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इतिहास के पन्नों से: प्रतियोगी परीक्षा अभ्यास सेट

एक ऐतिहासिक यात्रा पर निकलें! यह दैनिक अभ्यास सेट आपको अतीत की गहराइयों में ले जाएगा, जहाँ आप अपनी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का मूल्यांकन कर सकते हैं। प्राचीन सभ्यताओं से लेकर आधुनिक आंदोलनों तक, प्रत्येक प्रश्न सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है ताकि आपके ज्ञान को चुनौती दे सके और आपकी समझ को गहरा कर सके। इस महासंग्राम में उतरें और देखें कि आप इतिहास के कितने बड़े महारथी हैं!

प्राचीन भारतीय इतिहास

  1. प्रश्न 1: सिंधु घाटी सभ्यता के किस स्थल से विशाल स्नानागार (Great Bath) के अवशेष प्राप्त हुए हैं?

    • (A) हड़प्पा
    • (B) मोहनजोदड़ो
    • (C) लोथल
    • (D) धोलावीरा

    सही उत्तर: (B)

    विस्तृत व्याख्या: मोहनजोदड़ो (वर्तमान पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित) सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख शहरी केंद्र था। यहाँ से कई महत्वपूर्ण संरचनाएँ और कलाकृतियाँ मिली हैं, जिनमें सबसे प्रसिद्ध ‘विशाल स्नानागार’ है। यह एक विशाल कुंड था जिसका उपयोग संभवतः अनुष्ठानिक स्नान के लिए किया जाता था। हड़प्पा सिंधु सभ्यता का पहला खोजा गया स्थल है। लोथल एक बंदरगाह शहर था, और धोलावीरा अपने जल प्रबंधन प्रणाली के लिए जाना जाता है।

  2. प्रश्न 2: “त्रिपिटक” किस धर्म से संबंधित पवित्र ग्रंथ हैं?

    • (A) जैन धर्म
    • (B) बौद्ध धर्म
    • (C) शैव धर्म
    • (D) वैष्णव धर्म

    सही उत्तर: (B)

    विस्तृत व्याख्या: त्रिपिटक (शाब्दिक अर्थ ‘तीन टोकरियाँ’) बौद्ध धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र ग्रंथ हैं। ये पाली भाषा में लिखे गए हैं और इनमें बुद्ध की शिक्षाएँ, भिक्षुओं के लिए नियम और दार्शनिक सिद्धांत शामिल हैं। त्रिपिटक के तीन भाग हैं: विनय पिटक, सुत्त पिटक और अभिधम्म पिटक। जैन धर्म के पवित्र ग्रंथ आगम सूत्र कहलाते हैं। शैव और वैष्णव धर्म हिंदू धर्म की शाखाएँ हैं।

  3. प्रश्न 3: निम्नलिखित में से किस शासक को “भारत का नेपोलियन” कहा जाता है?

    • (A) चंद्रगुप्त मौर्य
    • (B) अशोक
    • (C) समुद्रगुप्त
    • (D) चंद्रगुप्त द्वितीय

    सही उत्तर: (C)

    विस्तृत व्याख्या: इतिहासकार वी. ए. स्मिथ ने अपनी पुस्तक “अर्ली हिस्ट्री ऑफ इंडिया” में समुद्रगुप्त को उनकी असाधारण सैन्य सफलताओं और विजय अभियानों के कारण “भारत का नेपोलियन” कहा था। समुद्रगुप्त (लगभग 335-375 ईस्वी) गुप्त वंश के एक महान शासक थे जिन्होंने अपने साम्राज्य का विस्तार पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में किया। चंद्रगुप्त मौर्य मौर्य साम्राज्य के संस्थापक थे, अशोक एक महान मौर्य सम्राट थे जो धम्म के लिए जाने जाते थे, और चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) गुप्त काल के एक और शक्तिशाली शासक थे।

  4. प्रश्न 4: अष्टाध्यायी (Ashtadhyayi) ग्रंथ की रचना किसने की थी?

