समाजशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न: अपनी वैचारिक स्पष्टता को परखें
क्या आप प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी समाजशास्त्रीय समझ को गहरा करना चाहते हैं? “The Sociology Scholar” द्वारा प्रस्तुत यह दैनिक क्विज़ आपके लिए एक बौद्धिक चुनौती है। यह सेट कार्ल मार्क्स से लेकर समकालीन सामाजिक मुद्दों तक, समाजशास्त्र के हर पहलू को समाहित करता है। अपनी वैचारिक स्पष्टता का परीक्षण करें, अपने ज्ञान का विस्तार करें, और हर दिन अपनी तैयारी को एक नई ऊँचाई दें!
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कार्ल मार्क्स के अनुसार, पूँजीवादी समाज में श्रमिक अपने श्रम के उत्पाद, स्वयं की गतिविधि और प्रजाति-सार (species-essence) से कट जाते हैं। यह अवधारणा क्या कहलाती है?
- अलगाव (Alienation)
- एनोमी (Anomie)
- सांस्कृतिक पिछड़ापन (Cultural Lag)
- तर्कसंगतता (Rationalization)
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: कार्ल मार्क्स ने ‘अलगाव’ (Alienation) की अवधारणा का उपयोग पूँजीवादी उत्पादन प्रणाली में श्रमिकों के अनुभव का वर्णन करने के लिए किया था, जहाँ वे अपने श्रम, उसके उत्पादों, सहकर्मियों और अपनी मानवीय क्षमता से कट जाते हैं। यह उनकी प्रमुख आलोचनाओं में से एक है।
संदर्भ: मार्क्स की पुस्तक ‘आर्थिक और दार्शनिक हस्तलिपियाँ 1844’ (Economic and Philosophic Manuscripts of 1844) में इस अवधारणा का विस्तार से वर्णन किया गया है।
गलत विकल्प: एनोमी दुर्खीम से संबंधित है; सांस्कृतिक पिछड़ापन ऑगबर्न से; तर्कसंगतता वेबर से।
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मैक्स वेबर ने एक सामाजिक क्रिया को समझने के लिए जिस विधि का समर्थन किया, उसे क्या कहा जाता है, जिसमें शोधकर्ता दूसरों के व्यक्तिपरक अर्थों और उद्देश्यों को समझने का प्रयास करता है?
- प्रत्यक्षवाद (Positivism)
- वर्थस्टीहन (Verstehen)
- कार्यात्मकता (Functionalism)
- द्वंद्ववाद (Dialectics)
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: मैक्स वेबर ने ‘वर्थस्टीहन’ (Verstehen) की अवधारणा का उपयोग सामाजिक वैज्ञानिकों द्वारा सामाजिक क्रियाओं के व्यक्तिपरक अर्थ को समझने की आवश्यकता पर बल देने के लिए किया था। यह सहानुभूतिपूर्ण समझ पर आधारित एक व्याख्यात्मक विधि है।
संदर्भ: यह वेबर के व्याख्यात्मक समाजशास्त्र का केंद्रीय तत्व है, जैसा कि उनकी पुस्तक ‘अर्थव्यवस्था और समाज’ (Economy and Society) में वर्णित है।
गलत विकल्प: प्रत्यक्षवाद कॉम्पट और दुर्खीम से जुड़ा है; कार्यात्मकता दुर्खीम और पार्सन्स से; द्वंद्ववाद मार्क्स से।
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एमाइल दुर्खीम ने ‘श्रम विभाजन’ की अवधारणा का उपयोग यह समझाने के लिए किया कि आधुनिक समाजों में सामाजिक एकता कैसे बनाए रखी जाती है। उन्होंने दो प्रकार की एकजुटता की बात की – यांत्रिक और ________?
- सामुदायिक (Communal)
- पारंपरिक (Traditional)
- जैविक (Organic)
- नैतिक (Moral)
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: दुर्खीम ने ‘श्रम विभाजन’ (Division of Labour) के माध्यम से यांत्रिक (Mechanical) और जैविक (Organic) एकजुटता की अवधारणा दी। यांत्रिक एकजुटता सरल समाजों में समानता पर आधारित होती है, जबकि जैविक एकजुटता आधुनिक समाजों में कार्यात्मक निर्भरता पर आधारित होती है।
संदर्भ: यह अवधारणा उनकी प्रसिद्ध पुस्तक ‘द डिवीज़न ऑफ लेबर इन सोसाइटी’ (The Division of Labor in Society) में विस्तार से वर्णित है।
गलत विकल्प: अन्य विकल्प सामाजिक एकजुटता के दुर्खीम के वर्गीकरण में शामिल नहीं हैं।
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टालकॉट पार्सन्स के अनुसार, एक सामाजिक प्रणाली को संतुलन बनाए रखने के लिए चार कार्यात्मक आवश्यकताओं को पूरा करना होता है। AGIL मॉडल में ‘I’ किसका प्रतिनिधित्व करता है?
