समय की धूल झाड़कर अतीत की गलियों में चलना, न केवल ज्ञान बढ़ाता है बल्कि वर्तमान को समझने की दृष्टि भी देता है। आज के इस विशेष अभ्यास सेट के माध्यम से हम प्राचीन सभ्यताओं से लेकर आधुनिक क्रांतियों तक का सफर तय करेंगे। क्या आप तैयार हैं इतिहास के इन चुनौतीपूर्ण सवालों का सामना करने के लिए? चलिए, समय-यात्रा शुरू करते हैं!
- सिंधु घाटी सभ्यता का एकमात्र शहर कौन सा था जिसमें एक कृत्रिम गोदी (Dockyard) का प्रमाण मिला है?
- (A) हड़प्पा
- (B) मोहनजोदड़ो
- (C) लोथल
- (D) कालीबंगन
सही उत्तर: (C) लोथल
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: लोथल, जो वर्तमान गुजरात में स्थित है, सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर था। यहाँ एक विशाल ईंटों से बना गोदी (Dockyard) मिला है, जो यह दर्शाता है कि सिंधु निवासी समुद्री व्यापार में निपुण थे।
संदर्भ: लोथल का व्यापार मेसोपोटामिया की सभ्यताओं के साथ था।
गलत विकल्प: हड़प्पा और मोहनजोदड़ो मुख्य प्रशासनिक केंद्र थे, जबकि कालीबंगन अपने जुते हुए खेतों के लिए जाना जाता है, गोदी के लिए नहीं। - बौद्ध धर्म की चौथी संगीति (Fourth Buddhist Council) का आयोजन किसके शासनकाल में हुआ था?
- (A) अशोक
- (B) कनिष्क
- (C) अजातशत्रु
- (D) कालाशोक
सही उत्तर: (B) कनिष्क
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: चौथी बौद्ध संगीति कुषाण शासक कनिष्क के संरक्षण में कश्मीर (कुंडलवन) में आयोजित की गई थी। इसी संगीति के बाद बौद्ध धर्म ‘हीनयान’ और ‘महायान’ दो शाखाओं में विभाजित हो गया।
संदर्भ: कनिष्क प्रथम शताब्दी ईस्वी का एक महान शासक था जिसने मध्य एशिया तक अपना साम्राज्य फैलाया था।
गलत विकल्प: पहली संगीति अजातशत्रु के समय, तीसरी अशोक के समय और दूसरी कालाशोक के समय हुई थी। - मौर्य साम्राज्य के दौरान ‘धम्म महामात्रों’ की नियुक्ति किसने की थी?
- (A) चंद्रगुप्त मौर्य
- (B) बिंदुसार
- (C) अशोक
- (D) दशरथ मौर्य
सही उत्तर: (C) अशोक
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध के बाद बौद्ध धर्म अपनाया और समाज में नैतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार के लिए ‘धम्म महामात्र’ नामक विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की।
संदर्भ: अशोक का ‘धम्म’ कोई धर्म नहीं बल्कि एक नैतिक आचार संहिता थी।
गलत विकल्प: चंद्रगुप्त और बिंदुसार ने प्रशासन का विस्तार किया था, लेकिन धम्म के प्रचार के लिए विशिष्ट अधिकारियों की नियुक्ति अशोक की विशिष्टता थी। - गुप्त काल के दौरान किस चीनी यात्री ने भारत की यात्रा की और चंद्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल का विवरण दिया?
- (A) ह्वेनसांग
- (B) फाह्यान
- (C) इत्सिंग
- (D) मेगास्थनीज
सही उत्तर: (B) फाह्यान
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: फाह्यान गुप्त सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) के समय भारत आया था। उसने अपनी यात्रा वृत्तांत में गुप्त काल की समृद्धि और सामाजिक शांति का वर्णन किया है।
संदर्भ: फाह्यान मुख्य रूप से बौद्ध ग्रंथों की खोज में भारत आया था।
गलत विकल्प: ह्वेनसांग हर्षवर्धन के समय आया था, और मेगास्थनीज मौर्य काल (चंद्रगुप्त मौर्य) का राजदूत था। - प्राचीन दक्षिण भारत के ‘संगम साहित्य’ की रचना मुख्य रूप से किस भाषा में की गई थी?
