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भारतीय राजव्यवस्था क्विज़: संवैधानिक ज्ञान की गहन परीक्षा

भारतीय राजव्यवस्था क्विज़: संवैधानिक ज्ञान की गहन परीक्षा

भारत का संविधान केवल कानूनों का एक संग्रह नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवंत लोकतंत्र की आत्मा है। इसकी गहरी समझ प्रत्येक नागरिक, विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह क्विज़ आपको भारतीय राजव्यवस्था और संवैधानिक प्रावधानों की अपनी वैचारिक स्पष्टता और गहन समझ का परीक्षण करने का अवसर प्रदान करता है। इन चुनौतीपूर्ण प्रश्नों के माध्यम से अपनी तैयारी का मूल्यांकन करें और देश के शासन ढांचे के बारे में अपनी अंतर्दृष्टि को मजबूत करें।


  1. भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय’ का विचार किस क्रांति से प्रेरित है?

    1. रूसी क्रांति
    2. फ्रांसीसी क्रांति
    3. अमेरिकी क्रांति
    4. आयरिश क्रांति

    सही उत्तर: a) रूसी क्रांति

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय’ का विचार 1917 की रूसी क्रांति से प्रेरित है। ये आदर्श भारत को एक कल्याणकारी राज्य बनाने की दिशा में मार्गदर्शक सिद्धांत हैं। फ्रांसीसी क्रांति (1789-1799) ने ‘स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व’ के आदर्शों को प्रेरित किया, जबकि अमेरिकी क्रांति (1775-1783) ने एक गणतंत्र की अवधारणा को प्रभावित किया। आयरिश क्रांति का भारतीय संविधान की प्रस्तावना पर सीधा प्रभाव नहीं था, लेकिन आयरलैंड के संविधान से राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP) की अवधारणा ली गई है।

  2. भारतीय संविधान का कौन सा भाग ‘राज्य के नीति निदेशक तत्वों’ (DPSP) से संबंधित है?

    1. भाग II
    2. भाग III
    3. भाग IV
    4. भाग V

    सही उत्तर: c) भाग IV

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का भाग IV (अनुच्छेद 36-51) राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) से संबंधित है। ये सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र की स्थापना के लिए राज्यों को दिए गए निर्देश हैं। ये प्रकृति में गैर-न्यायोचित हैं, जिसका अर्थ है कि इन्हें अदालतों द्वारा लागू नहीं किया जा सकता है। भाग II नागरिकता से संबंधित है, भाग III मौलिक अधिकारों से संबंधित है, और भाग V संघ सरकार से संबंधित है।

  3. निम्नलिखित में से कौन सा मौलिक अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को प्राप्त है, विदेशियों को नहीं?

    1. कानून के समक्ष समानता (अनुच्छेद 14)
    2. जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 21)
    3. सार्वजनिक रोजगार के मामलों में अवसर की समानता (अनुच्छेद 16)
    4. धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 25)

    सही उत्तर: c) सार्वजनिक रोजगार के मामलों में अवसर की समानता (अनुच्छेद 16)

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15, 16, 19, 29 और 30 में निहित मौलिक अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को प्राप्त हैं, विदेशियों को नहीं। अनुच्छेद 16 ‘सार्वजनिक रोजगार के मामलों में अवसर की समानता’ से संबंधित है। अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता), अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार), और अनुच्छेद 25 (धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार) जैसे अन्य मौलिक अधिकार नागरिकों और विदेशियों दोनों को उपलब्ध हैं।

  4. संविधान सभा द्वारा ‘उद्देश्य प्रस्ताव’ किसने पेश किया था?

