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समाजशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न: अपनी वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक कौशल को परखें

नमस्ते भावी समाजशास्त्रियों!

आज का यह दैनिक अभ्यास सेट आपकी वैचारिक स्पष्टता को चुनौती देने और आपकी विश्लेषणात्मक क्षमताओं को निखारने के लिए डिज़ाइन किया गया है। चाहे आप UGC-NET की तैयारी कर रहे हों या UPSC की, समाजशास्त्र के गहन सिद्धांतों और विचारकों पर पकड़ बनाना ही सफलता की कुंजी है। खुद को परखें, अपनी कमियों को पहचानें और निरंतर सुधार की ओर बढ़ें। चलिए, आज की बौद्धिक यात्रा शुरू करते हैं!


  1. कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति मुख्य रूप से किसके कारण उत्पन्न होती है?
    • (A) सामाजिक संबंधों की कमी
    • (B) पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली और निजी स्वामित्व
    • (C) धार्मिक विश्वासों का प्रभाव
    • (D) शिक्षा का अभाव

    सही उत्तर: (B) पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली और निजी स्वामित्व
    विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवाद में श्रमिक अपनी उत्पादित वस्तु, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः अपने स्वयं के मानवीय स्वभाव (Species-being) से अलग हो जाता है। यह अलगाव निजी संपत्ति और उत्पादन के साधनों पर पूंजीपतियों के नियंत्रण का परिणाम है। विकल्प (A) और (D) सामाजिक प्रभाव हो सकते हैं, लेकिन वे मूल कारण नहीं हैं।

  2. मैक्स वेबर ने ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) की अवधारणा क्यों विकसित की थी?
    • (A) समाज के लिए एक आदर्श मानक स्थापित करने के लिए
    • (B) वास्तविक सामाजिक घटनाओं के विश्लेषण के लिए एक तुलनात्मक उपकरण के रूप में
    • (C) यह सिद्ध करने के लिए कि समाज हमेशा आदर्श की ओर बढ़ता है
    • (D) केवल धार्मिक संस्थाओं के अध्ययन के लिए

    सही उत्तर: (B) वास्तविक सामाजिक घटनाओं के विश्लेषण के लिए एक तुलनात्मक उपकरण के रूप में
    विस्तृत व्याख्या: ‘आदर्श प्रारूप’ कोई वास्तविकता या नैतिक आदर्श नहीं है, बल्कि एक मानसिक निर्माण (Mental Construct) है। वेबर इसका उपयोग जटिल सामाजिक वास्तविकता की तुलना करने और उसे समझने के लिए एक ‘बेंचमार्क’ के रूप में करते थे। विकल्प (A) और (C) गलत हैं क्योंकि यह नैतिक आदर्श नहीं है।

  3. एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘यांत्रिक एकजुटता’ (Mechanical Solidarity) की मुख्य विशेषता क्या है?
    • (A) श्रम विभाजन का उच्च स्तर
    • (B) व्यक्तिगत भिन्नताओं का सम्मान
    • (C) सामूहिक चेतना (Collective Consciousness) की प्रबलता और समानता
    • (D) परस्पर निर्भरता पर आधारित समाज

    सही उत्तर: (C) सामूहिक चेतना (Collective Consciousness) की प्रबलता और समानता
    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Division of Labour in Society’ में बताया कि आदिम समाजों में लोग समान कार्यों को करते हैं और उनकी सोच एक जैसी होती है, जिसे यांत्रिक एकजुटता कहते हैं। विकल्प (A) और (D) ‘सावयवी एकजुटता’ (Organic Solidarity) की विशेषताएं हैं।

  4. टैल्कोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?
    • (A) अनुकूलन (Adaptation)
    • (B) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
    • (C) एकीकरण (Integration)
    • (D) स्वरूप अनुरक्षण (Latency/Pattern Maintenance)

