भारतीय संविधान की गहराई को समझें: एक व्यापक अभ्यास सेट
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भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि हमारे लोकतंत्र की आत्मा और मार्गदर्शक सिद्धांत है। UPSC, SSC और राज्य PSC जैसी कठिन परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए संवैधानिक अनुच्छेदों, संशोधनों और न्यायिक निर्णयों की सटीक समझ होना अनिवार्य है। यह अभ्यास सेट आपकी वैचारिक स्पष्टता को परखने और आपकी तैयारी को अगले स्तर पर ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अपनी तैयारी का परीक्षण करें और अपनी त्रुटियों से सीखें!
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- भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘पंथनिरपेक्ष’ (Secular) शब्द किस संवैधानिक संशोधन द्वारा जोड़ा गया था?\n
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- (A) 44वां संशोधन
- (B) 42वां संशोधन
- (C) 73वां संशोधन
- (D) 86वां संशोधन
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\nसही उत्तर: (B) 42वां संशोधन\n
विस्तृत व्याख्या: 1976 के 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा प्रस्तावना में तीन नए शब्द ‘समाजवादी’, ‘पंथनिरपेक्ष’ और ‘अखंडता’ जोड़े गए थे। ‘पंथनिरपेक्ष’ का अर्थ है कि राज्य का अपना कोई आधिकारिक धर्म नहीं होगा और वह सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार करेगा।\n
अन्य विकल्प: 44वां संशोधन संपत्ति के अधिकार से संबंधित है; 73वां संशोधन पंचायती राज से और 86वां संशोधन शिक्षा के अधिकार (अनुच्छेद 21A) से संबंधित है।\n
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- भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद ‘विधि के समक्ष समानता’ (Equality before Law) का प्रावधान करता है?\n
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- (A) अनुच्छेद 14
- (B) अनुच्छेद 15
- (C) अनुच्छेद 16
- (D) अनुच्छेद 17
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\nसही उत्तर: (A) अनुच्छेद 14\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 14 घोषणा करता है कि राज्य किसी भी व्यक्ति को कानून के समक्ष समानता या कानूनों के समान संरक्षण से वंचित नहीं करेगा। यह मौलिक अधिकारों के अंतर्गत ‘समानता के अधिकार’ का आधार है।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 15 धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध करता है; अनुच्छेद 16 अवसर की समानता की बात करता है; अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का अंत करता है।\n
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- ‘मूल ढांचे का सिद्धांत’ (Basic Structure Doctrine) सुप्रीम कोर्ट द्वारा किस ऐतिहासिक मामले में प्रतिपादित किया गया था?\n
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- (A) गोलकनाथ मामला
- (B) मेनका गांधी मामला
- (C) केशवानंद भारती मामला
- (D) मिनर्वा मिल्स मामला
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\nसही उत्तर: (C) केशवानंद भारती मामला (1973)\n
विस्तृत व्याख्या: 1973 के इस ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित किया कि संसद के पास संविधान में संशोधन करने की शक्ति तो है, लेकिन वह संविधान के ‘मूल ढांचे’ (Basic Structure) को नष्ट या परिवर्तित नहीं कर सकती।\n
अन्य विकल्प: गोलकनाथ मामला मौलिक अधिकारों के संशोधन पर केंद्रित था; मेनका गांधी मामला अनुच्छेद 21 की व्यापक व्याख्या के लिए जाना जाता है; मिनर्वा मिल्स मामले ने मूल ढांचे के सिद्धांत को और मजबूती प्रदान की।\n
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- भारत के राष्ट्रपति को क्षमादान देने की शक्ति किस अनुच्छेद के तहत प्राप्त है?\n
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- (A) अनुच्छेद 71
- (B) अनुच्छेद 72
- (C) अनुच्छेद 74
- (D) अनुच्छेद 76
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\nसही उत्तर: (B) अनुच्छेद 72\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा को क्षमा करने, कम करने या निलंबित करने की शक्ति देता है। यह शक्ति न्यायिक नहीं बल्कि कार्यकारी है।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 71 राष्ट्रपति/उपराष्ट्रपति के चुनाव विवाद से संबंधित है; अनुच्छेद 74 मंत्रिपरिषद द्वारा राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने की बात करता है; अनुच्छेद 76 भारत के महान्यायवादी (Attorney General) की नियुक्ति से संबंधित है।\n
