क्या आप समाजशास्त्र की जटिल अवधारणाओं और महान विचारकों के सिद्धांतों पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं? आज का यह अभ्यास सेट विशेष रूप से UGC-NET, UPSC और अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवारों के लिए तैयार किया गया है। अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता को चुनौती दें और समाजशास्त्र के गहन ज्ञान की ओर एक कदम और बढ़ाएं। चलिए, इस बौद्धिक यात्रा को शुरू करते हैं!
- ‘आत्महत्या’ (Suicide) के अध्ययन में एमिल दुर्खीम ने किस प्रकार की आत्महत्या को वह माना है जहाँ व्यक्ति सामाजिक मानदंडों के टूटने या स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव के कारण आत्महत्या करता है?
- (A) अहंवादी आत्महत्या (Egoistic Suicide)
- (B) पराई आत्महत्या (Altruistic Suicide)
- (C) विसंगतिपूर्ण/एनोमिक आत्महत्या (Anomic Suicide)
- (D) भाग्यवादी आत्महत्या (Fatalistic Suicide)
सही उत्तर: (C) विसंगतिपूर्ण/एनोमिक आत्महत्या (Anomic Suicide)
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ (Anomie) वह स्थिति है जहाँ समाज में नियमों का अभाव होता है या वे अप्रभावी हो जाते हैं, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। यह अक्सर अचानक आए आर्थिक बदलावों के दौरान होता है।
संदर्भ: यह अवधारणा दुर्खीम की प्रसिद्ध पुस्तक ‘Le Suicide’ (1897) में दी गई है।
गलत विकल्प: अहंवादी आत्महत्या तब होती है जब व्यक्ति समाज से बहुत अलग-थलग हो जाता है; पराई आत्महत्या तब होती है जब व्यक्ति समाज के प्रति अत्यधिक समर्पित होता है; और भाग्यवादी आत्महत्या अत्यधिक कठोर नियमों के कारण होती है। - मैक्स वेबर के अनुसार, ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) क्या है?
- (A) एक ऐसा समाज जो पूरी तरह से नैतिक हो।
- (B) एक वैचारिक उपकरण जो वास्तविकता के विश्लेषण के लिए बनाया गया एक मानसिक निर्माण है।
- (C) समाज का वह स्वरूप जिसे प्राप्त करना हर राष्ट्र का लक्ष्य होता है।
- (D) एक सांख्यिकीय औसत जो सामाजिक व्यवहार को दर्शाता है।
सही उत्तर: (B) एक वैचारिक उपकरण जो वास्तविकता के विश्लेषण के लिए बनाया गया एक मानसिक निर्माण है।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: ‘आदर्श प्रारूप’ वेबर द्वारा विकसित एक पद्धति है। यह वास्तविकता का सटीक वर्णन नहीं है, बल्कि एक ‘मानक’ है जिसके आधार पर समाजशास्त्री वास्तविक घटनाओं की तुलना और विश्लेषण करते हैं।
संदर्भ: वेबर की व्याख्यात्मक समाजशास्त्र (Interpretive Sociology) पद्धति का हिस्सा है।
गलत विकल्प: यह किसी ‘नैतिक आदर्श’ या ‘सांख्यिकीय औसत’ के बारे में नहीं है, बल्कि एक विश्लेषणात्मक मॉडल है। - कार्ल मार्क्स के ‘ऐतिहासिक भौतिकवाद’ (Historical Materialism) का मुख्य आधार क्या है?
