इतिहास की गहराइयों का सफर: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सर्वश्रेष्ठ अभ्यास सेट
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इतिहास केवल बीती हुई घटनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि वर्तमान को समझने की कुंजी है। समय के पहिये को पीछे घुमाते हुए, आइए हम प्राचीन सभ्यताओं, महान साम्राज्यों और क्रांतिकारी आंदोलनों की एक रोमांचक यात्रा पर चलें। अपनी तैयारी को धार देने और अपनी स्मृति को परखने के लिए इस व्यापक क्विज़ में शामिल हों, जो आपको प्राचीन काल से लेकर आधुनिक युग तक ले जाएगा।
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- सिंधु घाटी सभ्यता के किस स्थल को ‘बंदरगाह शहर’ के रूप में जाना जाता था?\n
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- (A) हड़प्पा
- (B) मोहनजोदड़ो
- (C) लोथल
- (D) कालीबंगा
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\nसही उत्तर: (C) लोथल\n
विस्तृत व्याख्या: लोथल (गुजरात) सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर था, जहाँ से समुद्री व्यापार होता था। यहाँ से एक गोदीबाड़ा (Dockyard) के प्रमाण मिले हैं।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: हड़प्पा और मोहनजोदड़ो मुख्य प्रशासनिक केंद्र थे, जबकि कालीबंगा अपने कृषि प्रमाणों और चूड़ियों के लिए जाना जाता था, न कि बंदरगाह के रूप में।\n\n
- ऋग्वैदिक काल में ‘गोपा’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया जाता था?\n
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- (A) पुरोहित
- (B) राजा या कबीले का मुखिया
- (C) सैनिक कमांडर
- (D) व्यापारी
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\nसही उत्तर: (B) राजा या कबीले का मुखिया\n
विस्तृत व्याख्या: ऋग्वेद में ‘गोपा’ शब्द का उपयोग कबीले के मुखिया या राजा के लिए किया जाता था, जिसका मुख्य कार्य गायों की रक्षा करना और कबीले का नेतृत्व करना था।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: पुरोहित को ‘ऋत्विक’ कहा जाता था, और उस समय संगठित व्यापारी वर्ग या आधुनिक अर्थों में सैनिक कमांडर की अवधारणा विकसित नहीं हुई थी।\n\n
- चौथी बौद्ध संगीति किसके शासनकाल में आयोजित की गई थी?\n
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- (A) अजातशत्रु
- (B) कालाशोक
- (C) अशोक
- (D) कनिष्क
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\nसही उत्तर: (D) कनिष्क\n
विस्तृत व्याख्या: चौथी बौद्ध संगीति कुषाण राजा कनिष्क के शासनकाल में कश्मीर के कुंडलवन में हुई थी। इसी संगीति में बौद्ध धर्म ‘हीनयान’ और ‘महायान’ में विभाजित हो गया।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: पहली संगीति अजातशत्रु, दूसरी कालाशोक और तीसरी अशोक के समय हुई थी।\n\n
- मौर्य साम्राज्य के किस शासक ने ‘धम्म’ के प्रचार के लिए विशेष अधिकारियों (धम्म महामात्रों) की नियुक्ति की थी?\n
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- (A) चंद्रगुप्त मौर्य
- (B) बिंदुसार
- (C) अशोक
- (D) दशरथ मौर्य
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\nसही उत्तर: (C) अशोक\n
विस्तृत व्याख्या: कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने ‘धम्म’ की नीति अपनाई। समाज में नैतिकता और शांति फैलाने के लिए उन्होंने ‘धम्म महामात्रों’ नामक अधिकारियों की नियुक्ति की।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: चंद्रगुप्त और बिंदुसार ने साम्राज्य विस्तार पर ध्यान दिया, जबकि धम्म की विशिष्ट नीति अशोक की पहचान थी।\n\n
- किस गुप्त शासक को ‘भारत का नेपोलियन’ कहा जाता है?\n
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- (A) श्रीगुप्त
- (B) चंद्रगुप्त प्रथम
- (C) समुद्रगुप्त
- (D) स्कंदगुप्त
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\nसही उत्तर: (C) समुद्रगुप्त\n