- अभिविन्यास (Orientation)
- एकीकरण (Integration)
- पहचान (Identity)
- नवाचार (Innovation)
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: टालकॉट पार्सन्स का AGIL मॉडल सामाजिक प्रणाली के चार कार्यात्मक आवश्यकताओं का वर्णन करता है: Adaptation (अनुकूलन), Goal Attainment (लक्ष्य प्राप्ति), Integration (एकीकरण), और Latency/Pattern Maintenance (पैटर्न रखरखाव)। ‘I’ एकीकरण को दर्शाता है, जिसका अर्थ है कि प्रणाली के विभिन्न भागों को सामंजस्यपूर्ण ढंग से काम करना चाहिए।
संदर्भ: यह पार्सन्स के संरचनात्मक-कार्यात्मक सिद्धांत का एक केंद्रीय घटक है।
गलत विकल्प: अन्य विकल्प AGIL मॉडल के आधिकारिक घटक नहीं हैं।
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रॉबर्ट मर्टन द्वारा विकसित अवधारणा जो यह बताती है कि एक समाजशास्त्री को केवल ‘स्पष्ट कार्यों’ (manifest functions) पर ही नहीं, बल्कि ‘अस्पष्ट कार्यों’ (latent functions) पर भी ध्यान देना चाहिए। ‘अस्पष्ट कार्य’ क्या होते हैं?
- वे कार्य जो जानबूझकर और मान्यता प्राप्त होते हैं।
- वे कार्य जो अनजाने में और अमान्यता प्राप्त होते हैं।
- वे कार्य जो समाज के लिए हानिकारक होते हैं।
- वे कार्य जो केवल व्यक्तियों द्वारा किए जाते हैं।
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: रॉबर्ट मर्टन ने ‘कार्य’ (functions) को स्पष्ट (manifest) और अस्पष्ट (latent) के रूप में वर्गीकृत किया। स्पष्ट कार्य वे होते हैं जो जानबूझकर और मान्यता प्राप्त होते हैं, जबकि अस्पष्ट कार्य वे होते हैं जो अनजाने में और अक्सर अमान्यता प्राप्त होते हैं, लेकिन फिर भी समाज के लिए परिणाम उत्पन्न करते हैं।
संदर्भ: यह अवधारणा उनकी पुस्तक ‘सोशल थ्योरी एंड सोशल स्ट्रक्चर’ (Social Theory and Social Structure) में पाई जाती है।
गलत विकल्प: A स्पष्ट कार्यों का वर्णन करता है; C अपकार्यों (dysfunctions) का वर्णन कर सकता है; D बहुत सामान्य है और कार्य की प्रकृति को स्पष्ट नहीं करता।
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जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, आत्म (Self) के विकास में ‘सामान्यीकृत अन्य’ (Generalized Other) की अवधारणा क्या है?
- एक विशिष्ट व्यक्ति जिसकी हम नकल करते हैं।
- आत्म की कल्पना में एक व्यक्तिगत मित्र।
- समाज के सामान्यीकृत दृष्टिकोण और मूल्यों का आंतरिककरण।
- जन्म से मौजूद जैविक घटक।
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: मीड के अनुसार, ‘सामान्यीकृत अन्य’ समाज के संगठित समुदाय या समूह के दृष्टिकोण, मूल्यों और अपेक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है जिसे व्यक्ति आत्मसात करता है। यह आत्म के विकास के अंतिम चरण में आता है, जहाँ व्यक्ति दूसरों की अपेक्षाओं के आधार पर खुद को देख पाता है।
संदर्भ: यह मीड के प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद सिद्धांत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जैसा कि उनकी मरणोपरांत प्रकाशित पुस्तक ‘माइंड, सेल्फ एंड सोसाइटी’ (Mind, Self, and Society) में वर्णित है।
गलत विकल्प: A और B विशिष्ट व्यक्तियों से संबंधित हैं, जबकि ‘सामान्यीकृत अन्य’ समाज की सामूहिक अपेक्षाओं से संबंधित है; D आत्म के सामाजिक निर्माण की मीड की अवधारणा के विपरीत है।
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“सामाजिक संरचना” शब्द से आप क्या समझते हैं?