- (A) विचारों का विकास समाज को बदलता है।
- (B) उत्पादन की शक्तियाँ और उत्पादन के संबंध समाज के आधार (Base) का निर्माण करते हैं।
- (C) धर्म समाज के परिवर्तन का प्राथमिक चालक है।
- (D) केवल राजनीतिक इच्छाशक्ति ही सामाजिक परिवर्तन ला सकती है।
सही उत्तर: (B) उत्पादन की शक्तियाँ और उत्पादन के संबंध समाज के आधार (Base) का निर्माण करते हैं।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: मार्क्स का मानना था कि समाज की आर्थिक संरचना (आधार) यह निर्धारित करती है कि उसके कानूनी, राजनीतिक और सांस्कृतिक संस्थान (अधिरचना/Superstructure) कैसे होंगे।
संदर्भ: यह मार्क्स के द्वंद्वात्मक भौतिकवाद (Dialectical Materialism) का विस्तार है।
गलत विकल्प: विकल्प (A) हेगेल के विचारों के करीब है, जबकि मार्क्स ने विचारों के बजाय भौतिक स्थितियों को महत्व दिया। - टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ का क्या अर्थ है?
- (A) Legitimization (वैधीकरण)
- (B) Latency (सुप्तता/तनाव प्रबंधन)
- (C) Linearization (रैखिकीकरण)
- (D) Localization (स्थानीयकरण)
सही उत्तर: (B) Latency (सुप्तता/तनाव प्रबंधन)
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का अर्थ है समाज में सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना और आंतरिक तनाव को प्रबंधित करना ताकि प्रणाली स्थिर रहे।
संदर्भ: यह पार्सन्स के ‘स्ट्रक्चरल फंक्शनलिज्म’ (संरचनात्मक प्रकार्यवाद) का हिस्सा है।
गलत विकल्प: Legitimization अन्य सिद्धांतों का हिस्सा हो सकता है, लेकिन पार्सन्स के इस विशिष्ट मॉडल में Latency का उपयोग किया गया है। - रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?
- (A) प्रकट कार्य अनपेक्षित होते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य इच्छित होते हैं।
- (B) प्रकट कार्य इच्छित और मान्यता प्राप्त होते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।
- (C) दोनों एक ही हैं, बस नाम अलग हैं।
- (D) अंतर्निहित कार्य हमेशा समाज के लिए हानिकारक होते हैं।
सही उत्तर: (B) प्रकट कार्य इच्छित और मान्यता प्राप्त होते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: उदाहरण के लिए, शिक्षा का ‘प्रकट कार्य’ ज्ञान देना है, लेकिन इसका ‘अंतर्निहित कार्य’ बच्चों को सामाजिक नेटवर्क बनाना या विवाह के लिए साथी खोजना हो सकता है।
संदर्भ: मर्टन ने इसे प्रकार्यवाद (Functionalism) को अधिक लचीला बनाने के लिए पेश किया।
गलत विकल्प: विकल्प (A) परिभाषा को उलट देता है। विकल्प (D) गलत है क्योंकि अंतर्निहित कार्य सकारात्मक भी हो सकते हैं। - जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) के विकास में ‘Me’ (मैं/सामाजिक स्व) का क्या अर्थ है?
- (A) व्यक्ति की सहज और स्वाभाविक प्रतिक्रिया।
- (B) समाज द्वारा थोपे गए नियम और अपेक्षाओं का आंतरिक रूप।
- (C) व्यक्ति का जैविक अस्तित्व।
- (D) केवल बचपन का वह चरण जहाँ बच्चा नकल करता है।
सही उत्तर: (B) समाज द्वारा थोपे गए नियम और अपेक्षाओं का आंतरिक रूप।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: मीड के अनुसार, ‘I’ व्यक्ति की रचनात्मक और स्वतःस्फूर्त प्रतिक्रिया है, जबकि ‘Me’ वह सामाजिक दर्पण है जिसके माध्यम से व्यक्ति खुद को दूसरों की नजरों से देखता है।
संदर्भ: यह प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) का मूल आधार है।
गलत विकल्प: विकल्प (A) ‘I’ (स्वयं) की परिभाषा है। - सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) के संदर्भ में ‘डेविस और मूर’ (Davis and Moore) का तर्क क्या था?
