प्रिय उम्मीदवारों, इतिहास केवल बीते हुए कल की गाथा नहीं, बल्कि वर्तमान को समझने और भविष्य को गढ़ने की कुंजी है। आपकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए, हम प्रस्तुत करते हैं ‘इतिहास का दैनिक अभ्यास सेट’। इस यात्रा में, आप प्राचीन सभ्यताओं से लेकर आधुनिक विश्व की उथल-पुथल तक, विभिन्न कालखंडों में गोता लगाएँगे। अपनी याददाश्त और विश्लेषणात्मक कौशल का परीक्षण करें, और जानें कि आप समय की कसौटी पर कहाँ खड़े हैं!
दैनिक इतिहास क्विज़
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हाल ही में पुरातात्विक संदर्भ में सुर्खियों में रही रोमन ‘टेट्टिना’ (tettina) शब्द किसे संदर्भित करता है?
- एक प्राचीन रोमन सैन्य हथियार
- बच्चों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक सिप्पी कप
- रोमन साम्राज्य में एक प्रकार का कर
- एक प्रमुख रोमन देवी का नाम
सही उत्तर: b) बच्चों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक सिप्पी कप
विस्तृत व्याख्या: ‘टेट्टिना’ एक प्राचीन रोमन सिप्पी कप को संदर्भित करता है जिसे हाल ही में एक बच्चे की कब्र में पाए जाने के बाद बहाल और प्रदर्शित किया गया है। यह खोज रोमन समाज में बच्चों के लालन-पालन और उनके अंत्येष्टि संस्कारों से संबंधित बहुमूल्य जानकारी प्रदान करती है, जो उनके दैनिक जीवन के एक छोटे लेकिन महत्वपूर्ण पहलू को उजागर करती है। यह इंगित करता है कि बच्चे अपनी प्रारंभिक अवस्था में दूध या अन्य तरल पदार्थ पीने के लिए ऐसे विशेष बर्तनों का उपयोग करते थे।
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1956 की हंगरी क्रांति का तात्कालिक कारण क्या था, जिसने सोवियत संघ के हस्तक्षेप को जन्म दिया?
- हंगरी का वारसॉ पैक्ट से बाहर निकलने का निर्णय
- सोवियत-समर्थित साम्यवादी सरकार के खिलाफ व्यापक जन असंतोष
- अमेरिकी नेतृत्व वाले नाटो में शामिल होने की हंगरी की इच्छा
- यूगोस्लाविया के साथ सीमा विवाद
सही उत्तर: b) सोवियत-समर्थित साम्यवादी सरकार के खिलाफ व्यापक जन असंतोष
विस्तृत व्याख्या: 1956 की हंगरी क्रांति सोवियत-समर्थित साम्यवादी सरकार के खिलाफ व्यापक जन असंतोष और विरोध प्रदर्शनों का परिणाम थी। हंगरी के लोग सोवियत संघ के प्रभुत्व और कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा लागू की गई कठोर नीतियों से मुक्ति चाहते थे। क्रांति ने इमरे नाग्यी के नेतृत्व में एक सुधारवादी सरकार को जन्म दिया, जिसने हंगरी को वारसॉ पैक्ट से हटाने की घोषणा की, जिसके परिणामस्वरूप सोवियत संघ ने सैन्य हस्तक्षेप किया और क्रांति को कुचल दिया। अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि हंगरी ने नाटो में शामिल होने का प्रयास नहीं किया था और सीमा विवाद मुख्य कारण नहीं था।
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सिंधु घाटी सभ्यता का कौन सा स्थल अपनी उन्नत जल प्रबंधन प्रणाली के लिए जाना जाता है?
- हड़प्पा
- मोहनजोदड़ो
- धोलावीरा
- लोथल
सही उत्तर: c) धोलावीरा
विस्तृत व्याख्या: धोलावीरा, गुजरात में स्थित, सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख स्थल है जो अपनी असाधारण जल प्रबंधन प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है। यहां बड़े-बड़े जलाशय, बांध और वर्षा जल संचयन के परिष्कृत तरीके मिले हैं, जो उस समय की इंजीनियरिंग कौशल का प्रमाण हैं। जबकि मोहनजोदड़ो अपने विशाल स्नानागार के लिए जाना जाता है, धोलावीरा का जल प्रबंधन समग्र रूप से अधिक उन्नत था।
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ऋग्वेद में ‘दशराज्ञ युद्ध’ (Battle of Ten Kings) का उल्लेख किस नदी के तट पर हुआ था?