    1. डॉ. बी.आर. अम्बेडकर
    2. जवाहरलाल नेहरू
    3. सरदार वल्लभभाई पटेल
    4. राजेंद्र प्रसाद

    सही उत्तर: b) जवाहरलाल नेहरू

    विस्तृत व्याख्या: जवाहरलाल नेहरू ने 13 दिसंबर, 1946 को संविधान सभा में ‘उद्देश्य प्रस्ताव’ पेश किया था। यह प्रस्ताव संविधान के मूलभूत सिद्धांतों और दर्शन को रेखांकित करता था, और बाद में इसी प्रस्तावना ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना का आधार बनाया। डॉ. बी.आर. अम्बेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे, सरदार वल्लभभाई पटेल मौलिक अधिकारों, अल्पसंख्यकों और जनजातीय एवं बहिष्कृत क्षेत्रों पर सलाहकार समिति के अध्यक्ष थे, और राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के अध्यक्ष थे।

  5. भारत के राष्ट्रपति को उनके पद से हटाने की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?

    1. अविश्वास प्रस्ताव
    2. निंदा प्रस्ताव
    3. महाभियोग
    4. प्रत्याह्वान

    सही उत्तर: c) महाभियोग

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 61 के तहत भारत के राष्ट्रपति को ‘संविधान के उल्लंघन’ के आधार पर महाभियोग द्वारा उनके पद से हटाया जा सकता है। महाभियोग की प्रक्रिया संसद के किसी भी सदन में शुरू की जा सकती है, जिसके लिए सदन के कुल सदस्यों के एक-चौथाई सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित प्रस्ताव की आवश्यकता होती है, और यह प्रस्ताव 14 दिन का नोटिस देने के बाद ही प्रस्तुत किया जा सकता है। इसे सदन के कुल सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से पारित किया जाना चाहिए। ‘अविश्वास प्रस्ताव’ सरकार के खिलाफ होता है, ‘निंदा प्रस्ताव’ किसी मंत्री या सरकार की नीतियों की आलोचना के लिए होता है, और ‘प्रत्याह्वान’ (Recall) भारत में निर्वाचित प्रतिनिधियों को हटाने की विधि नहीं है।

  6. भारत के संविधान में ‘एकल नागरिकता’ की अवधारणा किस देश से ली गई है?

    1. संयुक्त राज्य अमेरिका
    2. यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन)
    3. कनाडा
    4. ऑस्ट्रेलिया

    सही उत्तर: b) यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन)

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान में ‘एकल नागरिकता’ (Single Citizenship) की अवधारणा यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) के संविधान से प्रेरित है। इसका अर्थ है कि एक व्यक्ति भारत का नागरिक है, न कि किसी विशेष राज्य का। संयुक्त राज्य अमेरिका में दोहरी नागरिकता की प्रणाली है। कनाडा से सशक्त केंद्र के साथ संघीय व्यवस्था और अवशिष्ट शक्तियों का विचार लिया गया है। ऑस्ट्रेलिया से समवर्ती सूची की अवधारणा और व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता ली गई है।

  7. भारतीय संसद के दो सत्रों के बीच अधिकतम कितना अंतराल हो सकता है?

    1. तीन महीने
    2. चार महीने
    3. छह महीने
    4. एक वर्ष

    सही उत्तर: c) छह महीने

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 85(1) के अनुसार, राष्ट्रपति को संसद के प्रत्येक सदन को इस तरह से समन करना होगा कि उसके एक सत्र की अंतिम बैठक और अगले सत्र की पहली बैठक के बीच छह महीने से अधिक का अंतराल न हो। इसका मतलब है कि संसद को एक वर्ष में कम से कम दो बार मिलना चाहिए।

  8. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?

    1. प्रधानमंत्री
    2. भारत के मुख्य न्यायाधीश
    3. राष्ट्रपति
    4. संसद

    सही उत्तर: c) राष्ट्रपति

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत, सर्वोच्च न्यायालय के प्रत्येक न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा सर्वोच्च न्यायालय और राज्यों के उच्च न्यायालयों के ऐसे न्यायाधीशों से परामर्श करने के बाद की जाएगी, जिनसे राष्ट्रपति इस उद्देश्य के लिए परामर्श करना आवश्यक समझे। हालांकि, व्यवहार में, ‘कॉलेजियम प्रणाली’ के माध्यम से नियुक्तियाँ की जाती हैं, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के चार वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं।

  9. भारत में वित्तीय आपातकाल की घोषणा किस अनुच्छेद के तहत की जा सकती है?