- (A) स्तरीकरण समाज में अन्याय का परिणाम है।
- (B) स्तरीकरण एक कार्यात्मक आवश्यकता है ताकि सबसे योग्य लोग सबसे कठिन पदों पर आ सकें।
- (C) जाति व्यवस्था स्तरीकरण का एकमात्र रूप है।
- (D) स्तरीकरण को पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए।
सही उत्तर: (B) स्तरीकरण एक कार्यात्मक आवश्यकता है ताकि सबसे योग्य लोग सबसे कठिन पदों पर आ सकें।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: डेविस और मूर ने तर्क दिया कि समाज कुछ पदों को दूसरों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण मानता है, और उन्हें भरने के लिए उच्च पुरस्कार (धन, प्रतिष्ठा) दिए जाते हैं ताकि प्रतिभाशाली लोग वहां पहुँचें।
संदर्भ: इसे ‘स्तरीकरण का कार्यात्मक सिद्धांत’ कहा जाता है।
गलत विकल्प: विकल्प (A) संघर्ष सिद्धांत (Conflict Theory) का दृष्टिकोण है। - एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?
- (A) निचली जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और विचारधाराओं को अपनाना।
- (B) उच्च जातियों का निम्न जातियों के साथ घुलना-मिलना।
- (C) केवल संस्कृत भाषा का ज्ञान प्राप्त करना।
- (D) पश्चिमी संस्कृति को भारतीय संस्कृति में मिलाना।
सही उत्तर: (A) निचली जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और विचारधाराओं को अपनाना।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें कोई निम्न जाति या जनजाति अपनी स्थिति सुधारने के लिए द्विजातीय (Twice-born) जातियों के रीति-रिवाजों, शाकाहार और अनुष्ठानों को अपनाती है।
संदर्भ: एम.एन. श्रीनिवास ने अपनी पुस्तक ‘Religion and Society among the Coorgs of South India’ में इसे विस्तार से समझाया।
गलत विकल्प: यह केवल भाषा सीखने या पश्चिमीकरण के बारे में नहीं है। - ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा से क्या तात्पर्य है?
- (A) वह जाति जिसकी जनसंख्या सबसे अधिक हो।
- (B) वह जाति जिसके पास भूमि का स्वामित्व, संख्यात्मक शक्ति और राजनीतिक प्रभाव हो।
- (C) वह जाति जो केवल धार्मिक रूप से उच्च हो।
- (D) वह जाति जो शहर में सबसे अधिक विकसित हो।
सही उत्तर: (B) वह जाति जिसके पास भूमि का स्वामित्व, संख्यात्मक शक्ति और राजनीतिक प्रभाव हो।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: श्रीनिवास के अनुसार, एक जाति तब ‘प्रभावी’ होती है जब वह आर्थिक रूप से सशक्त (मुख्यतः भूमि के माध्यम से), संख्या में पर्याप्त और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली हो।
संदर्भ: यह ग्रामीण भारतीय समाज के शक्ति संबंधों को समझने का एक तरीका है।
गलत विकल्प: केवल जनसंख्या या केवल धार्मिक स्थिति इसे ‘प्रभावी’ बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है। - जी.एस. घुर्ये ने भारतीय जाति व्यवस्था को किस रूप में देखा?