- सरस्वती
- सिंधु
- परुषणी (रावी)
- वितस्ता (झेलम)
सही उत्तर: c) परुषणी (रावी)
विस्तृत व्याख्या: ‘दशराज्ञ युद्ध’ का वर्णन ऋग्वेद के सातवें मंडल में मिलता है। यह युद्ध परुषणी (आधुनिक रावी) नदी के तट पर भरत कबीले के राजा सुदास और दस राजाओं के संघ के बीच लड़ा गया था, जिसमें राजा सुदास विजयी हुए थे। यह प्राचीन वैदिक काल के महत्वपूर्ण राजनीतिक संघर्षों में से एक था।
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‘अर्थशास्त्र’ के लेखक कौटिल्य (चाणक्य) किसके प्रधानमंत्री थे?
- अशोक
- बिंदुसार
- चंद्रगुप्त मौर्य
- समुद्रगुप्त
सही उत्तर: c) चंद्रगुप्त मौर्य
विस्तृत व्याख्या: कौटिल्य, जिन्हें चाणक्य या विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है, मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य के प्रधानमंत्री और मुख्य सलाहकार थे। उनकी कृति ‘अर्थशास्त्र’ राज्य-व्यवस्था, अर्थव्यवस्था और सैन्य रणनीति पर एक प्राचीन भारतीय ग्रंथ है। अशोक और बिंदुसार चंद्रगुप्त मौर्य के उत्तराधिकारी थे, जबकि समुद्रगुप्त गुप्त वंश से संबंधित थे।
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निम्नलिखित में से कौन सा गुप्त काल का एक महान खगोलशास्त्री और गणितज्ञ था?
- भास्कर II
- आर्यभट्ट
- ब्रह्मगुप्त
- वराहमिहिर
सही उत्तर: b) आर्यभट्ट
विस्तृत व्याख्या: आर्यभट्ट गुप्त काल के सबसे प्रसिद्ध खगोलशास्त्री और गणितज्ञ थे। उन्होंने ‘आर्यभटीय’ नामक ग्रंथ लिखा, जिसमें शून्य की अवधारणा, पाई (π) का मान और पृथ्वी के अपनी धुरी पर घूमने व सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करने जैसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों का प्रतिपादन किया गया था। वराहमिहिर भी गुप्त काल के एक अन्य प्रमुख खगोलशास्त्री थे, जबकि भास्कर II और ब्रह्मगुप्त बाद के काल के गणितज्ञ थे।
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‘दीन-ए-इलाही’ नामक धार्मिक पंथ किसने शुरू किया था?
- अकबर
- हुमायूँ
- औरंगजेब
- शाहजहाँ
सही उत्तर: a) अकबर
विस्तृत व्याख्या: ‘दीन-ए-इलाही’ मुगल सम्राट अकबर द्वारा 1582 ई. में शुरू किया गया एक समन्वयवादी धर्म था। इसका उद्देश्य सभी धर्मों के मूल सिद्धांतों को मिलाकर एक सार्वभौमिक नैतिकता का निर्माण करना था। अकबर ने विभिन्न धर्मों के विद्वानों के साथ ‘इबादत खाना’ में चर्चाएँ कीं और उसी से ‘दीन-ए-इलाही’ की अवधारणा विकसित हुई। यह एक असफल प्रयोग था और कुछ ही अनुयायी थे।
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दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘बाजार नियंत्रण नीति’ (Market Control Policy) लागू की थी?
- इल्तुतमिश
- बलबन
- अलाउद्दीन खिलजी
- मुहम्मद बिन तुगलक
सही उत्तर: c) अलाउद्दीन खिलजी
विस्तृत व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी दिल्ली सल्तनत के खिलजी वंश के एक शक्तिशाली शासक थे, जिन्होंने एक विशाल सेना को बनाए रखने और वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ‘बाजार नियंत्रण नीति’ लागू की थी। इस नीति के तहत, विभिन्न वस्तुओं के लिए निश्चित मूल्य निर्धारित किए गए थे और उल्लंघनकर्ताओं को कठोर दंड दिया जाता था। अन्य शासकों ने ऐसी व्यापक बाजार नियंत्रण नीतियां लागू नहीं कीं।
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विजयनगर साम्राज्य का सबसे प्रसिद्ध शासक कौन था, जिसके काल में साम्राज्य अपनी चरम सीमा पर था?