    • (A) कौटिल्य
    • (B) पतंजलि
    • (C) पाणिनि
    • (D) आर्यभट्ट

    सही उत्तर: (C)

    विस्तृत व्याख्या: अष्टाध्यायी संस्कृत व्याकरण पर एक मौलिक ग्रंथ है, जिसे प्रसिद्ध प्राचीन भारतीय व्याकरणविद् पाणिनि ने लगभग 5वीं से 4वीं शताब्दी ईसा पूर्व में लिखा था। यह संस्कृत भाषा के संरचनात्मक नियमों का विस्तृत विश्लेषण प्रदान करता है। कौटिल्य (चाणक्य) ने अर्थशास्त्र लिखा, पतंजलि ने महाभाष्य (अष्टाध्यायी पर एक टीका) लिखा, और आर्यभट्ट एक महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री थे।

  5. प्रश्न 5: ‘मेगास्थनीज’ किसका राजदूत था जिसने ‘इंडिका’ नामक पुस्तक लिखी?

    • (A) सिकंदर
    • (B) सेल्यूकस निकेटर
    • (C) डेरियस I
    • (D) एंटियोकस I

    सही उत्तर: (B)

    विस्तृत व्याख्या: मेगास्थनीज यूनानी शासक सेल्यूकस निकेटर का राजदूत था, जिसे चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा गया था। उसने ‘इंडिका’ नामक एक महत्वपूर्ण पुस्तक लिखी, जिसमें उसने मौर्यकालीन भारत के समाज, प्रशासन और भूगोल का विस्तृत वर्णन किया। हालांकि यह पुस्तक मूल रूप में उपलब्ध नहीं है, इसके अंश बाद के यूनानी और रोमन लेखकों के कार्यों में मिलते हैं। सिकंदर एक यूनानी विजेता था, और डेरियस I एक फारसी राजा था।

  6. प्रश्न 6: जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर कौन थे?

    • (A) पार्श्वनाथ
    • (B) महावीर
    • (C) ऋषभदेव
    • (D) अरिष्टनेमि

    सही उत्तर: (C)

    विस्तृत व्याख्या: ऋषभदेव जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर (पथप्रदर्शक) थे और उन्हें जैन धर्म का संस्थापक माना जाता है। उनका उल्लेख हिंदू ग्रंथों जैसे भागवत पुराण में भी मिलता है। पार्श्वनाथ 23वें तीर्थंकर थे, और महावीर (वर्धमान) 24वें और अंतिम तीर्थंकर थे, जिन्होंने जैन धर्म को संगठित और प्रचारित किया। अरिष्टनेमि 22वें तीर्थंकर थे।

  7. प्रश्न 7: हूणों के आक्रमण को किसने सफलतापूर्वक रोका था?

    • (A) चंद्रगुप्त मौर्य
    • (B) समुद्रगुप्त
    • (C) स्कंदगुप्त
    • (D) कुमारगुप्त

    सही उत्तर: (C)

    विस्तृत व्याख्या: स्कंदगुप्त (लगभग 455-467 ईस्वी) गुप्त वंश के एक महत्वपूर्ण शासक थे जिन्होंने अपने शासनकाल के प्रारंभिक वर्षों में मध्य एशिया से आए बर्बर हूणों के आक्रमणों को सफलतापूर्वक रोका था। जूनागढ़ अभिलेख में उनके द्वारा हूणों पर विजय का उल्लेख मिलता है, जिससे गुप्त साम्राज्य को कुछ समय के लिए विनाश से बचाया जा सका। चंद्रगुप्त मौर्य और समुद्रगुप्त गुप्त काल से पहले के शासक थे, जबकि कुमारगुप्त स्कंदगुप्त के पूर्ववर्ती थे।

मध्यकालीन भारतीय इतिहास

  1. प्रश्न 8: दिल्ली सल्तनत पर शासन करने वाला पहला तुर्की वंश कौन सा था?