- (A) एक शुद्ध व्यावसायिक विभाजन के रूप में।
- (B) एक जटिल सामाजिक संरचना के रूप में जिसमें नस्लीय तत्व और श्रेणीबद्धता शामिल है।
- (C) केवल एक धार्मिक भ्रम के रूप में।
- (D) एक विदेशी आयात के रूप में जिसे हटाया जा सकता है।
सही उत्तर: (B) एक जटिल सामाजिक संरचना के रूप में जिसमें नस्लीय तत्व और श्रेणीबद्धता शामिल है।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: घुर्ये ने जाति के विभिन्न लक्षणों (जैसे अंतर्विवाह, श्रेणीबद्धता) का विश्लेषण किया और इसे भारतीय समाज की एक अंतर्निहित विशेषता माना।
संदर्भ: घुर्ये को ‘भारतीय समाजशास्त्र का पिता’ कहा जाता है।
गलत विकल्प: उन्होंने जाति को केवल व्यावसायिक या बाहरी प्रभाव नहीं माना। - अगस्त कॉम्टे द्वारा प्रतिपादित ‘प्रत्यक्षवाद’ (Positivism) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- (A) समाज को केवल दर्शन के माध्यम से समझना।
- (B) सामाजिक घटनाओं का अध्ययन प्राकृतिक विज्ञानों (जैसे भौतिकी) की तरह अनुभवजन्य और वैज्ञानिक विधियों से करना।
- (C) समाज को ईश्वर की इच्छा के रूप में देखना।
- (D) केवल व्यक्तिगत अनुभवों पर ध्यान केंद्रित करना।
सही उत्तर: (B) सामाजिक घटनाओं का अध्ययन प्राकृतिक विज्ञानों (जैसे भौतिकी) की तरह अनुभवजन्य और वैज्ञानिक विधियों से करना।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: प्रत्यक्षवाद का मानना है कि समाज में भी कुछ सार्वभौमिक नियम होते हैं जिन्हें अवलोकन (Observation), प्रयोग (Experiment) और तुलना (Comparison) के माध्यम से खोजा जा सकता है।
संदर्भ: ऑगस्ट कॉम्टे ने समाजशास्त्र को ‘सामाजिक भौतिकी’ (Social Physics) कहना चाहा था।
गलत विकल्प: यह आध्यात्मिक या केवल व्यक्तिगत दृष्टिकोण के विरुद्ध है। - अल्फ्रेड शुट्ज़ द्वारा विकसित ‘घटनाक्रियाविज्ञान’ (Phenomenology) किस बात पर जोर देता है?
- (A) बड़े सामाजिक आंकड़ों के विश्लेषण पर।
- (B) व्यक्ति के अपने जीवन के अनुभवों और उनके द्वारा दिए गए अर्थों पर।
- (C) केवल सरकारी कानूनों के प्रभाव पर।
- (D) जैविक विकास के सिद्धांतों पर।
सही उत्तर: (B) व्यक्ति के अपने जीवन के अनुभवों और उनके द्वारा दिए गए अर्थों पर।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: घटनाक्रियाविज्ञान इस बात का अध्ययन करता है कि लोग अपनी दैनिक दुनिया का अनुभव कैसे करते हैं और सामाजिक वास्तविकता का निर्माण कैसे करते हैं।
संदर्भ: यह सूक्ष्म-समाजशास्त्र (Micro-Sociology) का एक प्रमुख हिस्सा है।
गलत विकल्प: यह बड़े डेटा या जैविक कारकों के बजाय ‘व्यक्तिपरक अर्थ’ (Subjective Meaning) पर केंद्रित है। - ‘नृवंशविज्ञान’ (Ethnography) अनुसंधान की कौन सी विधि है?
- (A) केवल प्रश्नावली (Questionnaire) आधारित सर्वेक्षण।
- (B) गहन सहभागी अवलोकन (Participant Observation) और क्षेत्र कार्य।
- (C) प्रयोगशाला में नियंत्रित प्रयोग।
- (D) केवल पुराने दस्तावेजों का विश्लेषण।
सही उत्तर: (B) गहन सहभागी अवलोकन (Participant Observation) और क्षेत्र कार्य।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: नृवंशविज्ञान में शोधकर्ता उस समुदाय के बीच जाकर रहता है जिसका वह अध्ययन करना चाहता है, ताकि उनकी संस्कृति और व्यवहार को गहराई से समझ सके।
संदर्भ: यह गुणात्मक अनुसंधान (Qualitative Research) की एक महत्वपूर्ण विधि है।
गलत विकल्प: सर्वेक्षण (A) और प्रयोग (C) मात्रात्मक विधियां हैं। - ‘संयुक्त परिवार’ (Joint Family) की मुख्य विशेषता क्या है?