- समाज के सदस्यों के बीच व्यक्तिगत बातचीत।
- समाज के भीतर सामाजिक संबंधों और संस्थाओं का एक अपेक्षाकृत स्थिर पैटर्न।
- एक समूह के भीतर साझा विश्वास और मूल्य।
- सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया।
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: सामाजिक संरचना समाज के भीतर सामाजिक संबंधों, भूमिकाओं, मानदंडों और संस्थाओं के अपेक्षाकृत स्थिर और संगठित पैटर्न को संदर्भित करती है। यह व्यक्तियों की बातचीत को आकार देती है और समाज को स्थिरता प्रदान करती है।
संदर्भ: यह समाजशास्त्र की एक मौलिक अवधारणा है जिसे कई प्रमुख समाजशास्त्रियों ने अपने सिद्धांतों में शामिल किया है, जैसे कि दुर्खीम, पार्सन्स और मर्टन।
गलत विकल्प: A सामाजिक अंतःक्रिया है; C संस्कृति है; D सामाजिक परिवर्तन है, जो सामाजिक संरचना से प्रभावित हो सकता है लेकिन स्वयं सामाजिक संरचना नहीं है।
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उस समाजशास्त्रीय अवधारणा का नाम क्या है जो एक समाज के भीतर व्यक्तियों या समूहों के बीच धन, शक्ति और प्रतिष्ठा के पदानुक्रमित विभाजन का वर्णन करती है?
- सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility)
- सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification)
- सामाजिक एकीकरण (Social Integration)
- सामाजिक नेटवर्क (Social Network)
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) समाज के भीतर सामाजिक वर्गों, जातियों या अन्य समूहों में लोगों के पदानुक्रमित विभाजन को संदर्भित करता है, जो असमान रूप से धन, शक्ति और प्रतिष्ठा जैसे संसाधनों तक पहुँच रखते हैं।
संदर्भ: यह समाजशास्त्र में असमानता का अध्ययन करने वाली एक केंद्रीय अवधारणा है, जिसे मार्क्स, वेबर और अन्य ने विस्तार से समझाया है।
गलत विकल्प: A स्तरीकरण के भीतर आंदोलन को संदर्भित करता है; C दुर्खीम की सामाजिक एकजुटता से संबंधित है; D व्यक्तियों के बीच संबंधों के पैटर्न को संदर्भित करता है।
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एक विशिष्ट समूह के साझा मूल्यों, विश्वासों, मानदंडों और भौतिक वस्तुओं को क्या कहा जाता है?
- सामाजिककरण (Socialization)
- सामाजिक संरचना (Social Structure)
- संस्कृति (Culture)
- सामाजिक नियंत्रण (Social Control)
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: संस्कृति (Culture) एक समाज या समूह के सदस्यों द्वारा साझा किए गए ज्ञान, विश्वासों, कला, नैतिकता, कानून, रीति-रिवाजों और किसी भी अन्य क्षमताओं और आदतों की समग्रता है। यह समाज के सदस्यों की जीवन शैली को आकार देती है।
संदर्भ: एडवर्ड बी. टायलर ने संस्कृति की शास्त्रीय परिभाषा दी थी।
गलत विकल्प: A सामाजिक मानदंड सीखने की प्रक्रिया है; B समाज के भीतर संबंधों का पैटर्न है; D समाज द्वारा व्यवहार को विनियमित करने के तरीके हैं।
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भारत में जाति व्यवस्था के संदर्भ में, ‘डिजिटल जाति’ (Digital Caste) शब्द हाल ही में कैसे प्रासंगिक हो सकता है?
