क्या आप समाजशास्त्र की जटिल अवधारणाओं को चुनौती देने के लिए तैयार हैं? यह दैनिक अभ्यास सेट न केवल आपके ज्ञान का परीक्षण करेगा, बल्कि आपकी विश्लेषणात्मक सोच को भी निखारेगा। आइए, समाजशास्त्रीय सिद्धांतों के गहरे समुद्र में उतरें और अपनी तैयारी को एक नई ऊंचाई दें!
- कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति मुख्य रूप से किसके कारण उत्पन्न होती है?
- (A) सामाजिक असमानता के कारण
- (B) पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली में श्रमिक के नियंत्रण की कमी के कारण
- (C) धार्मिक अंधविश्वासों के कारण
- (D) शिक्षा के अभाव के कारण
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवाद में श्रमिक अपने उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः अपने ‘मानवीय स्वभाव’ से अलग हो जाता है क्योंकि उसका उत्पादन के साधनों पर कोई नियंत्रण नहीं होता।
संदर्भ: यह अवधारणा मार्क्स के ‘Economic and Philosophic Manuscripts of 1844’ में विस्तृत है।
अन्य विकल्प: (A) असमानता एक परिणाम है, मुख्य कारण नहीं; (C) और (D) मार्क्स के लिए द्वितीयक कारक हैं। - मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित ‘Verstehen’ (वर्स्टेहेन) पद्धति का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- (A) सामाजिक तथ्यों का सांख्यिकीय विश्लेषण करना
- (B) सामाजिक क्रियाओं के पीछे के व्यक्तिपरक अर्थों (Subjective Meanings) को समझना
- (C) समाज के कार्यात्मक पहलुओं का अध्ययन करना
- (D) वर्ग संघर्ष के माध्यम से इतिहास को समझना
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: ‘Verstehen’ एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ है ‘समझना’। वेबर का मानना था कि समाजशास्त्री को व्यक्ति के दृष्टिकोण से उसकी क्रिया के अर्थ को समझना चाहिए।
संदर्भ: यह वेबर के व्याख्यात्मक समाजशास्त्र (Interpretive Sociology) का आधार है।
अन्य विकल्प: (A) मात्रात्मक शोध है; (C) प्रकार्यवाद (Functionalism) है; (D) मार्क्सवादी दृष्टिकोण है। - एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब:
- (A) समाज में बहुत अधिक नियम होते हैं
- (B) व्यक्ति समाज से पूरी तरह कट जाता है
- (C) सामाजिक मानदंडों में गिरावट आती है या वे अस्पष्ट हो जाते हैं
- (D) आर्थिक संसाधन समान रूप से वितरित होते हैं
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: ‘एनोमी’ का अर्थ है ‘नियमहीनता’। जब समाज में तीव्र परिवर्तन होते हैं, तो पुराने नियम काम नहीं करते और नए नियम अभी बने नहीं होते, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है।
संदर्भ: दुर्खीम ने इसे अपनी पुस्तक ‘Suicide’ (1897) में विस्तार से समझाया है।
अन्य विकल्प: (A) यह अति-नियमन है; (B) यह अलगाव (Alienation) के करीब है। - टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?
- (A) लक्ष्यों को प्राप्त करना
- (B) संसाधनों का अनुकूलन करना
- (C) सामाजिक मानदंडों और मूल्यों को बनाए रखना (पैटर्न रखरखाव)
- (D) बाहरी वातावरण के साथ तालमेल बिठाना
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: AGIL में A=Adaptation, G=Goal Attainment, I=Integration और L=Latency है। Latency का अर्थ है संस्कृति और मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाना और उन्हें बनाए रखना।
संदर्भ: यह पार्सन्स के संरचनात्मक-प्रकार्यवाद (Structural Functionalism) का हिस्सा है।
अन्य विकल्प: (A) Goal Attainment है; (B) Adaptation है; (D) Adaptation है। - रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?
- (A) एक सकारात्मक होता है और दूसरा नकारात्मक
- (B) एक इच्छित और ज्ञात होता है, जबकि दूसरा अनपेक्षित और अज्ञात
- (C) एक व्यक्तिगत होता है और दूसरा सामाजिक
- (D) इनमें कोई वास्तविक अंतर नहीं है
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: प्रकट कार्य वह परिणाम है जिसकी अपेक्षा की जाती है (जैसे स्कूल जाना शिक्षा के लिए), जबकि अप्रत्यक्ष कार्य वह अनपेक्षित परिणाम है (जैसे स्कूल में मित्र बनाना)।
संदर्भ: मर्टन की पुस्तक ‘Social Theory and Social Structure’ से।
अन्य विकल्प: (A) अप्रत्यक्ष कार्य ‘Dysfunction’ भी हो सकते हैं, लेकिन वे अनिवार्य रूप से नकारात्मक नहीं होते। - जॉर्ज हरबर्ट मीड के अनुसार, ‘Self’ (स्व) के विकास में ‘Me’ का क्या महत्व है?