- हरिहर I
- बुक्का I
- कृष्णदेवराय
- रामराय
सही उत्तर: c) कृष्णदेवराय
विस्तृत व्याख्या: कृष्णदेवराय (1509-1529 ई.) विजयनगर साम्राज्य के तुलुव वंश के सबसे महान शासक थे। उनके शासनकाल को विजयनगर साम्राज्य के लिए स्वर्ण युग माना जाता है, जिसमें कला, साहित्य और वास्तुकला का अभूतपूर्व विकास हुआ। वे एक कुशल योद्धा और विद्वान भी थे। हरिहर I और बुक्का I साम्राज्य के संस्थापक थे, जबकि रामराय उनके बाद के शासक थे।
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शिवाजी महाराज की अष्टप्रधान परिषद में ‘पेशवा’ का क्या कार्य था?
- विदेश मंत्री
- शाही कोषाध्यक्ष
- प्रधानमंत्री
- न्याय मंत्री
सही उत्तर: c) प्रधानमंत्री
विस्तृत व्याख्या: शिवाजी महाराज की ‘अष्टप्रधान’ परिषद में ‘पेशवा’ प्रधानमंत्री के समकक्ष पद था, जो प्रशासन के समग्र पर्यवेक्षण के लिए जिम्मेदार था और राजा की अनुपस्थिति में राज्य के मामलों का प्रबंधन करता था। ‘अमात्य’ या ‘मजूमदार’ वित्त मंत्री थे, ‘सुमंत’ या ‘दबीर’ विदेश मंत्री थे, और ‘न्यायाधीश’ न्याय मंत्री थे।
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भारत में सिविल सेवाओं का जनक किसे माना जाता है?
- लॉर्ड विलियम बेंटिंक
- लॉर्ड डलहौजी
- लॉर्ड कॉर्नवालिस
- लॉर्ड रिपन
सही उत्तर: c) लॉर्ड कॉर्नवालिस
विस्तृत व्याख्या: लॉर्ड कॉर्नवालिस को भारत में सिविल सेवाओं का जनक माना जाता है। उन्होंने भ्रष्टाचार को कम करने और दक्षता बढ़ाने के लिए सिविल सेवा को पुनर्गठित किया। उन्होंने ‘कॉर्नवालिस कोड’ भी पेश किया, जिसने राजस्व प्रशासन को न्यायिक प्रशासन से अलग किया। जबकि अन्य गवर्नरों ने भी प्रशासन में सुधार किए, कॉर्नवालिस का योगदान मौलिक था।
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1857 के विद्रोह के समय भारत का गवर्नर-जनरल कौन था?
- लॉर्ड डलहौजी
- लॉर्ड कैनिंग
- लॉर्ड एलेनबरो
- लॉर्ड हार्डिंग
सही उत्तर: b) लॉर्ड कैनिंग
विस्तृत व्याख्या: 1857 के सिपाही विद्रोह के समय लॉर्ड कैनिंग भारत के गवर्नर-जनरल थे। उनके कार्यकाल में यह महत्वपूर्ण विद्रोह हुआ, जिसके बाद भारत का शासन ईस्ट इंडिया कंपनी से ब्रिटिश क्राउन को हस्तांतरित कर दिया गया और वे भारत के पहले वायसराय बने।
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‘ब्रह्म समाज’ की स्थापना किसने की थी?
- स्वामी दयानंद सरस्वती
- राजा राम मोहन राय
- ईश्वरचंद्र विद्यासागर
- महादेव गोविंद रानाडे
सही उत्तर: b) राजा राम मोहन राय
विस्तृत व्याख्या: राजा राम मोहन राय ने 1828 में ‘ब्रह्म समाज’ की स्थापना की थी। वे एक महान समाज सुधारक थे, जिन्होंने सती प्रथा, बाल विवाह और बहुविवाह जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाई और पश्चिमी शिक्षा का समर्थन किया। स्वामी दयानंद सरस्वती ने ‘आर्य समाज’ की स्थापना की, जबकि ईश्वरचंद्र विद्यासागर और महादेव गोविंद रानाडे भी महत्वपूर्ण समाज सुधारक थे लेकिन ब्रह्म समाज से सीधे संबंधित नहीं थे।
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गांधीजी ने किस घटना के बाद असहयोग आंदोलन को स्थगित कर दिया था?