- ऑनलाइन गेमिंग में जातियों का प्रतिनिधित्व।
- डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जाति-आधारित भेदभाव और उत्पीड़न का पुनरुत्पादन।
- डिजिटल साक्षरता के माध्यम से जातिगत बाधाओं को तोड़ना।
- जाति पहचान को छिपाने के लिए डिजिटल उपकरणों का उपयोग।
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: ‘डिजिटल जाति’ एक उभरती हुई अवधारणा है जो बताती है कि कैसे पारंपरिक जातिगत भेदभाव और पदानुक्रम डिजिटल स्थानों और प्लेटफॉर्म पर पुनरुत्पादित और यहां तक कि प्रवर्धित हो सकते हैं। इसमें ऑनलाइन ट्रोलिंग, पहचान-आधारित उत्पीड़न, और डिजिटल संसाधनों तक असमान पहुंच शामिल हो सकती है।
संदर्भ: यह भारतीय समाजशास्त्र में एक समकालीन बहस है जो प्रौद्योगिकी और असमानता के चौराहे पर है।
गलत विकल्प: A बहुत विशिष्ट है; C एक आदर्श परिणाम है, न कि ‘डिजिटल जाति’ की अवधारणा; D आमतौर पर जाति छिपाने के प्रयासों से संबंधित है, लेकिन ‘डिजिटल जाति’ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भेदभाव के निरंतर अस्तित्व पर केंद्रित है।
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वह अनुसंधान विधि जिसमें शोधकर्ता अध्ययन किए जा रहे समूह की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेता है जबकि डेटा भी एकत्र करता है, क्या कहलाती है?
- सर्वेक्षण अनुसंधान (Survey Research)
- माध्यमिक डेटा विश्लेषण (Secondary Data Analysis)
- प्रतिभागी अवलोकन (Participant Observation)
- प्रयोग (Experiment)
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: प्रतिभागी अवलोकन (Participant Observation) एक गुणात्मक अनुसंधान विधि है जहाँ शोधकर्ता अध्ययन किए जा रहे सामाजिक समूह की दैनिक गतिविधियों में शामिल हो जाता है, ताकि आंतरिक दृष्टिकोण और व्यवहार की गहरी समझ प्राप्त कर सके।
संदर्भ: यह शिकागो स्कूल ऑफ सोशियोलॉजी से जुड़ा है और नृवंशविज्ञान (ethnography) में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
गलत विकल्प: A बड़ी आबादी से डेटा एकत्र करने के लिए संरचित प्रश्नावली का उपयोग करता है; B मौजूदा डेटा का विश्लेषण करता है; D नियंत्रित वातावरण में चर के बीच कारण-प्रभाव संबंधों का परीक्षण करता है।
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हालिया अध्ययनों से पता चला है कि दूरस्थ कार्य (remote work) ने कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। यह समाजशास्त्र के किस उप-क्षेत्र से सबसे अधिक संबंधित है?
- ग्रामीण समाजशास्त्र (Rural Sociology)
- धर्म का समाजशास्त्र (Sociology of Religion)
- काम और संगठन का समाजशास्त्र (Sociology of Work and Organizations)
- जनसंख्या का समाजशास्त्र (Sociology of Population)
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: दूरस्थ कार्य के मानसिक स्वास्थ्य प्रभावों का अध्ययन सीधे काम और संगठन के समाजशास्त्र (Sociology of Work and Organizations) से संबंधित है, जो कार्यस्थल, श्रम संबंधों, व्यावसायिक संरचनाओं और काम के सामाजिक परिणामों की पड़ताल करता है।
संदर्भ: यह समकालीन समाजशास्त्र में एक तेजी से बढ़ता क्षेत्र है, खासकर COVID-19 महामारी के बाद।
गलत विकल्प: अन्य विकल्प इस विशिष्ट मुद्दे से सीधे संबंधित नहीं हैं।
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उस आर्थिक प्रणाली का क्या नाम है जहाँ उत्पादन के साधनों का स्वामित्व निजी व्यक्तियों या निगमों के पास होता है, और यह लाभ के लिए संचालित होता है?
- समाजवाद (Socialism)
- साम्यवाद (Communism)
- पूँजीवाद (Capitalism)
- राजशाही (Monarchy)
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: पूँजीवाद (Capitalism) एक आर्थिक प्रणाली है जिसकी विशेषता निजी या कॉर्पोरेट स्वामित्व और उत्पादन के साधनों का संचालन और वस्तुओं तथा सेवाओं का उत्पादन और कीमतें तय करना है, जो मुक्त बाजार में प्रतिस्पर्धा से निर्धारित होती है।
संदर्भ: मार्क्स और वेबर जैसे शास्त्रीय समाजशास्त्रियों ने पूँजीवाद का बड़े पैमाने पर विश्लेषण किया है।
गलत विकल्प: A उत्पादन के साधनों के सामूहिक स्वामित्व को संदर्भित करता है; B वर्गहीन समाज की वकालत करता है जहाँ उत्पादन के साधनों का स्वामित्व समुदाय के पास होता है; D सरकार का एक रूप है।
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“सामाजिक नियंत्रण” की अवधारणा में क्या शामिल है?