    1. अनुच्छेद 352
    2. अनुच्छेद 356
    3. अनुच्छेद 360
    4. अनुच्छेद 365

    सही उत्तर: c) अनुच्छेद 360

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 360 राष्ट्रपति को वित्तीय आपातकाल की घोषणा करने का अधिकार देता है यदि वह संतुष्ट है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिससे भारत या उसके किसी भी क्षेत्र की वित्तीय स्थिरता या साख को खतरा है। भारत में अभी तक वित्तीय आपातकाल की घोषणा नहीं की गई है। अनुच्छेद 352 राष्ट्रीय आपातकाल (युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के कारण) से संबंधित है। अनुच्छेद 356 राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता (राष्ट्रपति शासन) से संबंधित है। अनुच्छेद 365 भी राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता से संबंधित है, यदि कोई राज्य केंद्र के निर्देशों का पालन करने में विफल रहता है।

  10. ‘संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक’ का प्रावधान किस देश के संविधान से लिया गया है?

    1. कनाडा
    2. ऑस्ट्रेलिया
    3. आयरलैंड
    4. दक्षिण अफ्रीका

    सही उत्तर: b) ऑस्ट्रेलिया

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 108 के तहत ‘संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक’ (Joint Sitting of both Houses of Parliament) का प्रावधान ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है। यह प्रावधान तब लागू होता है जब किसी साधारण विधेयक पर दोनों सदनों के बीच गतिरोध उत्पन्न हो जाता है। इस बैठक की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करते हैं। कनाडा से सशक्त केंद्र के साथ संघीय व्यवस्था, आयरलैंड से राज्य के नीति निदेशक तत्व और दक्षिण अफ्रीका से संविधान संशोधन प्रक्रिया ली गई है।

  11. भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद ‘संवैधानिक उपचारों के अधिकार’ से संबंधित है?

    1. अनुच्छेद 30
    2. अनुच्छेद 31
    3. अनुच्छेद 32
    4. अनुच्छेद 33

    सही उत्तर: c) अनुच्छेद 32

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 32 ‘संवैधानिक उपचारों के अधिकार’ से संबंधित है। यह मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सर्वोच्च न्यायालय में जाने का अधिकार प्रदान करता है। डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने इस अनुच्छेद को ‘संविधान की आत्मा और हृदय’ कहा था। इस अनुच्छेद के तहत सर्वोच्च न्यायालय पांच प्रकार की रिट (बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण और अधिकार पृच्छा) जारी कर सकता है। अनुच्छेद 30 अल्पसंख्यकों को शिक्षण संस्थानों की स्थापना और प्रशासन का अधिकार देता है। अनुच्छेद 31 को 44वें संशोधन द्वारा निरस्त कर दिया गया था (मूल रूप से संपत्ति का अधिकार था)। अनुच्छेद 33 सशस्त्र बलों आदि के सदस्यों के मौलिक अधिकारों को संशोधित करने की संसद की शक्ति से संबंधित है।

  12. भारतीय संविधान में ‘अवशिष्ट शक्तियाँ’ किसके पास होती हैं?

    1. राज्य सरकारें
    2. केंद्र सरकार
    3. स्थानीय निकाय
    4. केंद्र और राज्य दोनों सरकारें

    सही उत्तर: b) केंद्र सरकार

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 248 के अनुसार, ‘अवशिष्ट शक्तियाँ’ (Residuary Powers), अर्थात् वे शक्तियाँ जो संघ सूची, राज्य सूची या समवर्ती सूची में निर्दिष्ट नहीं हैं, केंद्र सरकार (संसद) के पास निहित हैं। यह कनाडा के संविधान से प्रेरित एक मजबूत केंद्र की विशेषता को दर्शाता है।

  13. भारत में पहला भाषाई राज्य कौन सा था?