    • (A) खिलजी वंश
    • (B) तुगलक वंश
    • (C) गुलाम वंश (मामलुक वंश)
    • (D) सैय्यद वंश

    सही उत्तर: (C)

    विस्तृत व्याख्या: दिल्ली सल्तनत पर शासन करने वाला पहला राजवंश गुलाम वंश था, जिसे मामलुक वंश भी कहा जाता है। इसकी स्थापना 1206 ईस्वी में कुतुबुद्दीन ऐबक ने की थी, जो मुहम्मद गोरी का गुलाम था। इस वंश के शासक स्वतंत्र होने से पहले गुलाम (मामलुक) थे। खिलजी वंश ने गुलाम वंश के बाद शासन किया, उसके बाद तुगलक और सैय्यद वंश आए।

  2. प्रश्न 9: ‘अलाई दरवाजा’ का निर्माण किस सुल्तान ने करवाया था?

    • (A) इल्तुतमिश
    • (B) बलबन
    • (C) अलाउद्दीन खिलजी
    • (D) फिरोज शाह तुगलक

    सही उत्तर: (C)

    विस्तृत व्याख्या: अलाई दरवाजा दिल्ली में कुतुब मीनार परिसर में स्थित कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद का दक्षिणी द्वार है। इसका निर्माण अलाउद्दीन खिलजी ने 1311 ईस्वी में करवाया था। यह इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का एक शानदार उदाहरण है, जिसमें गुंबद, मेहराब और जटिल नक्काशी का बेहतरीन उपयोग किया गया है। इल्तुतमिश ने कुतुब मीनार का निर्माण पूरा किया, बलबन ने लौह और रक्त की नीति अपनाई, और फिरोज शाह तुगलक ने कई नहरों और शहरों का निर्माण करवाया।

  3. प्रश्न 10: विजयनगर साम्राज्य की स्थापना किसने की थी?

    • (A) कृष्णदेवराय
    • (B) हरिहर और बुक्का
    • (C) रामराय
    • (D) देवराय द्वितीय

    सही उत्तर: (B)

    विस्तृत व्याख्या: विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ईस्वी में दो भाई हरिहर प्रथम और बुक्का प्रथम ने की थी। उन्होंने तुगलक शासन की अराजकता का लाभ उठाकर दक्षिणी भारत में एक स्वतंत्र हिंदू राज्य की नींव रखी। यह साम्राज्य कृष्णदेवराय के शासनकाल में अपनी पराकाष्ठा पर पहुंचा। रामराय तालीकोटा के युद्ध के समय विजयनगर के वास्तविक शासक थे, और देवराय द्वितीय संगम वंश के एक महत्वपूर्ण शासक थे।

  4. प्रश्न 11: “मनसबदारी प्रणाली” किसने शुरू की थी?

    • (A) बाबर
    • (B) हुमायूँ
    • (C) अकबर
    • (D) औरंगजेब

    सही उत्तर: (C)

    विस्तृत व्याख्या: मनसबदारी प्रणाली मुगल साम्राज्य की एक सैन्य और प्रशासनिक व्यवस्था थी जिसे सम्राट अकबर ने अपने शासनकाल में शुरू किया था। ‘मनसब’ एक पद या रैंक था जो धारक के वेतन और सैन्य जिम्मेदारियों को निर्धारित करता था। इसमें ‘जात’ (व्यक्तिगत रैंक) और ‘सवार’ (घोड़े और घुड़सवारों की संख्या) नामक दोहरी प्रणाली थी। बाबर ने मुगल साम्राज्य की स्थापना की, हुमायूँ उसका उत्तराधिकारी था, और औरंगजेब एक रूढ़िवादी मुगल सम्राट था।

  5. प्रश्न 12: ‘पानीपत का प्रथम युद्ध’ कब लड़ा गया था?

    • (A) 1526 ईस्वी
    • (B) 1556 ईस्वी
    • (C) 1761 ईस्वी
    • (D) 1530 ईस्वी

    सही उत्तर: (A)

    विस्तृत व्याख्या: पानीपत का प्रथम युद्ध 21 अप्रैल 1526 को बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच लड़ा गया था। इस युद्ध में बाबर की जीत हुई और इसके साथ ही भारत में मुगल साम्राज्य की नींव पड़ी तथा दिल्ली सल्तनत का अंत हो गया। पानीपत का दूसरा युद्ध 1556 में अकबर और हेमू के बीच हुआ, और तीसरा युद्ध 1761 में अहमद शाह अब्दाली और मराठों के बीच हुआ।

  6. प्रश्न 13: किस मुगल सम्राट के शासनकाल को “चित्रकला का स्वर्ण युग” कहा जाता है?