- व्यक्तियों को समाज में अपनी इच्छानुसार कार्य करने की पूर्ण स्वतंत्रता देना।
- समाज द्वारा अपने सदस्यों के व्यवहार को विनियमित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले तंत्र।
- सामाजिक समूहों के बीच संघर्ष।
- सामाजिक परिवर्तन की अनियंत्रित प्रक्रियाएँ।
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: सामाजिक नियंत्रण (Social Control) उन तरीकों और रणनीतियों को संदर्भित करता है जिनके द्वारा समाज अपने सदस्यों के व्यवहार को अनुरूपता और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए विनियमित करता है। इसमें औपचारिक (कानून) और अनौपचारिक (सामाजिक मानदंड) दोनों तंत्र शामिल हो सकते हैं।
संदर्भ: दुर्खीम ने सामाजिक नियंत्रण के महत्व पर जोर दिया, विशेष रूप से विचलन को रोकने में।
गलत विकल्प: A सामाजिक नियंत्रण के विपरीत है; C सामाजिक संघर्ष है; D सामाजिक नियंत्रण से अलग एक अवधारणा है।
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भारत में ‘जनजातीय समुदायों’ (Tribal Communities) को अक्सर सामाजिक विकास के संदर्भ में किस चुनौती का सामना करना पड़ता है?
- उच्च शिक्षा तक आसान पहुँच।
- मुख्यधारा की संस्कृति के साथ पूर्ण एकीकरण।
- जंगल और भूमि अधिकारों का नुकसान, और विस्थापन।
- शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अत्यधिक अवसर।
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: भारत में जनजातीय समुदायों को अक्सर विकास परियोजनाओं, खनन और वन संरक्षण के नाम पर अपने पारंपरिक जंगल और भूमि अधिकारों के नुकसान और परिणामी विस्थापन का सामना करना पड़ता है। इससे उनकी आजीविका, संस्कृति और सामाजिक संरचना पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
संदर्भ: यह भारतीय समाजशास्त्र में एक महत्वपूर्ण समकालीन सामाजिक समस्या है, जिसे आदिवासी अध्ययनों में प्रमुखता से उठाया गया है।
गलत विकल्प: A और D आम तौर पर जनजातीय समुदायों द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों के विपरीत हैं; B एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें जबरन एकीकरण अक्सर उनकी संस्कृति को नुकसान पहुँचाता है।
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वह प्रक्रिया जिसके द्वारा व्यक्ति अपने समाज के मानदंडों, मूल्यों, विश्वासों और व्यवहारों को सीखते हैं और आत्मसात करते हैं, क्या कहलाती है?
- सांस्कृतिक विनिमय (Cultural Exchange)
- सामाजिककरण (Socialization)
- सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility)
- असंस्कृतीकरण (Deculturation)
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: सामाजिककरण (Socialization) वह आजीवन प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति समाज की संस्कृति को सीखते हैं और सामाजिक रूप से स्वीकार्य तरीकों से कार्य करना सीखते हैं। यह व्यक्तिगत विकास और सामाजिक व्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
संदर्भ: मीड, कूली और ड्रेत्ज़ेल जैसे समाजशास्त्रियों ने सामाजिककरण के सिद्धांतों का विस्तार किया है।
गलत विकल्प: A विभिन्न संस्कृतियों के बीच विचारों का आदान-प्रदान है; C सामाजिक स्तरीकरण में आंदोलन है; D संस्कृति को खोने की प्रक्रिया है।
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जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले हाशिए के समुदायों पर ध्यान केंद्रित करने वाले आंदोलन को क्या कहा जाता है?
- हरित क्रांति (Green Revolution)
- पर्यावरणवाद (Environmentalism)
- जलवायु न्याय आंदोलन (Climate Justice Movement)
- सतत विकास आंदोलन (Sustainable Development Movement)
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: जलवायु न्याय आंदोलन (Climate Justice Movement) एक सामाजिक आंदोलन है जो मानता है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव असमान रूप से गरीबों और हाशिए के समुदायों पर पड़ते हैं, खासकर ग्लोबल साउथ में। यह पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक और आर्थिक न्याय से जोड़ता है।
संदर्भ: यह पर्यावरण समाजशास्त्र और सामाजिक आंदोलन अध्ययनों में एक प्रमुख समकालीन मुद्दा है।
गलत विकल्प: A कृषि उत्पादन में वृद्धि से संबंधित है; B पर्यावरण की रक्षा के लिए एक व्यापक विचारधारा है, लेकिन सीधे न्याय के पहलू पर ध्यान केंद्रित नहीं करती; D आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन पर केंद्रित है।
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हाल ही में, टिकटॉक (TikTok) जैसे सोशल मीडिया एल्गोरिदम पर 2024 के अमेरिकी चुनावों के दौरान ‘राइट-विंग’ सामग्री की ओर व्यवस्थित रूप से बदलाव करने का आरोप लगाया गया। यह समाजशास्त्रीय रूप से किस अवधारणा से संबंधित है?