- जलियांवाला बाग हत्याकांड
- चौरी-चौरा घटना
- दांडी मार्च
- सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत
सही उत्तर: b) चौरी-चौरा घटना
विस्तृत व्याख्या: 5 फरवरी 1922 को हुई चौरी-चौरा घटना के बाद महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया। इस घटना में उत्तर प्रदेश के चौरी-चौरा में एक भीड़ ने पुलिस थाने में आग लगा दी थी, जिसमें कई पुलिसकर्मी मारे गए थे। गांधीजी अहिंसक आंदोलन में विश्वास रखते थे और इस हिंसा से अत्यधिक दुखी हुए, जिसके कारण उन्होंने आंदोलन वापस ले लिया।
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किस अधिनियम के तहत भारत में ‘द्वैध शासन’ (Dyarchy) की शुरुआत की गई?
- भारत सरकार अधिनियम, 1909
- भारत सरकार अधिनियम, 1919
- भारत सरकार अधिनियम, 1935
- भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947
सही उत्तर: b) भारत सरकार अधिनियम, 1919
विस्तृत व्याख्या: भारत सरकार अधिनियम, 1919 (जिसे मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार भी कहा जाता है) ने प्रांतों में ‘द्वैध शासन’ की शुरुआत की। इसके तहत प्रांतीय विषयों को दो श्रेणियों में बांटा गया था – आरक्षित (Reserved) और हस्तांतरित (Transferred)। आरक्षित विषय गवर्नर और उनकी कार्यकारी परिषद के नियंत्रण में थे, जबकि हस्तांतरित विषय भारतीय मंत्रियों के अधीन थे, जो विधान परिषद के प्रति जवाबदेह थे।
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फ्रांसीसी क्रांति (1789) का सबसे महत्वपूर्ण नारा क्या था?
- शांति, रोटी और भूमि
- स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व
- एक राष्ट्र, एक साम्राज्य, एक नेता
- गरीबी हटाओ
सही उत्तर: b) स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व
विस्तृत व्याख्या: फ्रांसीसी क्रांति का केंद्रीय नारा ‘स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व’ (Liberté, égalité, fraternité) था। यह नारा क्रांति के आदर्शों और लक्ष्यों को संक्षेप में प्रस्तुत करता है, जिसने यूरोप और दुनिया भर में राजनीतिक विचारों को गहराई से प्रभावित किया। यह आज भी कई लोकतांत्रिक देशों के संविधानों और प्रतीकों में गूँजता है।
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किस वर्ष प्रथम विश्व युद्ध शुरू हुआ था?
- 1905
- 1914
- 1918
- 1939
सही उत्तर: b) 1914
विस्तृत व्याख्या: प्रथम विश्व युद्ध 28 जुलाई 1914 को शुरू हुआ था, जब ऑस्ट्रिया-हंगरी ने सर्बिया के खिलाफ युद्ध की घोषणा की थी। यह युद्ध चार साल से अधिक समय तक चला और 11 नवंबर 1918 को समाप्त हुआ। 1939 में द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हुआ था।
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अशोक के अधिकांश शिलालेख किस लिपि में लिखे गए हैं?
- देवनागरी
- पाली
- ब्राह्मी
- खरोष्ठी
सही उत्तर: c) ब्राह्मी
विस्तृत व्याख्या: सम्राट अशोक के अधिकांश शिलालेख ब्राह्मी लिपि में लिखे गए हैं, जो बाएं से दाएं पढ़ी जाती है। कुछ शिलालेख खरोष्ठी (उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में), यूनानी और अरामाईक लिपियों में भी पाए गए हैं। ये शिलालेख अशोक के धम्म (नैतिक संहिता) और उनके साम्राज्य की नीतियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं।
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गुप्त काल में ‘नवनीतकम’ नामक ग्रंथ किससे संबंधित था?
- दर्शनशास्त्र
- ज्योतिष
- चिकित्सा
- व्याकरण
सही उत्तर: c) चिकित्सा
विस्तृत व्याख्या: ‘नवनीतकम’ गुप्त काल का एक महत्वपूर्ण चिकित्सा ग्रंथ है, जिसमें औषधीय सूत्र, उपचार विधियाँ और आहार संबंधी सलाह शामिल हैं। यह ग्रंथ आयुर्वेद के विकास और उस काल में चिकित्सा विज्ञान की प्रगति को दर्शाता है। यह दर्शाता है कि गुप्त काल न केवल कला और साहित्य बल्कि विज्ञान में भी उन्नत था।
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भारत में स्थायी बंदोबस्त (Permanent Settlement) किसने लागू किया?
