Get free Notes

सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Click Here

इतिहास के गलियारों से: अपनी तैयारी को दें एक नई धार

अतीत की यात्रा: इतिहास के चुनौतीपूर्ण प्रश्नों के साथ अपनी तैयारी को परखें

\n

अतीत की गहराइयों में उतरकर समय की यात्रा करने के लिए तैयार हो जाइए। इतिहास केवल तारीखों का संग्रह नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के विकास की एक अद्भुत गाथा है। आइए, इस उच्च-स्तरीय दैनिक मॉक टेस्ट के माध्यम से अपने ज्ञान को परखें और प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी सफलता की राह प्रशस्त करें।

\n\n


\n\n

    \n \n

  1. सिंधु घाटी सभ्यता के संदर्भ में, ‘लोथल’ स्थल के बारे में कौन सा कथन सत्य है?\n
      \n

    • (A) यह एक प्रमुख प्रशासनिक केंद्र था।
    • \n

    • (B) यहाँ दुनिया का प्राचीनतम ज्ञात गोदीबाड़ा (Dockyard) पाया गया है।
    • \n

    • (C) यह केवल एक कृषि प्रधान बस्ती थी।
    • \n

    • (D) यहाँ से कोई विदेशी व्यापार के प्रमाण नहीं मिले हैं।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)\n

    विस्तृत व्याख्या: लोथल (गुजरात) सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर था। यहाँ एक विशाल गोदीबाड़ा (Dockyard) मिला है, जो यह सिद्ध करता है कि यहाँ से मेसोपोटामिया और अन्य विदेशी सभ्यताओं के साथ समुद्री व्यापार होता था। विकल्प (A) गलत है क्योंकि मुख्य प्रशासनिक केंद्र हड़प्पा और मोहनजोदड़ो थे। विकल्प (C) और (D) गलत हैं क्योंकि लोथल व्यापार का केंद्र था, न कि केवल कृषि का।

    \n

    \n

  2. \n\n

  3. ऋग्वैदिक काल के ‘दशराज्ञ युद्ध’ (दस राजाओं का युद्ध) का संबंध किस नदी से है?\n
      \n

    • (A) सिंधु नदी
    • \n

    • (B) सरस्वती नदी
    • \n

    • (C) परुष्णी (रावी) नदी
    • \n

    • (D) वितस्ता (झेलम) नदी
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C)\n

    विस्तृत व्याख्या: दशराज्ञ युद्ध ऋग्वेद के 7वें मंडल में वर्णित है। यह युद्ध भरत जन के राजा सुदास और दस अन्य राजाओं के संघ के बीच परुष्णी (वर्तमान रावी नदी) के तट पर लड़ा गया था, जिसमें राजा सुदास की विजय हुई। अन्य नदियाँ भी ऋग्वेद में महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इस विशिष्ट युद्ध का केंद्र परुष्णी नदी थी।

    \n

    \n

  4. \n\n

  5. मौर्य सम्राट अशोक के ‘धम्म’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
      \n

    • (A) एक नया धर्म स्थापित करना।
    • \n

    • (B) बौद्ध धर्म को अनिवार्य बनाना।
    • \n

    • (C) सामाजिक सद्भाव और नैतिक आचरण को बढ़ावा देना।
    • \n

    • (D) केवल ब्राह्मणवादी परंपराओं का प्रसार करना।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C)\n

    विस्तृत व्याख्या: अशोक का ‘धम्म’ कोई औपचारिक धर्म या संप्रदाय नहीं था, बल्कि यह नैतिक नियमों का एक समूह था। इसका उद्देश्य विविधतापूर्ण साम्राज्य में सामाजिक एकता, बड़ों का सम्मान, अहिंसा और सहिष्णुता को बढ़ावा देना था। विकल्प (A) और (B) गलत हैं क्योंकि यह धर्म परिवर्तन का साधन नहीं था।