विस्तृत व्याख्या: इतिहासकार वी.ए. स्मिथ ने समुद्रगुप्त को ‘भारत का नेपोलियन’ कहा क्योंकि उन्होंने अपनी सैन्य विजयों के माध्यम से उत्तर और दक्षिण भारत के बड़े हिस्से पर नियंत्रण स्थापित किया था।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: श्रीगुप्त संस्थापक थे, चंद्रगुप्त प्रथम ने साम्राज्य की नींव मजबूत की, और स्कंदगुप्त ने हूणों के आक्रमण को रोका था।\n\n
- संगम साहित्य में ‘पुरनानुरु’ मुख्य रूप से किससे संबंधित है?\n
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- (A) प्रेम कविताओं से
- (B) युद्ध और वीरता की कविताओं से
- (C) धार्मिक उपदेशों से
- (D) व्यापारिक नियमों से
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\nसही उत्तर: (B) युद्ध और वीरता की कविताओं से\n
विस्तृत व्याख्या: पुरनानुरु संगम काल की एक महत्वपूर्ण रचना है जिसमें राजाओं की वीरता और युद्धों का वर्णन है। इसे ‘प्राचीन कविता’ भी कहा जाता है।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: ‘अकनुरु’ प्रेम कविताओं से संबंधित है, जबकि धार्मिक उपदेशों के लिए अन्य ग्रंथ प्रसिद्ध हैं।\n\n
- दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘बाजार नियंत्रण नीति’ (Market Control Policy) लागू की थी?\n
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- (A) इल्तुतमिश
- (B) बलबन
- (C) अलाउद्दीन खिलजी
- (D) मोहम्मद बिन तुगलक
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\nसही उत्तर: (C) अलाउद्दीन खिलजी\n
विस्तृत व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी विशाल सेना के रखरखाव के लिए वस्तुओं की कीमतें निर्धारित कीं और सख्त बाजार नियंत्रण प्रणाली लागू की ताकि महंगाई न बढ़े।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: इल्तुतमिश ने प्रशासनिक ढांचे पर ध्यान दिया, बलबन ने ‘सिजदा और पाबोस’ शुरू किया और तुगलक अपनी राजधानी परिवर्तन के लिए जाना जाता है।\n\n
- मुगल सम्राट अकबर द्वारा शुरू किए गए ‘दीन-इ-इलाही’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) एक नया सैन्य कानून बनाना
- (B) सभी धर्मों के साझा सिद्धांतों पर आधारित एक नैतिक संहिता बनाना
- (C) केवल इस्लाम का प्रसार करना
- (D) कर प्रणाली में सुधार करना
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\nसही उत्तर: (B) सभी धर्मों के साझा सिद्धांतों पर आधारित एक नैतिक संहिता बनाना\n
विस्तृत व्याख्या: अकबर ने 1582 में ‘दीन-इ-इलाही’ की शुरुआत की, जिसका लक्ष्य विभिन्न धर्मों के बीच सामंजस्य स्थापित करना और एक सर्वधर्म सम्मत नैतिक मार्ग प्रदान करना था।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: यह कोई सैन्य कानून या कर सुधार नहीं था, और न ही यह केवल एक धर्म के प्रसार के लिए था।\n\n
- विजयनगर साम्राज्य के सबसे महान शासक कृष्णदेव राय किस वंश से संबंधित थे?\n
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- (A) संगम वंश
- (B) सालुव वंश
- (C) तुलुव वंश
- (D) अरविदु वंश
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\nसही उत्तर: (C) तुलुव वंश\n
विस्तृत व्याख्या: कृष्णदेव राय तुलुव वंश के सबसे प्रतापी राजा थे। उनके शासनकाल में कला, साहित्य और वास्तुकला का अभूतपूर्व विकास हुआ।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: संगम, सालुव और अरविदु विजयनगर के अन्य राजवंश थे, लेकिन कृष्णदेव राय तुलुव वंश के थे।\n\n
- छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रशासनिक परिषद ‘अष्टप्रधान’ में ‘अमात्य’ का क्या कार्य था?\n
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- (A) विदेश मंत्री
- (B) वित्त मंत्री
- (C) प्रधान मंत्री
- (D) धार्मिक मामलों का मंत्री
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\nसही उत्तर: (B) वित्त मंत्री\n
विस्तृत व्याख्या: शिवाजी महाराज के अष्टप्रधान में ‘अमात्य’ वित्त और राजस्व विभाग का प्रबंधन करता था।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: ‘पेशवा’ प्रधानमंत्री था, ‘सुमंत’ विदेश मंत्री और ‘पंडित राव’ धार्मिक मामलों का प्रभारी था।\n\n
- दिल्ली सल्तनत के दौरान ‘चहलगानी’ (चालीसा) का गठन किसने किया था?\n
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- (A) कुतुबुद्दीन ऐबक
- (B) इल्तुतमिश
