समय के पहिये को पीछे घुमाएं और इतिहास की उन गलियों में चलें जहाँ महान साम्राज्यों का उदय और पतन हुआ। यह अभ्यास सेट न केवल आपकी याददाश्त को परखेगा, बल्कि आपको ऐतिहासिक घटनाओं के बीच के गहरे संबंधों को समझने में मदद करेगा। क्या आप अतीत की चुनौतियों का सामना करने और अपनी तैयारी को अगले स्तर पर ले जाने के लिए तैयार हैं?
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- सिंधु घाटी सभ्यता के किस स्थल को ‘पत्तन नगर’ (Dockyard) के रूप में जाना जाता है, जो समुद्री व्यापार का एक प्रमुख केंद्र था?\n
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- (A) कालीबंगन
- (B) लोथल
- (C) रोपड़
- (D) बनावली
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सही उत्तर: (B) लोथल
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विस्तृत व्याख्या: लोथल, जो वर्तमान गुजरात में स्थित है, सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर था। यहाँ एक विशाल गोदी (Dockyard) के प्रमाण मिले हैं, जिससे पता चलता है कि यहाँ से मेसोपोटामिया और अन्य विदेशी क्षेत्रों के साथ समुद्री व्यापार होता था।\n
अन्य विकल्प: कालीबंगन (राजस्थान) अपने जूते हुए खेतों के लिए प्रसिद्ध है; रोपड़ (पंजाब) सतलुज नदी के तट पर स्थित है; बनावली (हरियाणा) से मिट्टी के हल के प्रमाण मिले हैं।\n
- चौथी बौद्ध संगीति का आयोजन किसके शासनकाल में हुआ था और इसका मुख्य परिणाम क्या था?\n
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- (A) अशोक – बौद्ध धर्म का प्रसार
- (B) कालशोक – अभिलेखों का निर्माण
- (C) कनिष्क – बौद्ध धर्म का हीनयान और महायान में विभाजन
- (D) अजातशत्रु – संघ का शुद्धिकरण
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सही उत्तर: (C) कनिष्क
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विस्तृत व्याख्या: चौथी बौद्ध संगीति कुषाण शासक कनिष्क के समय कश्मीर के कुंडलवन में आयोजित की गई थी। इसी संगीति के दौरान बौद्ध धर्म स्पष्ट रूप से दो संप्रदायों, हीनयान (रूढ़िवादी) और महायान (उदारवादी) में विभाजित हो गया।\n
अन्य विकल्प: प्रथम संगीति अजातशत्रु के समय, तृतीय अशोक के समय हुई थी।\n
- मौर्य प्रशासन में ‘धम्म महामात्रों’ की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) सीमा सुरक्षा को मजबूत करना
- (B) राजस्व संग्रह में वृद्धि करना
- (C) नैतिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव का प्रचार करना
- (D) जासूसी नेटवर्क का संचालन करना
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सही उत्तर: (C) नैतिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव का प्रचार करना
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विस्तृत व्याख्या: सम्राट अशोक ने अपने ‘धम्म’ (नैतिक आचार संहिता) के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की थी, जिन्हें ‘धम्म महामात्र’ कहा जाता था। इनका कार्य समाज में शांति, सहिष्णुता और नैतिकता को बढ़ावा देना था।\n
अन्य विकल्प: राजस्व के लिए ‘समाहर्ता’ और जासूसी के लिए ‘गूढ़ पुरुष’ नियुक्त किए जाते थे।\n
- गुप्त काल को ‘भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग’ क्यों कहा जाता है?\n
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- (A) केवल विशाल सैन्य विजयों के कारण
- (B) कला, साहित्य, विज्ञान और संस्कृति के अभूतपूर्व विकास के कारण
- (C) बौद्ध धर्म के पूर्ण विनाश के कारण
- (D) केवल विदेशी व्यापार में वृद्धि के कारण
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सही उत्तर: (B) कला, साहित्य, विज्ञान और संस्कृति के अभूतपूर्व विकास के कारण
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विस्तृत व्याख्या: गुप्त काल में कालिदास जैसे साहित्यकार, आर्यभट्ट और वराहमिहिर जैसे वैज्ञानिक हुए। मंदिर वास्तुकला का विकास हुआ और सामाजिक-आर्थिक स्थिरता रही, जिसके कारण इसे ‘स्वर्ण युग’ कहा जाता है।\n
अन्य विकल्प: यद्यपि सैन्य विजयें हुईं, लेकिन सांस्कृतिक उत्थान ही इस काल की मुख्य विशेषता थी।\n
- प्राचीन मिस्र की सभ्यता के संदर्भ में, वहाँ के लोग फुर्सत के समय में किन गतिविधियों में संलग्न रहते थे?\n
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- (A) केवल पिरामिड निर्माण