    \n

    \n

  6. \n\n

  7. मेगस्थनीज द्वारा लिखित पुस्तक ‘इंडिका’ मुख्य रूप से किस काल का वर्णन करती है?\n
      \n

    • (A) गुप्त काल
    • \n

    • (B) मौर्य काल
    • \n

    • (C) कुषाण काल
    • \n

    • (D) हर्षवर्धन काल
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)\n

    विस्तृत व्याख्या: मेगस्थनीज यूनानी शासक सेल्युकस निकेटर का राजदूत था, जो चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में आया था। उसकी पुस्तक ‘इंडिका’ मौर्यकालीन प्रशासन, समाज और अर्थव्यवस्था का विस्तृत विवरण देती है। अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि मेगस्थनीज का समय मौर्य काल के दौरान था।

    \n

    \n

  8. \n\n

  9. गुप्त काल को भारतीय इतिहास का ‘स्वर्ण युग’ क्यों कहा जाता है?\n
      \n

    • (A) क्योंकि इस दौरान सोने के सिक्कों की प्रचुरता थी।
    • \n

    • (B) कला, विज्ञान, साहित्य और संस्कृति के अभूतपूर्व विकास के कारण।
    • \n

    • (C) क्योंकि इस दौरान कोई युद्ध नहीं हुआ।
    • \n

    • (D) केवल विशाल साम्राज्य विस्तार के कारण।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)\n

    विस्तृत व्याख्या: गुप्त काल में कालिदास जैसे साहित्यकार, आर्यभट्ट और वराहमिहिर जैसे वैज्ञानिक हुए। मंदिर वास्तुकला और मूर्तिकला का चरम विकास हुआ। यद्यपि सोने के सिक्के (दीनार) जारी किए गए थे, लेकिन ‘स्वर्ण युग’ शब्द बौद्धिक और सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाता है।

    \n

    \n

  10. \n\n

  11. ह्वेन त्सांग (Xuanzang) ने किस भारतीय राजा के शासनकाल के दौरान भारत की यात्रा की थी?\n
      \n

    • (A) चंद्रगुप्त द्वितीय
    • \n

    • (B) हर्षवर्धन
    • \n

    • (C) कनिष्क
    • \n

    • (D) समुद्रगुप्त
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)\n

    विस्तृत व्याख्या: चीनी यात्री ह्वेन त्सांग 7वीं शताब्दी में राजा हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान भारत आया था। उसने नालंदा विश्वविद्यालय में अध्ययन किया और हर्षवर्धन के प्रशासन व धर्म का विस्तृत विवरण दिया। अन्य विकल्प अलग-अलग कालखंडों (जैसे कनिष्क – कुषाण, समुद्रगुप्त – गुप्त) से संबंधित हैं।

    \n

    \n

  12. \n\n

  13. पल्लव वंश की ‘रथ मंदिरों’ की वास्तुकला कहाँ स्थित है?\n
      \n

    • (A) तंजावुर
    • \n

    • (B) महाबलीपुरम
    • \n

    • (C) हम्पी
    • \n

    • (D) मदुरै
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)\n

    विस्तृत व्याख्या: महाबलीपुरम (तमिलनाडु) के प्रसिद्ध एकाश्मक रथ मंदिर पल्लव राजाओं (विशेषकर नरसिंहवर्मन प्रथम) द्वारा बनवाए गए थे। ये द्रविड़ वास्तुकला के शुरुआती उदाहरण हैं। तंजावुर चोलों से संबंधित है और हम्पी विजयनगर साम्राज्य से।

    \n

    \n

  14. \n\n \n

  15. दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘बाजार नियंत्रण नीति’ (Market Control Policy) लागू की थी?\n
      \n

    • (A) इल्तुतमिश
    • \n

    • (B) गयासुद्दीन बलबन
    • \n

    • (C) अलाउद्दीन खिलजी
    • \n

    • (D) मोहम्मद बिन तुगलक
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C)\n