- (A) केवल माता-पिता और उनके अविवाहित बच्चे।
- (B) कई पीढ़ियों का एक साथ रहना, साझा रसोई और साझा संपत्ति।
- (C) केवल पति-पत्नी का साथ रहना।
- (D) केवल रक्त संबंधियों का अलग-अलग रहना।
सही उत्तर: (B) कई पीढ़ियों का एक साथ रहना, साझा रसोई और साझा संपत्ति।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: संयुक्त परिवार में आमतौर पर तीन या अधिक पीढ़ियां एक ही छत के नीचे रहती हैं और आर्थिक रूप से एक-दूसरे पर निर्भर होती हैं।
संदर्भ: भारतीय समाज में संयुक्त परिवार की संरचना पर व्यापक अध्ययन हुए हैं।
गलत विकल्प: विकल्प (A) एकल परिवार (Nuclear Family) की परिभाषा है। - मैक्स वेबर की पुस्तक ‘The Protestant Ethic and the Spirit of Capitalism’ में उन्होंने किस विचार को जोड़ा है?
- (A) पूंजीवाद केवल लालच का परिणाम है।
- (B) प्रोटेस्टेंट धर्म (विशेषकर केल्विनवाद) के मूल्यों ने पूंजीवाद के उदय में मदद की।
- (C) धर्म हमेशा आर्थिक प्रगति में बाधा डालता है।
- (D) पूंजीवाद का संबंध केवल तकनीक से है।
सही उत्तर: (B) प्रोटेस्टेंट धर्म (विशेषकर केल्विनवाद) के मूल्यों ने पूंजीवाद के उदय में मदद की।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: वेबर ने तर्क दिया कि ‘कठोर परिश्रम’, ‘मितव्ययिता’ और ‘ईश्वरीय चुनाव’ जैसे धार्मिक विश्वासों ने पूंजी संचय को बढ़ावा दिया, जिससे आधुनिक पूंजीवाद का जन्म हुआ।
संदर्भ: यह समाजशास्त्र में धर्म और अर्थव्यवस्था के अंतर्संबंधों का सबसे महत्वपूर्ण अध्ययन है।
गलत विकल्प: वेबर ने केवल आर्थिक कारणों (जैसे मार्क्स) को नहीं, बल्कि सांस्कृतिक कारणों को भी महत्व दिया। - लुई विर्थ (Louis Wirth) के अनुसार ‘शहरीकरण’ (Urbanism) क्या है?
- (A) केवल जनसंख्या का बढ़ना।
- (B) जीवन जीने का एक तरीका (Way of Life) जो घनी जनसंख्या और विविधता से प्रेरित है।
- (C) गांवों का शहरों में बदलना।
- (D) केवल गगनचुंबी इमारतों का निर्माण।
सही उत्तर: (B) जीवन जीने का एक तरीका (Way of Life) जो घनी जनसंख्या और विविधता से प्रेरित है।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: विर्थ ने तर्क दिया कि शहर केवल भौतिक स्थान नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक संबंधों को बदलते हैं, जिससे संबंध अधिक औपचारिक और सतही (Superficial) हो जाते हैं।
संदर्भ: यह शहरी समाजशास्त्र (Urban Sociology) की एक आधारभूत अवधारणा है।
गलत विकल्प: विकल्प (A) और (C) शहरीकरण की जनसांख्यिकीय परिभाषाएं हैं, लेकिन विर्थ ने इसके ‘सामाजिक अनुभव’ पर जोर दिया। - ‘जेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) शब्द का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या है?