    1. महाराष्ट्र
    2. तमिलनाडु
    3. आंध्र प्रदेश
    4. केरल

    सही उत्तर: c) आंध्र प्रदेश

    विस्तृत व्याख्या: 1 अक्टूबर 1953 को मद्रास राज्य के तेलुगु भाषी क्षेत्रों को अलग करके आंध्र प्रदेश भारत का पहला भाषाई राज्य बनाया गया था। यह पोटी श्रीरामुलु के निधन के बाद हुआ, जिन्होंने तेलुगु भाषी राज्य की मांग के लिए भूख हड़ताल की थी। बाद में 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम द्वारा कई अन्य राज्यों का भाषाई आधार पर पुनर्गठन किया गया।

  14. भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल कितना होता है?

    1. 5 वर्ष या 60 वर्ष की आयु तक
    2. 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक
    3. 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक
    4. 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक

    सही उत्तर: b) 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) और चुनाव आयुक्तों का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, होता है। उनकी सेवा शर्तें संसद द्वारा बनाए गए कानून के अधीन होती हैं। यह प्रावधान चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और स्वायत्तता सुनिश्चित करता है, जो भारतीय लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।

  15. भारतीय संविधान के किस संशोधन को ‘लघु संविधान’ (Mini-Constitution) के नाम से भी जाना जाता है?

    1. 24वां संशोधन अधिनियम
    2. 42वां संशोधन अधिनियम
    3. 44वां संशोधन अधिनियम
    4. 73वां संशोधन अधिनियम

    सही उत्तर: b) 42वां संशोधन अधिनियम

    विस्तृत व्याख्या: 42वां संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1976 को ‘लघु संविधान’ के नाम से जाना जाता है क्योंकि इसने संविधान में कई महत्वपूर्ण और व्यापक परिवर्तन किए। इसने प्रस्तावना में ‘समाजवादी’, ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘अखंडता’ शब्दों को जोड़ा, मौलिक कर्तव्यों को शामिल किया, प्रशासनिक अधिकरणों का प्रावधान किया, और संसद एवं राज्य विधानसभाओं के कार्यकाल को 5 से 6 वर्ष तक बढ़ाया (जिसे बाद में 44वें संशोधन द्वारा वापस 5 वर्ष कर दिया गया)। इसने राष्ट्रपति को मंत्रिपरिषद की सलाह मानने के लिए भी बाध्य किया।

  16. पंचायती राज प्रणाली किस सिद्धांत पर आधारित है?

    1. केंद्रीकरण
    2. विकेंद्रीकरण
    3. एकल शक्ति
    4. द्वैध शासन

    सही उत्तर: b) विकेंद्रीकरण

    विस्तृत व्याख्या: पंचायती राज प्रणाली भारतीय संविधान के भाग IX (अनुच्छेद 243 से 243-O) के तहत ‘विकेंद्रीकरण’ (Decentralization) के सिद्धांत पर आधारित है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्वशासन को बढ़ावा देना और जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करना है, जिससे लोगों की भागीदारी और स्थानीय मुद्दों पर निर्णय लेने में उनकी भूमिका बढ़ सके। इसे 73वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा संवैधानिक दर्जा दिया गया था।

  17. भारत के संविधान में मौलिक कर्तव्यों (Fundamental Duties) को किस समिति की सिफारिश पर जोड़ा गया था?