    विस्तृत व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी विशाल सेना के रखरखाव के लिए वस्तुओं की कीमतें निर्धारित कीं और एक सख्त बाजार नियंत्रण प्रणाली लागू की। उसने ‘शहना-ए-मंडी’ नामक अधिकारी नियुक्त किए थे। अन्य सुल्तानों ने प्रशासनिक सुधार किए, लेकिन इतनी कठोर बाजार नीति नहीं अपनाई।

    \n

    \n

  16. \n\n

  17. मोहम्मद बिन तुगलक द्वारा शुरू की गई ‘सांकेतिक मुद्रा’ (Token Currency) क्यों विफल रही?\n
      \n

    • (A) क्योंकि जनता ने उसे स्वीकार नहीं किया।
    • \n

    • (B) क्योंकि सिक्कों की धातु बहुत महंगी थी।
    • \n

    • (C) क्योंकि बड़े पैमाने पर जाली सिक्कों का निर्माण हो गया था।
    • \n

    • (D) क्योंकि विदेशी व्यापारियों ने इसका विरोध किया।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C)\n

    विस्तृत व्याख्या: तुगलक ने चांदी के सिक्कों के स्थान पर तांबे और पीतल के सिक्के चलाए, लेकिन सरकार सिक्कों की ढलाई पर नियंत्रण नहीं रख पाई, जिससे लोगों ने अपने घरों में जाली सिक्के बनाने शुरू कर दिए। इससे अर्थव्यवस्था चरमरा गई।

    \n

    \n

  18. \n\n

  19. मुगल सम्राट अकबर द्वारा प्रतिपादित ‘दीन-ए-इलाही’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
      \n

    • (A) इस्लाम का नया संस्करण बनाना।
    • \n

    • (B) सभी धर्मों के अच्छे तत्वों को मिलाकर एक नैतिक संहिता बनाना।
    • \n

    • (C) हिंदू धर्म को पूरी तरह समाप्त करना।
    • \n

    • (D) केवल फारसी संस्कृति को बढ़ावा देना।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)\n

    विस्तृत व्याख्या: अकबर ने 1582 में ‘दीन-ए-इलाही’ (ईश्वर का धर्म) शुरू किया, जिसका उद्देश्य विभिन्न धर्मों के बीच सामंजस्य स्थापित करना और एक उदार सामाजिक ढांचा तैयार करना था। यह कोई अनिवार्य धर्म नहीं था, बल्कि एक दार्शनिक मार्ग था।

    \n

    \n

  20. \n\n

  21. विजयनगर साम्राज्य के किस शासक के काल में विदेशी यात्रियों (जैसे डोमिंगो पेस) का सबसे अधिक आगमन हुआ?\n
      \n

    • (A) हरिहर प्रथम
    • \n

    • (B) कृष्णदेव राय
    • \n

    • (C) देवराय द्वितीय
    • \n

    • (D) अच्युत राय
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)\n

    विस्तृत व्याख्या: कृष्णदेव राय (तुलुव वंश) विजयनगर के सबसे महान शासक थे। उनके शासनकाल में कला, साहित्य और व्यापार चरम पर था, जिससे कई पुर्तगाली और अन्य विदेशी यात्री आकर्षित हुए। वे साहित्य के महान संरक्षक थे और उन्होंने ‘अमुक्तमाल्यद’ की रचना की।

    \n

    \n

  22. \n\n

  23. शेरशाह सूरी द्वारा निर्मित ‘ग्रैंड ट्रंक रोड’ (GT Road) का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
      \n

    • (A) केवल सैन्य आवाजाही को तेज करना।
    • \n

    • (B) व्यापार और संचार व्यवस्था में सुधार करना।
    • \n

    • (C) तीर्थयात्रियों के लिए रास्ता बनाना।
    • \n

    • (D) विदेशी आक्रमणकारियों को रोकना।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)\n

