भारतीय संविधान की गहराई को समझें: एक व्यापक अभ्यास सेट
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भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि हमारे जीवंत लोकतंत्र की आत्मा और मार्गदर्शक सिद्धांत है। UPSC, SSC और State PSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए संवैधानिक अनुच्छेदों और न्यायिक व्याख्याओं की सूक्ष्म समझ होना अनिवार्य है। यह दैनिक क्विज़ आपकी वैचारिक स्पष्टता का परीक्षण करने और आपकी तैयारी को और अधिक सटीक बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आइए, अपनी संवैधानिक यात्रा को और मजबूत करें!
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- \n भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘पंथनिरपेक्ष’ (Secular) शब्द किस संशोधन के माध्यम से जोड़ा गया था?\n
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- (A) 42वां संवैधानिक संशोधन, 1976
- (B) 44वां संवैधानिक संशोधन, 1978
- (C) 73वां संवैधानिक संशोधन, 1992
- (D) 86वां संवैधानिक संशोधन, 2002
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सही उत्तर: (A)
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\n विस्तृत व्याख्या: 42वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा प्रस्तावना में तीन नए शब्द जोड़े गए थे: ‘समाजवादी’ (Socialist), ‘पंथनिरपेक्ष’ (Secular) और ‘अखंडता’ (Integrity)।\n
संदर्भ: भारत एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है, जिसका अर्थ है कि राज्य का अपना कोई आधिकारिक धर्म नहीं है और वह सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार करता है।\n
अन्य विकल्प: विकल्प (B) 44वां संशोधन मुख्य रूप से आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों के हनन को रोकने के लिए लाया गया था। विकल्प (C) पंचायती राज से संबंधित है और (D) शिक्षा के अधिकार से।\n\n
- \n संविधान के किस अनुच्छेद के तहत ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण’ (Right to Life and Personal Liberty) प्रदान किया गया है?\n
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- (A) अनुच्छेद 19
- (B) अनुच्छेद 20
- (C) अनुच्छेद 21
- (D) अनुच्छेद 22
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 21 घोषित करता है कि किसी भी व्यक्ति को उसके जीवन या व्यक्तिगत स्वतंत्रता से कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के बिना वंचित नहीं किया जाएगा।\n
संदर्भ: सुप्रीम कोर्ट ने ‘मेनका गांधी बनाम भारत संघ’ मामले में इस अनुच्छेद की व्यापक व्याख्या की और ‘विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया’ को ‘उचित, निष्पक्ष और न्यायसंगत’ बनाने पर जोर दिया।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 19 वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है। अनुच्छेद 20 अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण प्रदान करता है।\n\n
- \n ‘समान नागरिक संहिता’ (Uniform Civil Code) का उल्लेख संविधान के किस अनुच्छेद में किया गया है?\n
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- (A) अनुच्छेद 40
- (B) अनुच्छेद 44
- (C) अनुच्छेद 48
- (D) अनुच्छेद 50
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 44 राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) का हिस्सा है, जो राज्य को पूरे भारत में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश देता है।\n
संदर्भ: यह एक गैर-न्यायसंगत (non-justiciable) प्रावधान है, जिसका अर्थ है कि इसे न्यायालय के माध्यम से अनिवार्य नहीं किया जा सकता।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 40 ग्राम पंचायतों के संगठन से संबंधित है। अनुच्छेद 50 न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग करने की बात करता है।\n\n
- \n मौलिक कर्तव्यों को भारतीय संविधान में किस समिति की सिफारिश पर जोड़ा गया था?\n
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- (A) वर्मा समिति
- (B) सरकारिया आयोग
- (C) स्वर्ण सिंह समिति
- (D) बलवंत राय मेहता समिति