- (B) बाहरी युद्धों की तैयारी
- (C) बाहरी मनोरंजन जैसे शिकार, मछली पकड़ना और बोर्ड गेम (जैसे सेनेट)
- (D) केवल धार्मिक अनुष्ठान
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सही उत्तर: (C) बाहरी मनोरंजन जैसे शिकार, मछली पकड़ना और बोर्ड गेम
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विस्तृत व्याख्या: हालिया शोध और ऐतिहासिक प्रमाण बताते हैं कि प्राचीन मिस्र के लोग केवल कठिन श्रम नहीं करते थे, बल्कि वे बाहरी गतिविधियों, शिकार और ‘सेनेट’ जैसे बोर्ड गेम के माध्यम से मनोरंजन करना पसंद करते थे।\n
अन्य विकल्प: पिरामिड निर्माण एक राज्य परियोजना थी, न कि व्यक्तिगत मनोरंजन।\n
- संगम काल के दौरान ‘तोनइयार’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया जाता था?\n
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- (A) युद्ध के देवता
- (B) समुद्री तट के किनारे रहने वाले लोग
- (C) शाही रसोइया
- (D) धार्मिक गुरु
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सही उत्तर: (B) समुद्री तट के किनारे रहने वाले लोग
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विस्तृत व्याख्या: दक्षिण भारत के संगम साहित्य में विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों और वहाँ रहने वाले लोगों का वर्णन है। समुद्री व्यापार और तटीय जीवन इस काल की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार था।
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- दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘बाज़ार नियंत्रण प्रणाली’ (Market Control System) लागू की थी?\n
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- (A) इल्तुतमिष
- (B) गयासुद्दीन तुगलक
- (C) अलाउद्दीन खिलजी
- (D) मोहम्मद बिन तुगलक
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सही उत्तर: (C) अलाउद्दीन खिलजी
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विस्तृत व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी विशाल सेना के रखरखाव के लिए वस्तुओं की कीमतें निर्धारित की थीं। उसने ‘शहना-ए-मंडी’ नामक अधिकारी नियुक्त किया था ताकि कालाबाजारी रोकी जा सके।\n
अन्य विकल्प: इल्तुतमिष ने ‘इक्ता प्रणाली’ को व्यवस्थित किया था; मोहम्मद बिन तुगलक अपनी टोकन करेंसी के लिए जाना जाता है।\n
- ‘तुर्कान-ए-चिहलगानी’ (चालीस गुलामों का दल) का गठन किसने किया था और इसे किसने समाप्त किया?\n
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- (A) कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा गठित; अलाउद्दीन खिलजी द्वारा समाप्त
- (B) इल्तुतमिष द्वारा गठित; बलबन द्वारा समाप्त
- (C) बलबन द्वारा गठित; जलालुद्दीन खिलजी द्वारा समाप्त
- (D) इल्तुतमिष द्वारा गठित; मोहम्मद बिन तुगलक द्वारा समाप्त
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सही उत्तर: (B) इल्तुतमिष द्वारा गठित; बलबन द्वारा समाप्त
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विस्तृत व्याख्या: इल्तुतमिष ने अपने विश्वसनीय 40 तुर्क गुलामों का एक समूह बनाया था। बाद में, बलबन (जो स्वयं इस समूह का सदस्य था) ने अपनी सत्ता को मजबूत करने के लिए इस समूह को नष्ट कर दिया ताकि कोई उसे चुनौती न दे सके।
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- मुगल सम्राट अकबर द्वारा शुरू की गई ‘मनसबदारी प्रणाली’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) केवल धार्मिक एकता स्थापित करना
- (B) सैन्य और नागरिक प्रशासन को एक व्यवस्थित ढांचे में लाना
- (C) कृषि उत्पादन को दोगुना करना
- (D) विदेशी व्यापार पर एकाधिकार करना
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सही उत्तर: (B) सैन्य और नागरिक प्रशासन को एक व्यवस्थित ढांचे में लाना
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विस्तृत व्याख्या: मनसबदारी एक श्रेणीबद्ध प्रणाली थी जिसमें ‘जात’ (पद/दर्जा) और ‘सवार’ (घुड़सवारों की संख्या) निर्धारित की जाती थी। इसने मुगल साम्राज्य को एक कुशल प्रशासनिक और सैन्य बल प्रदान किया।
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- विजयनगर साम्राज्य के किस शासक को ‘कृष्णदेव राय’ के नाम से जाना जाता है और उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना कौन सी है?\n