- (A) शहरी गरीबों का शहर छोड़ना।
- (B) निम्न आय वाले शहरी क्षेत्रों का पुनर्विकास जिससे उच्च आय वाले लोग वहां बसते हैं और मूल निवासी विस्थापित हो जाते हैं।
- (C) ग्रामीण क्षेत्रों का औद्योगिकरण।
- (D) झुग्गी-झोपड़ियों का पूरी तरह समाप्त होना।
सही उत्तर: (B) निम्न आय वाले शहरी क्षेत्रों का पुनर्विकास जिससे उच्च आय वाले लोग वहां बसते हैं और मूल निवासी विस्थापित हो जाते हैं।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: यह एक ऐसी प्रक्रिया है जहाँ पुराने शहरी इलाकों को ‘पॉलिश’ किया जाता है, जिससे वहां संपत्ति की कीमतें बढ़ती हैं और पुराने गरीब निवासी बाहर निकल जाते हैं।
संदर्भ: यह समकालीन शहरी समाजशास्त्र और वर्ग संघर्ष का विषय है।
गलत विकल्प: यह केवल ‘झुग्गियों के हटने’ जैसा सरल नहीं है, बल्कि इसमें वर्ग विस्थापन शामिल है। - समकालीन समाजशास्त्र में ‘डिजिटल डिवाइड’ (Digital Divide) का क्या अर्थ है?
- (A) कंप्यूटर का उपयोग करना और न करना।
- (B) सूचना और संचार तकनीक (ICT) तक पहुंच रखने वाले और इससे वंचित लोगों के बीच की सामाजिक-आर्थिक खाई।
- (C) केवल इंटरनेट की गति में अंतर।
- (D) डिजिटल भुगतान और नकद भुगतान के बीच का अंतर।
सही उत्तर: (B) सूचना और संचार तकनीक (ICT) तक पहुंच रखने वाले और इससे वंचित लोगों के बीच की सामाजिक-आर्थिक खाई।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: यह केवल तकनीक की उपलब्धता नहीं है, बल्कि यह इस बात से जुड़ा है कि जाति, वर्ग और लिंग कैसे तकनीक तक पहुंच को प्रभावित करते हैं।
संदर्भ: हालिया शोध (जैसे WIRED और Nature में चर्चा) यह बताते हैं कि कैसे AI और डेटा तकनीक सामाजिक असमानताओं को और गहरा कर सकती हैं।
गलत विकल्प: यह केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि एक सामाजिक समस्या है। - दुर्खीम द्वारा परिभाषित ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र/लौकिक’ (Profane) के बीच का मुख्य अंतर क्या है?
- (A) पवित्र वह है जो सुंदर है, और अपवित्र वह जो कुरूप है।
- (B) पवित्र वह है जिसे समाज ने विशेष और वर्जित (Set apart) माना है, जबकि अपवित्र दैनिक जीवन की सामान्य वस्तुएं हैं।
- (C) पवित्र केवल मंदिरों में होता है और अपवित्र घरों में।
- (D) इन दोनों के बीच कोई वास्तविक अंतर नहीं होता।
सही उत्तर: (B) पवित्र वह है जिसे समाज ने विशेष और वर्जित (Set apart) माना है, जबकि अपवित्र दैनिक जीवन की सामान्य वस्तुएं हैं।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: दुर्खीम के अनुसार, धर्म का मूल आधार वस्तुओं का यह विभाजन है। कोई वस्तु पवित्र तब बनती है जब समाज उसे सामूहिक विश्वास के माध्यम से विशेष दर्जा देता है।
संदर्भ: यह अवधारणा फिल गोर्स्की जैसे आधुनिक विद्वानों द्वारा भी ‘पवित्रता के इतिहास’ (History of the Sacred) के अध्ययन में उपयोग की जा रही है।
गलत विकल्प: यह सुंदरता या स्थान (मंदिर/घर) के बारे में नहीं, बल्कि सामाजिक अर्थ के बारे में है। - सामाजिक परिवर्तन के ‘रेखीय सिद्धांत’ (Linear Theory) का क्या अर्थ है?