- डिजिटल विभाजन (Digital Divide)
- एल्गोरिथम पूर्वाग्रह (Algorithmic Bias)
- डिजिटल साक्षरता (Digital Literacy)
- साइबरबुलिंग (Cyberbullying)
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: एल्गोरिथम पूर्वाग्रह (Algorithmic Bias) तब होता है जब एक एल्गोरिथम अनजाने में या जानबूझकर कुछ समूहों के प्रति व्यवस्थित और अनुचित वरीयता या भेदभाव प्रदर्शित करता है। टिकटॉक के मामले में, यह राजनीतिक सामग्री के वितरण में पूर्वाग्रह को दर्शाता है, जो लोकतंत्र और सार्वजनिक विमर्श के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ रखता है।
संदर्भ: यह प्रौद्योगिकी के समाजशास्त्र, मीडिया अध्ययन और राजनीतिक समाजशास्त्र में एक महत्वपूर्ण समकालीन मुद्दा है।
गलत विकल्प: A डिजिटल प्रौद्योगिकी तक पहुंच में असमानता है; C डिजिटल उपकरणों का उपयोग करने की क्षमता है; D ऑनलाइन उत्पीड़न को संदर्भित करता है।
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वह अवधारणा जो समाज के भीतर व्यक्तियों या समूहों के बीच असमानताओं को मापने और समझने पर केंद्रित है, विशेष रूप से धन, आय और अवसरों के वितरण में, क्या कहलाती है?
- सामाजिक सामंजस्य (Social Cohesion)
- सामाजिक असमानता (Social Inequality)
- सामाजिक नेटवर्क (Social Network)
- सामाजिक पूंजी (Social Capital)
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: सामाजिक असमानता (Social Inequality) समाजशास्त्र की एक केंद्रीय अवधारणा है जो व्यक्तियों या समूहों के बीच सामाजिक रूप से परिभाषित गुणों जैसे धन, शक्ति, प्रतिष्ठा और जीवन के अवसरों में असमानतापूर्ण वितरण को संदर्भित करती है।
संदर्भ: यह समाजशास्त्रीय अनुसंधान का एक प्रमुख क्षेत्र है, जिसे मार्क्स, वेबर और कई समकालीन विद्वानों ने विश्लेषण किया है।
गलत विकल्प: A समाज के सदस्यों के बीच जुड़ाव और एकजुटता को संदर्भित करता है; C व्यक्तियों के बीच संबंधों के पैटर्न को संदर्भित करता है; D सामाजिक संबंधों के माध्यम से प्राप्त संसाधनों को संदर्भित करता है।
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‘गिग अर्थव्यवस्था’ (Gig Economy) में श्रमिकों के लिए किस प्रकार की अनिश्चितता सबसे आम है?
- दीर्घकालिक रोजगार अनुबंध (Long-term employment contracts)
- नियमित और निश्चित आय (Regular and fixed income)
- नौकरी की सुरक्षा और लाभों का अभाव (Lack of job security and benefits)
- व्यापक सामाजिक सुरक्षा जाल (Extensive social safety nets)
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: गिग अर्थव्यवस्था (Gig Economy) अस्थायी और लचीले नौकरियों की विशेषता है, जहाँ कंपनियाँ स्वतंत्र ठेकेदारों और फ्रीलांसरों को अल्पकालिक प्रतिबद्धताओं के लिए काम पर रखती हैं। इसके परिणामस्वरूप श्रमिकों को नौकरी की सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, पेंशन और अन्य पारंपरिक कर्मचारी लाभों की कमी का सामना करना पड़ता है, जिसे ‘श्रम अनिश्चितता’ (labor precarity) कहा जाता है।
संदर्भ: यह काम के समाजशास्त्र और आर्थिक समाजशास्त्र में एक महत्वपूर्ण और बढ़ती हुई शोध रुचि है।
गलत विकल्प: A, B और D पारंपरिक रोजगार के लाभ हैं जो गिग अर्थव्यवस्था में आम तौर पर अनुपस्थित होते हैं।
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वह अवधारणा जो समाज के भीतर व्यक्तियों या समूहों के बीच असमानताओं को मापने और समझने पर केंद्रित है, विशेष रूप से धन, आय और अवसरों के वितरण में, क्या कहलाती है?