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- (A) हरिहर I – अमुकतमलयदा
- (B) देवराय II – विरूपक्ष मंदिर
- (C) कृष्णदेव राय – आमुकतमाल्याद (तेलुगु)
- (D) अच्युत देव राय – विजयनगर chronicles
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सही उत्तर: (C) कृष्णदेव राय – आमुकतमाल्याद
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विस्तृत व्याख्या: तुलुव वंश के कृष्णदेव राय विजयनगर के सबसे महान शासक थे। उन्होंने न केवल साम्राज्य का विस्तार किया, बल्कि ‘आमुकुतमाल्याद’ जैसी महान तेलुगु कृति की रचना भी की। उनके दरबार में ‘अष्टदिग्गज’ (आठ महान कवि) थे।
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- भक्ति आंदोलन के संदर्भ में ‘विशिष्टाद्वैत’ दर्शन का प्रतिपादन किसने किया था?\n
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- (A) शंकराचार्य
- (B) रामानुजाचार्य
- (C) मध्वाचार्य
- (D) निम्बार्काचार्य
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सही उत्तर: (B) रामानुजाचार्य
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विस्तृत व्याख्या: रामानुजाचार्य ने ‘विशिष्टाद्वैत’ का सिद्धांत दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि आत्मा और ईश्वर अलग हैं, लेकिन आत्मा ईश्वर का ही एक अंश है।\n
अन्य विकल्प: शंकराचार्य ने ‘अद्वैतवाद’ और मध्वाचार्य ने ‘द्वैतवाद’ का प्रतिपादन किया था।\n
- छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित ‘अष्टप्रधान’ परिषद का मुख्य कार्य क्या था?\n
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- (A) केवल विदेशी आक्रमणों को रोकना
- (B) प्रशासनिक कार्यों का विभाजन और शासन में सहायता करना
- (C) केवल धार्मिक अनुष्ठानों का प्रबंधन
- (D) सैन्य प्रशिक्षण देना
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सही उत्तर: (B) प्रशासनिक कार्यों का विभाजन और शासन में सहायता करना
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विस्तृत व्याख्या: शिवाजी महाराज ने शासन चलाने के लिए आठ मंत्रियों की एक परिषद बनाई थी, जिसे ‘अष्टप्रधान’ कहा जाता था। इसमें पेशवा (प्रधानमंत्री) का पद सबसे महत्वपूर्ण था।
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- 1857 के विद्रोह के दौरान लखनऊ में नेतृत्व किसने किया था?\n
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- (A) नाना साहब और बेगम हजरत महल
- (B) कुंवर सिंह
- (C) रानी लक्ष्मीबाई
- (D) तात्या टोपे
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सही उत्तर: (A) नाना साहब और बेगम हजरत महल
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विस्तृत व्याख्या: लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व बेगम हजरत महल ने किया था, जिन्हें नाना साहब का समर्थन प्राप्त था।\n
अन्य विकल्प: रानी लक्ष्मीबाई ने झांसी में, कुंवर सिंह ने बिहार (जगदीशपुर) में और तात्या टोपे ने ग्वालियर क्षेत्र में नेतृत्व किया।\n
- राजा राम मोहन राय द्वारा स्थापित ‘ब्रह्म समाज’ का मुख्य लक्ष्य क्या था?\n
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- (A) केवल अंग्रेजी शिक्षा का विरोध करना
- (B) मूर्ति पूजा का विरोध और सामाजिक कुरीतियों (जैसे सती प्रथा) का उन्मूलन
- (C) प्राचीन हिंदू धर्म को बिना किसी बदलाव के पुनर्जीवित करना
- (D) केवल राजनीतिक स्वतंत्रता प्राप्त करना
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सही उत्तर: (B) मूर्ति पूजा का विरोध और सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन
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विस्तृत व्याख्या: ब्रह्म समाज ने एकेश्वरवाद का प्रचार किया और सती प्रथा जैसी अमानवीय प्रथाओं के खिलाफ अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप 1829 में सती प्रथा पर प्रतिबंध लगा।
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- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम सत्र (1885) की अध्यक्षता किसने की थी?\n
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- (A) ए.ओ. ह्यूम
- (B) दादाभाई नौरोजी
- (C) व्योमेश चन्द्र बनर्जी
- (D) बदरुद्दीन तैयबजी