    1. बलवंत राय मेहता समिति
    2. सरकारिया आयोग
    3. स्वर्ण सिंह समिति
    4. एल.एम. सिंघवी समिति

    सही उत्तर: c) स्वर्ण सिंह समिति

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्यों को 1976 में 42वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम द्वारा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर जोड़ा गया था। ये अनुच्छेद 51A के तहत भाग IVA में सूचीबद्ध हैं और नागरिकों को अपने देश और समाज के प्रति कुछ जिम्मेदारियों की याद दिलाते हैं। बलवंत राय मेहता समिति पंचायती राज से संबंधित थी, सरकारिया आयोग केंद्र-राज्य संबंधों से संबंधित था, और एल.एम. सिंघवी समिति ने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा देने की सिफारिश की थी।

  18. किसी राज्य में विधान परिषद के गठन या उन्मूलन का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?

    1. अनुच्छेद 168
    2. अनुच्छेद 169
    3. अनुच्छेद 170
    4. अनुच्छेद 171

    सही उत्तर: b) अनुच्छेद 169

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 169 किसी राज्य में विधान परिषद (Legislative Council) के गठन (उत्सर्जन) या उन्मूलन (निरसन) का प्रावधान करता है। संसद एक साधारण कानून द्वारा ऐसा कर सकती है, यदि संबंधित राज्य की विधानसभा इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित करती है जिसमें उसके कुल सदस्यों के बहुमत और उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत द्वारा समर्थन प्राप्त हो। अनुच्छेद 168 राज्यों में विधानमंडलों के गठन से संबंधित है, अनुच्छेद 170 विधानसभाओं की संरचना से और अनुच्छेद 171 विधान परिषदों की संरचना से संबंधित है।

  19. ‘न्यायिक समीक्षा’ की शक्ति भारतीय संविधान में किस देश से ली गई है?

    1. यूनाइटेड किंगडम
    2. संयुक्त राज्य अमेरिका
    3. कनाडा
    4. जापान

    सही उत्तर: b) संयुक्त राज्य अमेरिका

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान में ‘न्यायिक समीक्षा’ (Judicial Review) की अवधारणा संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से ली गई है। न्यायिक समीक्षा न्यायपालिका को विधायिका द्वारा बनाए गए कानूनों और कार्यपालिका द्वारा जारी किए गए आदेशों की संवैधानिकता की जांच करने का अधिकार देती है। यदि कोई कानून या आदेश संविधान का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो न्यायपालिका उसे शून्य और अमान्य घोषित कर सकती है।

  20. राष्ट्रपति अध्यादेश (Ordinance) कब जारी कर सकते हैं?

    1. जब संसद का सत्र चल रहा हो
    2. जब संसद के दोनों या कोई एक सदन सत्र में न हो
    3. केवल आपातकाल की स्थिति में
    4. केवल लोकसभा भंग होने पर

    सही उत्तर: b) जब संसद के दोनों या कोई एक सदन सत्र में न हो

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 123 के तहत, राष्ट्रपति के पास अध्यादेश जारी करने की शक्ति होती है जब संसद के दोनों या कोई एक सदन सत्र में न हो और ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो जाएं जिनमें तत्काल कार्रवाई करना आवश्यक हो। एक अध्यादेश की वही शक्ति और प्रभाव होता है जो संसद के एक अधिनियम का होता है, लेकिन इसकी अधिकतम अवधि संसद के पुनः सत्र में आने के बाद छह सप्ताह तक होती है, जिसके भीतर इसे संसद द्वारा अनुमोदित किया जाना चाहिए, अन्यथा यह समाप्त हो जाता है।

  21. संविधान के किस अनुच्छेद के तहत सर्वोच्च न्यायालय एक ‘अभिलेख न्यायालय’ (Court of Record) है?