- लॉर्ड हेस्टिंग्स
- लॉर्ड कॉर्नवालिस
- लॉर्ड वेलेस्ली
- लॉर्ड डलहौजी
सही उत्तर: b) लॉर्ड कॉर्नवालिस
विस्तृत व्याख्या: स्थायी बंदोबस्त (Permanent Settlement) 1793 में लॉर्ड कॉर्नवालिस द्वारा बंगाल, बिहार और ओडिशा में लागू किया गया था। इस व्यवस्था के तहत, जमींदारों को भूमि का स्थायी मालिक बना दिया गया और उन्हें सरकार को एक निश्चित राशि का राजस्व देना होता था। इसका उद्देश्य कंपनी के लिए राजस्व का एक स्थिर स्रोत सुनिश्चित करना था, लेकिन इसने किसानों का शोषण बढ़ाया।
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष कौन थीं?
- सरोजिनी नायडू
- एनी बेसेंट
- नलिनी सेनगुप्ता
- कमला देवी चट्टोपाध्याय
सही उत्तर: b) एनी बेसेंट
विस्तृत व्याख्या: एनी बेसेंट 1917 के कलकत्ता अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष बनीं। वह एक आयरिश थियोसोफिस्ट थीं जिन्होंने भारत में होम रूल आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सरोजिनी नायडू भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली भारतीय महिला अध्यक्ष (1925, कानपुर अधिवेशन) थीं।
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किस मुगल सम्राट ने अपनी आत्मकथा ‘तुज़ुक-ए-बाबरी’ (बाबरनामा) लिखी?
- अकबर
- बाबर
- हुमायूँ
- जहाँगीर
सही उत्तर: b) बाबर
विस्तृत व्याख्या: ‘तुज़ुक-ए-बाबरी’, जिसे आमतौर पर ‘बाबरनामा’ के नाम से जाना जाता है, मुगल साम्राज्य के संस्थापक बाबर की आत्मकथा है। इसे चग़ताई तुर्की भाषा में लिखा गया था। यह भारत में उनके शासनकाल के बारे में और उनके व्यक्तिगत जीवन, अवलोकन और अनुभवों के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान करता है। जहाँगीर ने ‘तुज़ुक-ए-जहाँगीरी’ लिखी थी।
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होमरूल आंदोलन (Home Rule Movement) भारत में किसके नेतृत्व में शुरू किया गया था?
- महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू
- बाल गंगाधर तिलक और एनी बेसेंट
- सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह
सही उत्तर: b) बाल गंगाधर तिलक और एनी बेसेंट
विस्तृत व्याख्या: होमरूल आंदोलन 1916 में बाल गंगाधर तिलक और एनी बेसेंट के नेतृत्व में शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर भारत के लिए स्वशासन (होम रूल) प्राप्त करना था। तिलक ने पुणे में और एनी बेसेंट ने मद्रास (अड्यार) में अपनी-अपनी होमरूल लीग की स्थापना की थी।
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‘गुलामगिरी’ नामक पुस्तक किसने लिखी थी, जिसने जाति-आधारित भेदभाव की आलोचना की?
- महात्मा गांधी
- ज्योतिबा फुले
- बी.आर. अंबेडकर
- पेरियार ई.वी. रामासामी
सही उत्तर: b) ज्योतिबा फुले
विस्तृत व्याख्या: ‘गुलामगिरी’ (गुलामी) नामक पुस्तक 1873 में महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले द्वारा लिखी गई थी। इस पुस्तक में उन्होंने जाति व्यवस्था और विशेष रूप से ब्राह्मणवादी वर्चस्व के कारण दलितों और निम्न जातियों के शोषण की तीखी आलोचना की। यह पुस्तक भारतीय समाज में सामाजिक न्याय और समानता के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है।
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द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान एक्सिस शक्तियां (Axis Powers) कौन सी थीं?