    सही उत्तर: (D) स्वरूप अनुरक्षण (Latency/Pattern Maintenance)
    विस्तृत व्याख्या: AGIL मॉडल में ‘L’ का अर्थ है समाज के सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना और उन्हें नई पीढ़ी को हस्तांतरित करना (जैसे परिवार और शिक्षा के माध्यम से)। (A) अनुकूलन है, (B) लक्ष्य प्राप्ति और (C) एकीकरण।

  5. रॉबर्ट के. मर्टन द्वारा प्रतिपादित ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) में मुख्य अंतर क्या है?
    • (A) प्रकट कार्य हानिकारक होते हैं, अंतर्निहित कार्य लाभदायक
    • (B) प्रकट कार्य इच्छित और ज्ञात होते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं
    • (C) दोनों एक ही होते हैं, बस नाम अलग हैं
    • (D) अंतर्निहित कार्य केवल राजनीति में पाए जाते हैं

    सही उत्तर: (B) प्रकट कार्य इच्छित और ज्ञात होते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं
    विस्तृत व्याख्या: उदाहरण के लिए, कॉलेज जाने का प्रकट कार्य डिग्री प्राप्त करना है, लेकिन अंतर्निहित कार्य जीवनसाथी ढूंढना या सामाजिक नेटवर्क बनाना हो सकता है। विकल्प (A) गलत है क्योंकि दोनों सकारात्मक या नकारात्मक हो सकते हैं।

  6. जी.एच. मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) का विकास कैसे होता है?
    • (A) केवल जैविक वंशानुक्रम से
    • (B) सामाजिक अंतःक्रियाओं और प्रतीकात्मक संचार के माध्यम से
    • (C) अकेले चिंतन करने से
    • (D) केवल कानून के पालन से

    सही उत्तर: (B) सामाजिक अंतःक्रियाओं और प्रतीकात्मक संचार के माध्यम से
    विस्तृत व्याख्या: मीड का मानना था कि ‘स्व’ जन्मजात नहीं होता, बल्कि समाज में अन्य लोगों की प्रतिक्रियाओं को आत्मसात करने (Taking the role of the other) से विकसित होता है। इसे ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) कहा जाता है।

  7. ‘सामाजिक गतिशीलता’ (Social Mobility) का अर्थ है:
    • (A) एक स्थान से दूसरे स्थान पर प्रवास करना
    • (B) सामाजिक पदानुक्रम में एक स्थिति से दूसरी स्थिति में परिवर्तन
    • (C) केवल आर्थिक आय में वृद्धि
    • (D) राजनीतिक विचारधारा बदलना

    सही उत्तर: (B) सामाजिक पदानुक्रम में एक स्थिति से दूसरी स्थिति में परिवर्तन
    विस्तृत व्याख्या: जब कोई व्यक्ति अपनी सामाजिक स्थिति (जैसे जाति, वर्ग या पद) बदलता है, तो उसे सामाजिक गतिशीलता कहते हैं। यह क्षैतिज (Horizontal) या लंबवत (Vertical) हो सकती है। केवल भौतिक प्रवास (A) इसे नहीं दर्शाता।

  8. जब कोई व्यक्ति अपनी संस्कृति को सर्वश्रेष्ठ मानता है और दूसरों की संस्कृति को हीन समझता है, तो इस प्रवृत्ति को क्या कहा जाता है?
    • (A) सांस्कृतिक सापेक्षवाद (Cultural Relativism)
    • (B) संस्कृति सदृशता (Acculturation)
    • (C) नृजातीय केंद्रितता (Ethnocentrism)
    • (D) सांस्कृतिक प्रसार (Cultural Diffusion)

    सही उत्तर: (C) नृजातीय केंद्रितता (Ethnocentrism)
    विस्तृत व्याख्या: नृजातीय केंद्रितता का अर्थ है अपनी संस्कृति को केंद्र में रखकर दूसरों का मूल्यांकन करना। इसके विपरीत, ‘सांस्कृतिक सापेक्षवाद’ (A) का अर्थ है किसी संस्कृति को उसके अपने संदर्भ में समझना।

  9. दुर्खीम के अनुसार ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब:
    • (A) समाज में बहुत अधिक नियम होते हैं
    • (B) सामाजिक मानदंडों का अभाव होता है या वे टूट जाते हैं
    • (C) लोग बहुत अधिक धार्मिक हो जाते हैं
    • (D) आर्थिक समानता आ जाती है