- (A) तेलुगु
- (B) कन्नड़
- (C) तमिल
- (D) मलयालम
सही उत्तर: (C) तमिल
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: संगम साहित्य प्राचीन तमिल साहित्य का संग्रह है, जिसकी रचना मदुरै के पांड्य राजाओं के संरक्षण में कवियों की सभाओं (संगम) में हुई थी।
संदर्भ: यह साहित्य प्राचीन दक्षिण भारत के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण स्रोत है।
गलत विकल्प: तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम बाद के कालखंडों में विकसित हुईं या संगम साहित्य का हिस्सा नहीं थीं। - कुषाण काल की कला शैली में ‘गांधार कला’ किन दो संस्कृतियों का मिश्रण थी?
- (A) भारतीय और चीनी
- (B) भारतीय और फारसी
- (C) भारतीय और यूनानी (Greek)
- (D) भारतीय और रोमन
सही उत्तर: (C) भारतीय और यूनानी (Greek)
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: गांधार कला भारतीय विषय वस्तु (मुख्यतः बुद्ध) को यूनानी तकनीक और शैली (जैसे घुंघराले बाल और मांसल शरीर) में प्रस्तुत करती है।
संदर्भ: इसे ‘इंडो-ग्रीक’ कला भी कहा जाता है।
गलत विकल्प: मथुरा कला पूरी तरह स्वदेशी थी, जबकि गांधार कला में विदेशी प्रभाव स्पष्ट था। - ऋग्वैदिक काल में ‘गोविष्टि’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया जाता था?
- (A) गायों का दान
- (B) गायों के लिए युद्ध
- (C) गायों का व्यापार
- (D) पशुपालन केंद्र
सही उत्तर: (B) गायों के लिए युद्ध
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: ऋग्वैदिक काल में गाय धन का मुख्य स्रोत थी। इसलिए, गायों को प्राप्त करने के लिए कबीलों के बीच जो संघर्ष होते थे, उन्हें ‘गोविष्टि’ कहा जाता था।
संदर्भ: ऋग्वेद में कई स्थानों पर युद्धों का वर्णन गायों के संदर्भ में मिलता है।
गलत विकल्प: दान को ‘दक्षिणा’ या ‘दान’ कहा जाता था और व्यापार एक अलग प्रक्रिया थी। - दिल्ली सल्तनत के किस शासक ने ‘बाजार नियंत्रण नीति’ (Market Control Policy) लागू की थी?
- (A) इल्तुतमिश
- (B) बलबन
- (C) अलाउद्दीन खिलजी
- (D) फिरोज शाह तुगलक
सही उत्तर: (C) अलाउद्दीन खिलजी
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: अलाउद्दीन खिलजी ने एक विशाल सेना के रखरखाव के लिए वस्तुओं की कीमतें निर्धारित की थीं और कड़े बाजार नियंत्रण नियम लागू किए थे ताकि महंगाई न बढ़े।
संदर्भ: उसने ‘शहना-ए-मंडी’ नामक अधिकारी की नियुक्ति की थी जो बाजार की निगरानी करता था।
गलत विकल्प: बलबन ने ‘रक्त और लौह’ की नीति अपनाई थी, जबकि इल्तुतमिश ने ‘इक्ता प्रणाली’ को संगठित किया था। - मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा शुरू की गई ‘सांकेतिक मुद्रा’ (Token Currency) असफल क्यों रही?
