल जनसंख्या, उच्च घनत्व और विषम सामाजिक पृष्ठभूमि लोगों के बीच ‘द्वितीयक संबंधों’ (Secondary Relations) को जन्म देती है, जिससे जीवन औपचारिक और उदासीन हो जाता है।

    \n

    \n

  44. \n\n

  45. समकालीन समाजशास्त्रीय बहसों के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का समाजशास्त्र पर क्या दोहरा प्रभाव (Dual Role) पड़ रहा है?\n
      \n

    • (A) यह केवल डेटा संग्रह को आसान बनाता है।
    • \n

    • (B) यह पारंपरिक शोध विधियों को चुनौती दे रहा है, लेकिन साथ ही शक्तिशाली नए विश्लेषणात्मक उपकरण भी प्रदान कर रहा है।
    • \n

    • (C) यह समाजशास्त्र को पूरी तरह समाप्त कर देगा।
    • \n

    • (D) इसका समाजशास्त्र पर कोई प्रभाव नहीं है।
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) यह पारंपरिक शोध विधियों को चुनौती दे रहा है, लेकिन साथ ही शक्तिशाली नए विश्लेषणात्मक उपकरण भी प्रदान कर रहा है।\n

    विस्तृत व्याख्या: हालिया चर्चाओं के अनुसार, AI जहाँ एक ओर मानव-केंद्रित गुणात्मक शोध (Ethnography) के जोखिम बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह बिग डेटा के विश्लेषण में अभूतपूर्व क्षमताएं प्रदान कर रहा है।

    \n

    \n

  46. \n\n

  47. डिजिटल प्रौद्योगिकियों के संदर्भ में ‘डिजिटल भेद्यता’ (Digital Vulnerability) का एक गंभीर उदाहरण क्या है?\n
      \n

    • (A) इंटरनेट की धीमी गति।
    • \n

    • (B) डिजिटल उपकरणों की उच्च कीमत।
    • \n

    • (C) डिजिटल माध्यमों द्वारा संचालित बाल यौन शोषण (Child Sexual Abuse) जैसी समस्याएँ।
    • \n

    • (D) सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताना।
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (C) डिजिटल माध्यमों द्वारा संचालित बाल यौन शोषण (Child Sexual Abuse) जैसी समस्याएँ।\n

    विस्तृत व्याख्या: समकालीन सामाजिक अध्ययनों ने उजागर किया है कि डिजिटल तकनीक ने शोषण के नए रास्ते खोले हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा के लिए नई नीतियों की आवश्यकता पैदा हुई है।

    \n

    \n

  48. \n\n

  49. ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) से क्या तात्पर्य हो सकता है?\n
      \n

    • (A) कंप्यूटर का उपयोग केवल उच्च जातियों द्वारा करना।
    • \n

    • (B) डिजिटल संसाधनों और सूचना तक पहुंच में जाति-आधारित असमानता का बने रहना।
    • \n

    • (C) जाति व्यवस्था का इंटरनेट पर समाप्त हो जाना।
    • \n

    • (D) केवल ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र बनाना।
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) डिजिटल संसाधनों और सूचना तक पहुंच में जाति-आधारित असमानता का बने रहना।\n

    विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा दर्शाती है कि कैसे पारंपरिक सामाजिक असमानताएँ (जैसे जाति) डिजिटल डिवाइड (Digital Divide) के रूप में नए रूप में सामने आती हैं, जहाँ वंचित वर्गों की तकनीक तक पहुंच सीमित रहती है।

    \n

    \n

  50. \n

सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

[कोर्स और फ्री नोट्स के लिए यहाँ क्लिक करें]

Leave a Comment