    सही उत्तर: (B) सामाजिक मानदंडों का अभाव होता है या वे टूट जाते हैं
    विस्तृत व्याख्या: एनोमी (नियमहीनता) वह स्थिति है जहाँ समाज व्यक्ति की इच्छाओं को नियंत्रित करने में विफल रहता है, जो अक्सर तीव्र सामाजिक परिवर्तन या आर्थिक संकट के दौरान होता है।

  10. मार्क्स के ‘अलगाव’ के सिद्धांत में, ‘प्रजाति-होने’ (Species-being) से अलगाव का क्या अर्थ है?
    • (A) जानवरों से अलग होना
    • (B) अपनी रचनात्मक क्षमता और मानवीय सार को खो देना
    • (C) समाज से पूरी तरह कट जाना
    • (D) अन्य प्रजातियों के साथ युद्ध करना

    सही उत्तर: (B) अपनी रचनात्मक क्षमता और मानवीय सार को खो देना
    विस्तृत व्याख्या: मार्क्स का मानना था कि मनुष्य स्वभाव से रचनात्मक है। पूंजीवाद में जब वह केवल जीवित रहने के लिए मशीन की तरह काम करता है, तो वह अपनी उस रचनात्मकता (जो उसे मनुष्य बनाती है) से अलग हो जाता है।

  11. ‘पितृसत्तात्मक’ (Patrilineal) परिवार की मुख्य विशेषता क्या है?
    • (A) संपत्ति का हस्तांतरण माता से पुत्री को होता है
    • (B) वंश और संपत्ति का हस्तांतरण पिता से पुत्र को होता है
    • (C) परिवार का कोई निश्चित मुखिया नहीं होता
    • (D) विवाह केवल एक ही गोत्र में होता है

    सही उत्तर: (B) वंश और संपत्ति का हस्तांतरण पिता से पुत्र को होता है
    विस्तृत व्याख्या: पितृसत्तात्मक प्रणाली में पुरुष प्रधान होता है और वंश का नाम पिता के परिवार से चलता है। विकल्प (A) मातृसत्तात्मक (Matrilineal) प्रणाली की विशेषता है।

  12. दुर्खीम ने धर्म को ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र’ (Profane) के बीच के विभाजन के रूप में परिभाषित किया। यहाँ ‘पवित्र’ से क्या तात्पर्य है?
    • (A) केवल ईश्वर की मूर्तियाँ
    • (B) वे चीजें जिन्हें समाज विशेष सम्मान देता है और अलग रखता है
    • (C) वह सब कुछ जो मंदिर के भीतर है
    • (D) केवल नैतिक व्यवहार

    सही उत्तर: (B) वे चीजें जिन्हें समाज विशेष सम्मान देता है और अलग रखता है
    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के लिए ‘पवित्र’ कोई ईश्वरीय गुण नहीं, बल्कि एक सामाजिक निर्माण है। कोई भी वस्तु (जैसे राष्ट्रीय ध्वज या पवित्र वृक्ष) पवित्र हो सकती है यदि समाज उसे सामूहिक रूप से पवित्र माने।

  13. ‘हिडन करिकुलम’ (Hidden Curriculum) का तात्पर्य क्या है?
    • (A) वह पाठ्यक्रम जो गुप्त रूप से पढ़ाया जाता है
    • (B) औपचारिक पाठ्यपुस्तकों के अलावा वे मूल्य और व्यवहार जो छात्र अनौपचारिक रूप से सीखते हैं
    • (C) शिक्षकों द्वारा छिपाया गया ज्ञान
    • (D) केवल खेलकूद की गतिविधियाँ

    सही उत्तर: (B) औपचारिक पाठ्यपुस्तकों के अलावा वे मूल्य और व्यवहार जो छात्र अनौपचारिक रूप से सीखते हैं
    विस्तृत व्याख्या: स्कूलों में छात्र केवल गणित या विज्ञान नहीं सीखते, बल्कि वे अनुशासन, सत्ता का सम्मान और सामाजिक पदानुक्रम को भी सीखते हैं, जिसे ‘छिपा हुआ पाठ्यक्रम’ कहा जाता है।