- (C) बलबन
- (D) रजिया सुल्तान
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\nसही उत्तर: (B) इल्तुतमिश\n
विस्तृत व्याख्या: इल्तुतमिश ने प्रशासन को मजबूती देने के लिए 40 वफादार तुर्क गुलामों का एक समूह बनाया था, जिसे ‘तुर्कान-ए-चहलगानी’ कहा गया।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: ऐबक ने नींव रखी थी, जबकि बलबन ने बाद में इसी समूह के प्रभाव को समाप्त किया।\n\n
- मुगल साम्राज्य के किस शासक के काल को ‘सांस्कृतिक स्वर्ण युग’ माना जाता है लेकिन प्रशासनिक गिरावट की शुरुआत भी उसी समय हुई?\n
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- (A) अकबर
- (B) जहांगीर
- (C) शाहजहाँ
- (D) औरंगजेब
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\nसही उत्तर: (C) शाहजहाँ\n
विस्तृत व्याख्या: शाहजहाँ का काल वास्तुकला (जैसे ताजमहल) के चरम के लिए जाना जाता है, लेकिन अत्यधिक खर्चों ने साम्राज्य की आर्थिक नींव को कमजोर करना शुरू कर दिया था।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: अकबर का काल प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण का था, और औरंगजेब का काल प्रत्यक्ष गिरावट और संघर्ष का था।\n\n
- 1857 के विद्रोह के दौरान कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था?\n
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- (A) कुंवर सिंह
- (B) रानी लक्ष्मीबाई
- (C) नाना साहेब
- (D) बेगम हजरत महल
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\nसही उत्तर: (C) नाना साहेब\n
विस्तृत व्याख्या: कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व नाना साहेब ने किया था, जिनकी सहायता तात्या टोपे ने की थी।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: कुंवर सिंह ने बिहार (जगदीशपुर), रानी लक्ष्मीबाई ने झाँसी और बेगम हजरत महल ने लखनऊ का नेतृत्व किया था।\n\n
- राजा राममोहन राय ने किस संस्था की स्थापना की थी जिसका उद्देश्य मूर्ति पूजा का विरोध और एकेश्वरवाद का प्रचार करना था?\n
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- (A) आर्य समाज
- (B) प्रार्थना समाज
- (C) ब्रह्म समाज
- (D) तत्वबोधिनी सभा
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\nसही उत्तर: (C) ब्रह्म समाज\n
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय ने 1828 में ब्रह्म समाज की स्थापना की। उन्होंने सती प्रथा के उन्मूलन और महिलाओं के अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: आर्य समाज की स्थापना दयानंद सरस्वती ने, प्रार्थना समाज की आत्माराम पांडुरंग ने और तत्वबोधिनी सभा की देवेंद्रनाथ टैगोर ने की थी।\n\n
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम सत्र (1885) की अध्यक्षता किसने की थी?\n
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- (A) ए.ओ. ह्यूम
- (B) डब्ल्यू.सी. बनर्जी
- (C) दादाभाई नौरोजी
- (D) गोपाल कृष्ण गोखले
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\nसही उत्तर: (B) डब्ल्यू.सी. बनर्जी\n
विस्तृत व्याख्या: 1885 में बॉम्बे में आयोजित कांग्रेस के पहले अधिवेशन की अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी (W.C. Bonnerjee) ने की थी।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: ए.ओ. ह्यूम संस्थापक/सचिव थे, जबकि नौरोजी और गोखले बाद के महत्वपूर्ण नेता थे।\n\n
- गांधी जी ने ‘असहयोग आंदोलन’ को किस घटना के बाद वापस ले लिया था?\n
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- (A) जलियांवाला बाग हत्याकांड
- (B) चौरी-चौरा कांड
- (C) काकोरी कांड
- (D) दांडी मार्च
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\nसही उत्तर: (B) चौरी-चौरा कांड\n
विस्तृत व्याख्या: फरवरी 1922 में उत्तर प्रदेश के चौरी-चौरा में हिंसक घटना हुई, जहाँ भीड़ ने पुलिस स्टेशन को जला दिया। गांधी जी अहिंसा के पुजारी थे, इसलिए उन्होंने आंदोलन वापस ले लिया।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: जलियांवाला बाग घटना (1919) ने आंदोलन को प्रेरित किया था, काकोरी कांड क्रांतिकारी गतिविधि थी, और दांडी मार्च सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत थी।\n\n