- (A) यह व्यक्ति की सहज इच्छाओं का प्रतिनिधित्व करता है
- (B) यह समाज के आंतरिक रूप से आत्मसात किए गए मानदंडों और अपेक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है
- (C) यह केवल जैविक आवश्यकताओं से संबंधित है
- (D) यह पूरी तरह से व्यक्ति के अवचेतन मन से संचालित होता है
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: मीड के अनुसार, ‘I’ व्यक्ति का रचनात्मक और सहज हिस्सा है, जबकि ‘Me’ वह सामाजिक हिस्सा है जो समाज के नियमों और दूसरों की अपेक्षाओं को समझता है।
संदर्भ: यह प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) का मूल है।
अन्य विकल्प: (A) यह ‘I’ का वर्णन है। - एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया का मुख्य अर्थ क्या है?
- (A) उच्च जातियों द्वारा निम्न जातियों का शोषण करना
- (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाना
- (C) सभी जातियों का पूरी तरह से समाप्त हो जाना
- (D) पश्चिमी संस्कृति का भारतीय समाज में समावेश
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें एक निम्न जाति या समूह किसी उच्च जाति (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों, विचारधारा और जीवन पद्धति को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास करता है।
संदर्भ: श्रीनिवास ने इसे भारतीय ग्रामीण समाज के अध्ययन के दौरान विकसित किया।
अन्य विकल्प: (A) यह शोषण है; (D) यह ‘पश्चिमीकरण’ (Westernization) है। - नृवंशविज्ञान (Ethnography) अनुसंधान पद्धति की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?
- (A) बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण करना
- (B) प्रयोगशाला में नियंत्रित प्रयोग करना
- (C) गहन अवलोकन और प्रतिभागियों के साथ दीर्घकालिक जुड़ाव (Participant Observation)
- (D) केवल द्वितीयक डेटा का उपयोग करना
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: नृवंशविज्ञान में शोधकर्ता स्वयं उस समूह का हिस्सा बनकर उनके दैनिक जीवन, संस्कृति और व्यवहार का सूक्ष्म अध्ययन करता है।
संदर्भ: यह गुणात्मक शोध (Qualitative Research) की एक प्रमुख विधि है।
अन्य विकल्प: (A) सर्वेक्षण मात्रात्मक शोध है; (B) यह प्रयोगात्मक विधि है। - समकालीन डिजिटल समाजशास्त्र के संदर्भ में, AI-जनित दृश्यों (AI-Generated Visuals) का उपयोग करके घरेलू काम के आवंटन का अध्ययन करना किस अवधारणा से जुड़ा है?
- (A) डिजिटल जाति व्यवस्था
- (B) जेंडर भूमिकाओं का सामाजिक निर्माण (Social Construction of Gender Roles)
- (C) तकनीकी नियतत्ववाद (Technological Determinism)
- (D) साइबर अपराध
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जब हम AI का उपयोग यह देखने के लिए करते हैं कि समाज घरेलू काम को किस जेंडर से जोड़ता है, तो हम वास्तव में यह विश्लेषण कर रहे होते हैं कि जेंडर की भूमिकाएं सामाजिक रूप से कैसे निर्मित और प्रतिबिंबित होती हैं।
संदर्भ: यह हालिया शोध प्रवृत्तियों (Recent Research Trends) और डिजिटल समाजशास्त्र का हिस्सा है।
अन्य विकल्प: (A) यह जाति से संबंधित है; (C) यह केवल तकनीक के प्रभाव पर जोर देता है। - ‘सामाजिक वृद्धावस्था’ (Social Ageing) का अध्ययन करने वाला समाजशास्त्रीय उप-क्षेत्र क्या कहलाता है?
- (A) सामाजिक मनोविज्ञान
- (B) सामाजिक जनसांख्यिकी
- (C) सामाजिक जेरोन्टोलॉजी (Social Gerontology)
- (D) चिकित्सा समाजशास्त्र
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: सामाजिक जेरोन्टोलॉजी वृद्धावस्था के सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और जैविक पहलुओं का अध्ययन करती है, जिसमें उम्र बढ़ने के साथ सामाजिक भूमिकाओं में बदलाव शामिल है।
संदर्भ: यह स्वास्थ्य और उम्र बढ़ने से संबंधित समकालीन शोध (जैसे हालिया संघीय अनुदान) का मुख्य केंद्र है।
अन्य विकल्प: (B) केवल जनसंख्या के आंकड़ों पर ध्यान देता है; (D) बीमारी और स्वास्थ्य प्रणाली पर। - लुई ड्युमोंट ने भारतीय जाति व्यवस्था के मूल सिद्धांत के रूप में किसे माना है?