  14. मैक्स वेबर ने ‘सत्ता’ (Authority) को किस प्रकार परिभाषित किया है?
    • (A) किसी को डराकर काम करवाना
    • (B) वैध शक्ति (Legitimate Power) जिसे लोग स्वीकार करते हैं
    • (C) केवल शारीरिक बल का प्रयोग
    • (D) धन के आधार पर प्रभाव डालना

    सही उत्तर: (B) वैध शक्ति (Legitimate Power) जिसे लोग स्वीकार करते हैं
    विस्तृत व्याख्या: वेबर के अनुसार, जब शक्ति ‘वैधता’ प्राप्त कर लेती है, तो वह सत्ता बन जाती है। उन्होंने सत्ता के तीन प्रकार बताए: पारंपरिक, करिश्माई और कानूनी-तार्किक।

  15. समाजशास्त्रीय अनुसंधान में ‘ट्राइएंगुलेशन’ (Triangulation) का क्या अर्थ है?
    • (A) केवल एक ही विधि का बार-बार उपयोग करना
    • (B) एक ही घटना के अध्ययन के लिए कई अलग-अलग विधियों (जैसे सर्वे और इंटरव्यू) का उपयोग करना
    • (C) आंकड़ों को त्रिभुज के आकार में प्रस्तुत करना
    • (D) केवल मात्रात्मक डेटा का उपयोग करना

    सही उत्तर: (B) एक ही घटना के अध्ययन के लिए कई अलग-अलग विधियों (जैसे सर्वे और इंटरव्यू) का उपयोग करना
    विस्तृत व्याख्या: ट्राइएंगुलेशन का उद्देश्य परिणामों की वैधता बढ़ाना है। जब विभिन्न विधियाँ एक ही निष्कर्ष पर पहुँचती हैं, तो शोध अधिक विश्वसनीय माना जाता है।

  16. ‘सहभागी अवलोकन’ (Participant Observation) विधि का मुख्य लाभ क्या है?
    • (A) यह बहुत कम समय लेती है
    • (B) इसमें शोधकर्ता को समूह का हिस्सा बनकर गहन और आंतरिक जानकारी मिलती है
    • (C) यह पूरी तरह से निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ होती है
    • (D) इसमें केवल आंकड़ों का खेल होता है

    सही उत्तर: (B) इसमें शोधकर्ता को समूह का हिस्सा बनकर गहन और आंतरिक जानकारी मिलती है
    विस्तृत व्याख्या: यह एक गुणात्मक विधि है जिसमें शोधकर्ता उस समुदाय के साथ रहता है जिसका वह अध्ययन कर रहा है। इससे वह उन बारीकियों को समझ पाता है जो केवल प्रश्नावली (Questionnaire) से संभव नहीं हैं।

  17. एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?
    • (A) उच्च जातियों का निचली जातियों के समान व्यवहार करना
    • (B) निचली जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना
    • (C) केवल संस्कृत भाषा सीखना
    • (D) विदेशी संस्कृतियों को अपनाना

    सही उत्तर: (B) निचली जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना
    विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास ने पाया कि कुछ निम्न जातियाँ अपनी सामाजिक स्थिति ऊपर उठाने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर ब्राह्मणों) के रीति-रिवाजों, शाकाहार और पूजा पद्धतियों को अपनाती हैं।

  18. जी.एस. घुर्ये ने जाति व्यवस्था की व्याख्या करते समय किस बात पर जोर दिया था?
    • (A) जाति पूरी तरह से एक आधुनिक निर्माण है
    • (B) जाति के छह प्रमुख लक्षण हैं, जिनमें अंतर्विवाह और पदानुक्रम शामिल हैं
    • (C) जाति का धर्म से कोई संबंध नहीं है
    • (D) जाति व्यवस्था केवल दक्षिण भारत में पाई जाती है