- सामाजिक सामंजस्य (Social Cohesion)
- सामाजिक असमानता (Social Inequality)
- सामाजिक नेटवर्क (Social Network)
- सामाजिक पूंजी (Social Capital)
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: सामाजिक असमानता (Social Inequality) समाजशास्त्र की एक केंद्रीय अवधारणा है जो व्यक्तियों या समूहों के बीच सामाजिक रूप से परिभाषित गुणों जैसे धन, शक्ति, प्रतिष्ठा और जीवन के अवसरों में असमानतापूर्ण वितरण को संदर्भित करती है।
संदर्भ: यह समाजशास्त्रीय अनुसंधान का एक प्रमुख क्षेत्र है, जिसे मार्क्स, वेबर और कई समकालीन विद्वानों ने विश्लेषण किया है।
गलत विकल्प: A समाज के सदस्यों के बीच जुड़ाव और एकजुटता को संदर्भित करता है; C व्यक्तियों के बीच संबंधों के पैटर्न को संदर्भित करता है; D सामाजिक संबंधों के माध्यम से प्राप्त संसाधनों को संदर्भित करता है।
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‘गिग अर्थव्यवस्था’ (Gig Economy) में श्रमिकों के लिए किस प्रकार की अनिश्चितता सबसे आम है?
- दीर्घकालिक रोजगार अनुबंध (Long-term employment contracts)
- नियमित और निश्चित आय (Regular and fixed income)
- नौकरी की सुरक्षा और लाभों का अभाव (Lack of job security and benefits)
- व्यापक सामाजिक सुरक्षा जाल (Extensive social safety nets)
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: गिग अर्थव्यवस्था (Gig Economy) अस्थायी और लचीले नौकरियों की विशेषता है, जहाँ कंपनियाँ स्वतंत्र ठेकेदारों और फ्रीलांसरों को अल्पकालिक प्रतिबद्धताओं के लिए काम पर रखती हैं। इसके परिणामस्वरूप श्रमिकों को नौकरी की सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, पेंशन और अन्य पारंपरिक कर्मचारी लाभों की कमी का सामना करना पड़ता है, जिसे ‘श्रम अनिश्चितता’ (labor precarity) कहा जाता है।
संदर्भ: यह काम के समाजशास्त्र और आर्थिक समाजशास्त्र में एक महत्वपूर्ण और बढ़ती हुई शोध रुचि है।
गलत विकल्प: A, B और D पारंपरिक रोजगार के लाभ हैं जो गिग अर्थव्यवस्था में आम तौर पर अनुपस्थित होते हैं।
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वह अवधारणा जो इस बात पर जोर देती है कि कैसे सामाजिक समूह और संस्थाएँ पुरुषों और महिलाओं के बीच व्यवहार, भूमिकाओं और अपेक्षाओं को आकार देती हैं, क्या कहलाती है?
- जैविक लिंग (Biological Sex)
- यौन अभिविन्यास (Sexual Orientation)
- लैंगिक भूमिकाएँ (Gender Roles)
- प्रजनन (Reproduction)
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: लैंगिक भूमिकाएँ (Gender Roles) सामाजिक रूप से निर्मित अपेक्षाएँ, व्यवहार और विशेषताएँ हैं जिन्हें समाज पुरुषों और महिलाओं के लिए उपयुक्त मानता है। यह जैविक लिंग से अलग है और सामाजिककरण की प्रक्रिया के माध्यम से सीखा जाता है।
संदर्भ: लैंगिक अध्ययन और नारीवादी समाजशास्त्र का एक केंद्रीय घटक।
गलत विकल्प: A जैविक विशेषताओं को संदर्भित करता है; B किसी व्यक्ति के यौन आकर्षण को संदर्भित करता है; D जैविक प्रक्रिया है।
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भारतीय समाज के संदर्भ में, ‘सार्वभौमिकता’ (Universalism) की अवधारणा के विपरीत क्या माना जाता है, जहाँ रिश्ते, परिवार और व्यक्तिगत संबंध निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं?