- (A) जनता ने इसे स्वीकार नहीं किया
- (B) चांदी की कमी थी
- (C) बड़े पैमाने पर जाली सिक्कों का निर्माण हुआ
- (D) मंगोल आक्रमण के कारण
सही उत्तर: (C) बड़े पैमाने पर जाली सिक्कों का निर्माण हुआ
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: तुगलक ने चांदी के स्थान पर तांबे और कांसे के सिक्के चलाए, लेकिन सरकार सिक्कों की ढलाई पर नियंत्रण नहीं रख पाई, जिससे हर घर में टकसाल खुल गई और जाली सिक्कों की बाढ़ आ गई।
संदर्भ: यह प्रयोग 1329-30 के आसपास किया गया था।
गलत विकल्प: जनता ने शुरुआत में स्वीकार किया था, लेकिन जाली सिक्कों ने अर्थव्यवस्था को ध्वस्त कर दिया। - अकबर द्वारा लागू की गई ‘मनसबदारी प्रणाली’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- (A) केवल धार्मिक सुधार करना
- (B) प्रशासन और सेना का संगठित ढांचा बनाना
- (C) कृषि करों को कम करना
- (D) विदेशी व्यापार को बढ़ावा देना
सही उत्तर: (B) प्रशासन और सेना का संगठित ढांचा बनाना
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: मनसबदारी प्रणाली एक श्रेणीबद्ध व्यवस्था थी जिसमें प्रत्येक अधिकारी (मनसबदार) को एक पद (जात) और सैनिकों की संख्या (सवार) आवंटित की जाती थी।
संदर्भ: यह प्रणाली मध्य एशियाई प्रशासनिक ढांचे से प्रेरित थी।
गलत विकल्प: धार्मिक सुधार के लिए उसने ‘दीन-ए-इलाही’ शुरू किया था, न कि मनसबदारी। - विजयनगर साम्राज्य के किस शासक को ‘राय तुलुव’ के रूप में जाना जाता है और जिनके समय में कृष्णदेव राय ने शासन किया?
- (A) हरिहर I
- (B) बुक्का I
- (C) कृष्णदेव राय
- (D) अच्युत देव राय
सही उत्तर: (C) कृष्णदेव राय
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: कृष्णदेव राय तुलुव राजवंश के सबसे महान शासक थे। उनके शासनकाल को विजयनगर साम्राज्य का स्वर्ण युग माना जाता है।
संदर्भ: उन्होंने ‘अमुक्तमाल्यद’ नामक ग्रंथ की रचना की थी।
गलत विकल्प: हरिहर और बुक्का ने साम्राज्य की स्थापना की थी (संगम राजवंश)। - शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित प्रशासन में ‘अष्टप्रधान’ परिषद का क्या कार्य था?
- (A) केवल सैन्य संचालन करना
- (B) राजा को शासन के विभिन्न विभागों में सलाह देना
- (C) केवल धार्मिक अनुष्ठान करना
- (D) बाहरी राज्यों से संधि करना
सही उत्तर: (B) राजा को शासन के विभिन्न विभागों में सलाह देना
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: अष्टप्रधान आठ मंत्रियों की एक परिषद थी, जिसमें पेशवा (प्रधानमंत्री), अमात्य (वित्त मंत्री) आदि शामिल थे, जो प्रशासन को कुशलतापूर्वक चलाने में मदद करते थे।
संदर्भ: यह व्यवस्था सत्ता के विकेंद्रीकरण और दक्षता का उदाहरण थी।
गलत विकल्प: यह केवल सैन्य या धार्मिक निकाय नहीं था, बल्कि एक पूर्ण प्रशासनिक परिषद थी। - भक्ति आंदोलन के किस संत ने ‘निर्गुण भक्ति’ का समर्थन किया और जाति प्रथा का पुरजोर विरोध किया?
- (A) रामानुज
- (B) कबीर दास
- (C) चैतन्य महाप्रभु
- (D) नरसी मेहता
सही उत्तर: (B) कबीर दास
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: कबीर ने ईश्वर के निराकार (निर्गुण) रूप की पूजा पर जोर दिया और मूर्तिपूजा तथा बाहरी कर्मकांडों एवं जातिगत भेदभाव का कड़ा विरोध किया।
संदर्भ: उनकी शिक्षाएं ‘बीजक’ में संकलित हैं।
गलत विकल्प: रामानुज और चैतन्य महाप्रभु ‘सगुण भक्ति’ (ईश्वर का साकार रूप) के समर्थक थे। - दिल्ली सल्तनत के किस वंश ने सबसे कम समय तक शासन किया?