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: मौलिक कर्तव्यों को 1976 के 42वें संशोधन द्वारा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों के आधार पर भाग IV-A और अनुच्छेद 51A के तहत जोड़ा गया था।\n
संदर्भ: प्रारंभ में 10 मौलिक कर्तव्य थे, 11वां कर्तव्य (6-14 वर्ष के बच्चों की शिक्षा) 86वें संशोधन, 2002 द्वारा जोड़ा गया।\n
अन्य विकल्प: सरकारिया आयोग केंद्र-राज्य संबंधों पर था। बलवंत राय मेहता समिति पंचायती राज व्यवस्था पर थी।\n\n
- \n भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में कौन भाग नहीं लेता है?\n
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- (A) संसद के निर्वाचित सदस्य
- (B) राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
- (C) दिल्ली और पुडुचेरी विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
- (D) राज्य विधानसभाओं के मनोनीत सदस्य
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सही उत्तर: (D)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 54 के अनुसार, राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल (Electoral College) द्वारा किया जाता है जिसमें केवल निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं।\n
संदर्भ: संसद के मनोनीत सदस्य और राज्य विधानसभाओं के मनोनीत सदस्य राष्ट्रपति चुनाव में मतदान नहीं कर सकते।\n
अन्य विकल्प: निर्वाचित सदस्य (A, B, C) मतदान के पात्र होते हैं ताकि राष्ट्रपति को एक लोकतांत्रिक जनाधार प्राप्त हो।\n\n
- \n राष्ट्रपति की ‘क्षमादान शक्ति’ (Pardoning Power) का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?\n
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- (A) अनुच्छेद 71
- (B) अनुच्छेद 72
- (C) अनुच्छेद 74
- (D) अनुच्छेद 76
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा को क्षमा करने, कम करने या स्थगित करने की शक्ति देता है।\n
संदर्भ: यह शक्ति विशेष रूप से मृत्युदंड (Death Sentence) के मामलों में और कोर्ट मार्शल के मामलों में प्रभावी होती है।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 74 राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद का प्रावधान करता है। अनुच्छेद 76 भारत के महान्यायवादी (Attorney General) के पद से संबंधित है।\n\n
- \n राज्यसभा का पदेन सभापति (Ex-officio Chairman) कौन होता है?\n
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- (A) राष्ट्रपति
- (B) प्रधानमंत्री
- (C) उपराष्ट्रपति
- (D) लोकसभा अध्यक्ष
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 64 के अनुसार, भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है।\n
संदर्भ: उपराष्ट्रपति राज्यसभा का सदस्य नहीं होता, लेकिन वह इसकी कार्यवाही का संचालन करता है।\n
अन्य विकल्प: लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव लोकसभा के सदस्यों द्वारा किया जाता है। राष्ट्रपति देश का संवैधानिक प्रमुख होता है।\n\n
- \n धन विधेयक (Money Bill) को केवल कहाँ पेश किया जा सकता है?\n
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- (A) केवल राज्यसभा में
- (B) केवल लोकसभा में
- (C) दोनों सदनों में किसी भी एक में
- (D) राष्ट्रपति की अनुमति से किसी भी सदन में
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 110 के तहत परिभाषित धन विधेयक केवल लोकसभा में पेश किया जा सकता है और इसे राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश की आवश्यकता होती है।\n
संदर्भ: राज्यसभा धन विधेयक को केवल 14 दिनों तक रोक सकती है, वह इसे अस्वीकार या संशोधित नहीं कर सकती।\n
अन्य विकल्प: राज्यसभा के पास साधारण विधेयकों में समान शक्तियां होती हैं, लेकिन धन विधेयक के मामले में उसकी शक्तियां सीमित हैं।\n\n
- \n संसद के दो सत्रों के बीच अधिकतम कितना अंतराल हो सकता है?\n
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- (A) 3 महीने
- (B) 6 महीने
- (C) 9 महीने
- (D) 1 वर्ष
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 85 के अनुसार, संसद के दो सत्रों के बीच 6 महीने से अधिक का अंतराल नहीं होना चाहिए।\n