- ‘करो या मरो’ का नारा गांधी जी ने किस आंदोलन के दौरान दिया था?\n
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- (A) असहयोग आंदोलन
- (B) सविनय अवज्ञा आंदोलन
- (C) भारत छोड़ो आंदोलन
- (D) चंपारण सत्याग्रह
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\nसही उत्तर: (C) भारत छोड़ो आंदोलन\n
विस्तृत व्याख्या: 8 अगस्त 1942 को ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान गांधी जी ने भारतीयों को ‘करो या मरो’ (Do or Die) का आह्वान किया था।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: असहयोग और सविनय अवज्ञा आंदोलन के अपने अलग नारे और उद्देश्य थे, जबकि चंपारण एक स्थानीय सत्याग्रह था।\n\n
- हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) की स्थापना 1928 में कहाँ की गई थी?\n
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- (A) लाहौर
- (B) दिल्ली
- (C) कानपुर
- (D) इलाहाबाद
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\nसही उत्तर: (B) दिल्ली\n
विस्तृत व्याख्या: भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और उनके साथियों ने दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में HSRA की स्थापना की थी, जिसका उद्देश्य भारत में समाजवादी गणराज्य की स्थापना करना था।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: हालांकि लाहौर में गतिविधियां अधिक थीं, लेकिन औपचारिक स्थापना दिल्ली में हुई थी।\n\n
- ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रस्तुत ‘कैबिनेट मिशन’ (1946) का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) भारत को पूर्ण स्वतंत्रता देना
- (B) भारत के लिए एक नए संविधान का निर्माण करना और सत्ता का हस्तांतरण करना
- (C) विभाजन योजना को लागू करना
- (D) गांधी जी को गिरफ्तार करना
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\nसही उत्तर: (B) भारत के लिए एक नए संविधान का निर्माण करना और सत्ता का हस्तांतरण करना\n
विस्तृत व्याख्या: कैबिनेट मिशन का उद्देश्य एक अंतरिम सरकार बनाना और एक संविधान सभा का गठन करना था, ताकि शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण हो सके।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: यह केवल स्वतंत्रता देने का वादा नहीं था बल्कि उसकी प्रक्रिया तय करना था। विभाजन योजना (माउंटबेटन प्लान) इसके बाद आई।\n\n
- स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल कौन थे?\n
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- (A) लॉर्ड माउंटबेटन
- (B) सी. राजगोपालाचारी
- (C) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- (D) सरदार पटेल
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\nसही उत्तर: (B) सी. राजगोपालाचारी\n
विस्तृत व्याख्या: लॉर्ड माउंटबेटन पहले गवर्नर जनरल थे, लेकिन सी. राजगोपालाचारी भारत के पहले ‘भारतीय’ गवर्नर जनरल बने।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रपति थे और सरदार पटेल गृह मंत्री थे।\n\n
- प्राचीन फारस (Persia) के हखामनी (Achaemenid) साम्राज्य की राजधानी ‘पर्सेपोलिस’ मुख्य रूप से किसके लिए प्रसिद्ध थी?\n
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- (A) अपनी विशाल समुद्री बंदरगाहों के लिए
- (B) अपनी भव्य वास्तुकला और शाही महलों के लिए
- (C) केवल धार्मिक मठों के लिए
- (D) दुनिया के पहले पुस्तकालय के लिए
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\nसही उत्तर: (B) अपनी भव्य वास्तुकला और शाही महलों के लिए\n
विस्तृत व्याख्या: पर्सेपोलिस हखामनी साम्राज्य का एक औपचारिक केंद्र था, जो अपने विशाल स्तंभों, नक्काशी और भव्य महलों के लिए प्रसिद्ध था। यह साम्राज्य की शक्ति और वैभव का प्रतीक था।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: यह एक अंतर्देशीय शहर था, बंदरगाह नहीं। पुस्तकालय के लिए असीरिया का निनेवे अधिक प्रसिद्ध था।\n\n