    सही उत्तर: (B) जाति के छह प्रमुख लक्षण हैं, जिनमें अंतर्विवाह और पदानुक्रम शामिल हैं
    विस्तृत व्याख्या: घुर्ये को भारतीय समाजशास्त्र का पिता माना जाता है। उन्होंने जाति की विशेषताओं जैसे खंडीय विभाजन, पदानुक्रम, और नागरिक/धार्मिक अक्षमताओं का विस्तृत विश्लेषण किया।

  19. वेरियर एल्विन का जनजातीय नीति के संबंध में क्या विचार था?
    • (A) जनजातियों का तेजी से आधुनिकीकरण किया जाना चाहिए
    • (B) जनजातियों को बाहरी हस्तक्षेप से बचाकर उनकी संस्कृति को संरक्षित (Isolation) करना चाहिए
    • (C) उन्हें जबरन मुख्यधारा के धर्म में परिवर्तित करना चाहिए
    • (D) जनजातियों का शहरीकरण अनिवार्य है

    सही उत्तर: (B) जनजातियों को बाहरी हस्तक्षेप से बचाकर उनकी संस्कृति को संरक्षित (Isolation) करना चाहिए
    विस्तृत व्याख्या: एल्विन का मानना था कि बाहरी हस्तक्षेप जनजातीय संस्कृति को नष्ट कर देता है और उन्हें गरीबी की ओर धकेलता है, इसलिए ‘ट्राइबल रिजर्व’ का विचार दिया गया था।

  20. समकालीन समाजशास्त्र में ‘डिजिटल जाति’ (Digital Caste) या ‘डिजिटल डिवाइड’ का क्या अर्थ है?
    • (A) इंटरनेट पर केवल जातिगत समाचार पढ़ना
    • (B) सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और डिजिटल संसाधनों तक पहुँच में जातिगत असमानता का बना रहना
    • (C) कंप्यूटर का उपयोग करके जाति गणना करना
    • (D) डिजिटल माध्यमों से जाति व्यवस्था का पूरी तरह समाप्त होना

    सही उत्तर: (B) सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और डिजिटल संसाधनों तक पहुँच में जातिगत असमानता का बना रहना
    विस्तृत व्याख्या: यह एक समकालीन मुद्दा है जहाँ यह देखा गया है कि शिक्षा और आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण हाशिए पर मौजूद जातियों की पहुँच तकनीक तक कम है, जिससे सामाजिक असमानता डिजिटल रूप में भी जारी है।

  21. एम.एन. श्रीनिवास के अनुसार ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) होने के लिए क्या आवश्यक है?
    • (A) केवल सबसे उच्च जाति होना
    • (B) संख्यात्मक शक्ति, भूमि स्वामित्व और राजनीतिक प्रभाव का संयोजन
    • (C) केवल धार्मिक ज्ञान होना
    • (D) शहर में रहना

    सही उत्तर: (B) संख्यात्मक शक्ति, भूमि स्वामित्व और राजनीतिक प्रभाव का संयोजन
    विस्तृत व्याख्या: प्रभावी जाति वह है जिसकी गाँव में संख्या अधिक हो, जिसके पास खेती योग्य जमीन ज्यादा हो और जिसका राजनीतिक प्रभाव हो, भले ही वह औपचारिक जाति पदानुक्रम में सर्वोच्च न हो।

  22. शहरी समाजशास्त्र में ‘जेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) क्या है?
    • (A) झुग्गी-झोपड़ियों का स्वतः विस्तार होना
    • (B) शहरी गरीब क्षेत्रों का पुनर्निर्माण और वहां उच्च आय वर्ग के लोगों का बसना, जिससे पुराने निवासी विस्थापित हो जाते हैं
    • (C) शहरों से गांवों की ओर पलायन
    • (D) केवल सड़कों का चौड़ीकरण करना