- (A) खिलजी वंश
- (B) तुगलक वंश
- (C) लोदी वंश
- (D) गुलाम वंश
सही उत्तर: (A) खिलजी वंश
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: खिलजी वंश ने लगभग 30 वर्षों (1290-1320) तक शासन किया, जो दिल्ली सल्तनत के अन्य राजवंशों की तुलना में सबसे कम अवधि है।
संदर्भ: इस अल्प अवधि में भी अलाउद्दीन खिलजी ने साम्राज्य का व्यापक विस्तार किया।
गलत विकल्प: गुलाम, तुगलक और लोदी वंशों ने खिलजी वंश की तुलना में बहुत अधिक समय तक शासन किया। - मुगल साम्राज्य के पतन का मुख्य कारण और सबसे प्रभावशाली शासक कौन था जिसने साम्राज्य को कमजोर किया?
- (A) अकबर
- (B) जहाँगीर
- (C) औरंगज़ेब
- (D) शाहजहाँ
सही उत्तर: (C) औरंगज़ेब
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: औरंगज़ेब की कठोर धार्मिक नीतियों, दक्कन के लंबे युद्धों और मराठों व सिखों के साथ निरंतर संघर्ष ने साम्राज्य के वित्तीय और सैन्य संसाधनों को समाप्त कर दिया, जिससे पतन की नींव पड़ी।
संदर्भ: उसकी मृत्यु (1707) के बाद मुगल साम्राज्य तेजी से बिखर गया।
गलत विकल्प: अकबर और शाहजहाँ ने साम्राज्य को मजबूत और समृद्ध किया था। - लॉर्ड कॉर्नवॉलिस द्वारा शुरू की गई ‘स्थायी बंदोबस्त’ (Permanent Settlement) प्रणाली किस क्षेत्र में लागू की गई थी?
- (A) मद्रास प्रेसिडेंसी
- (B) बंबई प्रेसिडेंसी
- (C) बंगाल और बिहार
- (D) मैसूर
सही उत्तर: (C) बंगाल और बिहार
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: 1793 में लॉर्ड कॉर्नवॉलिस ने बंगाल, बिहार और उड़ीसा में स्थायी बंदोबस्त लागू किया, जिसमें जमींदारों को भूमि का मालिक बना दिया गया और लगान की राशि स्थायी रूप से तय कर दी गई।
संदर्भ: इसका उद्देश्य कंपनी की आय को सुनिश्चित करना था।
गलत विकल्प: मद्रास और बंबई में रय्यतवाड़ी व्यवस्था लागू थी। - 1857 के विद्रोह के दौरान कानपुर में नेतृत्व किसने किया था?
- (A) लक्ष्मीबाई
- (B) कुंवर सिंह
- (C) नाना साहेब
- (D) बेगम हजरत महल
सही उत्तर: (C) नाना साहेब
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: नाना साहेब ने कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व किया। उन्हें पेशवा बाजीराव द्वितीय की पेंशन न मिलने के कारण अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह करना पड़ा।
संदर्भ: उनके साथ तात्या टोपे ने सैन्य रणनीतिकार के रूप में काम किया।
गलत विकल्प: लक्ष्मीबाई ने झाँसी, कुंवर सिंह ने बिहार और बेगम हजरत महल ने लखनऊ का नेतृत्व किया था। - राजा राम मोहन राय द्वारा स्थापित ‘ब्रह्म समाज’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- (A) केवल अंग्रेजी शिक्षा का प्रसार
- (B) हिंदू धर्म में व्याप्त कुरीतियों (जैसे सती प्रथा) का विरोध और एकेश्वरवाद का प्रचार
- (C) ईसाई धर्म का प्रचार करना
- (D) केवल प्राचीन वेदों का अनुवाद करना
सही उत्तर: (B) हिंदू धर्म में व्याप्त कुरीतियों (जैसे सती प्रथा) का विरोध और एकेश्वरवाद का प्रचार
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: राजा राम मोहन राय ने समाज से सती प्रथा, बाल विवाह और मूर्तिपूजा जैसी बुराइयों को दूर करने का प्रयास किया और तर्क आधारित एकेश्वरवाद का समर्थन किया।
संदर्भ: उनके प्रयासों से 1829 में सती प्रथा पर कानूनी प्रतिबंध लगा।
गलत विकल्प: उन्होंने अंग्रेजी शिक्षा का समर्थन किया, लेकिन वह समाज सुधार के व्यापक उद्देश्य का हिस्सा था, एकमात्र उद्देश्य नहीं। - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में किसके द्वारा की गई थी?