    • (A) अकबर
    • (B) जहांगीर
    • (C) शाहजहां
    • (D) औरंगजेब

    सही उत्तर: (B)

    विस्तृत व्याख्या: मुगल सम्राट जहांगीर (1605-1627) के शासनकाल को मुगल चित्रकला का स्वर्ण युग माना जाता है। जहांगीर स्वयं कला का एक महान पारखी था और उसने कई प्रतिभाशाली चित्रकारों को संरक्षण दिया। उसके शासनकाल में प्रकृति चित्रण, व्यक्ति-चित्रण और दरबार के दृश्यों में उत्कृष्ट प्रगति हुई। अकबर के काल में चित्रकला की नींव पड़ी, शाहजहां का काल वास्तुकला का स्वर्ण युग था, और औरंगजेब के काल में कला पर प्रतिबंध लग गए थे।

  7. प्रश्न 14: शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक कहाँ हुआ था?

    • (A) पूना
    • (B) रायगढ़
    • (C) तोरणा
    • (D) प्रतापगढ़

    सही उत्तर: (B)

    विस्तृत व्याख्या: छत्रपति शिवाजी महाराज का औपचारिक राज्याभिषेक 6 जून 1674 को महाराष्ट्र के रायगढ़ किले में हुआ था। इस समारोह में उन्हें ‘छत्रपति’ की उपाधि दी गई और उन्होंने मराठा साम्राज्य की नींव रखी। पूना (पुणे) मराठा साम्राज्य का एक महत्वपूर्ण केंद्र था, तोरणा किला उनके द्वारा जीता गया पहला किला था, और प्रतापगढ़ किले पर उन्होंने अफजल खान को हराया था।

आधुनिक भारतीय इतिहास

  1. प्रश्न 15: ‘सहायक संधि’ प्रणाली का जनक किसे कहा जाता है?

    • (A) लॉर्ड वेलेस्ली
    • (B) लॉर्ड डलहौजी
    • (C) लॉर्ड हेस्टिंग्स
    • (D) रॉबर्ट क्लाइव

    सही उत्तर: (A)

    विस्तृत व्याख्या: सहायक संधि (Subsidiary Alliance) प्रणाली का जनक लॉर्ड वेलेस्ली (भारत का गवर्नर-जनरल, 1798-1805) को माना जाता है। इस प्रणाली के तहत भारतीय शासकों को अंग्रेजों की संप्रभुता स्वीकार करनी पड़ती थी, अपनी सेना भंग करनी पड़ती थी, और अपने राज्य में ब्रिटिश सेना की एक टुकड़ी रखनी पड़ती थी, जिसका खर्च उन्हें स्वयं उठाना होता था। लॉर्ड डलहौजी ने ‘व्यपगत का सिद्धांत’ (Doctrine of Lapse) लागू किया, लॉर्ड हेस्टिंग्स ने पिंडारियों का दमन किया, और रॉबर्ट क्लाइव ने प्लासी के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  2. प्रश्न 16: 1857 के विद्रोह के समय भारत का गवर्नर-जनरल कौन था?

    • (A) लॉर्ड कैनिंग
    • (B) लॉर्ड डलहौजी
    • (C) लॉर्ड लिटन
    • (D) लॉर्ड रिपन

    सही उत्तर: (A)

    विस्तृत व्याख्या: 1857 के सिपाही विद्रोह के समय लॉर्ड कैनिंग (1856-1862) भारत के गवर्नर-जनरल थे। उनके कार्यकाल में ही यह महत्वपूर्ण विद्रोह हुआ, जिसके बाद ब्रिटिश क्राउन ने भारत का सीधा प्रशासन संभाल लिया और गवर्नर-जनरल का पद ‘वायसराय’ में बदल गया। लॉर्ड डलहौजी 1857 से पहले के गवर्नर-जनरल थे, और लॉर्ड लिटन तथा लॉर्ड रिपन बाद के वायसराय थे।

  3. प्रश्न 17: ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस’ की स्थापना कब हुई थी?