    सही उत्तर: (B) शहरी गरीब क्षेत्रों का पुनर्निर्माण और वहां उच्च आय वर्ग के लोगों का बसना, जिससे पुराने निवासी विस्थापित हो जाते हैं
    विस्तृत व्याख्या: यह एक शहरी प्रक्रिया है जिसमें पुराने या सस्ते इलाकों का नवीनीकरण किया जाता है, जिससे वहां रहने वाले गरीब लोग किराए और खर्च बढ़ने के कारण बाहर निकल जाते हैं और अमीर लोग वहां बस जाते हैं।

  23. ‘सापेक्ष गरीबी’ (Relative Poverty) से क्या तात्पर्य है?
    • (A) जब व्यक्ति अपनी बुनियादी जरूरतों (भोजन, कपड़ा, मकान) को पूरा न कर सके
    • (B) समाज के अन्य सदस्यों की तुलना में आय और संसाधनों की कमी होना
    • (C) जब व्यक्ति के पास बिल्कुल भी पैसा न हो
    • (D) केवल ग्रामीण क्षेत्रों में पाई जाने वाली गरीबी

    सही उत्तर: (B) समाज के अन्य सदस्यों की तुलना में आय और संसाधनों की कमी होना
    विस्तृत व्याख्या: ‘निरपेक्ष गरीबी’ (Absolute Poverty) न्यूनतम जरूरतों की कमी है, जबकि ‘सापेक्ष गरीबी’ समाज के जीवन स्तर के संदर्भ में मापी जाती है। एक व्यक्ति जिसके पास घर हो, वह भी सापेक्ष रूप से गरीब हो सकता है यदि उसके पड़ोसी के पास महल हो।

  24. जुडिथ बटलर (Judith Butler) की ‘जेंडर परफॉर्मेटिविटी’ (Gender Performativity) का मुख्य तर्क क्या है?
    • (A) लिंग जैविक रूप से निर्धारित होता है
    • (B) जेंडर एक आंतरिक सत्य है जो जन्म से मिलता है
    • (C) जेंडर कोई स्थिर पहचान नहीं है, बल्कि बार-बार किए गए सामाजिक व्यवहारों और कार्यों का परिणाम है
    • (D) पुरुष और महिला के बीच कोई अंतर नहीं होता

    सही उत्तर: (C) जेंडर कोई स्थिर पहचान नहीं है, बल्कि बार-बार किए गए सामाजिक व्यवहारों और कार्यों का परिणाम है
    विस्तृत व्याख्या: बटलर का तर्क है कि हम ‘महिला’ या ‘पुरुष’ पैदा नहीं होते, बल्कि समाज द्वारा निर्धारित भूमिकाओं को बार-बार दोहराकर (Perform करके) जेंडर पहचान बनाते हैं।

  25. अगस्त कॉम्टे के ‘तीन स्तरों के नियम’ (Law of Three Stages) का सही क्रम क्या है?
    • (A) आध्यात्मिक $\rightarrow$ तत्वमीमांसीय $\rightarrow$ प्रत्यक्षवादी (Theological $\rightarrow$ Metaphysical $\rightarrow$ Positive)
    • (B) प्रत्यक्षवादी $\rightarrow$ आध्यात्मिक $\rightarrow$ तत्वमीमांसीय
    • (C) तत्वमीमांसीय $\rightarrow$ प्रत्यक्षवादी $\rightarrow$ आध्यात्मिक
    • (D) इनमें से कोई नहीं

    सही उत्तर: (A) आध्यात्मिक $\rightarrow$ तत्वमीमांसीय $\rightarrow$ प्रत्यक्षवादी
    विस्तृत व्याख्या: कॉम्टे के अनुसार मानव चिंतन पहले दैवीय शक्तियों में विश्वास करता था (Theological), फिर अमूर्त शक्तियों/तर्क में (Metaphysical), और अंततः वैज्ञानिक अवलोकन और प्रमाणों पर आधारित हुआ (Positive)।


टिप: इन प्रश्नों का अभ्यास करते समय, केवल सही उत्तर न देखें, बल्कि विस्तृत व्याख्या को पढ़ें ताकि आपकी वैचारिक नींव मजबूत हो सके। कल फिर मिलेंगे एक नई चुनौती के साथ!

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