- (A) दादाभाई नौरोजी
- (B) ए.ओ. ह्यूम
- (C) डब्ल्यू.सी. बनर्जी
- (D) गोपाल कृष्ण गोखले
सही उत्तर: (B) ए.ओ. ह्यूम
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना एक सेवानिवृत्त ब्रिटिश अधिकारी ए.ओ. ह्यूम (A.O. Hume) द्वारा की गई थी, ताकि भारतीयों को अपनी मांगों को शांतिपूर्वक रखने के लिए एक मंच मिल सके।
संदर्भ: पहला अधिवेशन बंबई में हुआ और डब्ल्यू.सी. बनर्जी इसके पहले अध्यक्ष थे।
गलत विकल्प: डब्ल्यू.सी. बनर्जी अध्यक्ष थे, संस्थापक नहीं। दादाभाई नौरोजी और गोखले बाद में इसके प्रमुख नेता बने। - 1905 के ‘बंगाल विभाजन’ के विरोध में कौन सा आंदोलन शुरू किया गया था?
- (A) असहयोग आंदोलन
- (B) सविनय अवज्ञा आंदोलन
- (C) स्वदेशी आंदोलन
- (D) भारत छोड़ो आंदोलन
सही उत्तर: (C) स्वदेशी आंदोलन
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: लॉर्ड कर्जन द्वारा 1905 में बंगाल के विभाजन के विरोध में ‘स्वदेशी आंदोलन’ चलाया गया, जिसमें विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार और भारतीय उत्पादों के उपयोग पर जोर दिया गया।
संदर्भ: यह आंदोलन भारतीय राष्ट्रवाद की पहली बड़ी लहर थी।
गलत विकल्प: असहयोग (1920), सविनय अवज्ञा (1930) और भारत छोड़ो (1942) आंदोलन बाद के कालखंडों के हैं। - महात्मा गांधी ने ‘चौरी-चौरा’ घटना के बाद किस आंदोलन को वापस ले लिया था?
- (A) सविनय अवज्ञा आंदोलन
- (B) असहयोग आंदोलन
- (C) व्यक्तिगत सत्याग्रह
- (D) खिलाफत आंदोलन
सही उत्तर: (B) असहयोग आंदोलन
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: फरवरी 1922 में चौरी-चौरा (यूपी) में प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस स्टेशन जलाने और पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद, गांधीजी ने हिंसा के विरोध में असहयोग आंदोलन को तत्काल स्थगित कर दिया।
संदर्भ: गांधीजी का मूल सिद्धांत ‘अहिंसा’ था, जिससे इस हिंसा का कड़ा विरोध हुआ।
गलत विकल्प: सविनय अवज्ञा आंदोलन दांडी मार्च से शुरू हुआ था और इसका अंत गांधी-इरविन समझौते के बाद अलग परिस्थितियों में हुआ। - ‘दांडी मार्च’ (1930) का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- (A) पूर्ण स्वराज की घोषणा करना
- (B) ब्रिटिश नमक कानून को तोड़ना
- (C) भारत छोड़ो का आह्वान करना
- (D) केवल कृषि करों को कम करवाना
सही उत्तर: (B) ब्रिटिश नमक कानून को तोड़ना
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: गांधीजी ने साबरमती आश्रम से दांडी तक यात्रा की और समुद्र तट पर नमक बनाकर अंग्रेजों के नमक एकाधिकार कानून को चुनौती दी, जिसने ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ की शुरुआत की।
संदर्भ: नमक एक ऐसी वस्तु थी जो अमीर और गरीब दोनों के लिए अनिवार्य थी, इसलिए इसे विरोध का प्रतीक बनाया गया।
गलत विकल्प: पूर्ण स्वराज की घोषणा 1929 के लाहौर अधिवेशन में हुई थी। - 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान गांधीजी ने कौन सा प्रसिद्ध नारा दिया था?