- (A) शक्ति और प्रभुत्व (Power and Dominance)
- (B) पवित्रता और अपवित्रता (Purity and Pollution)
- (C) आर्थिक वर्ग (Economic Class)
- (D) राजनीतिक प्रभाव (Political Influence)
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: ड्युमोंट ने अपनी पुस्तक ‘Homo Hierarchicus’ में तर्क दिया कि जाति व्यवस्था का आधार श्रेणीबद्धता (Hierarchy) है, जो पवित्रता और अपवित्रता के द्विध्रुवीय विरोध पर टिकी है।
संदर्भ: ड्युमोंट का दृष्टिकोण संरचनात्मक है।
अन्य विकल्प: (A) यह एम.एन. श्रीनिवास का ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) का विचार है। - पियरे बोर्दियू (Pierre Bourdieu) द्वारा प्रयुक्त ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) का क्या अर्थ है?
- (A) बैंक में जमा धन और संपत्ति
- (B) शिक्षा, कौशल, ज्ञान और भाषा जैसी गैर-वित्तीय सामाजिक संपत्तियाँ
- (C) केवल प्राचीन स्मारकों का संरक्षण
- (D) किसी व्यक्ति की शारीरिक शक्ति
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: सांस्कृतिक पूंजी वह ज्ञान या व्यवहार है जो समाज के उच्च वर्गों से जुड़ा होता है और व्यक्ति को सामाजिक लाभ या उच्च स्थिति दिलाने में मदद करता है।
संदर्भ: बोर्दियू ने इसे सामाजिक पुनरुत्पादन (Social Reproduction) को समझाने के लिए इस्तेमाल किया।
अन्य विकल्प: (A) यह आर्थिक पूंजी है। - ‘लुकिंग ग्लास सेल्फ’ (Looking Glass Self) की अवधारणा किसने दी थी?
- (A) जॉर्ज हरबर्ट मीड
- (B) चार्ल्स कूले
- (C) हर्बर्ट स्पेंसर
- (D) ऑगस्ट कॉम्टे
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: चार्ल्स कूले का मानना था कि हमारा ‘स्व’ (Self) इस आधार पर विकसित होता है कि हम सोचते हैं कि दूसरे हमें कैसे देखते हैं। समाज एक दर्पण की तरह कार्य करता है।
संदर्भ: यह सामाजिक मनोविज्ञान और अंतःक्रियावाद का महत्वपूर्ण सिद्धांत है।
अन्य विकल्प: (A) मीड ने ‘I’ और ‘Me’ दिया। - मिचेल फूको (Michel Foucault) के अनुसार, ‘शक्ति’ (Power) की प्रकृति क्या है?
- (A) शक्ति केवल राज्य के पास होती है और वह दमनकारी होती है
- (B) शक्ति केवल उच्च वर्ग के पास होती है
- (C) शक्ति विकेंद्रीकृत है और यह ज्ञान के साथ गहराई से जुड़ी हुई है (Power-Knowledge)
- (D) शक्ति का अस्तित्व केवल कानून के माध्यम से होता है
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: फूको का तर्क था कि शक्ति केवल ऊपर से नीचे नहीं चलती, बल्कि यह पूरे समाज में फैली हुई है और ज्ञान के माध्यम से व्यक्तियों के व्यवहार को नियंत्रित करती है।
संदर्भ: यह उनकी पुस्तक ‘Discipline and Punish’ में स्पष्ट है।
अन्य विकल्प: (A) यह पारंपरिक मार्क्सवादी या राज्य-केंद्रित दृष्टिकोण है। - ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा का संबंध किससे है?
- (A) लुई ड्युमोंट
- (B) बी.आर. अंबेडकर
- (C) एम.एन. श्रीनिवास
- (D) जी.एस. घुर्ये
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास के अनुसार, एक जाति तब ‘प्रभावी’ होती है जब उसके पास संख्यात्मक बल, आर्थिक शक्ति (भूमि स्वामित्व) और राजनीतिक प्रभाव हो।
संदर्भ: यह अवधारणा भारतीय गांवों की सत्ता संरचना को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
अन्य विकल्प: (A) ने पवित्रता/अपवित्रता पर जोर दिया। - निम्नलिखित में से कौन सा एक ‘प्राथमिक समूह’ (Primary Group) का उदाहरण है?