    विस्तृत व्याख्या: शेरशाह सूरी ने बंगाल से पेशावर तक सड़क बनवाई, जिसे ग्रैंड ट्रंक रोड कहा जाता है। इसका उद्देश्य व्यापार को सुगम बनाना और प्रशासनिक नियंत्रण को मजबूत करना था। सड़क के किनारे सराय और पेड़ लगवाए गए थे ताकि यात्रियों को सुविधा हो।

    \n

    \n

  24. \n\n

  25. छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रशासन में ‘अष्टप्रधान’ परिषद का क्या कार्य था?\n
      \n

    • (A) केवल धार्मिक कार्यों का प्रबंधन।
    • \n

    • (B) सैन्य अभियानों का नियोजन।
    • \n

    • (C) शासन के विभिन्न विभागों का प्रबंधन और परामर्श देना।
    • \n

    • (D) केवल कर संग्रह करना।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C)\n

    विस्तृत व्याख्या: शिवाजी महाराज ने प्रशासन चलाने के लिए आठ मंत्रियों की एक परिषद बनाई थी जिसे ‘अष्टप्रधान’ कहा जाता था। इसमें पेशवा (प्रधानमंत्री), अमात्य (वित्त मंत्री), सचिव आदि शामिल थे, जो राजा को सलाह देते थे और राज्य का संचालन करते थे।

    \n

    \n

  26. \n\n

  27. दिल्ली सल्तनत के किस वंश ने सबसे कम समय तक शासन किया?\n
      \n

    • (A) खिलजी वंश
    • \n

    • (B) तुगलक वंश
    • \n

    • (C) लोदी वंश
    • \n

    • (D) गुलाम वंश
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (A)\n

    विस्तृत व्याख्या: खिलजी वंश ने लगभग 30 वर्षों (1290-1320) तक शासन किया, जो अन्य वंशों (जैसे तुगलक या गुलाम वंश) की तुलना में बहुत कम समय था।

    \n

    \n

  28. \n\n

  29. औरंगजेब ने किस वर्ष ‘जजिया कर’ को पुनः लागू किया था?\n
      \n

    • (A) 1658
    • \n

    • (B) 1679
    • \n

    • (C) 1707
    • \n

    • (D) 1665
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)\n

    विस्तृत व्याख्या: अकबर ने 1564 में जजिया कर समाप्त कर दिया था, लेकिन औरंगजेब ने अपनी कट्टर धार्मिक नीतियों के तहत 1679 में इसे फिर से लागू किया। इससे साम्राज्य के भीतर असंतोष बढ़ा और कई विद्रोह हुए।

    \n

    \n

  30. \n\n

  31. कुतुब मीनार का निर्माण कार्य किसने पूरा करवाया था?\n
      \n (A) कुतुब-उद-दीन ऐबक\n (B) इल्तुतमिश\n (C) रज़िया सुल्तान\n (D) बलबन\n

    \n

    सही उत्तर: (B)\n

    विस्तृत व्याख्या: कुतुब मीनार की नींव कुतुब-उद-दीन ऐबक ने रखी थी, लेकिन इसका निर्माण कार्य उसका उत्तराधिकारी इल्तुतमिश पूरा करवाया था। बाद में फिरोज शाह तुगलक ने इसकी ऊपरी मंजिल की मरम्मत कराई थी।

    \n

    \n

  32. \n\n \n

  33. 1757 के ‘प्लासी के युद्ध’ में अंग्रेजों की जीत का मुख्य कारण क्या था?\n
      \n

    • (A) अंग्रेजों की श्रेष्ठ सैन्य शक्ति।
    • \n

    • (B) सिराज-उद-दौला की सैन्य कमजोरी।
    • \n

    • (C) मीर जाफर का विश्वासघात।
    • \n

    • (D) फ्रांसीसियों का अंग्रेजों का साथ देना।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C)\n

    विस्तृत व्याख्या: प्लासी का युद्ध वास्तव में एक सैन्य संघर्ष से अधिक एक राजनीतिक साजिश थी। सिराज-उद-दौला के सेनापति मीर जाफर ने अंग्रेजों (रॉबर्ट क्लाइव) के साथ गुप्त समझौता किया और युद्ध के दौरान अपनी सेना को निष्क्रिय रखा, जिससे नवाब की हार हुई।