- (A) जय हिन्द
- (B) इंकलाब जिंदाबाद
- (C) करो या मरो (Do or Die)
- (D) स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है
सही उत्तर: (C) करो या मरो (Do or Die)
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: 8 अगस्त 1942 को बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान से गांधीजी ने ‘करो या मरो’ का नारा दिया, जिसने भारतीयों को अंतिम संघर्ष के लिए प्रेरित किया।
संदर्भ: यह आंदोलन ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सबसे तीव्र और व्यापक जन आंदोलन था।
गलत विकल्प: ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ बाल गंगाधर तिलक का नारा था और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ भगत सिंह ने लोकप्रिय बनाया था। - 1776 की अमेरिकी स्वतंत्रता घोषणा (Declaration of Independence) के समय अमेरिका का नेतृत्व मुख्य रूप से किसने किया, जिन्हें बाद में प्रथम राष्ट्रपति बनाया गया?
- (A) थॉमस जेफरसन
- (B) बेंजामिन फ्रैंकलिन
- (C) जॉर्ज वाशिंगटन
- (D) अब्राहम लिंकन
सही उत्तर: (C) जॉर्ज वाशिंगटन
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: जॉर्ज वाशिंगटन ने अमेरिकी क्रांतिकारी युद्ध के दौरान महाद्वीपीय सेना (Continental Army) का नेतृत्व किया और 1789 में संयुक्त राज्य अमेरिका के पहले राष्ट्रपति बने।
संदर्भ: 1776 की स्वतंत्रता की भावना ने न केवल अमेरिका बल्कि दुनिया के अन्य हिस्सों (जैसे दक्षिण अटलांटिक और लैटिन अमेरिका) में भी स्वतंत्रता आंदोलनों को प्रेरित किया।
गलत विकल्प: थॉमस जेफरसन ने घोषणापत्र लिखा था और लिंकन बहुत बाद में (गृह युद्ध के समय) राष्ट्रपति बने। - 1789 की ‘फ्रांसीसी क्रांति’ का तात्कालिक कारण क्या था?
- (A) औद्योगिक क्रांति
- (B) लुई XVI द्वारा करों में वृद्धि और आर्थिक संकट
- (C) नेपोलियन का उदय
- (D) विदेशी आक्रमण
सही उत्तर: (B) लुई XVI द्वारा करों में वृद्धि और आर्थिक संकट
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: फ्रांस भारी कर्ज में डूबा था। लुई XVI ने आम जनता (Third Estate) पर करों का बोझ बढ़ाया, जबकि कुलीन और पादरी वर्ग कर-मुक्त थे, जिससे व्यापक असंतोष फैल गया।
संदर्भ: बास्तील के किले का पतन (14 जुलाई 1789) इस क्रांति की प्रमुख घटना थी।
गलत विकल्प: औद्योगिक क्रांति एक आर्थिक प्रक्रिया थी, जबकि नेपोलियन का उदय क्रांति के परिणाम स्वरूप हुआ, कारण नहीं। - प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) का तात्कालिक कारण क्या था?
- (A) वर्साय की संधि
- (B) आर्कड्यूक फ्रांसिस्फर डी फर्डिनेंड की हत्या
- (C) जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण
- (D) रूसी क्रांति
सही उत्तर: (B) आर्कड्यूक फ्रांसिस्फर डी फर्डिनेंड की हत्या
विस्तृत व्याख्या:
सही होने का कारण: ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजकुमार आर्कड्यूक फ्रांसिस्फर की साराजेवो (बोस्निया) में हत्या ने एक श्रृंखला प्रतिक्रिया शुरू की, जिससे यूरोपीय शक्तियां दो गुटों में बंट गईं और युद्ध छिड़ गया।
संदर्भ: यह घटना 28 जून 1914 को हुई थी।
गलत विकल्प: वर्साय की संधि युद्ध के बाद हुई थी, और जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण द्वितीय विश्व युद्ध का कारण था।
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