- (A) एक राजनीतिक दल
- (B) एक पेशेवर संघ (Professional Association)
- (C) परिवार
- (D) एक बड़ी कंपनी के कर्मचारी
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: चार्ल्स कूले के अनुसार, प्राथमिक समूह वे होते हैं जिनमें आमने-सामने के संबंध, घनिष्ठता और भावनात्मक जुड़ाव होता है, जैसे परिवार और मित्र।
संदर्भ: यह समाजशास्त्र की मूल अवधारणा है।
अन्य विकल्प: (A), (B), और (D) द्वितीयक समूह (Secondary Groups) हैं क्योंकि वे औपचारिक और उद्देश्य-आधारित होते हैं। - ‘डिजिटल डिवाइड’ (Digital Divide) का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या है?
- (A) कंप्यूटर के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच का अंतर
- (B) सूचना और संचार तकनीक (ICT) तक पहुंच रखने वाले और न रखने वाले लोगों के बीच की सामाजिक-आर्थिक खाई
- (C) इंटरनेट की धीमी गति
- (D) केवल शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच इंटरनेट का अंतर
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: डिजिटल डिवाइड केवल तकनीक की उपलब्धता नहीं, बल्कि वर्ग, जाति, लिंग और शिक्षा के आधार पर सूचना तक पहुंच की असमानता को दर्शाता है।
संदर्भ: यह समकालीन सामाजिक असमानता का एक नया रूप है।
अन्य विकल्प: (D) यह इसका एक हिस्सा है, लेकिन परिभाषा व्यापक है। - समाजशास्त्र में ‘वैधता’ (Validity) का क्या अर्थ है?
- (A) शोध के परिणामों को दोहराने की क्षमता
- (B) यह मापना कि क्या शोध वास्तव में उसी चीज़ को माप रहा है जिसे मापने का उसने दावा किया है
- (C) डेटा का सही सांख्यिकीय विश्लेषण करना
- (D) नमूना आकार (Sample Size) का बड़ा होना
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: वैधता यह सुनिश्चित करती है कि शोध उपकरण सटीक है और वह सही अवधारणा को माप रहा है।
संदर्भ: यह अनुसंधान पद्धति (Research Methodology) का एक अनिवार्य हिस्सा है।
अन्य विकल्प: (A) यह ‘विश्वसनीयता’ (Reliability) की परिभाषा है। - ‘शहरीकरण’ (Urbanization) के संदर्भ में ‘प्रशस्तन’ (Gentrification) क्या है?
- (A) शहरों से गांवों की ओर पलायन
- (B) निम्न आय वाले शहरी क्षेत्रों का पुनर्विकास और वहां उच्च आय वाले लोगों का बसना
- (C) झुग्गी-झोपड़ियों का पूरी तरह से उन्मूलन
- (D) शहरों में जनसंख्या का अत्यधिक घनत्व
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जेंट्रिफिकेशन वह प्रक्रिया है जिसमें पुराने, सस्ते शहरी इलाकों को आधुनिक बनाया जाता है, जिससे वहां रहने वाले गरीब लोग विस्थापित हो जाते हैं और अमीर लोग वहां बस जाते हैं।
संदर्भ: यह शहरी समाजशास्त्र (Urban Sociology) की एक प्रमुख घटना है।
अन्य विकल्प: (A) यह प्रति-शहरीकरण (Counter-urbanization) है। - हरमन हेस और अन्य विचारकों द्वारा चर्चित ‘अलगाव’ के विपरीत ‘एकजुटता’ (Solidarity) के दो प्रकारों (यांत्रिक और जैविक) का वर्णन किसने किया?
- (A) कार्ल मार्क्स
- (B) मैक्स वेबर
- (C) एमिल दुर्खीम
- (D) हर्बर्ट स्पेंसर
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘The Division of Labour in Society’ में बताया कि सरल समाजों में ‘यांत्रिक एकजुटता’ (समानता पर आधारित) और आधुनिक समाजों में ‘जैविक एकजुटता’ (परस्पर निर्भरता पर आधारित) होती है।
संदर्भ: यह सामाजिक एकीकरण के सिद्धांत से संबंधित है।
अन्य विकल्प: (A) ने वर्ग संघर्ष पर जोर दिया। - ‘सोशल कैपिटल’ (Social Capital) की अवधारणा को लोकप्रिय बनाने में किस समाजशास्त्री का बड़ा योगदान है?