    1. अनुच्छेद 129
    2. अनुच्छेद 130
    3. अनुच्छेद 131
    4. अनुच्छेद 132

    सही उत्तर: a) अनुच्छेद 129

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 129 सर्वोच्च न्यायालय को ‘अभिलेख न्यायालय’ (Court of Record) घोषित करता है। इसका अर्थ है कि सर्वोच्च न्यायालय के सभी निर्णय और कार्यवाही रिकॉर्ड के रूप में रखे जाते हैं और अधीनस्थ न्यायालयों के लिए बाध्यकारी होते हैं, साथ ही न्यायालय को अपनी अवमानना के लिए दंडित करने की शक्ति भी प्राप्त होती है। अनुच्छेद 130 सर्वोच्च न्यायालय के स्थान से संबंधित है। अनुच्छेद 131 सर्वोच्च न्यायालय के मूल क्षेत्राधिकार से संबंधित है। अनुच्छेद 132 कुछ मामलों में उच्च न्यायालयों से अपीलीय क्षेत्राधिकार से संबंधित है।

  22. भारतीय संविधान में ‘राज्यों के संघ’ (Union of States) की अवधारणा किस देश के संविधान से ली गई है?

    1. अमेरिका
    2. ऑस्ट्रेलिया
    3. कनाडा
    4. जर्मनी

    सही उत्तर: c) कनाडा

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 1 भारत को ‘राज्यों का संघ’ घोषित करता है। यह अवधारणा कनाडा के संविधान से ली गई है। इसका अर्थ है कि भारतीय संघ राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है, और किसी भी राज्य को संघ से अलग होने का अधिकार नहीं है। यह भारत की अविनाशी प्रकृति को दर्शाता है।

  23. नीति आयोग का अध्यक्ष कौन होता है?

    1. राष्ट्रपति
    2. उपराष्ट्रपति
    3. प्रधानमंत्री
    4. वित्त मंत्री

    सही उत्तर: c) प्रधानमंत्री

    विस्तृत व्याख्या: नीति आयोग (नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया), जिसने योजना आयोग का स्थान लिया है, का अध्यक्ष भारत का प्रधानमंत्री होता है। यह एक गैर-संवैधानिक और गैर-सांविधिक निकाय है, जिसे 1 जनवरी 2015 को स्थापित किया गया था। यह भारत सरकार का प्रमुख थिंक-टैंक है, जो केंद्र और राज्य सरकारों को नीतिगत सलाह प्रदान करता है।

  24. संवैधानिक संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए संसद में किस प्रकार के बहुमत की आवश्यकता होती है?

    1. साधारण बहुमत
    2. विशेष बहुमत
    3. विशेष बहुमत और आधे राज्यों के विधानमंडलों का अनुसमर्थन
    4. b और c, मामले के आधार पर

    सही उत्तर: d) b और c, मामले के आधार पर

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संवैधानिक संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो प्रकार के बहुमत की आवश्यकता होती है। अधिकांश प्रावधानों को संसद के ‘विशेष बहुमत’ (प्रत्येक सदन के कुल सदस्यों का बहुमत और उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों का कम से कम दो-तिहाई बहुमत) से संशोधित किया जा सकता है। संघीय ढांचे से संबंधित कुछ प्रावधानों (जैसे राष्ट्रपति का चुनाव, केंद्र और राज्य की कार्यकारी शक्ति की सीमा, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय) को संशोधित करने के लिए संसद के विशेष बहुमत के अलावा, आधे से कम नहीं राज्यों के विधानमंडलों के साधारण बहुमत द्वारा अनुसमर्थन की भी आवश्यकता होती है।

  25. भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) से संबंधित है?

    1. अनुच्छेद 148
    2. अनुच्छेद 155
    3. अनुच्छेद 161
    4. अनुच्छेद 165

    सही उत्तर: a) अनुच्छेद 148

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 148 भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) के पद से संबंधित है। CAG भारत सरकार और राज्य सरकारों के खातों का मुख्य लेखा परीक्षक होता है। वह सार्वजनिक पर्स का संरक्षक होता है और संसद के प्रति उत्तरदायी होता है। वह एक संवैधानिक निकाय है। अनुच्छेद 155 राज्यपाल की नियुक्ति से संबंधित है। अनुच्छेद 161 राज्यपाल की क्षमादान की शक्ति से संबंधित है। अनुच्छेद 165 राज्य के महाधिवक्ता से संबंधित है।

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