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सही उत्तर: (C) व्योमेश चन्द्र बनर्जी
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विस्तृत व्याख्या: कांग्रेस का पहला सत्र दिसंबर 1885 में बम्बई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुआ था, जिसकी अध्यक्षता व्योमेश चन्द्र बनर्जी ने की थी। ए.ओ. ह्यूम इसके संस्थापक सचिव थे।
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- 1905 के ‘बंगाल विभाजन’ के विरोध में शुरू किए गए ‘स्वदेशी आंदोलन’ की मुख्य विशेषता क्या थी?\n
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- (A) ब्रिटिश सरकार से पूर्ण सहयोग करना
- (B) विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार और भारतीय वस्तुओं का उपयोग
- (C) केवल शांतिपूर्ण प्रार्थनाएं करना
- (D) ब्रिटिश शासन के प्रति निष्ठा व्यक्त करना
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सही उत्तर: (B) विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार और भारतीय वस्तुओं का उपयोग
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विस्तृत व्याख्या: लॉर्ड कर्जन द्वारा बंगाल विभाजन के विरोध में स्वदेशी आंदोलन चला। इसमें विदेशी कपड़ों की होली जलाई गई और स्वदेशी उद्योगों (जैसे हथकरघा) को बढ़ावा दिया गया।
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- महात्मा गांधी द्वारा शुरू किए गए ‘असहयोग आंदोलन’ (1920-22) को अचानक वापस लेने का मुख्य कारण क्या था?\n
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- (A) जलियांवाला बाग हत्याकांड
- (B) चौरी-चौरा की हिंसक घटना
- (C) गांधी-इरविन समझौता
- (D) प्रथम विश्व युद्ध का अंत
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सही उत्तर: (B) चौरी-चौरा की हिंसक घटना
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विस्तृत व्याख्या: फरवरी 1922 में उत्तर प्रदेश के चौरी-चौरा में एक हिंसक भीड़ ने पुलिस स्टेशन को आग लगा दी, जिसमें कई पुलिसकर्मी मारे गए। अहिंसा के पुजारी गांधी जी ने हिंसा के कारण तुरंत आंदोलन वापस ले लिया।
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- 1930 में ‘दांडी मार्च’ के माध्यम से गांधी जी ने किस कानून को चुनौती दी थी?\n
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- (A) रौलट एक्ट
- (B) नमक कानून
- (C) वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट
- (D) पिट्स इंडिया एक्ट
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सही उत्तर: (B) नमक कानून
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विस्तृत व्याख्या: ब्रिटिश सरकार ने नमक के उत्पादन और बिक्री पर एकाधिकार कर लिया था। गांधी जी ने साबरमती आश्रम से दांडी तक पैदल यात्रा कर समुद्र किनारे नमक बनाकर इस अन्यायपूर्ण कानून को तोड़ा।
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- ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ (1942) के दौरान गांधी जी ने कौन सा प्रसिद्ध नारा दिया था?\n
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- (A) इंकलाब जिंदाबाद
- (B) स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है
- (C) करो या मरो (Do or Die)
- (D) जय हिंद
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सही उत्तर: (C) करो या मरो (Do or Die)
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विस्तृत व्याख्या: 8 अगस्त 1942 को बम्बई के ग्वालिया टैंक मैदान से गांधी जी ने ‘करो या मरो’ का आह्वान किया, जिसका अर्थ था कि या तो भारत को आजाद कराएं या इस प्रयास में अपने प्राण त्याग दें।
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- औपनिवेशिक भारत में खेल और सामाजिक जीवन के संदर्भ में, ‘पोलो’ जैसे खेलों का क्या महत्व था?\n
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- (A) यह केवल भारतीय किसानों का खेल था
- (B) यह ब्रिटिश अधिकारियों और भारतीय कुलीन वर्ग के बीच सामाजिक संबंध और राजनीतिक प्रभाव का माध्यम था
- (C) ब्रिटिश सरकार ने पोलो खेलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था
- (D) इसका भारतीय समाज पर कोई प्रभाव नहीं था
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सही उत्तर: (B) यह ब्रिटिश अधिकारियों और भारतीय कुलीन वर्ग के बीच सामाजिक संबंध और राजनीतिक प्रभाव का माध्यम था