- (A) रॉबर्ट पुटनम
- (B) एमिली जैक्सन
- (C) ऑगस्ट कॉम्टे
- (D) टैलकोट पार्सन्स
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या: रॉबर्ट पुटनम ने सामाजिक पूंजी को विश्वास, मानदंडों और नेटवर्क के रूप में परिभाषित किया जो समाज में सहयोग को बढ़ावा देते हैं।
संदर्भ: उनकी पुस्तक ‘Bowling Alone’ इस विषय पर प्रसिद्ध है।
अन्य विकल्प: (C) समाजशास्त्र के जनक हैं, लेकिन उन्होंने यह अवधारणा नहीं दी। - ‘कुल संस्थान’ (Total Institution) की अवधारणा किसने दी, जहां व्यक्ति का पूरा जीवन एक ही नियंत्रण में होता है?
- (A) इरविंग गोफमैन
- (B) चार्ल्स राइट मिल्स
- (C) आर.के. मर्टन
- (D) मैक्स वेबर
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या: गोफमैन के अनुसार, जेल, मानसिक अस्पताल या सैन्य शिविर ‘कुल संस्थान’ हैं, जहाँ व्यक्ति की पुरानी पहचान मिटा दी जाती है और एक नई पहचान थोपी जाती है।
संदर्भ: यह उनके ‘Asylums’ के अध्ययन से निकला है।
अन्य विकल्प: (B) ने ‘Power Elite’ की अवधारणा दी। - भारतीय समाज में ‘जाति’ और ‘वर्ग’ के बीच मुख्य अंतर क्या है?
- (A) जाति अर्जित है, जबकि वर्ग जन्मजात है
- (B) जाति एक बंद स्तरीकरण है (बंद सदस्यता), जबकि वर्ग एक खुला स्तरीकरण है (गतिशीलता संभव है)
- (C) वर्ग केवल भारत में पाया जाता है, जाति पूरी दुनिया में
- (D) दोनों में कोई अंतर नहीं है
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जाति जन्म पर आधारित होती है और इसे बदला नहीं जा सकता (Ascribed status), जबकि वर्ग आर्थिक स्थिति पर आधारित होता है और शिक्षा या धन से बदला जा सकता है (Achieved status)।
संदर्भ: सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) का सिद्धांत।
अन्य विकल्प: (A) यह बिल्कुल उल्टा है। - समकालीन मीडिया समाजशास्त्र के संदर्भ में, ‘क्लिकबैट’ (Clickbait) समाचारों का समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- (A) यह जनता में गहरी वैचारिक समझ बढ़ाता है
- (B) यह सूचना की गुणवत्ता को कम करता है और सनसनीखेज खबरों को बढ़ावा देता है
- (C) यह केवल तकनीकी त्रुटि है, इसका सामाजिक प्रभाव नहीं है
- (D) यह समाचारों की निष्पक्षता को बढ़ाता है
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: क्लिकबैट समाचारों का उद्देश्य केवल व्यूज पाना होता है, जिससे वास्तविक सामाजिक मुद्दों की गंभीरता दब जाती है और जनता में भ्रामक धारणाएं पैदा होती हैं।
संदर्भ: यह हालिया शोध (जैसे Sociological Science के लेख) का विषय है जो मीडिया की पेशेवर सत्ता का विश्लेषण करता है।
अन्य विकल्प: (A) और (D) इसके विपरीत प्रभाव हैं। - ‘लुई ड्युमोंट’ के विपरीत, एम.एन. श्रीनिवास ने जाति व्यवस्था को समझने के लिए किस पर अधिक जोर दिया?
- (A) केवल धार्मिक ग्रंथों पर
- (B) क्षेत्रीय भिन्नताओं और वास्तविक सामाजिक व्यवहार (Field Study) पर
- (C) केवल विदेशी लेखकों के विचारों पर
- (D) केवल शहरी जीवन पर
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जहाँ ड्युमोंट ने ‘पवित्रता-अपवित्रता’ के आदर्शवादी विचार पर जोर दिया, वहीं श्रीनिवास ने जमीनी स्तर के अध्ययन (Field Work) के माध्यम से दिखाया कि कैसे शक्ति और भूमि स्वामित्व जाति की स्थिति को प्रभावित करते हैं।
संदर्भ: यह ‘Book View’ बनाम ‘Field View’ का विवाद है।
अन्य विकल्प: (A) यह ड्युमोंट का दृष्टिकोण था।
टिप: इन प्रश्नों का अभ्यास करते समय केवल उत्तर न देखें, बल्कि अवधारणाओं के बीच के संबंध को समझें। समाजशास्त्र केवल याद करने का नहीं, बल्कि समाज को ‘देखने’ का नजरिया है।
सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।