- (A) समाज एक चक्र में घूमता है।
- (B) समाज एक निश्चित दिशा में (जैसे आदिम से आधुनिक की ओर) निरंतर विकसित होता है।
- (C) समाज में कोई परिवर्तन नहीं होता।
- (D) परिवर्तन अचानक और हिंसक होता है।
सही उत्तर: (B) समाज एक निश्चित दिशा में (जैसे आदिम से आधुनिक की ओर) निरंतर विकसित होता है।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: रेखीय सिद्धांत मानते हैं कि विकास एक सीधी रेखा में होता है, जहाँ समाज सरल अवस्था से जटिल और उन्नत अवस्था की ओर बढ़ता है।
संदर्भ: अगस्त कॉम्टे और हर्बर्ट स्पेंसर के विकासवादी सिद्धांत इसके उदाहरण हैं।
गलत विकल्प: विकल्प (A) चक्रीय सिद्धांत (Cyclical Theory) है, जैसे कि पारसोन्स या टोयन्बी के विचार। - ‘लेबलिंग सिद्धांत’ (Labeling Theory) के अनुसार अपराध क्या है?
- (A) जन्मजात मानसिक बीमारी का परिणाम।
- (B) समाज द्वारा किसी व्यक्ति को ‘अपराधी’ के रूप में चिह्नित करने की प्रक्रिया का परिणाम।
- (C) केवल गरीबी और भूख का परिणाम।
- (D) कानून का जानबूझकर किया गया उल्लंघन।
सही उत्तर: (B) समाज द्वारा किसी व्यक्ति को ‘अपराधी’ के रूप में चिह्नित करने की प्रक्रिया का परिणाम।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: इस सिद्धांत के अनुसार, कोई कार्य अपने आप में ‘अपराध’ नहीं होता, बल्कि जब शक्तिशाली समूह उस व्यक्ति पर ‘अपराधी’ का लेबल लगा देते हैं, तो वह व्यक्ति उसी पहचान को अपना लेता है (Secondary Deviance)।
संदर्भ: यह हावर्ड बेकर (Howard Becker) द्वारा विकसित सिद्धांत है।
गलत विकल्प: यह जैविक या केवल आर्थिक कारणों पर आधारित नहीं है। - ‘पितृसत्ता’ (Patriarchy) की समाजशास्त्रीय परिभाषा क्या है?
- (A) केवल पिता का अपने बच्चों पर अधिकार।
- (B) एक सामाजिक व्यवस्था जिसमें पुरुष सत्ता का केंद्र होते हैं और महिलाओं का उत्पीड़न या अधीनता होती है।
- (C) पुरुषों और महिलाओं के बीच समान कार्य विभाजन।
- (D) केवल ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित पारिवारिक ढांचा।
सही उत्तर: (B) एक सामाजिक व्यवस्था जिसमें पुरुष सत्ता का केंद्र होते हैं और महिलाओं का उत्पीड़न या अधीनता होती है।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: पितृसत्ता केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजनीति, अर्थव्यवस्था और संस्कृति में पुरुषों के वर्चस्व की एक व्यापक संरचना है।
संदर्भ: सिल्विया वाल्बी (Sylvia Walby) जैसे नारीवादी समाजशास्त्रियों ने इसका गहराई से विश्लेषण किया है।
गलत विकल्प: यह केवल पिता के अधिकार या ग्रामीण ढांचे तक सीमित नहीं है। - जॉर्ज सिमेल (Georg Simmel) ने ‘शहरी जीवन’ के मनोवैज्ञानिक प्रभाव के बारे में क्या कहा था?
- (A) शहरी लोग अधिक भावनात्मक होते हैं।
- (B) शहरी वातावरण व्यक्ति को ‘ब्लाज़’ (Blasé attitude) या उदासीन बना देता है।
- (C) शहर लोगों को अधिक सामाजिक और मिलनसार बनाते हैं।
- (D) शहरी जीवन तनावमुक्त होता है।
सही उत्तर: (B) शहरी वातावरण व्यक्ति को ‘ब्लाज़’ (Blasé attitude) या उदासीन बना देता है।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: सिमेल का मानना था कि शहर में सूचनाओं और उत्तेजनाओं की अधिकता के कारण व्यक्ति खुद को बचाने के लिए एक मनोवैज्ञानिक सुरक्षा कवच बना लेता है, जिससे वह दूसरों के प्रति उदासीन हो जाता है।
संदर्भ: सिमेल का निबंध ‘The Metropolis and Mental Life’ अत्यंत प्रभावशाली है।
गलत विकल्प: शहरी जीवन भावनात्मक निकटता के बजाय औपचारिक दूरी पैदा करता है। - ‘सांस्कृतिक पिछड़ापन’ (Cultural Lag) की अवधारणा किसने दी थी?