    • (A) 1875
    • (B) 1885
    • (C) 1895
    • (D) 1905

    सही उत्तर: (B)

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को बॉम्बे (अब मुंबई) में गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुई थी। इसकी स्थापना एक सेवानिवृत्त ब्रिटिश सिविल सेवक ए. ओ. ह्यूम ने की थी और इसके पहले अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी थे। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीयों को एक साथ लाकर उनकी राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक मांगों को ब्रिटिश सरकार के सामने रखना था।

  4. प्रश्न 18: ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, और मैं इसे लेकर रहूँगा!’ यह नारा किसने दिया था?

    • (A) महात्मा गांधी
    • (B) सरदार वल्लभभाई पटेल
    • (C) लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक
    • (D) भगत सिंह

    सही उत्तर: (C)

    विस्तृत व्याख्या: यह प्रसिद्ध नारा बाल गंगाधर तिलक ने दिया था, जो भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख नेता और गरम दल के सदस्य थे। उन्होंने स्वशासन (स्वराज) के लिए जोरदार वकालत की। महात्मा गांधी ने ‘करो या मरो’ का नारा दिया, सरदार पटेल भारत के एकीकरण में महत्वपूर्ण थे, और भगत सिंह एक क्रांतिकारी थे।

  5. प्रश्न 19: ‘चंपारण सत्याग्रह’ महात्मा गांधी द्वारा कब शुरू किया गया था?

    • (A) 1915
    • (B) 1917
    • (C) 1919
    • (D) 1920

    सही उत्तर: (B)

    विस्तृत व्याख्या: चंपारण सत्याग्रह महात्मा गांधी का भारत में पहला बड़ा सत्याग्रह आंदोलन था, जिसे उन्होंने 1917 में बिहार के चंपारण जिले में नील की खेती करने वाले किसानों के समर्थन में शुरू किया था। किसान ब्रिटिश बागान मालिकों द्वारा ‘तीनकठिया’ प्रणाली के तहत नील की खेती के लिए मजबूर किए जा रहे थे। 1915 में गांधीजी भारत लौटे, 1919 में जलियांवाला बाग हत्याकांड हुआ, और 1920 में असहयोग आंदोलन शुरू हुआ।

  6. प्रश्न 20: ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ किस वर्ष शुरू किया गया था?

    • (A) 1930
    • (B) 1935
    • (C) 1942
    • (D) 1947

    सही उत्तर: (C)

    विस्तृत व्याख्या: भारत छोड़ो आंदोलन 8 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी द्वारा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के बॉम्बे सत्र में शुरू किया गया एक विशाल सविनय अवज्ञा आंदोलन था। गांधीजी ने ‘करो या मरो’ का नारा दिया था। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बिना शर्त भारतीय समर्थन के लिए ब्रिटिश सरकार के प्रस्तावों के जवाब में भारत से ब्रिटिश शासन को तत्काल समाप्त करना था। 1930 में सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू हुआ, 1935 में भारत सरकार अधिनियम पारित हुआ, और 1947 में भारत स्वतंत्र हुआ।

  7. प्रश्न 21: स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर-जनरल कौन थे?

    • (A) लॉर्ड माउंटबेटन
    • (B) सी. राजगोपालाचारी
    • (C) जवाहरलाल नेहरू
    • (D) डॉ. राजेंद्र प्रसाद

    सही उत्तर: (A)

    विस्तृत व्याख्या: लॉर्ड माउंटबेटन 15 अगस्त 1947 को भारत की स्वतंत्रता के बाद स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर-जनरल बने। उन्होंने भारत के विभाजन और सत्ता के हस्तांतरण की प्रक्रिया का पर्यवेक्षण किया। सी. राजगोपालाचारी (राजाजी) स्वतंत्र भारत के पहले और एकमात्र भारतीय गवर्नर-जनरल थे, जिन्होंने माउंटबेटन के बाद पद संभाला। जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री थे, और डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे।

विश्व इतिहास

  1. प्रश्न 22: फ्रेंच क्रांति किस वर्ष शुरू हुई थी?