संदर्भ: इसी कारण से सरकार साल में कम से कम दो बार संसद का सत्र बुलाती है (जैसे बजट सत्र और मानसून सत्र)।\n
अन्य विकल्प: 3 या 9 महीने का कोई संवैधानिक प्रावधान इस संदर्भ में नहीं है।\n\n
- \n राज्यसभा को किस अनुच्छेद के तहत राष्ट्रीय हित में कानून बनाने के लिए राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाने की शक्ति दी गई है?\n
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- (A) अनुच्छेद 248
- (B) अनुच्छेद 249
- (C) अनुच्छेद 250
- (D) अनुच्छेद 252
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 249 के तहत यदि राज्यसभा दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित कर दे कि राज्य सूची का कोई विषय राष्ट्रीय महत्व का है, तो संसद उस पर कानून बना सकती है।\n
संदर्भ: यह प्रावधान भारतीय संघवाद के भीतर केंद्र की विशेष शक्तियों को दर्शाता है।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 248 अवशिष्ट शक्तियों (Residuary Powers) से संबंधित है।\n\n
- \n सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘न्यायिक समीक्षा’ (Judicial Review) की शक्ति का मुख्य स्रोत क्या है?\n
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- (A) केवल अनुच्छेद 13
- (B) केवल अनुच्छेद 32
- (C) अनुच्छेद 13, 32, 131-136 और 226
- (D) प्रस्तावना
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: यद्यपि ‘न्यायिक समीक्षा’ शब्द का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, लेकिन अनुच्छेद 13 (मूलभूत अधिकारों के विरुद्ध कानूनों की शून्यता), अनुच्छेद 32 (रिट जारी करना) और अनुच्छेद 226 (उच्च न्यायालय की रिट शक्ति) इसे आधार प्रदान करते हैं।\n
संदर्भ: न्यायिक समीक्षा के माध्यम से न्यायपालिका यह सुनिश्चित करती है कि विधायिका और कार्यपालिका संविधान की सीमाओं के भीतर कार्य करें।\n
अन्य विकल्प: प्रस्तावना केवल मार्गदर्शक सिद्धांत देती है, वह कानूनी शक्ति का स्रोत नहीं है।\n\n
- \n सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?\n
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- (A) प्रधानमंत्री
- (B) विधि मंत्री
- (C) राष्ट्रपति
- (D) भारत के मुख्य न्यायाधीश (स्वयं)
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: भारत के संविधान के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।\n
संदर्भ: वर्तमान में यह प्रक्रिया ‘कॉलेजियम प्रणाली’ (Collegium System) के माध्यम से चलती है, जहाँ राष्ट्रपति को मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठ न्यायाधीशों के सुझावों पर नियुक्ति करनी होती है।\n
अन्य विकल्प: प्रधानमंत्री और विधि मंत्री प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं, लेकिन अंतिम औपचारिक नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा ही होती है।\n\n
- \n अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति को किसे सलाह मांगने का अधिकार है?\n
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- (A) भारत के महान्यायवादी को
- (B) संसद को
- (C) सर्वोच्च न्यायालय को
- (D) वित्त आयोग को
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 143 राष्ट्रपति को यह अधिकार देता है कि वह किसी सार्वजनिक महत्व के कानूनी प्रश्न पर सर्वोच्च न्यायालय से सलाह ले सकता है।\n
संदर्भ: इसे ‘सलाहकारी क्षेत्राधिकार’ (Advisory Jurisdiction) कहा जाता है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दी गई यह सलाह राष्ट्रपति के लिए बाध्यकारी नहीं होती है।\n
अन्य विकल्प: महान्यायवादी केवल कानूनी सलाह देता है, लेकिन अनुच्छेद 143 विशेष रूप से सर्वोच्च न्यायालय के लिए है।\n\n
- \n भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति किस अनुच्छेद के तहत होती है?\n
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- (A) अनुच्छेद 148
- (B) अनुच्छेद 150
- (C) अनुच्छेद 151
- (D) अनुच्छेद 152
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सही उत्तर: (A)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 148 के तहत भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।\n