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- संसद द्वारा पारित ‘धन विधेयक’ (Money Bill) को प्रमाणित करने का अंतिम अधिकार किसके पास होता है?\n
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- (A) राष्ट्रपति
- (B) प्रधानमंत्री
- (C) लोकसभा अध्यक्ष (Speaker)
- (D) राज्यसभा का सभापति
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\nसही उत्तर: (C) लोकसभा अध्यक्ष (Speaker)\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 110 के तहत, यदि यह प्रश्न उठता है कि कोई विधेयक ‘धन विधेयक’ है या नहीं, तो लोकसभा अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होता है। इसे किसी अन्य न्यायालय या सदन में चुनौती नहीं दी जा सकती।\n
अन्य विकल्प: राष्ट्रपति विधेयक पर हस्ताक्षर करते हैं लेकिन उसे ‘धन विधेयक’ घोषित नहीं करते; राज्यसभा का सभापति केवल राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन करता है।\n
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- राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) में ‘समान नागरिक संहिता’ (Uniform Civil Code) का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?\n
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- (A) अनुच्छेद 40
- (B) अनुच्छेद 42
- (C) अनुच्छेद 44
- (D) अनुच्छेद 48
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\nसही उत्तर: (C) अनुच्छेद 44\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 44 राज्य को निर्देश देता है कि वह पूरे भारत के क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता (UCC) सुनिश्चित करने का प्रयास करे। यह एक गैर-न्यायसंगत (Non-justiciable) प्रावधान है।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 40 ग्राम पंचायतों के गठन से संबंधित है; अनुच्छेद 42 प्रसूति सहायता (Maternity Relief) से संबंधित है; अनुच्छेद 48 कृषि और पशुपालन के संगठन से संबंधित है।\n
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- भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति कौन करता है?\n
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- (A) प्रधानमंत्री
- (B) वित्त मंत्री
- (C) राष्ट्रपति
- (D) मुख्य न्यायाधीश
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\nसही उत्तर: (C) राष्ट्रपति\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 148 के तहत CAG की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। CAG को भारत का संरक्षक (Guardian of Public Purse) कहा जाता है और वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत नहीं, बल्कि संसद द्वारा निर्धारित प्रक्रिया से ही हटाया जा सकता है।\n
अन्य विकल्प: प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री नियुक्ति की सिफारिश कर सकते हैं लेकिन औपचारिक नियुक्ति राष्ट्रपति ही करते हैं।\n
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- सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी ‘परमादेश’ (Mandamus) रिट का क्या अर्थ है?\n
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- (A) बंदी प्रत्यक्षीकरण
- (B) हम आदेश देते हैं (We Command)
- (C) यह प्रमाणित करो
- (D) निषेधाज्ञा
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\nसही उत्तर: (B) हम आदेश देते हैं (We Command)\n
विस्तृत व्याख्या: परमादेश (Mandamus) एक ऐसी रिट है जिसे न्यायालय किसी सार्वजनिक अधिकारी, निचली अदालत या सरकार को तब जारी करता है जब वे अपने निर्धारित कानूनी कर्तव्यों का पालन नहीं कर रहे होते हैं।\n
अन्य विकल्प: ‘बंदी प्रत्यक्षीकरण’ (Habeas Corpus) व्यक्ति को पेश करने के लिए है; ‘उत्प्रेषण’ (Certiorari) निचली अदालत के निर्णय को रद्द करने के लिए है; ‘प्रतिषेध’ (Prohibition) निचली अदालत को अधिकार क्षेत्र से बाहर जाने से रोकने के लिए है।\n
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- संविधान के किस संशोधन द्वारा ‘संपत्ति के अधिकार’ को मौलिक अधिकारों की सूची से हटाकर कानूनी अधिकार बना दिया गया?\n
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- (A) 24वां संशोधन
- (B) 42वां संशोधन
- (C) 44वां संशोधन
- (D) 52वां संशोधन
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\nसही उत्तर: (C) 44वां संशोधन (1978)\n