- विशेषवाद (Particularism)
- जातिवाद (Casteism)
- आधुनिकीकरण (Modernization)
- लोकतंत्र (Democracy)
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: टालकॉट पार्सन्स ने ‘सार्वभौमिकता बनाम विशेषवाद’ (Universalism vs. Particularism) को प्रतिमान चरों (pattern variables) में से एक के रूप में वर्णित किया। सार्वभौमिकता का अर्थ है सार्वभौमिक नियमों और मानदंडों के अनुसार व्यवहार करना, जबकि विशेषवाद का अर्थ है विशिष्ट संबंधों और परिस्थितियों के अनुसार व्यवहार करना। भारतीय संदर्भ में, जाति और परिवार जैसे संबंध अक्सर विशेषवादी निर्णयों को प्रभावित करते हैं।
संदर्भ: पार्सन्स के प्रतिमान चर, भारतीय समाज पर एम.एन. श्रीनिवास जैसे विद्वानों के अध्ययन।
गलत विकल्प: B जाति व्यवस्था है, जो विशेषवाद का एक उदाहरण हो सकती है लेकिन स्वयं अवधारणा नहीं है; C एक प्रक्रिया है; D एक राजनीतिक प्रणाली है।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग से उत्पन्न होने वाली एक प्रमुख सामाजिक चिंता क्या है?
- बढ़ती रचनात्मकता और नवाचार।
- मानवीय पूर्वाग्रहों का एल्गोरिदम में समावेश और प्रवर्धन।
- उत्पादन क्षमता में वृद्धि।
- सूचना तक आसान पहुँच।
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रणालियों को अक्सर मानव द्वारा बनाए गए डेटा पर प्रशिक्षित किया जाता है, जिसमें मौजूदा सामाजिक पूर्वाग्रह (जैसे नस्ल, लिंग, वर्ग) अंतर्निहित होते हैं। यह AI को इन पूर्वाग्रहों को सीखने, दोहराने और यहां तक कि प्रवर्धित करने का कारण बन सकता है, जिससे भेदभावपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं।
संदर्भ: यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी के समाजशास्त्र में एक महत्वपूर्ण और नैतिक बहस है।
गलत विकल्प: A, C और D AI के संभावित लाभ हैं, न कि प्रमुख चिंताएँ।
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विभिन्न नस्लीय पृष्ठभूमि के छात्रों को एक साथ लाने से शिक्षा और करियर के परिणामों में सुधार होता है, यह हालिया शोध समाजशास्त्र के किस क्षेत्र से संबंधित है?
- पारिवारिक समाजशास्त्र (Sociology of Family)
- शिक्षा का समाजशास्त्र (Sociology of Education)
- शहरी समाजशास्त्र (Urban Sociology)
- अपराध का समाजशास्त्र (Sociology of Crime)
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: यह शोध सीधे शिक्षा के समाजशास्त्र (Sociology of Education) से संबंधित है, जो शैक्षिक संस्थानों, प्रक्रियाओं और परिणामों पर सामाजिक कारकों के प्रभाव का अध्ययन करता है। नस्लीय विविधता और शैक्षणिक/करियर के परिणामों के बीच संबंध सामाजिक असमानता, समावेशन और शिक्षा के कार्यों की पड़ताल करता है।
संदर्भ: यह संयुक्त राज्य अमेरिका में शिक्षा नीति और सामाजिक न्याय के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण समकालीन शोध क्षेत्र है।
गलत विकल्प: अन्य विकल्प इस विशिष्ट मुद्दे से सीधे संबंधित नहीं हैं।
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एक विशिष्ट समय अवधि में एक समाज की जनसंख्या के आकार, संरचना और वितरण का वैज्ञानिक अध्ययन क्या कहलाता है?
- नृविज्ञान (Anthropology)
- भूगोल (Geography)
- जनसांख्यिकी (Demography)
- मनोविज्ञान (Psychology)
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: जनसांख्यिकी (Demography) जनसंख्या के वैज्ञानिक अध्ययन को संदर्भित करता है, जिसमें जन्म दर, मृत्यु दर, प्रवासन और उम्र, लिंग, जाति और अन्य सामाजिक विशेषताओं के आधार पर जनसंख्या की संरचना शामिल है।
संदर्भ: यह समाजशास्त्र का एक महत्वपूर्ण उप-क्षेत्र है और सामाजिक परिवर्तन को समझने के लिए आवश्यक है।
गलत विकल्प: A मानव संस्कृतियों का अध्ययन है; B पृथ्वी की विशेषताओं का अध्ययन है; D मानव मन और व्यवहार का अध्ययन है।
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