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विस्तृत व्याख्या: ब्रिटिश काल में पोलो केवल एक खेल नहीं था, बल्कि यह शक्ति और प्रतिष्ठा का प्रतीक था। ब्रिटिश अधिकारियों और स्थानीय राजाओं/नवाबों के बीच पोलो के जरिए अनौपचारिक संबंध बनते थे, जो अक्सर राजनीतिक बातचीत का जरिया बनते थे।
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- फ्रांसीसी क्रांति (1789) का तात्कालिक कारण क्या था?\n
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- (A) लुई XVI द्वारा भारी कर (Taxes) लगाए जाना और आर्थिक संकट
- (B) नेपोलियन का उदय
- (C) औद्योगिक क्रांति की शुरुआत
- (D) अमेरिका की आजादी
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सही उत्तर: (A) लुई XVI द्वारा भारी कर लगाए जाना और आर्थिक संकट
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विस्तृत व्याख्या: फ्रांस में अत्यधिक ऋण, अकाल और केवल तीसरे एस्टेट (आम जनता) पर करों के बोझ ने जनता को विद्रोह के लिए प्रेरित किया, जिसके परिणामस्वरूप बास्टिल के किले का पतन हुआ।
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- ‘औद्योगिक क्रांति’ सबसे पहले किस देश में शुरू हुई और इसका मुख्य कारण क्या था?\n
- \n (A) फ्रांस – राजनीतिक स्थिरता\n (B) जर्मनी – उन्नत तकनीक\n (C) ब्रिटेन – कोयला, लोहा और उपनिवेशों से कच्चा माल\n (D) अमेरिका – विशाल कृषि भूमि\n
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सही उत्तर: (C) ब्रिटेन
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विस्तृत व्याख्या: ब्रिटेन में कोयला और लोहे के विशाल भंडार थे और उसके पास उपनिवेशों (जैसे भारत) से कच्चा माल प्राप्त करने और तैयार माल बेचने के लिए बाजार उपलब्ध थे।
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- प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) की तात्कालिक घटना कौन सी थी?\n
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- (A) जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण
- (B) ऑस्ट्रिया के आर्कड्यूक फ्रांसि Ferdinand की हत्या
- (C) रूस की क्रांति
- (D) वर्साय की संधि
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सही उत्तर: (B) ऑस्ट्रिया के आर्कड्यूक फ्रांसि Ferdinand की हत्या
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विस्तृत व्याख्या: साराजेवो में ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजकुमार फ्रांसि Ferdinand की हत्या ने एक चेन रिएक्शन शुरू किया, जिससे यूरोपीय शक्तियां दो गुटों (मित्र राष्ट्र और केंद्रीय शक्तियां) में बंट गईं और युद्ध छिड़ गया।
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- द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ‘एक्सिस पावर्स’ (Axis Powers) में कौन से देश शामिल थे?\n
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- (A) ब्रिटेन, फ्रांस, यूएसए
- (B) जर्मनी, इटली, जापान
- (C) रूस, चीन, ब्रिटेन
- (D) जर्मनी, रूस, इटली
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सही उत्तर: (B) जर्मनी, इटली, जापान
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विस्तृत व्याख्या: द्वितीय विश्व युद्ध दो गुटों के बीच था: मित्र राष्ट्र (ब्रिटेन, यूएसए, सोवियत संघ आदि) और धुरी राष्ट्र/एक्सिस पावर्स (जर्मनी, इटली और जापान)।
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- 1917 की रूसी क्रांति का नेतृत्व किसने किया था और इसका मुख्य परिणाम क्या था?\n
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- (A) स्टालिन – लोकतंत्र की स्थापना
- (B) व्लादिमीर लेनिन – दुनिया के पहले समाजवादी राज्य की स्थापना
- (C) ट्रॉट्स्की – राजशाही की वापसी
- (D) निकोलस II – साम्राज्य का विस्तार
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सही उत्तर: (B) व्लादिमीर लेनिन
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विस्तृत व्याख्या: लेनिन के नेतृत्व में बोल्शेविकों ने सत्ता संभाली और रूस में ज़ार (Tsar) के शासन को समाप्त कर दुनिया का पहला समाजवादी/साम्यवादी राज्य स्थापित किया।
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