विस्तृत व्याख्या: 44वें संशोधन द्वारा संपत्ति के अधिकार को अनुच्छेद 19(1)(f) और अनुच्छेद 31 से हटाकर अनुच्छेद 300A के तहत एक संवैधानिक/कानूनी अधिकार बना दिया गया।\n
अन्य विकल्प: 52वां संशोधन दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) से संबंधित है।\n
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- राष्ट्रपति द्वारा अध्यादेश (Ordinance) जारी करने की शक्ति किस अनुच्छेद में निहित है?\n
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- (A) अनुच्छेद 112
- (B) अनुच्छेद 123
- (C) अनुच्छेद 213
- (D) अनुच्छेद 143
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\nसही उत्तर: (B) अनुच्छेद 123\n
विस्तृत व्याख्या: जब संसद का सत्र न चल रहा हो और तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता हो, तो राष्ट्रपति अनुच्छेद 123 के तहत अध्यादेश जारी कर सकते हैं, जिसका प्रभाव अधिनियम के समान होता है।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 112 वार्षिक वित्तीय विवरण (Budget) से संबंधित है; अनुच्छेद 213 राज्यपाल की अध्यादेश शक्ति है; अनुच्छेद 143 राष्ट्रपति की सुप्रीम कोर्ट से सलाह लेने की शक्ति है।\n
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- भारतीय संविधान का ‘अनुच्छेद 32’ जिसे डॉ. अंबेडकर ने ‘संविधान का हृदय और आत्मा’ कहा था, किससे संबंधित है?\n
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- (A) मौलिक कर्तव्यों से
- (B) संवैधानिक उपचारों के अधिकार से
- (C) राज्य के नीति निदेशक तत्वों से
- (D) राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियों से
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\nसही उत्तर: (B) संवैधानिक उपचारों के अधिकार से\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 32 नागरिकों को अपने मौलिक अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में सीधे सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार देता है। इसके बिना मौलिक अधिकार केवल कागज के टुकड़े होते।\n
अन्य विकल्प: मौलिक कर्तव्य अनुच्छेद 51A में हैं; DPSP भाग 4 में हैं।\n
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- भारत के महान्यायवादी (Attorney General) की नियुक्ति किस अनुच्छेद के तहत की जाती है?\n
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- (A) अनुच्छेद 74
- (B) अनुच्छेद 76
- (C) अनुच्छेद 80
- (D) अनुच्छेद 85
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\nसही उत्तर: (B) अनुच्छेद 76\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 76 के अनुसार, राष्ट्रपति भारत के महान्यायवादी की नियुक्ति करते हैं। वह भारत सरकार का मुख्य कानूनी सलाहकार होता है और उसे संसद के दोनों सदनों में बोलने का अधिकार होता है, लेकिन मतदान का नहीं।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 80 राज्यसभा की संरचना से संबंधित है।\n
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- 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा संविधान में कौन सी नई अनुसूची जोड़ी गई?\n
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- (A) 9वीं अनुसूची
- (B) 10वीं अनुसूची
- (C) 11वीं अनुसूची
- (D) 12वीं अनुसूची
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\nसही उत्तर: (C) 11वीं अनुसूची\n
विस्तृत व्याख्या: 73वें संशोधन ने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया और 11वीं अनुसूची जोड़ी, जिसमें पंचायतों के लिए 29 कार्यात्मक विषय दिए गए।\n
अन्य विकल्प: 9वीं अनुसूची पहले संशोधन (1951) द्वारा जोड़ी गई; 10वीं अनुसूची दल-बदल विरोधी कानून (52वां संशोधन) है; 12वीं अनुसूची शहरी स्थानीय निकायों (74वां संशोधन) से संबंधित है।\n
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- संसद के दोनों सदनों की ‘संयुक्त बैठक’ (Joint Sitting) की अध्यक्षता कौन करता है?\n
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- (A) भारत का राष्ट्रपति
- (B) उपराष्ट्रपति
- (C) लोकसभा अध्यक्ष
- (D) राज्यसभा का सभापति
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\nसही उत्तर: (C) लोकसभा अध्यक्ष (Speaker)\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 108 के तहत राष्ट्रपति संयुक्त बैठक बुलाते हैं, लेकिन इसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष द्वारा की जाती है। यदि अध्यक्ष अनुपस्थित हो, तो उपाध्यक्ष और उसके बाद राज्यसभा का उपसभापति अध्यक्षता करता है।\n