- 1521 में स्पेनिश खोजकर्ता हर्नान कोर्टेस (Hernán Cortés) ने किस प्राचीन अमेरिकी सभ्यता की राजधानी को नष्ट कर दिया था?\n
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- (A) माया सभ्यता
- (B) इंका सभ्यता
- (C) एज़्टेक सभ्यता
- (D) ओल्मेक सभ्यता
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\nसही उत्तर: (C) एज़्टेक सभ्यता\n
विस्तृत व्याख्या: 1521 में हर्नान कोर्टेस ने एज़्टेक साम्राज्य की राजधानी ‘तेनोचतित्लान’ (Tenochtitlan) पर विजय प्राप्त की, जिससे मेक्सिको में स्पेनिश शासन की शुरुआत हुई।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: इंका सभ्यता (पेरू) को फ्रांसिस्को पिज़ारो ने जीता था, जबकि माया सभ्यता का पतन धीरे-धीरे हुआ था।\n\n
- फ्रांसीसी क्रांति (1789) की शुरुआत किस घटना से मानी जाती है?\n
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- (A) टेनिस कोर्ट की शपथ
- (B) बास्तिल के किले का पतन
- (C) लुई XVI की फांसी
- (D) नेपोलियन का उदय
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\nसही उत्तर: (B) बास्तिल के किले का पतन\n
विस्तृत व्याख्या: 14 जुलाई 1789 को पेरिस की भीड़ ने बास्तिल के किले (जेल) पर हमला किया, जिसे निरंकुश शासन के प्रतीक के रूप में देखा जाता था। यह क्रांति की वास्तविक शुरुआत थी।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: टेनिस कोर्ट की शपथ एक राजनीतिक कदम था, लेकिन बास्तिल का पतन एक जन-विद्रोह था। लुई XVI की फांसी बाद की घटना है।\n\n
- औद्योगिक क्रांति की शुरुआत सबसे पहले किस देश में हुई थी?\n
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- (A) फ्रांस
- (B) जर्मनी
- (C) ब्रिटेन
- (D) अमेरिका
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\nसही उत्तर: (C) ब्रिटेन\n
विस्तृत व्याख्या: 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में ब्रिटेन में औद्योगिक क्रांति शुरू हुई, जिसका मुख्य कारण कोयले की उपलब्धता, उपनिवेशों से कच्चा माल और तकनीकी नवाचार (जैसे स्टीम इंजन) था।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: फ्रांस और जर्मनी में यह क्रांति ब्रिटेन के बाद पहुँची।\n\n
- द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ‘शीत युद्ध’ (Cold War) के दौरान 1961 में किस प्रसिद्ध दीवार का निर्माण हुआ, जिसने बर्लिन को दो हिस्सों में बांट दिया?\n
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- (A) मैग्नोली दीवार
- (B) बर्लिन की दीवार
- (C) आयरन कर्टन
- (D) ग्रेट वॉल ऑफ चाइना
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\nसही उत्तर: (B) बर्लिन की दीवार\n
विस्तृत व्याख्या: 1961 में पूर्वी जर्मनी (सोवियत प्रभाव) ने बर्लिन की दीवार का निर्माण किया ताकि लोग पश्चिमी बर्लिन (अमेरिकी/यूरोपीय प्रभाव) की ओर पलायन न कर सकें। यह शीत युद्ध का सबसे बड़ा प्रतीक बन गई।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: ‘आयरन कर्टन’ एक वैचारिक और राजनीतिक विभाजन का रूपक था, भौतिक दीवार नहीं।\n\n
- प्रथम विश्व युद्ध के बाद ‘लीग ऑफ नेशंस’ की स्थापना का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) दुनिया भर में उपनिवेशवाद को बढ़ावा देना
- (B) अंतरराष्ट्रीय विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाना और भविष्य के युद्धों को रोकना
- (C) केवल यूरोपीय देशों के बीच व्यापार बढ़ाना
- (D) अमेरिका को विश्व शक्ति बनाना
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\nसही उत्तर: (B) अंतरराष्ट्रीय विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाना और भविष्य के युद्धों को रोकना\n
विस्तृत व्याख्या: प्रथम विश्व युद्ध की तबाही के बाद 1920 में ‘लीग ऑफ नेशंस’ की स्थापना की गई ताकि सामूहिक सुरक्षा के माध्यम से विश्व शांति स्थापित की जा सके।\n
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: इसका उद्देश्य उपनिवेशवाद को रोकना था, न कि बढ़ावा देना, और यह किसी एक देश की शक्ति बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि सामूहिक सहयोग के लिए था।\n\n
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