    • (A) 1776
    • (B) 1789
    • (C) 1804
    • (D) 1815

    सही उत्तर: (B)

    विस्तृत व्याख्या: फ्रेंच क्रांति 1789 में शुरू हुई थी और यह फ्रांसीसी इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ थी, जिसने पूर्ण राजशाही को समाप्त कर दिया और गणतंत्र की स्थापना की। इसके आदर्श ‘स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व’ (Liberty, Equality, Fraternity) ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया। 1776 में अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा हुई, 1804 में नेपोलियन सम्राट बना, और 1815 में वाटरलू का युद्ध हुआ।

  2. प्रश्न 23: प्रथम विश्व युद्ध कब शुरू हुआ था?

    • (A) 1905
    • (B) 1914
    • (C) 1918
    • (D) 1939

    सही उत्तर: (B)

    विस्तृत व्याख्या: प्रथम विश्व युद्ध 28 जुलाई 1914 को शुरू हुआ था, जब ऑस्ट्रिया-हंगरी ने सर्बिया पर युद्ध की घोषणा की थी। यह युद्ध 11 नवंबर 1918 तक चला और इसमें दुनिया की प्रमुख शक्तियां दो विरोधी गठबंधनों – मित्र राष्ट्रों और केंद्रीय शक्तियों में शामिल थीं। 1905 में रूस-जापान युद्ध हुआ, 1918 में प्रथम विश्व युद्ध समाप्त हुआ, और 1939 में द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हुआ।

  3. प्रश्न 24: ‘फासीवाद’ (Fascism) का उदय किस देश में हुआ था?

    • (A) जर्मनी
    • (B) इटली
    • (C) रूस
    • (D) जापान

    सही उत्तर: (B)

    विस्तृत व्याख्या: फासीवाद 20वीं शताब्दी के शुरुआती दौर में इटली में बेनिटो मुसोलिनी के नेतृत्व में एक राजनीतिक विचारधारा और आंदोलन के रूप में उभरा। यह एक चरमपंथी राष्ट्रवादी, अधिनायकवादी और पूंजीवाद विरोधी (साम्यवाद विरोधी) विचारधारा थी, जिसमें राज्य को सर्वोच्च माना जाता था और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए जाते थे। जर्मनी में नाजीवाद (नाज़ी जर्मनी), रूस में साम्यवाद और जापान में सैन्यवाद का उदय हुआ।

  4. प्रश्न 25: अल्बिजेनशियन धर्मयुद्ध (Albigensian Crusade) किस शताब्दी में हुआ था और इसका संबंध मुख्य रूप से किस धार्मिक आंदोलन से था?

    • (A) 11वीं शताब्दी, वाल्डेंसियन
    • (B) 12वीं शताब्दी, ह्यूजेनॉट्स
    • (C) 13वीं शताब्दी, कैथार
    • (D) 14वीं शताब्दी, लुथेरन

    सही उत्तर: (C)

    विस्तृत व्याख्या: अल्बिजेनशियन धर्मयुद्ध (1209-1229) 13वीं शताब्दी की शुरुआत में कैथोलिक चर्च द्वारा दक्षिणी फ्रांस में ‘कैथार’ नामक एक ईसाई विधर्मी संप्रदाय के दमन के लिए चलाया गया था। कैथारवाद, जिसे अल्बिजेनशियनवाद भी कहा जाता है, ने कैथोलिक चर्च की शिक्षाओं को चुनौती दी थी। इस धर्मयुद्ध के परिणामस्वरूप दक्षिणी फ्रांस में कैथारवाद का लगभग पूर्ण उन्मूलन हो गया और फ्रांसीसी राजशाही की शक्ति मजबूत हुई। वाल्डेंसियन एक और विधर्मी समूह थे लेकिन इस धर्मयुद्ध से सीधे संबंधित नहीं थे। ह्यूजेनॉट्स फ्रांस में प्रोटेस्टेंट थे (16वीं-17वीं शताब्दी), और लुथेरन सुधार आंदोलन (16वीं शताब्दी) से संबंधित थे।

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