    \n

    \n

  34. \n\n

  35. ‘ब्रह्म समाज’ की स्थापना राजा राममोहन राय ने किस मुख्य उद्देश्य से की थी?\n
      \n

    • (A) संस्कृत भाषा का प्रचार करना।
    • \n

    • (B) सती प्रथा जैसी कुरीतियों का अंत और एकेश्वरवाद का प्रचार करना।
    • \n

    • (C) अंग्रेजी शिक्षा का पूर्ण विरोध करना।
    • \n

    • (D) केवल हिंदू धर्म का कट्टर प्रसार करना।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)\n

    विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय को ‘आधुनिक भारत का जनक’ कहा जाता है। उन्होंने 1828 में ब्रह्म समाज की स्थापना की ताकि समाज से सती प्रथा, बाल विवाह और मूर्तिपूजा जैसी कुरीतियों को दूर कर तर्कसंगत और एकेश्वरवादी धर्म की स्थापना की जा सके।

    \n

    \n

  36. \n\n

  37. 1857 के विद्रोह के दौरान ‘लखनऊ’ का नेतृत्व किसने किया था?\n
      \n

    • (A) नाना साहेब
    • \n

    • (B) रानी लक्ष्मीबाई
    • \n

    • (C) बेगम हज़रत महल
    • \n

    • (D) कुंवर सिंह
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C)\n

    विस्तृत व्याख्या: 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में बेगम हज़रत महल ने लखनऊ से विद्रोह का नेतृत्व किया। नाना साहेब ने कानपुर, लक्ष्मीबाई ने झाँसी और कुंवर सिंह ने बिहार (जगदीशपुर) से नेतृत्व किया था।

    \n

    \n

  38. \n\n

  39. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (1885) की अध्यक्षता किसने की थी?\n
      \n

    • (A) ए.ओ. ह्यूम
    • \n

    • (B) दादाभाई नौरोजी
    • \n

    • (C) डब्ल्यू.सी. बनर्जी (W.C. Bonnerjee)
    • \n

    • (D) गोपाल कृष्ण गोखले
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C)\n

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में ए.ओ. ह्यूम द्वारा की गई थी, लेकिन इसके पहले अधिवेशन की अध्यक्षता व्योमेश चन्द्र बनर्जी (W.C. Bonnerjee) ने की थी। यह अधिवेशन बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुआ था।

    \n

    \n

  40. \n\n

  41. 1905 के ‘बंगाल विभाजन’ के विरोध में शुरू हुआ ‘स्वदेशी आंदोलन’ मुख्य रूप से किस पर केंद्रित था?\n
      \n

    • (A) केवल अंग्रेजों की भाषा का विरोध करना।
    • \n

    • (B) विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार और स्वदेशी उत्पादों का उपयोग।
    • \n

    • (C) ब्रिटिश सरकार के साथ समझौता करना।
    • \n

    • (D) केवल धार्मिक सुधार करना।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)\n

    विस्तृत व्याख्या: लॉर्ड कर्जन द्वारा 1905 में किए गए बंगाल विभाजन के जवाब में स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ। इसका मुख्य हथियार ‘बहिष्कार’ (Boycott) था, जिसमें विदेशी कपड़ों और वस्तुओं को जलाया गया और भारतीय उद्योगों को बढ़ावा दिया गया।

    \n

    \n

  42. \n\n

  43. ‘जलियांवाला बाग हत्याकांड’ (13 अप्रैल 1919) के विरोध में किसने अपनी ‘नाइटहुड’ (Knight-hood) की उपाधि त्याग दी थी?\n
      \n