- (A) एमिल दुर्खीम
- (B) विलियम एफ. ओगबर्न (William F. Ogburn)
- (C) कार्ल मार्क्स
- (D) मैक्स वेबर
सही उत्तर: (B) विलियम एफ. ओगबर्न (William F. Ogburn)
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: ओगबर्न के अनुसार, जब भौतिक संस्कृति (तकनीक) तेजी से बदलती है, लेकिन गैर-भौतिक संस्कृति (मूल्य, विश्वास, नियम) धीमी गति से बदलती है, तो उनके बीच एक अंतराल पैदा होता है जिसे ‘सांस्कृतिक पिछड़ापन’ कहते हैं।
संदर्भ: यह समाजशास्त्र में सामाजिक परिवर्तन को समझने का एक प्रमुख सिद्धांत है।
गलत विकल्प: अन्य विचारक विकास या संघर्ष की बात करते हैं, लेकिन इस विशिष्ट ‘लैग’ की अवधारणा ओगबर्न की है। - ‘जाति’ और ‘वर्ग’ के बीच मुख्य अंतर क्या है?
- (A) जाति अर्जित होती है, वर्ग जन्मजात होता है।
- (B) जाति बंद स्तरीकरण (Closed Stratification) है, जबकि वर्ग खुला स्तरीकरण (Open Stratification) है।
- (C) वर्ग केवल भारत में पाया जाता है, जाति पूरी दुनिया में।
- (D) दोनों में कोई अंतर नहीं है।
सही उत्तर: (B) जाति बंद स्तरीकरण (Closed Stratification) है, जबकि वर्ग खुला स्तरीकरण (Open Stratification) है।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: जाति में व्यक्ति की स्थिति जन्म से निर्धारित होती है और इसे बदला नहीं जा सकता (बंद)। वर्ग में व्यक्ति अपनी शिक्षा, आय और उपलब्धि के आधार पर अपनी स्थिति बदल सकता है (खुला)।
संदर्भ: यह सामाजिक स्तरीकरण के मूल सिद्धांतों का हिस्सा है।
गलत विकल्प: विकल्प (A) बिल्कुल उल्टा है। - ‘दृश्यता’ (Visibility) और ‘निगरानी’ (Surveillance) के समाजशास्त्र में मिशेल फूको (Michel Foucault) के ‘पैनोप्टिकॉन’ (Panopticon) का क्या अर्थ है?
- (A) एक ऐसा जेल जहाँ कैदियों को पूरी आजादी हो।
- (B) एक ऐसी निगरानी प्रणाली जहाँ व्यक्ति को लगता है कि उसे हर समय देखा जा रहा है, जिससे वह खुद को नियंत्रित करने लगता है।
- (C) एक ऐसी मशीन जो समाज का डेटा एकत्र करती है।
- (D) केवल सीसीटीवी कैमरों का उपयोग।
सही उत्तर: (B) एक ऐसी निगरानी प्रणाली जहाँ व्यक्ति को लगता है कि उसे हर समय देखा जा रहा है, जिससे वह खुद को नियंत्रित करने लगता है।
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: फूको ने जेरेमी बेंथम के पैनोप्टिकॉन का उपयोग यह समझाने के लिए किया कि आधुनिक समाज (अस्पताल, स्कूल, जेल) कैसे ‘अनुशासन’ और ‘निगरानी’ के माध्यम से लोगों के व्यवहार को नियंत्रित करते हैं।
संदर्भ: यह उनकी पुस्तक ‘Discipline and Punish’ का मुख्य विचार है।
गलत विकल्प: यह केवल कैमरों के बारे में नहीं, बल्कि ‘शक्ति’ (Power) और ‘ज्ञान’ के संबंध के बारे में है।
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