अन्य विकल्प: राज्यसभा का सभापति (उपराष्ट्रपति) कभी भी संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं करता।\n
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- भारत में ‘वित्तीय आपातकाल’ (Financial Emergency) लगाने का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?\n
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- (A) अनुच्छेद 352
- (B) अनुच्छेद 356
- (C) अनुच्छेद 360
- (D) अनुच्छेद 368
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\nसही उत्तर: (C) अनुच्छेद 360\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 360 के तहत राष्ट्रपति वित्तीय आपातकाल की घोषणा कर सकते हैं यदि भारत की वित्तीय स्थिरता या साख खतरे में हो। उल्लेखनीय है कि भारत में अब तक एक बार भी वित्तीय आपातकाल नहीं लगाया गया है।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 352 राष्ट्रीय आपातकाल है; अनुच्छेद 356 राष्ट्रपति शासन है; अनुच्छेद 368 संविधान संशोधन की प्रक्रिया है।\n
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- भारतीय संविधान का कौन सा भाग ‘संघ और राज्यों के बीच संबंधों’ से संबंधित है?\n
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- (A) भाग X
- (B) भाग XI
- (C) भाग XII
- (D) भाग XIII
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\nसही उत्तर: (B) भाग XI\n
विस्तृत व्याख्या: भाग XI में संघ और राज्यों के बीच विधायी और प्रशासनिक संबंधों का विवरण दिया गया है (अनुच्छेद 245 से 263)।\n
अन्य विकल्प: भाग XII वित्त, संपत्ति, अनुबंध और व्यापार से संबंधित है।\n
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- भारत के चुनाव आयोग (Election Commission) का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?\n
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- (A) अनुच्छेद 320
- (B) अनुच्छेद 324
- (C) अनुच्छेद 326
- (D) अनुच्छेद 328
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\nसही उत्तर: (B) अनुच्छेद 324\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 324 चुनाव आयोग को चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति देता है। यह एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 326 वयस्क मताधिकार (Adult Suffrage) से संबंधित है।\n
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- ‘वित्त आयोग’ (Finance Commission) का गठन हर कितने वर्ष बाद राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है?\n
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- (A) 3 वर्ष
- (B) 4 वर्ष
- (C) 5 वर्ष
- (D) 6 वर्ष
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\nसही उत्तर: (C) 5 वर्ष\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 280 के तहत राष्ट्रपति हर 5 वर्ष में (या आवश्यकता पड़ने पर उससे पहले) एक वित्त आयोग का गठन करते हैं, जो केंद्र और राज्यों के बीच करों के वितरण की सिफारिश करता है।
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- भारतीय संविधान में ‘मौलिक कर्तव्यों’ (Fundamental Duties) को किस समिति की सिफारिश पर जोड़ा गया था?\n
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- (A) वर्मा समिति
- (B) स्वर्ण सिंह समिति
- (C) सरकारिया आयोग
- (D) बलवंत राय मेहता समिति
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\nसही उत्तर: (B) स्वर्ण सिंह समिति\n
विस्तृत व्याख्या: 42वें संविधान संशोधन (1976) के माध्यम से स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर भाग IV-A और अनुच्छेद 51A जोड़ा गया, जिसमें वर्तमान में 11 मौलिक कर्तव्य हैं।\n
अन्य विकल्प: सरकारिया आयोग केंद्र-राज्य संबंधों पर था; बलवंत राय मेहता समिति पंचायती राज पर थी।\n
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- राज्यसभा का पदेन सभापति कौन होता है?\n
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- (A) राष्ट्रपति
- (B) उपराष्ट्रपति
- (C) प्रधानमंत्री
- (D) लोकसभा अध्यक्ष
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\nसही उत्तर: (B) उपराष्ट्रपति\n
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुसार, भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति (Ex-officio Chairman) होता है। वह राज्यसभा का सदस्य नहीं होता, लेकिन सदन की कार्यवाही का संचालन करता है।