    • (A) महात्मा गांधी
    • \n

    • (B) बाल गंगाधर तिलक
    • \n

    • (C) रवींद्रनाथ टैगोर
    • \n

    • (D) लाला लाजपत राय
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C)\n

    विस्तृत व्याख्या: जनरल डायर द्वारा किए गए इस क्रूर नरसंहार के विरोध में महान कवि रवींद्रनाथ टैगोर ने ब्रिटिश सरकार द्वारा दी गई अपनी ‘नाइटहुड’ की उपाधि लौटा दी थी।

    \n

    \n

  44. \n\n

  45. महात्मा गांधी ने ‘असहयोग आंदोलन’ (Non-Cooperation Movement) को किस घटना के बाद वापस ले लिया था?\n
      \n

    • (A) जलियांवाला बाग हत्याकांड
    • \n

    • (B) चौरी-चौरा कांड
    • \n

    • (C) काकोरी कांड
    • \n

    • (D) रॉलेट एक्ट
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)\n

    विस्तृत व्याख्या: फरवरी 1922 में उत्तर प्रदेश के चौरी-चौरा में एक हिंसक भीड़ ने पुलिस थाने को जला दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी मारे गए। अहिंसा के पुजारी गांधी जी इस हिंसा से दुखी हुए और उन्होंने तुरंत असहयोग आंदोलन वापस ले लिया।

    \n

    \n

  46. \n\n

  47. ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ (Quit India Movement) के दौरान ‘करो या मरो’ (Do or Die) का नारा किसने दिया था?\n
      \n

    • (A) सुभाष चंद्र बोस
    • \n

    • (B) जवाहरलाल नेहरू
    • \n

    • (C) महात्मा गांधी
    • \n

    • (D) सरदार पटेल
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C)\n

    विस्तृत व्याख्या: अगस्त 1942 में बॉम्बे के ग्वालिया टैंक मैदान से गांधी जी ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की शुरुआत की और देशवासियों को ‘करो या मरो’ का नारा दिया, जिसका अर्थ था कि या तो हम भारत को आजाद कराएंगे या इस प्रयास में अपनी जान दे देंगे।

    \n

    \n

  48. \n\n

  49. ब्रिटिश काल में ‘कैबिनेट मिशन’ (Cabinet Mission) भारत किस वर्ष आया था?\n
      \n

    • (A) 1942
    • \n

    • (B) 1945
    • \n

    • (C) 1946
    • \n

    • (D) 1947
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C)\n

    विस्तृत व्याख्या: कैबिनेट मिशन मार्च 1946 में भारत आया था। इसका उद्देश्य भारत को सत्ता हस्तांतरण के लिए एक संवैधानिक ढांचा तैयार करना था और एक संविधान सभा का गठन करना था।

    \n

    \n

  50. \n\n \n

  51. 1789 की ‘फ्रांसीसी क्रांति’ का मुख्य नारा क्या था?\n
      \n

    • (A) शांति, प्रेम और भाईचारा
    • \n

    • (B) स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व (Liberty, Equality, Fraternity)
    • \n

    • (C) युद्ध, विजय और गौरव
    • \n

    • (D) व्यवस्था, कानून और अनुशासन
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)\n

    विस्तृत व्याख्या: फ्रांसीसी क्रांति ने दुनिया को ‘स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व’ का विचार दिया। इस क्रांति ने निरंकुश राजतंत्र को समाप्त किया और मानवाधिकारों के घोषणापत्र की नींव रखी। अन्य विकल्प इस क्रांति के मूल सिद्धांतों का प्रतिनिधित्व नहीं करते।

    \n

    \n

  52. \n

\n\n


\n

रणनीतिक सुझाव: इतिहास को रटने के बजाय उसे एक कहानी की तरह समझें। घटनाओं के बीच ‘कारण और प्रभाव’ (Cause and Effect) का संबंध खोजें। यह अभ्यास सेट आपके लिए सहायक रहा होगा, अपनी गलतियों का विश्लेषण करें और उन्हें सुधारें। पढ़ते रहें, बढ़ते रहें!

\n

सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

[कोर्स और फ्री नोट्स के लिए यहाँ क्लिक करें]

Leave a Comment