- जर्मनी, इटली, जापान
- ब्रिटेन, फ्रांस, सोवियत संघ
- संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा
- चीन, भारत, ऑस्ट्रेलिया
सही उत्तर: a) जर्मनी, इटली, जापान
विस्तृत व्याख्या: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मुख्य एक्सिस शक्तियां जर्मनी, इटली और जापान थीं। इन तीनों देशों ने मिलकर धुरी राष्ट्रों का गठबंधन बनाया और मित्र राष्ट्रों (जिसमें ब्रिटेन, फ्रांस, सोवियत संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल थे) के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
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अजंता की गुफाएँ, जो अपनी भित्तिचित्रों और मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध हैं, मुख्य रूप से किस धर्म से संबंधित हैं?
- हिंदू धर्म
- जैन धर्म
- बौद्ध धर्म
- सिख धर्म
सही उत्तर: c) बौद्ध धर्म
विस्तृत व्याख्या: अजंता की गुफाएँ महाराष्ट्र में स्थित हैं और यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल हैं। ये गुफाएँ अपनी शानदार रॉक-कट वास्तुकला, भित्तिचित्रों (फ्रेश्को पेंटिंग) और मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध हैं, जो मुख्य रूप से बौद्ध धर्म से संबंधित हैं। इन कलाकृतियों में बुद्ध के जीवन और जातक कथाओं को दर्शाया गया है, जो दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से छठी शताब्दी ईस्वी तक की अवधि की हैं।
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भक्ति आंदोलन के संत कबीरदास किसके शिष्य थे?
- रामानुजाचार्य
- गुरु नानक
- रामानंद
- चैतन्य महाप्रभु
सही उत्तर: c) रामानंद
विस्तृत व्याख्या: कबीरदास (15वीं सदी) भक्ति आंदोलन के एक महान संत और रहस्यवादी कवि थे। वे निर्गुण भक्ति परंपरा के प्रमुख प्रतिपादक थे और उन्होंने जाति, धर्म और सामाजिक भेदभाव का विरोध किया। उन्हें संत रामानंद का शिष्य माना जाता है, जिन्होंने उत्तर भारत में भक्ति आंदोलन को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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पुणे समझौता (Poona Pact) किस वर्ष हस्ताक्षरित हुआ था?
- 1928
- 1930
- 1932
- 1935
सही उत्तर: c) 1932
विस्तृत व्याख्या: पुणे समझौता महात्मा गांधी और बी.आर. अंबेडकर के बीच 1932 में हस्ताक्षरित हुआ था। यह समझौता ब्रिटिश सरकार द्वारा दलितों के लिए अलग निर्वाचक मंडल (Separate Electorates) के प्रस्ताव के जवाब में हुआ था। समझौते के तहत, दलितों के लिए अलग निर्वाचक मंडल को समाप्त कर दिया गया, लेकिन प्रांतीय विधानमंडलों में उनकी आरक्षित सीटों की संख्या बढ़ा दी गई।
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का ‘सूरत विभाजन’ (Surat Split) किस वर्ष हुआ था?
- 1905
- 1906
- 1907
- 1909
सही उत्तर: c) 1907
विस्तृत व्याख्या: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का ‘सूरत विभाजन’ 1907 में सूरत अधिवेशन के दौरान हुआ था। इस विभाजन का मुख्य कारण कांग्रेस के भीतर नरमपंथी (Moderates) और गरमपंथी (Extremists) गुटों के बीच वैचारिक मतभेद थे, खासकर स्वशासन की प्रकृति और आंदोलन के तरीकों को लेकर। इस विभाजन ने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन को कुछ समय के लिए कमजोर कर दिया था।
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शीत युद्ध (Cold War) के दौरान बर्लिन की दीवार का निर्माण किस वर्ष किया गया था?
- 1945
- 1950
- 1961
- 1989
सही उत्तर: c) 1961
विस्तृत व्याख्या: बर्लिन की दीवार का निर्माण 13 अगस्त 1961 को पूर्वी जर्मनी (सोवियत संघ के समर्थन से) द्वारा किया गया था। इसका उद्देश्य पूर्वी बर्लिन से पश्चिमी बर्लिन की ओर बड़े पैमाने पर पलायन को रोकना था, जो शीत युद्ध के दौरान जर्मनी के विभाजन और वैचारिक संघर्ष का एक शक्तिशाली प्रतीक बन गई थी। 1989 में इसे गिरा दिया गया था, जो शीत युद्ध के अंत का प्रतीक बना।
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