संदर्भ: CAG को ‘सार्वजनिक धन का संरक्षक’ कहा जाता है। वह केंद्र और राज्य सरकारों के खातों का ऑडिट करता है।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 151 CAG की रिपोर्ट के प्रस्तुतीकरण से संबंधित है।\n\n
- \n वित्त आयोग (Finance Commission) का गठन संविधान के किस अनुच्छेद के तहत किया जाता है?\n
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- (A) अनुच्छेद 275
- (B) अनुच्छेद 280
- (C) अनुच्छेद 285
- (D) अनुच्छेद 290
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 280 के अनुसार, राष्ट्रपति हर पांच साल में या उससे पहले एक वित्त आयोग का गठन करता है।\n
संदर्भ: इसका मुख्य कार्य केंद्र और राज्यों के बीच करों (Taxes) के वितरण की सिफारिश करना है।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 275 सहायता अनुदान (Grants-in-aid) से संबंधित है।\n\n
- \n भारत निर्वाचन आयोग (ECI) का उल्लेख संविधान के किस भाग में है?\n
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- (A) भाग XII
- (B) भाग XIV
- (C) भाग XV
- (D) भाग XVI
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: भारतीय निर्वाचन आयोग का वर्णन भाग XV (अनुच्छेद 324 से 329) में किया गया है।\n
संदर्भ: अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति प्रदान करता है।\n
अन्य विकल्प: भाग XIV सेवाओं (UPSC/SPSC) से संबंधित है।\n\n
- \n GST परिषद (GST Council) का गठन किस संवैधानिक संशोधन द्वारा किया गया था?\n
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- (A) 100वां संशोधन
- (B) 101वां संशोधन
- (C) 102वां संशोधन
- (D) 103वां संशोधन
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: 101वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2016 के माध्यम से वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू किया गया और अनुच्छेद 279A के तहत GST परिषद का गठन किया गया।\n
संदर्भ: GST परिषद एक संयुक्त मंच है जिसमें केंद्र और सभी राज्य सरकारें शामिल होती हैं।\n
अन्य विकल्प: 103वां संशोधन EWS आरक्षण से संबंधित है।\n\n
- \n राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियों (Discretionary Powers) का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?\n
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- (A) अनुच्छेद 153
- (B) अनुच्छेद 161
- (C) अनुच्छेद 163
- (D) अनुच्छेद 167
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 163 के अनुसार, राज्यपाल को कुछ मामलों में अपने विवेक (Discretion) से निर्णय लेने की शक्ति प्राप्त है।\n
संदर्भ: यह राष्ट्रपति की तुलना में राज्यपाल को अधिक विवेकाधीन शक्तियाँ प्रदान करता है।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 161 राज्यपाल की क्षमादान शक्ति से संबंधित है।\n\n
- \n 73वां संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 किससे संबंधित है?\n
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- (A) नगरपालिकाओं का सशक्तिकरण
- (B) पंचायती राज संस्थाएं
- (C) दल-बदल विरोधी कानून
- (D) मौलिक कर्तव्यों का समावेश
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: 73वें संशोधन द्वारा संविधान में भाग IX जोड़ा गया और 11वीं अनुसूची शामिल की गई, जिससे पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा मिला।\n
संदर्भ: इसने त्रि-स्तरीय पंचायत प्रणाली (ग्राम, ब्लॉक, जिला) को अनिवार्य बनाया।\n
अन्य विकल्प: 74वां संशोधन नगरपालिकाओं से संबंधित है।\n\n
- \n नगरपालिकाओं के लिए संवैधानिक प्रावधान किस संशोधन अधिनियम द्वारा किए गए?\n
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- (A) 72वां संशोधन
- (B) 73वां संशोधन
- (C) 74वां संशोधन
- (D) 75वां संशोधन
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: 74वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा शहरी स्थानीय निकायों (नगरपालिकाओं) को संवैधानिक मान्यता प्रदान की गई और 12वीं अनुसूची जोड़ी गई।\n
संदर्भ: इसका उद्देश्य शहरी शासन में विकेंद्रीकरण और लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ाना था।\n