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- किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘प्रस्तावना’ (Preamble) संविधान का हिस्सा है?\n
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- (A) बेरुबारी यूनियन मामला
- (B) केशवानंद भारती मामला
- (C) गोलकनाथ मामला
- (D) एस. आर. बोम्मई मामला
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\nसही उत्तर: (B) केशवानंद भारती मामला (1973)\n
विस्तृत व्याख्या: बेरुबारी मामले (1960) में कोर्ट ने कहा था कि प्रस्तावना संविधान का हिस्सा नहीं है, लेकिन केशवानंद भारती मामले में इस निर्णय को पलट दिया गया और कहा गया कि प्रस्तावना संविधान का अभिन्न अंग है और इसे संशोधित किया जा सकता है, बशर्ते मूल ढांचा न बदले।
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- ‘नीति आयोग’ (NITI Aayog) किस प्रकार का निकाय है?\n
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- (A) संवैधानिक निकाय
- (B) वैधानिक निकाय
- (C) गैर-संवैधानिक/कार्यकारी निकाय
- (D) न्यायिक निकाय
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\nसही उत्तर: (C) गैर-संवैधानिक/कार्यकारी निकाय\n
विस्तृत व्याख्या: नीति आयोग का गठन कैबिनेट के एक प्रस्ताव द्वारा किया गया है। इसका उल्लेख न तो संविधान में है और न ही इसे किसी कानून (Act) के माध्यम से बनाया गया है, इसलिए यह एक कार्यकारी निकाय (Executive Body) है।\n
अन्य विकल्प: संवैधानिक निकायों का उल्लेख संविधान के अनुच्छेदों में होता है (जैसे UPSC); वैधानिक निकायों का गठन संसद के कानून द्वारा होता है (जैसे NHRC)।\n
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- अनुच्छेद 21 के तहत ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार’ में कौन सा अधिकार शामिल नहीं है?\n
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- (A) निजता का अधिकार (Right to Privacy)
- (B) स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार
- (C) त्वरित सुनवाई का अधिकार
- (D) संपत्ति का अधिकार
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\nसही उत्तर: (D) संपत्ति का अधिकार\n
विस्तृत व्याख्या: संपत्ति का अधिकार अब एक कानूनी अधिकार (अनुच्छेद 300A) है, मौलिक अधिकार नहीं। निजता का अधिकार (पुट्टास्वामी मामला), स्वच्छ पर्यावरण और त्वरित सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 21 के दायरे में शामिल किया है।
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- संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राष्ट्रपति ‘पार्लियामेंट्री प्रिविलेज’ (संसदीय विशेषाधिकार) के संबंध में नियम बना सकते हैं?\n
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- (A) अनुच्छेद 105
- (B) अनुच्छेद 194
- (C) अनुच्छेद 110
- (D) अनुच्छेद 112
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\nसही उत्तर: (A) अनुच्छेद 105\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 105 संसद के सदस्यों के विशेषाधिकारों और शक्तियों से संबंधित है, ताकि वे बिना किसी बाहरी डर के सदन में अपनी बात रख सकें। वहीं अनुच्छेद 194 राज्य विधानमंडलों के सदस्यों के विशेषाधिकारों से संबंधित है।
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- ‘पीसा अधिनियम’ (PESA Act, 1996) का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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- (A) शहरी क्षेत्रों में प्रशासन सुधारना
- (B) अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाना
- (C) केंद्र-राज्य कर वितरण को नियंत्रित करना
- (D) उच्च न्यायालयों की शक्तियों को बढ़ाना
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\nसही उत्तर: (B) अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाना\n
विस्तृत व्याख्या: PESA (Panchayats Extension to Scheduled Areas) एक्ट का उद्देश्य पांचवीं अनुसूची के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायती राज व्यवस्था का विस्तार करना और वहां की जनजातीय परंपराओं एवं ग्राम सभाओं को स्वशासन का अधिकार देना है।
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टिप: इन प्रश्नों का गहन अध्ययन करें और जहां भी त्रुटि हो, संबंधित अनुच्छेद को दोबारा पढ़ें। निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है!
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