अन्य विकल्प: विकल्प (B) ग्रामीण क्षेत्रों (पंचायतों) के लिए है।\n\n
- \n राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) की घोषणा किस अनुच्छेद के तहत की जाती है?\n
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- (A) अनुच्छेद 352
- (B) अनुच्छेद 356
- (C) अनुच्छेद 360
- (D) अनुच्छेद 368
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सही उत्तर: (A)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रपति युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकते हैं।\n
संदर्भ: 44वें संशोधन द्वारा ‘आंतरिक अशांति’ शब्द को बदलकर ‘सशस्त्र विद्रोह’ कर दिया गया।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 356 राष्ट्रपति शासन (राज्यों में संवैधानिक विफलता) और अनुच्छेद 360 वित्तीय आपातकाल से संबंधित है।\n\n
- \n भारत में अब तक कितनी बार ‘वित्तीय आपातकाल’ (Financial Emergency) लगाया गया है?\n
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- (A) एक बार
- (B) दो बार
- (C) तीन बार
- (D) एक बार भी नहीं
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सही उत्तर: (D)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 360 के तहत वित्तीय आपातकाल का प्रावधान है, लेकिन भारत के इतिहास में अभी तक एक बार भी वित्तीय आपातकाल नहीं लगाया गया है।\n
संदर्भ: यह तब लगाया जाता है जब देश की वित्तीय स्थिरता या साख खतरे में हो।\n
अन्य विकल्प: राष्ट्रीय आपातकाल (352) तीन बार और राष्ट्रपति शासन (356) कई बार लगाया गया है।\n\n
- \n संविधान के किस अनुच्छेद के तहत संसद को संविधान में संशोधन करने की शक्ति प्राप्त है?\n
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- (A) अनुच्छेद 352
- (B) अनुच्छेद 360
- (C) अनुच्छेद 368
- (D) अनुच्छेद 370
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 368 संसद को संविधान के कुछ हिस्सों में संशोधन करने की शक्ति और उसकी प्रक्रिया प्रदान करता है।\n
संदर्भ: संशोधन तीन प्रकार के हो सकते हैं: साधारण बहुमत, विशेष बहुमत और विशेष बहुमत के साथ आधे राज्यों की सहमति।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर से संबंधित था, जिसे अब प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया गया है।\n\n
- \n ‘केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य’ (1973) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने किस सिद्धांत का प्रतिपादन किया?\n
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- (A) न्यायिक सक्रियता का सिद्धांत
- (B) बुनियादी ढांचे का सिद्धांत (Basic Structure Doctrine)
- (C) पूर्ण प्रभुसत्ता का सिद्धांत
- (D) विधि के शासन का सिद्धांत
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: इस ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संसद अनुच्छेद 368 के तहत संविधान में संशोधन तो कर सकती है, लेकिन वह इसके ‘बुनियादी ढांचे’ (Basic Structure) को नष्ट नहीं कर सकती।\n
संदर्भ: इस फैसले ने न्यायिक समीक्षा की शक्ति को सर्वोच्च बनाया और लोकतंत्र की रक्षा की।\n
अन्य विकल्प: विधि का शासन (Rule of Law) एक सामान्य कानूनी सिद्धांत है, लेकिन इस केस की मुख्य उपलब्धि ‘बेसिक स्ट्रक्चर’ है।\n\n
- \n संविधान के किस अनुच्छेद के तहत ‘ग्राम पंचायतों का संगठन’ एक राज्य के लिए अनिवार्य किया गया है (DPSP)?\n
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- (A) अनुच्छेद 38
- (B) अनुच्छेद 40
- (C) अनुच्छेद 41
- (D) अनुच्छेद 42
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 40 राज्य को ग्राम पंचायतों को गठित करने और उन्हें ऐसी शक्तियाँ प्रदान करने का निर्देश देता है जिससे वे स्व-शासन की इकाइयों के रूप में कार्य कर सकें।\n
संदर्भ: यह गांधीवादी सिद्धांतों पर आधारित है, जिसे बाद में 73वें संशोधन द्वारा कानूनी रूप दिया गया।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 38 सामाजिक व्यवस्था को न्यायपूर्ण बनाने से संबंधित है।\n\n
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